Nation Now Samachar

Author: By Nation Now Samachar Team

  • Kanpur Dehat News: कानपुर देहात में दूसरी बार मृत्युदंड, 6 साल की मासूम की हत्या के दोषी को फांसी

    Kanpur Dehat News: कानपुर देहात में दूसरी बार मृत्युदंड, 6 साल की मासूम की हत्या के दोषी को फांसी

    कानपुर देहात: यूपी के कानपुर देहात की जिला एवं सत्र न्यायालय (Kanpur Dehat News) ने एक जघन्य अपराध के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। 6 वर्षीय मासूम काव्या की हत्या और परिवार के छह लोगों पर जानलेवा हमले के दोषी दीपू को मृत्युदंड और 15 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। यह उत्तर प्रदेश में नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दूसरी मृत्युदंड की सजा है, जिसने पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया है। Kanpur Dehat News

    Kanpur Dehat News
    6 साल की मासूम की हत्या के दोषी को फांसी की सजा (फोटो- नेशन नाव समाचार)

    23 जुलाई 2024 की दिल दहलाने वाली घटना- Kanpur Dehat News

    घटना 23 जुलाई 2024 की है, जब औरैया जिले के मुरलीपुर गांव निवासी अभियुक्त दीपू ने पिपरी गांव में एक घर में घुसकर परिवार पर धारदार हथियार से हमला किया। इस हमले में 6 साल की मासूम काव्या की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिवार के छह अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हमला पीड़िता पूजा के दूसरे पति द्वारा किया गया था, जिसने पारिवारिक विवाद के चलते इस क्रूर कृत्य को अंजाम दिया।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई

    घटना की सूचना मिलते ही भोगनीपुर थाने की पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया और अभियुक्त दीपू को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने पूछताछ और साक्ष्य संकलन के बाद दीपू को जेल भेज दिया। विवेचक ने निष्पक्ष जांच के साथ सभी साक्ष्यों को एकत्रित कर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।

    कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला- Kanpur Dehat News

    एडीजे-6 और स्पेशल जज गैंगस्टर कोर्ट ने 10 महीने 13 दिन की सुनवाई के बाद 64 पेज के विस्तृत फैसले में दीपू को दोषी ठहराया। कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर उसे मृत्युदंड और 15 लाख 30 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली और कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया। परिवार ने कहा, “हमें अब न्याय मिला है।”

    कानपुर देहात में दूसरी मृत्युदंड सजाज- Kanpur Dehat News

    यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उत्तर प्रदेश में BNS के तहत दूसरी मृत्युदंड की सजा है। कोर्ट के इस कठोर निर्णय ने समाज में अपराधियों के लिए कड़ा संदेश दिया है। कानपुर देहात पुलिस और न्यायिक व्यवस्था की त्वरित कार्रवाई ने इस मामले में न्याय सुनिश्चित किया। Kanpur Dehat News

    ये भी पढ़ें- PM Modi Kashmir visit: पीएम मोदी का जम्मू-कश्मीर दौरा; चिनाब ब्रिज और वंदे भारत ट्रेन को दिखाई हरी झंडी


  • Kanpur Dehat News: 16 साल के पार्थ ने रचा इतिहास, पार्किंसंस मरीजों के लिए बनाई जादुई छड़ी, भारत सरकार ने दिया पेटेंट

    Kanpur Dehat News: 16 साल के पार्थ ने रचा इतिहास, पार्किंसंस मरीजों के लिए बनाई जादुई छड़ी, भारत सरकार ने दिया पेटेंट

    कानपुर देहात: यूपी के कानपुर देहात के छोटे से कस्बे पुखरायां (Kanpur Dehat News) में रहने वाला 16 वर्षीय पार्थ बंसल आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है। इस नन्हे वैज्ञानिक ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से एक ऐसी छड़ी का आविष्कार किया है, जो पार्किंसंस रोग (न्यूरोलॉजिकल विकार) से जूझ रहे लोगों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। भारत सरकार ने इस अनूठे आविष्कार को 20 साल के लिए पेटेंट प्रदान किया है, जो इस उम्र में एक असाधारण उपलब्धि है। आइए, जानते हैं पार्थ की इस प्रेरणादायक कहानी के बारे में और उनके आविष्कार की खासियत। Kanpur Dehat News

    पार्थ का प्रेरणादायक सफर- Kanpur Dehat News

    पार्थ बंसल वर्तमान में नोएडा के एक प्रतिष्ठित विद्यालय में इंटरमीडिएट का छात्र है। उनके पिता संदीप बंसल एक व्यापारी हैं, जिन्होंने हमेशा पार्थ की जिज्ञासा और रचनात्मकता को प्रोत्साहित किया। बचपन से ही पार्थ को विज्ञान और तकनीक के प्रति गहरा लगाव रहा है। वह चुम्बक, तार, बल्ब और सेल जैसे सामानों के साथ प्रयोग करने में घंटों बिताया करता था। खिलौनों को खोलना और उनके पुर्जों को समझना उसका पसंदीदा शौक था। लेकिन इस शौक ने तब एक मिशन का रूप ले लिया, जब उसने अपनी दादी सुषमा अग्रवाल को पार्किंसंस रोग से जूझते देखा।

    parth bansal
    16 साल के पार्थ बंसल ने बनाई जादुई छड़ी (फोटो- नेशन नाव समाचार)

    पार्किंसंस रोग एक ऐसी न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसमें मरीज के शरीर में कंपन, मांसपेशियों में अकड़न और चलने-फिरने में असमर्थता जैसी समस्याएं हो जाती हैं। पार्थ अपनी दादी की इस हालत को देखकर बहुत दुखी हुआ। उसने ठान लिया कि वह कुछ ऐसा बनाएगा, जो उनकी जिंदगी को आसान बनाए। यहीं से शुरू हुआ उसकी जादुई छड़ी का सफर। Kanpur Dehat News

