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Author: By Nation Now Samachar Team

  • Bareilly Illegal land encroachment: सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा, 10 माह से प्रशासन मौन; ग्राम प्रधान की गुहार अब भी अनसुनी

    Bareilly Illegal land encroachment: सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा, 10 माह से प्रशासन मौन; ग्राम प्रधान की गुहार अब भी अनसुनी

    बरेली | प्रमोद शर्मा
    Bareilly Illegal land encroachment: उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद की फरीदपुर तहसील स्थित ग्राम गौसगंज सराय में सरकारी भूमि पर हो रहे अवैध कब्ज़े का मामला अब प्रशासनिक निष्क्रियता का प्रतीक बन गया है। ग्राम प्रधान यासीन खाँ द्वारा लगभग 10 महीने पूर्व की गई स्पष्ट शिकायत आज भी केवल फाइलों में सजी धरी है, जबकि सरकारी ज़मीन पर अवैध निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ चुका है। Bareilly Illegal land encroachment

    🧾 तहसील समाधान दिवस में उठी थी आवाज– Bareilly Illegal land encroachment

    ग्राम प्रधान ने यह मामला तहसील समाधान दिवस में गंभीरता से उठाया था। तत्कालीन तहसीलदार द्वारा निर्माण कार्य रुकवाया गया और कागज़ी कार्यवाही भी की गई। लेकिन इसके बाद की कहानी प्रशासन की विलंबशीलता और टालमटोल का उदाहरण बनकर रह गई।

    📉 10 महीने में सिर्फ “पैमाइश का आदेश” Bareilly Illegal land encroachment

    यह विडंबना ही है कि 10 महीनों में कार्यवाही के नाम पर प्रशासन ने केवल यह कहने तक खुद को सीमित रखा कि “पैमाइश का आदेश दे दिया गया है“। न पैमाइश हुई, न ज़मीन मुक्त हुई और न ही दोषियों पर कोई दंडात्मक कार्यवाही की गई। यह लचर रवैया प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। Bareilly Illegal land encroachment

    🧱 कॉलोनाइज़र का अड़ियल जवाब और चेतावनी– Bareilly Illegal land encroachment

    जब प्रशासन ने कब्जेदार कॉलोनाइज़र को नोटिस भेजा तो उन्होंने न केवल उल्टा जवाब भेजा बल्कि प्रशासन को छवि खराब करने की चेतावनी भी दे डाली। कॉलोनाइज़र का यह रुख बताता है कि उन्हें प्रशासनिक कार्रवाई का कोई भय नहीं है।

    उनका तर्क था कि यदि जमीन वाकई सरकारी है तो पहले उसकी पुख्ता पैमाइश करवाई जाए, फिर कार्यवाही हो। लेकिन प्रशासन की चुप्पी और निष्क्रियता ने इस तर्क को और भी साहसिक बना दिया।

    ⚠️ प्रशासन की भूमिका पर उठते सवाल– Bareilly Illegal land encroachment

    जब शिकायतकर्ता स्वयं निर्वाचित ग्राम प्रधान हों, तो उनकी शिकायत को महीनों तक लटकाना एक गहरा संदेह पैदा करता है। क्या तहसील प्रशासन किसी राजनीतिक या आर्थिक दबाव में है? या फिर कहीं भूमाफियाओं से अंदरूनी सांठगांठ तो नहीं?

    📣 SDM का एक ही उत्तर: “पैमाइश का आदेश दिया गया है”

    फरीदपुर की एसडीएम मल्लिका नयन से जब पत्रकारों ने लगातार इस विषय में जानकारी चाही, तो उनका उत्तर बार-बार यही रहा — “हमने पैमाइश का आदेश दे दिया है।” लेकिन यह आदेश एक माह पहले का है, जबकि आज तक कोई सर्वे या कार्रवाई नहीं हुई। Bareilly Illegal land encroachment

    🚨 क्या चल रहा है फरीदपुर में ज़मीन के नाम पर कोई ‘खेल’?

    यह सवाल अब केवल पत्रकारिता का नहीं, जनचेतना का प्रश्न बन चुका है। जब अवैध कब्ज़े का मामला स्पष्ट हो, शिकायतकर्ता की पहचान निर्वाचित प्रतिनिधि हो, और फिर भी प्रशासन चुप्पी साधे बैठे, तो यह स्थिति संविधानिक व्यवस्था के मूलभूत सिद्धांतों पर ही सवाल बन जाती है।

    जनता की मांग: निष्पक्ष जांच और कार्रवाई

    अब जनता को चाहिए—

    पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सार्वजनिक हो

    तत्काल पैमाइश कर वास्तविक स्थिति उजागर की जाए

    कब्जेदारों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाए

    दोषी अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की जाए
    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/bareilly/bareilly-ramleela-ground-encroachment-threatens-cultural-heritage/
  • Bareilly Ramleela Ground: धरोहर पर दस्तक देता अतिक्रमण; क्या हम रामलीला मैदान को भी खो देंगे?

    Bareilly Ramleela Ground: धरोहर पर दस्तक देता अतिक्रमण; क्या हम रामलीला मैदान को भी खो देंगे?

