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Author: Sandeep Kumar

  • मेरठ: मनचलों ने पुलिसकर्मी की पत्नी पर किए भद्दे कमेंट, पीड़िता ने PM और CM से लगाई मदद की गुहार- MEERUT CRIME NEWS

    मेरठ: मनचलों ने पुलिसकर्मी की पत्नी पर किए भद्दे कमेंट, पीड़िता ने PM और CM से लगाई मदद की गुहार- MEERUT CRIME NEWS

    मेरठ: जनपद के ब्रहमपुरी थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक पुलिसकर्मी की पत्नी ने अपने पड़ोस में रहने वाले कुछ मनचलों के खिलाफ गंभीर आरोप (MEERUT CRIME NEWS) लगाए हैं. पीड़िता का कहना है कि इलाके के तीन लोग—सोबी उर्फ शाहरुख, उसका भाई अनस और उनके पिता नौशाद—लगातार उसे और उसके परिवार को प्रताड़ित कर रहे हैं. पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है.

    आपको बता दें कि सोमवार को पीड़िता ब्रहमपुरी क्षेत्र के सीओ कार्यालय पहुंची और पूरे मामले की विस्तार से जानकारी दी. महिला ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि वह पहले भी इन आरोपियों के खिलाफ शिकायत कर चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उनका पूरा परिवार भय और तनाव के माहौल में जी रहा है. (MEERUT CRIME NEWS)

    पुलिसकर्मी की पत्नी का आरोप
    पीड़िता ने बताया कि शाहरुख और अनस पिछले पांच-छह महीनों से उसका पीछा कर रहे हैं और उस पर अश्लील टिप्पणियां कर रहे हैं. जब उसने विरोध किया, तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई. महिला का कहना है कि इन लोगों ने उसकी नाबालिग बेटी के साथ भी बदतमीजी की है. जब महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, तो आरोपियों ने पलटकर उसके पति रियाज अली के खिलाफ ही मुकदमा करवा दिया. रियाज अली यूपी पुलिस में कार्यरत हैं और वर्तमान में मेरठ में तैनात हैं.

    “शिकायत के बाद भी नहीं हुई कोई सख्त कार्रवाई”
    पीड़िता ने कहा कि उसने डायल 100 पर भी कॉल कर शिकायत दी थी, लेकिन आरोपियों को पुलिस का कोई डर नहीं है. आरोप है कि इन लोगों ने मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों के साथ भी बदसलूकी की और उनके साथ हाथापाई की. पीड़िता ने बताया कि 164 के तहत उसका बयान भी दर्ज हो चुका है और वह कई बार उच्च अधिकारियों को इस मामले से अवगत करा चुकी है, लेकिन अभी तक न तो कोई गिरफ्तारी हुई है और न ही ठोस कार्रवाई.

    आरोपियों के खिलाफ कई गंभीर मुकदमे दर्ज
    पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मुख्य आरोपी सोबी उर्फ शाहरुख पर पहले से ही कई मुकदमे दर्ज हैं. स्थानीय निवासियों के अनुसार, वह अक्सर मोहल्ले में लोगों को धमकाता है और रंगदारी मांगता है. पीड़िता ने यह भी बताया कि शाहरुख का पिता नौशाद एक हिस्ट्रीशीटर है, और उसकी बहन भी झूठे मुकदमों में लोगों को फंसाने के लिए बदनाम है.

    पीड़िता ने सीएम और पीएम से लगाई गुहार
    सीओ कार्यालय पहुंची महिला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि ऐसे असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की जाए. उसने कहा कि ये लोग महिलाओं का जीवन नर्क बना रहे हैं और समाज को गंदा कर रहे हैं.

    पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
    पुलिस ने महिला की तहरीर के आधार पर सोबी, अनस और नौशाद के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. हालांकि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

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  • मेरठ: स्कॉर्पियो खरीदने के लिए बुजुर्ग दंपत्ति को लूटा, तमंचे के बल पर आशीर्वाद लेने वाले 6 लुटेरे गिरफ्तार- MEERUT CRIME NEWS

    मेरठ: स्कॉर्पियो खरीदने के लिए बुजुर्ग दंपत्ति को लूटा, तमंचे के बल पर आशीर्वाद लेने वाले 6 लुटेरे गिरफ्तार- MEERUT CRIME NEWS

    मेरठ: जनपद में पुलिस ने एक ऐसे अनोखे लूट कांड (MEERUT CRIME NEWS) का खुलासा किया है, जिसने न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी, बल्कि इंसानियत को भी शर्मसार कर दिया. इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने स्कॉर्पियो गाड़ी खरीदने के लिए एक बुजुर्ग दंपत्ति के घर में लूटपाट की थी. इतना ही नहीं, लूट के बाद यह लुटेरे तमंचे के बल पर बुजुर्गों से आशीर्वाद लेकर मौके से फरार हो गए.

