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Author: By Nation Now Samachar Team

  • Pak Afghan Border Conflict: बरमाचा बॉर्डर पर पाक और अफगान सेना फिर आमने-सामने, टैंकों से दागे जा रहे गोले

    Pak Afghan Border Conflict: बरमाचा बॉर्डर पर पाक और अफगान सेना फिर आमने-सामने, टैंकों से दागे जा रहे गोले

    नई दिल्ली: पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सेनाओं के बीच एक बार फिर हिंसक झड़प हुई। यह झड़प अफगानिस्तान के (Pak Afghan Border Conflict) बरमाचा सीमा क्षेत्र में हुई, जो पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के समानांतर स्थित है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, यह विवाद सीमा पर नई सैन्य चौकियों के निर्माण को लेकर भड़का।

    बरमाचा में गोलीबारी: क्या है पूरा मामला?- Pak Afghan Border Conflict

    सुबह शुरू हुई गोलीबारी कुछ समय के लिए थम गई थी, लेकिन दोपहर बाद स्थिति फिर बिगड़ गई। पाकिस्तान स्टैंडर्ड टाइम के अनुसार, दोपहर 4:30 बजे के बाद दोनों पक्षों ने फिर से भारी गोलीबारी शुरू कर दी। अफगानिस्तान के हेलमंद प्रांत के अंतरिम प्रशासन ने भी इस झड़प की पुष्टि की। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने टैंक तैनात किए और अफगान सीमा पर बनी चौकियों को भारी तोपखाने से निशाना बनाया।

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    यह क्षेत्र पहले भी कई बार हिंसक झड़पों का गवाह रहा है। बरमाचा, जो अफगानिस्तान के हेलमंद प्रांत का हिस्सा है, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। यह इलाका डूरंड लाइन के पास स्थित है, जो दोनों देशों के बीच सीमा को चिह्नित करती है। डूरंड लाइन को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है, और सीमा पर चौकियों का निर्माण इस तनाव को और बढ़ाता है।

    TTP और अफगान तालिबान की भूमिका- Pak Afghan Border Conflict

    पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच संबंध अब कट्टर दुश्मनी में बदल चुके हैं। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP), जो अफगान तालिबान का समर्थक माना जाता है, पाकिस्तान के खिलाफ लगातार हमले कर रहा है। TTP ने हाल के वर्षों में पाकिस्तान की सैन्य चौकियों पर कब्जा करने की कोशिशें तेज कर दी हैं।

    लगभग पांच महीने पहले, खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले के सालारजई क्षेत्र में TTP ने एक सैन्य बेस पर कब्जा कर लिया था और वहां अपना झंडा फहराया था। इसके बाद, 28 दिसंबर 2024 को अफगान तालिबान और TTP ने मिलकर पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों पर हमला किया। इस हमले में 19 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की खबर आई, जिसने पाकिस्तान सरकार को हिलाकर रख दिया।

    TTP की बढ़ती गतिविधियां और अफगान तालिबान का समर्थन पाकिस्तान के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। यह आतंकी संगठन न केवल पाकिस्तानी सेना की चौकियों को निशाना बना रहा है, बल्कि सीमा पर अस्थिरता को भी बढ़ा रहा है।

    सीमा पर तनाव के कारण- Pak Afghan Border Conflict

    पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव का प्रमुख कारण डूरंड लाइन पर सीमा बाड़ और चौकियों का निर्माण है। पाकिस्तान ने 2005 में इस सीमा पर 2,611 किलोमीटर लंबी बाड़ लगाने की योजना बनाई थी, जिसका उद्देश्य आतंकियों और तस्करों की घुसपैठ को रोकना था। हालांकि, अफगानिस्तान ने इस बाड़ को कभी स्वीकार नहीं किया और इसे अपनी संप्रभुता पर हमला माना।

    हाल के वर्षों में, दोनों देशों के बीच सीमा पर कई बार गोलीबारी और हिंसक झड़पें हो चुकी हैं। साउथ एशिया टेररिज्म पोर्टल (SATP) के आंकड़ों के अनुसार, 2007 से अब तक कम से कम 21 ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिनमें 56 लोग मारे गए हैं। इनमें से अधिकांश पाकिस्तानी सैनिक और नागरिक थे।

