बरेली: ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी (Maulana Shahabuddin Rajvi) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केंद्र सरकार में 11 वर्ष पूर्ण करने पर मुबारकबाद दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कई योजनाएं शुरू हुईं, जिनका लाभ सभी समुदायों को मिला, और इन योजनाओं में किसी तरह का भेदभाव नहीं किया गया।Maulana Shahabuddin Rajvi
मौलाना रजवी ने अपने प्रेस बयान में कहा कि केंद्र सरकार की कई योजनाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है, जिससे भारत की छवि वैश्विक स्तर पर मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में हिन्दू-मुस्लिम तनाव में गिरावट देखी गई, लेकिन तीसरे कार्यकाल के पहले वर्ष में नफरत का माहौल दोबारा पनप रहा है, जो चिंताजनक है। Maulana Shahabuddin Rajvi
उन्होंने साफ किया कि इस तरह की घटनाओं के लिए प्रधानमंत्री मोदी को सीधे दोष देना उचित नहीं है, क्योंकि ये घटनाएं छोटे संगठनों और कट्टर सोच के लोगों की वजह से हो रही हैं, जो समाज में नफरत और अस्थिरता फैलाना चाहते हैं। Maulana Shahabuddin Rajvi
मौलाना रजवी ने प्रधानमंत्री से अपील की कि वे मुस्लिम समुदाय के साथ संवाद की प्रक्रिया दोबारा शुरू करें, जो पिछले कुछ वर्षों से थमी हुई है। उन्होंने कहा कि संवाद की कमी ने सरकार और मुस्लिम समाज के बीच अविश्वास पैदा किया है।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री को चाहिए कि वे अपने दरवाजे मुसलमानों के लिए खोलें और उन्हें विश्वास में लेकर बात करें, ताकि एकजुट भारत की तस्वीर उभर सके।”
मौलाना रजवी ने मुस्लिम समुदाय से भी आग्रह किया कि वे टकराव की नीति छोड़कर मेल-जोल और सौहार्द का रास्ता अपनाएं। उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक टकराव किसी भी समाज के लिए घातक होता है और यह विकास में बाधा बनता है। उन्होंने सभी समुदायों से आग्रह किया कि वे मिल-जुलकर देश की तरक्की और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक सकारात्मक माहौल बनाएं।
एटा: उत्तर प्रदेश के एटा जनपद से सनसनीखेज (Etah crime news) मामला सामने आया है, जहां एक संत के बेटे पर दबंगों ने सरेराह जानलेवा हमला कर दिया। यह वारदात कोतवाली नगर क्षेत्र के अलीगंज रोड मोड़ स्थित सैयद मंदिर की है।
घायल गोकुल चंद्र, जो संत प्रेम नारायण के पुत्र हैं, पर शीतलपुर के दबंगों ने उस समय हमला कर दिया जब वह मंदिर में मौजूद थे। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले मंदिर में आयोजित भागवत कथा के दौरान दबंगों ने महिलाओं के साथ अभद्रता की थी, जिसका विरोध संत ने किया था। तभी से रंजिश चल रही थी।
इस पुरानी दुश्मनी के चलते आज दबंगों ने गोकुल चंद्र पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। घायल को तत्काल एटा मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।
पिता प्रेम नारायण का कहना है कि दबंगों ने पहले भी धमकी दी थी, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
पीलीभीत: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक (Pilibhit Crime News) सनसनीखेज घटना ने सुर्खियां बटोरीं। स्थानीय पुलिस ने राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह घटना जिले के माधोटांडा थाना क्षेत्र की है, जहां आरोपी निवासी है। पीलीभीत पुलिस ने साइबर सेल की मदद से इस मामले में त्वरित कार्रवाई की और आरोपी को हिरासत में ले लिया। Pilibhit Crime News
🔴 ब्रेकिंग • पीलीभीत ▪️ राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाला युवक गिरफ्तार ▪️ सोशल मीडिया पर की थी भड़काऊ और अशोभनीय पोस्ट ▪️ साइबर सेल ने लोकेशन ट्रेस कर आरोपी को पकड़ा ▪️ माधोटांडा थाना क्षेत्र का निवासी है आरोपी ▪️ पुलिस ने संगीन धाराओं में दर्ज किया… pic.twitter.com/qbPo32MCUD
