उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक तेंदुआ पकड़ने के दौरान जाल फटने से भाग निकला। इस घटना में वन दरोगा समेत चार लोग तेंदुए के हमले में घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, कुशीनगर के एक गांव के पास गन्ने के खेत में तेंदुआ देखे जाने की सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी थी। तेंदुए की मौजूदगी से इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया। शुरुआती प्रयास में तेंदुआ जाल में फंस भी गया, लेकिन अचानक वह बुरी तरह घबरा गया और झटके मारने लगा।
बताया जा रहा है कि इसी दौरान जाल कमजोर पड़ गया और फट गया, जिससे तेंदुआ खुद को छुड़ाने में सफल हो गया। जाल से निकलते ही तेंदुए ने आसपास मौजूद वन कर्मियों और ग्रामीणों पर हमला कर दिया। इस हमले में वन दरोगा सहित चार लोग घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर भगदड़ मच गई और ग्रामीण अपनी जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने तुरंत अतिरिक्त टीमों को बुलाया और पूरे इलाके को घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। तेंदुए की तलाश के लिए ड्रोन कैमरों और अतिरिक्त जालों की मदद ली जा रही है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तेंदुआ अब भी आसपास के गन्ने के खेतों और झाड़ियों में छिपा हो सकता है।
प्रशासन और वन विभाग ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे घरों से बाहर न निकलें और खेतों की ओर जाने से बचें। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमें इलाके में लगातार गश्त कर रही हैं।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ने की पूरी कोशिश की जा रही है, ताकि किसी और को नुकसान न पहुंचे और जानवर को भी सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके। फिलहाल कुशीनगर के इस इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग जल्द से जल्द तेंदुए के पकड़े जाने का इंतजार कर रहे हैं।

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