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Author: By: Nation Now Samachar Desk

  • सीतामढ़ी: गृह मंत्री अमित शाह ने जानकी मंदिर के लिए किया भूमि पूजन, नीतीश कुमार भी रहे मौजूद

    सीतामढ़ी: गृह मंत्री अमित शाह ने जानकी मंदिर के लिए किया भूमि पूजन, नीतीश कुमार भी रहे मौजूद

    बिहार– गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सीतामढ़ी में जानकी मंदिर के लिए आज भूमि पूजन किया. इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद थे. अमित शाह आज इस मंदिर के भूमि पूजन के लिए खास तौर पर दिल्ली से सीतामढ़ी पहुंचे. सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में मां सीता का मंदिर बनाया जा रहा है. इस स्थान को पौराणिक मान्यताओं में मां सीता का जन्मस्थान माना गया है. आज एक धार्मिक अनुष्ठान में गृह मंत्री ने इस मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया.

    सीतामढ़ी: गृह मंत्री अमित शाह ने जानकी मंदिर के लिए किया भूमि पूजन

    आज पुनौरा धाम की सुंदर सजावट की गई है. यहां बड़ी संख्या में लोग इस अनुष्ठान में शामिल होने पहुंचे हैं. पुनौरा धाम में 67 एकड़ में माता सीता के भव्य मंदिर का निर्माण किया जाना है. वैसे पुनौरा धाम में पहले से भी माता सीता का एक मंदिर स्थापित है. इसे सीता जन्मस्थली के तौर पर जाना जाता है. इस मंदिर के निर्माण के लिए 11 महीने का डेडलाइन रखा गया है.

    सीतामढ़ी: गृह मंत्री अमित शाह ने जानकी मंदिर के लिए किया भूमि पूजन

    गौरतलब है कि पुनौरा धाम में पहले से ही मां सीता का एक मंदिर मौजूद है, जिसे सीता जन्मस्थली के रूप में जाना जाता है। नए मंदिर के निर्माण से यहां धार्मिक पर्यटन को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

  • स्वामी प्रसाद मौर्य की मुश्किलें बढ़ीं, कोर्ट ने FIR दर्ज करने के आदेश दिए

    स्वामी प्रसाद मौर्य की मुश्किलें बढ़ीं, कोर्ट ने FIR दर्ज करने के आदेश दिए

    उत्तर प्रदेश की सियासत में सुर्खियों में रहने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता स्वामी प्रसाद मौर्य की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। कोर्ट ने उनके खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

    क्या है मामला?स्वामी प्रसाद मौर्य की मुश्किलें बढ़ीं

    जानकारी के मुताबिक, यह मामला उनके विवादित बयानों से जुड़ा है, जिसे लेकर विरोध दर्ज कराया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि मौर्य के बयान से धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और समाज में अशांति फैलने का खतरा पैदा हुआ।

    कोर्ट का रुख,स्वामी प्रसाद मौर्य की मुश्किलें बढ़ीं

    मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया गंभीर हैं। इसलिए, संबंधित थाने को तत्काल एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू करने के आदेश दिए गए हैं।

    राजनीतिक हलचल,स्वामी प्रसाद मौर्य की मुश्किलें बढ़ीं

    इस आदेश के बाद प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। सपा समर्थक इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं, जबकि विपक्षी दल इसे कानून का पालन बताते हुए मौर्य पर निशाना साध रहे हैं।

    पुलिस की कार्रवाई,स्वामी प्रसाद मौर्य की मुश्किलें बढ़ीं

    कोर्ट आदेश मिलने के बाद पुलिस अब मामले की जांच में जुट गई है। आरोप सिद्ध होने पर मौर्य को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

  • एक्ट्रेस हुमा कुरैशी के चचेरे भाई की हत्या, पार्किंग विवाद में पड़ोसी ने मारा धारदार हथियार से

    एक्ट्रेस हुमा कुरैशी के चचेरे भाई की हत्या, पार्किंग विवाद में पड़ोसी ने मारा धारदार हथियार से

    नई दिल्ली – बॉलीवुड एक्ट्रेस हुमा कुरैशी के चचेरे भाई की दिल्ली में बेरहमी से हत्या कर दी गई। घटना पार्किंग विवाद से जुड़ी बताई जा रही है।पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान सोहेल कुरैशी के रूप में हुई है। गुरुवार देर रात पार्किंग को लेकर पड़ोसी से कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। आरोप है कि पड़ोसी ने धारदार हथियार से सोहेल पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

