Modinagar Kanwar Camp: कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों को सुचारू और सुरक्षित सुविधा देने के लिए नगर पालिका परिषद मोदीनगर द्वारा आयोजित कांवड़ सेवा शिविर का शुभारंभ बागपत के सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी शिवभक्तों की यात्रा को सुखद, शांतिपूर्ण और सुरक्षित रहने की कामना की।
🛑 गाज़ियाबाद – मोदीनगर कांवड़ सेवा शिविर 🔹 सांसद ने नगरपालिका परिषद द्वारा आयोजित कांवड़ सेवा शिविर का किया शुभारंभ 🔹 हरिद्वार से लौट रहे शिव भक्तों की संख्या में भारी इज़ाफा 🔹 सफाई, शौचालय और रुकने की पूरी व्यवस्था नगरपालिका द्वारा की गई 🔹 दिल्ली-मेरठ हाईवे पर ट्रैफिक वन-वे… pic.twitter.com/fbdJmafMce
कार्यक्रम में विधायक डॉ. मंजू शिवाच, पालिका चेयरमैन विनोद वैशाली सहित प्रशासन के कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि नगर पालिका द्वारा यात्रा मार्ग पर सफाई, अस्थायी शौचालय, चेंजिंग रूम और प्राथमिक उपचार केंद्र की व्यवस्था की गई है। Modinagar Kanwar Camp
सेवा शिविरों से बढ़ी सहूलियत- Modinagar Kanwar Camp
नगर के मुख्य राज चौराहे पर प्रमुख शिविर स्थापित किया गया है, जहां पुलिस और स्वास्थ्य विभाग द्वारा आपातकालीन चिकित्सा सुविधा, दवाइयां और जलपान व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है।
👮♂️ वन-वे ट्रैफिक और बैरिकेडिंग- Modinagar Kanwar Camp
एसीपी ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि हरिद्वार से लौट रहे शिवभक्तों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए दिल्ली-मेरठ हाईवे को सोमवार से वन-वे कर दिया गया है।
कादराबाद से सीकरी कलां तक के सभी छोटे-बड़े कट बंद कर दिए गए हैं।
केवल मुख्य मार्ग स्थानीय निवासियों के लिए खुले हैं।
दुपहिया और चौपहिया वाहन चालकों को रूट में बदलाव से थोड़ी असुविधा हो रही है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यह कदम जरूरी है।
📹 निगरानी के लिए 32 CCTV कैमरे- Modinagar Kanwar Camp
यात्रा की सुरक्षा और निगरानी के लिए 32 CCTV कैमरे जगह-जगह लगाए गए हैं। कादराबाद चौकी और मुख्य राज चौराहे पर बने कंट्रोल रूम से इन कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है।
प्रशासन की सतर्कता, समाज की भागीदारी
नगर पालिका, पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और समाजसेवी संगठनों के सामूहिक प्रयासों से यात्रा मार्ग पर हर प्रकार की सुविधा और सुरक्षा का ध्यान रखा गया है। यह सेवा शिविर केवल धार्मिक भावना का नहीं, बल्कि प्रशासनिक समर्पण और जन-भागीदारी का प्रतीक है।
NNS Exclusive: देश की सर्वोच्च न्यायपालिका, सुप्रीम कोर्ट, इन दिनों एक फैसले को लेकर सुर्खियों में है—और यह कोई कानूनी फैसला नहीं बल्कि एक भौतिक बदलाव है, जो अब चर्चा और सवालों के घेरे में आ गया है।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट परिसर में वर्ष 2023 में तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ के निर्देश पर पांच ऐतिहासिक अदालतों के बाहर कांच की दीवारें लगाई गई थीं। दावा था कि यह आधुनिकीकरण और एयर कंडीशनिंग के लिए आवश्यक है। लेकिन यह दीवारें न तो विचारधारा में फिट बैठीं और न ही व्यवहार में। नतीजा—सालभर बाद ही इन्हें हटाने का फैसला ले लिया गया, और इस पूरी कवायद में करोड़ों रुपये खर्च हो गए। Supreme Court Glass Wall
💰 कांच लगाने और फिर हटाने में खर्च हुए 2.68 करोड़ रुपये- Supreme Court Glass Wall