    वर्तमान स्थिति और प्रभाव- Pak Afghan Border Conflict

    बरमाचा में गुरुवार की झड़प ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। हेलमंद प्रांत के स्थानीय निवासियों ने बताया कि गोलीबारी के कारण कई परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर गए। दूसरी ओर, पाकिस्तान ने अपनी सीमा पर सैन्य उपस्थिति को और मजबूत कर लिया है।

    इस संघर्ष का असर क्षेत्रीय व्यापार पर भी पड़ रहा है। टोरखम और चमन जैसे प्रमुख सीमा क्रॉसिंग पॉइंट्स पहले ही कई बार बंद हो चुके हैं, जिससे अफगानिस्तान में खाद्य और आवश्यक सामग्री की आपूर्ति प्रभावित हुई है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, अफगानिस्तान में लाखों लोग भुखमरी के कगार पर हैं, और सीमा बंद होने से यह संकट और गहरा सकता है।
    अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता

    अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस बढ़ते तनाव पर चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों देशों से सैन्य संयम बरतने की अपील की है। अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी एक बयान जारी कर क्षेत्र में शांति और स्थिरता की वकालत की।

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    सोर्स- AAJTAK

  • PM MODI WEST BENGAL VISIT: पीएम मोदी का पश्चिम बंगाल दौरा; भाषण की प्रमुख बातें और TMC पर निशाना

    PM MODI WEST BENGAL VISIT: पीएम मोदी का पश्चिम बंगाल दौरा; भाषण की प्रमुख बातें और TMC पर निशाना

    कोलकाता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार में (PM MODI WEST BENGAL VISIT) एक जनसभा को संबोधित किया। करीब 32 मिनट के अपने भाषण में उन्होंने कई अहम मुद्दों पर बात की, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर, पाकिस्तान का आतंकवाद, TMC सरकार का भ्रष्टाचार, और केंद्र की कल्याणकारी योजनाएं शामिल थीं। इसके साथ ही, उन्होंने बंगाल में फैली हिंसा, बेरोजगारी, और गरीबों के अधिकारों की अनदेखी जैसे मुद्दों पर भी तीखा हमला बोला। आइए, पीएम मोदी के भाषण की 6 प्रमुख बातों और उनके दौरे के महत्व को विस्तार से समझते हैं।

    1. ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवाद के खिलाफ भारत का नया संकल्प

    प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में ऑपरेशन सिंदूर को भारत की आतंकवाद के खिलाफ मजबूत नीति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों द्वारा की गई बर्बरता के बाद भारत ने करारा जवाब दिया। पीएम ने कहा, “पाकिस्तान समझ ले, हमने तीन बार घर में घुसकर मारा है। हम शक्ति को पूजने वाले लोग हैं। बंगाल टाइगर की धरती से मैं 140 करोड़ भारतीयों की ओर से कहता हूं कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है।” PM MODI WEST BENGAL VISIT

    उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवाद को पोषित करने का आरोप लगाया और कहा कि 1947 के बंटवारे के बाद से ही पाकिस्तान भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा है। बांग्लादेश में भी उसने हिंसा और अत्याचार किए, जिसे कोई नहीं भूल सकता। पीएम ने स्पष्ट किया कि भारत अब आतंकी हमलों का जवाब देने में पीछे नहीं हटेगा।

    2. TMC सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप- PM MODI WEST BENGAL VISIT

    मोदी ने पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाएं, जैसे कि गरीबों के लिए पक्के मकान, बंगाल में लागू नहीं हो पा रही हैं क्योंकि TMC के लोग “कट और कमीशन” की मांग करते हैं। उन्होंने शिक्षक भर्ती घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि TMC ने हजारों युवाओं का भविष्य बर्बाद किया और पूरे शिक्षा तंत्र को खोखला कर दिया।PM MODI WEST BENGAL VISIT

    3. बंगाल के पांच संकट- PM MODI WEST BENGAL VISIT

    प्रधानमंत्री ने बंगाल में मौजूद पांच प्रमुख संकटों का उल्लेख किया:

    • हिंसा और अराजकता: बंगाल में गुंडागर्दी को खुली छूट दी गई है।
    • महिलाओं की असुरक्षा: माताओं-बहनों पर हो रहे जघन्य अपराध चिंता का विषय हैं।
    • बेरोजगारी: नौजवानों को रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे।
    • भ्रष्टाचार: TMC सरकार के घोटाले गरीबों और युवाओं को प्रभावित कर रहे हैं।
    • गरीबों का हक छीना जाना: केंद्र की योजनाओं का लाभ बंगाल के लोगों तक नहीं पहुंच रहा।