    एक्ट्रेस हुमा कुरैशी के चचेरे भाई की हत्या

    घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है।बताया जा रहा है कि सोहेल कुरैशी, हुमा कुरैशी के चचेरे भाई थे और उनका परिवार घटना से सदमे में है। सोशल मीडिया पर भी मामले को लेकर लोगों में नाराज़गी देखी जा रही है।

    मृतक की पत्नी ने बताया क्या था विवाद एक्ट्रेस हुमा कुरैशी के चचेरे भाई की हत्या

    मृतक की पत्नी ने बताया कि पहले भी पार्किंग विवाद को लेकर मेरे पति से उनका झगड़ा हुआ था. मेरे पति कम से लौट कर घर पहुंचे तो घर के सामने पड़ोसी की स्कूटी लगी हुई थी, जिसको हटाने के लिए उन्होंने पड़ोसी को कहा. लेकिन पड़ोसी ने स्कूटी हटाने के बजाय उनके साथ गाली-गलोज करना शुरू कर दिया और किसी तेज धारदार नुकीली चीज से उनकी हत्या कर दी.

  • रक्षाबंधन एक अटूट विश्वास,जानें पौराणिक और ऐतिहासिक कथाएं

    रक्षाबंधन एक अटूट विश्वास,जानें पौराणिक और ऐतिहासिक कथाएं

    Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन का पावन त्योहार श्रावण पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस साल यह पर्व 9 अगस्त 2025 को मनाया जा रहा है। यह त्योहार भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के बंधन का प्रतीक है। हालांकि, इसके पीछे कई पौराणिक और ऐतिहासिक कथाएं जुड़ी हैं, जिन्हें जानना जरूरी है।


    1. द्रौपदी और श्रीकृष्ण की कथा रक्षाबंधन एक अटूट विश्वास

    एक बार भगवान श्रीकृष्ण के हाथ में चोट लग गई और खून बहने लगा। द्रौपदी ने अपनी साड़ी का टुकड़ा फाड़कर उनकी उंगली पर बांध दिया। बदले में श्रीकृष्ण ने द्रौपदी की रक्षा का वचन दिया और कौरव सभा में चीरहरण के समय उनकी लाज बचाई।


    2. इंद्र और इंद्राणी की कथा रक्षाबंधन एक अटूट विश्वास

    भविष्य पुराण के अनुसार, देवासुर संग्राम में इंद्र की हार हो रही थी। उनकी पत्नी इंद्राणी ने रक्षा सूत्र बांधा, जिससे इंद्र को शक्ति मिली और उन्होंने विजय प्राप्त की। यहीं से रक्षा सूत्र बांधने की परंपरा की शुरुआत मानी जाती है।


    3. राजा बलि और माता लक्ष्मी की कथा रक्षाबंधन एक अटूट विश्वास

    विष्णु पुराण में वर्णित है कि वामन अवतार में भगवान विष्णु ने राजा बलि से राज्य ले लिया। बलि के अनुरोध पर विष्णु उनके साथ रहने लगे। तब माता लक्ष्मी ने बलि को राखी बांधकर भाई बनाया और भगवान विष्णु को वैकुंठ ले गईं।


    4. रानी कर्णावती और हुमायूं की कहानी रक्षाबंधन एक अटूट विश्वास

    मुगल काल में चित्तौड़ की रानी कर्णावती ने बहादुर शाह के आक्रमण से बचने के लिए सम्राट हुमायूं को राखी भेजी। हुमायूं ने रक्षा का वचन दिया, लेकिन समय पर नहीं पहुंच सके। रानी ने जौहर कर लिया, पर बाद में हुमायूं ने बहादुर शाह को हराकर मेवाड़ को स्वतंत्र कराया।


    रक्षाबंधन एक अटूट विश्वास

    रक्षाबंधन सिर्फ भाई-बहन का त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक है। यह हमें अपने प्रियजनों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करने की प्रेरणा देता है।

  • RJ Mahvash को मिला अवॉर्ड, चहल ने किया रिएक्ट | Viral Reaction!

    RJ Mahvash को मिला अवॉर्ड, चहल ने किया रिएक्ट | Viral Reaction!

