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Author: By: Nation Now Samachar Desk

  • अमेठी पुलिस का नया कारनामा,पढ़िये बकरी व्यापारी के साथ पुलिस ने किया लॉकअप में ये काम

    अमेठी पुलिस का नया कारनामा,पढ़िये बकरी व्यापारी के साथ पुलिस ने किया लॉकअप में ये काम

    अमेठी। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से पुलिस की बर्बरता का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। अमेठी पुलिस पर एक बकरी व्यापारी ने गंभीर आरोप लगाया है।व्यापारी का आरोप है कि पुलिस ने पहले उसे लॉकअप में डालकर बर्बरता पूर्वक पीटा।उसके बाद उससे एक लाख की रिश्वत लेकर शांति भंग की धारा में चालान कर दिया।पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है।

    एसपी को प्रार्थना पत्र देकर लगाई न्याय की गुहार अमेठी पुलिस का नया कारनामा

    जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र के हुसैनगंज निवासी एक बकरी व्यापारी ने सोमवार को एसपी को प्रार्थना पत्र देकर पुलिस पर बकरी चोरी के मामले में पूछताछ करने के नाम पर पिटाई करने व रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। व्यापारी ने मामले में अपना मेडिकल कराए जाने व दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस ने बकरी व्यापारी की पिटाई व रिश्वत के आरोपों से इंकार किया है।

    जानकारी के मुताबिक, जगदीशपुर थाना क्षेत्र के हुसैनगंज निवासी नौसाद का आरोप है कि बीते 10 जुलाई को जामो पुलिस उसके बेटे इरशाद को खौंपुर से उठा कर ले गई। जब वह थाने पर गया तो उसे भी बैठा लिया गया और बताया गया कि उसके ऊपर बकरी चोरी का आरोप है।बाद में उसके गांव के प्रधान उमापति तिवारी के माध्यम से पुलिस से बातचीत हुई और प्रधान ने उसके घर से लाकर एक लाख रुपए हेड मुहर्रिर दिनेश को दिया। जिसके बाद उसका शांति भंग में चालान कर दिया गया। नौसाद ने यह भी आरोप लगाया कि 26 जून को एसओजी टीम उसे उठा ले गई थी और एन्काउंटर का डर दिखाकर ग्राम प्रधान के माध्यम से सवा लाख रुपए लेकर छोड़ा था। हालांकि एसओजी टीम रायबरेली जिले की थी। मामले में एसपी ने जांच कराने की बात कही है।

    पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच के निर्देश दिए अमेठी पुलिस का नया कारनामा

    एसएचओ जामो विनोद सिंह ने बताया कि 10 जुलाई को थाना क्षेत्र के अचलपुर निवासी विश्वनाथ ने पुलिस को चार बकरी चोरी होने का शिकायती पत्र दिया था। जिसमें उसने बकरी चोरी में नौसाद व उसके बेटे पर चोरी की आशंका जताई थी। जिसे लेकर पुलिस ने नौसाद व उसके बेटे को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। जिसे 151 करके छोड़ा गया था। इससे एक बार एसओजी रायबरेली भी पूछताछ कर चुकी है। पुलिस पर लगाए गए नौसाद के सारे आरोप असत्य हैं।

    https://x.com/nnstvlive/status/1947874033401217062

  • “कानपुर देहात में शिवभक्ति का ऐतिहासिक संगम – जानिए नर्मदेश्वर महादेव मंदिर की 500 साल पुरानी कहानी

    “कानपुर देहात में शिवभक्ति का ऐतिहासिक संगम – जानिए नर्मदेश्वर महादेव मंदिर की 500 साल पुरानी कहानी

    कानपुर देहात- जिले का ऐसा महादेव मंदिर, जो मुगलकाल की आज भी याद दिलाता है। यहां भक्तों की ऐसी आस्था है कि प्रत्येक सोमवार को पूजा अर्चना के साथ सावन के माह में सैलाब उमड़ता है। बता दें कि कानपुर देहात के अकबरपुर के ऐतिहासिक शुक्ल तालाब परिसर में स्थित प्राचीन नर्मदेश्वर महादेव मंदिर भक्तों की आस्था व आराधना का प्रमुख केंद्र है। मंदिर की नक्कासी इसके प्राचीनतम होने को दर्शाता है। सावन के हर सोमवार को भक्त बड़ी संख्या में यहां आकर भगवान शंकर का पूजन अर्चन व जलाभिषेक करते हैं। वहीं अंतिम सोमवार को यहां भव्य श्रंगार के साथ रुद्राभिषेक व विशेष पूजन का आयोजन होता है।