RTI से मिली जानकारी के मुताबिक, इन कांच की दीवारों को लगाने में कुल ₹2.59 करोड़ का खर्च आया। यह कार्य M/s बीएम गुप्ता एंड सन्स द्वारा CPWD के ई-टेंडर के माध्यम से करवाया गया था। जब इन्हें हटाने की बारी आई तो उस पर ₹8.63 लाख का अतिरिक्त खर्च हुआ। इस प्रकार कुल ₹2.68 करोड़ की सार्वजनिक धनराशि एक साल के भीतर ही पानी की तरह बहा दी गई।
🛑 बार संघों का विरोध और बढ़ती अव्यवस्था
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) और सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) ने इस फैसले का खुला विरोध किया था। उनके अनुसार,
कांच की दीवारों से गलियारों की चौड़ाई घट गई।
वकीलों और आमजनों के लिए एक कोर्ट से दूसरी कोर्ट पहुंचना मुश्किल हो गया।
फैसले में कोई परामर्श नहीं लिया गया, जिससे न्यायिक भागीदारी पर भी सवाल खड़े हुए।
🔁 बदलाव पलटा, पुरानी पहचान लौटी
CJI डीवाई चंद्रचूड़ के कार्यकाल के बाद, उनके उत्तराधिकारियों CJI संजीव खन्ना और वर्तमान CJI बीआर गवई के सामने बार एसोसिएशन ने दीवारें हटाने की मांग रखी। जून 2025 में फुल कोर्ट (सभी जजों की बैठक) ने सर्वसम्मति से तय किया कि कांच की दीवारें हटाई जाएं और सुप्रीम कोर्ट को उसके “मूल स्वरूप” में लौटाया जाए।
🇮🇳 लोगो भी वापस पुराने स्वरूप में- Supreme Court Glass Wall
सिर्फ दीवारें ही नहीं, पूर्व CJI चंद्रचूड़ द्वारा बदला गया सुप्रीम कोर्ट का लोगो भी पलटा गया है। अब फिर से केंद्र में भारत का राजचिह्न वाला पुराना लोगो बहाल कर दिया गया है।
संवाददाता – प्रमोद शर्मा Kanwar Yatra Bareilly: श्रावण मास का आगाज होते ही बरेली के फरीदपुर और आसपास के इलाकों में आस्था, भक्ति और समर्पण का अनूठा संगम बन गया है। सुबह की पहली किरण के साथ ही “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से समूचा वातावरण गूंज उठता है। मंदिरों के घंट-घड़ियाल, ढोल-नगाड़े और शिवभक्तों की टोलियों की हर दिशा में उपस्थिति ने माहौल को पूरी तरह शिवमय बना दिया।
बीते रविवार की बात करें तो शाम के समय मोहल्ला परा स्थित साईं बाबा मंदिर से महंत राहुल पाठक के नेतृत्व में कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हुआ। जत्था रामगंगा के कछला घाट पहुंचा, जहां से भक्तों ने पवित्र गंगाजल भरकर सोमवार भोर में वापसी की और सिमरा बोरीपुर के गोपाल सिद्ध मंदिर, पहलऊ शिव मंदिर व पचौमी पंचेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक किया।
🙏 भक्ति, अनुशासन और सेवा का संगम- Kanwar Yatra Bareilly
इस कांवड़ यात्रा में गौरव पांडे, अभिषेक, हर्षित, श्याम वंश, अनुराग पाठक, नितिन, विकास समेत दर्जनों युवाओं ने भाग लिया। इन शिवभक्तों के चेहरों पर तप और श्रद्धा की झलक स्पष्ट दिख रही थी। कांवड़ यात्रा महज एक धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि एक सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजन बन गई जिसमें युवा वर्ग की ऊर्जा, अनुशासन और आस्था झलक रही थी।
👮 प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा रही चाकचौबंद- Kanwar Yatra Bareilly
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और बढ़ते जनसैलाब को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय रहा। फरीदपुर सीओ संदीप सिंह स्वयं क्षेत्र में निरीक्षण करते नजर आए। कोतवाली प्रभारी राधेश्याम ने अपनी टीम के साथ विभिन्न मंदिरों और मार्गों पर निगरानी रखी। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए स्वयंसेवी संगठनों ने भी श्रद्धालुओं की सेवा में भरपूर योगदान दिया।
🛕 शिवमंदिरों में उमड़ा जनसैलाब- Kanwar Yatra Bareilly
