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Author: By Nation Now Samachar Team

  • Iran vs Israel US Military Comparison: इजरायल-अमेरिका की सैन्य ताकत के सामने कितना टिकेगा ईरान? जानें हथियारों का पूरा लेखा-जोखा!

    Iran vs Israel US Military Comparison: इजरायल-अमेरिका की सैन्य ताकत के सामने कितना टिकेगा ईरान? जानें हथियारों का पूरा लेखा-जोखा!

    Iran vs Israel US Military Comparison: ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी सैन्य तनाव ने मध्य-पूर्व में युद्ध की आशंका को गहरा दिया है। अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य शक्ति जितनी उन्नत, आधुनिक और विनाशक है, उतनी ही सीमित और चुनौतियों से भरी ईरान की सैन्य क्षमताएं हैं। मौजूदा हालात में यह जानना बेहद ज़रूरी हो गया है कि क्या ईरान, इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले का मुकाबला कर सकता है? इस लेख में हम तीनों देशों की वायु शक्ति, मिसाइल क्षमता, हेलीकॉप्टर और क्रूज मिसाइलों की तुलना करेंगे।

    1. वायुसेना और लड़ाकू विमानIran vs Israel US Military Comparison

    ग्लोबल फायर पावर के अनुसार अमेरिका के पास दुनिया की सबसे बड़ी एयर फोर्स है।

    • अमेरिका के पास:
      • कुल 13,000 एयरक्राफ्ट
      • 1,790 फाइटर जेट
      • 647 स्पेशल मिशन विमान
      • 889 स्टील्थ व एडवांस फाइटर जेट्स
    • इजरायल के पास:
      • कुल 611 एयरक्राफ्ट
      • 241 फाइटर जेट
      • 19 स्पेशल मिशन जेट
      • 38 स्टील्थ/एडवांस फाइटर विमान
    • ईरान के पास:
      • कुल 551 एयरक्राफ्ट
      • 188 फाइटर जेट
      • मात्र 10 स्पेशल मिशन विमान
      • 21 आधुनिक लड़ाकू विमान

    👉 ईरान की वायुसेना ना केवल संख्या में कम है, बल्कि उसकी अधिकांश मशीनें पुरानी और तकनीकी रूप से पिछड़ी हैं।

    🚁 2. अटैक हेलीकॉप्टर और हवाई सहायता

    • अमेरिका के पास:
      • 1002 अटैक हेलीकॉप्टर
      • कुल 5843 हेलीकॉप्टर
    • इजरायल के पास:
      • 48 अटैक हेलीकॉप्टर
      • कुल 147 हेलीकॉप्टर
    • ईरान के पास:
      • 13 अटैक हेलीकॉप्टर
      • कुल 128 हेलीकॉप्टर

    👉 हवाई सहायता और हेलीकॉप्टर की ताकत में भी ईरान बेहद पीछे है। भारी संख्या और आधुनिक तकनीक अमेरिका और इजरायल को अजेय बनाती है।

    🚀 3. मिसाइल शक्ति की तुलना

    🔸 ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें:

    • सिज्जल-2: रेंज 2000–2500 किमी
    • फतेह-110, फतेह-313: रेंज 150–300 किमी
    • शाहब-1, 2, 3: रेंज 300–1200 किमी
    • जुल्फगार: रेंज 700 किमी
    • सुमेर (क्रूज): रेंज 2000 किमी

    🔹 इजरायल की मिसाइलें:

    • जेरिको-2: रेंज 1500–3500 किमी
    • जेरिको-3 (अनुमानित): रेंज 4800–6500 किमी
    • बंकर बस्टर: अंडरग्राउंड टारगेट को भी भेदने में सक्षम

    🔹 अमेरिका की मिसाइलें:

    • D-5 ट्राइडेंट: रेंज 7400–12000 किमी
    • मिनटमैन-3: रेंज 9650–13,000 किमी
    • थॉमाहॉक क्रूज मिसाइल: रेंज 2500 किमी
    • हाइपरसोनिक वेपन सिस्टम: विकासशील लेकिन विनाशकारी

    👉 ईरान के पास लॉन्ग रेंज मिसाइल का अभाव है। उसकी अधिकांश मिसाइलें मिड-रेंज में ही सीमित हैं। अमेरिका और इजरायल की मिसाइलें वैश्विक स्तर पर टारगेट को भेदने की क्षमता रखती हैं।

    🧨 4. स्पेशल हथियार और बंकर बस्टर क्षमता

    इजरायल और अमेरिका के पास अत्याधुनिक “बंकर बस्टर” बम हैं, जो ज़मीन और पहाड़ के अंदर छिपे बंकरों को भी तबाह कर सकते हैं।

    ईरान के नूक्लियर प्लांट अक्सर पहाड़ी इलाकों में स्थित हैं, लेकिन ये हथियार उन्हें भी तबाह कर सकते हैं।

    5. एंटी-शिप और क्रूज मिसाइलें

    • ईरान के पास:
      • राड, नसर-1: एंटी-शिप मिसाइल
      • केएच-55: एयर लॉन्च न्यूक्लियर कैपेबल
      • या-अली: 700 किमी रेंज की क्रूज मिसाइल
      • सुमेर: 2000 किमी रेंज की लॉन्ग रेंज क्रूज मिसाइल