    जादुई छड़ी का आविष्कार- Kanpur Dehat News

    पार्थ ने 2016 में, जब वह केवल 13 साल का था और नौवीं कक्षा में पढ़ता था, इस अनोखी छड़ी का आविष्कार किया। यह छड़ी साधारण नहीं थी। इसमें एलईडी लाइट्स, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग किया गया था, जो पार्किंसंस रोगियों को चलने में सहायता प्रदान करते हैं। इस छड़ी की खासियत यह है कि यह कंपन को नियंत्रित करने में मदद करती है और मरीजों को संतुलन बनाए रखने में सहायता देती है। इसके अलावा, इसमें लगी एलईडी लाइट्स रात के समय या कम रोशनी में भी सुरक्षित चलने में मदद करती हैं।

    parth bansal
    पार्थ बंसल को भारत सरकार से मिला पेटेंट (फोटो- नेशन नाव समाचार)

    पार्थ की इस छड़ी ने उनकी दादी की जिंदगी को न केवल आसान बनाया, बल्कि दुनिया भर के पार्किंसंस रोगियों के लिए एक नई उम्मीद जगाई। इस आविष्कार ने पार्थ को रातोंरात सुर्खियों में ला दिया। उनकी इस उपलब्धि को देखते हुए भारत सरकार ने इस छड़ी को पेटेंट प्रदान किया, जो 20 वर्षों तक मान्य रहेगा।

    पिता संदीप बंसल ने कहा- गर्व की बात!– Kanpur Dehat News

    पार्थ के पिता संदीप बंसल अपने बेटे की उपलब्धियों पर गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने बताया कि पार्थ का स्वभाव बेहद सरल और जिज्ञासु है। वह हमेशा कुछ नया सीखने और बनाने की कोशिश में रहता है। संदीप कहते हैं, “पार्थ को बचपन से ही इलेक्ट्रॉनिक सामानों के साथ खेलना पसंद था। वह खिलौनों को खोलकर उनके पुर्जे देखता और फिर कुछ नया बनाने की कोशिश करता। जब उसने अपनी दादी की तकलीफ देखी, तो उसने इस छड़ी को बनाने का फैसला किया। आज उसकी मेहनत रंग लाई है।”

    पार्थ की इस उपलब्धि को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सराहा गया है। नवंबर 2016 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने उन्हें डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इग्नाइट अवार्ड से सम्मानित किया। इसके अलावा, हैदराबाद में उपराष्ट्रपति और पुणे में असम के राज्यपाल द्वारा सूर्यदत्त राष्ट्रीय पुरस्कार भी उन्हें प्रदान किया गया।

    पार्थ की अन्य उपलब्धियां

    पार्थ का यह आविष्कार उनकी प्रतिभा का केवल एक हिस्सा है। वह रोबोटिक्स, ऐप डेवलपमेंट और विज्ञान मॉडल्स बनाने में भी गहरी रुचि रखता है। वह अपने स्कूल और अन्य संस्थानों के लिए कई वेबसाइट्स और ऐप्स डिजाइन कर चुका है। उसकी जिज्ञासा और मेहनत ने उसे कम उम्र में ही एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व बना दिया है।

    पार्थ का सपना है कि वह भविष्य में और ऐसे आविष्कार करे, जो समाज के लिए उपयोगी हों। वह कहता है, “मैं चाहता हूं कि मेरे आविष्कार लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाएं। मेरी दादी की खुशी मेरे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है।”

    भारत में युवा आविष्कारकों का भविष्य

    पार्थ जैसे युवा आविष्कारक भारत के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने स्टार्टअप और युवा आविष्कारकों को प्रोत्साहित करने के लिए मुफ्त पेटेंट सेवाएं शुरू की हैं। यह पहल न केवल नवाचार को बढ़ावा देगी, बल्कि युवाओं को अपनी प्रतिभा को दुनिया के सामने लाने का अवसर भी प्रदान करेगी।

    पार्थ की कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को सच करने की हिम्मत रखता है। उनकी मेहनत, लगन और दादी के प्रति प्रेम ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। यह नन्हा वैज्ञानिक न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।

    ये भी पढ़ें- PM Modi Kashmir visit: पीएम मोदी का जम्मू-कश्मीर दौरा; चिनाब ब्रिज और वंदे भारत ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

  • PM Modi Kashmir visit: पीएम मोदी का जम्मू-कश्मीर दौरा; चिनाब ब्रिज और वंदे भारत ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

    PM Modi Kashmir visit: पीएम मोदी का जम्मू-कश्मीर दौरा; चिनाब ब्रिज और वंदे भारत ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

    श्रीनगर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर (PM Modi Kashmir visit) के दौरे पर चिनाब ब्रिज और अंजनी पुल का उद्घाटन किया। दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज, चिनाब ब्रिज, उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना का हिस्सा है। यह कश्मीर घाटी को साल भर शेष भारत से जोड़ेगा और कटरा-श्रीनगर की यात्रा को मात्र 3 घंटे में पूरा करेगा। इस अवसर पर पीएम ने कटरा-श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई, जो क्षेत्र में तेज और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करेगी। PM Modi Kashmir visit

    हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद यह पीएम का पहला कश्मीर दौरा है। उन्होंने 46 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात दी, जिससे जम्मू-कश्मीर में बुनियादी ढांचे, पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। चिनाब ब्रिज न केवल कनेक्टिविटी में सुधार करेगा, बल्कि यह ‘दिल की दूरी और दिल्ली की दूरी’ को भी कम करेगा। यह परियोजना स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पर्यटन को प्रोत्साहन देने में अहम भूमिका निभाएगी। PM Modi Kashmir visit

    पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि यह रेल लिंक कश्मीर के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। चिनाब ब्रिज और वंदे भारत ट्रेन से न केवल यात्रा का समय बचेगा, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। यह कदम जम्मू-कश्मीर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है। PM Modi Kashmir visit

  • Bareilly Power Theft: बरेली में बिजली चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई, 15 पर FIR, 6 लाख की वसूली

    Bareilly Power Theft: बरेली में बिजली चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई, 15 पर FIR, 6 लाख की वसूली

    बरेली: फरीदपुर तहसील में विद्युत विभाग ने बिजली चोरी (Bareilly Power Theft) के खिलाफ गुरुवार को एक बड़ा अभियान चलाया। मोहल्ला परा और मोहल्ला ऊँचा में चेकिंग के दौरान 15 उपभोक्ताओं को अवैध रूप से बिजली का उपयोग करते पकड़ा गया। इनके खिलाफ विद्युत अधिनियम की धारा 135 और 138 (बी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। इस कार्रवाई ने क्षेत्र में बिजली चोरी करने वालों के बीच हड़कंप मचा दिया। Bareilly Power Theft

    बड़े बकायेदारों के बिजली कनेक्शन काटे गए- Bareilly Power Theft

    विभाग ने जिन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की, उनमें रानी, शेषमणि शर्मा, यासीन खान, कालीचरन, साबरी, मुन्नी देवी, माया देवी, रघुनंदन प्रसाद, नितिन कुमार, इरफान, पप्पू, जैनेंद्र पाल सिंह, प्रदीप कुमार, जमुना देवी और मुनीष चंद्र शामिल हैं। इसके अलावा, 80 से अधिक बड़े बकायेदारों के बिजली कनेक्शन काटे गए। इस अभियान से विद्युत विभाग ने ₹6 लाख से अधिक की राजस्व वसूली की, जिससे विभागीय खजाने को काफी राहत मिली। Bareilly Power Theft

    बकाया बिलों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी- Bareilly Power Theft

    इस अभियान में उपकरण अधिकारी उमेश कुमार, उपखंड अधिकारी अक्षय यादव, अवर अभियंता वीरू सिंह, राम सिंह यादव, विष्णु प्रताप सिंह, सुशील मिश्रा, अजय कुमार और अन्य कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे। बिजली चोरी और बकाया बिलों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी। Bareilly Power Theft

    विद्युत विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे समय पर अपने बिजली बिलों का भुगतान करें और केवल वैध कनेक्शन का उपयोग करें। अवैध बिजली उपयोग न केवल गैरकानूनी है, बल्कि इससे बिजली आपूर्ति पर भी बुरा असर पड़ता है। विभाग ने चेतावनी दी है कि बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    यह अभियान बरेली में बिजली चोरी को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इससे बिजली व्यवस्था में सुधार होगा।

    ये भी पढ़ें- Chinnaswamy Stadium Stampede: RCB विक्ट्री परेड में भगदड़ से 11 की मौत, प्रशासन की व्यवस्था पर उठे सवाल

  • Ayodhya Ram Mandir: राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा की पहली झलक, तस्वीरों में करें भव्य दर्शन

    Ayodhya Ram Mandir: राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा की पहली झलक, तस्वीरों में करें भव्य दर्शन

    अयोध्या: 5 जून 2025 को अयोध्या का श्रीराम जन्मभूमि मंदिर एक बार फिर (Ayodhya Ram Mandir) आध्यात्मिक उत्साह और भक्ति के रंग में रंगा। इस दिन राम मंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान जी की मूर्तियों को वैदिक मंत्रों के साथ स्थापित किया गया। इसके साथ ही मंदिर परिसर में सात अन्य मंदिरों की भी प्राण प्रतिष्ठा हुई, जिसने इस पावन अवसर को और भी विशेष बना दिया। Ayodhya Ram Mandir

    राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा: एक नया अध्याय- Ayodhya Ram Mandir

    राम मंदिर, जो 22 जनवरी 2024 को राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के साथ विश्वभर में चर्चा का केंद्र बना था, अब राम दरबार की स्थापना के साथ और भी भव्य हो गया है। प्रथम तल पर स्थापित राम दरबार में भगवान राम अपने पूरे परिवार के साथ विराजमान हैं। इस ऐतिहासिक क्षण को गंगा दशहरा के पावन अवसर पर आयोजित किया गया, जिसने इसकी आध्यात्मिक महत्ता को और बढ़ा दिया।

    सुबह 6:30 बजे से यज्ञ मंडप में अयोध्या और काशी के 101 वैदिक आचार्यों ने वैदिक मंत्रों का जाप शुरू किया। आठ मूर्तियों को पहले शैय्याधिवास कराया गया, फिर सुबह 6:45 बजे इन्हें चेतन अवस्था में लाया गया। इसके बाद जल से स्नान और वैदिक अनुष्ठानों के साथ प्राण प्रतिष्ठा की प्रक्रिया पूरी हुई।

    CM योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति- Ayodhya Ram Mandir

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने राम दरबार के समक्ष प्रार्थना की और प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठानों में हिस्सा लिया। उनकी उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी गरिमामय बना दिया। योगी जी ने इस अवसर पर कहा, “राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा अयोध्या के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गौरव को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।”

    मंदिर परिसर का भव्य स्वरूप

    राम मंदिर परिसर को इस अवसर पर फूलों और रंगों से सजाया गया था। वैदिक मंत्रों की गूंज और यज्ञ की पवित्र धूप ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार के साथ-साथ सात अन्य मंदिरों की स्थापना ने इस परिसर को एक संपूर्ण तीर्थ स्थल का रूप दे दिया। मंदिर की नक्काशी, राजस्थानी गुलाबी बलुआ पत्थर, और मकराना मार्बल इसकी भव्यता को और बढ़ाते हैं।

    राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा का लाइव प्रसारण सोशल मीडिया, समाचार चैनलों, और अन्य माध्यमों से पूरी दुनिया तक पहुंचा। लाखों भक्तों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन इस ऐतिहासिक क्षण का हिस्सा बनने का सौभाग्य प्राप्त किया। सोशल मीडिया पर भक्तों ने “जय सियाराम” और “राम दरबार” जैसे हैशटैग के साथ अपनी खुशी और भक्ति व्यक्त की।
    राम मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक भी है। राम दरबार की स्थापना ने इस मंदिर को और भी पूर्णता प्रदान की है। अब भक्तों को राम लला के साथ-साथ उनके पूरे परिवार के दर्शन का अवसर मिलेगा, जो भक्ति और एकता का संदेश देता है।

  • Chinnaswamy Stadium Stampede: RCB विक्ट्री परेड में भगदड़ से 11 की मौत, प्रशासन की व्यवस्था पर उठे सवाल

    Chinnaswamy Stadium Stampede: RCB विक्ट्री परेड में भगदड़ से 11 की मौत, प्रशासन की व्यवस्था पर उठे सवाल

    नई दिल्ली: 4 जून 2025 की शाम बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर एक पर मची भगदड़ (Chinnaswamy Stadium Stampede) में 11 लोगों की जान चली गई और 33 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। यह हादसा उस समय हुआ जब RCB की टीम कर्नाटक विधानसभा भवन में सम्मान समारोह में हिस्सा ले रही थी। इस त्रासदी ने न केवल बेंगलुरु को झकझोर दिया, बल्कि कई सवाल भी खड़े कर दिए। आखिर इस भगदड़ का जिम्मेदार कौन है? क्या इस हादसे को रोका जा सकता था? आइए, इस हादसे की तह तक जाते हैं और उन कारणों को समझते हैं, जिन्होंने एक खुशी के मौके को मातम में बदल दिया। Chinnaswamy Stadium Stampede

    क्या हुआ उस दिन?

    3 जून 2025 को RCB ने IPL 2025 का खिताब जीतकर 18 साल के लंबे इंतजार को खत्म किया। बेंगलुरु में इस जीत का जश्न मनाने के लिए प्रशंसकों का उत्साह चरम पर था। RCB मैनेजमेंट ने 4 जून की सुबह अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर एक विक्ट्री परेड की घोषणा की, जो विधानसभा भवन से चिन्नास्वामी स्टेडियम तक जानी थी। दोपहर 3:15 बजे, उन्होंने एक्स पर परेड के टिकटों का विज्ञापन भी पोस्ट किया। Chinnaswamy Stadium Stampede

    लेकिन इस घोषणा के साथ ही भ्रम की स्थिति शुरू हो गई। बेंगलुरु पुलिस ने दावा किया कि कोई ओपन-टॉप बस परेड नहीं होगी, बल्कि स्टेडियम के अंदर एक समारोह आयोजित किया जाएगा। फिर भी, लाखों प्रशंसक परेड की उम्मीद में स्टेडियम के आसपास जमा होने लगे। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बाद में बताया कि स्टेडियम के बाहर 2-3 लाख लोग जमा थे, जबकि इसकी क्षमता केवल 35-40 हजार है। Chinnaswamy Stadium Stampede

    शाम को, जब RCB की टीम विधानसभा में सम्मान समारोह में व्यस्त थी, चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर एक पर भीड़ बेकाबू हो गई। प्रशंसक बिना टिकट के स्टेडियम में घुसने की कोशिश करने लगे। इस दौरान एक अस्थायी संरचना भीड़ के दबाव में ढह गई, जिससे भगदड़ मच गई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया, जिसने हालात को और बिगाड़ दिया। Chinnaswamy Stadium Stampede

    लापरवाही के कई चेहरे

    इस हादसे ने पुलिस, प्रशासन, RCB मैनेजमेंट, और कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) की तैयारियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आइए, इनकी भूमिका को समझते हैं:-

    1. पुलिस की नाकामी:
      बेंगलुरु सेंट्रल के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) शेखर एच. टेकान्नवर पर भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक नियंत्रण, और रूट प्लानिंग की जिम्मेदारी थी। लेकिन, पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या परेड को अनुमति दी गई थी। अगर अनुमति थी, तो इतनी बड़ी भीड़ को संभालने की क्या व्यवस्था थी? और अगर अनुमति नहीं थी, तो यह जानकारी प्रशंसकों तक क्यों नहीं पहुंचाई गई? स्टेडियम के आसपास पर्याप्त पुलिस बल तैनात नहीं था। न ही बैरिकेडिंग की गई और न ही ड्रोन या CCTV का उपयोग किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया, जिससे भगदड़ और बिगड़ गई।
    2. RCB मैनेजमेंट की गलती:
      RCB ने सुबह परेड की घोषणा की, लेकिन दोपहर तक यह साफ नहीं हुआ कि परेड होगी या नहीं। उनके सोशल मीडिया पोस्ट्स ने प्रशंसकों में उत्साह तो बढ़ाया, लेकिन भ्रम भी पैदा किया। अगर परेड रद्द हो चुकी थी, तो इसकी जानकारी समय पर क्यों नहीं दी गई? RCB ने बाद में हादसे पर दुख जताया, लेकिन उनकी खराब योजना ने इस त्रासदी को जन्म देने में अहम भूमिका निभाई।
    3. प्रशासन और KSCA की चूक:
      कर्नाटक सरकार और KSCA ने इस आयोजन को भव्य बनाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ प्रबंधन पर ध्यान नहीं दिया। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि उन्हें इतनी बड़ी भीड़ की उम्मीद नहीं थी। लेकिन, RCB की जीत के बाद शहर में फैली दीवानगी को देखते हुए क्या इसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता था? जिला सूचना विभाग ने परेड रद्द होने की जानकारी समय पर नहीं दी। अगर यह स्पष्ट कर दिया जाता कि परेड नहीं होगी, तो शायद लाखों लोग स्टेडियम के बाहर नहीं जमा होते।