    मंदिर व शुक्ल तालाब हैं नायाब कानपुर देहात की श्रद्धा और इतिहास का केंद्र – नर्मदेश्वर महादेव मंदिर

    मुगलकाल में अकबरपुर का ऐतिहासिक शुक्ल तालाब वास्तु कला का नायब नमूना होने के साथ ही हिन्दू मुस्लिम एकता का प्रतीक है। आज भी दूर दराज से लोग यहां आते हैं। इसकी प्राचीनतम कहानी है। 1857 की क्रांति की यादें संजाऐ इस परिसर में स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर लोगों की आस्था व आराधना का केंद्र बना हुआ है। बुजुर्गों के मुताबिक वर्ष 1556 में जब शहंशाह अकबर दिल्ली की गद्दी पर बैठा तो उसने 1563 ईसवी में शीतल शुक्ल को अकबरपुर का दीवान व नत्थे खां को आमिल नियुक्त किया था। इसी बीच अकबरपुर में अकाल पड़ गया। इस पर दोनों लोगों ने सरकारी पैसे से 1578 में पहले इस तालाब का निर्माण कराया था। धन जमा न होने पर अकबर बादशाह ने स्वयं यहां आकर जांच की। इस पर धन के सदुपयोग की जानकारी पर उन्होने दोनों को इनाम भी दिया था। इधर शीतल शुक्ल व उनके परिवार के लोगों को भगवान महादेव में घोर आस्था थी। इसलिए शीतल शुक्ल ने उसी परिसर में नर्मदेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण कराया था। उस दौरान जनपद का यह अनूठा व भव्य मंदिर था। बाद में लोगों की आस्था बढ़ गयी। मौजूदा समय में यह तालाब व मंदिर पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित है।

    सावन माह में इस प्राचीन शिव मंदिर में पूजन का विशेष महत्व कानपुर देहात की श्रद्धा और इतिहास का केंद्र – नर्मदेश्वर महादेव मंदिर

    सावन माह में इस प्राचीन शिव मंदिर में पूजन का विशेष महत्व है। यहां आने वाले भक्त प्रत्येक सोमवार को भगवान शंकर का पूजन व जलाभिषेक करते हैं। जबकि अंतिम सोमवार को यहां विशेष पूजन, रुद्राभिषेक के साथ भंडारे का भी आयोजन होता है। इस मौके पर यहां बड़ी संख्या में भक्तों के आने की संभावना के चलते सभी तैयारियां पूरी कर ली जाती हैं। स्थानीय लोग पूरी तरह से तल्लीन हो जाते हैं। सआफ सफाई के साथ आयोजन के लिए लोग सहयोग करते हैं। मान्यता है कि रुद्राभिषेक के आयोजन में यहां श्रद्धालु पंचाक्षरी मंत्र ओम नम: का जप करते हैं, जिससे लोगों के कष्ट दूर होने के साथ मनौतियां पूर्ण होती हैं।

    मंदिर के पुजारी कैलाशनाथ कहते हैं कि भगवान नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में स्थापित अति प्राचीन शिवलिंग का पूजन कर महामृत्युंजय का जप करने से मनुष्य के सभी कष्ट नष्ट हो जाते हैं। जबकि सावन के अंतिम सोमवार को होने वाले रुद्राभिषेक व विशेष पूजन में भाग लेकर इस ऐतिहासिक शिवालय में पंचाक्षरी मंत्र ओम नम: शिवाय के जप से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