    👉 हालांकि ये मिसाइलें सीमित हमले के लिए सक्षम हैं, लेकिन अमेरिका और इजरायल की एंटी-मिसाइल और डिफेंस टेक्नोलॉजी इतनी आधुनिक है कि इनमें से अधिकांश को मार गिराया जा सकता है।

    📉 6. एयर डिफेंस सिस्टम की हालत

    ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम पहले ही इजरायली हमलों में काफी क्षतिग्रस्त हो चुका है।
    जबकि इजरायल के पास “आयरन डोम”, “डेविड स्लिंग” और अमेरिका के पास “THAAD”, “Patriot” जैसी एडवांस प्रणाली मौजूद हैं।

    SOURCE- AAJ TAK

  • Fatehpur farmers death: फतेहपुर में टीला धंसने से तीन किसानों की मौत, गांव में मचा कोहराम

    Fatehpur farmers death: फतेहपुर में टीला धंसने से तीन किसानों की मौत, गांव में मचा कोहराम

    Fatehpur farmers death: फतेहपुर जनपद के किशनपुर थाना क्षेत्र के रायपुर भसरौल गांव में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में तीन किसानों की मिट्टी के टीले के नीचे दबकर मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब तीनों किसान भैंसें चरा रहे थे और तेज धूप से बचने के लिए एक टीले की छांव में बैठ गए। अचानक टीला धंस गया और तीनों उसकी चपेट में आ गए।

    भैंसों को पानी पिलाने ले गए थे किसान- Fatehpur farmers death

    मृतकों की पहचान रायपुर भसरौल गांव के मजरे चंदवाइन डेरा निवासी दुलारे पासवान (60), शिवमोहन यादव (65) और तरह मड़ौली गांव निवासी रमेश निर्मल (55) के रूप में हुई है। यह तीनों सुबह जंगल की ओर भैंस चराने निकले थे। दोपहर के समय जब गर्मी तेज हो गई तो वे यमुना नदी किनारे भैंसों को पानी पिलाने ले गए। इस दौरान तीनों चरवाहे नदी किनारे बने मिट्टी के एक टीले की छांव में आराम कर रहे थे, तभी टीला अचानक भरभरा कर गिर पड़ा। Fatehpur farmers death

    टीला धंसने से तीन किसानों की मौत (फोटो क्रेडिट- नेशन नाव समाचार)

    हादसे के वक्त थोड़ी दूरी पर बैठा एक अन्य चरवाहा घटनास्थल की ओर दौड़ा और ग्रामीणों को सूचना दी। गांव वालों ने मौके पर पहुंच कर टीले को हटाने की कोशिश की और तीनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक सभी की मौत हो चुकी थी। Fatehpur farmers death

    सूचना पर पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची- Fatehpur farmers death

    सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। क्षेत्राधिकारी खागा बृजमोहन राय ने पुलिस बल के साथ घटनास्थल का मुआयना किया। किशनपुर थानाध्यक्ष दिवाकर सिंह ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और हादसे की जांच की जा रही है। Fatehpur farmers death

    तीनों किसानों की एक साथ मौत से गांव में मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

  • Lucknow Corona Cases Rise: डॉक्टर और बुजुर्ग सहित 6 नए केस, 257 पहुंची संक्रमितों की संख्या

    Lucknow Corona Cases Rise: डॉक्टर और बुजुर्ग सहित 6 नए केस, 257 पहुंची संक्रमितों की संख्या

    Lucknow Corona Cases Rise: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीरे-धीरे बढ़ रही है। बीते 24 घंटों में प्रदेशभर में 19 नए केस सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल राज्य में कुल सक्रिय मरीजों की संख्या 257 तक पहुंच चुकी है। राजधानी लखनऊ में बुधवार को छह नए कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हुई है, जिनमें दो बुजुर्ग और एक युवा डॉक्टर शामिल हैं। Lucknow Corona Cases Rise

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में कार्यरत 27 वर्षीय डॉक्टर की आरटी-पीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। उन्हें बीते तीन दिन से बुखार और सर्दी-जुकाम के लक्षण थे, जिसके बाद उन्होंने कोरोना जांच कराई थी। फिलहाल डॉक्टर होम आइसोलेशन में ही उपचार ले रहे हैं। Lucknow Corona Cases Rise

    75 वर्षीय व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई- Lucknow Corona Cases Rise

    वहीं, हजरतगंज स्थित एक प्रसिद्ध रेमंड शोरूम के 75 वर्षीय मालिक की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई है। जानकारी के मुताबिक, वह कुछ दिन पहले एक अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे, जिसके बाद उन्हें 15 जून से हल्का बुखार और सर्दी की शिकायत रही। स्वास्थ्य विभाग की सलाह पर उन्होंने भी खुद को होम आइसोलेट कर लिया है। Lucknow Corona Cases Rise

    इसके अलावा आशियाना इलाके के 81 वर्षीय बुजुर्ग भी संक्रमित पाए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि उनकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। बीते 15 दिनों से वह बीमार चल रहे थे और पहले टायफाइड की पुष्टि हुई थी, लेकिन साथ ही उनकी कोविड रिपोर्ट भी पॉजिटिव आ गई है। अब उनका इलाज घर पर ही चल रहा है।