जानकारी के अनुसार, युवक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर राज्यमंत्री के खिलाफ अपमानजनक और आपत्तिजनक पोस्ट साझा की थी, जिसके बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन का ध्यान इस ओर गया। मामला गंभीर होने के कारण पीलीभीत पुलिस की साइबर सेल ने तुरंत जांच शुरू की। साइबर विशेषज्ञों ने डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर आरोपी की पहचान की और उसे माधोटांडा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। Pilibhit Crime News
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था के प्रति पुलिस की सख्ती का संदेश गया है। पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने या आपत्तिजनक सामग्री साझा करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
फर्रुखाबाद- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद (Farrukhabad )के कोतवाली मोहम्मदाबाद क्षेत्र में बोलेरो सवार बदमाशों ने बारात के साथ लूट की घटना को अजांम दिया। जिसमें लुटेरों ने बारातियों के साथ जमकर मारपीट की और सोने- चांदी के जेवरात व नगदी को भी लूटा। घटना को अजांम देकर बदमाश मौके से फरार हो गए। घटना फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र में हुई रविवार रात बारात में जा रहे परिवार के साथ लूटपाट की वारदात हुई। मैनपुरी के ओछा गांव से विवेक जोशी की बारात झसी गांव में आई थी। Farrukhabad Crime News
🚨 फर्रुखाबाद ब्रेकिंग न्यूज़ 🚨 📍 बोलेरो सवार बदमाशों ने बारातियों पर बोला हमला, लूटपाट और महिलाओं से छेड़छाड़ 🔸 मैनपुरी से फर्रुखाबाद के थाना जहानगंज के गांव झंसी जा रही थी बारात 🔸 मौधा गांव (कोतवाली मोहम्मदाबाद) के पास बोलेरो सवार बदमाशों ने बारात की कार को ओवरटेक कर रोका… pic.twitter.com/FNYI808Ajt
बारातियों के साथ की मारपीट- Farrukhabad Crime News
इस दौरान बोलेरो सवार बदमाशों के साथ कहासुनी हुई और बारातियों को जान से मारने की धमकी दी।गांव के लोगों ने अपनी कार को सड़क पर खड़ी करके बारातियों की गाड़ी रोक ली। आरोपियों ने गाली-गलौज के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की।
पीड़ित बारातियों ने डायल 112 और घरवालों को सूचना दी। जिसके बाद रिश्तेदारों और पुलिस के पहुंचने से पहले ही बोलेरो सवार बदमाशों फरार हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वाहन की जांच की और प्रार्थना पत्र लिया। आकाश ने बताया है कि पुलिस ने घायलों का मेडिकल भी नहीं कराया। तहरीर में कार का शीशा तोड़ने की भी शिकायत की गई है। पीड़ित परिवार ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
बरेली: यूपी के बरेली जिले में पुलिस ने नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोपी को (Bareilly Minor rape case) पुलिस ने मुठभेड़ के बाद घायल अवस्था में गिरफ्तार किया। यह घटना न केवल समाज में छिपी दरिंदगी को उजागर करती है, बल्कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई की मिसाल भी पेश करती है। आरोपी, रफीक, जो पीड़िता का पड़ोसी और मुंहबोला चाचा था, ने बच्ची को मोबाइल दिखाने के बहाने अपने घर बुलाकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया।
घटना का विवरण- Bareilly Minor rape case
8 जून की रात करीब 1:25 बजे, थाना बारादरी क्षेत्र में पीड़िता की मां ने शिकायत दर्ज की कि उनकी नाबालिग बेटी के साथ रफीक पुत्र नवी अहमद ने अनैतिक कृत्य किया। पुलिस ने तुरंत POSCO एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सूचना के आधार पर पुलिस ने बाईपास रोड के 99 बीघा क्षेत्र में घेराबंदी की। इस दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की, लेकिन जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे मौके पर दबोच लिया और उसके पास से एक .315 बोर का देशी तमंचा, एक खोखा कारतूस, और एक जिंदा कारतूस बरामद किया।