    सोशल मीडिया पर अपनी आवाज़ और स्टाइल से दिल जीतने वाली RJ Mahvash अब एक नई पहचान के साथ सामने आई हैं। हाल ही में उन्हें ‘इमरजिंग फिल्म प्रोड्यूसर और एंटरप्रेन्योर’ का प्रतिष्ठित अवॉर्ड मिला है। उन्होंने यह खुशखबरी इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के ज़रिए शेयर की, जिसमें उन्होंने ट्रॉफी के साथ अपनी तस्वीर साझा की।लेकिन असली चर्चा तब शुरू हुई, जब इस पोस्ट पर टीम इंडिया के स्टार क्रिकेटर युजवेंद्र चहल ने कमेंट कर दिया। RJ Mahvash को मिला अवॉर्ड, चहल ने किया रिएक्ट |

    चहल का कमेंट कुछ ही मिनटों में वायरल हो गया, क्योंकि लंबे समय से दोनों के बीच रूमर्ड रिलेशनशिप की चर्चा चल रही है।फैंस ने तुरंत कमेंट सेक्शन में मजेदार रिएक्शन देने शुरू कर दिए। एक यूजर ने लिखा, “लगता है चहल भाई को फिर से प्यार हो गया!” वहीं, दूसरे ने लिखा, हालांकि अभी तक दोनों ने अपने रिश्ते पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन सोशल मीडिया पर इन दोनों की बॉन्डिंग चर्चा का विषय बनी हुई है।

    रिलेशनशिप को लेकर क्या कहते हैं दोनों?RJ Mahvash को मिला अवॉर्ड, चहल ने किया रिएक्ट

    अब तक न तो चहल और न ही महवश ने अपने रिश्ते को लेकर कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट दिया है, लेकिन उनके इंस्टाग्राम इंटरैक्शन, स्टोरीज़ और अब यह अवॉर्ड पोस्ट — इन सबने फैंस के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है।युजवेंद्र चहल इससे पहले सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर धनश्री वर्मा से शादी कर चुके हैं, लेकिन अब उनके तलाक की खबरें भी वायरल होती रही हैं।


    महवश की फिल्मी जर्नी की शुरुआत? RJ Mahvash को मिला अवॉर्ड, चहल ने किया रिएक्ट

    ‘इमरजिंग फिल्म प्रोड्यूसर’ का यह अवॉर्ड इस बात की ओर भी संकेत देता है कि RJ महवश अब सिर्फ वॉइस तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि ओटीटी और फिल्म प्रोडक्शन की दुनिया में भी कदम रखने वाली हैं। बताया जा रहा है कि वह जल्द ही एक शॉर्ट फिल्म या वेब सीरीज़ प्रोजेक्ट की घोषणा कर सकती हैं।


    सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग RJ Mahvash को मिला अवॉर्ड, चहल ने किया रिएक्ट

    RJ महवश का यह अवॉर्ड पोस्ट और चहल का कमेंट अब तक हजारों लाइक्स और सैकड़ों शेयर हासिल कर चुका है। ट्विटर पर #RJMahvash और #ChahalReaction ट्रेंड भी करने लगे हैं।

  • Patna Student Protest: STET परीक्षा को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्ज

    Patna Student Protest: STET परीक्षा को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्ज

    पटना, बिहार | Nation Now Samachar बिहार की राजधानी पटना में आज STET (Secondary Teacher Eligibility Test) परीक्षा को लेकर छात्रों का प्रदर्शन उस समय उग्र हो गया जब पुलिस ने आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज कर दिया। प्रदर्शनकारी STET की पारदर्शिता और नियुक्ति प्रक्रिया में देरी को लेकर आक्रोशित थे।


    क्या है पूरा मामला?Patna Student Protest

    प्रदर्शनकारी छात्र बिहार सरकार और शिक्षा विभाग से STET परीक्षा के परिणाम, कट-ऑफ और नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे थे। छात्रों का कहना है कि लंबे समय से परीक्षा प्रक्रिया लटकी हुई है, जिससे उनकी नौकरी और भविष्य दोनों अधर में हैं


    पुलिस की कार्रवाई Patna Student Protest

    जैसे ही प्रदर्शनकारी छात्रों की भीड़ पटना के डाकबंगला चौराहा और सचिवालय की ओर बढ़ी, पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। इसमें कई छात्रों के घायल होने की सूचना है। कुछ छात्रों को हिरासत में भी लिया गया है।


    प्रदर्शनकारी छात्रों का क्या कहना है? Patna Student Protest

    छात्रों का कहना है कि —“हम शांति से अपनी बात रखने आए थे, लेकिन सरकार ने हमें दबाने के लिए लाठी का सहारा लिया। STET में पारदर्शिता और शीघ्र नियुक्ति हमारी मांग है।”

  • “MP में मिला बड़ा Gold Reserve , Jabalpur बनेगा नया Gold हब? GSI की बड़ी खोज!”