    राजधानी में अब तक इस सीजन में कुल 44 कोरोना पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बुखार, खांसी या जुकाम जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं और भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का प्रयोग करें।

    ये भी पढ़ें- FASTag annual pass launch: निजी वाहन चालकों के लिए सरकार की नई सौगात, 15 अगस्त से होगा लागू

    सोर्स- ETV BHARAT

  • Swami Prasad Maurya statement: स्वामी प्रसाद मौर्य का बड़ा बयान- मायावती अब तक की सबसे बेहतर मुख्यमंत्री

    Swami Prasad Maurya statement: स्वामी प्रसाद मौर्य का बड़ा बयान- मायावती अब तक की सबसे बेहतर मुख्यमंत्री

    Swami Prasad Maurya statement: संविधान सम्मान और जनहित हुंकार यात्रा के तहत बाराबंकी पहुंचे समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता और अब जनता पार्टी प्रमुख स्वामी प्रसाद मौर्य ने आज एक बड़ा राजनीतिक बयान दिया। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती को उत्तर प्रदेश की अब तक की सबसे बेहतर मुख्यमंत्री बताया। वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) पर भी तीखा हमला बोला।

    स्वामी प्रसाद मौर्य ने बाराबंकी के चौहान गेस्ट हाउस में आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मायावती का शासन और उनकी कानून व्यवस्था की धमक सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे देश में महसूस की जाती थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि “यह बात अलग है कि अब मायावती ने बाबा साहब अंबेडकर और कांशीराम के सिद्धांतों से दूरी बना ली है, इसलिए जनता ने भी उनसे दूरी बना ली है।” Swami Prasad Maurya statement

    मौर्य ने कहा कि उनकी यात्रा का मकसद संविधान की रक्षा, जनहित के मुद्दे और सामाजिक न्याय को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि इस यात्रा के माध्यम से वे जनता को जागरूक कर रहे हैं कि भाजपा सरकार किस तरह संविधान विरोधी नीतियों को लागू कर रही है।

    उन्होंने भाजपा को उत्तर प्रदेश से उखाड़ फेंकने की बात करते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य सिर्फ चुनाव लड़ना नहीं है, बल्कि जनता की आवाज बनना है। भाजपा की नीतियां गरीब, पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक विरोधी हैं।”

    सपा और पीडीए गठबंधन पर तंज- Swami Prasad Maurya statement

    स्वामी प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी के पीडीए गठबंधन को दिशाहीन बताया। उन्होंने कहा कि “सपा को बाबा साहब अंबेडकर की मूल विचारधारा की जानकारी तक नहीं है, ऐसे में उनका गठबंधन सिर्फ दिखावा है।”

    अकेले लड़ेंगे चुनाव, पर गठबंधन से इनकार नहीं- Swami Prasad Maurya statement

    स्वामी प्रसाद मौर्य ने साफ किया कि पंचायत और विधानसभा चुनावों में वे अपनी जनता पार्टी के बैनर तले अकेले लड़ेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर भाजपा को हराने के लिए किसी दल से गठबंधन करना पड़े, तो वह इसके लिए तैयार हैं।

    उन्होंने याद दिलाया कि वे कभी पद की लालसा में राजनीति नहीं करते। “मैंने मंत्री पद छोड़ा, एमएलसी पद छोड़ा, सपा में रहते हुए कई सीटें जिताईं। लेकिन अब समय आ गया है कि मैं अकेले मैदान में उतरूं और जनता से सीधा संवाद करूं,” उन्होंने कहा। Swami Prasad Maurya statement

    📢 बाइट – स्वामी प्रसाद मौर्य

    "मायावती जैसी मुख्यमंत्री आज तक नहीं हुई। लेकिन अब उन्होंने मूल विचारधारा से समझौता कर लिया है। भाजपा को हराने की लड़ाई में मैं अकेला भी तैयार हूं, और जरूरत पड़ी तो गठबंधन के लिए भी।"
  • FASTag annual pass launch: निजी वाहन चालकों के लिए सरकार की नई सौगात, 15 अगस्त से होगा लागू

    FASTag annual pass launch: निजी वाहन चालकों के लिए सरकार की नई सौगात, 15 अगस्त से होगा लागू

    FASTag annual pass launch: सड़क परिवहन मंत्रालय ने निजी वाहन चालकों के लिए टोल प्लाजाओं पर यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 17 जून को एक्स (X) के जरिए FASTag आधारित वार्षिक पास (Annual FASTag Pass) को लॉन्च करने की घोषणा की।

    यह नई व्यवस्था 15 अगस्त 2025 से देशभर में लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य टोल पर बार-बार रिचार्ज करने के झंझट को खत्म करना, टोल लेन में भीड़ को कम करना और तेज व सुगम यात्रा को सुनिश्चित करना है। FASTag annual pass launch

    क्या है FASTag एनुअल पास?FASTag annual pass launch

    यह एक वार्षिक सब्सक्रिप्शन आधारित पास होगा जो केवल गैर-व्यावसायिक निजी वाहनों (जैसे कार, वैन, जीप आदि) के लिए मान्य होगा। इसकी कीमत ₹3000 प्रति वर्ष रखी गई है।

    इस पास की प्रमुख विशेषताएं हैं:

    • 1 वर्ष या 200 ट्रिप्स तक मान्य (जो पहले पूरा हो, वही मान्य होगा)
    • एक बार भुगतान के बाद पूरे वर्ष टोल की चिंता नहीं
    • देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर लागू
    • FASTag तकनीक आधारित लेन-देन
    FASTag annual pass launch

    📆 कब और कैसे मिलेगा पास?

