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बाराबंकी: किसान यूनियन ने लघु सिंचाई विभाग पर अनियमितताओं का लगाया आरोप

बाराबंकी: किसान यूनियन ने लघु सिंचाई विभाग पर अनियमितताओं का लगाया आरोप

संवाददाता मुन्ना सिंह बाराबंकी। उत्तर प्रदेश सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के दावों के बीच बाराबंकी के त्रिवेदीगंज ब्लॉक में भारतीय किसान यूनियन ने लघु सिंचाई विभाग पर धोखाधड़ी और अनियमितताओं का आरोप लगाया है। यूनियन का कहना है कि किसानों को अनुदान मिलने और बोरिंग की सुविधा में भ्रष्टाचार किया जा रहा है।

भारतीय किसान यूनियन के ब्लॉक अध्यक्ष सचिन पाण्डेय ने खंड विकास अधिकारी को इस मामले में एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में बताया गया कि किसान यूनियन की मासिक बैठक के दौरान सिंचाई विभाग से जुड़ी कई समस्याओं पर चर्चा हुई। किसानों का आरोप है कि विभाग द्वारा उन्हें पाइप और बोरिंग का लाभ नहीं मिल रहा है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि जिला स्तरीय अधिकारी सहायक अभियंता राकेश सिंह ने पहले ब्लॉक के जनप्रतिनिधियों और किसानों को फोन पर नलकूप योजना के तहत पाइप और इंजन वितरित करने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। यूनियन ने लघु सिंचाई विभाग से वर्ष 2024-2025 में वितरित किए गए पीडीई पाइप और बोरिंग इंजन पंपसेट की सूची तीन दिन के भीतर उपलब्ध कराने की मांग की है।

इस अवसर पर यूनियन के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनमें सत्येन्द्र सिंह रावत (ब्लॉक संगठन मंत्री), मोहित वर्मा, लाल मोहम्मद (जिला सचिव), राजकुमार, राजाराम, श्रीमती कोमल, विजय कुमार, राजू रावत और चन्द्रशेखर शामिल थे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों के हित में जल्द से जल्द मामले का समाधान किया जाए।

किसानों का कहना है कि यदि विभाग द्वारा अनियमितताओं को समय रहते नहीं सुधारा गया तो यूनियन अगले चरण में जोरदार आंदोलन करने की तैयारी कर रही है। भारतीय किसान यूनियन ने बाराबंकी प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से अपील की है कि किसानों के अधिकारों की रक्षा की जाए और योजनाओं का लाभ उन्हें तुरंत उपलब्ध कराया जाए।

स्थानीय किसान भी इस कार्रवाई को समर्थन दे रहे हैं। उनका कहना है कि पाइप और बोरिंग जैसे अनुदान किसानों की फसल और सिंचाई के लिए अहम हैं। यदि योजनाओं में अनियमितता बनी रहती है, तो इसके गंभीर नतीजे किसानों की पैदावार और रोजमर्रा की जीवनशैली पर पड़ सकते हैं।

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