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Author: By Nation Now Samachar Team

  • Rajnath Singh China Visit: गलवान ना दोहराया जाए; चीन से बोले राजनाथ, चार सूत्रीय योजना से रखी भरोसे की नींव

    Rajnath Singh China Visit: गलवान ना दोहराया जाए; चीन से बोले राजनाथ, चार सूत्रीय योजना से रखी भरोसे की नींव

    Rajnath Singh China Visit: भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 25-27 जून 2025 को चीन के किंगदाओ शहर में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की रक्षा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने अपने चीनी समकक्ष एडमिरल डोंग जून के साथ द्विपक्षीय वार्ता में भारत-चीन संबंधों को मजबूत करने और सीमा पर शांति स्थापित करने के लिए एक चार सूत्री फॉर्मूला पेश किया। साथ ही, उन्होंने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का मुद्दा उठाकर भारत के जीरो-टॉलरेंस नीति को स्पष्ट किया। इस लेख में हम इस बैठक, चार सूत्री फॉर्मूले, 2024 के डिसएंगेजमेंट प्लान और गलवान घाटी संघर्ष की पृष्ठभूमि पर विस्तार से चर्चा करेंगे। Rajnath Singh China Visit

    SCO बैठक: एक महत्वपूर्ण मंच- Rajnath Singh China Visit

    शंघाई सहयोग संगठन (SCO) एक क्षेत्रीय संगठन है, जिसमें भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस जैसे देश शामिल हैं। 2001 में स्थापित यह संगठन क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई पर केंद्रित है। 2025 में चीन की अध्यक्षता में यह बैठक किंगदाओ में आयोजित हुई, जिसमें भारत ने न केवल क्षेत्रीय स्थिरता पर अपने विचार रखे बल्कि आतंकवाद और सीमा विवाद जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी खुलकर बात की। Rajnath Singh China Visit

    राजनाथ सिंह ने इस मंच का उपयोग न केवल भारत-चीन संबंधों को बेहतर करने के लिए किया बल्कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को वैश्विक मंच पर उजागर करने का भी मौका लिया। उनकी यह यात्रा 2020 के गलवान घाटी संघर्ष के बाद भारत और चीन के बीच तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम थी।

    चार सूत्री फॉर्मूला: भारत की रणनीति- Rajnath Singh China Visit

    राजनाथ सिंह ने चीनी रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून के साथ अपनी बैठक में एक चार सूत्री फॉर्मूला प्रस्तुत किया, जिसका उद्देश्य भारत-चीन सीमा पर स्थायी शांति और द्विपक्षीय संबंधों में सुधार लाना है। यह फॉर्मूला निम्नलिखित बिंदुओं पर आधारित है:

    1. 2024 के डिसएंगेजमेंट प्लान का पालन: भारत और चीन ने अक्टूबर 2024 में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर पेट्रोलिंग व्यवस्था को लेकर एक समझौता किया था। इस समझौते का उद्देश्य पूर्वी लद्दाख के डेमचोक और देपसांग जैसे क्षेत्रों में सैन्य गतिरोध को समाप्त करना था। राजनाथ सिंह ने इस प्लान के सख्ती से पालन पर जोर दिया, ताकि दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली हो।
    2. तनाव कम करने के लिए निरंतर प्रयास: सीमा पर तनाव को कम करने के लिए दोनों देशों को लगातार संवाद बनाए रखना होगा। यह बिंदु सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर नियमित बातचीत की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
    3. सीमांकन और परिसीमन को गति देना: भारत ने सीमा पर स्पष्ट सीमांकन (Demarcation) और परिसीमन (Delimitation) के लक्ष्य को जल्द से जल्द प्राप्त करने की वकालत की। इससे LAC पर विवाद की संभावनाएं कम होंगी और भविष्य में गलवान जैसी घटनाएं टाली जा सकेंगी।
    4. विशेष प्रतिनिधि प्रणाली का उपयोग: मतभेदों को सुलझाने और संबंधों को बेहतर बनाने के लिए मौजूदा विशेष प्रतिनिधि स्तर की प्रणाली का उपयोग करने का प्रस्ताव रखा गया। यह प्रणाली भारत और चीन के बीच लंबे समय से चली आ रही है और इसका उपयोग दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली के लिए किया जा सकता है।

    इस फॉर्मूले का प्रस्ताव भारत की उस नीति को दर्शाता है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता से कोई समझौता किए बिना पड़ोसी देशों के साथ शांति और सहयोग को प्राथमिकता दी जाती है। Rajnath Singh China Visit

    2024 का डिसएंगेजमेंट प्लान: पृष्ठभूमि और महत्व- Rajnath Singh China Visit

    2024 का डिसएंगेजमेंट प्लान भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में LAC पर तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस समझौते के तहत दोनों देशों ने डेमचोक और देपसांग जैसे क्षेत्रों में सैनिकों की वापसी और पेट्रोलिंग व्यवस्था को सामान्य करने पर सहमति जताई। यह समझौता 21 अक्टूबर 2024 को अंतिम रूप से लागू हुआ, जिसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य गतिरोध प्रभावी रूप से समाप्त हो गया। Rajnath Singh China Visit