    4. केंद्र की योजनाओं पर बंगाल सरकार का रवैया- PM MODI WEST BENGAL VISIT

    मोदी ने TMC सरकार पर केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं को लागू न करने का आरोप लगाया। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि बंगाल के लोग इस स्वास्थ्य योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे क्योंकि TMC ने इसे लागू नहीं होने दिया। इसी तरह, विश्वकर्मा योजना के तहत आठ लाख से ज्यादा आवेदन बंगाल में अटके पड़े हैं। पीएम जनमन योजना, जो आदिवासी समुदाय के लिए बनाई गई है, को भी TMC ने लागू नहीं किया।

    मोदी ने यह भी कहा कि जब NDA ने आदिवासी महिला द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया, तो TMC ने इसका विरोध किया, जो उनके आदिवासी सम्मान के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। PM MODI WEST BENGAL VISIT

    5. मुर्शिदाबाद और मालदा में हिंसा

    प्रधानमंत्री ने मुर्शिदाबाद और मालदा में हाल की हिंसक घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं में गरीबों की संपत्ति को राख कर दिया गया और तुष्टिकरण के नाम पर गुंडों को खुली छूट दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसी सरकारें जनता के हित में काम कर सकती हैं, जो हिंसा को बढ़ावा देती हैं और पुलिस को तमाशबीन बनाती हैं। PM MODI WEST BENGAL VISIT

    6. बिहार और सिक्किम के दौरे

    पीएम मोदी का गुरुवार को तीन राज्यों का दौरा निर्धारित था। सिक्किम का दौरा रद्द होने के बाद वे अलीपुरद्वार पहुंचे, जहां उन्होंने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी। इसके बाद, वे बिहार के लिए रवाना हुए, जहां शाम 5:45 बजे पटना एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग का उद्घाटन किया। रात में वे राजभवन में रुके। PM MODI WEST BENGAL VISIT

    मोदी के दौरे का महत्व

    प्रधानमंत्री का यह दौरा न केवल पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति को उजागर करता है, बल्कि केंद्र सरकार की विकास योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का भी प्रयास है। बंगाल में TMC के खिलाफ तीखा हमला और ऑपरेशन सिंदूर जैसे मुद्दों पर खुलकर बोलना दर्शाता है कि BJP राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में है।

    बंगाल की जनता से अपील

    मोदी ने अपने भाषण में बंगाल की जनता से अपील की कि वे ऐसी सरकार को न चुनें जो हिंसा, भ्रष्टाचार, और तुष्टिकरण को बढ़ावा देती हो। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बंगाल के विकास के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन राज्य सरकार की उदासीनता के कारण योजनाओं का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा। PM MODI WEST BENGAL VISIT

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    सोर्स- BHASKAR,

  • COVID 19 NEW WAVE: भारत में कोविड-19 की नई लहर; नए वैरिएंट, लक्षण और बचाव के उपाय

    COVID 19 NEW WAVE: भारत में कोविड-19 की नई लहर; नए वैरिएंट, लक्षण और बचाव के उपाय

    नई दिल्ली: भारत में कोविड-19 भारत फिर से लोगों के बीच चिंता का कारण (COVID 19 NEW WAVE) बन रहा है। हाल के दिनों में देश में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी देखी जा रही है। वर्तमान में एक्टिव केसों की संख्या 1326 तक पहुंच चुकी है, और कुल 14 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई है, जिनमें से 6 मौतें महाराष्ट्र में हुई हैं। इस लेख में हम नए कोविड वैरिएंट, उनके लक्षण, और कोरोना से बचाव के उपायों पर विस्तार से बात करेंगे। यह जानकारी आपको सतर्क और सुरक्षित रहने में मदद करेगी।

    भारत में कोविड-19 की मौजूदा स्थिति- COVID 19 NEW WAVE

    हाल के आंकड़ों के अनुसार, देश के कई राज्यों में कोविड-19 के नए मामले सामने आ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में दो नए मरीजों की पहचान हुई है, जो केरल के निवासी हैं और श्रीनगर के एक डेंटल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं। महाराष्ट्र के ठाणे में एक 67 वर्षीय व्यक्ति की मृत्यु हुई, जो उच्च रक्तचाप और मधुमेह से पीड़ित थे। उन्होंने कोविड वैक्सीन भी नहीं ली थी। COVID 19 NEW WAVE