    नितिन गडकरी ने बताया कि 15 अगस्त 2025 से यह योजना लागू हो जाएगी। इसके लिए NHAI या MoRTH की आधिकारिक वेबसाइट या राजमार्ग यात्रा ऐप पर एक विशेष लिंक जारी किया जाएगा, जहां से लोग FASTag एनुअल पास को खरीद या रिन्यू कर सकेंगे।

    🚗 किसके लिए होगा पास?FASTag annual pass launch

    यह पास केवल निम्नलिखित वाहन श्रेणियों के लिए मान्य होगा:

    • निजी उपयोग की कारें
    • वैन
    • जीप

    महत्वपूर्ण: यह सुविधा व्यावसायिक वाहनों (जैसे ट्रक, टैक्सी, बस आदि) के लिए उपलब्ध नहीं होगी।

    कम होगा वेटिंग टाइम, बढ़ेगी यात्रा की सुगमता

    इस पास के आने से टोल प्लाज़ाओं पर बार-बार भुगतान की जरूरत खत्म हो जाएगी। इससे टोल बूथ पर वेटिंग टाइम घटेगा, जिससे ना सिर्फ यातायात तेज होगा, बल्कि टोल से जुड़ी झड़पों व विवादों में भी कमी आएगी।

    सरकार की मंशा: पारदर्शिता और सुलभता

    सरकार इस नई नीति के तहत 60 किलोमीटर के दायरे में दो टोल प्लाजा होने जैसी स्थितियों से उपजे विवादों को भी खत्म करना चाहती है। एक ही पास से डिजिटल और पारदर्शी तरीके से भुगतान सुनिश्चित होगा, जिससे शिकायतों की संभावना कम होगी।

    FASTag एनुअल पास के लाभ एक नजर में:

    लाभविवरण
    कीमत₹3000 प्रतिवर्ष
    वैधता1 साल या 200 यात्राएं
    वाहन श्रेणीकेवल निजी वाहन
    सुविधावेबसाइट या ऐप से सक्रिय
    असरटोल पर झंझट खत्म, यात्रा तेज़

    सोर्स- AAJ TAK

  • Iran Israel war: जुल्फिकार के साथ खैबर की ओर, ईरान-इजरायल टकराव में खामेनेई का चेतावनी भरा संदेश

    Iran Israel war: जुल्फिकार के साथ खैबर की ओर, ईरान-इजरायल टकराव में खामेनेई का चेतावनी भरा संदेश

    Iran Israel war: ईरान और इजरायल के बीच लंबे समय से जारी तनाव अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। छठे दिन की जंग में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर जो संदेश लिखा, उसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा। उन्होंने लिखा:- “महान हैदर के नाम पर, लड़ाई शुरू होती है। अली अपनी जुल्फिकार के साथ खैबर लौटते हैं।”

    Iran Israel war

    यह पोस्ट न सिर्फ एक भावनात्मक सन्देश है बल्कि इसमें कई ऐतिहासिक और धार्मिक प्रतीकों के माध्यम से युद्ध का संदेश छिपा है। ‘हैदर’, ‘अली’, ‘जुल्फिकार’ और ‘खैबर’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल इस बात का संकेत है कि यह टकराव अब केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि विचारधारात्मक और धार्मिक रूप ले चुका है।

    हैदर और अली का प्रतीकात्मक अर्थIran Israel war

    ‘हैदर’ और ‘अली’ दोनों शब्द इस्लामिक इतिहास में हजरत अली से जुड़े हैं, जिन्हें शिया समुदाय पहले इमाम और सुन्नी समुदाय चौथे खलीफा के रूप में मानता है। हजरत अली को ‘शेर’ यानी बहादुरी और न्याय का प्रतीक माना जाता है। खामेनेई का ‘हैदर’ नाम से संबोधित करना उनके द्वारा युद्ध को अली की बहादुरी और धर्म के रक्षक रूप में दिखाना है।

    जुल्फिकार: न्याय और युद्ध का हथियारIran Israel war

    ‘जुल्फिकार’ हजरत अली की दोधारी तलवार का नाम था, जो इस्लामी परंपरा में शक्ति, न्याय और विजय का प्रतीक है। खामेनेई द्वारा ‘जुल्फिकार’ शब्द का उपयोग यह स्पष्ट करता है कि ईरान अब निर्णायक कार्रवाई की मुद्रा में है और यह लड़ाई सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि धार्मिक व सांस्कृतिक पहचान की भी है।

    खैबर: इतिहास से वर्तमान तकIran Israel war

    628 ई. में लड़ी गई खैबर की लड़ाई में मुस्लिम सेना ने यहूदी कबीलों को हराया था। यह जंग इस्लामी विजय का प्रतीक मानी जाती है। आज ईरान इस ऐतिहासिक लड़ाई का जिक्र कर इजरायल को एक बार फिर वैसा ही दुश्मन बताने की कोशिश कर रहा है। Iran Israel war

