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Author: By: Nation Now Samachar Desk

  • PM Modi वाराणसी दौरा: ₹2200 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण, सेवापुरी में जनसभा | BJP की बड़ी तैयारी

    PM Modi वाराणसी दौरा: ₹2200 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण, सेवापुरी में जनसभा | BJP की बड़ी तैयारी

    वाराणसी, 1 अगस्त 2025 —प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 अगस्त को अपने एक दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचेंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के काशी क्षेत्र अध्यक्ष दिलीप पटेल ने प्रेस वार्ता के माध्यम से जानकारी दी कि प्रधानमंत्री इस दौरे में ₹2200 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी के सेवापुरी ब्लॉक के बनौली गांव में एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इस आयोजन को लेकर भाजपा ने कमर कस ली है और पूरी तैयारियों के साथ मैदान में उतर चुकी है।

    जनसभा की विशेष तैयारी: 20 ब्लॉकों में बांटा गया सभा स्थल PM Modi वाराणसी दौरा

    भाजपा की ओर से जनसभा स्थल को 20 अलग-अलग ब्लॉकों में विभाजित किया गया है, जहां हर ब्लॉक में पार्टी ने एक-एक इंचार्ज नियुक्त किया है। इनकी जिम्मेदारी होगी कि आगंतुकों को सुव्यवस्थित ढंग से उनके निर्धारित स्थानों पर बैठाया जाए।

    सुविधाएं पूरी, कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी PM Modi वाराणसी दौरा

    जनसभा स्थल पर पेयजल, शौचालय, छाया, सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था समेत तमाम सुविधाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है। भाजपा का लक्ष्य है कि प्रधानमंत्री मोदी के इस 51वें वाराणसी दौरे को हर लिहाज से ऐतिहासिक और यादगार बनाया जाए।

    भाजपा का दावा, जनसैलाब उमड़ेगा PM Modi वाराणसी दौरा

    भाजपा के नेताओं का मानना है कि इस बार की जनसभा में हजारों की संख्या में लोग पहुंचेंगे, जिससे पार्टी की संगठनात्मक ताकत भी झलकेगी और जनता से सीधा संवाद भी मजबूत होगा।

  • 1 August Rules Change: LPG, क्रेडिट कार्ड और UPI,आज से बदल जाएंगे नियम

    1 August Rules Change: LPG, क्रेडिट कार्ड और UPI,आज से बदल जाएंगे नियम

    दिल्ली-हर महीने की पहली तारीख की तरह इस बार भी 1 अगस्त 2025 से कई अहम नियमों में बदलाव हुआ है। इस बार के बदलाव सीधे आम आदमी की जेब, बैंकिंग व्यवहार और डिजिटल ट्रांजैक्शन से जुड़े हैं। आइए जानते हैं कि LPG, क्रेडिट कार्ड और UPI यूज़ करने वालों के लिए क्या बदला है:


    1. LPG सिलेंडर की कीमत में बदलाव 1 August Rules Change: LPG

    हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में संशोधन करती हैं।
    1 अगस्त से घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की नई कीमतें लागू हो चुकी हैं।

    संभावित बदलाव: 1 August Rules Change: LPG

    • दिल्ली, मुंबई, लखनऊ समेत कई शहरों में कीमतें ₹25-₹50 तक बढ़ सकती हैं या घट सकती हैं।
    • IOCL, HPCL और BPCL की वेबसाइट पर ताजा रेट उपलब्ध हैं।

    2. क्रेडिट कार्ड नियमों में बदलाव 1 August Rules Change: LPG

    बैंकिंग कंपनियों ने अपने क्रेडिट कार्ड ग्राहकों के लिए कई नियम अपडेट किए हैं:

    SBI, HDFC और ICICI जैसे बैंक अब रिवॉर्ड प्वाइंट्स की वैधता को सीमित कर रहे हैं।
    लेट फीस स्ट्रक्चर में बदलाव किया गया है — अब ₹5000 तक के बिल पर अलग स्लैब होगा।
    कुछ कार्ड्स पर EMI सुविधा के चार्ज में बदलाव किया गया है।


    3. UPI ट्रांजैक्शन और लिमिट में संशोधन 1 August Rules Change: LPG

    UPI अब देश की सबसे बड़ी डिजिटल पेमेंट प्रणाली है, और इसमें भी 1 अगस्त से कुछ अहम बदलाव हुए हैं:

