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Author: Sandeep Kumar

  • UP HEAVY RAIN ALERT: UP में मानसून की मेहरबान, 48 जिलों में बिजली गिरने का अलर्ट, 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

    UP HEAVY RAIN ALERT: UP में मानसून की मेहरबान, 48 जिलों में बिजली गिरने का अलर्ट, 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

    UP HEAVY RAIN ALERT: उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है और इस बार बरसात औसत से 14 फीसदी अधिक दर्ज की गई है। पूरे राज्य में मौसम का मिजाज नम और बदलता हुआ नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने अगले 5 दिनों तक भारी से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा, 48 जिलों में बिजली चमकने और गिरने का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 12 जिलों के लिए भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।

    महोबा और हमीरपुर में आकाशीय बिजली का कहर- UP HEAVY RAIN ALERT

    बारिश जहां राहत का संकेत बनकर आई है, वहीं आकाशीय बिजली कई जिलों में जानलेवा बनती जा रही है।

    • महोबा जिले के कुलपहाड़ कोतवाली क्षेत्र में रेलवे स्टेशन के पास आकाशीय बिजली गिरने से एक ही परिवार के चार बच्चे झुलस गए, जिसमें एक मासूम की मौत हो गई जबकि तीन का इलाज चल रहा है।
    • हमीरपुर जिले के सुमेरपुर थाना क्षेत्र के भौरा गांव में खेत में भैंस चरा रहे एक किसान की मौत आकाशीय बिजली गिरने से हो गई।

    किन-किन जिलों में बिजली गिरने की आशंका है?- UP HEAVY RAIN ALERT

    मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश के जिन 48 जिलों में बिजली गिरने की संभावना जताई गई है, उनमें शामिल हैं:
    बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, संत रविदास नगर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, मथुरा, हाथरस, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर।

    भारी वर्षा की चेतावनी इन 12 जिलों में- UP HEAVY RAIN ALERT

    भारी वर्षा की चेतावनी जिन जिलों में दी गई है, वे हैं:
    बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच और लखीमपुर खीरी।
    यहां लोगों को सलाह दी गई है कि खुले में न जाएं, बिजली से सावधान रहें और पानी से भरी जगहों से बचकर निकलें।

    राजधानी लखनऊ का मौसम

    लखनऊ में शुक्रवार को बादलों की आवाजाही बनी रही, साथ ही दिनभर रुक-रुक कर हल्की बारिश होती रही। मौसम के इस बदलाव से अधिकतम तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। शहरवासियों ने गर्मी से राहत की सांस ली।

    मौसम वैज्ञानिक की भविष्यवाणी

    मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल सिंह के अनुसार,

    “अगले 5 दिनों तक उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में अच्छी बारिश जारी रहेगी। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई विशेष वृद्धि नहीं होगी। दक्षिण-पश्चिमी मानसून की सक्रियता बनी रहेगी।”

    प्रशासन की अपील

    प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि

    • मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखें
    • बिजली गिरने के समय खुले मैदानों और पेड़ों से दूर रहें
    • बच्चों को बिना वजह घर से बाहर न निकलने दें
    • जलभराव वाली जगहों से बचें और सावधानी बरतें

    SOURCE- ETV BHARAT

  • UP CABINET MEETING: यूपी कैबिनेट की बड़ी घोषणाएं; रोजगार, उद्योग, महिला सशक्तिकरण और डिजिटल बजट को मिली हरी झंडी

    UP CABINET MEETING: यूपी कैबिनेट की बड़ी घोषणाएं; रोजगार, उद्योग, महिला सशक्तिकरण और डिजिटल बजट को मिली हरी झंडी

    UP CABINET MEETING: उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में 30 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई है, जिनमें सबसे प्रमुख रोजगार प्रोत्साहन नीति और यूपी रोजगार मिशन की मंजूरी रही। यह पहली बार है जब राज्य सरकार विदेशों में भी युवाओं को रोजगार दिलाने की पहल करने जा रही है। इसके साथ ही एक्सप्रेसवे, महिला सशक्तिकरण, औद्योगिक विकास, डिजिटल फाइनेंस और शिक्षा के क्षेत्र में भी कई बड़े निर्णय लिए गए हैं। UP CABINET MEETING

    🔹 अब विदेशों में भी मिलेगा रोजगार, बनेगा नया रोजगार मिशन- UP CABINET MEETING

    यूपी की योगी सरकार ने अब देश के साथ-साथ विदेशों में भी युवाओं को रोजगार दिलाने का बीड़ा उठाया है। श्रम और सेवायोजन विभाग के प्रस्तावों के अंतर्गत ‘यूपी रोजगार मिशन’ का गठन किया गया है, जिसके तहत हर साल 30-35 हजार बेरोजगारों को विदेशों में और करीब 1 लाख युवाओं को भारत में रोजगार दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।

    यह पहली बार है जब राज्य सरकार विदेश में नौकरी दिलाने की ज़िम्मेदारी निभाएगी। अब तक यह सुविधा केवल निजी एजेंसियों के माध्यम से ही संभव थी। UP CABINET MEETING

    🔹 रोजगार प्रोत्साहन नीति: अलग-अलग उद्योगों को मिलेगी सब्सिडी- UP CABINET MEETING

    कैबिनेट बैठक में रोजगार बढ़ाने की दृष्टि से नई नीति लागू की गई है। इसके तहत अलग-अलग उद्योगों को सब्सिडी दी जाएगी, जिससे प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि कुछ बड़ी कंपनियों को विशेष रियायतें दी जाएंगी ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ें। UP CABINET MEETING

    🔹 आगरा-लखनऊ को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा लिंक रोड

    सरकार ने 4776 करोड़ रुपए की लागत से 50 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे बनाने की मंजूरी दी है, जो आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। इससे पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच यातायात और कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे व्यापार और उद्योग को भी फायदा मिलेगा। UP CABINET MEETING

    🔹 बुंदेलखंड को मिलेगा औद्योगिक बूस्ट

    बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास के लिए सरकार ने बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण को मंजूरी दी है। इसके तहत एक रेग्युलेशन पॉलिसी बनाई गई है, जिससे वहां के संसाधनों का औद्योगिक रूप से बेहतर उपयोग हो सकेगा। इससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर नौकरी के अवसर मिलेंगे।

    🔹 महिला श्रमिकों को मिला अधिकार, 29 फैक्ट्रियों से हटा प्रतिबंध

    अब महिलाएं उन 29 प्रकार की फैक्ट्रियों में भी काम कर सकेंगी, जहां पहले उनके काम करने पर रोक थी। राज्य सरकार का यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वर्तमान में केवल 5% महिलाएं ही कारखानों में काम कर रही हैं। यह संख्या अब बढ़ने की उम्मीद है।