    यह पूरा मामला मेरठ के एक शांत मोहल्ले का है, जहां कुछ दिन पहले बुजुर्ग दंपत्ति के घर में घुसकर लुटेरों ने लाखों रुपये के जेवरात और नगदी लूट ली थी. इस घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल था. लेकिन अब पुलिस ने इस मामले को सुलझाते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से बड़ी मात्रा में लूटा गया सामान भी बरामद किया है. (MEERUT CRIME NEWS)

    शादी में जाना था, पर स्कॉर्पियो नहीं थी…
    इस केस में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि लुटेरों की इस पूरी योजना के पीछे एक बेहद हास्यास्पद कारण छिपा था – स्कॉर्पियो गाड़ी खरीदना. एसपी देहात डॉ. राकेश कुमार मिश्रा के मुताबिक, यह गिरोह शादी में जाने के लिए स्कॉर्पियो खरीदना चाहता था, लेकिन पैसे नहीं थे. इसी कारण इन्होंने लूट की योजना बनाई और बुजुर्ग दंपत्ति को निशाना बनाया.

    पुलिस की पकड़ में अनोखा गैंग
    मेरठ पुलिस ने गंभीरता से इस मामले की जांच की और मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए इस अनोखे गैंग को दबोच लिया. पकड़े गए आरोपियों में से अधिकतर युवा हैं और बेरोजगारी से परेशान थे. पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि स्कॉर्पियो खरीदने के लिए उन्होंने लूट को अंजाम दिया.

    आरोपियों के कब्जे से लूट का सामान और तमंचा बरामद. (वीडियो- Nation Now Samachar)

    तमंचे के बल पर आशीर्वाद
    इस वारदात में सबसे हैरान कर देने वाली बात यह थी कि आरोपियों ने लूटपाट के बाद बुजुर्गों से जबरन आशीर्वाद लिया. बुजुर्ग दंपत्ति ने डर के मारे हाथ उठाकर दुआ दी, जबकि उनका पूरा घर तहस-नहस हो चुका था.

    सोना गलवा दिया, फिर भी पकड़े गए
    एसपी देहात डॉ. राकेश कुमार मिश्रा ने जानकारी दी कि आरोपियों ने लूट के बाद जेवरात को एक सुनार के जरिए गलवा दिया था, ताकि पहचान न हो सके. लेकिन पुलिस की सतर्कता के चलते उन्हें बरामद कर लिया गया. पुलिस ने लूट में प्रयुक्त तमंचा, नगदी, और गलाया हुआ सोना भी कब्जे में लिया है.

    आरोपियों से पूछताछ जारी
    पुलिस अब इन आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि इनका संबंध किसी अन्य लूट की घटनाओं से तो नहीं है. पुलिस का मानना है कि इनकी गिरफ्तारी से मेरठ और आसपास के इलाकों में लूट की घटनाओं पर अंकुश लगेगा.

    ये भी पढ़ें- कानपुर अग्निकांड: पति-पत्नी और 3 बेटियों की जिंदा जलकर मौत, प्रत्यक्षदर्शियों की रूह कांपी- KANPUR FIRE INCIDENT

  • कानपुर अग्निकांड: पति-पत्नी और 3 बेटियों की जिंदा जलकर मौत, प्रत्यक्षदर्शियों की रूह कांपी- KANPUR FIRE INCIDENT

    कानपुर अग्निकांड: पति-पत्नी और 3 बेटियों की जिंदा जलकर मौत, प्रत्यक्षदर्शियों की रूह कांपी- KANPUR FIRE INCIDENT

    कानपुर: ज़िंदगी कब करवट बदल ले और मौत सामने आ खड़ी हो, कोई नहीं जानता. कुछ ऐसा ही दर्दनाक मंजर रविवार रात को उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर के चमनगंज थाना क्षेत्र स्थित प्रेमनगर में सामने आया, जहां पांच मंजिला इमारत में भीषण आग (KANPUR FIRE INCIDENT) लगने से एक ही परिवार के पांच लोगों की जलकर मौत हो गई. यह हादसा तब हुआ जब एक इलेक्ट्रिशियन घर की लाइट ठीक कर रहा था और अचानक शॉर्ट सर्किट से आग लग गई. मरने वालों में मोहम्मद दानिश खान, उनकी पत्नी नाजमी, और तीन बेटियां—सारा, सिमरा और इनाया शामिल हैं. इस हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया.