    IMPS के जरिए UPI ट्रांजैक्शन की लिमिट ₹5 लाख तक बढ़ाई गई है (बैंक-डिपेंडेंट)।
    कुछ बैंकों और ऐप्स ने रात के समय या हाई-वॉल्यूम ट्रांजैक्शन पर सुरक्षा शुल्क लागू किया है।
    NPCI के निर्देश पर, UPI ऑटो-पे और क्रेडिट लाइन फीचर्स को नए नियमों के तहत संचालित किया जाएगा।


    1 अगस्त 2025 से लागू ये बदलाव आपके रोजमर्रा के खर्च, पेमेंट आदतों और बजट को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप इन बदलावों को समय रहते समझें और अपने फाइनेंशियल प्लान में इन्हें शामिल करें।

  • हमीरपुर: पहचान छिपाकर हिंदू युवती से दोस्ती, फिर किया अपहरण – परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

    हमीरपुर: पहचान छिपाकर हिंदू युवती से दोस्ती, फिर किया अपहरण – परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

    हमीरपुरः उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में धर्म बदलकर हिन्दु लड़कियों को अपने जाल मे फंसाने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ताजा मामला एक कस्बे का सामने आया है, जिसे लेकर पुलिस एक्शन मोड में है। इंस्टाग्राम में पहले गर्ल फ्रेंड बनाया, फिर उसे अगवा कर मुस्लिम युवक ने उसके साथ दरिंदगी की। घटना की तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी को अरेस्ट कर लिया है हमीरपुर: पहचान छिपाकर हिंदू युवती से दोस्ती, फिर किया अपहरण

    हमीरपुर जिले के मौदहा कस्बे की एक युवती से इंस्टाग्राम पर मऊ जिले के रामपुर के रहने वाले इरशाद ने धर्म बदलकर चैटिंग की थी। इंस्टाग्राम में उससे शादी करने का वादा किया। युवती उसके जाल में आ गई। पिछले पांच दिन पहले इरशाद उसे अपने जाल मे फंसाकर अगवा कर ले गया। जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इधर परिजनों ने घटना की तहरीर मौदहा कोतवाली में दी जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी और युवती की तलाश शुरू कर दी।

    जांच जारी हमीरपुर: पहचान छिपाकर हिंदू युवती से दोस्ती, फिर किया अपहरण

    सर्विलांश की मदद से पुलिस ने पूरे मामले की जांच का दायरा बढ़ाया तो पुलिस भी सकते में आ गई। पुलिस मऊ जिले के बिलौरी रामपुर निवासी इरशाद तक पहुंच गई और उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के गिरफ्त में आने के साथ ही पुलिस ने अगवा युवती को भी कब्जे में ले लिया। बता दें कि इससे पहले मुस्करा, राठ, बिवांर और मौदहा क्षेत्र में भी इस तरह के कई मामले सामने आए थे। जिसमें पुलिस ने आरोपियों पर एकशन लिया था।

  • SSC Protest-देशभर से दिल्ली आए शिक्षकों को पुलिस ने क्यों खदेड़ा? जानिए पूरा मामला

    SSC Protest-देशभर से दिल्ली आए शिक्षकों को पुलिस ने क्यों खदेड़ा? जानिए पूरा मामला

    नई दिल्ली। केंद्र सरकार से मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे देशभर के शिक्षक प्रतिनिधियों को दिल्ली में पुलिस ने प्रदर्शन स्थल से जबरन खदेड़ दिया। संसद भवन की ओर बढ़ रहे शिक्षकों को पुलिस ने बेरिकेडिंग लगाकर रोका और फिर बलपूर्वक उन्हें तितर-बितर कर दिया। इस दौरान कई शिक्षकों के साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी की घटनाएं भी सामने आईं।

    क्या थी शिक्षकों की मांग? देशभर से दिल्ली आए शिक्षकों को पुलिस ने क्यों खदेड़ा

    शिक्षकों की प्रमुख मांगों में शामिल थे

    • समान काम के लिए समान वेतन
    • पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली
    • अनुबंध प्रणाली को खत्म कर नियमित नियुक्ति
    • NEP 2020 पर पुनर्विचार
    • रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती

    कहां से आए थे शिक्षक? देशभर से दिल्ली आए शिक्षकों को पुलिस ने क्यों खदेड़ा

    देशभर के विभिन्न राज्यों – बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, हरियाणा और मध्य प्रदेश से हजारों शिक्षक दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद मार्ग पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार उनकी आवाज को लगातार नजरअंदाज कर रही है।

    पुलिस का क्या कहना है? देशभर से दिल्ली आए शिक्षकों को पुलिस ने क्यों खदेड़ा

    दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने अनुमति से अधिक संख्या में एकत्र होकर सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया और संसद भवन की ओर बढ़ने की कोशिश की, जिससे कानून-व्यवस्था का संकट पैदा हो गया।

    शिक्षकों क्या कहा देशभर से दिल्ली आए शिक्षकों को पुलिस ने क्यों खदेड़ा

    शिक्षकों का कहना है कि उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति थी, लेकिन पुलिस ने बर्बरता दिखाई और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया गया।


    📌 मुख्य बिंदु (Bullet Points):

    • OPS बहाली और नियमितीकरण को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन
    • संसद की ओर बढ़ते समय पुलिस ने रोका
    • शिक्षकों के साथ कथित धक्का-मुक्की और अभद्रता
    • देशभर से आए थे हजारों शिक्षक
    • शिक्षक संगठनों ने दिया आगे संघर्ष का संकेत
  • कानपुर देहात विवाद: भाजपा नेता जितेंद्र सिंह गुड्डन ने पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी को भेजा लीगल नोटिस, 1 रुपये की मानहानि का दावा

    कानपुर देहात विवाद: भाजपा नेता जितेंद्र सिंह गुड्डन ने पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी को भेजा लीगल नोटिस, 1 रुपये की मानहानि का दावा

    कानपुर देहात। अकबरपुर नगर पंचायत के चेयरमैन पति और बीजेपी नेता जितेंद्र सिंह गुड्डन ने पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी को लीगल नोटिस भेजते हुए 15 दिनों में सार्वजनिक माफी की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि ऐसा न करने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और 1 रुपये की मानहानि का दावा भी ठोका जाएगा।

    धरने के दौरान ही पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने की थी जितेंद्र सिंह गुड्डन पर टिप्पणी कानपुर देहात विवाद


    24 जुलाई को पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने अपनी पत्नी और प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला के साथ अकबरपुर कोतवाली में धरना दिया था। इस दौरान उन्होंने जितेंद्र सिंह गुड्डन के खिलाफ सार्वजनिक टिप्पणी की थी, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया।


    💬 क्या बोले जितेंद्र सिंह गुड्डन? कानपुर देहात विवाद

    जितेंद्र सिंह गुड्डन ने पलटवार करते हुए कहा –”पूर्व सांसद की औकात सिर्फ 1 रुपये की है। “उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि “पूर्व सांसद अधिकारियों पर अनुचित दबाव बनाते हैं, जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है।”


    बीजेपी में दिखी अंदरूनी फूट कानपुर देहात विवाद

    इस पूरे घटनाक्रम ने कानपुर देहात भाजपा संगठन में आंतरिक मतभेदों को उजागर कर दिया है। एक ओर भाजपा के वरिष्ठ नेता धरने पर, दूसरी ओर उन्हीं की पार्टी के दूसरे पदाधिकारी उन पर लीगल एक्शन ले रहे हैं।


    विशेषज्ञों का मानना है कि लोकल लेवल की यह तनातनी आने वाले चुनावों में पार्टी के लिए चुनौती बन सकती है। विरोधियों को भी इससे राजनीतिक लाभ मिल सकता है।

  • संसद में गूंजा समोसे का मुद्दा! रवि किशन बोले – कहीं बड़ा, कहीं छोटा, रेट क्यों अलग?

    संसद में गूंजा समोसे का मुद्दा! रवि किशन बोले – कहीं बड़ा, कहीं छोटा, रेट क्यों अलग?