    🔹 NSG को दी जाएगी अयोध्या में भूमि- UP CABINET MEETING

    कैबिनेट ने अयोध्या में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) को 99 वर्षों की लीज पर भूमि देने की मंजूरी दी है। यह जमीन अयोध्या कैंट के पास नजूल भूमि के अंतर्गत आती है और इसका कुल क्षेत्रफल 8 एकड़ है।

    🔹 JPNIC की जिम्मेदारी अब LDA के पास- UP CABINET MEETING

    जेपी सेंटर (JPNIC) की जिम्मेदारी अब लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को सौंपी गई है। इसके संचालन और मरम्मत के लिए अगले 30 वर्षों में 821 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पहले इसकी जिम्मेदारी एक सोसायटी के पास थी, जिसे अब भंग कर दिया गया है।

    🔹 यूपी बजट व्यवस्था अब डिजिटल- UP CABINET MEETING

    उत्तर प्रदेश में अब पूरा बजट प्रबंधन सिस्टम ऑनलाइन किया जाएगा। इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल सिस्टम के माध्यम से सरकार की वित्तीय पारदर्शिता और कार्यप्रणाली और मजबूत होगी। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए वन टाइम टैक्स (2.5%) की नई व्यवस्था लागू की गई है।

    🔹 शिक्षा और विश्वविद्यालय में बदलाव

    • भाषा संस्थान के कार्मिकों की सेवानिवृत्ति आयु अब 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष कर दी गई है।
    • मोदीनगर में एक नए निजी विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई है।
    • राजकीय विद्यालयों में अब सहायक प्रवक्ताओं की नियुक्ति लिखित परीक्षा व इंटरव्यू के माध्यम से होगी, पहले केवल इंटरव्यू होता था।
    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/lucknow/meerut-to-kashi-vande-bharat-train-launch-august-28-schedule/
  • India defense satellite launch: अंतरिक्ष में और मजबूत होगा भारत, 2029 तक लॉन्च करेगा 52 सैन्य उपग्रह, पाक-चीन के हर मूवमेंट पर होगी नजर!

    India defense satellite launch: अंतरिक्ष में और मजबूत होगा भारत, 2029 तक लॉन्च करेगा 52 सैन्य उपग्रह, पाक-चीन के हर मूवमेंट पर होगी नजर!

    स्टोरी: संदीप कुमार
    India defense satellite launch: भारत के सैन्य इतिहास में “ऑपरेशन सिंदूर” (7 से 10 मई 2025) एक ऐसा अभियान साबित हुआ जिसने न केवल पाकिस्तान को चौंकाया बल्कि आधुनिक युद्ध में भारत की अंतरिक्ष शक्ति को भी प्रमाणित किया। भारतीय वायुसेना ने महज 22 मिनट में पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली को ठप कर दिया और सटीक निशानों पर प्रहार कर आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। ये सफलता संभव हुई भारत की इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (EW), सिग्नल जैमिंग, और उपग्रह आधारित सर्विलांस तकनीकों के कुशल प्रयोग से।

    इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और 22 मिनट का खौफ-India defense satellite launch

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान के सैन्य रेडार और कम्युनिकेशन नेटवर्क को 22 मिनट के लिए पूरी तरह जैम कर दिया। इस जैमिंग ऑपरेशन की मदद से वायुसेना के फाइटर जेट्स ने सटीकता से जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के ठिकानों पर हमला किया।

    इसमें भारत ने स्वदेशी कार्टोसैट सैटेलाइट और विदेशी कमर्शियल उपग्रहों की मदद ली, जिनसे मिली रियल टाइम इमेज और पोजिशनिंग ने यह सुनिश्चित किया कि हर बम अपने लक्ष्य पर गिरे।

    भारत की भविष्य की सैटेलाइट रणनीति- India defense satellite launch

    ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत सरकार ने निर्णय लिया कि अंतरिक्ष निगरानी को और अधिक मज़बूत किया जाए। इसी के तहत रक्षा मंत्रालय ने अक्टूबर 2024 में ₹26,968 करोड़ के बजट को मंज़ूरी दी। इसके अंतर्गत कुल 52 रक्षा निगरानी उपग्रह लॉन्च किए जाएंगे:

    • ISRO बनाएगा और लॉन्च करेगा: 21 उपग्रह
    • तीन निजी कंपनियां करेंगी निर्माण व प्रक्षेपण: 31 उपग्रह
    • पहला लॉन्च अप्रैल 2026 तक, पूरा नेटवर्क 2029 के अंत तक तैयार

    इन उपग्रहों की मदद से भारत पाकिस्तान, चीन और हिंद महासागर क्षेत्र में निरंतर निगरानी कर सकेगा।

    https://nationnowsamachar.com/entertainment/shefali-jariwala-death-cardiac-arrest-mumbai-news/

    HAPS: उपग्रहों के बाद की अगली क्रांति- India defense satellite launch

    भारतीय वायुसेना ने अब “हाई-एल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट्स (HAPS)” की ओर भी कदम बढ़ा लिया है। ये UAV जैसे दिखने वाले यान 18–22 किमी की ऊँचाई पर उड़ते हैं और लंबे समय तक वहीं रह सकते हैं। इनमें हाई-रेजोल्यूशन कैमरे, इंफ्रारेड और रडार लगे होते हैं, जो नीचे की ज़मीन की सटीक निगरानी करते हैं।

    HAPS की खासियत:

    • कम लागत, तेज तैनाती
    • स्थिर डेटा स्ट्रीमिंग
    • सटीक निगरानी और मिशन नियंत्रण

    सैटेलाइट सर्विलांस से बदले युद्ध के नियम- India defense satellite launch

    भारत ने इस ऑपरेशन में जो उपग्रह डेटा इस्तेमाल किया, उसने कई मोर्चों पर निर्णय को आसान किया:

    1. सटीक लक्ष्य निर्धारण: आतंकी शिविरों की पिन-पॉइंट लोकेशन
    2. डैमेज कंट्रोल: बमबारी के बाद प्राप्त तस्वीरों से मूल्यांकन
    3. दुष्प्रचार की धज्जियाँ: पाकिस्तान के झूठे दावों को उपग्रह तस्वीरों से झुठलाया गया

    इन तस्वीरों और वीडियो से भारतीय एजेंसियों को रणनीतिक बढ़त मिली और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत ने अपने दावे सिद्ध किए।

    https://nationnowsamachar.com/national/british-f-35-fighter-plane-uk-engineers-arrived/