    इस प्लान का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह गलवान घाटी संघर्ष के बाद भारत और चीन के बीच पहला ठोस कदम था, जिसने दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की प्रक्रिया शुरू की। राजनाथ सिंह ने अपनी बैठक में इस बात पर जोर दिया कि इस प्लान का पालन न केवल सीमा पर शांति सुनिश्चित करेगा बल्कि दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक सहयोग की नींव भी रखेगा।

    गलवान घाटी संघर्ष: एक तनावपूर्ण इतिहास- Rajnath Singh China Visit

    2020 में भारत और चीन के बीच संबंधों में उस समय गहरा तनाव आया, जब मई 2020 में पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग झील क्षेत्र में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई। यह तनाव 15 जून 2020 को गलवान घाटी में और बढ़ गया, जब दोनों देशों के सैनिकों के बीच खूनी संघर्ष हुआ। इस घटना में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए, जबकि चीन ने अपने नुकसान की जानकारी साझा नहीं की। हालांकि, कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में दावा किया गया कि चीन को भी भारी नुकसान हुआ था।

    गलवान संघर्ष ने भारत-चीन संबंधों को चरम तनाव की स्थिति में ला दिया। इसके बाद दोनों देशों ने सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर कई दौर की वार्ता की, जिसके परिणामस्वरूप फरवरी 2021 में तनाव कम करने की प्रक्रिया शुरू हुई। अक्टूबर 2024 तक दोनों देशों ने डिसएंगेजमेंट प्लान को अंतिम रूप दिया, जो दोनों देशों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम था। Rajnath Singh China Visit

    आतंकवाद पर भारत का कड़ा रुख

    राजनाथ सिंह ने SCO बैठक में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र किया, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की शाखा द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी। Rajnath Singh China Visit

    रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस की नीति अपनाता है और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी कार्रवाइयों के जरिए सीमा पार आतंकवाद का मुंहतोड़ जवाब देगा। ऑपरेशन सिंदूर, जिसे 7 मई 2025 को अंजाम दिया गया, आतंकवादी ढांचे को नष्ट करने और भारत की आत्मरक्षा की नीति का हिस्सा था।

    SCO संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर से इनकार

    SCO बैठक में एक महत्वपूर्ण घटना तब हुई, जब राजनाथ सिंह ने संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। इस बयान में पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र नहीं था, जबकि बलूचिस्तान का उल्लेख कर भारत पर अप्रत्यक्ष रूप से अशांति फैलाने का आरोप लगाया गया था। भारत ने इसे आतंकवाद के मुद्दे को कमजोर करने की साजिश माना और दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया।

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपने दृढ़ रुख पर कायम है और किसी भी ऐसे दस्तावेज को स्वीकार नहीं करेगा जो इस रुख को कमजोर करता हो।

    कैलाश मानसरोवर यात्रा का पुनरारंभ

    बैठक के दौरान राजनाथ सिंह ने कैलाश मानसरोवर यात्रा के छह साल बाद फिर से शुरू होने पर खुशी जताई। यह यात्रा 2020 में कोविड-19 महामारी और गलवान संघर्ष के कारण निलंबित कर दी गई थी। इस तीर्थयात्रा का हिंदू, जैन और बौद्ध समुदायों के लिए विशेष धार्मिक महत्व है। इसका पुनरारंभ दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने का एक सकारात्मक संकेत है।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/lucknow/mayawati-on-shahuji-maharaj-tribute-shahuji-name-controversy-reservation-rights/

    मधुबनी पेंटिंग: सांस्कृतिक कूटनीति

    बैठक के अंत में राजनाथ सिंह ने एडमिरल डोंग जून को बिहार की पारंपरिक मधुबनी पेंटिंग भेंट की। यह पेंटिंग मिथिला कला के लिए जानी जाती है, जिसमें चमकीले रंगों और जटिल पैटर्न का उपयोग होता है। इस उपहार के जरिए भारत ने सांस्कृतिक कूटनीति को बढ़ावा देने की कोशिश की, जो दोनों देशों के बीच सकारात्मक संवाद का प्रतीक है।

    राजनाथ सिंह की चीन यात्रा और SCO बैठक में उनकी सक्रिय भागीदारी ने भारत की कूटनीतिक और रणनीतिक ताकत को दर्शाया। चार सूत्री फॉर्मूले के जरिए भारत ने न केवल सीमा विवाद सुलझाने की दिशा में ठोस कदम उठाए बल्कि आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो-टॉलरेंस नीति को भी मजबूती से रखा। गलवान घाटी संघर्ष के बाद तनावपूर्ण रहे भारत-चीन संबंधों में यह बैठक एक नई शुरुआत की उम्मीद जगाती है। साथ ही, कैलाश मानसरोवर यात्रा का पुनरारंभ और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे कदम दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।