    दानिश ने पहले पिता को बचाया, फिर खुद जिंदगी गंवा दी
    पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे दानिश के भाई कासिफ के मित्र आसिफ ने बताया कि जब आग लगी, उस वक्त दानिश खान नीचे अपने ऑफिस में बैठे थे. आग की खबर मिलते ही उन्होंने तुरंत 80 साल से अधिक उम्र के अपने पिता अकील को सुरक्षित बाहर निकाला. लेकिन जब वे तीसरी मंज़िल पर पत्नी और बच्चों को बचाने दोबारा गए, तो वापसी नहीं हो सकी. आग और धुएं की चपेट में आकर वे अपने पूरे परिवार के साथ जिंदा जल गए.

    10 घंटे तक नहीं बुझी आग, राहत कार्यों में देरी
    इस भयावह अग्निकांड को करीब 10 घंटे बीत चुके थे, लेकिन इमारत से अब भी धुआं और गर्म लपटें निकल रही थीं. एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर आग बुझाने की कोशिश में लगी थी. मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा खुद मौके पर पहुंचे और टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया. बिल्डिंग के आसपास के मकानों को तत्काल खाली कराया गया और अधिकारियों ने मीडिया को अंदर जाने से रोक दिया है.

    शॉर्ट सर्किट बना हादसे की वजह
    दानिश के परिजनों ने बताया कि उस रात लाइट में दिक्कत आ रही थी, इसलिए दानिश ने इलेक्ट्रिशियन को बुलाया था. जैसे ही लाइट सुधारने का प्रयास शुरू हुआ, शॉर्ट सर्किट से आग लग गई. बिल्डिंग में पुराने जूते और कबाड़ रखा हुआ था, जिससे आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया. हादसे के समय दानिश, उनकी पत्नी और तीनों बेटियां घर में मौजूद थीं. कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू भी पा लिया गया है.

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  • मेरठ- पहलगाम हमले के विरोध में उतरा मुस्लिम समाज, बुजुर्ग ने भावुक होकर कही ये बात- MUSLIM COMMUNITY PROTEST

    मेरठ- पहलगाम हमले के विरोध में उतरा मुस्लिम समाज, बुजुर्ग ने भावुक होकर कही ये बात- MUSLIM COMMUNITY PROTEST

    मेरठ- पहलगाम में हुए आतंकी हमले के खिलाफ देशभर में आक्रोश देखने को मिल रहा है. इसी कड़ी में मेरठ में भी जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया. इस प्रदर्शन में मुस्लिम समाज (MUSLIM COMMUNITY PROTEST) के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आतंकवाद के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया. प्रदर्शनकारियों ने कमिश्नर चौराहे पर प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए और आतंकवाद की कड़ी निंदा की. प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चालक भी शामिल हुए जिन्होंने हमले के खिलाफ खुलकर अपनी बात रखी.

    प्रदर्शन के दौरान भावुक हुआ बुजुर्ग
    प्रदर्शन के दौरान एक बुजुर्ग मुस्लिम ने भावुक होकर कहा, “अगर प्रधानमंत्री हमें इजाजत दें, तो हम अपनी जान की बाजी लगाकर आतंकियों को टुकड़े-टुकड़े कर देंगे.” उनका यह बयान वहां मौजूद हर व्यक्ति को झकझोर गया. उन्होंने कहा कि यह हमला किसी एक मजहब पर नहीं, बल्कि पूरे हिंदुस्तान पर हुआ है, और हर आम नागरिक का खून इस घटना से खौल रहा है. बुजुर्ग ने यह भी कहा कि “भारतवासी एकजुट हैं और आतंकवाद के खिलाफ किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं.” उनका कहना था कि आतंकवादी न तो किसी मजहब का प्रतिनिधित्व करते हैं और न ही इंसानियत का.

    पाकिस्तान पर जमकर साधा निशाना
    प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान को आतंकवाद का समर्थक बताते हुए उस पर कड़ा हमला बोला. उनका कहना था कि पाकिस्तान को पहले खुद को संभालना चाहिए क्योंकि भारत उससे कहीं अधिक शक्तिशाली और विकसित देश है. प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से मांग की कि आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं और इस हमले के दोषियों को जल्द से जल्द सजा दी जाए. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि हर भारतीय की जिम्मेदारी है.

    पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में मुस्लिम समाज का विरोध प्रदर्शन.

    सैलानियों की जान बचाने वाले आम कश्मीरी को सम्मानित करने की मांग
    प्रदर्शन के दौरान लोगों ने अलाउद्दीन नामक आम कश्मीरी की बहादुरी की भी प्रशंसा की, जिन्होंने पहलगाम हमले के दौरान सैलानियों की जान बचाई. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि ऐसे वीर नागरिकों को सम्मानित किया जाए और उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार दिया जाए. उनका कहना था कि यही असली कश्मीरियत है, जो आतंकवाद के खिलाफ खड़ी है.

    ई-रिक्शा चालकों ने भी दिखाई एकजुटता
    प्रदर्शन में शामिल ई-रिक्शा चालकों ने अपने काम को कुछ देर के लिए रोक कर विरोध प्रदर्शन में भाग लिया. उन्होंने कहा कि वो आम लोग हैं, लेकिन अगर देश की जरूरत पड़ी तो आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में आगे रहेंगे. उनका स्पष्ट संदेश था – “हम भारतवासी हैं, और हम किसी भी आतंकवादी सोच को भारत में पनपने नहीं देंगे.”

    ये भी पढ़ें- मेरठ हिजाब विवाद मामला: डीआईओएस ने दिए जांच के आदेश, सीसीटीवी की फुटेज भी मंगाई- MEERUT HIJAB ROW

  • मेरठ हिजाब विवाद: डीआईओएस ने दिए जांच के आदेश, सीसीटीवी की फुटेज भी मंगाई- MEERUT HIJAB ROW

    मेरठ हिजाब विवाद: डीआईओएस ने दिए जांच के आदेश, सीसीटीवी की फुटेज भी मंगाई- MEERUT HIJAB ROW

    मेरठ: खालसा गर्ल्स इंटर कॉलेज में हिजाब (MEERUT HIJAB ROW) पहनकर स्कूल पहुंची छात्रा को एडमिशन से रोकने के मामले में जांच बैठ गई है. डीआईओएस राजेश कुमार ने पूरे मामले का संज्ञान लिया है. उक्त टीचर को पूछताछ के लिए बुलाया है. साथ ही स्कूल के सीसीटीवी फुटेज भी मांगी है. बता दें कि मेरठ के थापर नगर स्थित खालसा गर्ल्स इंटर कॉलेज का एक वीडियो गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया. इसमें छात्रा स्कूल ऑफिस में बैठी है. उसकी एक टीचर से हिजाब पर बहस होती दिख रही है.

    छात्रा ने लगाए गंभीर आरोप
    छात्रा ने आरोप लगाया कि हिजाब पहनने की वजह से स्कूल प्रशासन ने उसे एडमिशन नहीं दिया. वीडियो में वह स्कूल ऑफिस में बैठी नजर आ रही है, जहां एक टीचर के साथ उसकी बहस हो रही है. छात्रा ने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दावा किया कि टीचर ने उसे हिजाब हटाने को कहा था.

    हालांकि, स्कूल मैनेजमेंट ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है. स्कूल प्रशासन का कहना है कि, “हमारे यहां कई मुस्लिम छात्राएं पढ़ती हैं. सभी के लिए समान नियम हैं. छात्रा को केवल चेहरा दिखाने के लिए कहा गया था, क्योंकि प्रवेश की प्रक्रिया में यह जरूरी होता है. इसे जानबूझकर गलत तरीके से वायरल किया गया है, ताकि स्कूल की छवि को नुकसान पहुंचे.”

    डीआईओएस ने दिए जांच के आदेश
    जैसे ही यह मामला सामने आया, जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) राजेश कुमार ने संज्ञान लेते हुए जांच का आदेश दिया है. डीआईओएस ने स्कूल प्रशासन से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है और सीसीटीवी फुटेज भी तलब की गई है ताकि सच सामने आ सके.

    राजेश कुमार, डीआईओएस.

    राजेश कुमार ने मीडिया को बताया, “मामला एक अल्पसंख्यक शिक्षण संस्था का है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर जांच समिति गठित की जाएगी. यह भी जांच का विषय है कि जो महिलाएं वीडियो में नजर आ रही हैं वे वास्तव में छात्राएं हैं या नहीं. इस मामले में किसी भी प्रकार की धार्मिक या सामाजिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे, इसके लिए जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होगी.”