    चंडीगढ़ में उत्तर प्रदेश के एक 40 वर्षीय व्यक्ति की सांस लेने में तकलीफ के बाद मृत्यु हो गई। उनकी जांच में कोविड पॉजिटिव पाया गया था। राजस्थान के जयपुर में 26 मई को दो लोगों की मौत हुई। इनमें से एक व्यक्ति रेलवे स्टेशन पर मृत पाया गया, और दूसरा 26 वर्षीय युवक था, जो पहले से टीबी की बीमारी से जूझ रहा था। कर्नाटक और केरल में भी कोविड से संबंधित कुछ मौतें दर्ज की गई हैं। COVID 19 NEW WAVE

    कोविड-19 अपडेट्स: तालिका में एक नजर- COVID 19 NEW WAVE

    नीचे दी गई तालिका में भारत में कोविड-19 की ताजा स्थिति को संक्षेप में दर्शाया गया है:

    राज्य/क्षेत्रनए मामलेमृत्युविवरण
    जम्मू-कश्मीर20केरल के दो छात्र श्रीनगर में कोविड पॉजिटिव पाए गए
    महाराष्ट्रअज्ञात6ठाणे में 67 और 21 वर्षीय मरीजों की मृत्यु
    चंडीगढ़11यूपी के 40 वर्षीय व्यक्ति की सांस की तकलीफ से मृत्यु
    राजस्थान22जयपुर में एक रेलवे स्टेशन पर, दूसरा टीबी मरीज
    कर्नाटकअज्ञात1बेंगलुरु में 84 वर्षीय व्यक्ति की मल्टी-ऑर्गन फेल्योर से मृत्यु
    केरलअज्ञात2दो व्यक्तियों की कोविड से मृत्यु

    नए कोविड वैरिएंट: क्या हैं ये?- COVID 19 NEW WAVE

    भारत में हाल ही में चार नए कोविड वैरिएंट—LF.7, XFG, JN.1, और NB.1.8.1—की पहचान की गई है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के अनुसार, ये वैरिएंट मुख्य रूप से दक्षिण और पश्चिम भारत में फैल रहे हैं। इनमें से JN.1 वैरिएंट सबसे ज्यादा पाया जा रहा है, जो टेस्टिंग में 50% से अधिक सैंपल में मौजूद है।

    JN.1, ओमिक्रॉन के BA.2.86 स्ट्रेन का एक रूप है, जिसे पहली बार अगस्त 2023 में देखा गया था। इसमें लगभग 30 म्यूटेशन्स हैं, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे “वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट” की श्रेणी में रखा है, लेकिन इसे गंभीर खतरे के रूप में नहीं माना गया। NB.1.8.1 वैरिएंट में स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन्स (A435S, V445H, T478I) इसे तेजी से फैलने में मदद करते हैं। COVID 19 NEW WAVE

    विशेषज्ञों का क्या कहना है?- COVID 19 NEW WAVE

    आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल का कहना है कि 2022 के बाद से कोविड के मामलों में उतार-चढ़ाव सामान्य रहा है, और इस बार भी स्थिति गंभीर होने की संभावना कम है। उनका मानना है कि घबराने की बजाय सतर्क रहना जरूरी है। दूसरी ओर, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने संभावना जताई है कि अगर कोविड की चौथी लहर आती है, तो यह 21 से 28 दिन तक प्रभावी रहेगी, लेकिन दूसरी लहर की तरह जानलेवा नहीं होगी।

    प्रोफेसर चौबे ने यह भी कहा कि वैक्सीनेशन करवाने वालों को भी कोरोना से बचाव के लिए सतर्क रहना चाहिए। नए वैरिएंट पर वैक्सीन का असर सीमित हो सकता है, लेकिन वैक्सीन से मिली प्रतिरक्षा अभी भी गंभीर बीमारी से बचाने में मददगार है।

    कोविड लक्षण और लॉन्ग कोविड का जोखिम- COVID 19 NEW WAVE

    कोविड लक्षण में बुखार, गले में खराश, सिरदर्द, थकान, और कुछ मामलों में सांस लेने में कठिनाई शामिल है। JN.1 वैरिएंट के लक्षण सामान्य सर्दी जैसे हो सकते हैं, जो कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ्तों तक रह सकते हैं। अगर लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं, तो यह “लॉन्ग कोविड” का संकेत हो सकता है। लॉन्ग कोविड में मरीज ठीक होने के बाद भी थकान, सांस की दिक्कत, और मानसिक अस्पष्टता का सामना कर सकते हैं। COVID 19 NEW WAVE

