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Author: By: Nation Now Samachar Desk

  • बागपत में खाप पंचायत का फरमान: बच्चों के स्मार्टफोन पर रोक, ड्रेस कोड भी तय

    बागपत में खाप पंचायत का फरमान: बच्चों के स्मार्टफोन पर रोक, ड्रेस कोड भी तय

    बागपत।उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में खाप पंचायत ने एक बार फिर अपने सख्त फैसलों को लेकर सुर्खियां बटोरी हैं। पंचायत ने बच्चों के स्मार्टफोन इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही लड़के और लड़कियों के हाफ-पैंट पहनने पर भी पाबंदी लगा दी गई है।खाप पंचायत का कहना है कि यह निर्णय पश्चिमी प्रभाव से बचाव और पारंपरिक सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के उद्देश्य से लिया गया है। पंचायत के अनुसार, बच्चों में मोबाइल फोन की बढ़ती लत से पढ़ाई, सामाजिक व्यवहार और पारिवारिक संस्कारों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।

    बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल पर चिंता

    पंचायत के सदस्यों का कहना है कि स्मार्टफोन के अत्यधिक उपयोग से बच्चे अपने परिवार और समाज से कटते जा रहे हैं। इसी वजह से गांव स्तर पर यह फैसला लिया गया कि नाबालिग बच्चों को स्मार्टफोन नहीं दिया जाएगा। पंचायत ने अभिभावकों से भी इस नियम का सख्ती से पालन कराने की अपील की है।

    पहनावे को लेकर भी सख्ती

    खाप पंचायत ने आदेश दिया है कि गांव में लड़के और लड़कियां हाफ-पैंट नहीं पहनेंगे। पंचायत का तर्क है कि आधुनिक पहनावा भारतीय संस्कृति और ग्रामीण मर्यादाओं के खिलाफ है। पंचायत ने कहा कि पारंपरिक और सादे वस्त्रों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

    शादी को लेकर भी नया नियम

    खाप पंचायत ने विवाह समारोह को लेकर भी अहम फैसला लिया है। पंचायत के आदेश के मुताबिक, शादी केवल गांव या घर में ही आयोजित की जाएगी, मैरिज हॉल या बाहरी स्थानों पर शादी की अनुमति नहीं होगी। पंचायत का कहना है कि इससे फिजूलखर्ची रुकेगी और सामाजिक समानता बनी रहेगी।

    समाज में मिली-जुली प्रतिक्रिया

    इस फैसले के बाद गांव और आसपास के इलाकों में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे संस्कृति संरक्षण की दिशा में सही कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता में दखल मान रहे हैं।फिलहाल खाप पंचायत ने साफ किया है कि इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सामाजिक स्तर पर कार्रवाई की जा सकती है।

  • मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफिले की गाड़ी ने DSP को पीछे से मारी टक्कर

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफिले की गाड़ी ने DSP को पीछे से मारी टक्कर

    दीदारगंज।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कारकेड से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें सुरक्षा काफिले में शामिल एक स्कॉर्पियो वाहन ने ड्यूटी पर तैनात DSP को टक्कर मार दी। गनीमत रही कि इस घटना में कोई गंभीर हादसा नहीं हुआ, लेकिन यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।यह पूरा मामला दीदारगंज इलाके का बताया जा रहा है, जहां से घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मुख्यमंत्री के कारकेड में शामिल एक स्कॉर्पियो अचानक आगे बढ़ती है और सामने मौजूद DSP को टक्कर मार देती है। टक्कर लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच जाती है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना बेहद गंभीर हो सकती थी, लेकिन समय रहते संतुलन बनने से DSP की जान बच गई। घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद अन्य सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को संभाला और कारकेड को आगे बढ़ाया गया।इस पूरे घटनाक्रम ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में चूक को लेकर बहस छेड़ दी है। सवाल उठ रहे हैं कि जब मुख्यमंत्री का काफिला गुजर रहा था, तो इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, स्कॉर्पियो चालक की लापरवाही या गलत अनुमान के चलते यह टक्कर हुई।

    फिलहाल इस मामले में पुलिस स्तर पर जांच की बात कही जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि वाहन चालक ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया या नहीं। घटना में शामिल वाहन और ड्राइवर की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है।सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को शेयर करते हुए मुख्यमंत्री की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे बड़ी चूक बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।हालांकि, इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह साफ है कि थोड़ी सी चूक बड़े हादसे में बदल सकती थी