    SOURCE- TIMES OF INDIA

    UP Monsoon 2025: उत्तर प्रदेश में मानसून पकड़ेगा रफ्तार, 14 जिलों में भारी बारिश, 55 जिलों में बिजली गिरने का अलर्ट

    Shubhanshu Shukla ISS docking: Ax-4 मिशन के तहत स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल ने ISS से सफलतापूर्वक की डॉकिंग

  • Noida police encounter: नोएडा में पुलिस और स्कूटी सवार बदमाश के बीच मुठभेड़, गोली लगने से घायल

    Noida police encounter: नोएडा में पुलिस और स्कूटी सवार बदमाश के बीच मुठभेड़, गोली लगने से घायल

    Noida police encounter: गौतमबुद्ध नगर जिले में अपराध पर लगाम लगाने की कार्रवाई लगातार जारी है। ताजा मामला सेक्टर-113 थाना क्षेत्र का है, जहां एफएनजी रोड पर चेकिंग के दौरान एक स्कूटी सवार बदमाश और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गया। Noida police encounter

    घायल बदमाश की पहचान फ़राज पुत्र मोहम्मद असलम के रूप में हुई है, जो अलीगढ़ का निवासी है। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस को उसके पास से एक तमंचा, कारतूस, लुटे हुए 6 मोबाइल फोन, और बिना नंबर प्लेट की सुजुकी स्कूटी बरामद हुई है। Noida police encounter

    एडिशनल डीसीपी सुमित शुक्ला ने बताया कि फ़राज के खिलाफ पहले भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता के प्रमाण मिले हैं। उसका आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है, और संभव है कि वह अन्य लूट की घटनाओं में भी शामिल रहा हो। Noida police encounter

    पुलिस ने पहले से ही एफएनजी रोड पर अपराधियों की गतिविधियों को रोकने के लिए चेकिंग अभियान शुरू किया हुआ था। इसी दौरान स्कूटी सवार युवक को रोका गया, लेकिन वह भागने लगा। पीछा करने पर उसने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। फिलहाल आरोपी अस्पताल में भर्ती है और पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/lucknow/up-monsoon-2025-alert-heavy-rain-thunderstorm-warning/
  • UP Monsoon 2025: उत्तर प्रदेश में मानसून पकड़ेगा रफ्तार, 14 जिलों में भारी बारिश, 55 जिलों में बिजली गिरने का अलर्ट

    UP Monsoon 2025: उत्तर प्रदेश में मानसून पकड़ेगा रफ्तार, 14 जिलों में भारी बारिश, 55 जिलों में बिजली गिरने का अलर्ट

    UP Monsoon 2025: उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिमी मानसून की सक्रियता ने पिछले कुछ दिनों में कई क्षेत्रों में राहत और चुनौतियां दोनों लाई हैं। पिछले 48 घंटों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी है, लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश ने मौसम को बदल दिया है। सहारनपुर और झांसी जैसे जिलों में भारी बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं, वहीं लखनऊ में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। मौसम विभाग ने 14 जिलों में भारी बारिश और 55 जिलों में बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। आइए, इस मानसूनी मौसम की पूरी जानकारी विस्तार से समझते हैं। UP Monsoon 2025

    सहारनपुर और झांसी में बाढ़ जैसे हालात- UP Monsoon 2025

    सहारनपुर में सहरसा नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बन गई है। नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है, जिससे यातायात और स्थानीय जीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने नदी के आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। दूसरी ओर, झांसी में भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि सड़कों पर पानी जमा हो गया और एक डंफर तक पानी में डूब गया। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी हैं।

    मौसम विभाग की ताजा भविष्यवाणी- UP Monsoon 2025

    मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में अनुमानित 6.01 मिमी बारिश के मुकाबले केवल 1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 17% कम है। इसके विपरीत, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4.6 मिमी के अनुमान के मुकाबले 5.1 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 110% अधिक है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल सिंह ने बताया कि शुक्रवार को भी कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है, जबकि कुछ जगहों पर हल्की बारिश होगी। अगले 48 घंटों के बाद, यानी 28 जून से 2 जुलाई तक, मानसून फिर से जोर पकड़ेगा और पूरे उत्तर प्रदेश में जोरदार बारिश होने की उम्मीद है।

    भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट- UP Monsoon 2025

    मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 14 जिलों—सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, और ललितपुर—में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा, 55 जिलों में बिजली गिरने का खतरा है, जिसमें बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ, गाजियाबाद, आगरा, और लखनऊ जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों, और बिजली के खंभों से दूर रहें।