    कोरोना से बचाव के उपाय

    कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए, निम्नलिखित उपाय अपनाना जरूरी है:-

    1. मास्क पहनें: भीड़-भाड़ वाली जगहों पर एन95 या सर्जिकल मास्क का उपयोग करें।
    2. हाथों की सफाई: नियमित रूप से साबुन से 20 सेकंड तक हाथ धोएं या सैनिटाइजर का उपयोग करें।
    3. दूरी बनाए रखें: सामाजिक दूरी का पालन करें और भीड़ से बचें।
    4. वैक्सीनेशन: वैक्सीन और बूस्टर डोज लेना सुनिश्चित करें।
    5. स्वास्थ्य जांच: लक्षण दिखने पर तुरंत कोविड टेस्ट करवाएं और चिकित्सक से संपर्क करें।

    वैक्सीन की भूमिका और भविष्य की रणनीति

    वैक्सीन प्रभावशीलता पर विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीन नए वैरिएंट के खिलाफ पूरी तरह प्रभावी नहीं हो सकती, लेकिन यह गंभीर बीमारी और मृत्यु के जोखिम को कम करती है। नियमित बूस्टर डोज लेना महत्वपूर्ण है। ICMR और अन्य संस्थान नए वैरिएंट की निगरानी के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग को बढ़ावा दे रहे हैं।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि कोविड-19 भारत अब एक स्थानीय बीमारी के रूप में रह सकता है, जिसके मामले समय-समय पर बढ़ सकते हैं। हालांकि, दूसरी लहर जैसी स्थिति की संभावना कम है। फिर भी, सावधानी और जागरूकता जरूरी है।

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    सोर्स- BHASKAR

  • KALPVRIKSHA TREE IN INDIA: औरैया के भूरेपुर खुर्द में मौजूद देववृक्ष से जुड़ी पौराणिक और वैज्ञानिक मान्यताएं

    KALPVRIKSHA TREE IN INDIA: औरैया के भूरेपुर खुर्द में मौजूद देववृक्ष से जुड़ी पौराणिक और वैज्ञानिक मान्यताएं

    औरैया: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले की ग्राम पंचायत अयाना में बसा भूरेपुर खुर्द गांव यमुना नदी के किनारे अपनी (KALPVRIKSHA TREE IN INDIA) ऐतिहासिक और पौराणिक कहानियों के लिए जाना जाता है. इस छोटे से गांव में प्रकृति का एक अनमोल रत्न छिपा है—कल्पवृक्ष, जो न केवल स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र है, बल्कि धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी अद्वितीय है. गांव के निवासियों का कहना है कि औरैया में शायद ही कहीं और ऐसा वृक्ष देखने को मिले. उत्तर प्रदेश में यह पेड़ कुछ ही स्थानों जैसे प्रयागराज, हमीरपुर, और बाराबंकी में पाया जाता है, जबकि राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी इसकी मौजूदगी दर्ज की गई है. आइए, इस लेख में हम इस रहस्यमयी वृक्ष की कहानी, इसके पौराणिक महत्व, वैज्ञानिक पहलुओं, और औषधीय गुणों को विस्तार से जानते हैं. KALPVRIKSHA TREE IN INDIA

    Kalpvriksha tree in India
    यमुना नदी के किनारे बसे भूरेपुर खुर्द गांव में कल्पवृक्ष का रहस्य. (Photo Credit- Nation Now Samachar)

    कल्पवृक्ष का पौराणिक महत्व- KALPVRIKSHA TREE IN INDIA

    हिंदू धर्म में कल्पवृक्ष को स्वर्ग का विशेष वृक्ष माना जाता है. पुराणों के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान 14 रत्नों में से एक के रूप में कल्पवृक्ष की उत्पत्ति हुई थी. इसे देवराज इंद्र को भेंट किया गया था, जिन्होंने इसे हिमालय के उत्तरी क्षेत्र में ‘सुरकानन वन’ में स्थापित किया. पद्मपुराण में इसे परिजात वृक्ष के रूप में भी पहचाना गया है. मान्यता है कि इस वृक्ष के नीचे सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है, क्योंकि यह अपार सकारात्मक ऊर्जा से भरा होता है. KALPVRIKSHA TREE IN INDIA