    हादसे के कारण – Chinnaswamy Stadium Stampede

    इस त्रासदी के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं:-

    • सूचना का अभाव: परेड के बारे में बार-बार बदलती जानकारी ने प्रशंसकों में भ्रम पैदा किया।
    • भीड़ प्रबंधन की कमी: स्टेडियम की सीमित क्षमता के बावजूद लाखों लोगों को जमा होने दिया गया।
    • खराब योजना: RCB मैनेजमेंट और KSCA ने आयोजन का रूट मैप या समय सारिणी पहले से तैयार नहीं की।
    • पुलिस की गलतियां: लाठीचार्ज और अपर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था ने स्थिति को और खराब किया।

    प्रशासन और RCB का रुख

    हादसे के बाद कर्नाटक सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और घायलों के लिए मुफ्त इलाज की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने एक मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए, जिसकी रिपोर्ट 15 दिनों में जमा करने को कहा गया है। Chinnaswamy Stadium Stampede

    भगदड़ के दौरान बेहोश बच्चे को उठाकर भीड़ से दूर ले जाता पुलिसकर्मी. (फोटो- सोशल मीडिया)

    RCB और KSCA ने संयुक्त बयान में हादसे पर दुख जताया और पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की। RCB के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने कहा, “यह हादसा बेहद दुखद है। मेरे पास शब्द नहीं हैं।” लेकिन, कई प्रशंसकों ने सवाल उठाया कि जब बाहर भगदड़ में लोग मर रहे थे, तब स्टेडियम के अंदर समारोह क्यों जारी रहा?

    अनुत्तरित सवाल

    1. अनियंत्रित भीड़: जब स्टेडियम की क्षमता 35-40 हजार थी, तो 2-3 लाख लोगों को जमा होने की अनुमति कैसे दी गई?
    2. पूर्वानुमान की कमी: RCB की जीत के बाद प्रशंसकों का उत्साह देखते हुए भीड़ का अंदाजा क्यों नहीं लगाया गया?
    3. प्रबंधन की कमी: बैरिकेडिंग, ड्रोन, या CCTV का उपयोग क्यों नहीं किया गया?
    4. सूचना में देरी: परेड रद्द होने की जानकारी समय पर क्यों नहीं दी गई?

    क्या यह हादसा टाला जा सकता था?

    हां, यह हादसा टाला जा सकता था। अगर पुलिस, RCB मैनेजमेंट, और KSCA ने मिलकर एक ठोस योजना बनाई होती, तो यह त्रासदी शायद न होती। एक स्पष्ट रूट मैप, समय सारिणी, और भीड़ प्रबंधन की रणनीति तैयार की जा सकती थी। सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया के जरिए सही जानकारी समय पर दी जा सकती थी।

  • CM Yogi Birthday: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 53वें जन्मदिन पर बधाइयों की बारिश, पीएम मोदी और अमित शाह ने दी शुभकामनाएं

    CM Yogi Birthday: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 53वें जन्मदिन पर बधाइयों की बारिश, पीएम मोदी और अमित शाह ने दी शुभकामनाएं

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Birthday) ने आज (5 जून 2025) अपना 53वां जन्मदिन मनाया। इस विशेष अवसर पर राजनीतिक और सामाजिक जगत से उन्हें शुभकामनाएं देने का सिलसिला जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती समेत देशभर की तमाम हस्तियों ने योगी आदित्यनाथ को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं दी हैं। सोशल मीडिया पर #HappyBirthdayYogiJi ट्रेंड कर रहा है, जिससे लोगों की भावनाएं और समर्थन साफ नजर आ रहे हैं। CM Yogi Birthday

    पीएम मोदी ने की सराहना, ईश्वर से मांगी लंबी उम्र

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर सीएम योगी को बधाई देते हुए लिखा,

    “उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश को बदलने के लिए अच्छा प्रयास किए हैं, जिससे राज्य के लोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। ईश्वर उन्हें दीर्घायु और स्वस्थ जीवन प्रदान करें।” CM Yogi Birthday

    पीएम मोदी की इस बधाई के साथ, योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रहे विकास कार्यों को भी राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

    अमित शाह ने बताया जनकल्याणकारी नेतृत्व

    गृह मंत्री अमित शाह ने भी योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए लिखा,

    “मोदी जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार जन-जन तक विकास और गरीब कल्याण के लाभ पहुंचा रही है। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की कामना करता हूं।” CM Yogi Birthday

    इस बधाई में अमित शाह ने योगी सरकार की नीतियों को जनहितकारी और राज्य की तरक्की में निर्णायक बताया।

    मायावती ने भी दी शुभकामनाएं

    बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने भी एक्स पर लिखा,

    “उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता योगी आदित्यनाथ जी को आज उनके जन्मदिन पर हार्दिक बधाई एवं दीर्घायु जीवन होने की भी शुभकामनायें।” CM Yogi Birthday

    यह बयान दर्शाता है कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर व्यक्तिगत अवसरों पर सद्भाव कायम रहता है।

    सीएम योगी ने किया आभार प्रकट

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह समेत सभी नेताओं की शुभकामनाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा,

