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Author: Sandeep Kumar

  • Jyoti Malhotra in Pakistan: AK-47 लिए 6 गार्ड्स और ‘No Fear’ जैकेट! ज्योति मल्होत्रा के नए वीडियो ने मचाई हलचल

    Jyoti Malhotra in Pakistan: AK-47 लिए 6 गार्ड्स और ‘No Fear’ जैकेट! ज्योति मल्होत्रा के नए वीडियो ने मचाई हलचल

    नई दिल्ली: भारत की विवादित यूट्यूबर और पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में सुर्खियों में आई ज्योति मल्होत्रा (Jyoti Malhotra in Pakistan) एक बार फिर खबरों में हैं. इस बार एक स्कॉटलैंड के कंटेंट क्रिएटर और यूट्यूबर कैलम के वीडियो में ज्योति पाकिस्तान के न्यू अनारकली बाजार में दिखाई दी हैं. लेकिन इस बार चौंकाने वाली बात ये रही कि उनके साथ AK-47 जैसे हथियारों से लैस कई सुरक्षा कर्मी नजर आए.

    यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें ज्योति मल्होत्रा पाकिस्तान की एक मशहूर लोकैलिटी में व्लॉगिंग करती दिख रही हैं. स्कॉटिश यूट्यूबर कैलम भी इसी दौरान उसी क्षेत्र में मौजूद थे, और उन्होंने इस पूरी घटना को कैमरे में कैद कर लिया. Jyoti Malhotra in Pakistan

    ज्योति के साथ AK-47 लिए 6 गार्ड्स- Jyoti Malhotra in Pakistan

    वीडियो में देखा जा सकता है कि ज्योति के साथ छह से सात लोग मौजूद हैं, जिनके हाथों में AK-47 जैसे आधुनिक हथियार हैं. ये सभी सेमी-फॉर्मल कपड़ों में हैं और उन्होंने ऐसी जैकेट्स पहनी हुई हैं जिन पर “No Fear” लिखा है. गार्ड्स की बॉडी लैंग्वेज और सतर्कता को देखकर ऐसा प्रतीत होता है जैसे वे किसी हाई-प्रोफाइल वीआईपी की सुरक्षा में तैनात हों. Jyoti Malhotra in Pakistan

    स्कॉटिश यूट्यूबर भी हैरान

    स्कॉटिश यूट्यूबर कैलम ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अपनी हैरानी व्यक्त की। उन्होंने वीडियो में कहा: “मैंने कभी नहीं देखा कि कोई सामान्य यूट्यूबर इतनी सुरक्षा के घेरे में व्लॉग करे. उनके चारों तरफ हथियारबंद लोग हैं, जैसे किसी सरकारी अधिकारी की सुरक्षा हो.”

    Jyoti Malhotra in Pakistan
    ज्योति मल्होत्रा पाकिस्तान कनेक्शन का दायरा बढ़ता जा रहा है- (Photo Credit- Social Media)

    कैलम के इस बयान के बाद से ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है कि क्या ज्योति महज एक ट्रैवल व्लॉगर हैं या उनके पीछे कोई और एजेंडा छिपा है?

    जासूसी का पुराना मामला फिर सुर्खियों में

    बता दें कि ज्योति मल्होत्रा को कुछ समय पहले हरियाणा से भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था. उन पर आरोप था कि वे भारत की सैन्य गतिविधियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से पाकिस्तान तक पहुंचा रही थीं.

    उनकी गिरफ्तारी के समय भी यह कहा गया था कि वे यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर ट्रैवल व्लॉग्स की आड़ में पाकिस्तान की एजेंसियों से संपर्क में थीं लेकिन यह मामला तब थोड़ी देर बाद शांत हो गया था.

    अब नए सवाल खड़े

    कैलम के इस नए वीडियो से दोबारा इस मामले में सनसनी फैल गई है. प्रमुख सवाल यह हैं:

    • क्या ज्योति अब भी पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों से जुड़ी हुई हैं?
    • उन्हें पाकिस्तान के लोकल बाजार में इस स्तर की सुरक्षा क्यों दी गई?
    • क्या ये गार्ड्स किसी सरकारी एजेंसी से जुड़े हैं या फिर निजी सुरक्षा गार्ड हैं?
    • अगर वे सिर्फ एक व्लॉगर हैं, तो इतना सुरक्षा कवच क्यों?

    भारतीय सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

    सूत्रों के अनुसार, यह वीडियो सामने आने के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने इस पर संज्ञान लिया है. वीडियो की फॉरेंसिक जांच और स्थान की पुष्टि के साथ-साथ गार्ड्स की पहचान का प्रयास किया जा रहा है. यदि पुष्टि होती है कि ये सरकारी सुरक्षा कर्मी हैं, तो इससे बड़ा अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक मामला बन सकता है.

    ज्योति मल्होत्रा केस में अब तक 12 लोग गिरफ्तार

    भारत में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के मामले में फंसी यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को लेकर हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं. ताजा जानकारी के अनुसार, इस जासूसी कांड में अब तक कुल 12 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के लोग शामिल हैं, जिन पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम करने के गंभीर आरोप लगे हैं.