    नई दिल्ली – संसद का मानसून सत्र अपने चरम पर है और गंभीर बहसों के बीच बीजेपी सांसद और फिल्म अभिनेता रवि किशन ने एक बेहद चटपटा मुद्दा उठाया – समोसा! जी हां, रवि किशन ने सदन में सवाल उठाया कि आखिर संसद की कैंटीन में मिलने वाले समोसे का आकार और दाम एक समान क्यों नहीं हैं? उनका कहना था कि कहीं समोसा छोटा है, कहीं बड़ा और दाम भी अलग-अलग लिए जा रहे हैं।


    रवि किशन ने क्या कहा? संसद में गूंजा समोसे का मुद्दा

    रवि किशन ने हल्के-फुल्के अंदाज़ में कहा:”हमारे यहां संसद की कैंटीन में समोसे के रेट अलग-अलग हैं। एक छोटा समोसा कहीं 12 रुपये का है, कहीं बड़ा समोसा 10 रुपये का पड़ता है… तो क्या समोसे के भी GST स्लैब हैं?“इस पर संसद में हंसी की लहर दौड़ गई, लेकिन उन्होंने गंभीर लहजे में सिस्टम में पारदर्शिता और एकरूपता की मांग की।


    मामला सिर्फ समोसे तक सीमित नहीं…संसद में गूंजा समोसे का मुद्दा

    रवि किशन ने दरअसल एक बड़ी बात को छोटे मुद्दे के जरिए उठाया। उनका इशारा था कि सरकारी व्यवस्थाओं में भोजन, रेट और सुविधा को लेकर समानता होनी चाहिए, चाहे वह कैंटीन हो या सरकारी तंत्र।


    सोशल मीडिया पर चर्चा तेज संसद में गूंजा समोसे का मुद्दा

    रवि किशन के इस बयान के बाद ट्विटर (X), इंस्टाग्राम और फेसबुक पर #SamosaInParliament ट्रेंड करने लगा।
    यूजर्स ने मजेदार मीम्स बनाए और कुछ ने यह भी कहा –”कम से कम अब समोसे की भी संसद में आवाज़ उठ गई!


    भले ही ये मुद्दा मजाकिया लगे, लेकिन रवि किशन का यह सवाल सार्वजनिक सुविधाओं में पारदर्शिता और समानता की तरफ ध्यान दिलाने वाला है। जनता से जुड़े हर छोटे-बड़े विषय की चर्चा संसद में होनी भी चाहिए, फिर चाहे वो समोसा ही क्यों न हो।

  • Benefits Of Eating Kiwi: कीवी: छोटा सा फल, बड़े फायदे – जानिए क्यों रोज खाना चाहिए ये ट्रॉपिकल सुपरफ्रूट

    Benefits Of Eating Kiwi: कीवी: छोटा सा फल, बड़े फायदे – जानिए क्यों रोज खाना चाहिए ये ट्रॉपिकल सुपरफ्रूट

    कीवी फ्रूट, जिसे वैज्ञानिक भाषा में Actinidia deliciosa कहा जाता है, स्वाद और पोषण से भरपूर एक ट्रॉपिकल फल है। इसका हरा गूदा, काले बीज और रोएंदार भूरा छिलका इसे बाकी फलों से अलग बनाते हैं। हालांकि इसका स्वाद थोड़ा खट्टा होता है, लेकिन इसके हेल्थ बेनिफिट्स जानने के बाद आप इसे जरूर अपनी डाइट में शामिल करेंगे।

    🧬 कीवी में होता है कौन-सा प्रोटीन? कीवी: छोटा सा फल, बड़े फायदे

    कीवी में पाया जाने वाला मुख्य प्रोटीन है एक्टिनिडिन (Actinidin)
    यह एक ऐसा एंजाइम है जो भोजन को पचाने में मदद करता है, खासकर प्रोटीन युक्त भोजन को।
    यह प्रोटीन विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभदायक है जिन्हें पाचन संबंधी समस्याएं होती हैं।

    डायटीशियन ने क्या बताया? कीवी: छोटा सा फल, बड़े फायदे

    प्रसिद्ध न्यूट्रिशन एक्सपर्ट ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया कि:”कीवी इम्यूनिटी बूस्टर है। इसमें विटामिन C, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं।”

    कीवी खाने के फायदे: कीवी: छोटा सा फल, बड़े फायदे

    1. इम्यून सिस्टम मजबूत करता है – विटामिन C की मात्रा संतरे से भी ज्यादा होती है।
    2. पाचन में सहायक – एक्टिनिडिन एंजाइम खाने को जल्दी पचाता है।
    3. स्किन ग्लो करता है – एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन E से त्वचा को पोषण मिलता है।
    4. वजन घटाने में सहायक – कम कैलोरी और ज्यादा फाइबर इसे डाइट फ्रेंडली बनाते हैं।
    5. ब्लड प्रेशर कंट्रोल – इसमें मौजूद पोटैशियम हाई BP को संतुलित करता है।