    ईरान लंबे समय से इजरायल की नीतियों को फिलिस्तीन के खिलाफ अत्याचार के रूप में देखता आया है। खासकर जेरूसलम की अल-अक्सा मस्जिद की सुरक्षा को लेकर ईरान की चिंता सार्वजनिक रही है। खैबर का जिक्र कर खामेनेई ने यह स्पष्ट किया है कि अब संघर्ष को धार्मिक विमर्श में तब्दील किया जाएगा।

    धार्मिक विमर्श बनाम राजनीतिक टकरावIran Israel war

    खामेनेई की यह पोस्ट सीधे तौर पर इजरायल के खिलाफ एक धार्मिक युद्ध का संकेत देती है। जुल्फिकार और खैबर जैसे प्रतीक युद्ध में आत्मबल, विश्वास और ऐतिहासिक न्याय का प्रतिनिधित्व करते हैं। इससे इजरायल और अमेरिका के खिलाफ मुस्लिम जनमानस को लामबंद करने की रणनीति भी दिखती है।

    यह टकराव अब सिर्फ मिसाइलों या सैनिक कार्रवाइयों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें धर्म, इतिहास और पहचान की भी निर्णायक भूमिका होगी। आने वाले समय में इसका असर क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक राजनीति पर गहरा पड़ सकता है।

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    सोर्स- TV9 HINDI

  • Raja Raghuwanshi murder update: मुख्य आरोपी राज कुशवाहा की दादी की सदमे से मौत, बोली थीं- ‘मेरा बेटा बेकसूर है’

    Raja Raghuwanshi murder update: मुख्य आरोपी राज कुशवाहा की दादी की सदमे से मौत, बोली थीं- ‘मेरा बेटा बेकसूर है’

    Raja Raghuwanshi murder update: राजा रघुवंशी हत्याकांड के मुख्य आरोपी राज कुशवाहा की दादी रामलली का मंगलवार देर रात निधन हो गया। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद के थाना गाजीपुर क्षेत्र स्थित ग्राम रामपुर सुकेती की रहने वाली रामलली अपने पोते का नाम हत्या मामले में आने के बाद से सदमे में थीं।

    परिजनों के अनुसार, रामलली बीते कई दिनों से टीवी, अखबार और सोशल मीडिया पर चल रही रिपोर्ट्स से मानसिक रूप से परेशान थीं। वह लगातार अपने पोते को निर्दोष बताते हुए पूरे मामले की जिम्मेदार सोनम को ठहराती रहीं। उन्होंने कई बार कहा कि “मेरा बेटा बेकसूर है, उसे फंसाया जा रहा है।”

    Raja Raghuwanshi murder update

    बताया गया कि राज कुशवाहा कई वर्षों पूर्व अपने पिता के साथ इंदौर मजदूरी करने गया था, जहां वह सोनम के पिता की फैक्ट्री में काम करने लगा। यहीं से सोनम और राज का प्रेम संबंध शुरू हुआ, जो आगे चलकर देश के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ गया। Raja Raghuwanshi murder update

    Raja Raghuwanshi murder update

    जैसे-जैसे केस में पुलिस जांच गहराती गई, वैसे-वैसे राज कुशवाहा का नाम उभरता गया। जब लोगों को पता चला कि वह फतेहपुर के रामपुर सुकेती गांव का रहने वाला है, तो गांव में सनसनी फैल गई। Raja Raghuwanshi murder update

    रामलली अपने पोते की लगातार मीडिया कवरेज देखकर आहत थीं। परिजन बताते हैं कि वह हर दिन अखबारों में राज की तस्वीर और टीवी पर खबरें देखती थीं और सदमे में चली जाती थीं। मंगलवार को उन्हें हार्ट अटैक आया और उनका निधन हो गया।

    गांव में शोक का माहौल है। स्थानीय लोग और पड़ोसी अंतिम दर्शन के लिए घर पहुंचने लगे हैं। वहीं परिजन अब भी दावा कर रहे हैं कि राज कुशवाहा निर्दोष है और जांच निष्पक्ष होनी चाहिए। Raja Raghuwanshi murder update

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  • Modi Trump phone call: ट्रंप के दावे पर पीएम मोदी का करारा जवाब, “भारत ने कभी मध्यस्थता स्वीकार नहीं की, न करेगा”

    Modi Trump phone call: ट्रंप के दावे पर पीएम मोदी का करारा जवाब, “भारत ने कभी मध्यस्थता स्वीकार नहीं की, न करेगा”

    Modi Trump phone call: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हाल ही में हुई फोन बातचीत ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में स्पष्टता और दृढ़ता का परिचय दिया है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस कॉल में पीएम मोदी ने न सिर्फ भारत की स्थिति स्पष्ट की, बल्कि ट्रंप के पुराने बयानों का भी करारा जवाब दिया।

    यह फोन कॉल उस समय हुई जब जी-7 सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात प्रस्तावित थी, लेकिन ट्रंप को कनाडा से जल्दी लौटना पड़ा, जिससे यह मुलाकात नहीं हो पाई। इसके बाद ट्रंप के आग्रह पर 35 मिनट की फोन बातचीत हुई। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि इस बातचीत में ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर की परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