  • औरैया 28 वर्षीय महिला की संदिग्ध मौत, परिजनों ने पोस्टमार्टम से किया इनकार

    औरैया 28 वर्षीय महिला की संदिग्ध मौत, परिजनों ने पोस्टमार्टम से किया इनकार

    औरैया – बिधूना से एक दर्दनाक खबर सामने आई है जहां 28 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला को पेट दर्द की शिकायत पर अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मामले में मृतका के मायके पक्ष ने पोस्टमार्टम से इनकार किया है और अंतिम संस्कार मायके में ही करने का निर्णय लिया गया है।”28 वर्षीय महिला की संदिग्ध मौत, परिजनों ने पोस्टमार्टम से किया इनकार

    पूरा मामला

    रूबी का विवाह वसीम खान से 8 वर्ष पूर्व हुआ था। वसीम खान एक ट्रैक्टर चालक है वह घर पर नहीं था। उस समय वसीम खान खेत में धान की रोपाई करवा रहा था। दंपति के दो बच्चे हैं 7 वर्षीय बेटा आतिफ और 3 वर्षीय बेटी अनाइजा। मृतका का मायका कोतवाली क्षेत्र के गांव रूपपुर सहार में है।मौत की सूचना मिलते ही रूबी के माता-पिता हनीफ अली और अनीषा बेगम, बहन सबीना तथा तीनों भाई मुकीम, नदीम और समद अली अस्पताल पहुंच गए। परिजनों की स्थिति शोकाकुल है।

    मामले में पुलिस ने क्या की कार्रवाई औरैया 28 वर्षीय महिला की संदिग्ध मौत

    पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए अस्पताल में पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। मायके पक्ष के लोगों ने कोतवाली प्रभारी मुकेश बाबू चौहान से लिखित रूप से पोस्टमार्टम न करने की अपील की। मृतका का शव उसके मायके रूपपुर सहार ले जाया जाएगा और वहीं उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

  • मैनपुरी: सरकारी स्कूल बंद करने के खिलाफ सपा का प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

    मैनपुरी: सरकारी स्कूल बंद करने के खिलाफ सपा का प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

    मैनपुरी: जिले में सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने के विरोध में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा से वंचित करने का प्रयास कर रही है। मैनपुरी: सरकारी स्कूल बंद करने के खिलाफ सपा का प्रदर्शन

    भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप मैनपुरी: सरकारी स्कूल बंद करने के खिलाफ सपा का प्रदर्शन

    समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि गरीब और ग्रामीण बच्चे पढ़-लिख न सकें, ताकि वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने के काबिल न बनें। प्रदर्शन के दौरान मौजूद सपा विधायक बृजेश कठेरिया ने कहा:”भाजपा सरकार एक ओर सरकारी स्कूल बंद कर रही है और दूसरी ओर गांव-गांव में शराब के ठेके खोलकर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।”

    राज्यपाल को भेजा गया ज्ञापन मैनपुरी: सरकारी स्कूल बंद करने के खिलाफ सपा का प्रदर्शन

    सपा प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि बंद हो रहे सभी प्राथमिक और जूनियर स्कूलों को पुनः संचालित किया जाए ताकि शिक्षा के अधिकार का हनन न हो।

    जिले में बना राजनीतिक माहौल मैनपुरी: सरकारी स्कूल बंद करने के खिलाफ सपा का प्रदर्शन

    इस मुद्दे को लेकर जिले में राजनीतिक माहौल गरमाता जा रहा है। समाजवादी पार्टी इसे जनविरोधी नीति बताते हुए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल चुकी है।

  • Kanpur Dehat News: विद्यालय विलय के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध, रोड जाम कर सरकार से स्कूल दोबारा खोलने की मांग

    Kanpur Dehat News: विद्यालय विलय के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध, रोड जाम कर सरकार से स्कूल दोबारा खोलने की मांग

    कानपुर देहात (Kanpur Dehat)– उत्तर प्रदेश में 50 से कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक विद्यालयों को बंद कर मर्ज किए जाने के सरकार के फैसले का विरोध तेज हो गया है।इसी क्रम में दुजापुर गांव के ग्रामीणों ने बच्चों और अभिभावकों के साथ मिलकर रोड जाम कर प्रदर्शन किया, और सरकार से विद्यालय को पुनः खोलने की मांग की।

    Kanpur Dehat News: विद्यालय विलय के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध

    क्या है मामला?