    गिरफ्तारी की चेन और उनकी भूमिका

    1. ज्योति मल्होत्रा (हरियाणा): एक ट्रैवल व्लॉगर के रूप में मशहूर ज्योति पर पाकिस्तान में जाकर संवेदनशील भारतीय ठिकानों की जानकारी साझा करने का आरोप है.
    2. गजाला (पंजाब): वीजा और यात्रा दस्तावेजों में सहयोग करने के अलावा, पाक एजेंसियों के साथ आर्थिक संपर्क में थीं.
    3. देविंदर सिंह ढिल्लो (हरियाणा): डिफेंस एक्सपो जैसी संवेदनशील जगहों पर जाकर वीडियो शूट कर पाकिस्तान भेजने का आरोप.
    4. अरमान (हरियाणा): इसने भारतीय सिम कार्ड पाकिस्तान एजेंसियों तक पहुंचाने और हवाला नेटवर्क से जुड़ने में भूमिका निभाई.
    5. यामीन मोहम्मद (पंजाब): हवाला चैनल के ज़रिए आर्थिक लेनदेन में शामिल.
    6. नोमान इलाही (उत्तर प्रदेश): सैन्य जानकारी इकट्ठा कर दुश्मन देश तक पहुंचाने में संदिग्ध.
    7. मोहम्मद तारीफ (हरियाणा): भारतीय सशस्त्र बलों की गतिविधियों की फोटो और जानकारी पाकिस्तानी उच्चायोग तक पहुंचाई.
    8. फलकशेर मसीह और सूरज मसीह (पंजाब): सोशल मीडिया के ज़रिए खुफिया डाटा लीक करने के आरोपी.
    9. सुखप्रीत सिंह और करणबीर सिंह (पंजाब): ऑपरेशन “सिंदूर” के दौरान सेना की मूवमेंट की जानकारी लीक करने में शामिल पाए गए.

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    सोर्स- NDTV, TIMES NOW

  • iPhone Price Hike: ट्रंप की चेतावनी; अमेरिका में न बने iPhone तो Apple को 25% टैरिफ देना होगा

    iPhone Price Hike: ट्रंप की चेतावनी; अमेरिका में न बने iPhone तो Apple को 25% टैरिफ देना होगा

    नई दिल्ली: हाल के दिनों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टेक्नोलॉजी दिग्गज ऐपल (iPhone Price Hike) को एक बार फिर निशाने पर लिया है. ट्रंप ने ऐपल पर 25% टैरिफ लगाने की धमकी दी है, अगर कंपनी अमेरिका में बिकने वाले iPhone का निर्माण अमेरिका में नहीं करती. यह धमकी ऐपल के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकती है, क्योंकि कंपनी पहले ही अपनी मैन्युफैक्चरिंग को चीन से भारत और अन्य देशों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया में है. इस लेख में हम इस मुद्दे की गहराई से पड़ताल करेंगे और समझेंगे कि ट्रंप की इस नीति का ऐपल और iPhone यूजर्स पर क्या प्रभाव पड़ सकता है.

    ट्रंप का Truth Social पर बयान- iPhone Price Hike

    डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पोस्ट में ऐपल के CEO टिम कुक को साफ शब्दों में चेतावनी दी. उन्होंने लिखा, “मैंने टिम कुक को पहले ही बता दिया है कि अमेरिका में बिकने वाले iPhone को अमेरिका में ही बनाना होगा, न कि भारत या किसी अन्य देश में. अगर ऐसा नहीं होता, तो ऐपल को कम से कम 25% टैरिफ का सामना करना पड़ेगा.” यह बयान न केवल ऐपल के लिए बल्कि पूरी टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा संदेश है. ट्रंप की यह नीति उनकी ‘मेक इन अमेरिका’ नीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसका मकसद अमेरिका में रोजगार और उत्पादन को बढ़ावा देना है.iPhone Price Hike

    ऐपल की मैन्युफैक्चरिंग रणनीति- iPhone Price Hike

    पिछले कुछ सालों में ऐपल ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग को चीन से बाहर निकालने की रणनीति पर काम शुरू किया था. इसका कारण था अमेरिका और चीन के बीच बढ़ता व्यापारिक तनाव और लागत में कमी लाने की जरूरत. भारत इस रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है. ऐपल ने भारत में फॉक्सकॉन और पेगाट्रॉन जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी कर iPhone के कई मॉडल्स का उत्पादन शुरू किया है. भारत में निर्मित iPhone न केवल स्थानीय बाजार के लिए हैं, बल्कि इन्हें निर्यात भी किया जा रहा है.

    हालांकि, ट्रंप की नई धमकी ने ऐपल की इस रणनीति पर सवालिया निशान लगा दिया है. अगर ऐपल को अमेरिका में iPhone का निर्माण करना पड़ेगा, तो कंपनी को भारी निवेश और नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स की जरूरत होगी. इससे न केवल लागत बढ़ेगी, बल्कि कंपनी की सप्लाई चेन में भी बड़ा बदलाव करना पड़ेगा.iPhone Price Hike

    iPhone की कीमतों पर असर

    ट्रंप के इस टैरिफ प्रस्ताव का सबसे बड़ा प्रभाव iPhone की कीमतों पर पड़ सकता है. अगर ऐपल को 25% टैरिफ देना पड़ा, तो कंपनी के पास दो विकल्प होंगे: या तो वह इस अतिरिक्त लागत को खुद वहन करेगी, जिससे उसका मुनाफा कम होगा, या फिर वह इस लागत को ग्राहकों पर डालेगी, जिससे iPhone की कीमतें बढ़ जाएंगी.iPhone Price Hike

    ऐपल के प्रीमियम स्मार्टफोन्स पहले से ही महंगे हैं, और कीमतों में और इजाफा होने से अमेरिकी बाजार में इसकी बिक्री पर असर पड़ सकता है. उदाहरण के लिए, अगर iPhone 16 की कीमत $799 से शुरू होती है, तो 25% टैरिफ के बाद इसकी कीमत $1000 के करीब पहुंच सकती है. इससे न केवल आम ग्राहकों को नुकसान होगा, बल्कि ऐपल की प्रतिस्पर्धा पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि सैमसंग और गूगल जैसे प्रतिद्वंद्वी ब्रांड्स सस्ते विकल्प पेश कर सकते हैं.