आरोपी का कबूलनामा- Bareilly Minor rape case
पूछताछ में रफीक ने बताया कि वह मूल रूप से बदायूं का रहने वाला है और बरेली के हजियापुर मोहल्ले में किराए पर रहता था। वह कारचोबी का काम करता था और पीड़िता अक्सर उसके पास मोबाइल देखने आती थी। उसने स्वीकार किया कि उसने बच्ची को टॉफी देकर लालच दिया और डराकर अपराध को अंजाम दिया। पकड़े जाने के डर से वह हिमाचल प्रदेश भागने की योजना बना रहा था।
पुलिस की कार्रवाई- Bareilly Minor rape case
घायल आरोपी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। सीओ थर्ड बरेली, पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की, जिससे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है, और समाज में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कठोर कदम उठाने की मांग उठ रही है।
इंदौर/गाजीपुर/शिलांग: हनीमून पर गए इंदौर के नामी ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi murder case) की हत्या और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी के रहस्यमयी तरीके से गायब होने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। करीब दो हफ्ते से लापता सोनम 9 जून को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के नंदगंज थाना क्षेत्र स्थित एक ढाबे पर बदहवास हालत में मिली।
बताया जा रहा है कि सोनम ने खुद ढाबा मालिक के फोन से अपने भाई गोविंद को कॉल किया और कहा – “मैं गाजीपुर में हूं, मुझे बचा लो।” सूचना मिलने के बाद परिजन और पुलिस हरकत में आए। फिलहाल सोनम को वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है और पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। Raja Raghuvanshi murder case
सोनम पर हत्या की साजिश का आरोप- Raja Raghuvanshi murder case
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मेघालय पुलिस ने सोनम सहित चार लोगों को राजा की हत्या में गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि सोनम ने ही राजा की हत्या की सुपारी दी थी। मेघालय पुलिस के डीजीपी स्मति इदाशीशा नोंग्रांग ने पीटीआई के हवाले से बताया कि सोनम ने इंदौर से ही सुपारी किलर को शिलांग भेजा, जिन्होंने राजा की हत्या कर दी।
📅 पूरी घटना की टाइमलाइन:
11 मई 2025: राजा और सोनम की शादी इंदौर में हुई।
21 मई: कपल शिलांग पहुंचा, बालादी गेस्ट हाउस में रुके।
22 मई: दोनों कीटिंग रोड पर घूमने निकले, स्कूटर किराए पर ली।
23 मई: परिवार से आखिरी बार बात हुई। इसके बाद दोनों के फोन बंद हो गए।
2 जून: राजा की सड़ी-गली लाश वेई सॉडोंग वाटरफॉल के पास खाई में मिली।
स्कूटर लावारिस हालत में पास के सोहरारिम इलाके में मिला।
सोनम का कोई सुराग नहीं था, परिजनों को अपहरण या तस्करी की आशंका हुई।
सोनम का लापता होना और परिवार की आशंका
राजा का शव मिलने के बाद सोनम का कोई सुराग नहीं था। परिवार को आशंका थी कि सोनम का अपहरण कर लिया गया है या उसे मानव तस्करी का शिकार बनाया गया हो सकता है। सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी ने शिलांग में सर्च ऑपरेशन में हिस्सा लिया और पुलिस से बार-बार सीबीआई जांच की मांग की। परिवार ने मेघालय पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि अगर समय पर कार्रवाई हुई होती, तो शायद सोनम सुरक्षित मिल सकती थी।
सोनम के पिता देवी सिंह रघुवंशी ने मेघालय पुलिस और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने शुरू से ही इस मामले में ढिलाई बरती और सबूतों को नष्ट होने दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मेघालय के मुख्यमंत्री और पुलिस सोनम को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं।