    स्थानीय लोग बताते हैं कि भूरेपुर खुर्द का यह कल्पवृक्ष न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह गांव की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का भी हिस्सा है. श्रद्धालु इसकी छाया में बैठकर प्रार्थना करते हैं और अपनी इच्छाओं को पूर्ण होने की उम्मीद रखते हैं. इसकी शाखाएं और पत्तियां भी लोगों के लिए पवित्र मानी जाती हैं.

    वैज्ञानिक पहलू: ओलिया कस्पिडाटा और बंबोकेसी- KALPVRIKSHA TREE IN INDIA

    कल्पवृक्ष का वैज्ञानिक नाम ओलिया कस्पिडाटा (Adansonia digitata) है, और यह ओलिएसी कुल का हिस्सा है. भारत में इसे वानस्पतिक रूप से बंबोकेसी के नाम से जाना जाता है. इस वृक्ष को पहली बार 1775 में फ्रांसीसी वैज्ञानिक माइकल अडनसन ने अफ्रीका के सेनेगल में खोजा था, जिसके बाद इसका नाम अडनसोनिया टेटा रखा गया. इसे बाओबाब वृक्ष के नाम से भी जाना जाता है. यह पेड़ यूरोप के फ्रांस और इटली, दक्षिण अफ्रीका, और ऑस्ट्रेलिया में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. KALPVRIKSHA TREE IN INDIA

    KALPVRIKSHA TREE IN INDIA
    भूरेपुर खुर्द गांव में कल्पवृक्ष आकर्षण का केंद्र बना. (Photo Credit – Nation Now Samachar)

    भारत में यह वृक्ष दुर्लभ है और केवल कुछ चुनिंदा स्थानों जैसे रांची, अल्मोड़ा, काशी, नर्मदा नदी के किनारे, कर्नाटक, और उत्तर प्रदेश के बाराबंकी, हमीरपुर और अब औरैया में देखने को मिलता है. भूरेपुर खुर्द का यह वृक्ष अपनी विशालता और लंबी आयु के लिए प्रसिद्ध है. कार्बन डेटिंग के अनुसार, इस तरह के वृक्षों की आयु 2,000 से 6,000 वर्ष तक हो सकती है. KALPVRIKSHA TREE IN INDIA

    कल्पवृक्ष की अनोखी विशेषताएं- KALPVRIKSHA TREE IN INDIA

    कल्पवृक्ष की संरचना इसे अन्य वृक्षों से अलग बनाती है. इसकी लकड़ी में पानी की मात्रा लगभग 79% होती है, जिसके कारण यह सीधा और मजबूत रहता है. इसका तना मोटा और खोखला होता है, जो इसे 1 लाख लीटर से अधिक पानी संग्रह करने की क्षमता देता है. यही कारण है कि इसे ‘जीवन का वृक्ष’ भी कहा जाता है. इसकी छाल से रंगरेज रंजक (डाई) बनाते हैं, और इसका उपयोग चीजों को सघन करने में भी किया जाता है.

    इसके अलावा, यह वृक्ष औषधीय गुणों से भरपूर है. इसकी पत्तियों को धोकर या उबालकर खाया जा सकता है, जबकि छाल, फल, और फूलों का उपयोग आयुर्वेदिक दवाइयां बनाने में होता है. इसमें संतरे से छह गुना अधिक विटामिन सी और गाय के दूध से दोगुना कैल्शियम पाया जाता है, जो इसे एक औषधीय खजाना बनाता है.

    भूरेपुर खुर्द में कल्पवृक्ष का महत्व- KALPVRIKSHA TREE IN INDIA

    भूरेपुर खुर्द के निवासियों के लिए यह वृक्ष केवल एक पेड़ नहीं बल्कि उनकी आस्था और गर्व का प्रतीक है. गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि इस वृक्ष की मौजूदगी ने गांव को एक विशेष पहचान दी है. यमुना नदी के किनारे बसे इस गांव में आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु इस वृक्ष को देखने और इसके नीचे ध्यान लगाने के लिए आते हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि इसकी सकारात्मक ऊर्जा न केवल मन को शांति देती है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है.