    भारत और चीन पर ट्रंप का रुख- iPhone Price Hike

    यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने ऐपल को भारत में मैन्युफैक्चरिंग न करने की सलाह दी है. हाल ही में दोहा में एक बिजनेस मीटिंग के दौरान ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने टिम कुक से भारत में iPhone बनाने से मना किया है. उनका मानना है कि ऐपल को अमेरिका में निवेश करना चाहिए ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा हो.

    पिछले कुछ महीनों में जब ट्रंप ने चीन और भारत पर अलग-अलग टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, तब ऐपल ने जल्दबाजी में भारत और चीन में बने iPhone को हवाई जहाज के जरिए अमेरिका भेजा था. उस समय ट्रंप ने टैरिफ लागू करने की तारीख को आगे बढ़ा दिया था, जिससे ऐपल को कुछ राहत मिली थी. लेकिन अब ट्रंप का नया बयान इस बात का संकेत है कि वह अपनी नीति पर सख्ती से अमल करने के मूड में हैं.

    ऐपल के लिए चुनौतियां

    ऐपल के सामने कई चुनौतियां हैं. पहली चुनौती है अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग शुरू करने की लागत. अमेरिका में श्रम लागत और बुनियादी ढांचे की लागत भारत और चीन की तुलना में काफी अधिक है. दूसरी चुनौती है सप्लाई चेन का पुनर्गठन. ऐपल की सप्लाई चेन कई देशों में फैली हुई है, और इसे पूरी तरह अमेरिका में शिफ्ट करना आसान नहीं होगा. तीसरी चुनौती है बाजार में प्रतिस्पर्धा. अगर iPhone की कीमतें बढ़ती हैं, तो ग्राहक अन्य ब्रांड्स की ओर रुख कर सकते हैं.

    इसके अलावा, भारत में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए ऐपल ने भारत सरकार के साथ कई समझौते किए हैं. भारत में ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत ऐपल को कई छूट और सुविधाएं मिल रही हैं. अगर ऐपल भारत से अपनी मैन्युफैक्चरिंग को कम करता है, तो इससे भारत में रोजगार और निवेश पर भी असर पड़ सकता है.

    भविष्य की संभावनाएं

    ऐपल के लिए यह एक जटिल स्थिति है. कंपनी को ट्रंप की नीतियों, ग्राहकों की अपेक्षाओं और अपनी व्यावसायिक रणनीति के बीच संतुलन बनाना होगा. एक संभावना यह है कि ऐपल अमेरिका में कुछ मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स शुरू करे, लेकिन पूरी तरह से अपनी सप्लाई चेन को अमेरिका में शिफ्ट करना व्यावहारिक नहीं होगा. दूसरी संभावना यह है कि ऐपल टैरिफ की लागत को अपने मुनाफे से वहन करे, लेकिन इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति पर असर पड़ सकता है.

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    सोर्स- ETV BHARAT

  • Shubman Gill Test Captain!: 20 जून से इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज; गिल, बुमराह, पंत या राहुल- किसे मिलेगी कमान?

    Shubman Gill Test Captain!: 20 जून से इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज; गिल, बुमराह, पंत या राहुल- किसे मिलेगी कमान?

    नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है. रोहित शर्मा और विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद अब इस फॉर्मेट में नए लीडर की तलाश तेज हो गई है. ऐसे में सबसे प्रबल दावेदार के रूप में शुभमन गिल (Shubman Gill Test Captain) का नाम सामने आया है. सूत्रों की मानें तो गिल को टेस्ट टीम की कप्तानी सौंपी जा सकती है. गिल के अलावा जसप्रीत बुमराह, केएल राहुल और ऋषभ पंत के नाम भी इस रेस में हैं लेकिन गिल का नाम सबसे ऊपर चल रहा है.

    शुभमन गिल क्यों हैं सबसे मजबूत दावेदार?- Shubman Gill Test Captain

    शुभमन गिल 25 साल के हैं और वे पहले भी वनडे और टी20 में भारत की कप्तानी कर चुके हैं. ऐसे में उनके पास लीडरशिप का अनुभव है. मौजूदा समय में यशस्वी जायसवाल और ऋषभ पंत जैसे युवाओं के साथ गिल भारतीय टेस्ट टीम के भविष्य की रीढ़ माने जा रहे हैं. Shubman Gill Test Captain

    गिल ने पिछले 5 सालों में टेस्ट क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन किया है और 5 शतक भी लगाए हैं, जो यह दर्शाता है कि वे सिर्फ युवा नहीं बल्कि अनुभव और संयम का भी मेल हैं. उनकी नेतृत्व क्षमता और तकनीक इंग्लैंड जैसी कठिन परिस्थितियों में टीम के लिए उपयोगी हो सकती है. Shubman Gill Test Captain

    बुमराह का अनुभव, लेकिन फिटनेस है चिंता

    जसप्रीत बुमराह ने भी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत के लिए टेस्ट कप्तानी की है. उन्होंने पर्थ में टीम को जीत दिलाई, लेकिन सिडनी टेस्ट में उनकी पीठ में चोट आ गई, जिससे वे गेंदबाज़ी नहीं कर सके और भारत मैच हार गया.

    उनकी फिटनेस एक बड़ा सवाल है. लंबे फॉर्मेट में निरंतर खेलना और कप्तानी करना दोनों जिम्मेदारियां निभाना आसान नहीं होता. इसीलिए, चयनकर्ता उनकी कप्तानी को लेकर थोड़े सतर्क हैं. Shubman Gill Test Captain

    ऋषभ पंत: टीम इंडिया का भरोसेमंद नाम

    ऋषभ पंत मौजूदा समय में टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक हैं. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड में टेस्ट शतक लगाए हैं. विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में वे मैच जिताने की क्षमता रखते हैं.