नगर के प्रमुख शिवालयों—शिव मंदिर, महादेव मंदिर, मौनी महादेव मंदिर और पचौमी मंदिर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में पहलऊ नाथ और बाबा भोलेनाथ मंदिरों पर भी सुबह से भक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने बिल्वपत्र, धतूरा, गंगाजल और भांग अर्पित कर भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया।
🌸 समाजिक समरसता का प्रतीक
श्रावण सोमवार की यह पावन शुरुआत केवल भक्ति का स्वरूप नहीं थी, बल्कि यह भारतीय समाज में समरसता, संयम और सेवा का आदर्श उदाहरण भी प्रस्तुत कर रही थी। युवा कांवड़ियों की भक्ति, प्रशासन का अनुशासन और समाज की सहभागिता ने फरीदपुर को श्रद्धा और प्रबंधन का उत्कृष्ट केंद्र बना दिया।
Etah Jain Idol discovery: एटा जनपद के रिजोर गांव में जल निगम द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य के दौरान एक दुर्लभ प्राचीन जैन मूर्ति मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। जून माह में ग्राम समाज की भूमि गाटा संख्या 479 ख पर ओवरहेड टैंक निर्माण के लिए की जा रही खुदाई में यह मूर्ति मजदूरों को मिली। मूर्ति मिलने के बाद जैन और बौद्ध समुदायों में स्वामित्व को लेकर विवाद की स्थिति पैदा हो गई।
🚨 ब्रेकिंग – एटा में जल निगम की खुदाई में मिली प्राचीन मूर्ति 🚨 🔹 रिजोर गांव में जल निगम की खुदाई के दौरान मिली ऐतिहासिक मूर्ति 🔹 मूर्ति मिलने के बाद जैन और बौद्ध समुदायों के बीच स्वामित्व को लेकर विवाद 🔹 ASI ने जांच के बाद मूर्ति को 10वीं-11वीं शताब्दी की जैन मूर्ति बताया… pic.twitter.com/0bJGCYIEn9
22 जून को कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से इस मूर्ति को रिजोर थाना परिसर में सुरक्षित रखा गया था। इसके बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) आगरा सर्किल की टीम ने स्थल का निरीक्षण किया और पुष्टि की कि यह मूर्ति जैन धर्म से संबंधित है तथा यह 10वीं से 11वीं शताब्दी ईस्वी की है। यह प्रतिमा अब “पुरावशेष” की श्रेणी में आती है।
ASI की अधीक्षक पुरातत्वविद डॉ. स्मिता एस. कुमार को मूर्ति सौंप दी गई है, जो अब इसका संरक्षण करेंगी और ऐतिहासिक संदर्भ में इसका उपयोग सुनिश्चित करेंगी। Etah Jain Idol discovery
जिला मजिस्ट्रेट प्रेम रंजन सिंह ने स्पष्ट किया कि मूर्ति ग्राम समाज की भूमि से प्राप्त हुई है, अतः किसी व्यक्ति द्वारा इसका निजी स्वामित्व दावा मान्य नहीं होगा। मूर्ति का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यधिक है, जिससे इस क्षेत्र की प्राचीन विरासत का नया अध्याय जुड़ गया है।
Shubhanshu Shukla Return: भारत के लिए 15 जुलाई 2025 का दिन इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया, जब भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी की। Axiom-4 मिशन के तहत यह यात्रा न केवल भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में एक मील का पत्थर है, बल्कि यह देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का एक नया स्रोत भी बन गया है। शुभांशु शुक्ला, जो भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री हैं जिन्होंने ISS पर कदम रखा, ने 18 दिन अंतरिक्ष में बिताए और कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोग किए। उनकी इस उपलब्धि ने भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन की नींव को और मजबूत किया है।
Axiom-4 मिशन: भारत की अंतरिक्ष यात्रा में नया अध्याय- Shubhanshu Shukla Return