    लखनऊ में उमस भरी गर्मी- UP Monsoon 2025

    लखनऊ में गुरुवार को सुबह से ही तेज धूप और उच्च आर्द्रता ने लोगों को परेशान किया। अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1 डिग्री अधिक है। मानसूनी बारिश की कमी के कारण लखनऊवासियों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को भी लखनऊ में आसमान ज्यादातर साफ रहेगा, लेकिन कुछ स्थानों पर बादल छाए रह सकते हैं। अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री रहने की संभावना है।

    बाढ़ से निपटने की तैयारी- UP Monsoon 2025

    उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। लखनऊ की बक्शी का तालाब तहसील के अकड़रिया कलां गांव में बाढ़ आपदा को लेकर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास में एसडीआरएफ, पीएसी, स्थानीय पुलिस, अग्निशमन दल, सिंचाई विभाग, और अन्य टीमें शामिल हुईं। मॉक ड्रिल का उद्देश्य बाढ़ जैसी स्थिति में राहत और बचाव कार्यों की प्रभावशीलता को परखना था। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने इस अभ्यास की निगरानी की।

    मानसून का आगे का अनुमान

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 28 जून से मानसून फिर से सक्रिय होगा। इस दौरान पूरे उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। खासकर उन क्षेत्रों में जहां अभी बारिश कम हुई है, वहां भी अच्छी बारिश हो सकती है। हालांकि, भारी बारिश के कारण कुछ जिलों में बाढ़ और जलभराव की समस्या बढ़ सकती है। प्रशासन ने नदियों के किनारे बसे गांवों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

    सावधानियां और सुझाव

    • बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सतर्क रहें: नदियों और नालों के पास न जाएं।
    • बिजली गिरने से बचें: खुले स्थानों और ऊंचे पेड़ों से दूरी बनाए रखें।
    • मौसम अपडेट पर नजर रखें: मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें।
    • आपातकालीन किट तैयार रखें: बाढ़ या जलभराव की स्थिति में जरूरी सामान जैसे भोजन, पानी, और दवाइयां तैयार रखें।

    उत्तर प्रदेश में मानसून 2025 की शुरुआत ने कई चुनौतियां और अवसर लाए हैं। जहां भारी बारिश ने कुछ जिलों में बाढ़ की स्थिति पैदा की है, वहीं लखनऊ जैसे शहरों में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। मौसम विभाग की चेतावनियों और प्रशासन की तैयारियों से यह स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में बारिश का दौर और तेज होगा। नागरिकों को सतर्क रहने और मौसम अपडेट्स पर नजर रखने की जरूरत है।

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  • Balrampur BJP leader arrested: पुलिस को धमकाना पड़ा महंगा, बलरामपुर में BJP नेता हर्षवर्धन सिंह गिरफ्तार

    Balrampur BJP leader arrested: पुलिस को धमकाना पड़ा महंगा, बलरामपुर में BJP नेता हर्षवर्धन सिंह गिरफ्तार

    Balrampur BJP leader arrested:उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े नेता हर्षवर्धन सिंह को पुलिस को धमकाने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। यह मामला सत्ता के रसूख और कानून की टकराहट का एक सटीक उदाहरण बन गया है। Balrampur BJP leader arrested

    सूत्रों के मुताबिक, आरोपी हर्षवर्धन सिंह पर श्रीदत्तगंज थाना प्रभारी कमरवीर सिंह को धमकाने और करबला की जमीन पर अवैध कब्जा करने का आरोप है। बताया गया कि जब पुलिस ने कब्जा रोकने की कार्रवाई की, तो हर्षवर्धन ने थाना प्रभारी को धमकी दे डाली। इसके बाद प्रभारी ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। Balrampur BJP leader arrested

    मंगलवार की देर शाम, भगवतीगंज क्षेत्र से पुलिस ने आरोपी को उस समय गिरफ्तार किया जब वह किसी बड़े राजनैतिक नेता से मिलने जा रहा था। गिरफ्तारी के बाद बुधवार को उसे जेल भेज दिया गया। Balrampur BJP leader arrested

    गिरफ्तारी से पहले हर्षवर्धन सिंह ने पुलिस से माफी मांगी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। इस वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे एक प्रभावशाली नेता कानून के सामने नतमस्तक हो गया।

    पुलिस ने स्पष्ट किया है कि चाहे किसी की भी राजनीतिक पहुंच क्यों न हो, कानून से बड़ा कोई नहीं। प्रभारी निरीक्षक कमरवीर सिंह ने कहा कि आरोप सिद्ध होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि सत्ता पक्ष से जुड़े होने का मतलब यह नहीं कि कोई कानून से ऊपर है। जनता भी पुलिस के इस एक्शन की सराहना कर रही है।

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  • Shubhanshu Shukla ISS docking: Ax-4 मिशन के तहत स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल ने ISS से सफलतापूर्वक की डॉकिंग

    Shubhanshu Shukla ISS docking: Ax-4 मिशन के तहत स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल ने ISS से सफलतापूर्वक की डॉकिंग