    • सरकार ने कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को बंद कर अन्य स्कूलों में मर्ज करने का आदेश दिया है
    • दुजापुर का विद्यालय बंद कर 3 किमी दूर रतापुर गांव में मर्ज कर दिया गया है
    • ग्रामीणों का आरोप है कि छोटे बच्चों को रोज़ 3 किमी जाना जोखिम भरा है Kanpur Dehat News: विद्यालय विलय के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध

    दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं:

    • एक बच्ची का दुर्घटना में हाथ टूट गया
    • एक अन्य बच्चे के पैर में गंभीर चोट आई
    • हाईवे पर हैवी वाहनों की वजह से बच्चों की जान खतरे में है
    • Kanpur Dehat News: विद्यालय विलय के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध

    ग्रामीणों का सीधा सवाल

    शराब के ठेके तो गांव-गांव चालू हैं, लेकिन बच्चों के स्कूल बंद किए जा रहे हैं। ये कैसा विकास?

    हाईकोर्ट का फैसला

    • शिक्षकों की याचिका पर हाईकोर्ट ने सरकार के मर्जिंग फैसले को सही ठहराया
    • लेकिन जमीन पर ग्रामीणों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता गहराई है

    🎓 सरकारी स्कूल बनाम प्राइवेट शिक्षा:

    • सरकारी स्कूलों में मिड डे मील, मुफ्त किताबें, ड्रेस, प्रशिक्षित शिक्षक होने के बावजूद
    • गांवों में स्कूल कम, और कस्बों में प्राइवेट स्कूलों की संख्या बढ़ती जा रही है
    • नीति बनाम जमीनी सच्चाई के बीच बच्चों का भविष्य झूल रहा है Kanpur Dehat News: विद्यालय विलय के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध
  • बाराबंकी- लोधेश्वर धाम में शिवभक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा,जयकारों से गूंजा बाराबंकी

    बाराबंकी- लोधेश्वर धाम में शिवभक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा,जयकारों से गूंजा बाराबंकी

    बाराबंकी | सावन मास – प्रदोष तिथि विशेष

    उत्तर भारत के प्रसिद्ध शिवधाम लोधेश्वर महादेवा मंदिर में आज श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अनुपम दृश्य देखने को मिला। सावन मास के प्रदोष के अवसर पर हजारों शिवभक्तों की भीड़ भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए उमड़ पड़ी।श्रद्धालु “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयघोष करते हुए मंदिर प्रांगण में पहुंचे और भोलेनाथ पर जल, बेलपत्र, चंदन, फूल व अक्षत अर्पित किए।

    हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा का अद्भुत दृश्य लोधेश्वर धाम में शिवभक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा

    प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने हेलीकॉप्टर से कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर उनकी श्रद्धा और सेवा भाव को सम्मान दिया।
    इस दौरान पूरा लोधेश्वर धाम शिव नाम के जयकारों से गूंज उठा

    प्रशासन की व्यवस्थाएं सराहनीय

    • मंदिर परिसर और चारों ओर बैरिकेटिंग लगाई गई
    • सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम – मंदिर व आसपास के क्षेत्र में पुलिस तैनात
    • भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष दल तैनात

    सुबह जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, हजारों शिवभक्तों ने भगवान को जलाभिषेक किया और बेलपत्र व फूल चढ़ाए।

  • मैनपुरी में नींव की खुदाई में मिला ब्रिटिश कालीन खज़ाना पढ़िये पूरी खबर और क्या मिला

    मैनपुरी में नींव की खुदाई में मिला ब्रिटिश कालीन खज़ाना पढ़िये पूरी खबर और क्या मिला

    सिक्कों पर एडवर्ड VII और जॉर्ज पंचम के नाम, ASI टीम कर रही जांच मैनपुरी में नींव की खुदाई

    मैनपुरी (उत्तर प्रदेश)मैनपुरी(Mainpuri) के बिछवां थाना क्षेत्र के गांव सहारा में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक कच्चे मकान की नींव खुदाई के दौरान पुराने जमाने की मटकी से ब्रिटिश काल के चांदी के सिक्के निकल आए। खुदाई कर रहे मजदूरों को मिट्टी में एक मटकी दिखाई दी, जिसे बाहर निकालकर जब खोला गया तो उसमें से करीब 90 चांदी के सिक्के मिले।

    🪙 कौन-कौन से सिक्के मिले?