    रणनीतिक लाभ

    • ऑपरेशन सिंदूर ने यह प्रमाणित कर दिया कि भारत अब स्पेस वॉरफेयर में निर्णायक क्षमता हासिल कर चुका है।
    • चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों के खिलाफ भारत को टैक्टिकल एडवांटेज मिला है।
    • यह अंतरिक्ष-आधारित तकनीकें अब भारत की थलसेना, नौसेना और वायुसेना—तीनों को सपोर्ट कर रही हैं।

    ऑपरेशन सिंदूर न सिर्फ एक सफल सैन्य अभियान था, बल्कि भारत की तकनीकी और अंतरिक्ष शक्ति का प्रदर्शन भी था। जिस तरह से भारत ने इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, रडार जैमिंग, और उपग्रह निगरानी को एकीकृत किया, वह आने वाले वर्षों में मॉडर्न वॉरफेयर की नई दिशा तय करेगा।

  • Amit Shah in Varanasi: वाराणसी में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक, 4 राज्यों के मुख्यमंत्री हुए शामिल

    Amit Shah in Varanasi: वाराणसी में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक, 4 राज्यों के मुख्यमंत्री हुए शामिल

    Amit Shah in Varanasi: धार्मिक, सांस्कृतिक और अब राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन चुकी काशी (वाराणसी) में 24 जून 2025 को मध्य क्षेत्रीय परिषद (Central Zonal Council) की 25वीं बैठक का आयोजन होने जा रहा है। ताज होटल में आयोजित होने वाली इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह करेंगे।

    बैठक में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, संबंधित राज्यों के वरिष्ठ मंत्री और मुख्य सचिवों के साथ-साथ केंद्र सरकार के उच्च अधिकारी भी शामिल होंगे। बैठक का उद्देश्य केंद्र व राज्यों के बीच सहयोग को मजबूत बनाना, सीमावर्ती समन्वय बढ़ाना और विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर मंथन करना है।

    बैठक से पहले गृह मंत्री अमित शाह ने भगवान शिव की नगरी में ‘काशी के कोतवाल’ श्री काल भैरव जी के दर्शन-पूजन का सौभाग्य प्राप्त किया। उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहे। काल भैरव मंदिर में दर्शन कर अमित शाह ने काशीवासियों की सुख-समृद्धि और राष्ट्र की उन्नति की कामना की। उनके स्वागत में पूरे मार्ग पर भव्य सजावट, पुष्प वर्षा और पारंपरिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसने काशी की धार्मिक गरिमा को और भी उजागर कर दिया।

  • PM MODI KANPUR VISIT: पीएम बोले- ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ, हमने दुश्मन को घर में घुसकर मारा

    PM MODI KANPUR VISIT: पीएम बोले- ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ, हमने दुश्मन को घर में घुसकर मारा

    कानपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को दोपहर पटना से सीधे कानपुर (PM MODI KANPUR VISIT) पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदेश की 47,600 करोड़ रुपये की 15 प्रमुख विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने “भारत माता की जय” के उद्घोष से की, जिससे पूरा पंडाल देशभक्ति से गूंज उठा। PM MODI KANPUR VISIT

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    प्रधानमंत्री मोदी ने इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्रियों के साथ ही वहां उपस्थित जनता का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान मंच के पास कुछ लोग खास पेंटिंग बनाकर लाए थे, जिसे देख प्रधानमंत्री ने एसपीजी से उन्हें मंगवाने को कहा और जनता से आग्रह किया कि “जो भी पेंटिंग लाए हैं, अपना पता लिख दें, मैं चट्टी जरूर भेजूंगा।” PM MODI KANPUR VISIT

    मोदी ने अपने भाषण में उत्तर प्रदेश के विकास की गति की सराहना की और कहा कि यूपी अब नए भारत के इंजन की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण का हरी झंडी दिखाकर उद्घाटन किया, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था और सशक्त होगी। PM MODI KANPUR VISIT

    इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने कहा कि “ये विकास परियोजनाएं न सिर्फ कानपुर बल्कि समूचे उत्तर प्रदेश की दिशा और दशा बदलेंगी।” उन्होंने विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं और श्रमिक वर्ग को केंद्र में रखते हुए योजनाओं को आगे बढ़ाने की बात कही। PM MODI KANPUR VISIT

  • Sikkim Golden Jubilee: सिक्किम की स्वर्ण जयंती; पीएम मोदी का वीडियो संबोधन, विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण

    Sikkim Golden Jubilee: सिक्किम की स्वर्ण जयंती; पीएम मोदी का वीडियो संबोधन, विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण

    सिक्किम: भारत के खूबसूरत हिमालयी राज्य सिक्किम ने 16 मई, 2025 को अपने गठन के 50 वर्ष (Sikkim Golden Jubilee) पूरे किए. इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम की जनता को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया. खराब मौसम के कारण उनकी सिक्किम यात्रा रद्द होने के बावजूद, पीएम मोदी ने उत्साह और गर्व के साथ सिक्किम की स्वर्ण जयंती को यादगार बनाया. उन्होंने इस अवसर पर कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया, जो सिक्किम के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखेंगे. Sikkim Golden Jubilee

    सिक्किम की लोकतांत्रिक यात्रा का गौरव- Sikkim Golden Jubilee

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सिक्किम की लोकतांत्रिक यात्रा की सराहना की. उन्होंने कहा कि 50 वर्ष पहले सिक्किम ने अपने लिए एक लोकतांत्रिक भविष्य चुना था, जो भारत की आत्मा और संस्कृति से गहराई से जुड़ा था. सिक्किम के लोगों ने विश्वास जताया कि लोकतंत्र के माध्यम से उनकी आवाज सुनी जाएगी और सभी को समान अवसर मिलेंगे. पीएम मोदी ने इस विश्वास को और मजबूत होने की बात कही और सिक्किम की प्रगति को देश के लिए गर्व का विषय बताया. Sikkim Golden Jubilee

    उन्होंने कहा, “सिक्किम ने न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता को संरक्षित किया है, बल्कि यह विकास और प्रकृति के बीच संतुलन का एक अनूठा उदाहरण भी बन गया है.” सिक्किम की उपलब्धियों में शत-प्रतिशत ऑर्गेनिक स्टेट बनना, जैव-विविधता का संरक्षण और सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देना शामिल है. Sikkim Golden Jubilee

    प्रकृति और प्रगति का अनूठा संगम- Sikkim Golden Jubilee

    सिक्किम ने पिछले 50 वर्षों में प्रकृति के साथ प्रगति का एक अनूठा मॉडल प्रस्तुत किया है. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में सिक्किम को जैव-विविधता का एक विशाल बागीचा बताया, जो पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक विकास का प्रतीक है. सिक्किम की पहचान आज एक ऑर्गेनिक स्टेट के रूप में है, जो विश्व स्तर पर सराहा जाता है. इसके साथ ही, सिक्किम अपनी सांस्कृतिक धरोहर, बौद्ध मठों, और कंचनजंगा नेशनल पार्क जैसी यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के लिए भी जाना जाता है. Sikkim Golden Jubilee

