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एक ऐसा अनोखा मंदिर, जहां लगती है सांपों की अदालत, नाग देवता देते हैं आदेश

मंजीठा गांव के नाग देवता मंदिर

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश। भारत आस्था और चमत्कारों का देश है, लेकिन कुछ मंदिर अपनी रहस्यमयी परंपराओं और जीवित मान्यताओं के कारण विशेष स्थान रखते हैं। ऐसा ही एक मंदिर है उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से लगभग पांच किलोमीटर दूर स्थित मंजीठा गांव का नाग देवता मंदिर इन दिनों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। सावन माह में यहां हर साल विशाल मेला लगता है, जहां न केवल उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से बल्कि देश-विदेश से भी लोग दर्शन करने आते हैं।

जहां सांपों से डर नहीं, बल्कि पूजा होती है एक ऐसा अनोखा मंदिर, जहां लगती है सांपों की अदालत

इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां सांपों को मारने की बजाय पूजा जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव के अधिकतर घरों में सांपों का आना-जाना आम बात है, लेकिन ये किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते। लोग उन्हें दूध पिलाते हैं और हाथ जोड़कर पूजा करते हैं।

मिट्टी की मालिया चढ़ाने से मिलती है चमत्कारी राहत एक ऐसा अनोखा मंदिर, जहां लगती है सांपों की अदालत

श्रद्धालुओं की मान्यता है कि जो भी व्यक्ति यहां आकर मिट्टी की बनी मालिया चढ़ाता है, उसकी बीमारी या परेशानी दूर हो जाती है। कई लोगों ने बताया कि उनके शरीर के मस्से, चर्म रोग या अन्य समस्याएं यहां मन्नत मानने के बाद ठीक हो गईं।

विदेश से भी पहुंचते हैं श्रद्धालु एक ऐसा अनोखा मंदिर, जहां लगती है सांपों की अदालत

मंदिर के स्थानीय सेवक पुष्पेंद्र के अनुसार, यहां बाराबंकी ही नहीं, लखनऊ, रायबरेली, फैजाबाद जैसे कई जिलों से श्रद्धालु आते हैं। इतना ही नहीं, पिछले वर्ष ब्राजील से भी श्रद्धालु इस मंदिर की शक्ति से प्रभावित होकर दर्शन करने पहुंचे थे।

नाग पंचमी पर लगता है विशाल मेला एक ऐसा अनोखा मंदिर, जहां लगती है सांपों की अदालत

नाग पंचमी के दिन यहां विशाल मेला लगता है, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजन के लिए आते हैं। मंदिर परिसर में सांपों की “अदालत” भी लगती है, ऐसी मान्यता है कि यहां सांपों को नाग देवता के दिशा-निर्देश मिलते हैं।

सांप के काटने पर यहां लाना बनता है जीवन रक्षक उपाय एक ऐसा अनोखा मंदिर, जहां लगती है सांपों की अदालत

स्थानीय मान्यता के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले और उसे इस मंदिर तक लाया जाए, तो उसकी जान बच सकती है। श्रद्धालु इसे नाग देवता की कृपा मानते हैं।

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