    “MP में मिला बड़ा Gold Reserve , Jabalpur बनेगा नया Gold हब? GSI की बड़ी खोज!”

    जबलपुर, मध्य प्रदेश | Nation Now Samachar– मध्य प्रदेश के जबलपुर ज़िले के महंगवा केवलारी क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आई है। Geological Survey of India (GSI) द्वारा किए गए एक भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण में यहां सोना, तांबा और अन्य कीमती धातुओं की मौजूदगी का संकेत मिला है। यह खोज क्षेत्र में औद्योगिक क्रांति और निवेश की नई संभावनाओं को जन्म दे सकती है।


    GSI ने किया नमूनों का परीक्षण “MP में मिला बड़ा Gold Reserve

    GSI की टीम ने महंगवा क्षेत्र की मिट्टी से नमूने लेकर उनका वैज्ञानिक परीक्षण किया। परीक्षण रिपोर्ट में भारी मात्रा में सोने और तांबे की उपस्थिति दर्ज की गई है। अनुमान है कि इस क्षेत्र में लाखों टन खनिज भंडार मौजूद हो सकता है, जिसकी कीमत हजारों करोड़ रुपये तक हो सकती है।


    निवेश और रोजगार की नई संभावनाएं “MP में मिला बड़ा Gold Reserve

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस खोज के बाद जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में खनन व मेटल इंडस्ट्री से जुड़े नए उद्योगों का आगमन हो सकता है। इससे स्थानीय रोजगार, सड़क और बुनियादी ढांचे के विकास को भी गति मिलेगी।

  • J&K Breaking: उधमपुर में खाई में गिरी CRPF की बस, 15 जवान घायल, 3 की मौत

    J&K Breaking: उधमपुर में खाई में गिरी CRPF की बस, 15 जवान घायल, 3 की मौत

    • घटना उधमपुर के डूक्का इलाके में हुई
    • CRPF की बस अनियंत्रित होकर खाई में गिरी
    • 3 जवानों की मौत, 15 घायल
    • घायलों में कुछ की हालत गंभीर

    उधमपुर, जम्मू-कश्मीर | Nation Now Samachar जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां CRPF के जवानों को लेकर जा रही बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई, जिसमें 3 जवानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 15 से अधिक जवान घायल हो गए हैं।

    घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया J&K Breaking: उधमपुर में खाई में गिरी CRPF की बस

    सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचा और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को तत्काल उधमपुर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ जवानों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    कहाँ की थी तैनाती?J&K Breaking: उधमपुर में खाई में गिरी CRPF की बस

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये CRPF जवान ड्यूटी के लिए मूवमेंट में थे, तभी यह हादसा हुआ। बस कैसे और क्यों खाई में गिरी, इसका कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।


  • सेहतमंद रहने के लिए भीगे चने खाएं या भुने? जानिए कौन है ज़्यादा फायदेमंद, डाइटिशियन से जानिए सच्चाई!

    सेहतमंद रहने के लिए भीगे चने खाएं या भुने? जानिए कौन है ज़्यादा फायदेमंद, डाइटिशियन से जानिए सच्चाई!

    हेल्थ डेस्क | Nation Now Samachar अगर आप अपनी सेहत को लेकर सजग हैं और सोच रहे हैं कि भीगे चने खाएं या भुने चने, तो यह लेख आपकी उलझन दूर कर देगा। दोनों ही चने पोषण से भरपूर हैं, लेकिन इनका शरीर पर असर थोड़ा अलग होता है। डाइटिशियन की राय जानकर आप खुद तय कर सकेंगे कि आपके लिए क्या बेहतर है।


    भीगे चने – क्यों माने जाते हैं सुपरफूड? सेहतमंद रहने के लिए भीगे चने खाएं या भुने?

    डाइटिशियन के मुताबिक, भीगे हुए चने (Soaked Chickpeas) कई मायनों में शरीर के लिए वरदान साबित होते हैं:

    ✅ फाइबर और प्रोटीन से भरपूर
    ✅ कब्ज और पाचन संबंधी समस्याओं में फायदेमंद
    ✅ ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मददगार
    ✅ वजन घटाने में सहायक
    ✅ आयरन और मैग्नीशियम का बेहतरीन स्रोत

    खाली पेट भीगे चने खाना शरीर में ऊर्जा का संचार करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है।


    🍲 भुने चने – हेल्दी स्नैक, लेकिन थोड़ी कम ताकत सेहतमंद रहने के लिए भीगे चने खाएं या भुने?