    Bareilly Ramleela Ground: बरेली जिले के फरीदपुर क्षेत्र में स्थित प्राचीन श्री रामलीला मैदान न केवल एक ऐतिहासिक स्थल है, बल्कि सांस्कृतिक चेतना का भी केंद्र रहा है। बीते दो सौ वर्षों से यह मैदान हर वर्ष रामायण के अद्भुत मंचन का गवाह बनता आया है। लेकिन वर्तमान में यह भूमि नाले के निर्माण, जलभराव, प्रशासनिक उपेक्षा और अतिक्रमण की समस्या से जूझ रही है।

    क्या यह कल्पना भी विचलित नहीं करती कि जहां कभी श्रीराम और रावण के युद्ध का मंचन होता था, वहां अब कीचड़ और बदबू फैली है? क्या इस आस्था स्थल की कीमत इतनी कम हो गई है कि उसे विकास के नाम पर मिटा दिया जाए? Bareilly Ramleela Ground

    🧱 तीन एकड़ की जमीन या आस्था का गढ़?– Bareilly Ramleela Ground

    श्रीरामलीला मैदान केवल एक भूखंड नहीं, हजारों लोगों की भावनाओं और परंपराओं का जीवित प्रतीक है। यहां रामलीला सिर्फ नाटक नहीं, एक जीवन दर्शन बनकर प्रस्तुत होती है। यह वह स्थल है जहां धार्मिकता, कला और लोक परंपराएं एक साथ जीवित होती हैं। लेकिन अफसोस, आज वह अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है।

    ⚠️ नाले का निर्माण या सांस्कृतिक हत्या?– Bareilly Ramleela Ground

    स्थानीय समिति का आरोप है कि ग्राम पंचायत और निर्माण एजेंसी ने बिना सांस्कृतिक और सामाजिक अध्ययन के नाले का निर्माण प्रारंभ कर दिया। अवैध अतिक्रमण और जलनिकासी की अव्यवस्था ने पूरे मैदान को कीचड़ का ढेर बना दिया है। यदि यह कार्य बिना विवेक के जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में रामलीला का मंचन असंभव हो जाएगा।

    📩 प्रशासन को चेतावनी या पुकार?

    समिति द्वारा जिलाधिकारी को भेजा गया पत्र केवल सूचना नहीं, एक चेतावनी और सामाजिक पुकार है। यह मैदान बरेली की पहचान का प्रतीक है, और उसकी उपेक्षा केवल एक स्थल की उपेक्षा नहीं, बल्कि संस्कृति की अनदेखी है।

    https://nationnowsamachar.com/international/india-greece-missile-deal-india-lr-lacm-missile/

    🏗️ योजनागत विफलता और प्रशासनिक असंवेदनशीलता– Bareilly Ramleela Ground

    यदि कोई निर्माण योजना किसी भी क्षेत्र में हो रही है, तो यह आवश्यक है कि उसमें उस क्षेत्र की सांस्कृतिक महत्ता का भी मूल्यांकन किया जाए। दुर्भाग्यवश, यहां ऐसा नहीं हुआ। यह दर्शाता है कि योजनाओं में धरातल की समझ की कमी है और जनता की भावनाओं की कद्र नहीं की जा रही।

    🛑 आज रामलीला मैदान, कल कोई मंदिर या गुरुद्वारा?– Bareilly Ramleela Ground

    यदि रामलीला मैदान पर अतिक्रमण हो सकता है, तो कोई मंदिर, मस्जिद, मजार या गिरजाघर भी सुरक्षित नहीं रहेगा। यही समय है जब समाज को जागना चाहिए और प्रशासन को भी यह समझना चाहिए कि धरोहरों को सिर्फ भूमि नहीं, भावनाओं का प्रतीक मानकर ही योजनाएं बनाई जानी चाहिए। Bareilly Ramleela Ground

    📢 समाधान की मांग: सीमांकन, सौंदर्यीकरण और संरक्षण

    समिति और स्थानीय लोगों की मांग है कि—

    • मैदान का पुनः सीमांकन किया जाए
    • नाले की दिशा बदली जाए
    • सौंदर्यीकरण और समतलीकरण की कार्यवाही हो
    • जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि स्वयं निरीक्षण करें
    • निर्माण एजेंसियों की जिम्मेदारी तय हो

    यह केवल मांग नहीं, संस्कृति को बचाने का आह्वान है।

    Hamirpur heavy rain: हमीरपुर में भीषण बारिश का कहर, गांव में भरा पानी, 4 घर जमींदोज

    Tree Plantation Pilibhit: पीलीभीत में पुलिस ने 3000 पौधे लगाकर दिया हरियाली का संदेश

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  • Hamirpur heavy rain: हमीरपुर में भीषण बारिश का कहर, गांव में भरा पानी, 4 घर जमींदोज

    Hamirpur heavy rain: हमीरपुर में भीषण बारिश का कहर, गांव में भरा पानी, 4 घर जमींदोज

    Hamirpur heavy rain: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में मूसलधार बारिश ने कहर बरपा दिया है। सरीला तहसील के हरसुडीं गांव में लगातार 4 घंटे तक हुई बारिश के चलते पूरा गांव जलमग्न हो गया। भारी जलभराव से लगभग चार कच्चे मकान धराशायी हो गए और कई अन्य घरों में रखा सामान भी नष्ट हो गया।