गाजीपुर में सोनम की गिरफ्तारी
9 जून 2025 को इस केस में एक नाटकीय मोड़ आया, जब सोनम रघुवंशी गाजीपुर के नंदगंज थाना क्षेत्र में एक ढाबे पर मिली। गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बताया कि सोनम बदहवास हालत में थी और उसने काले रंग की ड्रेस पहनी थी। उसने ढाबा मालिक के फोन से अपने भाई गोविंद को कॉल करके कहा, “मैं गाजीपुर के ढाबे पर हूं, मुझे बचा लो, यहां से ले जाओ।”
गोविंद ने तुरंत इंदौर पुलिस को सूचित किया, जिसने गाजीपुर पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने सोनम को ढाबे से हिरासत में लिया और वन स्टॉप सेंटर में रखा। गाजीपुर पुलिस ने बताया कि सोनम से पूछताछ शुरू की गई है, लेकिन वह घबराई हुई है और ज्यादा कुछ नहीं बता पा रही है।
आधी रात काशी जायका ढाबे पर पहुंची सोनम, ढाबा मालिक से बातचीत
मेघालय हत्याकांड में फरार चल रही सोनम रघुवंशी शनिवार रात करीब 1 बजे आकुशपुर स्थित काशी जायका ढाबा पर पहुंची। यहां ढाबा मालिक से फोन मांगकर उसने अपने परिजनों को कॉल किया और अपनी मौजूदगी की जानकारी दी। इसके बाद ढाबा मालिक ने भी पुलिस को इसकी सूचना दी। रात करीब 3-4 बजे के आसपास पुलिस मौके पर पहुंची और सोनम को जिला अस्पताल लेकर आई, जहां उसकी प्रारंभिक मेडिकल जांच की गई।
मेघालय पुलिस का दावा: सोनम ने दी थी सुपारी
मेघालय पुलिस ने इस मामले में चौंकाने वाला खुलासा किया। मेघालय के डीजीपी स्मति इदाशीशा नोंग्रांग ने दावा किया कि सोनम ने ही अपने पति राजा की हत्या की सुपारी दी थी। उनके मुताबिक, इंदौर से सुपारी किलर शिलांग भेजे गए थे, जिन्होंने इस हत्याकांड को अंजाम दिया। मेघालय पुलिस ने सोनम सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इस दावे ने पूरे मामले को और रहस्यमयी बना दिया है।
हालांकि, सोनम के पिता ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी बेगुनाह है और मेघालय पुलिस उसे फंसाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने सीबीआई जांच की मांग दोहराई ताकि सच्चाई सामने आ सके।
परिवार और समाज की मांग: सीबीआई जांच
इस मामले ने इंदौर और मेघालय में हलचल मचा दी है। राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने केंद्र सरकार और मेघालय प्रशासन पर मामले को दबाने का आरोप लगाया। रघुवंशी समाज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की अपील की है।
फरीदपुर, बरेली। ईद उल अजहा, जिसे बकरीद के नाम से भी जाना जाता है, फरीदपुर और आसपास के क्षेत्रों में (Eid ul Adha 2025) 7 जून 2025 को पूरे जोश और शांति के साथ मनाया गया। यह पर्व न केवल कुर्बानी की भावना को दर्शाता है, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारा और मानवीय मूल्यों को भी मजबूत करता है। सुबह तड़के से ही फरीदपुर की मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह 10 बजे ईदगाह में हज़ारों लोगों ने नमाज अदा की और देश की खुशहाली, शांति और तरक्की के लिए दुआएं मांगीं। Eid ul Adha 2025
प्यार-मोहब्बत का पैगाम- Eid ul Adha 2025
नमाज के बाद लोग आपस में गले मिले, एक-दूसरे को बधाइयां दीं और प्यार-मोहब्बत का पैगाम बांटा। यह नजारा समाज में एकता और प्रेम की मिसाल बन गया। इस अवसर पर स्थानीय नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। प्रो. डॉ. अलाउद्दीन खान, नगर पालिका अध्यक्ष सराफत जरी वाले, हाजी महबूब अली खान और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने ईद की शुभकामनाएं दीं और साझी संस्कृति को बढ़ावा देने का संदेश दिया। Eid ul Adha 2025
Best wishes on Eid ul-Adha. May this occasion inspire harmony and strengthen the fabric of peace in our society. Wishing everyone good health and prosperity.