    Shubhanshu Shukla ISS docking: भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा अब अंतिम पड़ाव तक पहुंच चुकी है। वे Ax-4 मिशन के तहत स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल में सवार होकर 12 जून को अंतरिक्ष के लिए रवाना हुए थे, और अब उनका यान ISS (अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन) से 20 मिनट पहले ही सफलतापूर्वक डॉक हो गया है।

    यह पूरा मिशन 28,000 किमी/घंटा की रफ्तार और 418 किमी की ऊंचाई पर चल रहा है। लॉन्च के बाद करीब 26 घंटे की यात्रा में ड्रैगन कैप्सूल ने कई कक्षीय बदलाव (orbital maneuvers) किए ताकि वह ISS के साथ सटीक तरीके से संरेखित हो सके।

    🚀 डॉकिंग प्रक्रिया: चार सटीक चरण

    इस डॉकिंग प्रोसेस को स्पेसएक्स और नासा ने बेहद आधुनिक और सुरक्षित तरीके से डिज़ाइन किया है। इसमें प्रमुख 4 चरण शामिल हैं:

    1. रेंडेजवू (Rendezvous):
      ड्रैगन कैप्सूल ने इंजन फायरिंग से खुद को 400 मीटर नीचे और 7 किमी पीछे से स्टार्ट कर 200 मीटर की दूरी पर पहुंचाया। इस फेज में सिस्टम की जांच हुई।
    2. नजदीकी संपर्क (Close Approach):
      200 मीटर की दूरी से ISS के साथ सीधा कम्युनिकेशन शुरू होता है और क्रू 6 घंटे तक सुरक्षित पथ पर रह सकता है।
    3. अंतिम संपर्क (Final Approach):
      20 मीटर की दूरी पर लेजर सेंसर, कैमरे और GPS की मदद से ड्रैगन, ISS के हार्मनी मॉड्यूल से जुड़ने की प्रक्रिया को नियंत्रित करता है। शुभांशु शुक्ला इस दौरान यान के एवियोनिक्स, प्रणोदन और गति की बारीकी से निगरानी कर रहे थे।
    4. सॉफ्ट और हार्ड कैप्चर:
      • Soft Capture: मैग्नेट्स की मदद से यान डॉकिंग पोर्ट से जुड़ता है।
      • Hard Capture: मैकेनिकल लैच और हुक द्वारा यान को स्थिर किया जाता है, जिससे पूर्ण सीलिंग हो जाती है।

    🔧 जांच और प्रवेश

    डॉकिंग के बाद, 1-2 घंटे की जांच होती है ताकि यह तय किया जा सके कि हवा का कोई रिसाव नहीं है और दबाव स्थिर है। इसके बाद शुभांशु और अन्य क्रू मेंबर ISS में प्रवेश करेंगे।

    https://nationnowsamachar.com/national/shubhanshu-shukla-astronaut-axiom4-space-mission-history/

    🇮🇳 भारत की ओर से एक नया अध्याय

    शुभांशु शुक्ला का यह मिशन केवल भारत के लिए एक तकनीकी उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की वैज्ञानिक क्षमता, रणनीतिक संकल्प और वैश्विक भागीदारी को भी दर्शाता है।

    Shubhanshu Shukla Astronaut: शुभांशु शुक्ला ने रचा इतिहास: एक्सिओम-4 मिशन से अंतरिक्ष की उड़ान, भारत के लिए गर्व का पल

    SOURCE- TIMES OF INDIA

  • Mayawati on Shahuji Maharaj: छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती पर मायावती ने अर्पित की श्रद्धांजलि, मेडिकल यूनिवर्सिटी का नाम बदलने की मांग

    Mayawati on Shahuji Maharaj: छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती पर मायावती ने अर्पित की श्रद्धांजलि, मेडिकल यूनिवर्सिटी का नाम बदलने की मांग

    Mayawati on Shahuji Maharaj: लखनऊ (उत्तर प्रदेश): बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने गुरुवार को राजर्षि छत्रपति शाहू जी महाराज की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए यूपी सरकार से चट्रपति शाहू जी महाराज मेडिकल यूनिवर्सिटी का नाम बहाल करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि यह यूनिवर्सिटी सपा सरकार के कार्यकाल में राजनीतिक दुर्भावना से King George Medical University नाम से पुनः नामित की गई थी, जो समाज के पिछड़े और दलित वर्गों के सम्मान के खिलाफ है।

    मायावती ने कहा कि शाहूजी महाराज ने भारत में आरक्षण की नींव रखी थी, और उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। “वे इतिहास में अमर हैं क्योंकि उन्होंने पहली बार दलितों को नौकरियों में आरक्षण देकर सामाजिक न्याय की बुनियाद रखी।” Mayawati on Shahuji Maharaj

    “दलितों को फिर से बनाया जा रहा मजबूर”