    संरक्षण की जरूरत- KALPVRIKSHA TREE IN INDIA

    कल्पवृक्ष जैसी दुर्लभ प्रजातियों का संरक्षण आज के समय में अत्यंत आवश्यक है. भूरेपुर खुर्द का यह वृक्ष न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर है, बल्कि पर्यावरण और जैव-विविधता के लिए भी महत्वपूर्ण है. वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को इसके संरक्षण के लिए विशेष कदम उठाने चाहिए. अनुसंधान केंद्रों के माध्यम से इस प्रजाति को अन्य क्षेत्रों में भी रोपित करने की पहल होनी चाहिए, ताकि यह विलुप्त होने से बचे.

    अन्य क्षेत्रों में कल्पवृक्ष

    उत्तर प्रदेश के अलावा, भारत में यह वृक्ष रांची के दोरांडा क्षेत्र, ग्वालियर के कोलारस, और राजस्थान के मांगलियावास जैसे स्थानों पर पाया जाता है। बाराबंकी के बोरोलिया में मौजूद परिजात वृक्ष को भी कल्पवृक्ष माना जाता है, जिसकी आयु 5,000 वर्ष से अधिक बताई गई है। इन सभी स्थानों पर यह वृक्ष श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है।

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    सोर्स- कल्पवृक्ष का पौराणिक महत्व

  • BAREILLY FAKE POLICE INSPECTOR: बरेली में 20 लाख की ठगी करने वाला फर्जी दरोगा पुलिस के हत्थे चढ़ा

    BAREILLY FAKE POLICE INSPECTOR: बरेली में 20 लाख की ठगी करने वाला फर्जी दरोगा पुलिस के हत्थे चढ़ा

    बरेली. उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग (BAREILLY FAKE POLICE INSPECTOR) को गिरफ्तार किया है, जो खुद को दरोगा बताकर लोगों को विदेश भेजने का झांसा देता था और अब तक करीब 20 लाख रुपये की ठगी कर चुका है. आरोपी हूटर और फ्लैशर से सजी महिंद्रा XUV गाड़ी में घूमता था, वर्दी पहनकर पुलिस अधिकारी की तरह रौब झाड़ता और लोगों को ठगने का काम करता था. BAREILLY FAKE POLICE INSPECTOR

    नकली वर्दी, असली ठगी- BAREILLY FAKE POLICE INSPECTOR

    फरीदपुर थाना पुलिस की त्वरित कार्रवाई में इस फर्जी दरोगा की पोल खुल गई. पुलिस को उसके पास से एक फर्जी आईडी कार्ड, पुलिस जैसी वर्दी और महिंद्रा XUV गाड़ी बरामद हुई है. पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी नशे का आदी है और नशे की हालत में ही लोगों को धमकाकर ठगी करता था.

    🔍 कैसे करता था ठगी? – BAREILLY FAKE POLICE INSPECTOR

    आरोपी खुद को पुलिस का अधिकारी बताकर लोगों से कहता था कि वह विदेश भेजने में मदद कर सकता है. इस बहाने वह हर व्यक्ति से लाखों रुपये वसूलता. गाड़ी में हूटर और पुलिस फ्लैशर होने के कारण लोग उस पर आसानी से भरोसा कर लेते. उसकी गाड़ी और वर्दी देखकर किसी को उस पर शक नहीं होता था. BAREILLY FAKE POLICE INSPECTOR

    🚔 पुलिस की सक्रियता से खुली पोल- BAREILLY FAKE POLICE INSPECTOR

    फरीदपुर थाना प्रभारी की टीम ने आरोपी की हरकतों की खबर मिलने पर उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया. जांच में पाया गया कि उसके पास कोई वैध पुलिस पहचान पत्र नहीं था और उसकी पूरी पहचान फर्जी थी. उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है.

    सीओ फरीदपुर संदीप सिंह ने बताया, “यह मामला लोगों के लिए सबक है कि हर वर्दी पर आंख मूंद कर भरोसा न करें. कोई भी व्यक्ति पुलिस अधिकारी है या नहीं, इसकी पुष्टि जरूर करें.”

    📌 ये सबक भी जरूरी है:

    इस घटना ने एक बार फिर यह साफ कर दिया कि सिर्फ वर्दी, हूटर और रौब देखकर किसी पर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है. आम नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए और पुलिस से जुड़ी किसी भी सेवाओं का लाभ लेने से पहले उसकी प्रमाणिकता की जांच जरूर करनी चाहिए.