    कीवी क्यों नहीं खाते कुछ लोग? कीवी: छोटा सा फल, बड़े फायदे

    • इसका खट्टा स्वाद कुछ लोगों को रास नहीं आता।
    • जिनको एलर्जी या एसिडिटी की समस्या होती है, उन्हें सावधानी से खाना चाहिए।

    कीवी एक सुपरफूड है जो छोटे आकार में बड़े फायदे देता है।अगर आप अपने डेली डाइट में कुछ हेल्दी और नैचुरल जोड़ना चाहते हैं, तो कीवी एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।

  • हमीरपुर में यमुना और बेतवा उफान पर, निचली बस्तियों में घुसा बाढ़ का पानी

    हमीरपुर में यमुना और बेतवा उफान पर, निचली बस्तियों में घुसा बाढ़ का पानी

    पवन सिंह परिहार हमीरपुर (उत्तर प्रदेश): यूपी के हमीरपुर जिले में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। जिले से होकर बहने वाली प्रमुख नदियाँ — यमुना और बेतवा — इन दिनों उफान पर हैं। बांधों से छोड़े गए पानी के कारण दोनों नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।यमुना नदी ने खतरे के निशान 103 मीटर को पार कर लिया है, जबकि बेतवा नदी भी खतरे के निशान के करीब पहुँच चुकी है।

    हमीरपुर में यमुना और बेतवा उफान पर

    निचली बस्तियों और तटवर्ती गांवों में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।स्थानीय लोगों का कहना है कि वे अपने घरों से सामान सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर रहे हैं। कई ग्रामीण छतों पर डेरा डाल चुके हैं। सैकड़ों बीघा फसल बाढ़ के पानी में डूब गई है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

    प्रशासन की ओर से पहले ही बाढ़ चौकियों की स्थापना की जा चुकी है। राहत शिविरों में व्यवस्था की गई है और 24 घंटे निगरानी रखने के लिए टीमों को तैनात किया गया है। हमीरपुर में यमुना और बेतवा उफान पर

    शहर के अंदर भर रहे बारिश के पानी को पंपिंग सेट की मदद से बाहर निकाला जा रहा है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।

  • मालेगांव ब्लास्ट केस में ऐतिहासिक फैसला: साध्वी प्रज्ञा ठाकुर समेत सभी 7 आरोपी बरी

    मालेगांव ब्लास्ट केस में ऐतिहासिक फैसला: साध्वी प्रज्ञा ठाकुर समेत सभी 7 आरोपी बरी

    मालेगांव बम विस्फोट मामले में 17 साल के लंबे इंतजार के बाद फैसला (Malegaon Blast Case) आ गया है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत गुरुवार को 2008 में हुए इस धमाके की जांच मामले में फैसला सुना दिया है. साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित समेत सातों आरोपी बरी कर दिए गए हैं. विशेष एनआईए अदालत ने कहा है कि ब्लास्ट में इस्तेमाल बाइक के साध्वी प्रज्ञा के होने के सबूत नहीं है. इन आरोपियों पर यूएपीए नहीं लगा सकते. 

    कोर्ट ने कहा कि इन आरोपियों पर घटना से जुड़े आरोप साबित नहीं हुए हैं. मामले में पेश तमाम गवाह बाद में अपने बयान से मुकर गए. आरडीएक्स लेफ्टिनेंट के घर से मिलने का साक्ष्य नहीं है. इस मामले के सभी सात आरोपी अब कोर्ट रूम पहुंच गए हैं. आपको बता दें कि अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से सुनवाई और अंतिम दलीलें पूरी करने के बाद 19 अप्रैल को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. इस धमाके में छह लोगों की मौत हुई थी. 

    कोर्ट रूम पहुंचे सभी आरोपी मालेगांव ब्लास्ट केस में ऐतिहासिक फैसला

    साध्वी प्रज्ञा ठाकुर समेत इस मामले में जिन सात लोगों को आरोपी बनाया गया है, वो फिलहाल कोर्ट रूम पहुंच चुके हैं. कोर्ट की कार्रवाई अब से कुछ देर में शुरू हो सकती है. 