    हालांकि वे फिलहाल कप्तानी की रेस में उतने आगे नहीं हैं, लेकिन अगर कप्तान नहीं बनाए जाते तो उन्हें उप कप्तान की जिम्मेदारी दी जा सकती है. यह उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने की योजना का हिस्सा हो सकता है.

    केएल राहुल: विदेशी धरती पर भरोसे का नाम

    केएल राहुल भी एक सशक्त उम्मीदवार हैं. उन्होंने विदेशी पिचों पर कई बार भारत को शुरुआत दी है. साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में उनके नाम टेस्ट शतक हैं.

    राहुल के नेतृत्व में शुभमन गिल जैसे युवा खिलाड़ी आगे बढ़ सकते हैं. वे स्वाभाविक नेता नहीं माने जाते, लेकिन अनुभव और शांत स्वभाव उन्हें लीडरशिप ग्रुप में फिट बनाता है.

    चयन कमेटी की बैठक और इंग्लैंड दौरा

    भारतीय चयन समिति की बैठक 24 मई को प्रस्तावित है. इस दिन इंग्लैंड दौरे के लिए टीम की घोषणा की जा सकती है. भारत को इंग्लैंड में 20 जून से लेकर 4 अगस्त तक 5 टेस्ट मैच खेलने हैं. पहला मुकाबला हेडिंग्ले, लीड्स में खेला जाएगा. इसी दौरे पर टीम इंडिया को नया कप्तान मिल सकता है, और शुभमन गिल को यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है.

    विराट कोहली और रोहित शर्मा के संन्यास का असर

    विराट कोहली और रोहित शर्मा दोनों के टेस्ट से संन्यास लेने से भारतीय टीम में एक शून्य पैदा हो गया है. कोहली के संन्यास के साथ ही टीम को एक ऐसे खिलाड़ी की तलाश है, जो मनोबल, बल्लेबाज़ी और कप्तानी तीनों स्तरों पर टीम को दिशा दे सके.

    शुभमन गिल, पंत और राहुल तीनों ही इस ज़िम्मेदारी के लिए संभावित हैं, लेकिन चयनकर्ताओं की नजर भविष्य को तैयार करने पर है, जहां गिल सबसे फिट बैठते हैं.

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    सोर्स- BHASKAR

  • 1962 भारत-चीन युद्ध में भी हुई थी मॉकड्रिल, मेरठ की विद्यावती ने बताया युद्धकालीन ब्लैकआउट का अनुभव- BLACKOUT MOCK DRILL IN UP

    1962 भारत-चीन युद्ध में भी हुई थी मॉकड्रिल, मेरठ की विद्यावती ने बताया युद्धकालीन ब्लैकआउट का अनुभव- BLACKOUT MOCK DRILL IN UP

    मेरठ: भारत में मॉकड्रिल और सुरक्षा तैयारियों की परंपरा कोई नई नहीं है. यह मॉकड्रिल (BLACKOUT MOCK DRILL IN UP) 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान भी देखने को मिली थी. उस वक्त ग्राम सभाओं की बैठकों में ग्रामीणों को ट्रेनिंग दी जाती थी कि युद्ध जैसी आपातकालीन स्थिति में आम नागरिकों को क्या करना है और क्या नहीं? उस समय जब सायरन बजता था, तो पूरे गांव और शहर में ब्लैकआउट कर दिया जाता था. लोग बिजली की बत्तियां बंद कर शीशों और खिड़कियों को काले कपड़ों से ढक देते थे ताकि दुश्मन को रोशनी नजर न आए.

    मेरठ की रहने वाली 85 वर्षीय विद्यावती ने नेशनल नाउ समाचार से एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि कैसे 1962 का समय भय और साहस दोनों का मिश्रण था. उन्होंने बताया कि, “उस समय गांवों में ग्राम सभा की बैठकें होती थीं और महिलाओं से लेकर बच्चों तक को मॉकड्रिल के जरिए यह सिखाया जाता था कि यदि युद्ध होता है, तो क्या करना है. जैसे ही सायरन बजता, पूरे इलाके में अंधेरा कर दिया जाता था. खिड़कियां, रोशनदान, शीशे — सब काले कर दिए जाते थे.”

    विद्यावती बताती हैं कि सूचना का एकमात्र साधन हिंदी और उर्दू अखबार हुआ करते थे. लोग अखबारों से ही युद्ध की स्थिति और सेना की गतिविधियों की जानकारी पाते थे. उन्होंने बताया कि घर-घर में लोग देश के लिए प्रार्थना करते थे और हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में देशभक्ति से जुड़ा महसूस करता था.

    विद्यावती के परिवार की तीन पीढ़ियां सेना में
    मेरठ की विद्यावती के परिवार में तीन पीढ़ियाँ भारतीय सेना को समर्पित रही हैं. उनके पिता ने 1962 के युद्ध में भाग लिया था, जबकि 1971 की लड़ाई में भी उनके परिवार के सदस्य सक्रिय रहे. आज भी उनके परिवार के कई सदस्य सेना में कार्यरत हैं. विद्यावती गर्व के साथ कहती हैं कि “हमारा खून देश की रक्षा के लिए ही बना है.”

    आज भी हो रही मॉकड्रिल की परंपरा जारी
    आज जब भारत एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा के सवालों से जूझ रहा है, तो मेरठ सहित देशभर में मॉकड्रिल का आयोजन किया जा रहा है ताकि आम जनता को आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार किया जा सके. विद्यावती कहती हैं, “आज की पीढ़ी को भी यह सिखाना जरूरी है कि देश के प्रति क्या कर्तव्य हैं. मॉकड्रिल एक जागरूकता का माध्यम है, जिससे लोग समय रहते अपनी और दूसरों की सुरक्षा कर सकें.”