    पीएम मोदी का सीधा और स्पष्ट रुख- Modi Trump phone call

    पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को स्पष्ट रूप से बताया कि भारत ने पाकिस्तान के साथ संबंधों में कभी किसी बाहरी मध्यस्थता को स्वीकार नहीं किया है। भारत की नीति स्पष्ट रही है कि द्विपक्षीय मसलों को दोनों देशों के बीच आपसी संवाद के माध्यम से ही हल किया जाएगा। मोदी ने कहा कि भारत की समस्त राजनीतिक पार्टियों का इस विषय पर एकमत मत है।

    ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर का सच- Modi Trump phone call

    प्रधानमंत्री मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर की घटनाओं को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि 6-7 मई की रात को भारत ने आतंक के खिलाफ सटीक और नियंत्रित कार्रवाई की थी। यह कार्रवाई न केवल सीमित और लक्षित थी, बल्कि पूरी तरह से गैर-उकसावे वाली थी। Modi Trump phone call

    उन्होंने कहा कि भारत ने सिर्फ आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाया था और यह कार्रवाई पाकिस्तान के किसी नागरिक या सैन्य संस्थान को लक्ष्य बनाकर नहीं की गई थी। मोदी ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की एक गोली का जवाब भारत ने गोले से दिया। Modi Trump phone call

    सीजफायर का असली कारण

    सीजफायर के मुद्दे पर ट्रंप कई बार यह दावा कर चुके हैं कि उन्होंने अपने व्यापारिक प्रभाव का इस्तेमाल कर भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रोकवाया। लेकिन पीएम मोदी ने यह बात साफ कर दी कि भारत पर कोई दबाव नहीं था।

    प्रधानमंत्री ने बताया कि 9 मई की रात को अमेरिका के तत्कालीन उपराष्ट्रपति जेडी वॉन्स ने पीएम मोदी को कॉल किया और पाकिस्तान की ओर से बड़े हमले की आशंका जताई। मोदी ने उपराष्ट्रपति वॉन्स को जवाब दिया कि अगर पाकिस्तान ने ऐसा किया, तो भारत और भी बड़ा जवाब देगा। Modi Trump phone call

    भारत की जवाबी कार्रवाई और पाकिस्तान की गुहार

    9-10 मई की रात भारत ने पाकिस्तान के हमले का जोरदार जवाब दिया और पाकिस्तान की सेना को भारी नुकसान पहुंचाया। पाकिस्तान के कई सैन्य अड्डे काम करने लायक नहीं रहे। इसी के बाद पाकिस्तान ने सैन्य चैनल के जरिए भारत से सीजफायर की गुजारिश की।

    पीएम मोदी ने ट्रंप को साफ कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील या किसी भी तरह की मध्यस्थता की बात उस दौरान नहीं हुई थी।

    ट्रंप को करारा जवाब

    ट्रंप अक्सर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह दावा करते रहे हैं कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत और शांति स्थापित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लेकिन पीएम मोदी ने ट्रंप को साफ कर दिया कि भारत किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को कभी नहीं स्वीकार करेगा।

  • Meerut Saurabh Murder Case: कोर्ट ने मुस्कान और साहिल पर हत्या और सबूत मिटाने के आरोप किए तय

    Meerut Saurabh Murder Case: कोर्ट ने मुस्कान और साहिल पर हत्या और सबूत मिटाने के आरोप किए तय

    Meerut Saurabh Murder Case: मेरठ में प्रेम प्रसंग से जुड़ा सौरभ हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में है। जिला जज की अदालत ने सोमवार को आरोपी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल पर हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप तय किए हैं। इस हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था, जब सामने आया कि पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की और शव के टुकड़ों को नीले ड्रम में भरकर सीमेंट में छिपा दिया। Meerut Saurabh Murder Case

    मुस्कान और उसके प्रेमी ने की थी सौरभ की हत्या! – Meerut Saurabh Murder Case

    यह दिल दहला देने वाला मामला मेरठ के थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र के इंदिरा नगर का है। 3 मार्च की रात मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर अपने पति सौरभ की हत्या कर दी थी। दोनों ने पहले सौरभ को बेहोश किया, फिर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव के टुकड़ों को सूटकेस में भरकर ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई। बाद में शव को एक नीले ड्रम में रखकर सीमेंट के घोल से ढक दिया गया। इसके बाद दोनों घूमने निकल गए ताकि शक न हो। Meerut Saurabh Murder Case

    18 मार्च को खुला हत्या का राज- Meerut Saurabh Murder Case

    18 मार्च को जब हत्या का राज खुला तो पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जेल में मुस्कान का प्रेग्नेंसी टेस्ट हुआ जो पॉजिटिव निकला। पुलिस ने इस हत्याकांड की गहन विवेचना कर 12 मई को अदालत में 1000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें प्रेम प्रसंग को हत्या का मुख्य कारण बताया गया। Meerut Saurabh Murder Case

    सोमवार को गुप्त रूप से मुस्कान और साहिल को कड़ी सुरक्षा में अदालत में पेश किया गया, ताकि कोई बाहरी हस्तक्षेप न हो। अदालत ने चार्जशीट के आधार पर हत्या और सबूत मिटाने सहित चार आरोप तय किए। अगली सुनवाई के लिए 23 जून की तारीख तय की गई है। अभियोजन पक्ष को सबूत पेश करने का निर्देश दिया गया है। Meerut Saurabh Murder Case