    हालांकि राहत की बात यह रही कि इस प्राकृतिक आपदा में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन ग्रामीणों का आर्थिक नुकसान भारी है। Hamirpur heavy rain

    🏠 पानी में डूबे घर, बहा जीवन का सामान– Hamirpur heavy rain

    हरसुडीं गांव के निवासियों ने बताया कि जलनिकासी की व्यवस्था पूरी तरह से विफल हो चुकी थी। गांव की मुख्य पुलिया जाम होने से पानी रुक गया और देखते ही देखते सड़कों से होते हुए घरों के भीतर तक घुस गया। चार कच्चे मकान पूरी तरह से जमींदोज हो गए और अन्य कई घरों में भी रखा हुआ राशन, कपड़े, बर्तन आदि जलभराव में बर्बाद हो गया।

    🛠️ प्रशासन पहुंचा मौके पर, SDM ने दिए कड़े निर्देश– Hamirpur heavy rain

    जैसे ही घटना की जानकारी मिली, सरीला उपजिलाधिकारी बलराम गुप्ता ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नायब तहसीलदार और राजस्व टीम को मौके पर भेजा। टीम ने बंद पुलिया की सफाई कराई और जलनिकासी का कार्य शुरू कराया।

    इसके साथ ही पीड़ितों को राशन, तिरपाल, और अन्य जरूरी सहायता प्रदान की जा रही है।

    ⚠️ लापरवाह अधिकारियों पर गिरी गाज– Hamirpur heavy rain

    एसडीएम बलराम गुप्ता ने गांव के सचिव और ग्राम प्रधान की लापरवाही पर नाराज़गी जताते हुए कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए गांवों की जलनिकासी व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। Hamirpur heavy rain

    📣 ग्रामीणों की मांग: स्थायी समाधान हो– Hamirpur heavy rain

    गांववासियों का कहना है कि यह समस्या हर बारिश के मौसम में आती है, लेकिन इस बार हालात बेहद भयावह रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थायी जलनिकासी व्यवस्था और कच्चे मकानों के पुनर्निर्माण में सहयोग की मांग की है।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/pilibhit/tree-plantation-pilibhit-3000-trees-under-ek-ped-maa-ke-naam-2-campaign/
  • Tree Plantation Pilibhit: पीलीभीत में पुलिस ने 3000 पौधे लगाकर दिया हरियाली का संदेश

    Tree Plantation Pilibhit: पीलीभीत में पुलिस ने 3000 पौधे लगाकर दिया हरियाली का संदेश

    Tree Plantation Pilibhit: जुलाई माह के “वन महोत्सव 2025” के तहत पीलीभीत पुलिस ने प्रकृति से अपने जुड़ाव और ज़िम्मेदारी का परिचय देते हुए “एक पेड़ माँ के नाम 2.0” अभियान के अंतर्गत 3000 पौधों का वृक्षारोपण कर एक प्रेरणादायक पहल की। इस हरियाली अभियान का आयोजन पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव के निर्देशन में पुलिस लाइन परिसर में किया गया, जिसमें पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

    इस अभियान की विशेषता यह रही कि इसे सिर्फ औपचारिकता न मानते हुए, पुलिसकर्मियों ने पौधों की सुरक्षा और देखभाल की शपथ भी ली, जिससे भविष्य में लगाए गए पौधे वृक्ष बन सकें और पर्यावरण संतुलन में सहायक हों। Tree Plantation Pilibhit

    ree Plantation Pilibhit

    🌱 अपर पुलिस अधीक्षक ने दिया संदेश– Tree Plantation Pilibhit

    इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया ने थाना गजरौला और मेडिकल कॉलेज परिसर में भी पौधारोपण किया और कहा,

    “बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे सशक्त उपाय है। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान हमें न केवल पर्यावरणीय जिम्मेदारी की याद दिलाता है, बल्कि यह मानवीय मूल्यों और प्रकृति से प्रेम को भी बढ़ावा देता है।”

    🌳 पुलिस लाइन में 3000 पौधों का रोपण– Tree Plantation Pilibhit

    पुलिस लाइन पीलीभीत में कुल 3000 पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम में पुलिस उपाधीक्षक (प्रशिक्षु) समेत अन्य अधिकारीगण और कर्मचारियों ने भी भाग लिया। उन्होंने पौधों के संरक्षण और उनकी नियमित देखभाल के लिए सामूहिक रूप से संकल्प लिया।

    ree Plantation Pilibhit

    📣 जनजागरूकता की अपील– Tree Plantation Pilibhit

    इस पर्यावरणीय मुहिम के तहत जनसामान्य से भी आग्रह किया गया कि वे भी अपने स्तर पर वृक्षारोपण करें और इस पुण्य कार्य में सहभागिता निभाएं। प्रकृति से जुड़ाव और संरक्षण का यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ और हरा-भरा पर्यावरण प्रदान करेगा।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/kanpur-dehat/up-tree-plantation-campaign-kanpur-dehat-minister-launch/