    भुने हुए चने (Roasted Chickpeas) भी एक हेल्दी स्नैक ऑप्शन हैं, लेकिन इनका पोषण मूल्य भीगे चनों से थोड़ा कम होता है।

    ✅ लो कैलोरी स्नैक
    ✅ वजन कंट्रोल करने वालों के लिए अच्छा
    ✅ काम के बीच हेल्दी टाइमपास

    लेकिन भुने चनों में फाइबर और कुछ मिनरल्स की मात्रा कम हो जाती है, खासकर जब उन्हें ज्यादा भून दिया जाए।


    डाइटिशियन क्या कहती हैं? सेहतमंद रहने के लिए भीगे चने खाएं या भुने?

    जानी-मानी डाइटिशियन डॉ. प्राची सिंह कहती हैं:

    “अगर आपका मकसद डाइजेशन सुधारना, वजन घटाना या इम्यूनिटी बढ़ाना है, तो भीगे चने ज्यादा फायदेमंद हैं। भुने चने occasional snack के तौर पर ठीक हैं, लेकिन भीगे चने रोज़ाना सुबह खाएं।”


    डाइट टिप: सेहतमंद रहने के लिए भीगे चने खाएं या भुने?

    भीगे चने में आप अदरक, नींबू और काली मिर्च मिलाकर खा सकते हैं, जिससे उसका स्वाद और फायदे दोनों बढ़ जाते हैं।


    🟢 नतीजा – क्या चुनें?

    फायदेभीगे चनेभुने चने
    पाचन में सहायक
    प्रोटीन
    वजन कम करने में मदद
    स्वाद
    पोषण की मात्रा
  • यूपी अफसरशाही पर फूटा राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का गुस्सा,”राम मंदिर जाना आसान, फाइल पास कराना मुश्किल”

    यूपी अफसरशाही पर फूटा राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का गुस्सा,”राम मंदिर जाना आसान, फाइल पास कराना मुश्किल”

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित एक आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का एक बयान तेजी से सुर्खियों में आ गया है। उन्होंने यूपी की अफसरशाही पर निशाना साधते हुए कहा—“राम मंदिर के दर्शन अब आसान हो गए हैं, लेकिन सरकार में एक फाइल पास कराना आज भी बेहद मुश्किल है।”राज्यपाल का यह बयान प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली पर एक बड़ा कटाक्ष माना जा रहा है। उन्होंने यह टिप्पणी तब की जब वे विकास योजनाओं की धीमी प्रगति और अधिकारियों की लापरवाही पर बोल रही थीं।

    कहां और किस संदर्भ में दिया गया यह बयान? यूपी अफसरशाही पर फूटा राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का गुस्सा

    राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एक शासकीय कार्यक्रम में बोल रही थीं, जहाँ उन्होंने कई योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों की निष्क्रियता और विलंब की आदत पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राम मंदिर जैसी ऐतिहासिक संरचना का निर्माण संभव हो गया, लेकिन एक सरकारी फाइल पर समय पर हस्ताक्षर नहीं हो पाते।

    प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल यूपी अफसरशाही पर फूटा राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का गुस्सा

    राज्यपाल का बयान कहीं ना कहीं इस ओर इशारा करता है कि प्रदेश में अफसरशाही आज भी ‘फाइलों की राजनीति’ और ‘विलंब संस्कृति’ से जकड़ी हुई है। इससे न केवल जनहित की योजनाओं में बाधा आती है, बल्कि लोगों का सरकार से विश्वास भी डगमगाने लगता है।

    बयान के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल यूपी अफसरशाही पर फूटा राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का गुस्सा

    गवर्नर के इस तीखे बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोगों ने इसे अफसरशाही को चेतावनी माना, तो कुछ ने इसे प्रशासनिक तंत्र को सुधारने की आवश्यकता से जोड़ा।


    क्या कहती है जनता? यूपी अफसरशाही पर फूटा राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का गुस्सा

    स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बयान बिल्कुल सही समय पर आया है। “हमने कई बार देखा है कि सामान्य कामों के लिए भी सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, फाइलें महीनों तक दबा दी जाती हैं,” एक निवासी ने बताया।


    राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के इस बयान ने एक बार फिर से सरकारी सिस्टम के ढीलेपन को उजागर किया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार और प्रशासन इस आलोचना को आत्मचिंतन मानते हैं या फिर इसे नजरअंदाज करते हैं।