  • बांदा में वीर बाल दिवस का भव्य आयोजन, 36 मेधावी बच्चे हुए सम्मानित

    बांदा में वीर बाल दिवस का भव्य आयोजन, 36 मेधावी बच्चे हुए सम्मानित

    रिपोर्ट मोहित पाल, बांदा सिख धर्म के दसवें गुरू गोविन्द सिंह के पुत्रों के असाधारण साहस, बलिदान के स्मरण के रूप में 26 दिसम्बर, 2025 को “वीर बाल दिवस” का आयोजन महर्षि बामदेव सभागार में जे०रीभा, जिलाधिकारी बाँदा की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्ज्वलन से की गयी।

    कार्यक्रम में मा० प्रधानमंत्री के सम्बोधन का सीधा प्रसारण प्रदर्शित किया गया तथा साथ ही “वीर बाल दिवस” के अवसर पर दिनांक 18 से 25 दिसम्बर, 2025 के मध्य जनपद के विद्यालयों और आंगनवाडी केन्द्रों में बच्चों में साहस, सेवा, राष्ट्र प्रेम, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा सकारात्मक नागरिकता के मूल्यों को सुदृढ़ किये जाने के उद्देश्य से विभिन्न थीम / विषयों पर चित्रकला/पेंटिंग/ कहानी / स्लोगन व नारा लेखन / पोस्टर प्रतियोगिता / समूह चर्चा आदि कार्यक्रमों तथा गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनपद के विभिन्न विद्यालयों के 36 बच्चों को सम्मानित किया गया।

    जिसमें से उच्च प्राथमिक विद्यालय गिरवां के 02 बच्चों, पूर्व माध्यमिक विद्यालय जारी-1 के 03 बच्चों, राजकीय बालिका इण्टर कालेज बाँदा की 10 छात्राएं, आर्य कन्या इण्टर कालेज की 03 छात्राएं, आदर्श बजरंग इण्टर कालेज बाँदा के 03 छात्र, राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय बाँदा की 11 छात्राएं, को पुरस्कृत किया गया। तथा साथ ही राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय के 04 बच्चों को भी पुरस्कृत किया गया। इन बच्चों द्वारा कला, विज्ञान, खेल के क्षेत्र एवं विद्यालय, जनपद एवं राज्य स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

    कलेक्ट्रेट, सभागार बाँदा में बच्चों को “वीर बाल दिवस” के महत्व एवं इसके इतिहास के बारे में जानकारी दी गयी तथा साथ ही सभी उपस्थित अधिकारी, कर्मचारी एवं बालकों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ भी दिलायी गयी ।

    उक्त कार्यक्रम में राजबहादुर सिंह, उप निदेशक, पिछड़ा वर्ग / महिला कल्याण, चित्रकूटधाम मण्डल, बाँदा, मीनू सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी, बाँदा, दीपाली गुप्ता, नोडल उच्च शिक्षा / प्राचार्या, राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय बाँदा, सबीना रहमानी, प्रवक्ता, राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय बाँदा, दिलीप पाण्डेय, जिला कार्यकम अधिकारी बाँदा, दिनेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक बाँदा, अभिषेक अवस्थी, जिला समाज कल्याण अधिकारी बाँदा, अभिषेक चौधरी, जिला पिछडा वर्ग कल्याण अधिकारी, रामप्रकाश, बाल विकास परियोजना अधिकारी व जिला प्रोबेशन कार्यालय, चाइल्ड हेल्पलाइन तथा हब फॉर इम्पावरमेंट के कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

  • राजस्थान के चोमू में मस्जिद के पास पुलिस पर पथराव, आरोपी गिरफ्तार

    राजस्थान के चोमू में मस्जिद के पास पुलिस पर पथराव, आरोपी गिरफ्तार

    चोमू (राजस्थान)।राजस्थान के चोमू इलाके में मस्जिद के पास पुलिस पर पथराव की घटना सामने आई है। अचानक हुई इस घटना से इलाके में कुछ समय के लिए तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हालात को काबू में लिया और पथराव में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की सक्रियता के चलते किसी बड़ी अनहोनी से बचाव हो सका।

    पथराव की घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की गई है। पुलिस के अनुसार, घटना के कारणों की जांच की जा रही है और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शांति भंग करने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

  • कानपुर में मंडलीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप: आस्तिक राजावत बने सबसे बड़े विजेता

    कानपुर में मंडलीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप: आस्तिक राजावत बने सबसे बड़े विजेता

    कानपुर के स्वरूपनगर स्थित बाल निकुंज में आयोजित मंडलीय पावरलिफ्टिंग एवं बेंच प्रेस चैंपियनशिप के दूसरे दिन खिलाड़ियों का जबरदस्त दमखम देखने को मिला। प्रतियोगिता में विभिन्न जिलों से आए खिलाड़ियों ने अपनी ताकत और तकनीक का शानदार प्रदर्शन किया।यह प्रतियोगिता पावरलिफ्टिंग संघ कानपुर द्वारा आयोजित की गई, जिसमें हमीरपुर, फर्रुखाबाद, घाटमपुर और महोबा सहित कई जिलों के जांबाज खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।