    🛡️ पर्यावरण सुरक्षा: पुलिस की नई सोच– Tree Plantation Pilibhit

    सामान्यतः पुलिस की छवि कानून-व्यवस्था से जुड़ी होती है, लेकिन इस अभियान के माध्यम से पीलीभीत पुलिस ने यह संदेश दिया कि वह समाज की सुरक्षा के साथ-साथ प्राकृतिक संरक्षण में भी बराबरी की भूमिका निभा रही है।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/hamirpur/hamirpur-school-without-building-primary-school-without-building-hamirpur/
  • UP TREE PLANTATION CAMPAIGN: कानपुर देहात में वृक्षारोपण महाअभियान 2025 का शुभारंभ, मंत्री राकेश सचान बोले– “संरक्षण ही असली सेवा”

    UP TREE PLANTATION CAMPAIGN: कानपुर देहात में वृक्षारोपण महाअभियान 2025 का शुभारंभ, मंत्री राकेश सचान बोले– “संरक्षण ही असली सेवा”

    UP TREE PLANTATION CAMPAIGN: पर्यावरण संरक्षण को जनांदोलन का स्वरूप देने के लिए आज कानपुर देहात में एक विशेष पहल की शुरुआत की गई। पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय, माती में आयोजित हुए वृक्षारोपण महाअभियान 2025 का शुभारंभ राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने विधिवत रूप से किया।

    इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष रेणुका सचान, जिलाधिकारी आलोक सिंह, और डीएफओ एके पांडेय सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

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    🌳 “एक वृक्ष मां के नाम” ने दिया भावनात्मक स्पर्श– UP TREE PLANTATION CAMPAIGN

    कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि इसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश सरकार की भावनात्मक थीम “एक वृक्ष मां के नाम” के अंतर्गत की गई, जिससे पूरे आयोजन को एक आत्मीय और संवेदनशील स्वरूप मिला। छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया।

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    🌿 त्रिवेणी वृक्षारोपण से शुरू हुआ अभियान– UP TREE PLANTATION CAMPAIGN

    मंत्री राकेश सचान ने पीपल, बरगद और नीम के पौधों के त्रिवेणी वृक्षारोपण से इस महाअभियान का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा:

    "केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं, बल्कि उनका संरक्षण और पालन-पोषण करना ही असली सेवा है।"

    उन्होंने कहा कि यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि जनभागीदारी का अभियान है।

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    📊 कानपुर देहात में लगेंगे 59.56 लाख पौधे

    मंत्री ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश में आज कुल 37 करोड़ पौधे रोपित किए जाएंगे, जिनमें से कानपुर देहात जनपद में 59,56,400 पौधे लगाए जाएंगे।
    इसमें से अकेले वन विभाग 32,81,400 पौधे लगाएगा और शेष पौधारोपण अन्य विभागों द्वारा विभिन्न स्थलों पर किया जाएगा।

    लगाए जाने वाले पौधों में नीम, शीशम, सहजन, बेल, अर्जुन, आम, जामुन, आंवला और अमरूद जैसी प्रजातियां शामिल हैं।

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    🤝 शपथ ने बढ़ाया जनसंकल्प का भाव

    कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक क्षण वह था जब सभी अतिथियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों और नागरिकों ने वृक्षारोपण शपथ ली:

    “हम पौधे लगाएंगे, उन्हें संरक्षण देंगे और दूसरों को भी प्रेरित करेंगे।”

    इस शपथ के साथ सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी साझा करने का संकल्प लिया।

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    🌱 विद्यार्थियों ने लगाए पौधे, संरक्षण की जिम्मेदारी ली

    विद्यालय के छात्रों ने भी पौधे लगाए और उनकी देखरेख का संकल्प लिया। छात्रों की भागीदारी ने इस अभियान को केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि जनांदोलन का रूप दे दिया।

    विद्यालय प्राचार्य एएच अंसारी ने बताया कि प्रत्येक छात्र कम से कम एक पौधे की देखरेख करेगा, जिससे संरक्षण सतत बना रहे।

    UP TREE PLANTATION CAMPAIGN

    📢 जिलाधिकारी ने की सक्रिय सहभागिता की अपील

    जिलाधिकारी आलोक सिंह ने भी वृक्षारोपण किया और जनता से आग्रह किया कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा:

    "बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन के संकट को देखते हुए हर नागरिक को कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए।"

    🧭 वन विभाग ने बताई योजना

    कार्यक्रम में डीएफओ एके पांडेय ने कहा कि जनसहभागिता के बिना कोई भी वृक्षारोपण अभियान सफल नहीं हो सकता। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली में शामिल करें।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/hamirpur/hamirpur-school-without-building-primary-school-without-building-hamirpur/
  • Hamirpur School Without Building: हमीरपुर में बच्चों के भविष्य के साथ हो रहा खिलवाड़, बिना भवन के चल रहा प्राथमिक विद्यालय

    Hamirpur School Without Building: हमीरपुर में बच्चों के भविष्य के साथ हो रहा खिलवाड़, बिना भवन के चल रहा प्राथमिक विद्यालय

    Hamirpur School Without Building: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक शिक्षा की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है। राज्य और केंद्र सरकार भले ही “सब पढ़ें, सब बढ़ें” और “डिजिटल इंडिया” जैसे अभियान चला रही हो, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है।