    स्कूल का पक्ष
    स्कूल की प्रिंसिपल का कहना है कि दो महिलाएं बच्चियों का प्रवेश कराने आई थीं. प्रवेश प्रक्रिया के दौरान एक टीचर ने उनसे चेहरा दिखाने का अनुरोध किया, जिससे वे नाराज हो गईं और बहस शुरू हो गई. इसी बहस के दौरान वीडियो बनाया गया और वायरल कर दिया गया. प्रिंसिपल ने आगे कहा, “हमारे यहां हर धर्म और समुदाय की छात्राएं पढ़ती हैं. हिजाब या किसी अन्य धार्मिक प्रतीक से किसी को रोकने का कोई नियम स्कूल में नहीं है. वायरल वीडियो का उद्देश्य केवल गलतफहमी फैलाना है.”

    बोर्ड परीक्षा सेंटर भी है खालसा स्कूल
    गौरतलब है कि खालसा गर्ल्स इंटर कॉलेज, मेरठ में बोर्ड परीक्षा का सेंटर भी रहता है, ऐसे में इस तरह की घटनाओं का सामने आना शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. जांच अधिकारी इस बात की भी पुष्टि करेंगे कि कहीं यह मामला बोर्ड परीक्षा या किसी अन्य प्रवेश प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए तो नहीं उठाया गया.

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    केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुले, पहले दर्शन पीएम मोदी के नाम, 108 क्विंटल फूलों से सजा पावन धाम – KEDARNATH DHAM

    रुद्रप्रयाग/उत्तराखंड– उत्तराखंड की प्रतिष्ठित चारधाम यात्रा का शानदार आगाज हो गया है. आज शुक्रवार 2 मई 2025 को रुद्रप्रयाग स्थित केदारनाथ धाम (KEDARNATH DHAM) के कपाट सुबह 7 बजे श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं. बैशाख मास, मिथुन राशि और वृष लग्न के शुभ संयोग में पूरे वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ भगवान केदारनाथ के कपाट खोले गए. इस शुभ अवसर पर लगभग 15,000 श्रद्धालु केदारनाथ धाम में मौजूद रहे और बाबा केदार के जयकारों से पूरी घाटी गूंज उठी.

    इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से बाबा केदार की पहली पूजा संपन्न कराई गई, जो कि एक आध्यात्मिक परंपरा और श्रद्धा का प्रतीक है.

    पंचमुखी डोली ने आगमन, मंदिर की भव्य सजावट
    1 मई की शाम को बाबा केदार की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली केदारनाथ धाम () पहुंच गई थी. डोली के पहुंचने के बाद उसे मंदिर के भंडार गृह में विधिपूर्वक विराजमान किया गया. परंपरानुसार यह डोली उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर से रवाना हुई थी, और हज़ारों श्रद्धालु इस यात्रा में डोली के साथ पैदल चलते हुए केदारनाथ पहुंचे. केदारनाथ मंदिर को इस विशेष अवसर पर 108 क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया, जिसने मंदिर परिसर को एक आध्यात्मिक सौंदर्य प्रदान किया.

    chardham yatra 2025
    बाबा केदारनाथ की उत्सव डोली 1 मई को धाम पहुंची.

    यात्रा को सरल बनाने के प्रयास- सीएम धामी
    मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि केदारनाथ यात्रा को सुगम बनाने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं. उन्होंने कहा, “हमने इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर हेल्थ सुविधाओं तक हर पहलू पर काम किया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो.” उन्होंने बाबा से प्रार्थना की कि सभी श्रद्धालुओं की यात्रा मंगलमय हो. सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से ही 2013 की विनाशकारी आपदा के बाद केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य संभव हो सके. आज धाम की भव्यता और सुव्यवस्था उसी संकल्प का परिणाम है.

    चारधाम यात्रा की शुरुआत
    चारधाम यात्रा की शुरुआत 30 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धामों के कपाट खुलने से हो चुकी है. अब 4 मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा पूर्ण रूप से आरंभ हो जाएगी. यह यात्रा अगले छह महीनों तक चलेगी, जिसमें लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड के इन पवित्र धामों के दर्शन करेंगे.