    अपने सोशल मीडिया पोस्ट में मायावती ने दावा किया कि आज भी देश में दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी की सरकार न होने और बहुसंख्यक वर्ग के हाथों सत्ता में आने से इन्हें फिर से मजबूर और बेबस बना दिया गया है।

    मायावती ने यह भी कहा कि ऐसे समय में राजर्षि शाहू जी महाराज की विचारधारा को याद रखना पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है

    “हमने शाहूजी के नाम पर जिला बनाया, मूर्तियां स्थापित कीं”

    मायावती ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि बसपा सरकार ने शाहू जी महाराज के सम्मान में नया जिला, संस्थान और भव्य प्रतिमाएं स्थापित की थीं। साथ ही लखनऊ में मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना कर उसे उन्हीं के नाम पर जल्द संचालन में लाया गया था।

    https://nationnowsamachar.com/national/cr-patil-praises-modi-11-years-development-farmers-security-water-mission/

    “सपा सरकार ने जानबूझकर नाम बदलवाया”

    मायावती ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने जानबूझकर दलित-विरोधी रवैये से यूनिवर्सिटी का नाम बदल दिया, जबकि लखनऊ में पहले से King George Medical College मौजूद है। उन्होंने इसे “जातिवादी और दुर्भावनापूर्ण निर्णय” करार दिया।

    उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “बीजेपी सरकार ने अब तक इस गलती को सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है”

    शाहूजी की विरासत को बहाल करें: मायावती

    मायावती ने जोर देकर कहा कि यदि सरकार सही मायनों में सामाजिक न्याय की बात करती है, तो उसे तत्काल प्रभाव से चट्रपति शाहू जी महाराज मेडिकल यूनिवर्सिटी का नाम बहाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी यह मांग करती रही है और आगे भी करती रहेगी।

    CR PATIL PRAISES MODI: ‘हर तबके को मिला सम्मान’, सीआर पाटिल बोले- मोदी युग में बदला भारत का चेहरा

  • CR PATIL PRAISES MODI: ‘हर तबके को मिला सम्मान’, सीआर पाटिल बोले- मोदी युग में बदला भारत का चेहरा

    CR PATIL PRAISES MODI: ‘हर तबके को मिला सम्मान’, सीआर पाटिल बोले- मोदी युग में बदला भारत का चेहरा

    CR PATIL PRAISES MODI: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने गुरुवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 11 वर्षों में हुए व्यापक और समावेशी विकास की सराहना की। उन्होंने कहा कि हर वर्ग को इस सरकार से कुछ सार्थक मिला है – चाहे वह किसान हो, महिला, युवा या वैज्ञानिक। CR PATIL PRAISES MODI

    उन्होंने जोर देकर कहा कि 2014 में भारत 11वीं अर्थव्यवस्था था और अब दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है, और अब चौथे पायदान की ओर बढ़ रहा है।CR PATIL PRAISES MODI

    किसानों को बिना आवेदन मिला सम्मान- CR PATIL PRAISES MODI

    सीआर पाटिल ने बताया कि पहले किसानों को सरकारी सहायता के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन मोदी सरकार ने पहली बार किसानों को सीधे सम्मान देने का काम कियापीएम किसान सम्मान योजना के तहत सालाना ₹6000 सीधे बैंक खातों में पहुंच रहे हैं। CR PATIL PRAISES MODI

    https://nationnowsamachar.com/national/cji-gavai-on-constitution-constitution-supreme-not-parliament/

    उन्होंने कहा, “पहले Annadata को सहायता पाने के लिए भीख मांगनी पड़ती थी, आज उन्हें बिना आवेदन सम्मानपूर्वक सहायता मिल रही है।”

    विज्ञान से सुरक्षा तक, हर मोर्चे पर सफल भारत- CR PATIL PRAISES MODI

    सीआर पाटिल ने चंद्रयान मिशन की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने न केवल ज़मीन पर, बल्कि अंतरिक्ष में भी विजय पताका फहराई है। उन्होंने वैज्ञानिकों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि सरकार का समर्थन हमेशा उनके साथ है। CR PATIL PRAISES MODI

    सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और आतंकवादियों को कड़ा संदेश दिया गया है। उन्होंने कहा, “पहालगाम में हुई कार्रवाई ने साबित कर दिया कि भारत अब हर हमले का जवाब सख्ती से देता है। हम गीदड़ भभकियों से डरने वाले नहीं हैं।

    जल जीवन मिशन और जन भागीदारी

    उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के लिए ₹501 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है और जल संरक्षण पर जन भागीदारी से काम किया जा रहा है। गुजरात के बनासकांठा जिले में 35 जल पुनर्स्थापना संरचनाएं जनता की मदद से बनाई गई हैं। CR PATIL PRAISES MODI

    सिंधु जल संधि पर रुख साफ

    जब सिंधु जल संधि पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, “मैं सीधे तौर पर इस विषय से नहीं जुड़ा हूं, लेकिन भारत सरकार जो भी फैसला लेती है, वह देशहित में ही होता है।” CR PATIL PRAISES MODI