    इस स्वर्ण जयंती समारोह में सिक्किम के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ हुआ. इनमें नया स्काईवॉक, स्वर्ण जयंती प्रोजेक्ट्स, और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण शामिल है. ये परियोजनाएं सिक्किम के पर्यटन और बुनियादी ढांचे को और मजबूत करेंगी. Sikkim Golden Jubilee

    कनेक्टिविटी में क्रांति: नॉर्थ ईस्ट का बदलता चेहरा- Sikkim Golden Jubilee

    पीएम मोदी ने अपने संबोधन में नॉर्थ ईस्ट और विशेष रूप से सिक्किम में कनेक्टिविटी के क्षेत्र में आए बदलावों पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली और नॉर्थ ईस्ट के बीच की दूरी विकास की राह में बाधा थी, लेकिन अब यही दूरी नए अवसरों के द्वार खोल रही है. सिक्किम में सड़क, रेल, और हवाई कनेक्टिविटी में सुधार ने विकास को गति दी है.

    “सिक्किम समेत पूरा नॉर्थ ईस्ट आज नए भारत की विकास गाथा का एक चमकता अध्याय बन रहा है. आप सभी ने अपनी आंखों से यह परिवर्तन देखा है,” पीएम ने कहा. उन्होंने सिक्किम के लोगों की मेहनत और सरकार के प्रयासों को इस प्रगति का आधार बताया.

    सिक्किम की धरोहर: भारत का गर्व- Sikkim Golden Jubilee

    सिक्किम की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर को पीएम मोदी ने भारत का गौरव बताया. उन्होंने कंचनजंगा नेशनल पार्क, बौद्ध मठों, और सिक्किम की शांत झीलों और झरनों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि सिक्किम की यह धरोहर न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत है.

    नए स्काईवॉक और अन्य परियोजनाओं के लोकार्पण को सिक्किम की नई उड़ान का प्रतीक बताते हुए पीएम ने कहा कि ये प्रोजेक्ट्स सिक्किम को पर्यटन के वैश्विक नक्शे पर और मजबूती से स्थापित करेंगे.

    यात्रा रद्द होने का जिक्र- Sikkim Golden Jubilee

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सिक्किम यात्रा रद्द होने के कारण का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि वह दिल्ली से बागडोगरा तक तो पहुंच गए थे, लेकिन खराब मौसम ने उन्हें सिक्किम तक जाने से रोक दिया. “मैं आपके बीच आकर इस उत्सव का हिस्सा बनना चाहता था, लेकिन मौसम ने मुझे आपके दरवाजे तक तो पहुंचाया, पर आगे नहीं जाने दिया,” उन्होंने कहा. फिर भी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उन्होंने सिक्किम के लोगों के उत्साह को महसूस किया और उनकी ऊर्जा की सराहना की.

    सिक्किम का भविष्य: नई ऊंचाइयां- Sikkim Golden Jubilee

    सिक्किम की स्वर्ण जयंती का यह समारोह केवल अतीत की उपलब्धियों का उत्सव नहीं था, बल्कि यह भविष्य की संभावनाओं का भी प्रतीक था. पीएम मोदी ने सिक्किम के मुख्यमंत्री और वहां की जनता की मेहनत को सराहा, जिन्होंने इस आयोजन को यादगार बनाया. उन्होंने विश्वास जताया कि सिक्किम आने वाले वर्षों में और अधिक प्रगति करेगा.

    सिक्किम के विकास में पर्यटन, ऑर्गेनिक खेती, और बुनियादी ढांचे की परियोजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी. पीएम ने कहा कि केंद्र सरकार सिक्किम के विकास के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहेगी और नॉर्थ ईस्ट को नए भारत का एक मजबूत आधार बनाएगी. Sikkim Golden Jubilee

    ये भी पढ़ें- MSP PRICE HIKE UPDATE: किसानों को तोहफा, खरीफ की 14 फसलों की MSP बढ़ी, KCC पर मिलेगा सस्ता लोन

    सोर्स- INDIA TV

  • MSP PRICE HIKE UPDATE: किसानों को तोहफा, खरीफ की 14 फसलों की MSP बढ़ी, KCC पर मिलेगा सस्ता लोन

    MSP PRICE HIKE UPDATE: किसानों को तोहफा, खरीफ की 14 फसलों की MSP बढ़ी, KCC पर मिलेगा सस्ता लोन

    नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने 28 मई 2025 को किसानों और बुनियादी ढांचे को (MSP PRICE HIKE UPDATE) मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए. इनमें खरीफ फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की ब्याज सब्सिडी योजना को आगे बढ़ाना और रेलवे व सड़क परियोजनाओं को मंजूरी शामिल है. ये कदम न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेंगे, बल्कि देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी नई गति देंगे. आइए, इन फैसलों को विस्तार से समझते हैं. MSP PRICE HIKE UPDATE

    खरीफ फसलों की MSP में बढ़ोतरी- MSP PRICE HIKE UPDATE

    केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन की 14 फसलों की MSP में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है. यह फैसला किसानों को बाजार की अनिश्चितताओं से बचाने और उनकी आय को स्थिर करने के लिए लिया गया है. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि धान की नई MSP 2,369 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है, जो पिछले साल की तुलना में 69 रुपये अधिक है. कपास की दो किस्मों की MSP भी बढ़ाई गई है—एक की 7,710 रुपये और दूसरी की 8,110 रुपये प्रति क्विंटल, जो 589 रुपये की वृद्धि दर्शाती है. MSP PRICE HIKE UPDATE

    इसके अलावा, सोयाबीन, अरहर, मूंग, उड़द और मक्का जैसी अन्य खरीफ फसलों की MSP में भी वृद्धि की गई है. सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि MSP फसल की लागत से कम से कम 50% अधिक हो, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिले. इस बढ़ोतरी से सरकार पर 2 लाख 7 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जो पिछले सीजन की तुलना में 7,000 करोड़ रुपये अधिक है. MSP PRICE HIKE UPDATE

    न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) क्या है? – MSP PRICE HIKE UPDATE

    न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) वह गारंटीड कीमत है, जो सरकार किसानों को उनकी फसलों के लिए देती है, भले ही बाजार में कीमतें कम हों। इसका उद्देश्य किसानों को आर्थिक स्थिरता प्रदान करना और बाजार की अनिश्चितताओं से उनकी रक्षा करना है। MSP का निर्धारण कमीशन फॉर एग्रीकल्चर कॉस्ट एंड प्राइजेज (CACP) की सिफारिशों के आधार पर किया जाता है। यह एक तरह की बीमा पॉलिसी की तरह काम करता है, जो बम्पर पैदावार के कारण कीमतें गिरने पर भी किसानों को न्यूनतम आय सुनिश्चित करता है.