    “आपकी मंगल कामनाएं हमें लोक कल्याण के संकल्पों की सिद्धि हेतु नई प्रेरणा प्रदान करती हैं। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना से प्रेरित होकर उत्तर प्रदेश को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाया जा रहा है।” CM Yogi Birthday

    योगी आदित्यनाथ का यह बयान बताता है कि वे व्यक्तिगत उपलब्धियों को भी जनकल्याण से जोड़कर देखते हैं।

    जन-जन का नेता बना योगी

    2017 में उत्तर प्रदेश की कमान संभालने वाले योगी आदित्यनाथ ने अपने अब तक के कार्यकाल में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। अपराध पर अंकुश, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा, बुनियादी ढांचे का विस्तार और सामाजिक कल्याण योजनाएं उनकी सरकार की बड़ी उपलब्धियां रही हैं। उनके सख्त प्रशासन और जनता के साथ सीधे संवाद की शैली ने उन्हें आम लोगों में लोकप्रिय बनाया है।

  • Pilibhit News: शहीद लखविंदर सिंह को राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख की श्रद्धांजलि, पीलीभीत में दी गई अंतिम विदाई

    Pilibhit News: शहीद लखविंदर सिंह को राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख की श्रद्धांजलि, पीलीभीत में दी गई अंतिम विदाई

    पीलीभीत: जिले के ग्राम धुरिया पलिया, थाना माधौटांडा के (Pilibhit news) निवासी हवलदार लखविंदर सिंह ने सिक्किम के लाचुंग क्षेत्र में देश सेवा के दौरान अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। यह दुखद घटना तब हुई जब लाचुंग में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ, जिसमें सेना का एक शिविर प्रभावित हुआ। इस हादसे में लखविंदर सिंह सहित अन्य जवान शहीद हो गए। उनकी शहादत की खबर ने पूरे पीलीभीत जिले को शोक में डुबो दिया हौ। Pilibhit news

    उत्तर प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के राज्यमंत्री और पीलीभीत जिले के प्रभारी मंत्री बलदेव सिंह औलख ने शहीद के पैतृक गांव पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने शहीद लखविंदर सिंह के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन किए और भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने शहीद के परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। मंत्री ने कहा, “लखविंदर सिंह का बलिदान देश के लिए गर्व का विषय है। उनका त्याग और समर्पण हम सभी को प्रेरित करता है।” Pilibhit news

    राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने किया शहीद को नमन. (फोटो- नेशन नाव समाचार )

    शहीद के परिजनों ने बताया कि लखविंदर सिंह ने अपनी ड्यूटी के प्रति हमेशा अटूट निष्ठा दिखाई। उनकी पत्नी रुपिंदर कौर, सात वर्षीय बेटा, और तीन माह की नवजात बेटी इस दुखद घटना से गहरे सदमे में हैं। परिवार के साथ-साथ गांव और आसपास के लोग भी शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके घर पहुंचे। इस दौरान अपर जिलाधिकारी ऋतु पूनिया ने भी परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। Pilibhit news


    लखविंदर सिंह की शहादत कोई पहली घटना नहीं है। उनके चचेरे भाई मनतेज सिंह भी 2023 में अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए थे। ग्रामीणों ने मांग की है कि शहीद लखविंदर और मनतेज की स्मृति में गांव के प्रवेश द्वार पर शहीद द्वार बनाए जाएं। इसके अलावा, लैहारी पुल का नामकरण भी शहीदों के नाम पर करने की मांग उठी है।

    राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने ईश्वर से प्रार्थना की कि शहीद की आत्मा को शांति मिले और उनके परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति प्राप्त हो। इस अवसर पर स्थानीय प्रशासन और सेना के अधिकारियों ने भी शहीद को श्रद्धांजलि दी। लखविंदर सिंह की शहादत न केवल पीलीभीत, बल्कि पूरे देश के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण है, जो आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और बलिदान की भावना से प्रेरित करेगा।

    ये भी पढ़ें- IPL 2025 Final: क्रुणाल पंड्या की जादुई गेंदबाजी ने RCB को दिलाया पहला IPL खिताब, 18 साल का इंतजार खत्म!

  • IPL 2025 Final: क्रुणाल पंड्या की जादुई गेंदबाजी ने RCB को दिलाया पहला IPL खिताब, 18 साल का इंतजार खत्म!

    IPL 2025 Final: क्रुणाल पंड्या की जादुई गेंदबाजी ने RCB को दिलाया पहला IPL खिताब, 18 साल का इंतजार खत्म!

    18 साल का लंबा इंतजार, अनगिनत निराशाएं, और प्रशंसकों की अनथक उम्मीदें (IPL 2025 Final) आखिरकार 3 जून 2025 को उस समय पूरी हुईं, जब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने पंजाब किंग्स (PBKS) को एक रोमांचक IPL 2025 फाइनल मुकाबले में 6 रन से हराकर अपनी पहली IPL ट्रॉफी उठाई। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस ऐतिहासिक फाइनल में RCB की जीत के सबसे बड़े नायक रहे क्रुणाल पंड्या, जिन्होंने अपनी शानदार गेंदबाजी से न केवल मैच का रुख पलटा बल्कि प्रशंसकों के दिलों में भी जगह बना ली। यह लेख उस यादगार मुकाबले की कहानी और क्रुणाल के जादुई प्रदर्शन की पूरी डिटेल्स लेकर आया है। IPL 2025 Final