    विकास खंड मुस्करा के पहाड़ी भिटारी गांव का प्राथमिक विद्यालय सरकार की शिक्षा नीति पर एक गहरा सवाल खड़ा करता है। यहां वर्ष 2024 की शुरुआत में भवन को जर्जर घोषित कर ढहा दिया गया, लेकिन उसके बाद न तो नया भवन बना और न ही बच्चों को पढ़ाई के लिए कोई वैकल्पिक स्थान मिला।

    आज भी दर्जनों बच्चे गर्मी, बरसात और सर्दी के मौसम में खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं।

    20 फीसदी स्कूलों के पास नहीं है अपना भवन– Hamirpur School Without Building

    हमीरपुर जनपद के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। जिले के लगभग 20 प्रतिशत प्राथमिक विद्यालय ऐसे हैं, जहां बच्चों के लिए पढ़ने की इमारत ही नहीं है। कहीं किचन को ऑफिस बना दिया गया है, तो कहीं स्टोररूम में मिड-डे मील पकाया जा रहा है।

    यह बदहाली शिक्षा के उस स्तर को दर्शाती है जहां न तो बच्चे सुरक्षित हैं और न ही शिक्षक। अभिभावकों का कहना है कि सरकार से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। Hamirpur School Without Building

    Hamirpur School Without Building

    बरसात में झाड़ियों और विषैले जीवों का डर – Hamirpur School Without Building

    गांव में स्थित विद्यालय भवन के स्थान पर अब केवल टूटी हुई दीवारें और झाड़ियां हैं। बरसात के मौसम में सांप, बिच्छू और अन्य विषैले जीवों का खतरा बच्चों की जान पर बना रहता है। न तो बैठने की उचित व्यवस्था है और न ही छत की सुरक्षा।

    Hamirpur School Without Building

    प्रधानाध्यापक सुविधा, सहायक अध्यापक मूलचंद, और ग्रामीण पुष्पेंद्र ने इस हालात पर चिंता जताई और बताया कि वे कई बार विभाग से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। Hamirpur School Without Building

    बेसिक शिक्षा अधिकारी का जवाब– Hamirpur School Without Building

    हमीरपुर के बेसिक शिक्षा अधिकारी आलोक सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में है और शीघ्र ही विद्यालय के भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लेकिन सवाल यह है कि जब जनवरी 2024 में भवन तोड़ा गया था, तब से अब तक छह महीने क्यों बीत गए?

    Hamirpur School Without Building

    बच्चों का भविष्य खतरे में

    विद्यालय की इस बदहाली के कारण बच्चों की पढ़ाई तो प्रभावित हो ही रही है, साथ ही उनका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य भी खतरे में है। शिक्षा विभाग की यह लापरवाही भविष्य में इन बच्चों के जीवन को गहरा नुकसान पहुंचा सकती है।

    यदि अब भी सरकार और विभाग ने समय रहते कदम नहीं उठाया, तो यह सिर्फ एक स्कूल नहीं, बल्कि पूरी पीढ़ी के भविष्य से धोखा होगा।

    https://nationnowsamachar.com/politics/bharat-bandh-live-updates-rahul-tejashwi-ec-march-chakka-jam-2025/
  • Bareilly BJP controversy: भाजपा युवा मोर्चा में अनुशासन की दरार, वायरल ऑडियो से खुली सत्ता-प्रशासन की साजिश, जिम्मेदार चुप

    Bareilly BJP controversy: भाजपा युवा मोर्चा में अनुशासन की दरार, वायरल ऑडियो से खुली सत्ता-प्रशासन की साजिश, जिम्मेदार चुप

    Bareilly BJP controversy: भारतीय जनता पार्टी को हमेशा उसकी संगठित कार्यप्रणाली, अनुशासन और भ्रष्टाचार विरोधी छवि के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन बरेली जिले के फरीदपुर में युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष प्रदीप यादव से जुड़ा एक मामला इन तमाम दावों पर सवालिया निशान खड़े करता है।

    वायरल ऑडियो और सत्ता-प्रशासन की सांठगांठ– Bareilly BJP controversy

    हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ है, जिसमें प्रदीप यादव कहते सुने जा रहे हैं—

    “अध्यक्ष जी, विधायक जी, सीओ, पुलिस अफसर सबको एक-एक लाख देने होंगे।”

    इस क्लिप ने सत्ता और प्रशासनिक तंत्र की संभावित सांठगांठ को बेनकाब कर दिया है। यह सिर्फ एक व्यक्ति की आवाज नहीं, बल्कि उस व्यवस्था का आईना है जहां राजनीतिक रसूख, पैसे और दबाव की त्रिकोणीय ताकत लोकतंत्र की नींव को खोखला कर रही है।- Bareilly BJP controversy

    अनुशासनहीनता पर संगठन की सख्ती, लेकिन सवाल बाकी

    भाजपा आंवला के जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह ने इस प्रकरण के बाद तत्काल प्रभाव से प्रदीप यादव को पद से हटाने की घोषणा की। यह कदम प्रशंसनीय है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि ऐसे व्यक्ति को संगठन में पद क्यों और कैसे मिला? क्या यह चयन प्रक्रिया की चूक थी या फिर जानबूझकर की गई अनदेखी?