    • 17 सिक्के – 1904 में किंग एडवर्ड VII के नाम से जारी
    • 32 सिक्के – 1911 में किंग जॉर्ज पंचम के काल के
    • बाकी के सिक्कों की पहचान की जा रही है

    लालच में मौके से फरार हुए चालक! मैनपुरी में नींव की खुदाई

    सिक्के मिलने की खबर फैलते ही जेसीबी और ट्रैक्टर चालक ने मौके से कुछ सिक्के लेकर फरार हो गए
    थाना प्रभारी आशीष दुबे मौके पर पहुंचे और 49 सिक्के बरामद कर लिए हैं। फरार चालकों की तलाश जारी है।

    क्या बोले ASI अधिकारी?

    पुरातत्व विभाग, आगरा से आई टीम के सदस्य जितेंद्र कुमार ने बताया:”सिक्के ऐतिहासिक हैं लेकिन कोई विशेष दुर्लभता नहीं है। इनकी बाजार में सामान्य खरीद-फरोख्त होती रही है।”

    SDM और पुलिस टीम मौके पर

    एसडीएम संध्या शर्मा, थाना पुलिस और पुरातत्व विभाग की टीम संयुक्त रूप से जांच में जुटी है।
    ग्रामीणों का मानना है कि ये सिक्के किसी पुराने जमींदार परिवार का छुपाया खजाना हो सकते हैं।

    https://x.com/nnstvlive/status/1947549168467071400

  • सद्भावना पुल पर अचानक रुकी डीएम की गाड़ी, कांवरियों के बीच पहुंचे जिलाधिकारी!

    सद्भावना पुल पर अचानक रुकी डीएम की गाड़ी, कांवरियों के बीच पहुंचे जिलाधिकारी!

    जौनपुर- सावन के पवित्र महीने में नगर के सद्भावना पुल पर  रास्ते में अचानक डीएम की गाड़ी रूकते ही कांवरियां के बीच पहुंच गये। जब जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र स्वयं कांवड़ियों के स्वागत के लिए पहुँचे। हाथ मे कांवर लेकर शिव के भक्तों के हौसलों को बढ़ाया। उन्होंने न केवल श्रद्धालु कांवड़ियों के बीच फल वितरण किया, बल्कि बाल कांवड़ियों से बातचीत करके डीएम ने उत्साहवर्धन किया।

    जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने इस दौरान कहा कि कांवड़ यात्रा भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। खासकर उत्तर प्रदेश में यह यात्रा शिव भक्ति, आस्था और सनातन परंपरा की जीवंत झलक प्रस्तुत करती है। उन्होंने बताया कि श्रावण मास में जनपद में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं।

    “कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कांवड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पुलिस एवं प्रशासन सतत निगरानी कर रहा है। जिलाधिकारी ने बाल कांवड़ियों के साथ कुछ दूर तक कांवड़ उठाकर यात्रा में भाग भी लिया, जिससे वहां उपस्थित लोगों में उत्साह की लहर दौड़ गई। उन्होंने सभी कांवड़ियों को शिवभक्ति के इस पवित्र पर्व पर शुभकामनाएं देते हुए संयम और डीजे के निर्धारित साउंड मानक के नियम का पालन करने की अपील किया है।

  • संपूर्ण समाधान दिवस में दिखा प्रशासनिक संवेदनहीनता का चेहरा,पीड़िता ने टेबल पर पटका सिर पढ़िये क्या वजह

    संपूर्ण समाधान दिवस में दिखा प्रशासनिक संवेदनहीनता का चेहरा,पीड़िता ने टेबल पर पटका सिर पढ़िये क्या वजह

    फरीदपुर (बरेली): राज्य सरकार द्वारा जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु शुरू की गई संपूर्ण समाधान दिवस की सार्थकता उस वक्त सवालों के घेरे में आ गई जब तहसील फरीदपुर में आयोजित कार्यक्रम में एक पीड़िता को अपनी बात तक कहने का मौका नहीं दिया गया, और उसने निराशा में टेबल पर सिर पटक दिया

    मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) देवयानी की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित समाधान दिवस में करीब 200 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें अधिकतर मामले राजस्व, ब्लॉक, पूर्ति विभाग और पुलिस से संबंधित थे। मात्र 10 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया।लेकिन व्यवस्था पर असली सवाल उस वक्त खड़ा हुआ जब शिकायतकर्ता पुष्पा (पुत्री भजनलाल) अपनी शिकायत लेकर मंच पर पहुंचीं। जैसे ही पुष्पा ने अधिकारियों के सामने कदम रखा, वहां मौजूद कोतवाल राधेश्याम, एसडीएम मल्लिका नयन, तहसीलदार सुरभि राय और संबंधित लेखपाल एक स्वर में अपनी सफाई देने लगे, मानो वे पहले से जानते हों कि सवाल क्या आने वाला है।

    इस बीच, पीड़िता को मुख्य विकास अधिकारी के सामने अपनी बात रखने तक नहीं दिया गया, जिससे आहत और असहाय होकर उसने सार्वजनिक रूप से टेबल पर सिर पटक दिया। इस दृश्य को देखकर अधिकारियों के साथ-साथ ग्रामीण भी स्तब्ध रह गए।ग्रामीणों ने स्पष्ट तौर पर कहा —“जब अफसर ही जवाबदेही से भागते नजर आएं और पीड़ित को बोलने तक न दिया जाए, तो ऐसे आयोजन ‘समाधान’ नहीं बल्कि ‘दबाव और डर’ के मंच बन जाते हैं।”

    इस घटना ने यह साबित कर दिया कि संपूर्ण समाधान दिवस, यदि सही भावना और पारदर्शिता से न चलाया जाए, तो यह राजनीतिक औपचारिकता और प्रशासनिक दिखावा भर बनकर रह जाता है।यदि पीड़ितों की आवाज को दबाया जाएगा और अधिकारी खुद कठघरे में खड़े न होकर दबंगों की भाषा बोलने लगेंगे, तो जनता का प्रशासन और न्याय प्रणाली से भरोसा उठना तय है।

    राज्य सरकार को चाहिए कि ऐसे जनसुनवाई कार्यक्रमों की न सिर्फ मॉनिटरिंग सुनिश्चित करे, बल्कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी करे। वरना “समाधान दिवस” जल्द ही जनता के लिए “समस्या दिवस” बन सकता है।

  • पीलीभीत – नई ट्रेन की सौगात,सांसद जितिन प्रसाद ने मिघौना स्टेशन से नई ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

    पीलीभीत – नई ट्रेन की सौगात,सांसद जितिन प्रसाद ने मिघौना स्टेशन से नई ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

    पीलीभीत, मिघौना रेलवे स्टेशन – पीलीभीत (Pilibhit) के मिघौना रेलवे स्टेशन से एक नई ट्रेन सेवा की शुरुआत की गई। इस ट्रेन को सांसद जितिन प्रसाद (MP Jitin Prasada ) ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ट्रेन प्रतिदिन पीलीभीत से शाहजहांपुर के बीच अप-डाउन करेगी और इससे दोनों जिलों के यात्रियों को बड़ा लाभ मिलेगा।

    इस अवसर पर सांसद जितिन प्रसाद ने कहा कि,“लोगों की लंबे समय से मांग थी, जिसे आज पूरा किया गया है। यह ट्रेन दोनों जनपदों के 10 रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी।”उन्होंने यह भी कहा कि“पीलीभीत मेरी कर्मभूमि है और शाहजहांपुर मेरी जन्मभूमि, इसलिए दोनों जिलों का विकास मेरी प्राथमिकता है।”

    सांसद ने जनता से अपील की कि“कम खर्च में ट्रेन यात्रा को अपनाएं ताकि भविष्य में पीलीभीत से शाहजहांपुर होते हुए लखनऊ तक ट्रेन सेवा शुरू की जा सके।” इस शुभारंभ कार्यक्रम में रेलवे डीआरएम वीणा सिन्हा, बीसलपुर विधायक विवेक वर्मा, भाजपा कार्यकर्ता, जीआरपी व आरपीएफ के अधिकारी भी मौजूद रहे।