    टॉस और RCB की बल्लेबाजी: एक ठोस लेकिन चुनौतीपूर्ण स्कोर

    अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस फाइनल में पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। RCB की शुरुआत सलामी बल्लेबाज फिल सॉल्ट और विराट कोहली ने की। सॉल्ट ने तेजी से 18 रन बनाए, लेकिन जल्दी आउट हो गए। कोहली ने 35 गेंदों पर 43 रन की सधी हुई पारी खेली, लेकिन उनकी धीमी गति ने प्रशंसकों को थोड़ा चिंतित कर दिया। मयंक अग्रवाल ने 24 और कप्तान रजत पाटीदार ने 26 रनों की छोटी पारियां खेलीं, लेकिन कोई भी बल्लेबाज लंबी पारी नहीं खेल सका।

    लियाम लिविंगस्टोन ने 25 रन बनाकर कुछ आक्रामक शॉट्स खेले, लेकिन पंजाब के गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर RCB को बड़ा स्कोर बनाने से रोका। काइल जेमिसन ने अपनी तेज गेंदबाजी से 3 महत्वपूर्ण विकेट लिए, जिसमें सॉल्ट और पाटीदार के विकेट शामिल थे। आखिरी ओवर में अर्शदीप सिंह ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट चटकाए, जिसके चलते RCB 20 ओवर में 190/9 का स्कोर ही बना सकी। यह स्कोर प्रतिस्पर्धी था, लेकिन पंजाब की मजबूत बल्लेबाजी को देखते हुए इसे आसान माना जा रहा था।

    पंजाब की शुरुआत: तेज लेकिन अस्थिर

    191 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स ने पावरप्ले में शानदार शुरुआत की। प्रियांश आर्य और प्रभसिमरन सिंह ने पहले 6 ओवरों में 52 रन जोड़े, जिसने पंजाब को ड्राइविंग सीट पर ला दिया। लेकिन इसके बाद RCB के गेंदबाजों ने वापसी की, और इस वापसी का सबसे बड़ा नायक रहा क्रुणाल पंड्या।

    क्रुणाल पंड्या का जादुई स्पेल

    क्रुणाल पंड्या को सातवें ओवर में गेंदबाजी के लिए बुलाया गया, और उन्होंने अपने पहले ओवर में सिर्फ 3 रन देकर पंजाब की रन गति पर ब्रेक लगाया। उनकी धीमी गेंदें और सटीक लाइन-लेंथ पंजाब के बल्लेबाजों के लिए मुश्किल बन गई। अगले ओवर में सुयश शर्मा पर प्रभसिमरन और जोश इंग्लिस ने 15 रन बटोरे, लेकिन क्रुणाल ने अपने दूसरे ओवर में वापसी की और प्रभसिमरन सिंह (26) को आउट कर पंजाब को पहला बड़ा झटका दिया।

    इसके बाद रोमारियो शेपर्ड ने कप्तान श्रेयस अय्यर को सस्ते में पवेलियन भेजकर पंजाब को और दबाव में डाल दिया। क्रुणाल ने अपने तीसरे ओवर में केवल 7 रन दिए, जिसमें जोश इंग्लिस का एक छक्का शामिल था। लेकिन उनके चौथे ओवर में असली जादू देखने को मिला। क्रुणाल ने जोश इंग्लिस (जो तेजी से रन बना रहे थे) को लियाम लिविंगस्टोन के हाथों कैच आउट करवाया। क्रुणाल ने अपने 4 ओवरों में सिर्फ 17 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट लिए, जिसने पंजाब की बल्लेबाजी को पूरी तरह बिखेर दिया।

    शशांक सिंह की तूफानी पारी, लेकिन नाकाफी

    पंजाब की ओर से शशांक सिंह ने आखिरी ओवरों में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की। उन्होंने 30 गेंदों पर 61 रन बनाए, जिसमें कई शानदार छक्के शामिल थे। खास तौर पर आखिरी ओवर में भुवनेश्वर कुमार के खिलाफ लगाए गए तीन छक्कों ने पंजाब की उम्मीदें जगा दीं। लेकिन आखिरी ओवर में 29 रनों के लक्ष्य को हासिल करना आसान नहीं था। जोश हेजलवुड ने शुरुआती दो गेंदों पर कोई रन नहीं दिया, जिसके चलते पंजाब 184/7 पर थम गया और 6 रन से हार गया।

    हेजलवुड ने भी इस मैच में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने प्रियांश आर्य का शानदार कैच फिल सॉल्ट के हाथों करवाया और आखिरी ओवर में कसी हुई गेंदबाजी कर RCB की जीत सुनिश्चित की।

    क्रुणाल पंड्या: फाइनल के असली सितारे

    क्रुणाल पंड्या इस फाइनल के बिना शक सबसे बड़े हीरो थे। उनकी गेंदबाजी ने न केवल पंजाब की रन गति को रोका बल्कि महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट लेकर RCB को जीत की राह दिखाई। उनकी धीमी गेंदों और विविधताओं ने पंजाब के बल्लेबाजों को पूरी तरह से उलझा दिया। क्रुणाल को उनके 4 ओवर में 17 रन देकर 2 विकेट के प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। यह दूसरा मौका था जब क्रुणाल ने IPL फाइनल में यह पुरस्कार जीता, इससे पहले 2017 में मुंबई इंडियंस के लिए उन्होंने बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया था।

    मैच के बाद क्रुणाल ने कहा, “पिच पर धीमी गेंदें काम कर रही थीं, और मैंने उसी रणनीति को अपनाया। RCB के लिए खेलना और ट्रॉफी जीतना मेरे लिए गर्व की बात है। यह जीत हमारे प्रशंसकों की मेहनत और समर्पण का नतीजा है।”

    RCB की जीत का भावनात्मक महत्व

    RCB की यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं थी, बल्कि 18 साल की मेहनत, विश्वास, और प्रशंसकों की उम्मीदों का फल थी। विराट कोहली, जो इस फ्रैंचाइजी के साथ अपने करियर की शुरुआत से जुड़े हैं, मैदान पर भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “यह जीत मेरे लिए और प्रशंसकों के लिए बहुत मायने रखती है। हमने हर साल कोशिश की, और आज का दिन हमारे लिए सपने जैसा है।”

    कप्तान रजत पाटीदार ने भी गेंदबाजों की तारीफ की और कहा कि क्रुणाल की गेंदबाजी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। भुवनेश्वर कुमार और हेजलवुड ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    पंजाब की हार: कहां रह गई कमी?