    केस में कुल 34 गवाह बनाए गए

    डीजीसी क्राइम कृष्ण कुमार चौभे ने बताया कि इस केस में कुल 34 गवाह बनाए गए हैं। पुलिस ने घटना से संबंधित हर पहलू की गहनता से जांच की है। जैसे – बेहोश करने के लिए इस्तेमाल की गई दवाई किस मेडिकल स्टोर से खरीदी गई, सीमेंट और ड्रम कहां से खरीदे गए – इन सभी स्थानों पर पुलिस गई और फोटो दिखाकर पहचान भी करवाई गई।

    उन्होंने कहा कि यह मामला अपने आप में बहुत ही क्रूर और दुर्लभ है, जिसमें पूरी योजना बनाकर पहले बेहोश किया गया, फिर हत्या की गई और शव को सीमेंट में छिपा दिया गया। डीजीसी का कहना है कि वह इस केस में अधिकतम सजा दिलाने का प्रयास करेंगे।

    मृतक सौरभ के भाई को गवाह के रूप में तलब किया गया है, जिसकी पेशी 23 जून को तय है। यह केस इसलिए भी विशेष बन गया है क्योंकि इस प्रकार की हत्या जिसमें महिला आरोपी हो और इतना सोचा-समझा प्लान हो, दुर्लभ होती है।

    ये भी पढ़ें- MEERUT SAURABH MURDER CASE-सौरभ हत्याकांड की चार्जशीट पेश, 30 गवाह, स्नैपचैट-कॉल डिटेल बनीं कातिल की कब्र, TV9 HINDI

  • WhatsApp Ads: वॉट्सऐप पर अब दिखेंगे विज्ञापन: मेटा का नया अपडेट क्या बदलेगा आपका अनुभव?

    WhatsApp Ads: वॉट्सऐप पर अब दिखेंगे विज्ञापन: मेटा का नया अपडेट क्या बदलेगा आपका अनुभव?

    WhatsApp Ads: वॉट्सऐप, जिसे दुनिया भर में 3 अरब से ज्यादा लोग हर महीने इस्तेमाल करते हैं, अब एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। मेटा, जो पहले फेसबुक के नाम से जाना जाता था, ने हाल ही में ऐलान किया है कि वॉट्सऐप पर अब विज्ञापन (ऐड्स) दिखाई देंगे। यह खबर उन लोगों के लिए हैरान करने वाली हो सकती है, जो वॉट्सऐप को उसकी सादगी और ऐड-फ्री अनुभव के लिए पसंद करते हैं। साल 2014 में जब मेटा ने वॉट्सऐप को 19 अरब डॉलर में खरीदा था, तब से ही यह कयास लगाया जा रहा था कि ऐड्स का आगमन होगा। अब, 11 साल बाद, मेटा ने इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी है। लेकिन क्या यह बदलाव आपके वॉट्सऐप अनुभव को प्रभावित करेगा? आइए, इस नए अपडेट के हर पहलू को समझते हैं।

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    वॉट्सऐप के अपडेट टैब में क्या होगा नया?- WhatsApp Ads

    मेटा ने वॉट्सऐप के अपडेट टैब को पिछले कुछ सालों में पूरी तरह से बदल दिया है। पहले यह टैब सिर्फ स्टेटस अपडेट्स के लिए था, जहां यूजर्स 24 घंटे के लिए गायब होने वाली तस्वीरें, वीडियो या टेक्स्ट शेयर करते थे। अब इस टैब में चैनल्स का फीचर भी शामिल है, जिसके जरिए क्रिएटर्स, बिजनेस और संगठन अपने फॉलोअर्स को ब्रॉडकास्ट मैसेज भेज सकते हैं। मेटा अब इस अपडेट टैब को और भी आकर्षक बनाने की तैयारी में है। WhatsApp Ads

    1. विज्ञापन (ऐड्स): अब यूजर्स को अपडेट टैब के स्टेटस सेक्शन में विज्ञापन दिखाई देंगे। ये विज्ञापन इंस्टाग्राम स्टोरीज की तरह होंगे, जहां कुछ स्टेटस देखने के बाद आपको प्रचार सामग्री दिखेगी। मेटा का कहना है कि ये ऐड्स सिर्फ अपडेट टैब तक सीमित रहेंगे और आपके पर्सनल चैट्स या इनबॉक्स में नहीं दिखेंगे। यूजर्स इन ऐड्स पर क्लिक करके बिजनेस से सीधे बात कर सकते हैं और उनके प्रोडक्ट्स या सर्विसेज के बारे में जान सकते हैं।
    2. चैनल सब्सक्रिप्शन: वॉट्सऐप ने चैनल्स के लिए पेड सब्सक्रिप्शन की सुविधा शुरू की है। अब यूजर्स अपने पसंदीदा चैनल्स को मासिक शुल्क देकर सब्सक्राइब कर सकते हैं और एक्सक्लूसिव कंटेंट या अपडेट्स पा सकते हैं। यह फीचर क्रिएटर्स और बिजनेस के लिए कमाई का नया जरिया बनेगा। मेटा ने कहा है कि फिलहाल वह इन सब्सक्रिप्शन्स से कोई कमीशन नहीं लेगा, लेकिन भविष्य में 10% कमीशन ले सकता है।
    3. प्रमोटेड चैनल्स: चैनल ओनर्स अब अपने चैनल्स को प्रमोट करने के लिए पैसे खर्च कर सकते हैं। इससे उनके चैनल्स ज्यादा यूजर्स तक पहुंचेंगे और वॉट्सऐप के डिस्कवरी सेक्शन में दिखाई देंगे। यह बिजनेस और क्रिएटर्स के लिए अपनी रीच बढ़ाने का एक शानदार मौका है।