    पीड़िता के आरोपों से और गहराया मामला– Bareilly BJP controversy

    इस मामले में सबसे चिंता का विषय पीड़िता नीतू यादव के गंभीर आरोप हैं, जिनमें अपहरण, मारपीट और यौन उत्पीड़न के प्रयास का उल्लेख है। लेकिन दर्ज की गई एफआईआर में इन धाराओं का उल्लेख नहीं है। उलटे पीड़िता को लगातार धमकियाँ मिलती रहीं और आरोपी राजनीतिक रसूख का खुलेआम प्रदर्शन करता रहा।

    यह दर्शाता है कि प्रशासन कितना निष्क्रिय या दबाव में है। क्या यह केवल एक व्यक्ति की मनमानी थी, या फिर पूरी व्यवस्था की मौन सहमति?

    मीडिया पर भी हमलावर हुआ आरोपी– Bareilly BJP controversy

    प्रदीप यादव ने वायरल ऑडियो में पत्रकारों को लेकर अपमानजनक और अभद्र टिप्पणी की है। यह न केवल प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है, बल्कि लोकतंत्र के उस स्तंभ की अवमानना है जो सत्ता को जवाबदेह बनाने का कार्य करता है।

    पत्रकार किसी दल या विचारधारा के नहीं, समाज के प्रहरी होते हैं। यदि उन्हें डराने और धमकाने की भाषा में बात की जाती है, तो यह संविधान और सामाजिक चेतना दोनों के लिए खतरे की घंटी है।

    भाजपा और प्रशासन की चुप्पी – रणनीति या सहमति?

    अब तक भाजपा के शीर्ष नेतृत्व या प्रशासन की ओर से इस पर कोई ठोस बयान नहीं आया है। यह चुप्पी जनता के बीच अनेक संदेह खड़े कर रही है। क्या यह रणनीतिक चुप्पी है या फिर सत्ताधारी दल द्वारा अपने कार्यकर्ता को बचाने की कोशिश?

    जनता के विश्वास और लोकतंत्र की परीक्षा– Bareilly BJP controversy

    यह घटना महज एक अनुशासनहीन नेता का मामला नहीं, बल्कि एक महिला की अस्मिता, पत्रकारों की स्वतंत्रता और लोकतंत्र की गरिमा की परीक्षा है। भाजपा और प्रशासन के पास अब मौका है कि वे इसे व्यक्तिगत गलती न मानते हुए इसे एक संस्थागत संकट की तरह लें और पारदर्शी व कठोर कार्रवाई करें। Bareilly BJP controversy

    यदि ऐसा नहीं होता, तो यह केवल एक महिला या कुछ पत्रकारों का अपमान नहीं होगा, बल्कि पूरे समाज की चेतना और लोकतंत्र की आत्मा का अपहरण कहलाएगा।

  • Bharat Bandh Live Updates: बिहार में कई जगहों पर चक्का जाम, पटना में चुनाव आयोग के दफ्तर तक राहुल-तेजस्वी का मोर्चा

    Bharat Bandh Live Updates: बिहार में कई जगहों पर चक्का जाम, पटना में चुनाव आयोग के दफ्तर तक राहुल-तेजस्वी का मोर्चा

    Bharat Bandh Live Updates: भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। ट्रेड यूनियनों, राजनीतिक दलों और श्रमिक संगठनों द्वारा आहूत इस बंद में आज देशभर के 25 करोड़ से अधिक कर्मचारी भाग ले रहे हैं। इस बंद का मुख्य विरोध चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण (Voter List Revision) के खिलाफ है, जिसमें विपक्षी दलों ने बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया है।

    सड़कों पर राहुल-तेजस्वी – Bharat Bandh Live Updates

    भारत बंद का सबसे अधिक प्रभाव बिहार में देखा गया, जहां कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने पटना में मोर्चा संभाल लिया। दोनों नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सड़क से लेकर आयोग के दफ्तर तक पैदल मार्च किया।

    सैकड़ों कांग्रेस और महागठबंधन के कार्यकर्ता इस मार्च में शामिल हुए। पटना के डाकबंगला चौराहा, गांधी मैदान, और कारगिल चौक पर प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया।

    वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप, EC पर विपक्षी हमलावर– Bharat Bandh Live Updates

    विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट अपडेट के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया है। कई वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जबकि सत्तारूढ़ दल के पक्ष में फर्जी नाम जोड़े गए हैं। राहुल गांधी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा,

    "यह लोकतंत्र की हत्या है। चुनाव आयोग को जवाब देना होगा कि किसके इशारे पर यह सब हो रहा है।"

    वहीं तेजस्वी यादव ने कहा,

    "हम बिहार की जनता का अपमान नहीं होने देंगे। यह बंद बिहारियों की आवाज़ है।"

    कई जिलों में चक्का जाम, रेल और सड़क सेवाएं प्रभावित– Bharat Bandh Live Updates

    बिहार के हाजीपुर, दानापुर, समस्तीपुर, दरभंगा, आरा, अररिया, छपरा और मुजफ्फरपुर जैसे जिलों में सुबह से ही चक्का जाम किया गया। राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर आवागमन रोक दिया। कुछ स्थानों पर ट्रेनों को भी रोका गया, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    स्कूल, बैंक, बीमा कार्यालय, और डाकघर जैसे कई संस्थान बंद रहे। कोयला खनन, निर्माण, और परिवहन सेवाओं में भी कामकाज ठप रहा।

    ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी बंद का असर

    बिहार के अलावा ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी भारत बंद का असर देखने को मिला। कोलकाता, भुवनेश्वर, कटक और पुरुलिया में कई ट्रेड यूनियन और श्रमिक संगठनों ने प्रदर्शन किए।

    सरकार ने कहा – देश को रोकना गलत, विपक्ष का एजेंडा बेनकाब

    केंद्र सरकार ने भारत बंद को जनविरोधी करार देते हुए कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है लेकिन जनता को परेशान करना अनुचित है।
    सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने बयान में कहा,

    "ये बंद जनता की समस्याओं को बढ़ा रहे हैं, जबकि सरकार चुनाव प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए कड़े कदम उठा रही है।"

    भारत बंद का देशव्यापी असर- Bharat Bandh Live Updates

    भारत बंद का असर न केवल बिहार, बल्कि पश्चिम बंगाल, ओडिशा और अन्य राज्यों में भी देखा जा रहा है। 10 केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने केंद्र सरकार की “श्रमिक विरोधी और कॉर्पोरेट समर्थक नीतियों” के खिलाफ इस हड़ताल का आह्वान किया है। देशभर में बैंकिंग, बीमा, कोयला खनन, डाक सेवाएं, और निर्माण जैसे क्षेत्रों में कार्यरत 25 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हैं। पश्चिम बंगाल में सड़कों पर प्रदर्शनकारी उतरे, जबकि ओडिशा में कुछ स्थानों पर सार्वजनिक परिवहन प्रभावित हुआ। श्रमिक संगठनों की मांगों में न्यूनतम वेतन, श्रम सुधार और निजीकरण के खिलाफ नीतियां शामिल हैं।

  • Bareilly Shiv Shobhayatra: श्रावण में सजी भक्ति की छटा, सैदापुर में निकली शिव परिवार की भव्य शोभायात्रा

    Bareilly Shiv Shobhayatra: श्रावण में सजी भक्ति की छटा, सैदापुर में निकली शिव परिवार की भव्य शोभायात्रा

    संवाददाता – प्रमोद शर्मा
    Bareilly Shiv Shobhayatra: श्रावण मास का आगमन होते ही देशभर में धार्मिक आयोजन आरंभ हो जाते हैं। उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद अंतर्गत ग्राम सैदापुर में मंगलवार को श्रद्धा, उत्साह और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। नवनिर्मित शिवनाथ मंदिर से भगवान शिव परिवार की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो पूरे क्षेत्र को भक्ति के रंग में रंग गई।

    Bareilly Shiv Shobhayatra

    शोभायात्रा बनी आस्था और एकता का प्रतीकBareilly Shiv Shobhayatra

    मंगलवार दोपहर 12 बजे महंत जगदीश गिरी के नेतृत्व में वैदिक मंत्रोच्चारण और पारंपरिक विधियों के साथ शिव परिवार की प्रतिमाएं एक सुसज्जित थ्री-व्हीलर वाहन पर विराजमान की गईं। शोभायात्रा की शुरुआत ग्राम पचौमी स्थित विष्णु मंदिर से हुई और यह फुलवा गांव के प्राचीन शिव मंदिर व मां काली मंदिर होते हुए सैदापुर लौट आई। Bareilly Shiv Shobhayatra

    इस दौरान मार्ग में जगह-जगह भक्तों ने पुष्पवर्षा की, पूजा-अर्चना की और प्रसाद वितरण किया। शोभायात्रा में सबसे आगे शिव-पार्वती की जीवंत झांकी रही, जो विशेष आकर्षण का केंद्र बनी। डीजे पर बजते भजनों और श्रद्धालुओं के भक्ति-नृत्य से माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया। Bareilly Shiv Shobhayatra

    सैकड़ों भक्तों की भागीदारी ने बढ़ाया आयोजन का गौरवBareilly Shiv Shobhayatra

    ग्रामीणों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली से शोभायात्रा में हिस्सा लिया। बच्चे, महिलाएं, युवा और बुजुर्ग सभी पूरे उत्साह के साथ भक्ति में डूबे नजर आए। शाम 6 बजे जैसे ही शोभायात्रा वापस शिवनाथ मंदिर पहुंची, पूरे परिसर में ‘हर हर महादेव’ और ‘जय शिव शंकर’ के जयघोष गूंज उठे।

    प्रतिमाएं गर्भगृह में स्थापित, बुधवार को होगा विशाल भंडाराBareilly Shiv Shobhayatra

    शिव, पार्वती, गणेश और कार्तिकेय की प्रतिमाओं को विधिपूर्वक मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर पूजा की और समाज कल्याण की कामना के साथ दान-पुण्य किया।

    महंत जगदीश गिरी ने बताया कि बुधवार शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक विशाल भंडारा आयोजित होगा, जिसमें सभी भक्तों को प्रसाद वितरण किया जाएगा। उन्होंने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से इसमें भाग लेने की अपील की।