    पंजाब किंग्स ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन फाइनल में उनकी रणनीति में कुछ कमियां नजर आईं। मिडिल ओवरों में रन गति को बनाए रखने में उनकी नाकामी और इम्पैक्ट प्लेयर के गलत इस्तेमाल ने उन्हें महंगा पड़ा। शशांक सिंह की पारी शानदार थी, लेकिन वह अकेले दम पर मैच नहीं जिता सके।

  • Sonbhadra Crime: सोनभद्र मेडिकल कॉलेज में दिनदहाड़े नवजात चोरी, CCTV में कैद संदिग्ध महिला

    Sonbhadra Crime: सोनभद्र मेडिकल कॉलेज में दिनदहाड़े नवजात चोरी, CCTV में कैद संदिग्ध महिला

    सोनभद्र: उत्तर प्रदेश के मेडिकल कॉलेज परिसर में स्थित जिला अस्पताल (Sonbhadra Crime) से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 2 जून 2025 को दिनदहाड़े प्रसूता वार्ड से एक चार दिन के नवजात शिशु की चोरी ने न केवल अस्पताल प्रशासन को हिलाकर रख दिया, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए। सीसीटीवी फुटेज में एक अज्ञात महिला बच्चे को गोद में लेकर अस्पताल से बाहर निकलती दिखाई दे रही है। इस घटना ने माता-पिता और परिजनों में दहशत और गुस्सा पैदा कर दिया है, जबकि पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी है। Sonbhadra Crime

    क्या है पूरा मामला?

    चंदौली जिले के नौगढ़ निवासी पूनम, पत्नी सुदामा, को 27 मई 2025 को प्रसव पीड़ा के कारण सोनभद्र के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सर्जरी के बाद पूनम ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा दोनों को प्रसूता वार्ड में रखा गया था। इसी दौरान एक अज्ञात महिला ने पिछले कुछ दिनों से वार्ड में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उसने पूनम और उनके परिजनों से दोस्ताना व्यवहार बनाया और दावा किया कि उसकी रिश्तेदार भी उसी वार्ड में भर्ती है। वह अक्सर नवजात को गोद में लेकर प्यार जताती थी, जिससे किसी को शक नहीं हुआ। Sonbhadra Crime

    2 जून की सुबह, मौका देखकर इस महिला ने बच्चे के पिता सुदामा को जलेबी लाने के लिए बाहर भेज दिया। उस समय पूनम बेडशीट बदलने में व्यस्त थी और बच्चा पास के बेड पर लेटा था। मौका पाकर महिला नवजात को लेकर फरार हो गई। जब पूनम ने बच्चे को गायब पाया, तो अस्पताल में हड़कंप मच गया। परिजनों ने तुरंत अस्पताल प्रशासन से शिकायत की, लेकिन शुरू में कर्मचारियों ने मामले को दबाने की कोशिश की और परिजनों पर ही लापरवाही का आरोप लगाया। Sonbhadra Crime

    सीसीटीवी फुटेज ने खोला राज

    अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि एक महिला बच्चे को गोद में लेकर प्रसूता वार्ड से बाहर निकल रही है। यह फुटेज अब पुलिस जांच का आधार बन चुकी है। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और संदिग्ध महिला की तलाश में कई टीमें गठित की हैं। अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार ने बताया कि फुटेज के आधार पर जांच तेज कर दी गई है और जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा। Sonbhadra Crime

    सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

    सोनभद्र मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे, गेट पर पुलिस चौकी, और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद इस तरह की घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बी. सागर ने इस मामले में पुलिस को सूचित करने की बात कही, लेकिन शुरू में उनकी ओर से पत्रकारों से बात करने में हिचकिचाहट दिखी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल कर्मियों की लापरवाही के कारण यह घटना हुई। सवाल यह है कि इतने बड़े परिसर में, जहां हर कदम पर निगरानी का दावा किया जाता है, एक नवजात को इतनी आसानी से चुराया कैसे जा सका?

    परिजनों का दर्द और पुलिस की कार्रवाई

    पूनम और सुदामा इस घटना से गहरे सदमे में हैं। पूनम की मां, जो उस समय खाना लाने घर गई थी, ने बताया कि यह उनके लिए ममता पर कुठाराघात है। परिजनों ने पुलिस से जल्द से जल्द बच्चे को ढूंढने की गुहार लगाई है। सोनभद्र पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और आसपास के इलाकों में छानबीन शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर भी यह घटना चर्चा में है, जहां लोग अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
    आगे क्या?

    यह घटना न केवल सोनभद्र मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि अस्पतालों में नवजातों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ सकती है। पुलिस की जांच और सीसीटीवी फुटेज इस मामले में अहम साबित होंगे। उम्मीद है कि जल्द ही नवजात अपने माता-पिता के पास सुरक्षित लौट आएगा। तब तक यह घटना हर किसी के लिए एक सबक है कि अस्पतालों में सुरक्षा और सतर्कता को और मजबूत करने की जरूरत है।

    ये भी पढ़ें- IPL 2025 Final: विराट कोहली की अग्निपरीक्षा, क्या RCB या PBKS बनेगी नई चैंपियन?