    प्राइवेसी का क्या?- WhatsApp Ads

    वॉट्सऐप ने हमेशा अपनी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन नीति को अपनी ताकत बताया है। मेटा ने इस अपडेट के साथ फिर से वादा किया है कि यूजर्स के पर्सनल मैसेज, कॉल्स, ग्रुप चैट्स और स्टेटस पूरी तरह से एन्क्रिप्टेड रहेंगे। इसका मतलब है कि कोई भी, मेटा या थर्ड पार्टी, आपके निजी मैसेज को नहीं देख सकता।

    विज्ञापनों को टारगेट करने के लिए मेटा सीमित डेटा का इस्तेमाल करेगा, जैसे कि आपका देश, शहर, डिवाइस की भाषा, आपके द्वारा फॉलो किए गए चैनल्स और ऐड्स के साथ आपकी इंटरैक्शन। अगर आपने अपने वॉट्सऐप अकाउंट को मेटा के अकाउंट सेंटर से लिंक किया है, तो आपके फेसबुक और इंस्टाग्राम से जुड़े ऐड प्रेफरेंस भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। हालांकि, मेटा ने साफ किया है कि आपका फोन नंबर एडवर्टाइजर्स के साथ शेयर नहीं होगा।

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    कुछ यूजर्स और प्राइवेसी विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि यह कदम वॉट्सऐप की मूल पहचान को बदल सकता है। वॉट्सऐप के सह-संस्थापक जैन कौम और ब्रायन एक्टन हमेशा विज्ञापनों के खिलाफ थे। 2012 में जैन कौम ने एक ब्लॉग में लिखा था, “जब विज्ञापन की बात आती है, तो यूजर ही प्रोडक्ट बन जाता है।” दोनों संस्थापकों ने 2018 में मेटा के साथ मतभेदों के चलते कंपनी छोड़ दी थी।

    वॉट्सऐप पर ऐड्स कब से दिखेंगे?- WhatsApp Ads

    मेटा ने बताया है कि ये नए फीचर्स ग्लोबल स्तर पर धीरे-धीरे रोलआउट किए जाएंगे। यह अपडेट iOS और Android दोनों प्लेटफॉर्म्स के लिए उपलब्ध होगा। हालांकि, कंपनी ने सटीक तारीख का खुलासा नहीं किया है, लेकिन अगले कुछ महीनों में ये बदलाव यूजर्स को दिखने शुरू हो जाएंगे। भारत, ब्राजील और अफ्रीका जैसे देशों में, जहां वॉट्सऐप का इस्तेमाल बहुत ज्यादा है, यह अपडेट बिजनेस के लिए खासा फायदेमंद हो सकता है।

    यूजर्स और बिजनेस के लिए इसका मतलब- WhatsApp Ads

    वॉट्सऐप के इस कदम से बिजनेस और कंटेंट क्रिएटर्स को फायदा होगा। छोटे और मझोले बिजनेस, जो पहले से ही वॉट्सऐप बिजनेस ऐप का इस्तेमाल करते हैं, अब स्टेटस ऐड्स और प्रमोटेड चैनल्स के जरिए ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच सकते हैं। भारत जैसे बाजारों में, जहां वॉट्सऐप बिजनेस के 200 मिलियन से ज्यादा मासिक यूजर्स हैं, यह अपडेट गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

    लेकिन यूजर्स के लिए यह बदलाव मिश्रित अनुभव ला सकता है। कुछ यूजर्स को स्टेटस में ऐड्स देखना परेशान कर सकता है, खासकर उन लोगों को जो वॉट्सऐप की सादगी के दीवाने हैं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। एक यूजर ने लिखा, “वॉट्सऐप को बिना ऐड्स के लिए ही पसंद किया जाता था। अब यह भी इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसा हो जाएगा।”

    भारत के लिए क्या मायने?- WhatsApp Ads

    भारत में वॉट्सऐप के 500 मिलियन से ज्यादा यूजर्स हैं, जो इसे मेटा के लिए सबसे बड़ा बाजार बनाता है। वॉट्स�water:4⁊ मेटा ने भारत में वॉट्सऐप बिजनेस यात्री जैसे प्रोग्राम शुरू किए हैं, जो छोटे बिजनेस को ऐप का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाने में मदद करते हैं। नए ऐड फीचर्स भारत में बिजनेस के लिए अपनी पहुंच बढ़ाने का मौका देंगे, लेकिन यूजर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी प्राइवेसी बरकरार रहे।

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    सोर्स- AAJ TAK