प्रशासन ने पर्व को शांतिपूर्ण बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। एसडीएम मल्लिका नैन, तहसीलदार सुरभि राय और सीओ संदीप सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। इससे लोग बिना किसी डर के उत्सव में शामिल हुए। Eid ul Adha 2025
ईद उल अजहा का असली संदेश कुर्बानी में निहित है। यह केवल पशु बलि तक सीमित नहीं, बल्कि यह अपने अंदर की बुराइयों जैसे अहंकार, नफरत और स्वार्थ को त्यागने की प्रेरणा देता है। आज के दौर में, जब समाज में तनाव और मतभेद बढ़ रहे हैं, यह पर्व हमें आपसी प्रेम और सहिष्णुता का पाठ पढ़ाता है। फरीदपुर की यह ईद सामाजिक सौहार्द का जीवंत उदाहरण बनी। Eid ul Adha 2025
यह त्यौहार हमें याद दिलाता है कि धर्म का मकसद बांटना नहीं, जोड़ना है। ईद की खुशियां तब और बढ़ जाती हैं, जब हम इसे समाज के हर वर्ग के साथ मिलकर मनाते हैं। यह पर्व हमें सामाजिक जिम्मेदारी, भाईचारे और मानवता के प्रति समर्पण की सीख देता है। फरीदपुर में इस बार की ईद ने न केवल धार्मिक उत्साह दिखाया, बल्कि एकता और प्रेम का संदेश भी दिया।
कानपुर नगर: उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर में घाटमपुर तहसील के बेहटा बुजुर्ग गांव में स्थित (Kanpur Jagannath Temple) भगवान जगन्नाथ का प्राचीन मंदिर न केवल आध्यात्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह अपने अनोखे चमत्कार के लिए भी विश्व भर में प्रसिद्ध है। यह मंदिर, जिसे स्थानीय लोग “मानसून मंदिर” भी कहते हैं, हर साल मानसून की सटीक भविष्यवाणी करता है। मंदिर के गुंबद पर लगा एक विशेष पत्थर मानसून के आगमन से 15-20 दिन पहले पानी की बूंदें टपकाने लगता है, जो बारिश की मात्रा और तीव्रता का संकेत देता है। 2025 में इस पत्थर से बूंदें पहले से ही अच्छी मात्रा में गिर रही हैं, जिससे इस साल सामान्य से अधिक बारिश की उम्मीद जताई जा रही है। Kanpur Jagannath Temple
मंदिर का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व- Kanpur Jagannath Temple
कानपुर से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित यह मंदिर अपनी अनूठी संरचना के लिए भी जाना जाता है। यह उड़ीसा के जगन्नाथ मंदिर से भिन्न है और बौद्ध स्तूप की तरह गोल गुंबद वाला है। मंदिर की शिल्पकला नागर शैली में है, और माना जाता है कि इसे 11वीं या 12वीं सदी में बनाया गया था। हालांकि, समय के साथ यह मंदिर क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसकी मरम्मत स्थानीय जमींदारों द्वारा कराई गई। मंदिर में भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा की काले पत्थर से बनी मूर्तियां स्थापित हैं। हर साल यहां पुरी की तर्ज पर रथ यात्रा निकाली जाती है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
जगन्नाथ मंदिर में पत्थर की बूंदों का अनसुलझा रहस्य (फोटो- नेशन नाव समाचार)
मंदिर के बाहर मोर का निशान और चक्र बना हुआ है, जो इसे ऐतिहासिक और पुरातात्विक दृष्टि से और भी खास बनाता है। पुरातत्व विभाग के अधीन यह मंदिर अपनी प्राचीनता और रहस्यमयी विशेषताओं के कारण शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र रहा है।
पत्थर की बूंदों का रहस्य- Kanpur Jagannath Temple