    आस्तिक राजावत का शानदार प्रदर्शन

    53 से 74 किलोग्राम भार वर्ग की स्पर्धाओं के बीच कानपुर के आस्तिक राजावत सबसे बड़े विजेता बनकर उभरे।
    आस्तिक ने सब-जूनियर वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पावरलिफ्टिंग – प्रथम स्थान बेंच प्रेस – प्रथम स्थान हासिल कर कानपुर जिले का नाम रोशन किया


    अन्य विजेता खिलाड़ी

    कड़े मुकाबले में आचमन बाजपेई ने दूसरा स्थान लक्ष्य चौधरी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।


    खिलाड़ियों को मिल रही बधाइयां

    इस शानदार प्रतियोगिता और खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन के बाद विजेताओं को खेल प्रेमियों, प्रशिक्षकों और आयोजकों की ओर से ढेरों बधाइयां मिल रही हैं। आयोजन को लेकर खेल जगत में खासा उत्साह देखा गया।

  • क्रिकेटर वैभव समेत 20 बच्चों को मिला बाल पुरस्कार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले – जेन Z और जेन अल्फा बनाएंगे विकसित भारत

    क्रिकेटर वैभव समेत 20 बच्चों को मिला बाल पुरस्कार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले – जेन Z और जेन अल्फा बनाएंगे विकसित भारत

    नई दिल्ली।देश के 20 प्रतिभाशाली बच्चों, जिनमें क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी भी शामिल हैं, को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि जेन Z और जेन अल्फा ही विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करेंगे।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज का युवा केवल सपने देखने वाला नहीं, बल्कि उन्हें पूरा करने की क्षमता भी रखता है। उन्होंने पुरस्कार पाने वाले बच्चों की उपलब्धियों को पूरे देश के लिए प्रेरणादायक बताया।

    प्रधानमंत्री ने कहा“आज के बच्चे आत्मविश्वास से भरे हैं, तकनीक के साथ आगे बढ़ रहे हैं और देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की ताकत रखते हैं। जेन Z और जेन अल्फा भारत के भविष्य की मजबूत नींव हैं।”उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बच्चों की प्रतिभा को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।


    क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को मिला विशेष सम्मान

    समस्तीपुर (बिहार) के वैभव सूर्यवंशी को क्रिकेट के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बाल पुरस्कार दिया गया। वैभव की मेहनत और लगन की सराहना करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि खेल के माध्यम से देश का नाम रोशन करने वाले युवा आने वाली पीढ़ी के लिए रोल मॉडल हैं।


    अलग-अलग क्षेत्रों में चमके बच्चे

    इन 20 बच्चों को खेल विज्ञान और नवाचार कला व संस्कृति सामाजिक सेवा शिक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान के लिए सम्मानित किया गया।


    विकसित भारत की ओर मजबूत कदम

    पीएम मोदी ने कहा कि इन बच्चों की सोच, ऊर्जा और नवाचार ही भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

  • बांग्लादेश हिंसा पर जान्हवी कपूर का बयान, दीपू चंद्र दास की मॉब लिंचिंग को बताया कत्लेआम

    बांग्लादेश हिंसा पर जान्हवी कपूर का बयान, दीपू चंद्र दास की मॉब लिंचिंग को बताया कत्लेआम

    मुंबई।बॉलीवुड एक्ट्रेस जान्हवी कपूर ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से दीपू चंद्र दास की मॉब लिंचिंग का जिक्र करते हुए इसे खुलकर “कत्लेआम” करार दिया है। जान्हवी कपूर का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है।

    जान्हवी कपूर ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर अंग्रेजी भाषा में पोस्ट साझा किया। पोस्ट में उन्होंने लिखा, “दीपू चंद्र दास… यह कत्लेआम है और यह कोई अकेली घटना नहीं है।” उन्होंने आगे कहा कि अगर लोगों को इस युवक की बेरहमी से की गई मॉब लिंचिंग के बारे में जानकारी नहीं है, तो उन्हें इस विषय में पढ़ना चाहिए और सच्चाई जाननी चाहिए।

    अपने संदेश में जान्हवी कपूर ने केवल घटना की निंदा ही नहीं की, बल्कि लोगों से जागरूक होने और सवाल उठाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि समाज को ऐसे मामलों में चुप नहीं रहना चाहिए और सांप्रदायिक भेदभाव के खिलाफ खुलकर आवाज उठानी चाहिए।जान्हवी कपूर ने यह भी संकेत दिया कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा कोई एकल घटना नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर और लगातार सामने आ रही समस्या है। उनका कहना था कि इस तरह की घटनाओं पर आंखें मूंद लेना भविष्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