    सुरक्षा और राष्ट्रीय मुद्दों पर प्रतिक्रिया
    पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हाल में हुए पहलगाम आतंकी हमले के संदर्भ में हमारी सेना उचित समय पर उचित कार्रवाई करेगी. उन्होंने देश की सुरक्षा पर विश्वास जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सीमाएं सुरक्षित हैं.

    chardham-yatra-2025

    अगले 6 महीने तक चलेगी चारधाम यात्रा
    आपको बता दें कि चारधाम यात्रा अगले 6 महीने तक चलेगी. अब 4 मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने हैं. बदरीनाथ धाम के कपाट जब खुलेंगे तो तब चारधाम यात्रा पूरी तरह शुरू हो जाएगी. यमुनोत्री और गंगोत्री धामों के कपाट 30 अप्रैल को खुल चुके हैं.

  • उत्तर प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में तेज बारिश और हवाओं से तापमान में गिरावट- UP WEATHER ALERT

    उत्तर प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में तेज बारिश और हवाओं से तापमान में गिरावट- UP WEATHER ALERT

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शुक्रवार सुबह से ही मौसम ने करवट ले ली है. गुरुवार रात से ही तेज हवाओं और बादलों की आवाजाही के बीच शुक्रवार को कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई. मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव 24 अप्रैल को सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुआ है. विभाग ने पहले ही राज्य के 62 जिलों में तेज बारिश और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी थी.

    आगरा: गुरुवार रात से ही मौसम में बदलाव देखा गया. सुबह करीब 6 बजे गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हुई. ठंडी हवाओं ने तापमान में गिरावट लाकर मौसम को सुहाना बना दिया. मौसम विभाग ने 5 मई तक बारिश और आंधी की संभावना जताई है. बारिश के कारण स्कूलों में छुट्टी कर दी गई.

    बुलंदशहर: शुक्रवार सुबह से ही हो रही बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी है. तेज हवाओं के बीच लगातार बारिश हो रही है.

    मथुरा: सुबह 4 बजे से रुक-रुककर हो रही बारिश के साथ तेज हवाएं चल रही हैं. गरज-चमक के साथ बौछारों से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है.

    अलीगढ़: तेज हवाओं और झमाझम बारिश ने मौसम को ठंडा कर दिया है. हालांकि, लगातार बारिश के कारण शहर के निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं, जिससे यातायात और जनसुविधाओं पर असर पड़ा है.

    सीएम योगी ने दिए निर्देश
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौसम में हो रहे बदलाव और आपदा की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट रहने और राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि अधिकारी क्षेत्र का भ्रमण कर राहत कार्यों पर नजर रखें. आंधी-बारिश, बिजली गिरने या ओलावृष्टि से अगर जनहानि या पशुहानि होती है, तो प्रभावितों को तत्काल राहत राशि वितरित की जाए. घायलों का समुचित इलाज कराया जाए. फसलों की क्षति का आकलन कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाए.

    सीएम योगी ने निर्देश दिए हैं कि जलभराव की स्थिति में तत्काल जल निकासी की व्यवस्था की जाए. मुख्यमंत्री ने गोरखपुर और बस्ती में आकाशीय बिजली गिरने से हुई मौतों पर शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों को अनुमन्य राहत राशि तत्काल देने और घायलों के समुचित इलाज के निर्देश भी दिए हैं.

    इन जिलों में वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना
    मौसम विभाग ने वज्रपात और तेज झोंकेदार हवाओं की संभावना जिन जिलों में जताई है, उनमें प्रमुख रूप से लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर, वाराणसी, मेरठ, गाजियाबाद, बरेली, मुरादाबाद, अयोध्या, सुल्तानपुर, बलिया, मऊ, देवरिया, संत कबीर नगर, बस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, अमेठी, सहारनपुर, शामली आदि शामिल हैं. लोगों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें, बिना जरूरत के घर से बाहर न निकलें, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूरी बनाए रखें.

  • औरैया- सेंगर नदी में नहाने गए 3 छात्रों की डूबने से मौत, मरने वालों में दो सगे भाई शामिल- THREE DIED IN AURAIYA

    औरैया- सेंगर नदी में नहाने गए 3 छात्रों की डूबने से मौत, मरने वालों में दो सगे भाई शामिल- THREE DIED IN AURAIYA

    औरैया- उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। स्कूल से लौटने के बाद नहाने के लिए सेंगर नदी गए छह छात्रों में से तीन की डूबकर मौत (THREE DIED IN AURAIYA) हो गई, जिनमें दो सगे भाई भी शामिल थे। तीन अन्य छात्रों को समय रहते स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मृतकों में असवी गांव, कानपुर देहात के रहने वाले दो सगे भाई और एक अन्य किशोर शामिल हैं।