Axiom-4 मिशन एक निजी अंतरिक्ष मिशन है, जिसे अमेरिकी कंपनी स्पेसएक्स और Axiom Space ने संयुक्त रूप से संचालित किया। इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल थे, जिनमें शुभांशु शुक्ला मिशन पायलट की भूमिका में थे। उनके साथ थे कमांडर पैगी व्हिटसन (अमेरिका), मिशन स्पेशलिस्ट स्लावोज उज्नान्स्की-विस्नीव्स्की (पोलैंड), और टिबोर कापु (हंगरी)। यह मिशन भारत, पोलैंड, और हंगरी के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण था, क्योंकि इन देशों ने चार दशकों बाद अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर अपनी उपस्थिति दर्ज की।
— All India Radio News (@airnewsalerts) July 15, 2025
25 जून 2025 को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट के जरिए लॉन्च हुआ ड्रैगन ग्रेस स्पेसक्राफ्ट 26 जून को ISS के हार्मनी मॉड्यूल से जुड़ा। इस मिशन के दौरान शुभांशु और उनकी टीम ने 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग किए, जिनमें भारत के सात प्रयोग शामिल थे। इन प्रयोगों में माइक्रोग्रैविटी में मेथी और मूंग के बीज उगाने से लेकर सूक्ष्म शैवाल (माइक्रोएल्गी) पर शोध शामिल था, जो भविष्य की लंबी अंतरिक्ष यात्राओं के लिए खाद्य स्रोत के रूप में महत्वपूर्ण हो सकता है।
पृथ्वी पर वापसी: एक रोमांचक यात्रा- Shubhanshu Shukla Return
14 जुलाई 2025 को, भारतीय समयानुसार दोपहर 2:50 बजे, ड्रैगन ग्रेस स्पेसक्राफ्ट का हैच बंद हुआ, और शाम 4:45 बजे यह ISS से अनडॉक हुआ। लगभग 22.5 घंटे की यात्रा के बाद, 15 जुलाई को दोपहर 3:02 बजे, स्पेसक्राफ्ट ने कैलिफोर्निया के सैन डिएगो तट पर प्रशांत महासागर में स्प्लैशडाउन किया। इस प्रक्रिया में 5.7 किलोमीटर की ऊंचाई पर ड्रोग पैराशूट और 2 किलोमीटर की ऊंचाई पर मेन पैराशूट्स ने स्पेसक्राफ्ट को सुरक्षित रूप से समुद्र में उतारा। Shubhanshu Shukla Return
🚨 ब्रेकिंग एक्स पोस्ट 🚨 🔴 भारत के पहले IASS यात्री शुभांशु शुक्ला ने Axiom-4 मिशन से धरती पर की वापसी! 🔴 स्पेसएक्स का ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट कैलिफ़ोर्निया तट पर सफलतापूर्वक स्प्लैशडाउन 🔴 क्रू में शामिल रहे पैगी व्हिट्सन, स्लावोश, टिबोर कापु और भारत के शुभांशु शुक्ला 🔴… pic.twitter.com/leh3X5JdMf
वापसी की प्रक्रिया अत्यंत जटिल थी। ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट ने कई डिपार्चर बर्न्स किए, जिससे इसकी कक्षा को धीरे-धीरे पृथ्वी की ओर समायोजित किया गया। डी-ऑर्बिट बर्न ने स्पेसक्राफ्ट को पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश के लिए तैयार किया, और हीट शील्ड ने हजारों डिग्री के तापमान को सहन करते हुए अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित रखा। स्प्लैशडाउन के बाद, सभी चार अंतरिक्ष यात्रियों को रिकवरी टीम ने सुरक्षित निकाला, और उन्हें सात से दस दिनों के लिए रिहैबिलिटेशन सेंटर में भेजा गया, ताकि वे पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण में फिर से ढल सकें। Shubhanshu Shukla Return
शुभांशु शुक्ला: भारत का गर्व- Shubhanshu Shukla Return
लखनऊ में जन्मे 39 वर्षीय शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना के अनुभवी टेस्ट पायलट हैं। वे ISRO के गगनयान मिशन के लिए चुने गए चार गगनयात्रियों में से एक हैं। उनकी इस उपलब्धि ने 1984 में राकेश शर्मा की अंतरिक्ष यात्रा के बाद भारत को फिर से वैश्विक अंतरिक्ष मंच पर स्थापित किया। ISS पर अपने प्रवास के दौरान, शुभांशु ने सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में प्रयोग किए, जैसे कि पानी के व्यवहार का अध्ययन और शून्य-गुरुत्वाकर्षण में भौतिकी के प्रभावों का प्रदर्शन।
Splashdown of Dragon confirmed – welcome back to Earth, @AstroPeggy, Shux, @astro_slawosz, and Tibi!