    खरीफ सीजन 2025-26 के लिए फसलों की नई MSP (रुपये/क्विंटल)

    फसल का नाम2024-25 की MSP (₹/क्विंटल)2025-26 की MSP (₹/क्विंटल)वृद्धि (₹)
    मक्का2,2252,400175
    मूंग8,6828,76886
    बाजरा2,6252,775150
    कपास (लंबा रेशा)7,5218,110589
    धान (सामान्य)2,3002,36969
    कपास (मध्यम रेशा)7,1217,710589
    सूरजमुखी7,2807,721441
    ज्वार (हाइब्रिड)3,3713,699328
    ज्वार (मालदांडी)3,4213,749328
    तुअर/अरहर7,5508,000450
    उड़द7,4007,800400
    रागी4,2904,886596
    सोयाबीन (पीला)4,8925,328436
    तिल9,2679,846579
    रामतिल8,7179,537820
    मूंगफली (शुद्ध)6,7837,263480
    धान (A ग्रेड)2,3202,38969

    MSP के तहत 23 फसलों को शामिल किया गया है, जिनमें 7 अनाज (धान, गेहूं, मक्का, बाजरा, ज्वार, रागी, जौ), 5 दालें (चना, अरहर, मूंग, उड़द, मसूर), 7 तिलहन (रेपसीड-सरसों, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी, तिल, कुसुम, निगरसीड) और 4 व्यावसायिक फसलें (कपास, गन्ना, खोपरा, कच्चा जूट) शामिल हैं. खरीफ फसलें, जैसे धान, मक्का, कपास, सोयाबीन आदि, जून-जुलाई में बोई जाती हैं और सितंबर-अक्टूबर में उनकी कटाई होती है.

    किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ब्याज सब्सिडी योजना

    केंद्र सरकार ने किसानों को सस्ते लोन उपलब्ध कराने के लिए KCC की ब्याज सब्सिडी योजना (Modified Interest Subvention Scheme – MISS) को वित्त वर्ष 2025-26 तक बढ़ाने का फैसला किया है. इस योजना के तहत किसान 3 लाख रुपये तक का लोन 7% की ब्याज दर पर ले सकते हैं. समय पर लोन चुकाने वाले किसानों को 3% की अतिरिक्त ब्याज छूट मिलती है, जिससे उनकी प्रभावी ब्याज दर केवल 4% रह जाती है.

    पशुपालन और मछली पालन के लिए भी 2 लाख रुपये तक के लोन पर यह लाभ उपलब्ध है. इस योजना के लिए सरकार ने पर्याप्त फंड आवंटित किया है, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके. यह कदम छोटे और मध्यम किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण साबित होगा.

    रेलवे और सड़क परियोजनाओं को मंजूरी

    किसानों के साथ-साथ, सरकार ने देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भी बड़े कदम उठाए हैं. कैबिनेट ने महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में रेलवे की दो मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है. इनमें रतलाम-नागदा के बीच तीसरी और चौथी लाइन और वर्धा-बल्हारशाह के बीच चौथी लाइन शामिल है. इन परियोजनाओं की कुल लागत 3,399 करोड़ रुपये है और इन्हें 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य है. ये परियोजनाएं रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएंगी और माल ढुलाई को गति देंगी.

    इसके अलावा, आंध्र प्रदेश में बडवेल-नेल्लोर के बीच 108 किलोमीटर लंबे फोर-लेन हाईवे को मंजूरी दी गई है. इस परियोजना की लागत 3,653 करोड़ रुपये है. यह हाईवे कृष्णापटनम पोर्ट और नेशनल हाईवे-67 को जोड़ेगा, जिससे पोर्ट कनेक्टिविटी में सुधार होगा. यह सड़क तीन प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोर—विशाखापट्टनम-चेन्नई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (VCIC), हैदराबाद-बेंगलुरु इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (HBIC) और चेन्नई-बेंगलुरु इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (CBIC)—के नोड्स को भी जोड़ेगी.

    इन फैसलों का प्रभाव

    MSP में बढ़ोतरी से किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य मिलेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी. KCC ब्याज सब्सिडी योजना का विस्तार छोटे और सीमांत किसानों को सस्ता लोन उपलब्ध कराएगा, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति मजबूत होगी. साथ ही, रेलवे और सड़क परियोजनाएं देश के परिवहन नेटवर्क को बेहतर बनाएंगी, जिससे व्यापार और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा.

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    सोर्स- BHASKAR

  • UP POLITICS 2027: यूपी की सियासत में उलटफेर की तैयारी! जानें चुनाव के लिए राजनीतिक दलों की रणनीति

    UP POLITICS 2027: यूपी की सियासत में उलटफेर की तैयारी! जानें चुनाव के लिए राजनीतिक दलों की रणनीति

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बीजेपी का दबदबा बना हुआ है. योगी आदित्यनाथ (UP POLITICS 2027) की सख्त प्रशासनिक छवि, हिंदुत्व का एजेंडा और विकास कार्यों ने बीजेपी को मजबूत आधार दिया है. हालाँकि, 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी को समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन (इंडिया गठबंधन) से कड़ी चुनौती मिली. फैजाबाद (अयोध्या) जैसी महत्वपूर्ण सीट पर सपा की जीत ने बीजेपी के हिंदुत्व कार्ड को झटका दिया. इसके अलावा, बेरोजगारी, महंगाई और सामाजिक असंतोष जैसे मुद्दे विपक्ष के लिए अवसर बन रहे हैं.