मंदिर के गर्भगृह के शिखर पर लगा पत्थर साल भर सूखा रहता है, लेकिन मई के अंत या जून की शुरुआत में, जब चिलचिलाती गर्मी अपने चरम पर होती है, इस पत्थर से पानी की बूंदें टपकने लगती हैं। यह प्रक्रिया मानसून के आगमन से ठीक पहले शुरू होती है और बारिश शुरू होते ही पत्थर पूरी तरह सूख जाता है। मंदिर के पुजारी कुड़हा प्रसाद शुक्ला के अनुसार, बूंदों का आकार और मात्रा मानसून की तीव्रता का संकेत देती है। यदि बूंदें छोटी और कम होती हैं, तो बारिश कमजोर रहती है, और यदि बूंदें बड़ी और अधिक होती हैं, तो अच्छी बारिश की उम्मीद की जा सकती है। Kanpur Jagannath Temple
2025 में पत्थर से बड़ी बूंदें टपक रही हैं, और पुजारी का कहना है कि यह संकेत है कि इस साल मानसून समय पर आएगा और बारिश सामान्य से अधिक होगी। सीएसए कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी भी इस भविष्यवाणी से सहमत हैं। उन्होंने बताया कि 41 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी में भी पत्थर से बूंदें टपक रही थीं, जो सामान्य से अधिक वर्षा का संकेत देती हैं। Kanpur Jagannath Temple
यहां होती है बाबा जगन्नाथ की पूजा. (फोटो- नेशन नाव समाचार)
वैज्ञानिकों की जिज्ञासा और अनसुलझा रहस्य- Kanpur Jagannath Temple
इस मंदिर के पत्थर के चमत्कार ने देश-विदेश के वैज्ञानिकों को भी हैरान किया है। कई वैज्ञानिक और पुरातत्वविद इस रहस्य को सुलझाने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन अभी तक यह समझ नहीं पाए कि गर्मी के मौसम में पत्थर से पानी की बूंदें कैसे बनती हैं। कुछ का मानना है कि मंदिर की संरचना ऐसी है कि यह वातावरण की नमी को अवशोषित कर बूंदों के रूप में छोड़ती है। हालांकि, यह प्रक्रिया केवल मानसून से पहले क्यों होती है, इसका कोई वैज्ञानिक जवाब नहीं मिला है।
स्थानीय लोग इसे भगवान जगन्नाथ का चमत्कार मानते हैं और इस भविष्यवाणी पर पूरा भरोसा करते हैं। मंदिर के 50-60 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले किसान बूंदों को देखकर अपनी फसलों की बुआई और कटाई की योजना बनाते हैं। वे मानते हैं कि यह मंदिर उनकी खेती और आजीविका का मार्गदर्शक है।
स्थानीय लोगों और किसानों की आस्था- Kanpur Jagannath Temple
बेहटा बुजुर्ग और आसपास के गांवों के लोग इस मंदिर को अपनी आस्था का केंद्र मानते हैं। मई के अंतिम सप्ताह में जब पत्थर से बूंदें टपकने लगती हैं, तो किसान मंदिर में विशेष पूजा-पाठ शुरू कर देते हैं। वे अच्छी फसल और समृद्धि की कामना करते हैं। 2025 में बूंदों की अच्छी मात्रा ने किसानों में उत्साह जगाया है। उनका मानना है कि इस साल फसल की पैदावार बढ़ेगी और खेती को लाभ होगा।
मानसून 2025 की भविष्यवाणी- Kanpur Jagannath Temple
इस साल मंदिर के पत्थर से टपक रही बूंदें स्थानीय लोगों और मौसम विज्ञानियों दोनों के लिए सकारात्मक संकेत दे रही हैं। पुजारी के अनुसार, पत्थर पूरी तरह भीगा हुआ है और बूंदों की गति तेज है, जो 10-15 दिनों में मानसून के आगमन और अच्छी बारिश का संकेत है। मौसम विज्ञानियों ने भी इस साल सामान्य से अधिक वर्षा की भविष्यवाणी की है, जो मंदिर की भविष्यवाणी के साथ मेल खाती है।
मंदिर का पर्यटन और धार्मिक महत्व