    घटना सदर कोतवाली क्षेत्र के जौरा गांव की है, जहां गुरुवार दोपहर को छह छात्र स्कूल से लौटने के बाद सेंगर नदी में नहाने चले गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सभी छात्र नदी के गहरे हिस्से में चले गए और डूबने लगे। स्थानीय लोगों ने शोर सुनकर मौके पर पहुंचकर बचाव का प्रयास किया, लेकिन तब तक तीन छात्रों की जान जा चुकी थी।

    मृतकों की पहचान
    आर्यन (कक्षा 9)
    हरसु (कक्षा 8) — दोनों सगे भाई, पिता का नाम दिनेश बाबू
    कृष्णा सिंह (उम्र 15 वर्ष, कक्षा 8), पिता: वीर सिंह

    तीनों छात्र असवी गांव (कानपुर देहात) के रहने वाले थे और अवधेश सिंह इंटर कॉलेज में पढ़ते थे। गुरुवार को परीक्षा देने के बाद वे नदी में नहाने गए थे।

    प्रशासन की कार्रवाई
    घटना की सूचना मिलते ही एसीपी औरैया अभिजीत आर. शंकर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और कानूनी कार्यवाही की जा रही है। असवी गांव के थाना प्रभारी को भी सूचना दे दी गई है ताकि मृतकों के परिवार को उचित सहायता मिल सके।

    परिजनों में मचा कोहराम
    हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया है। एक साथ दो बेटों को खोने वाले दिनेश बाबू और कृष्णा के पिता वीर सिंह की हालत बेहद खराब है। गांव में शोक की लहर है और प्रशासन से मदद की मांग की जा रही है।

  • लखनऊ: समाजवादी पार्टी के नए पोस्टर से राजनीति गरमाई, सड़कों पर उतरे भाजपाई- Akhilesh Yadav Poster Controversy

    लखनऊ: समाजवादी पार्टी के नए पोस्टर से राजनीति गरमाई, सड़कों पर उतरे भाजपाई- Akhilesh Yadav Poster Controversy

    लखनऊ: समाजवादी पार्टी के कार्यालय के बाहर लगे एक पोस्टर को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में तूफान खड़ा हो गया है. लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यालय के बाहर लगे एक होर्डिंग (Akhilesh Yadav Poster Controversy) ने प्रदेश की सियासी फिजाओं को गरमा दिया है. इस पोस्टर में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की आधी तस्वीर हटाकर उनकी जगह सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की तस्वीर लगा दी गई है. इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने कड़ा विरोध जताया है.

    सोमवार सुबह जब लोगों ने सपा कार्यालय के बाहर यह पोस्टर देखा, तो सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक विरोध की लहर फैल गई. बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने राजधानी लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया. बड़ी संख्या में कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए अखिलेश यादव से माफी की मांग कर रहे हैं. बीजेपी के नगर अध्यक्ष और विधायक नीरज बोरा के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ गए हैं. उनके हाथों में बैनर और पोस्टर हैं, जिन पर अखिलेश यादव के खिलाफ जमकर नारे लिखे हैं.

    एक महिला बीजेपी कार्यकर्ता ने कहा, “यह सिर्फ एक तस्वीर नहीं, हमारे संविधान और दलित सम्मान पर हमला है. अखिलेश यादव को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए.” वहीं एक अन्य कार्यकर्ता ने कहा कि सपा जानबूझकर दलित प्रतीकों का अपमान कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

    बसपा ने जताई कड़ी आपत्ति
    विवाद को और हवा तब मिली जब बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर डॉ. अंबेडकर के नाम और तस्वीरों का राजनीतिक इस्तेमाल बंद नहीं किया गया तो बसपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे. मायावती ने ट्वीट कर कहा, “डॉ. अंबेडकर की छवि से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी.”

    उधर, समाजवादी पार्टी ने पूरे विवाद को “राजनीतिक साजिश” करार दिया है. सपा प्रवक्ता का कहना है कि पोस्टर किसी आम समर्थक द्वारा लगाया गया है और पार्टी की इसमें कोई भूमिका नहीं है. उन्होंने कहा कि भाजपा और बसपा जानबूझकर इस मुद्दे को तूल दे रही हैं ताकि सपा की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके.