उन्होंने अपने पहले संदेश में कहा, “नमस्कार दोस्तों, मैं अंतरिक्ष से बोल रहा हूँ। अपने साथी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ यहाँ आकर बहुत अच्छा लग रहा है। मेरे कंधे पर तिरंगा है, जो मुझे याद दिलाता है कि मैं अकेला नहीं हूँ, बल्कि पूरे भारत के साथ हूँ।” उनकी यह बात देशवासियों के दिलों को छू गई। Shubhanshu Shukla Return
Watch 📹: Visuals show IAF Group Captain Shubhanshu Shukla and the entire crew returned safely with a splashdown off the coast of California after an 18-day stay aboard the International Space Station (#ISS).#ShubhanshuShukla | #AxiomMission4 | #Axiompic.twitter.com/Wv1uRWcKYu
— All India Radio News (@airnewsalerts) July 15, 2025
भारत के लिए महत्व- Shubhanshu Shukla Return
Axiom-4 मिशन न केवल एक वैज्ञानिक उपलब्धि है, बल्कि यह भारत के अंतरराष्ट्रीय सहयोग और तकनीकी क्षमता का प्रतीक भी है। इस मिशन में NASA, ISRO, और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के बीच सहयोग देखने को मिला। शुभांशु की यात्रा ने भारत के गगनयान मिशन के लिए महत्वपूर्ण अनुभव प्रदान किया, जो 2027 में लॉन्च होने की संभावना है। यह मिशन भारत को स्वदेशी तकनीक से अंतरिक्ष में मानव भेजने वाला चौथा देश बना सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुभांशु की वापसी पर उन्हें बधाई देते हुए कहा, “यह उपलब्धि हमारे गगनयान मिशन की दिशा में एक और मील का पत्थर है। शुभांशु ने अपने साहस और समर्पण से अरबों सपनों को प्रेरित किया है।” उनकी इस यात्रा ने न केवल वैज्ञानिक समुदाय को प्रेरित किया, बल्कि देश के युवाओं को यह विश्वास दिलाया कि मेहनत और लगन से कोई भी सपना असंभव नहीं है।
वापसी की टाइमलाइन (सारणी)
तारीख
समय (IST)
इवेंट
14 जुलाई 2025
2:50 PM
ड्रैगन हैच बंद हुआ
14 जुलाई 2025
4:45 PM
ISS से स्वचालित अनडॉकिंग
14 जुलाई 2025
4:40 PM
डिपार्चर बर्न 1
14 जुलाई 2025
5:28 PM
डिपार्चर बर्न 2
14 जुलाई 2025
6:15 PM
डिपार्चर बर्न 3
15 जुलाई 2025
2:07 PM
डी-ऑर्बिट बर्न
15 जुलाई 2025
2:57 PM
ड्रोग पैराशूट डिप्लॉय
15 जुलाई 2025
2:58 PM
मेन पैराशूट डिप्लॉय
15 जुलाई 2025
3:02 PM
सैन डिएगो तट पर स्प्लैशडाउन
भविष्य की संभावनाएँ
शुभांशु शुक्ला की यह यात्रा भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए एक नया द्वार खोलती है। उनके द्वारा किए गए प्रयोग, जैसे माइक्रोएल्गी पर शोध, भविष्य में चंद्रमा या मंगल की यात्राओं के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इसके अलावा, इस मिशन ने निजी अंतरिक्ष यात्रा को बढ़ावा देने में भी योगदान दिया है। Axiom Space की योजना भविष्य में एक वाणिज्यिक अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की है, जिसमें भारत जैसे देशों की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी।
Rudrabhishek by CM Yogi: उत्तर प्रदेश में श्रावण मास की शुरुआत आध्यात्मिक आस्था और धार्मिक उत्साह के साथ हो चुकी है। श्रावण के पहले सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में विधिवत रुद्राभिषेक और हवन कर सावन की आधिकारिक शुरुआत की। इस धार्मिक अनुष्ठान के साथ ही पूरे प्रदेश में शिवभक्ति का माहौल और अधिक प्रबल हो गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ न केवल प्रदेश के मुखिया हैं, बल्कि गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर भी हैं। उन्होंने सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया। इस दौरान उन्होंने बेलपत्र, मदार पत्र, दूर्वा, कमल पुष्प, गंगाजल, दूध और विभिन्न ऋतुफलों के रस से अभिषेक किया। Rudrabhishek by CM Yogi
ब्रेकिंग – गोरखपुर / उत्तर प्रदेश CM योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में किया रुद्राभिषेक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दूध, गंगाजल और फलरस से अभिषेक सोशल मीडिया पर शेयर किया संदेश – समस्त प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना श्रावण मास के पहले दिन मंदिरों में उमड़ा भक्तों का सैलाब… pic.twitter.com/0jB5wWX9q1