यह मंदिर न केवल मानसून की भविष्यवाणी के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यह एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल भी है। हर साल रथ यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। मंदिर की अनूठी संरचना और चमत्कारी पत्थर इसे पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनाते हैं। पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित इस मंदिर का रखरखाव नियमित रूप से किया जाता है, ताकि इसकी प्राचीनता बरकरार रहे।
गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के धन्नीपुरवा गांव में 5 जून 2025 को एक ऐसी शादी (GONDA WEDDING UP STF) हुई, जिसने न केवल स्थानीय लोगों के दिलों को छुआ, बल्कि पूरे प्रदेश में मिसाल कायम की। यह शादी थी उदयकुमारी की, जिसके भाई शिवदीन की बीते 24 अप्रैल 2025 की रात चोरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस दुखद घटना ने उदयकुमारी की 5 मई को होने वाली शादी को स्थगित कर दिया था, क्योंकि बदमाशों ने शादी के लिए रखे गहने, नकदी और अन्य सामान लूट लिया था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने और भाई की हत्या के सदमे ने उदयकुमारी की मां शकुंतला और पूरे परिवार को तोड़ दिया था। लेकिन यूपी STF, गोंडा पुलिस और यूपी राज्य महिला आयोग ने इस परिवार को सहारा देकर एक ऐतिहासिक शादी का आयोजन किया। GONDA WEDDING UP STF
भाई की मौत से टूटा परिवार, पुलिस बनी सहारा- GONDA WEDDING UP STF
घटना की जानकारी मिलते ही गोंडा पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने चार बदमाशों को गिरफ्तार किया और दो इनामी अपराधियों, सोनू पासी और ज्ञानचंद्र पासी, को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। सोनू पासी पर हत्या, लूट और डकैती जैसे 48 से अधिक मामले दर्ज थे। इस कार्रवाई ने परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया, लेकिन शादी की आर्थिक तंगी अभी भी एक चुनौती थी। GONDA WEDDING UP STF
इसी बीच, यूपी STF चीफ अमिताभ यश के निर्देश पर STF के सीओ डीके शाही और उनकी पत्नी, यूपी राज्य महिला आयोग की सदस्य ऋतु शाही, ने परिवार से मुलाकात की। उन्होंने उदयकुमारी की शादी की पूरी जिम्मेदारी लेने का फैसला किया। गोंडा पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल की पत्नी डॉ. तन्वी जायसवाल ने परिवार को 1.51 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण और घरेलू सामान देकर सहायता प्रदान की। शादी के लिए टेंट, जयमाल स्टेज, सजावट और भोजन की व्यवस्था भी पुलिस और STF ने की। GONDA WEDDING UP STF
UP STF और पुलिस बनीं ‘घराती’– GONDA WEDDING UP STF
5 जून को जब दूल्हा प्रदीप कुमार बारात लेकर धन्नीपुरवा पहुंचा, तो गोंडा पुलिस और STF ने घराती की भूमिका निभाई। SP विनीत जायसवाल, डॉ. तन्वी जायसवाल, डीके शाही और ऋतु शाही ने बारात का स्वागत किया और द्वार पूजा जैसे रीति-रिवाज पूरे किए। स्थानीय तरबगंज विधायक प्रेम नारायण पांडेय और जिला प्रशासन के अधिकारी भी इस समारोह में शामिल हुए। महिला पुलिसकर्मियों ने बहन की भूमिका निभाई, जबकि पुरुष पुलिसकर्मियों ने भाई और परिजनों का रोल अदा किया। GONDA WEDDING UP STF
यह शादी न केवल उदयकुमारी और उनके परिवार के लिए एक नई शुरुआत थी, बल्कि यह पुलिस की मानवीय संवेदनशीलता का प्रतीक भी बनी। स्थानीय लोगों ने इस पहल की जमकर सराहना की। शकुंतला ने भावुक होकर कहा, “पुलिस ने हमारे लिए वह किया, जो कोई अपना भी शायद न कर पाता।” डीके शाही ने बताया कि यह कदम न केवल परिवार की मदद के लिए था, बल्कि समाज में पुलिस की सकारात्मक छवि को मजबूत करने के लिए भी था। GONDA WEDDING UP STF