    उन्होंने आगे कहा कि “पाकिस्तान या कोई भी दुश्मन देश हो, उसे मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमें सिर्फ सेना नहीं, बल्कि एकजुट देशभक्ति की भावना भी चाहिए. हम सबको देश के लिए जागरूक और तैयार रहना चाहिए.”

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  • सतीश महाना ने शुभम की पत्नी को लगाया गले: ऐशन्या ने कहा – “मुझे भरोसा था कि भारतीय सेना बदला जरूर लेगी”- OPERATION SINDOOR

    सतीश महाना ने शुभम की पत्नी को लगाया गले: ऐशन्या ने कहा – “मुझे भरोसा था कि भारतीय सेना बदला जरूर लेगी”- OPERATION SINDOOR

    कानपुर: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम हमले में 26 भारतीयों की जान जाने के बाद भारतीय सेना (OPERATION SINDOOR) ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर जबरदस्त हवाई हमले किए. इस कार्रवाई को “ऑपरेशन सिंदूर” नाम दिया गया है, जिसे लेकर पूरे देश में गर्व और भावुकता की लहर दौड़ पड़ी है.

    इस ऑपरेशन की गूंज कानपुर तक सुनाई दी, जहां पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले शुभम द्विवेदी के परिवार ने इसे “न्याय” बताया. शुभम की पत्नी एशान्या, भाई सौरभ, और माता-पिता की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े. उनका कहना है कि सेना ने शुभम के “सिंदूर” का बदला ले लिया. (OPERATION SINDOOR)

    भावुक हुआ कानपुर, परिवार ने जताया गर्व
    कानपुर निवासी शहीद शुभम द्विवेदी के परिजनों के लिए यह क्षण गर्व और संतोष का संगम लेकर आया. जैसे ही भारतीय सेना की कार्रवाई की जानकारी मीडिया और सोशल मीडिया पर सामने आई, शुभम के घर में देशभक्ति के नारे गूंज उठे.

    शुभम की पत्नी एशन्या ने कहा,
    “मुझे भरोसा था कि भारतीय सेना बदला जरूर लेगी. उन्होंने मेरे सिंदूर का बदला लिया है. ये सिर्फ मेरी नहीं, पूरे देश की जीत है.” उन्होंने सरकार से शुभम को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग की.

    शुभम के परिजनों से मिलने घर पहुंचे सतीश महाना
    सुबह होते ही उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना शुभम के परिजनों से मिलने पहुंचे. उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा, “सेना ने पाकिस्तान पर एयरस्ट्राइक कर न सिर्फ पहलगाम, बल्कि 26/11 और पुलवामा जैसे कायराना हमलों का भी हिसाब चुकता किया है.” साथ ही उन्होंने कहा कि देश का हर नागरिक शहीदों का ऋणी है और उनके बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा.

    शुभम द्विवेदी के परिजनों से मिलने पहुंचे सतीश महाना. (फोटो- Nation Now Samachar)

    शुभम के भाई सौरभ ने कहा‘ये सिर्फ शुरुआत है’
    शौर्य और दुख के इस मौके पर शुभम के भाई सौरभ ने कहा: “शुभम अब हमारे बीच नहीं है, लेकिन आज उसकी आत्मा को सुकून मिला होगा. ये कार्रवाई हर भारतीय के मन में छिपे दर्द को आवाज देती है. ये सिर्फ शुरुआत है. आतंक का अंत होना बाकी है.”

    लोगों ने मनाया जश्न
    कानपुर शहर में कई स्थानों पर लोगों ने आतिशबाजी और मिठाई बांटकर सेना की कार्रवाई का स्वागत किया. सोशल मीडिया पर शुभम के नाम के साथ #OperationSindoor, #JusticeForMartyrs, और #ShubhamDwivedi जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे.

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  • अमेठी: इंडोरामा फैक्ट्री में आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल, DM-SP रहे मौजूद- UP MOCK DRIL

    अमेठी: इंडोरामा फैक्ट्री में आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल, DM-SP रहे मौजूद- UP MOCK DRIL

    अमेठी: अमेठी के जगदीशपुर स्थित इंडोरामा फैक्ट्री में सोमवार को एक आपातकालीन मॉक ड्रिल (UP MOCK DRIL) का आयोजन किया गया. इसका उद्देश्य किसी भी आकस्मिक घटना, विशेषकर आगजनी या आतंकी हमले जैसी स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखना और तंत्र की प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करना था.

    मॉक ड्रिल की शुरुआत फैक्ट्री परिसर में अचानक आग (UP MOCK DRIL) लगने की सूचना से हुई. इसके बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर तेजी से आग पर काबू पाया. आग से प्रभावित क्षेत्र से कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. साथ ही ड्रिल में यह भी दर्शाया गया कि कैसे घायल कर्मचारियों को तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया जाता है ताकि समय रहते चिकित्सा सहायता दी जा सके.

    अमेठी में मॉक ड्रिल के दौरान अधिकारी (फोटो- Nation Now Samachar)

    इस पूरे अभ्यास के दौरान अमेठी की पुलिस अधीक्षक (SP) अपर्णा रजत कौशिक और जिलाधिकारी (DM) संजय चौहान स्वयं मौके पर मौजूद रहे और स्थिति का जायज़ा लिया. दोनों अधिकारियों ने मॉक ड्रिल की तैयारियों और निष्पादन पर संतोष जताया और कहा कि इस प्रकार के अभ्यास से आपात स्थिति में त्वरित और समुचित प्रतिक्रिया देना संभव होता है. (UP MOCK DRIL)

    राष्ट्रीय सुरक्षा की पृष्ठभूमि में बढ़ती सक्रियता
    उल्लेखनीय है कि हाल ही में भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए देशभर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है. इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में प्रशासनिक सहयोग से सरकारी व निजी संस्थानों में मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही हैं. इंडोरामा फैक्ट्री में आयोजित यह ड्रिल भी इसी योजना का हिस्सा थी, जिसका लक्ष्य कर्मचारियों की सुरक्षा, रेस्क्यू ऑपरेशन और संकट प्रबंधन में सुधार करना है.