    सपा और कांग्रेस गठबंधन ने 2024 के उपचुनावों में भी अच्छा प्रदर्शन किया, जिससे विपक्ष का मनोबल बढ़ा है. दूसरी ओर, बसपा का प्रभाव कमजोर हुआ है, और पार्टी हाशिए पर नजर आ रही है. छोटे दल, जैसे निषाद पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद), भी अपनी स्थिति मजबूत करने में लगे हैं. सामाजिक समीकरणों, खासकर पिछड़ा वर्ग, दलित और अल्पसंख्यक वोटों की गतिशीलता, 2027 के लिए निर्णायक होगी. UP POLITICS 2027

    UP POLITICS 2027
    योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश (Photo Credit- Social Media)

    बीजेपी की रणनीति: हिंदुत्व, विकास और सामाजिक समीकरण

    बीजेपी 2027 में सत्ता की हैट्रिक लगाने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रही है. पार्टी का मुख्य फोकस हिंदुत्व और विकास के दोहरे एजेंडे पर है. 2025 में अहिल्याबाई होल्कर जन्मशती अभियान शुरू करके बीजेपी पिछड़े समुदायों को साधने की कोशिश कर रही है. यह अभियान 2.7 लाख कार्यकर्ताओं के साथ 8,135 न्याय पंचायतों में चलाया जा रहा है, जिसका लक्ष्य ग्रामीण स्तर पर संगठन को मजबूत करना है. UP POLITICS 2027

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) भी बीजेपी की रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. सपा के ‘पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक’ (पीडीए) फॉर्मूले का जवाब देने के लिए आरएसएस हिंदू एकता और शाखाओं के विस्तार पर जोर दे रहा है. योगी सरकार के कार्यों, जैसे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे, को विकास के प्रतीक के रूप में प्रचारित किया जा रहा है. साथ ही, बीजेपी अपने विधायकों और मंत्रियों के कामकाज का ऑडिट कर रही है ताकि जनता में असंतोष को कम किया जा सके. UP POLITICS 2027

    हालाँकि, 2024 के लोकसभा चुनावों में सपा-कांग्रेस गठबंधन की सफलता ने बीजेपी को सतर्क कर दिया है. पार्टी अब सवर्ण, गैर-यादव ओबीसी और गैर-जाटव दलित वोटों को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है. निषाद पार्टी जैसे सहयोगियों के साथ संबंधों को संभालना भी बीजेपी के लिए चुनौती है, क्योंकि संजय निषाद ने 200 सीटों पर प्रभाव का दावा किया है. UP POLITICS 2027

    अखिलेश यादव, पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश (Photo Credit- Social Media)

    समाजवादी पार्टी: पीडीए और युवा जोश- UP POLITICS 2027

    समाजवादी पार्टी, अखिलेश यादव के नेतृत्व में, 2027 में सत्ता वापसी के लिए पूरी ताकत लगा रही है. सपा का ‘पीडीए’ फॉर्मूला—पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक—2024 के लोकसभा और उपचुनावों में प्रभावी साबित हुआ. अखिलेश यादव ने दावा किया है कि 2027 में सपा के नेतृत्व में पीडीए की सरकार बनेगी. पार्टी जमीनी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और गठबंधन को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है. UP POLITICS 2027

    सपा की रणनीति में यादव और मुस्लिम वोटों का पारंपरिक आधार तो है ही, साथ ही गैर-यादव ओबीसी और दलित वोटरों को आकर्षित करने की कोशिश हो रही है. 2024 में फैजाबाद सीट पर अवधेश प्रसाद की जीत ने सपा को दलित समुदाय में पैठ बनाने का मौका दिया. इसके अलावा, सपा बेरोजगारी, महंगाई और संविधान-आरक्षण जैसे भावनात्मक मुद्दों को उठाकर युवाओं और अल्पसंख्यकों को लुभाने की कोशिश कर रही है.UP POLITICS 2027

    कांग्रेस के साथ गठबंधन सपा की रणनीति का केंद्र है. 2024 के उपचुनावों में दोनों दलों ने मिलकर बीजेपी को कड़ी टक्कर दी, और यह गठबंधन 2027 में भी जारी रहने की संभावना है. हालाँकि, सपा को गठबंधन में सीट बँटवारे और नेतृत्व के मुद्दों को सुलझाना होगा. UP POLITICS 2027

    अजय राय, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस (Photo Credit- Social Media)

    कांग्रेस: पुनर्जनन की राह- UP POLITICS 2027

    कांग्रेस, जो लंबे समय से उत्तर प्रदेश में हाशिए पर रही, अब धीरे-धीरे अपनी स्थिति सुधार रही है. प्रियंका गांधी के नेतृत्व में पार्टी ने 2022 के चुनावों में संगठन को मजबूत करने की कोशिश की थी, और 2024 के लोकसभा चुनावों में सपा के साथ गठबंधन ने इसे नया जीवन दिया. कांग्रेस अब युवा नेताओं और स्थानीय कार्यकर्ताओं के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति बढ़ा रही है. UP POLITICS 2027

    कांग्रेस की रणनीति सपा के साथ गठबंधन को बनाए रखने और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर जोर देने की है. पार्टी दलित, अल्पसंख्यक और गरीब वर्ग को लुभाने के लिए सामाजिक-आर्थिक मुद्दों, जैसे बेरोजगारी और शिक्षा, पर फोकस कर रही है. साथ ही, राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा जैसे अभियानों का प्रभाव भी उत्तर प्रदेश में देखने को मिल रहा है. UP POLITICS 2027

    हालाँकि, कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठनात्मक कमजोरी और बड़े चेहरों की कमी है. प्रियंका गांधी की सक्रियता से पार्टी को कुछ हद तक मजबूती मिली है, लेकिन 2027 में वह कितनी सीटें जीत पाएगी, यह गठबंधन की रणनीति पर निर्भर करेगा.

    मायावती, पूर्व सीएम, उत्तर प्रदेश (Photo Credit- Social Media)

    बहुजन समाज पार्टी: अस्तित्व की लड़ाई

    बसपा, जो कभी उत्तर प्रदेश की सत्ता पर काबिज थी, अब कमजोर स्थिति में है. 2024 के उपचुनावों में पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, और यह सियासी हाशिए पर चली गई है. मायावती के नेतृत्व में बसपा अब आकाश आनंद जैसे युवा चेहरों को आगे लाकर नई ऊर्जा लाने की कोशिश कर रही है. UP POLITICS 2027

    बसपा की रणनीति दलित वोटों को एकजुट करने और गैर-जाटव दलित समुदायों को आकर्षित करने पर केंद्रित है. पार्टी सवर्ण और ओबीसी वोटरों को लुभाने के लिए भी नए गठबंधन तलाश रही है. हालाँकि, 2024 के लोकसभा चुनावों में बसपा का खाता न खुलना और उपचुनावों में कमजोर प्रदर्शन इसकी चुनौतियों को दर्शाता है. 2027 में बसपा के लिए सत्ता की राह मुश्किल है, लेकिन अगर मायावती प्रभावी गठबंधन बना पाएँ, तो वह कुछ सीटों पर आश्चर्यजनक प्रदर्शन कर सकती है.

    क्या 2027 में बीजेपी की राजनीति बदलेगी?

    बीजेपी की रणनीति में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं. 2024 के लोकसभा चुनावों में मिली चुनौती ने पार्टी को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया है. पहले जहाँ बीजेपी का फोकस केवल हिंदुत्व पर था, अब वह सामाजिक समीकरणों को साधने और विकास के मुद्दों को प्राथमिकता दे रही है. अहिल्याबाई जन्मशती अभियान और आरएसएस की सक्रियता इस बदलाव का हिस्सा है.