    एक्ट्रेस के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कई यूजर्स ने उनके साहसिक रुख की सराहना की है, जबकि कुछ लोगों ने इस मुद्दे पर और कड़े अंतरराष्ट्रीय कदम उठाने की मांग की है। जान्हवी कपूर का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है।

    फिलहाल, जान्हवी कपूर के इस बयान ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सेलेब्रिटीज की आवाज सामाजिक और मानवीय मुद्दों पर बड़ी भूमिका निभा सकती है।

  • हार्दिक पांड्या के साथ फैन की बदतमीजी, कहा- “भाड़ में जाओ”, खिलाड़ी ने नहीं दी प्रतिक्रिया

    हार्दिक पांड्या के साथ फैन की बदतमीजी, कहा- “भाड़ में जाओ”, खिलाड़ी ने नहीं दी प्रतिक्रिया

    नई दिल्ली।भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनके खेल से नहीं बल्कि एक फैन के व्यवहार से जुड़ी है। हाल ही में हार्दिक पांड्या के साथ एक फैन ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए बदतमीजी की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    बताया जा रहा है कि घटना के दौरान एक फैन ने हार्दिक पांड्या से बेहद आपत्तिजनक तरीके से बात करते हुए कहा, “भाड़ में जाओ”। इस अप्रत्याशित और असभ्य टिप्पणी से मौके पर मौजूद लोग भी हैरान रह गए। हालांकि, हार्दिक पांड्या ने पूरे संयम के साथ इस टिप्पणी को नजरअंदाज किया और कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।हार्दिक का यह शांत और परिपक्व रवैया सोशल मीडिया पर सराहना बटोर रहा है। कई यूजर्स का कहना है कि एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी होने के नाते उन्हें अक्सर इस तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन हार्दिक ने जिस तरह खुद पर नियंत्रण रखा, वह काबिल-ए-तारीफ है।

    यह पहली बार नहीं है जब किसी खिलाड़ी को फैन की बदतमीजी का सामना करना पड़ा हो। लोकप्रियता के साथ-साथ क्रिकेटरों को आलोचना और नकारात्मक प्रतिक्रियाओं का भी सामना करना पड़ता है। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर फैन कल्चर और खिलाड़ियों के निजी सम्मान को लेकर बहस छेड़ दी है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर कुछ लोग फैन के व्यवहार की निंदा कर रहे हैं, वहीं कई लोग हार्दिक पांड्या के संयम और प्रोफेशनल रवैये की तारीफ कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि खिलाड़ियों को भी सम्मान मिलना चाहिए और फैंस को अपनी सीमाएं समझनी चाहिए।

    फिलहाल, इस पूरे मामले पर हार्दिक पांड्या की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन जिस तरह उन्होंने बिना प्रतिक्रिया दिए स्थिति को संभाला, वह युवा खिलाड़ियों और फैंस दोनों के लिए एक सकारात्मक संदेश माना जा रहा है।

  • समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी को राष्ट्रपति ने दिया बाल पुरस्कार, बोलीं- ये तो शुरुआत है

    समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी को राष्ट्रपति ने दिया बाल पुरस्कार, बोलीं- ये तो शुरुआत है

    समस्तीपुर।बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले वैभव सूर्यवंशी के लिए यह दिन गर्व और सम्मान का रहा, जब उन्हें राष्ट्रपति बाल पुरस्कार से नवाजा गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह के दौरान महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वैभव को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वैभव सूर्यवंशी की सराहना करते हुए कहा, “यह तो केवल शुरुआत है। आने वाले समय में देश के बाकी बच्चे आपको फॉलो करेंगे।” राष्ट्रपति के इन शब्दों ने न केवल वैभव, बल्कि देशभर के बच्चों को प्रेरणा देने का काम किया।राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि आज के बच्चे ही कल का भारत हैं और उनकी प्रतिभा को पहचानकर प्रोत्साहित करना देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि वैभव सूर्यवंशी जैसे प्रतिभाशाली बच्चे यह साबित करते हैं कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।

    वैभव सूर्यवंशी बाल पुरस्कार मिलने के बाद उनके परिवार, शिक्षकों और जिले के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। समस्तीपुर में लोगों ने इस उपलब्धि को पूरे जिले के लिए गर्व का क्षण बताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि वैभव की सफलता अन्य बच्चों को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभाशाली बच्चों को भी सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति ने सभी पुरस्कार विजेताओं से समाज और देश के लिए सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया।

    वैभव सूर्यवंशी की इस उपलब्धि को बिहार के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। शिक्षा और प्रतिभा के क्षेत्र में यह सम्मान राज्य के बच्चों को आगे बढ़ने का हौसला देगा। राष्ट्रपति के शब्दों में कहा जाए तो यह सम्मान वैभव के लिए मंज़िल नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है।