    बचपन की यादें और प्रेरणा

    सीआर पाटिल ने भावुक होते हुए अपने बचपन की बात साझा की कि वो आर्किटेक्ट बनना चाहते थे, लेकिन उनके पिता ने उन्हें वकालत की राह पर आगे बढ़ाया क्योंकि स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के कारण वह खुद वकील नहीं बन पाए थे।

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  • CJI Gavai on Constitution: “संसद नहीं, संविधान सर्वोच्च”, अमरावती में बोले CJI गवई

    CJI Gavai on Constitution: “संसद नहीं, संविधान सर्वोच्च”, अमरावती में बोले CJI गवई

    CJI Gavai on Constitution: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी.आर. गवई ने देश की लोकतांत्रिक प्रणाली को लेकर एक अहम बयान देते हुए कहा है कि भारत में संसद नहीं, बल्कि संविधान सर्वोच्च है। उन्होंने यह टिप्पणी अमरावती में बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक समारोह में की, जो उनका गृह नगर है।

    मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि

    लोकतंत्र के तीनों स्तंभ - कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका - संविधान के अधीन हैं, और कोई भी अंग संविधान से ऊपर नहीं है। CJI गवई ने कहा कि कई बार यह भ्रम फैलाया जाता है कि संसद सर्वोच्च है, लेकिन यह समझना जरूरी है कि भारत का संविधान ही सर्वोच्च दस्तावेज है। CJI Gavai on Constitution

    उन्होंने कहा कि किसी न्यायाधीश का सरकार के खिलाफ फैसला देना ही यह सिद्ध नहीं करता कि वह स्वतंत्र है। एक न्यायाधीश को हर समय यह याद रखना चाहिए कि उसकी भूमिका सिर्फ फैसले देने की नहीं, बल्कि मौलिक अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों के रक्षक के रूप में भी है। CJI Gavai on Constitution

    संविधान की मूल संरचना अटल है- CJI Gavai on Constitution

    CJI गवई ने कहा कि भले ही संसद को संविधान में संशोधन करने का अधिकार हो, लेकिन वह संविधान की मूल संरचना (Basic Structure) को नहीं बदल सकती। यह बात सुप्रीम कोर्ट पहले भी अपने ऐतिहासिक फैसलों में स्पष्ट कर चुका है। इस मूल ढांचे में लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, मौलिक अधिकार और न्यायपालिका की स्वतंत्रता जैसे सिद्धांत शामिल हैं।

    “बुलडोजर जस्टिस” पर दोहराया आवास अधिकार- CJI Gavai on Constitution

    मुख्य न्यायाधीश ने अपने चर्चित फैसले की ओर इशारा करते हुए कहा कि उन्होंने “बुलडोजर जस्टिस” मामले में आवास को मौलिक अधिकार माना था। उन्होंने कहा, “मैं हमेशा संविधान के साथ खड़ा रहा हूं और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की है।”

    न्यायिक स्वतंत्रता और सार्वजनिक राय

    CJI गवई ने यह भी कहा कि न्यायाधीशों को यह सोचकर निर्णय नहीं लेना चाहिए कि जनता उनके फैसलों के बारे में क्या सोचेगी या कहेगी। उन्होंने दो टूक कहा, “फैसले संविधान के अनुसार लिए जाने चाहिए, न कि भीड़ या सोशल मीडिया के प्रभाव में।”

    निजी जीवन की झलक: क्यों बने वकील?

    इस समारोह में CJI गवई भावुक भी हो गए। उन्होंने बताया कि वह आर्किटेक्ट बनना चाहते थे, लेकिन उनके पिता चाहते थे कि वे वकील बनें। उनके पिता स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के कारण वकील नहीं बन पाए थे, और उनकी यह इच्छा गवई ने पूरी की।

    मुख्य न्यायाधीश का यह बयान उस समय आया है जब देश में बार-बार संसद की सर्वोच्चता की चर्चा होती है। ऐसे समय में उनका यह दो टूक कहना कि संविधान ही सर्वोच्च है, लोकतंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण संदेश है। यह बयान न सिर्फ संवैधानिक मूल्यों को रेखांकित करता है, बल्कि न्यायपालिका की भूमिका को भी मजबूती से सामने रखता है। CJI Gavai on Constitution

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  • IMD WEATHER UPDATE LIVE: गुजरात-हिमाचल से लेकर राजस्थान तक तबाही के हालात, कुल्लू में बादल फटने से 2000 टूरिस्ट फंसे

    IMD WEATHER UPDATE LIVE: गुजरात-हिमाचल से लेकर राजस्थान तक तबाही के हालात, कुल्लू में बादल फटने से 2000 टूरिस्ट फंसे