राज्य सरकार द्वारा जारी बयान में बताया गया कि मुख्यमंत्री ने भगवान शिव से चराचर जगत के कल्याण और समस्त प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। हवन के दौरान वे स्वयं आचार्यगणों और पुरोहितों के साथ वैदिक मंत्रोच्चार करते नजर आए।
मुख्यमंत्री योगी ने इस शुभ अवसर पर सोशल मीडिया मंच X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा:
"देवाधिदेव महादेव के प्रिय श्रावण मास के प्रथम दिवस के पावन अवसर पर आज गोरखनाथ मंदिर में विधि-विधान से रुद्राभिषेक कर समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।"
🛕 गोरखनाथ मंदिर का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व– Rudrabhishek by CM Yogi
गोरखनाथ मंदिर केवल गोरखपुर ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण उत्तर भारत के प्रमुख शिव धामों में से एक है। श्रावण मास में इस मंदिर की महत्ता और भी अधिक बढ़ जाती है, क्योंकि यहां हर सोमवार विशेष पूजा, अभिषेक और हवन का आयोजन किया जाता है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं और भगवान शिव के दर्शन कर जलाभिषेक करते हैं। Rudrabhishek by CM Yogi
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की धार्मिक आस्था और उनका संत परंपरा से जुड़ा होना इस पूरे आयोजन को विशेष बना देता है। वह हर साल सावन मास के पहले सोमवार को गोरखनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। यह परंपरा न केवल उनके व्यक्तिगत आस्था का परिचायक है, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। Rudrabhishek by CM Yogi
🙏 श्रावण मास में शिवभक्ति की धारा– Rudrabhishek by CM Yogi
श्रावण मास को भगवान शिव का प्रिय महीना माना जाता है। इस पूरे महीने विशेष रूप से सोमवार को शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ती है। शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद और बेलपत्र अर्पित कर श्रद्धालु भगवान शिव को प्रसन्न करते हैं। इस माह में रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय जाप का विशेष महत्व होता है।
प्रदेश के कोने-कोने में श्रद्धालुओं ने सावन के पहले दिन शिव मंदिरों में दर्शन और अभिषेक कर धार्मिक रस्में निभाईं। वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, मिर्जापुर, और चित्रकूट जैसे धार्मिक शहरों में भी सावन का स्वागत विशेष आयोजनों से किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा रुद्राभिषेक के माध्यम से श्रावण मास की शुरुआत करना यह दर्शाता है कि प्रदेश सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को सम्मान देती है और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए समर्पित है।
AURAIYA LAND FRAUD: जनपद औरैया के ऐरवा कटरा थाना क्षेत्र के ग्राम कुचैला में जमीन की विरासत दर्ज कराने के नाम पर दिव्यांग युवक से फर्जी बैनामा कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित दीप सिंह ने गांव के ही शिवपाल सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी और पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। AURAIYA LAND FRAUD
📢 ब्रेकिंग न्यूज़ | औरैया (ऐरवा कटरा) 👉 विरासत के नाम पर दिव्यांग से फर्जी बैनामा कराने का गंभीर आरोप 👈 ▪️ ऐरवा कटरा थाना क्षेत्र के ग्राम कुचैला में जमीन को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा ▪️ दिव्यांग अखिलेश कुमार से विरासत दर्ज कराने के बहाने फर्जी बैनामा ▪️ गांव के शिवपाल सिंह पर… pic.twitter.com/7yWUDRN1V0
दीप सिंह ने बताया कि उनके पिता ऊदल सिंह का 11 महीने पूर्व निधन हो गया था। वे अपने छोटे भाई अखिलेश कुमार के साथ रहते हैं, जो 90 प्रतिशत दिव्यांग हैं। कुछ दिन पहले अखिलेश अपनी बहन के घर गए थे। उसी दौरान गांव के ही शिवपाल सिंह ने अखिलेश को बहला-फुसलाकर बिधूना तहसील ले जाकर उसके हिस्से की भूमि का फर्जी बैनामा करा लिया। AURAIYA LAND FRAUD