    धार्मिक समर्पण और संस्कृति का जीवंत उदाहरणBareilly Shiv Shobhayatra

    यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को प्रकट करता है, बल्कि ग्रामीण एकता, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का उदाहरण भी बन गया है। श्रावण मास की इस शुरुआत ने श्रद्धा की ऐसी मिसाल कायम की है, जो वर्षों तक स्मरणीय रहेगी।

    https://nationnowsamachar.com/national/cm-nitish-cabinet-meeting-women-job-reservation/
  • Running in rain benefits: बारिश में दौड़ना सही या गलत? जानिए इसके फायदे, रिसर्च और सेफ्टी टिप्स

    Running in rain benefits: बारिश में दौड़ना सही या गलत? जानिए इसके फायदे, रिसर्च और सेफ्टी टिप्स

    Running in rain benefits: बारिश के मौसम में दौड़ना एक रोमांचक और सुकून देने वाला अनुभव हो सकता है, लेकिन क्या यह सुरक्षित है? फिटनेस के शौकीनों के बीच यह सवाल अक्सर उठता है कि मानसून में आउटडोर रनिंग की जाए या नहीं। आइए जानें विशेषज्ञों की राय, रिसर्च और कुछ जरूरी सुझाव जिनसे आप बारिश में भी सुरक्षित और प्रभावी रनिंग का आनंद ले सकते हैं।

    ☔ बारिश और रनिंग का विज्ञान- Running in rain benefits

    रनिंग एक सम्पूर्ण शरीर को सक्रिय करने वाली एक्सरसाइज है। यह हार्ट हेल्थ, स्टैमिना, वेट लॉस और मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद करता है। अब सवाल यह उठता है कि बारिश के मौसम में रनिंग करना फायदेमंद है या नहीं?

    लोयोला मैरीमाउंट यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर डॉ. हॉली अल्मस्टेड की एक रिसर्च बताती है कि बारिश में रनिंग करने से शरीर ज्यादा ऊर्जा खर्च करता है क्योंकि उसे खुद को गर्म रखने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। नतीजतन, बढ़ी हुई कैलोरी बर्निंग होती है, लेकिन थकावट की संभावना भी अधिक हो जाती है। Running in rain benefits

    🔬 रिसर्च क्या कहती है?- Running in rain benefits

    Journal of Sports Medicine & Physical Fitness में प्रकाशित एक अध्ययन में यह बात सामने आई कि कम तापमान और वर्षा की स्थिति में दौड़ने वाले प्रतिभागियों ने अधिक ऊर्जा खर्च की। इसका मतलब है कि बारिश में दौड़ना ज्यादा मेहनत तो करवाता है, लेकिन इसका फिटनेस पर सकारात्मक असर हो सकता है।

    ✅ बारिश में दौड़ने के फायदे

    1. कैलोरी बर्निंग अधिक होती है
    2. मानसिक सुकून और स्ट्रेस रिलीफ
    3. हृदय स्वास्थ्य में सुधार
    4. सहनशक्ति और इम्यूनिटी में वृद्धि

    ⚠️ बारिश में दौड़ने से पहले ध्यान रखें ये बातें- Running in rain benefits

    1. वार्मअप अनिवार्य है: ठंडे वातावरण में दौड़ने से पहले मांसपेशियों को एक्टिव करना ज़रूरी है।
    2. सही कपड़े पहनें: वाटरप्रूफ जैकेट और जल्दी सूखने वाले कपड़े पहनें ताकि शरीर गर्म रहे।
    3. जूतों की ग्रिप हो मजबूत: फिसलन से बचने के लिए ऐसे जूते पहनें जिनकी सोल ग्रिप अच्छी हो।
    4. हाइड्रेशन का ध्यान रखें: बारिश में पसीना कम दिखता है लेकिन शरीर पानी खोता है, इसलिए पानी पीते रहें।
    5. बीमारियों से बचाव करें: भीगने के बाद तुरंत सूखे कपड़े पहनें और स्नान कर लें ताकि वायरल संक्रमण से बचा जा सके।
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    ❓ क्या बारिश में दौड़ना सभी के लिए सुरक्षित है?- Running in rain benefits

    यदि आप अस्थमा, दिल की बीमारी या जॉइंट पेन जैसी कोई स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं, तो बारिश में दौड़ने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। बुज़ुर्ग और बच्चों को भी बारिश में रनिंग से परहेज़ करना चाहिए।

    📋 आउटडोर vs इनडोर रनिंग: क्या चुनें?

    पहलूआउटडोर रनिंगइनडोर रनिंग
    ताजगी और खुलापन✔️
    सेफ्टी (मानसून में)✔️
    मौसम की निर्भरता✔️
    ज्वाइंट इम्पैक्टथोड़ा अधिककम

    अगर आप फिसलन, इंफेक्शन और हाइपोथर्मिया जैसे जोखिम से बचना चाहते हैं, तो ट्रेडमिल पर रनिंग बेहतर विकल्प हो सकता है।

    बारिश में दौड़ना रोमांचक और सेहतमंद हो सकता है, यदि सही सावधानियों के साथ किया जाए। यह आपके शरीर को चुनौती देने और नई ऊर्जा देने का तरीका बन सकता है, लेकिन सावधानी न बरतने पर यह खतरे का कारण भी बन सकता है। इसलिए, खुद को सुरक्षित रखते हुए, बारिश का आनंद लेते हुए फिट रहिए।

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