    IMD WEATHER UPDATE LIVE: देश के कई हिस्सों में मानसून का कहर कहर बरपा रहा है। गुजरात, हिमाचल और राजस्थान में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। अहमदाबाद में 12 घंटे से हो रही बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया, जिससे बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।

    अहमदाबाद में संकट:
    पूर्वी अहमदाबाद के मणिनगर, वटवा, सिटीएम, हाटकेश्वर, निकोल, ओधव और विराट नगर जैसे क्षेत्रों में भारी जलभराव हुआ है। तेज बहाव के कारण एक बाइक सवार युवक ड्रेनेज लाइन में बह गया, जिसे दमकल विभाग ने 9 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद 200 फीट दूर से मृत अवस्था में बरामद किया। इस सीजन में शहर में अब तक 6.03 इंच बारिश दर्ज की गई है। IMD WEATHER UPDATE LIVE

    सूरत में भी हालात गंभीर:
    यहां तीसरे दिन भी बाढ़ जैसे हालात हैं। गीतानगर इलाका 3-4 फीट पानी में डूबा है। एक गर्भवती महिला की तबीयत बिगड़ने पर फायर ब्रिगेड ने उसे रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया। IMD WEATHER UPDATE LIVE

    हिमाचल में तबाही:
    पिछले 24 घंटों में हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में बादल फटने की घटनाएं हुईं। सैंज की जीवा नाला, शिलागढ़ घाटी, स्त्रो गैलरी (मनाली), होरनगढ़ (बंजार), कांगड़ा और धर्मशाला के खनियारा में बादल फटने से तबाही मच गई। अचानक आई बाढ़ में कई लोग बह गए। दो शव बरामद किए गए हैं और राहत कार्य अब भी जारी है।

    कुल्लू में खतरा और राहत:
    कुल्लू जिले के होरनगढ़ गांव में बादल फटने के बाद 2,000 से अधिक टूरिस्ट फंस गए हैं। NDRF की टीम मौके पर पहुंच चुकी है और राहत कार्य में जुटी है। कई गाड़ियां मलबे में दब गई हैं, जिन्हें जेसीबी की मदद से निकाला जा रहा है। साथ ही, सैंज घाटी में NHPC के प्रोजेक्ट को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

    डैम से पानी छोड़े जाने का अलर्ट:
    हिमाचल में भारी बारिश के चलते कई डैम से पानी छोड़े जाने का अलर्ट जारी किया गया है। इससे नीचे बसे गांवों और शहरों को सतर्क किया गया है।

    राजस्थान में भी बारिश का असर:
    राजस्थान में भी मानसून सक्रिय है। बांसवाड़ा जिले में गुरुवार को सबसे ज्यादा 8 इंच बारिश दर्ज की गई, जिससे कई इलाके जलमग्न हो गए हैं।

    प्रशासन सतर्क:
    गुजरात से लेकर हिमाचल और राजस्थान तक प्रशासन पूरी सतर्कता से राहत कार्यों में जुटा है। विशेष राहत बल, फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन लगातार हालात पर नजर रख रहे हैं।

    देश के तीन राज्यों में मानसून का यह विकराल रूप चिंता का विषय है। जहां एक ओर अहमदाबाद और सूरत जैसे बड़े शहरों में शहरी बाढ़ ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं, वहीं हिमाचल में पर्यटक और स्थानीय लोग प्रकृति के कोप का सामना कर रहे हैं। ज़रूरत है कि लोग सतर्क रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

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  • Jalaun Murder News: जालौन में युवक की संदिग्ध मौत के बाद हंगामा, परिजनों ने शव रखकर किया चक्का जाम

    Jalaun Murder News: जालौन में युवक की संदिग्ध मौत के बाद हंगामा, परिजनों ने शव रखकर किया चक्का जाम

    Jalaun Murder News: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां युवक की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए शव को सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया। यह घटना माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बंगरा तिराहा की है। Jalaun Murder News

    मृतक युवक की पहचान अंकित के रूप में हुई है, जो परसों शाम को बाइक से अपने घर लौट रहा था। रास्ते में दुर्घटना हो गई और अगली सुबह उसका शव बरामद किया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था और देर शाम परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। Jalaun Murder News

    लेकिन परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार करते हुए आज सुबह शव को बंगरा तिराहे पर रखकर सड़क जाम कर दिया। उनका आरोप था कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि हत्या है और शव को फेंका गया है। Jalaun Murder News

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    घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और क्षेत्राधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाया कि यदि उन्हें हत्या का शक है, तो वे लिखित तहरीर दें और पुलिस पूरी जांच कर उचित कार्रवाई करेगी। इस आश्वासन के बाद परिजनों ने जाम खत्म कर दिया और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए। Jalaun Murder News

    यह मामला पुलिस प्रशासन और जनभावनाओं के बीच संतुलन बनाने की चुनौती को दर्शाता है। फिलहाल पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    https://nationnowsamachar.com/national/50-years-of-emergency-five-major-political-changes-in-india/