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  • उत्तर प्रदेश में “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद सुरक्षा सतर्कता बढ़ी, डीजीपी ने जारी किए दिशा-निर्देश- DGP ISSUED GUIDELINES

    उत्तर प्रदेश में “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद सुरक्षा सतर्कता बढ़ी, डीजीपी ने जारी किए दिशा-निर्देश- DGP ISSUED GUIDELINES

    लखनऊ: भारतीय सेना द्वारा चलाए गए “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था (DGP ISSUED GUIDELINES) को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) प्रशांत कुमार ने सभी जिलों, पुलिस कमिश्नरेट्स और विशेष इकाइयों को विस्तृत और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इन निर्देशों का उद्देश्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था को बनाए रखना, सामरिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को सुदृढ़ करना, और नागरिकों को हर प्रकार के खतरे से बचाना है.

    सुरक्षा के 14 बिंदुओं पर कार्रवाई का निर्देश
    डीजीपी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में कुल 14 महत्वपूर्ण बिंदु शामिल किए गए हैं, जो पूरे राज्य में लागू किए जाएंगे.

    1. महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा
       अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी महत्वपूर्ण Critical Infrastructure and Vital Installations की सुरक्षा को सुदृढ़ और उन्नत किया जाए .
       भौतिक सुरक्षा, निगरानी प्रणाली और परिधि सुरक्षा को मजबूत किया जाए.
    2. आंतरिक सुरक्षा अभ्यास
       आंतरिक सुरक्षा योजना के तहत मॉक ड्रिल आयोजित की जाए .
       पूरी तैयारी के साथ पूर्व ब्रीफिंग और बाद की डिब्रीफिंग की व्यवस्था की जाए .
       संबंधित सभी सुरक्षा इकाइयों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए.
    3. पुलिस परिसरों और संसाधनों का ऑडिट
       सभी पुलिस परिसरों जैसे: पुलिस लाइन, कार्यालय, डिपो, पुलिस यूनिट्स और नियंत्रण कक्ष को सुरक्षित किया जाए.
       एक संपूर्ण संसाधन ऑडिट किया जाए और कमी पाए जाने पर शीघ्र समाधान किया जाए.
       पुलिस वेबसाइट और पुलिस सर्वर के साथ-साथ साइबर सुरक्षा सुदृढ़ की जाए.
    4. महत्त्वपूर्ण स्थानों पर प्रवेश नियंत्रण
       महत्त्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर प्रवेश नियंत्रण व्यवस्था को कड़ा किया जाए .
       पहचान पत्रों की जांच और सत्यापन सुनिश्चित की जाए.
    5. एजेंसियों के साथ समन्वय
       निम्नलिखित के साथ नज़दीकी समन्वय स्थापित किया जाए.
       सेना, वायुसेना, नागरिक सुरक्षा, खुफिया इकाइयां और अन्य सम्बंधित एजेंसियां.
       वरिष्ठ पुलिस अधिकारी समन्वय की जिम्मेदारी लें.
    6. सामरिक आवागमन की व्यवस्था
       निम्नलिखित की सुरक्षित और गोपनीय आवाजाही सुनिश्चित की जाए.
       राजमार्गों और रेलवे पर सैन्य काफिले की सुरक्षित करना.
       वायुसेना के लिए एटीएफ / ईंधन की आपूर्ति.
       रेलवे पुलों और ट्रैकों की सुरक्षा की जाए .
       सभी मूवमेंट को “नीड टू नो” आधार पर गोपनीय रखा जाए .
    7. सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों पर सतर्कता
       सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील जिलों को उच्च सतर्कता पर रखा जाए.
       संवेदनशील क्षेत्रों में बल की तैनाती बढ़ाई जाए.
       आरक्षित बलों को त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार रखा जाए.
    8. प्रमुख सेवाओं की सुरक्षा
       निम्नलिखित को विशेष सुरक्षा प्रदान की जाए.
       तेल पाइपलाइन .
       संचार टावर और ओएफसी केबल लाइनें.
       जलापूर्ति प्रणालियाँ और भंडारण.
       बिजली सब-स्टेशन और ताप विद्युत संयंत्र.
    9. खुफिया जानकारी और Sabotage की रोकथाम
       संवेदनशील और निषिद्ध क्षेत्रों में संभावित Sabotage और Information Leak की घटनाओं पर सतर्क दृष्टि रखी जाए.
       खुफिया तंत्र को सक्रिय किया जाए और समुचित सुरक्षा व्यवस्था की जाए.
    10. सोशल मीडिया की निगरानी
       24×7 सोशल मीडिया मॉनिटरिंग साइबर सेल द्वारा की जाए.
       अफवाह फैलाने और भ्रामक सूचनाओं के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
    11. नियंत्रण कक्ष और मोबाइल वाहन सतर्क
       जिला नियंत्रण कक्ष को उच्च सतर्कता पर रखा जाए .
       112 आपातकालीन वाहनों को Tactical Location पर तैनात किया जाए.
    12. नेतृत्व और समन्वय
       वरिष्ठ अधिकारी: जिला प्रशासन, नागरिक सुरक्षा, सेना, वायुसेना और सभी हितधारकों के साथ सक्रिय समन्वय करें.
       सभी कर्मियों को पुलिस युद्ध निर्देशों की जानकारी दें.
    13. हवाई अड्डा क्षेत्र की सुरक्षा
       सभी हवाई अड्डों के फनल क्षेत्रों की जाँच की जाए.
       हवाई सुरक्षा इकाइयों के साथ संयुक्त कार्यवाही की जाए.
    14. भारत नेपाल सीमा पर निरंतर चौकसी बरतते हुए, अन्य सुरक्षा बलों के साथ समन्वय स्थापित रखते हुए नियमित गश्त की जाय.