    यह विवाद न सिर्फ राजनीतिक दलों के बीच टकराव को बढ़ा रहा है, बल्कि जातिगत भावनाओं को भी उकसा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी चुनावों से पहले ऐसे मुद्दे राजनीतिक एजेंडों को धार देने के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं. फिलहाल, लखनऊ में सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया है और पुलिस प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

  • नेपाल सीमा से सटे जिलों में योगी सरकार का बड़ा एक्शन, अवैध कब्जों और संस्थानों पर कार्रवाई तेज- YOGI GOVERNMENT ACTION

    नेपाल सीमा से सटे जिलों में योगी सरकार का बड़ा एक्शन, अवैध कब्जों और संस्थानों पर कार्रवाई तेज- YOGI GOVERNMENT ACTION

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने नेपाल सीमा से सटे जिलों में अवैध कब्जों और बिना मान्यता संचालित धार्मिक व शैक्षणिक संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई (yogi government action) शुरू कर दी है. सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 25 से 27 अप्रैल के बीच विशेष अभियान चलाकर कई जिलों में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटवाए गए. नेपाल सीमा के 10 किलोमीटर दायरे में किसी भी तरह के अवैध निर्माण को लेकर सरकार ने साफ संदेश दिया है कि अब कोई भी अनधिकृत कब्जा या गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

    बहराइच: सरकारी जमीन से कब्जे हटाए गए
    बहराइच जिले की नानपारा तहसील के अंतर्गत भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा के 10 किलोमीटर क्षेत्र में सरकारी भूमि पर 227 अवैध अतिक्रमण के मामले चिन्हित किए गए थे. इनमें से पहले से हटाए गए 63 अतिक्रमणों के अलावा 25 से 27 अप्रैल के बीच 26 और अतिक्रमण हटवाए गए. अब तक कुल 89 अवैध कब्जेदारों से जमीन को मुक्त कराया जा चुका है. राहत की बात यह रही कि यहां किसी भी अतिक्रमित स्थल पर धार्मिक या शैक्षणिक संरचना नहीं मिली.

    श्रावस्ती: अवैध मदरसों पर कार्रवाई
    श्रावस्ती जिले में बिना मान्यता के संचालित 17 मदरसों पर कार्रवाई की गई है. तहसील जमुनहा में सात और भिनगा में 10 मदरसों को वैध कागजात न होने के कारण बंद करवा दिया गया. इसके अलावा भारत-नेपाल सीमा से सटे 15 किलोमीटर तक के क्षेत्र में अस्थाई और स्थाई अवैध कब्जों के 119 मामलों में भी राजस्व संहिता की धारा-67 के तहत कार्रवाई जारी है.

    सिद्धार्थनगर और महाराजगंज: धार्मिक ढांचों पर नजर
    सिद्धार्थनगर जिले के नौगढ़ तहसील क्षेत्र में पांच स्थानों पर अवैध अतिक्रमण के तहत मस्जिद और मदरसे के निर्माण की पुष्टि हुई है. उच्चाधिकारियों के निर्देश पर यहां जांच और आगे की कार्रवाई जारी है. वहीं, शोहरतगढ़ तहसील में छह स्थानों पर अवैध निर्माण चिन्हित किए गए हैं.

    बलरामपुर: स्वतः कब्जा हटाने की पहल
    बलरामपुर जिले में सात अवैध कब्जे चिन्हित किए गए. इनमें बलरामपुर तहसील में पांच और तुलसीपुर तहसील में दो कब्जे शामिल हैं. इनमें से दो अवैध कब्जेदारों ने स्वतः कब्जा हटा लिया, जबकि बाकी मामलों में प्रशासन द्वारा राजस्व संहिता के तहत बेदखली की कार्रवाई की जा रही है.

    लखीमपुर खीरी: अवैध मस्जिद निर्माण रोका गया
    लखीमपुर खीरी जिले के तहसील पलिया के कृष्णा नगर कॉलोनी में खसरा नंबर 222 पर अनाधिकृत रूप से नमाज पढ़ी जा रही थी और मस्जिद बनाए जाने की योजना थी. प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस अवैध निर्माण को हटा दिया है. जिले के अन्य स्थानों पर भी लगातार चिन्हीकरण और कार्रवाई का सिलसिला जारी है.

    सख्ती का संदेश
    योगी सरकार ने स्पष्ट किया है कि नेपाल सीमा से सटे संवेदनशील इलाकों में किसी भी प्रकार के अतिक्रमण, धार्मिक या शैक्षणिक संस्थान के अवैध संचालन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सभी जिलों के प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि चिन्हित अवैध कब्जों को शीघ्रता से हटाकर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें. यह सख्ती न केवल सुरक्षा कारणों से उठाई गई है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से भी यह अभियान चलाया जा रहा है.