आरोप है कि शिवपाल ने अखिलेश को यह कहकर साथ चलने को कहा कि घर वाले विरासत में नाम नहीं चढ़वाएंगे, जबकि वह दिव्यांग है और उसके लिए यह ज़रूरी है। विश्वास में आकर अखिलेश उसके साथ चला गया और धोखे से उसकी जमीन किसी और के नाम रजिस्ट्री करा दी गई। AURAIYA LAND FRAUD
पीड़ित को इस पूरे फर्जीवाड़े की जानकारी तब हुई जब वह स्वयं अपनी भूमि की विरासत दर्ज कराने तहसील गया। जब दीप सिंह ने इस मामले में शिवपाल से जवाब मांगा तो उसने जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद पीड़ित ने ऐरवा कटरा थाने और जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग की है।
दीप सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि जमीन की रजिस्ट्री के दौरान किसी भी प्रकार की बैंकिंग प्रक्रिया नहीं अपनाई गई, न चेक द्वारा और न ही अकाउंट ट्रांसफर के माध्यम से कोई भुगतान हुआ, जो साफ तौर पर जालसाजी को दर्शाता है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है और दिव्यांग को न्याय कब तक मिलता है।
Hamirpur murder case: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक खौफनाक तरीके से हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया है। सुमेरपुर कस्बे के वार्ड नंबर 3 अंबेडकर नगर में देर रात एक जूती कारीगर की डंडों से पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान शिवपूजन के चाचा के रूप में हुई है, जो पिछले कई वर्षों से इलाके में जूती बनाने का कार्य कर रहे थे।
▪️ हमीरपुर में हत्याओं का सिलसिला नहीं थम रहा ▪️ सुमेरपुर के वार्ड नंबर-3 अंबेडकर नगर में जूती कारीगर की निर्मम हत्या ▪️ डंडों से पीट-पीटकर चेहरे को बुरी तरह कुचला, मौके पर ही मौत ▪️ मोहल्ले में फैली दहशत, लोग सहमे ▪️ इसी स्थान पर पहले भी हो चुकी है डंडों से पीटकर हत्या ▪️ सूचना… pic.twitter.com/NW7n0hWSPX
घटना की सूचना मिलते ही मोहल्ले में सनसनी फैल गई। लोग भयभीत होकर अपने घरों में कैद हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस टीम, CO सदर, ASP और फील्ड यूनिट ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि घटना की गहनता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
बताया जा रहा है कि इससे पहले भी इसी क्षेत्र में एक व्यक्ति की डंडों से पीटकर हत्या की जा चुकी है, जिससे यह आशंका और गहरा रही है कि मामला किसी आपसी रंजिश या संगठित साजिश का हो सकता है।
मृतक के भतीजे शिवपूजन ने बताया कि उनके चाचा का किसी से कोई विवाद नहीं था। वो शांत स्वभाव के थे और पूरे मोहल्ले में सभी से अच्छे संबंध रखते थे। एएसपी मनोज कुमार ने मीडिया को बताया कि तकनीकी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर जांच तेज़ कर दी गई है और हर एंगल से केस को खंगाला जा रहा है।
इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कोई अप्रिय स्थिति न उत्पन्न हो। लोग दहशत में हैं और प्रशासन से जल्द न्याय की मांग कर रहे हैं।
UP weather alert July 2025: उत्तर प्रदेश में सावन के आगमन से ठीक एक दिन पहले मानसून ने अपनी पूरी ताकत दिखा दी है। 11 जुलाई से शुरू हो रहे सावन के पहले ही पूरे प्रदेश में जोरदार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने राज्य के 42 से अधिक जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से बुंदेलखंड, पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के कई जिले गंभीर स्थिति में हैं।
🌧️ कहाँ-कहाँ जारी हुआ है भारी वर्षा का अलर्ट?– UP weather alert July 2025
मौसम विभाग ने बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, हमीरपुर, जालौन, झांसी, ललितपुर, महोबा और आस-पास के इलाकों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी दी है। इन जिलों में स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया है।
Realised Maximum/Minimum Temperature and Departure from Normal (In Last 24 Hours) pic.twitter.com/Fc2QUjXIKt
⚡ मेघगर्जन और वज्रपात की चेतावनी– UP weather alert July 2025