    सार्वजनिक सहयोग की अपील
    पुलिस विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और अफवाहों पर ध्यान न दें. यह सुनिश्चित करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि प्रदेश की शांति और सुरक्षा बनी रहे.

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  • ऑपरेशन सिंदूर: भारत की ऐतिहासिक जवाबी कार्रवाई, 9 आतंकी ठिकाने तबाह, विदेश सचिव ने दी जानकारी – OPERATION SINDOOR

    ऑपरेशन सिंदूर: भारत की ऐतिहासिक जवाबी कार्रवाई, 9 आतंकी ठिकाने तबाह, विदेश सचिव ने दी जानकारी – OPERATION SINDOOR

    नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले का जवाब भारत ने (OPERATION SINDOOR) निर्णायक तरीके से दिया है. भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना की संयुक्त कार्रवाई में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल स्ट्राइक की गई है. इस ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया, जो अब तक की सबसे साहसिक सैन्य कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है.

    22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की हत्या कर दी गई थी. इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF)’ ने ली थी. हमले की क्रूरता ने पूरे देश को झकझोर दिया था और भारत सरकार ने जवाबी कार्रवाई का फैसला लिया.

    ऑपरेशन सिंदूर: एक सुनियोजित सैन्य रणनीति
    विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने मीडिया को जानकारी दी कि ऑपरेशन सिंदूर पूरी तरह से भारतीय सुरक्षा बलों की योजना के अनुसार अंजाम दिया गया. इस अभियान में विशेष भूमिका निभाने वाली दो महिला अधिकारी — लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह — ने ऑपरेशन के ब्योरे साझा किए.

    कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य उन आतंकी ठिकानों को तबाह करना था जहां से भारत के खिलाफ आतंक की साजिशें रची जा रही थीं. उन्होंने बताया कि PoK और पाकिस्तान में स्थित 9 ठिकानों को टारगेट किया गया जिनमें लॉन्चपैड, ट्रेनिंग सेंटर्स और हथियारों के गोदाम शामिल थे.

    https://twitter.com/PIB_India/status/1920012335827038696

    विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने बताया कि इस ऑपरेशन के तहत आतंकियों के लॉन्चपैड और प्रशिक्षण केंद्रों को सटीक रूप से निशाना बनाया गया. यह कार्रवाई देर रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच अंजाम दी गई. उन्होंने बताया कि सबसे पहले निशाना बना मुजफ्फराबाद स्थित सवाई नाला, जहां लश्कर-ए-तैयबा का बड़ा ट्रेनिंग सेंटर था. यहीं से सोनमर्ग, गुलमर्ग और पहलगाम में हमला करने वाले आतंकी प्रशिक्षित हुए थे.

    इसके अलावा, सैयदना बिलाल कैंप में आतंकियों को हथियारों के उपयोग, विस्फोटकों की हैंडलिंग और जंगलों में जीवित रहने की ट्रेनिंग दी जाती थी. एक अन्य महत्वपूर्ण ठिकाना था कोटली गुरपुर कैंप, जहां 2023 में पुंछ में श्रद्धालुओं पर हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों को तैयार किया गया था.

    तबाह हुए प्रमुख आतंकी ठिकाने

    • सवाई नाला, मुजफ्फराबाद – लश्कर-ए-तैयबा का ट्रेनिंग कैंप जहां सोनमर्ग, गुलमर्ग और पहलगाम हमलों के आतंकी प्रशिक्षित हुए.
    • सैयदना बिलाल कैंप, मुजफ्फराबाद – हथियार, विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल की ट्रेनिंग दी जाती थी.
    • कोटली गुरपुर कैंप – पुंछ हमले के आतंकी यहां से प्रशिक्षित हुए थे.
    • मरकज सुभान अल्लाह, बहावलपुर – जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय, जिसे मिसाइल हमले में निशाना बनाया गया.

    रात के सन्नाटे में गरजीं भारतीय मिसाइलें
    यह ऑपरेशन देर रात 1:05 बजे से लेकर 1:30 बजे के बीच अंजाम दिया गया. सटीक टारगेटिंग और तकनीकी विशेषज्ञता के साथ भारत ने इन ठिकानों को पूरी तरह से तबाह कर दिया. सेना ने इन हमलों के वीडियो भी जारी किए हैं जिसमें साफ दिखाई देता है कि कैसे PoK और पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकाने ध्वस्त हुए.

    मसूद अजहर के परिवार को बड़ा झटका
    भारत की इस कार्रवाई का असर जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर के परिवार पर भी पड़ा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर में उसके परिवार के 10 सदस्य और चार करीबी सहयोगी मारे गए हैं. खुद मसूद अजहर ने इस बात की पुष्टि की है और कहा कि “काश मैं भी इस हमले में मारा जाता.”

    इस हमले में उसकी बड़ी बहन, मौलाना कशफ का पूरा परिवार, मुफ्ती अब्दुल रऊफ के पोते-पोतियां और सबसे बड़ी बेटी के चार बच्चे घायल हुए हैं. यह भारत की सैन्य रणनीति की सफलता का स्पष्ट संकेत है.

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि मजबूत
    विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा और मानवता की रक्षा के लिए की गई है. उन्होंने कहा कि भारत ने पहले दुनिया को आतंकवाद के बारे में आगाह किया था और अब उसने अपने नागरिकों की रक्षा के लिए यह निर्णायक कदम उठाया है.