    बीजेपी को गैर-यादव ओबीसी और गैर-जाटव दलित वोटों को बनाए रखने की चुनौती है, क्योंकि सपा का पीडीए फॉर्मूला इन समुदायों को आकर्षित कर रहा है. इसके अलावा, निषाद पार्टी जैसे सहयोगियों की बढ़ती माँगें और छोटे दलों की सक्रियता बीजेपी के लिए नई चुनौतियाँ खड़ी कर सकती हैं.

    फिर सत्ता पर कबिज होंगे योगी आदित्यनाथ!

    योगी आदित्यनाथ की सख्त प्रशासनिक छवि और हिंदुत्व के प्रतीक के रूप में उनकी लोकप्रियता बीजेपी के लिए सबसे बड़ा हथियार है. 2022 में बीजेपी ने उनके नेतृत्व में 255 सीटें जीतीं, जो दर्शाता है कि जनता में उनकी स्वीकार्यता बनी हुई है. बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने संकेत दिए हैं कि 2027 का चुनाव भी योगी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा.

    हालाँकि, योगी के सामने कई चुनौतियाँ हैं. 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी की सीटों में कमी और सपा-कांग्रेस गठबंधन की मजबूती ने सवाल उठाए हैं. अगर बीजेपी 2027 में बहुमत हासिल करती है, तो योगी का फिर से मुख्यमंत्री बनना लगभग तय है, क्योंकि उनकी छवि और संगठन पर पकड़ मजबूत है. लेकिन अगर बीजेपी की सीटें कम होती हैं और गठबंधन सरकार बनती है, तो सहयोगियों की माँगों के चलते नेतृत्व पर विचार हो सकता है.

    सामाजिक-आर्थिक मुद्दों, जैसे बेरोजगारी और महंगाई, का असर भी योगी की छवि पर पड़ सकता है. फिर भी, उनके विकास कार्य, कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण और हिंदुत्व की अपील उन्हें मजबूत दावेदार बनाती है. संभावना है कि अगर बीजेपी जीतती है, तो योगी 70-80% संभावना के साथ फिर से मुख्यमंत्री बन सकते हैं.

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    सोर्स- NBT, NAVBHARAT TIMES

  • AMCA Fighter Jet: भारत में बनेगा 5th जेनरेशन का स्टील्थ फाइटर जेट, AMCA से थर्राएगा चीन-पाकिस्तान

    AMCA Fighter Jet: भारत में बनेगा 5th जेनरेशन का स्टील्थ फाइटर जेट, AMCA से थर्राएगा चीन-पाकिस्तान

    नई दिल्ली: भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद अपनी रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करने के लिए (AMCA Fighter Jet) एक ऐतिहासिक फैसला लिया है. मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वदेशी रूप से विकसित किए जा रहे फिफ्थ जनरेशन स्टील्थ फाइटर जेट एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोग्राम के कार्यान्वयन मॉडल को हरी झंडी दे दी है. यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब ऑपरेशन ‘सिंदूर’ में स्वदेशी हथियारों की सफलता ने भारत की सैन्य क्षमता का प्रदर्शन दुनिया के सामने रखा है.

    AMCA Fighter Jet- स्वदेशी तकनीक से होगा निर्माण

    इस परियोजना को एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) और भारतीय उद्योगों की साझेदारी में लागू किया जाएगा. AMCA का निर्माण पूरी तरह स्वदेशी तकनीक और विशेषज्ञता के साथ किया जा रहा है, जिससे भारत के एयरोस्पेस सेक्टर में आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा. AMCA Fighter Jet

    AMCA क्या है?

    AMCA फाइटर जेट भारत का पहला स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी का विमान है, जिसे एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) और विभिन्न उद्योगों की साझेदारी में विकसित किया जा रहा है. यह स्टील्थ फाइटर जेट अत्याधुनिक तकनीकों से लैस है, जिसमें रडार से बचने की क्षमता, उन्नत सेंसर, और शक्तिशाली हथियार प्रणाली शामिल हैं. इसका डिज़ाइन 25 टन वजन वाली मध्यम श्रेणी का है, जिसमें दो इंजन और 6.5 टन की ईंधन क्षमता होगी. यह विमान 55,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम होगा और 1,864 मील की युद्धक रेंज रखेगा. AMCA Fighter Jet

    AMCA की खासियत यह है कि यह न केवल हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें ले जा सकता है, बल्कि 1.5 टन तक के हथियारों को आंतरिक हथियार खंड में ले जाने की क्षमता रखता है. यह इसे स्टील्थ मोड में दुश्मन के रडार से बचकर सटीक हमले करने में सक्षम बनाता है. साथ ही, यह विमान गैर-स्टील्थ मोड में अपने पंखों पर अतिरिक्त हथियार ले जा सकता है, जो इसे बहुमुखी बनाता है. AMCA Fighter Jet

    AMCA परियोजना भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक को बढ़ावा देना है (Photo Credit- Defence Matrix)

    AMCA Fighter Jet- स्वदेशी रक्षा तकनीक का प्रतीक

    AMCA परियोजना भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इस परियोजना को 2024 में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) ने मंजूरी दी थी, जिसके तहत पांच प्रोटोटाइप के निर्माण के लिए 15,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए. DRDO और ADA के नेतृत्व में, इस विमान का पहला प्रोटोटाइप 2026-27 तक तैयार होने की उम्मीद है, और पहली उड़ान 2028 में होगी। 2034 तक इसे भारतीय वायुसेना में शामिल करने की योजना है.

    यह परियोजना न केवल तकनीकी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारत के आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी मजबूत करती है. AMCA में 75% स्वदेशी सामग्री होगी, जिसे बाद में 85% तक बढ़ाया जाएगा. यह भारतीय उद्योगों, विशेष रूप से निजी क्षेत्र, को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करेगा. AMCA Fighter Jet

    AMCA की तकनीकी विशेषताएं

    AMCA फाइटर जेट में कई अत्याधुनिक तकनीकें शामिल की जाएंगी, जो इसे विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्टील्थ विमानों के समकक्ष बनाएंगी। इनमें शामिल हैं:

    1. AI-पावर्ड इलेक्ट्रॉनिक पायलट: यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर आधारित सिस्टम पायलट के कार्यभार को कम करता है और जटिल युद्ध परिस्थितियों में स्वचालित निर्णय लेने में सहायता करता है।
    2. नेटसेंट्रिक वॉरफेयर सिस्टम: यह वास्तविक समय में युद्ध समन्वय को सक्षम बनाता है, जिससे AMCA मानव रहित ड्रोन के साथ मिलकर काम कर सकता है।
    3. इंटीग्रेटेड व्हीकल हेल्थ मैनेजमेंट: यह सिस्टम विमान की स्थिति की निगरानी करता है और रखरखाव को और प्रभावी बनाता है।

    इन विशेषताओं के साथ, AMCA न केवल भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाएगा, बल्कि इसे भविष्य के युद्धों के लिए तैयार करेगा.