वज्रपात और मेघगर्जन की संभावना वाले जिलों में शामिल हैं: वाराणसी, संत रविदास नगर, कानपुर देहात, मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, आगरा, मैनपुरी, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, बरेली, संभल, बदायूं, मुरादाबाद, रामपुर, बिजनौर, अमरोहा, और आसपास के क्षेत्र।
इन क्षेत्रों में बिजली गिरने से हताहत होने की संभावना के चलते लोगों को खुले मैदानों से दूर रहने, मोबाइल उपयोग में सावधानी बरतने और पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी गई है।
🌦️ लखनऊ में बूंदाबांदी और तापमान में गिरावट– UP weather alert July 2025
राजधानी लखनऊ में बुधवार को सुबह से ही घने बादलों का डेरा रहा और हल्की बारिश दर्ज की गई। हवाएं 15 से 20 किमी/घंटा की रफ्तार से चलीं, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।
अधिकतम तापमान: 32°C (6°C की गिरावट)
न्यूनतम तापमान: 28°C
गुरुवार को भी हल्की बारिश और बादलों की आवाजाही बनी रहेगी।
📊 बारिश के आंकड़े: सामान्य से ज्यादा वर्षा– UP weather alert July 2025
उत्तर प्रदेश में 1 जून से 9 जुलाई तक कुल बारिश 163.4 मिमी रिकॉर्ड की गई, जो कि अनुमानित 160.8 मिमी से 2% अधिक है। वहीं पिछले 24 घंटे में 9.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो 9% अधिक है। यह आंकड़े मानसून की सक्रियता की पुष्टि करते हैं।
🌊 ललितपुर में हालात बाढ़ जैसे, रोहाणी नदी उफान पर–UP weather alert July 2025
ललितपुर में मूसलाधार बारिश से गली-मोहल्ले जलमग्न हो गए हैं।
रोहाणी नदी उफान पर है
दोपहर से शुरू बारिश ने चार घंटे में तबाही मचाई
एक खेत में काम कर रही सास-बहू आकाशीय बिजली की चपेट में आईं, लेकिन खतरे से बाहर हैं।
🧠 क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक?
मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल सिंह के अनुसार,
“अगले पांच दिनों तक पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। तापमान में खास बदलाव नहीं होगा। गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं भारी बारिश संभव है।”
🔒 सावधानी ही सुरक्षा है
मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि वे
प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें
गैरजरूरी बाहर निकलने से बचें
बिजली गिरने के दौरान खुले में मोबाइल का प्रयोग न करें
GURU PURNIMA 2025: गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आज रात आसमान एक विशेष खगोलीय घटना का गवाह बनेगा। यह घटना है — ‘बक मून’, यानी जुलाई माह की पूर्णिमा को दिखाई देने वाला विशेष और बड़ा चंद्रमा, जो आम दिनों की तुलना में अधिक चमकीला और विशाल नजर आता है। GURU PURNIMA 2025
गुरु पूर्णिमा पर आज रात दिखेगा अद्भुत 'बक मून'
10 जुलाई की रात उदय, 11 जुलाई को सुबह 2:08 पर होगा चरम पर
चंद्रमा दिखेगा बड़ा और चमकीला, नंगी आंखों से देखें
अमेरिका में Thunder Moon, भारत में Guru Purnima Moon के नाम से प्रसिद्ध
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामंडल), गोरखपुर के खगोल वैज्ञानिक अमर पाल सिंह के अनुसार, जुलाई महीने में दिखाई देने वाले इस पूर्ण चंद्रमा को ‘बक मून’ कहा जाता है। यह नाम नेटिव अमेरिकन परंपरा से लिया गया है, जहां ‘बक’ शब्द का अर्थ है नर हिरण। यह वह समय होता है जब नर हिरणों की नई सींगें पूरी तरह से विकसित हो जाती हैं, और इस प्राकृतिक घटना से जुड़ाव के चलते इस चंद्रमा को बक मून कहा जाता है।
🌠 गुरु पूर्णिमा पर खगोलीय संयोग– GURU PURNIMA 2025
इस वर्ष, बक मून का उदय 10 जुलाई की रात को होगा और यह पूरी रात आसमान में अपनी अद्भुत छटा बिखेरता रहेगा। भारतीय समयानुसार, यह चंद्रमा 11 जुलाई की सुबह 2:08 AM IST पर अपने चरम बिंदु पर होगा।
खगोल विद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस दौरान चंद्रमा क्षितिज के करीब रहेगा, जिससे उसका आकार काफी बड़ा नजर आएगा। स्पष्ट आसमान और कम रोशनी वाले क्षेत्रों से इसे नंगी आंखों से ही देखा जा सकता है। GURU PURNIMA 2025