    कौन हैं मालेगांव के सात आरोपी, मालेगांव ब्लास्ट केस में ऐतिहासिक फैसला

    मालेगांव बम धमाका मामले में कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया है. इस लिस्ट में पूर्व सांसद साध्व प्रज्ञा ठाकुर भी एक आरोपी हैं. इस मामले में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित, रिटायर मेजर रमेश उपाध्याय, अजय राहिरकर, सुधाकर द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और समीर कुलकर्णी को आरोपी बनाया गया है.

    क्या हैं आरोप मालेगांव ब्लास्ट केस में ऐतिहासिक फैसला

    रिपोर्ट्स के अनुसार इस मामले में कर्नल पुरोहित पर आरोप है कि उन्होंने आरडीएक्स कश्मीर से लाकर महाराष्ट्र स्थित अपने घर में छिपाया था. इस बम को सुधाकर चुतर्वेदी के देवलाली छावनी में स्थित घर में तैयार किया था. एटीएस ने दावा किया है कि बाइक पर बम प्रीवण टक्कलकी, रामजी कालसांगरा और संदीप डांगे ने लगाया था. ये भी एक बड़ी साजिश के तहत काम कर रहे थे. इस मामले में पहली चार्जशीट 2009 में दाखिल की गई थी. इसमें 11 आरोपी और 3 वान्टेंड थे. इलेक्ट्रॉनिक सबूतों में सुधाकर धर द्विवेदी के लैपटॉप की रिकॉर्डिंग, वॉयस सैंपल आदि शामिल किए गए थे. जांच के दौरान पता चला था कि जनवरी 2008 में फरीदाबाद, भोपाल, और नासिक में इस साजिश को लेकर बैठकों को दौर चला था.

  • Neetu Bisht Arrested News -इंफ्लुएंसर महिला पुलिस अफसर ने कराया बिज़नेसमैन का अपहरण!

    Neetu Bisht Arrested News -इंफ्लुएंसर महिला पुलिस अफसर ने कराया बिज़नेसमैन का अपहरण!

    नई दिल्ली / मुंबई – सोशल मीडिया पर अपनी स्टाइलिश छवि और एक्टिव पोस्ट्स के लिए मशहूर एक महिला पुलिस अफसर पर अब बेहद संगीन आरोप लगे हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस अफसर ने एक बिज़नेसमैन के अपहरण की साजिश रची और उसे अंजाम भी दिया।घटना के बाद से ही सोशल मीडिया और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।


    क्या है पूरा मामला? इंफ्लुएंसर महिला पुलिस अफसर ने कराया बिज़नेसमैन का अपहरण!

    जानकारी के अनुसार, महिला पुलिस अफसर, जो खुद को सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर भी बताती है, ने अपने कुछ सहयोगियों के साथ मिलकर एक कारोबारी का अपहरण कर फिरौती मांगी। बिज़नेसमैन को एक सुनसान जगह पर बंदी बनाकर रखा गया था। पुलिस ने बिज़नेसमैन को सुरक्षित छुड़ा लिया है। अफसर और उसके साथी आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। मामले की जांच में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं।

    मांगी थी 50 लाख की रिश्वत इंफ्लुएंसर महिला पुलिस अफसर ने कराया बिज़नेसमैन का अपहरण!

    शिकायत के अनुसार, सब-इंस्पेक्टर ने गृह मंत्रालय से जुड़े एक स्थानांतरण और भर्ती संबंधी मामले में कथित तौर पर कुल 50 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “आरोपी ने 50 लाख रुपये की मांग की थी, जिसमें से 20.50 लाख रुपये शिकायतकर्ता द्वारा कथित तौर पर भुगतान और रिकॉर्ड कर लिए गए थे. शेष राशि कथित तौर पर दबाव बनाकर मांगी जा रही थी.”

    महिला एसआई पर क्या आरोप इंफ्लुएंसर महिला पुलिस अफसर ने कराया बिज़नेसमैन का अपहरण!

    उन्होंने आगे कहा कि शिकायतकर्ता ने लेन-देन के ठोस सबूत पेश किए, जिसके बाद सतर्कता दल ने जाल बिछाकर आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि महिला सब-इंस्पेक्टर कथित तौर पर डॉक्टर और उसके बेटे को थाने के एक कमरे में ले गई, जहां उसने उनके साथ मारपीट की और उन्हें धमकाया. शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि दबाव में उसे रिश्वत की मांग पूरी करने के लिए मजबूर किया गया.