    AMCA Fighter Jet- क्षेत्रीय चुनौतियों का जवाब

    हाल के वर्षों में, क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियां बढ़ी हैं. खासकर, पाकिस्तान द्वारा चीन से J-35A स्टील्थ फाइटर जेट खरीदने की खबरें और चीन द्वारा अपने J-20 विमानों को भारत की सीमाओं के पास तैनात करने ने भारत को अपनी रक्षा रणनीति को और मजबूत करने के लिए प्रेरित किया है. इसके जवाब में, AMCA का विकास भारत की रक्षा स्वायत्तता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. AMCA Fighter Jet

    वैश्विक स्तर पर, अमेरिका और रूस जैसे देश भारत को अपने F-35 और Su-57 स्टील्थ विमानों को बेचने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, AMCA परियोजना के साथ, भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी स्वदेशी तकनीक पर निर्भर रहेगा. यह न केवल लागत को कम करेगा, बल्कि भारत को विदेशी प्रौद्योगिकी पर निर्भरता से मुक्त करेगा.

    AMCA Fighter Jet- भविष्य की राह

    AMCA परियोजना भारत के रक्षा क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू कर रही है. 2035 तक, जब यह विमान पूरी तरह से भारतीय वायुसेना में शामिल होगा, भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा, जिनके पास स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट हैं. इसके अलावा, AMCA में छठी पीढ़ी की तकनीकों को शामिल करने की योजना है, जैसे कि उन्नत सेंसर और मॉड्यूलर डिज़ाइन, जो इसे भविष्य के लिए प्रासंगिक बनाएंगे.

    एयरो इंडिया 2025 में AMCA का पूर्ण-आकार मॉडल प्रदर्शित किया गया, जिसने दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों का ध्यान खींचा. यह मॉडल भारत की तकनीकी प्रगति और आत्मनिर्भरता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है.

    चीन-पाकिस्तान से मुकाबले के लिए रणनीतिक कदम

    भारत का यह कदम इसलिए भी अहम है क्योंकि पाकिस्तान चीन से जे-31 जैसे फिफ्थ जनरेशन फाइटर खरीदने की तैयारी में है. दूसरी ओर भारत पर अमेरिका या रूस से ऐसे विमान खरीदने का दबाव रहा है। लेकिन अब भारत ने साफ संकेत दे दिया है कि वह खुद अपनी तकनीक पर भरोसा करते हुए आत्मनिर्भर बनेगा.

    वैश्विक मंच पर भारत की ताकत

    AMCA परियोजना से भारत न केवल अपनी सेनाओं को अत्याधुनिक बनाएगा, बल्कि रक्षा क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर भी अपनी एक अलग पहचान बनाएगा. इसके अलावा, यह कार्यक्रम भारतीय स्टार्टअप्स और रक्षा उद्योगों को भी विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा.

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    सोर्स- NEWS18 HINDI

  • PM MODI BHUJ ROADSHOW: PM मोदी का भुज में मेगा रोड शो; ₹53,400 करोड़ की परियोजनाएं लॉन्च

    PM MODI BHUJ ROADSHOW: PM मोदी का भुज में मेगा रोड शो; ₹53,400 करोड़ की परियोजनाएं लॉन्च

    भुज (गुजरात): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गुजरात के भुज में भव्य रोड शो (PM MODI BHUJ ROADSHOW) किया और ₹53,400 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया. इस दौरान जनसमूह ने मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया और पूरे शहर में उत्सव का माहौल देखने को मिला. इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि “भुज की विकास गाथा प्रेरणादायक है. आज शुरू की गई परियोजनाएं पावर, रिन्यूएबल एनर्जी, पोर्ट और अन्य बुनियादी ढांचे में नई गति लाएंगी.” PM MODI BHUJ ROADSHOW

    मेगा प्रोजेक्ट्स से होगा विकास को बढ़ावा

    प्रधानमंत्री द्वारा जिन प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया गया, उनमें निम्नलिखित शामिल हैं:-

    • खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क से उत्पन्न होने वाली पवन और सौर ऊर्जा को ले जाने के लिए ट्रांसमिशन नेटवर्क
    • कांडला पोर्ट पर विस्तारीकरण कार्य
    • तापी जिले में अत्याधुनिक अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट यूनिट
    • राज्य सरकार की सड़क, जल आपूर्ति और सौर ऊर्जा परियोजनाएं

    प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी बताया कि ये योजनाएं न सिर्फ गुजरात, बल्कि देश के ऊर्जा भविष्य के लिए भी निर्णायक साबित होंगी. PM MODI BHUJ ROADSHOW

    ऑपरेशन सिंदूर पर कड़ा संदेश- PM MODI BHUJ ROADSHOW

    भुज से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के दाहोद में एक जनसभा को भी संबोधित किया. वहां उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ सरकार की रणनीति पर खुलकर बात की और हाल ही में भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए सख्त संदेश दिया.

    PM मोदी ने कहा, “जब कोई हमारी बहनों के सिंदूर को मिटाता है, तो उसका भी मिटना तय हो जाता है।” उन्होंने इसे केवल एक सैन्य ऑपरेशन नहीं, बल्कि भारतीय भावनाओं और मूल्यों का प्रतीक बताया.

    PM MODI BHUJ ROADSHOW
    आज कच्छ व्यापार, कारोबार और टूरिज्म का बड़ा सेंटर है.

    आतंकवाद के प्रति ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति- PM MODI BHUJ ROADSHOW

    पुलवामा और हाल ही में पहलगाम जैसे आतंकी हमलों के जवाब में भारत की जवाबी कार्रवाई को लेकर मोदी सरकार की नीति स्पष्ट रही है। ऑपरेशन सिंदूर को इसी दृष्टिकोण का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसमें भारत ने सीमा पार आतंक के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है.

    मोदी ने कहा, “हमारे सैनिकों ने यह दिखा दिया है कि भारत अब सहने वाला देश नहीं है, जवाब देने वाला राष्ट्र बन चुका है.”

    जनता से जबरदस्त जुड़ाव

    भुज के रोड शो में हजारों लोगों ने मोदी के समर्थन में हाथ हिलाकर उनका स्वागत किया. पूरे रास्ते को फूलों और बैनरों से सजाया गया था. मोदी के इस दौरे को लोकसभा चुनावों से पहले एक मजबूत राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है.

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    सोर्स- ECONOMIC TIMES