यह घटना दर्शाती है कि पुलिस न केवल अपराध से लड़ती है, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभाती है। गोंडा की इस शादी ने यूपी पुलिस को “मित्र पुलिस” का असली चेहरा बना दिया। यह कहानी हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है, जो मानवता और एकजुटता में विश्वास रखता है। GONDA WEDDING UP STF
कानपुर देहात: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में नेशन नाव समाचार (NNS IMPCAT) की खबर एक बार फिर बड़ा असर हुआ है। “मेरा गांव मेरी आवाज” कार्यक्रम के तहत नेशन नाव समाचार ने जिले के अंतापुर ब्लॉक के संदलपुर गांव में सड़क समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा जोर शोर उठाया था। जिसके बाद अब जिले के आलाधिकारियों को तलब किया गया है। NNS IMPCAT
ब्रेकिंग | नेशन नाव समाचार की खबर का बड़ा असर ▪️ "मेरा गांव मेरी आवाज" कार्यक्रम की खबर का दिखा असर ▪️ जिले के अफसरों को किया गया तलब, जवाब-तलब शुरू ▪️ अंता पुर, ब्लॉक संदलपुर (कानपुर देहात) की जनता को राहत की उम्मीद ▪️ रामपुर गांव की सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की संभावना… pic.twitter.com/YTM1jdXGFQ
दरअसल, कानपुर देहात के संदलपुर गांव में लंबे समय से सड़क और बुनियादी सुविधाओं की कमी एक गंभीर समस्या रही है। ग्रामीणों की शिकायतें और उपेक्षा की कहानियां अक्सर अनसुनी रह जाती थीं, लेकिन नेशन नाव समाचार के “मेरा गांव मेरी आवाज” कार्यक्रम ने इस स्थिति को बदलने का बीड़ा उठाया। इस पहल के तहत, नेशन नाव समाचार के पत्रकारों ने अंतापुर ब्लॉक के संदलपुर गांव का दौरा किया और ग्रामीणों से उनकी समस्याओं पर चर्चा की। सड़कों की खराब हालत, इंडिया मार्का हैंडपंप की रीबोरिंग में अनियमितता, और मनरेगा में मजदूरी भुगतान में गड़बड़ी जैसे मुद्दों को उजागर किया गया। NNS IMPCAT
आला आलाधिकारियों को किया गया तलब
इस खबर के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। अधिकारियों को तलब किया गया और ग्राम पंचायत से जवाब मांगा गया। 31 मई 2025 को जारी एक आधिकारिक पत्र में पंचायत सहायक सुखी आम्रपाली को तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया। पत्र में अधूरे कार्यों, भुगतान में अनियमितता, और अन्य शिकायतों का विवरण मांगा गया। यह कदम ग्रामीणों के लिए एक बड़ी जीत है, क्योंकि अब रामपुर गांव में सड़क निर्माण का कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
नेशन नाव समाचार की इस पहल ने न केवल ग्रामीणों की आवाज को बुलंद किया, बल्कि प्रशासन को भी जवाबदेही के लिए मजबूर किया। यह कार्यक्रम ग्रामीण भारत में सामाजिक जागरूकता और विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। संदलपुर के ग्रामीण अब उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी बुनियादी जरूरतें पूरी होंगी, और गांव में विकास की नई लहर आएगी।
यह घटना दर्शाती है कि मीडिया और जनता की एकजुटता से सकारात्मक बदलाव संभव है। ग्राम पंचायतों को अब और पारदर्शी और जवाबदेह बनना होगा, ताकि विकास कार्य समय पर पूरे हो सकें। संदलपुर जैसे गांवों की यह कहानी अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है।