    इस ऑपरेशन की सराहना अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों और सामरिक मामलों के जानकारों द्वारा की जा रही है. कई देशों ने भारत के आत्मरक्षात्मक अधिकार को सही ठहराया है और पाकिस्तान से आतंकवाद को समर्थन बंद करने की अपील की है.

    महिला शक्ति की भूमिका
    इस ऑपरेशन में दो महिला अफसरों – लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह – की अहम भूमिका रही. कर्नल सोफिया ने जहां रणनीतिक टारगेटिंग का नेतृत्व किया, वहीं विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने एयरस्ट्राइक में अहम तकनीकी भूमिका निभाई. ये दोनों महिलाएं भारतीय सेना में महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनकर सामने आई हैं.

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    मेरठ: सेना की कार्रवाई से लोगों में खुशी की लहर, लोगों ने मिठाइयां बांटी- INDIA PAKISTAN WAR

    मेरठ: पाकिस्तान में छिपे आतंकियों के खिलाफ भारतीय सेना की कार्रवाई (INDIA PAKISTAN WAR) के बाद पूरे देश में जोश और उत्साह की लहर है. मेरठ में भी सेना की इस कार्रवाई पर लोगों ने जमकर खुशी जताई. शहर की सड़कों से लेकर मोहल्लों तक भारत माता की जय और मोदी जिंदाबाद के नारे गूंज उठे.

    सेना की ओर से आतंकियों के ठिकानों पर की गई कार्रवाई के बाद मेरठ के लोगों ने मिठाइयां बांटी और पटाखे चलाकर खुशी जाहिर की. विशेष रूप से ई-रिक्शा चालक संघ के लोगों ने शहर के विभिन्न इलाकों में मिठाइयां बांटकर सेना को धन्यवाद कहा. उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा सबसे पहले है और जो देश के दुश्मनों को पनाह देता है, उस पर कार्रवाई ज़रूरी थी.

    भारतीय सेना पर गर्व
    स्थानीय लोगों का कहना है कि हमें अपनी सेना पर गर्व है. मेरठ निवासी रामप्रकाश शर्मा ने कहा, “जब भी देश की रक्षा की बात आती है, हमारी सेना पीछे नहीं हटती. हमें ऐसे सटीक और कड़े एक्शन की जरूरत थी.”

    पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश
    सेना की कार्रवाई के बाद लोगों में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा भी देखने को मिला. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लगातार आतंकियों को शरण देता आया है और अब उसे उसकी भाषा में जवाब दिया जाना चाहिए.

    ई-रिक्शा संचालकों ने बांटी मिठाई
    मेरठ के ई-रिक्शा चालक संघ के सदस्य राजू ने बताया कि उन्होंने अपने स्तर पर यह तय किया कि सेना की इस बहादुरी पर मिठाइयां बांटी जाएं और लोगों को जागरूक किया जाए कि देश की सुरक्षा के लिए सेना किस हद तक जाती है.

    नारे और जोश से गूंजा मेरठ
    शहर के कई इलाकों में युवाओं ने हाथों में तिरंगा लेकर रैलियां निकालीं और ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘मोदी जिंदाबाद’ जैसे नारे लगाए. इस दौरान लोगों ने एक स्वर में कहा कि आतंक के खिलाफ कार्रवाई जारी रहनी चाहिए और सेना का मनोबल और ऊंचा किया जाना चाहिए.

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    पहलगाम हमला: NSA अजीत डोभाल ने 24 घंटे में दो बार की पीएम मोदी से मुलाकात, पाकिस्तान पर हमले की तैयारी?- INDIA PAKISTAN TENSION

    नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव (INDIA PAKISTAN TENSION) एक बार फिर चरम पर है. इस बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर अहम मुलाकात की. केंद्र सरकार आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की रणनीति बनाने में जुटी हुई है. सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी बीते 24 घंटों में दूसरी बार एनएसए डोभाल से मिल चुके हैं. यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब देशभर में 7 मई को बड़े पैमाने पर मॉक ड्रिल का आयोजन होने जा रहा है, जिसका उद्देश्य आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा तैयारियों को परखना है.

    हमले के बाद हाई-लेवल मीटिंग का दौर
    प्रधानमंत्री मोदी पहलगाम हमले के बाद से लगातार उच्च स्तरीय बैठकों की अध्यक्षता कर रहे हैं. उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और सेना, नौसेना और वायुसेना प्रमुखों के साथ कई बार बैठकें की हैं. इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की रणनीति बनाना है. सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री ने सशस्त्र बलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे भारत की प्रतिक्रिया की प्रकृति, लक्ष्य और समय तय करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं. (INDIA PAKISTAN TENSION)

    मॉक ड्रिल को लेकर गृह मंत्रालय सक्रिय
    देशभर में 7 मई को होने वाली मॉक ड्रिल को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क है. दिल्ली में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए. बताया जा रहा है कि यह मॉक ड्रिल 1971 के बाद पहली बार इतने बड़े स्तर पर की जा रही है. उस वर्ष भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ था. इस बार मॉक ड्रिल में एयर रेड सायरन, ब्लैकआउट, आपात निकासी जैसी गतिविधियां शामिल होंगी. नागरिकों, खासकर छात्रों को सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जाएगी.

    पहलगाम आतंकी हमले ने देश को झकझोर दिया
    22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था. इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे. इस हमले ने 2019 के पुलवामा हमले की भयावहता की याद दिला दी, जिसमें 40 जवान शहीद हुए थे. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक इस हमले के पीछे पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ हो सकता है. हमले के बाद से नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है.

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