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    सोर्स- NBT

  • UP RAIN ALERT: यूपी के 30 जिलों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट, जानें लखनऊ का हाल

    UP RAIN ALERT: यूपी के 30 जिलों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट, जानें लखनऊ का हाल

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मौसम का मिज़ाज एक बार फिर (UP RAIN ALERT) बदलता नजर आ रहा है. बीते 24 घंटों में कहीं हल्की फुहारें तो कहीं तेज़ हवाओं ने लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत तो दी, लेकिन उमस भरी गर्मी ने फिर से बेहाल कर दिया. राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में तेज धूप और वातावरण में नमी के कारण लोगों का हाल खराब रहा. UP RAIN ALERT

    मौसम विज्ञान विभाग ने प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में तेज़ बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है. विभाग के अनुसार, अगले 5 दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का यही रुख बना रहेगा.

    लखनऊ का हाल: तेज धूप और बढ़ती उमस- UP RAIN ALERT

    राजधानी लखनऊ में मंगलवार को सुबह से ही आसमान साफ रहा और सूरज ने अपनी तेज किरणों से लोगों को जमकर तपाया. हालांकि अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो सामान्य से 2 डिग्री कम रहा, लेकिन उमस ने गर्मी का अहसास और बढ़ा दिया. न्यूनतम तापमान 27 डिग्री दर्ज किया गया. UP RAIN ALERT

    UP RAIN ALERT
    यूपी चार-पांच दिन भारी बारिश का अलर्ट- (Photo Credit- Social media)

    बुधवार को मौसम विभाग ने दिनभर आसमान में बादलों की आंशिक आवाजाही और बीच-बीच में तेज धूप रहने की संभावना जताई है. अधिकतम तापमान 38 और न्यूनतम 28 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है. UP RAIN ALERT

    30 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट– UP RAIN ALERT

    मौसम विभाग ने जिन जिलों के लिए चेतावनी जारी की है उनमें शामिल हैं –
    सोनभद्र, चंदौली, गाजीपुर, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, फर्रुखाबाद, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं.

    इन जिलों में तेज़ बारिश, बिजली गिरने और हवाओं की गति 30-50 किलोमीटर प्रति घंटे तक होने की संभावना जताई गई है.

    मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है, खासकर खुले स्थानों पर बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए. तेज हवाएं भी कई क्षेत्रों में चल सकती हैं, जिससे पेड़ों के गिरने या अन्य नुकसान की संभावना बनी हुई है.

    लखनऊ में मौसम का हाल- UP RAIN ALERT

    राजधानी लखनऊ में मंगलवार को सुबह से ही आसमान साफ रहा और तेज धूप ने लोगों को परेशान किया. नमी के कारण उमस भरी गर्मी का असर बढ़ा, जिससे दिनभर लोग पसीने से तर-बतर रहे. मंगलवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2 डिग्री कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

    मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को लखनऊ में मौसम का मिजाज कुछ हद तक मिला-जुला रहेगा. दिन में आसमान ज्यादातर साफ रहेगा, लेकिन बीच-बीच में बादलों की आवाजाही हो सकती है. तेज धूप के साथ उमस भरी गर्मी बरकरार रहेगी. अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है.

    अगले 5 दिनों का मौसम पूर्वानुमान- UP RAIN ALERT

    मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल सिंह के अनुसार, अगले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है. इसके बाद तापमान में फिर से 2 से 3 डिग्री की कमी देखने को मिलेगी. अगले पांच दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं, और बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी.

    उत्तर प्रदेश में मौसम का प्रभाव

    मौसम का यह बदलाव न केवल लोगों के दैनिक जीवन को प्रभावित कर रहा है, बल्कि कृषि और अन्य क्षेत्रों पर भी इसका असर पड़ रहा है. बारिश से कुछ किसानों को राहत मिल सकती है, लेकिन बिजली गिरने और तेज हवाओं से फसलों को नुकसान का खतरा भी है. मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपने खेतों की निगरानी करें और फसलों को सुरक्षित रखने के लिए उचित कदम उठाएं.

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  • STOCK MARKET NEWS: शेयर बाजार में भारी गिरावट: सेंसेक्स 900 अंक टूटा, निफ्टी 24,750 के नीचे

    STOCK MARKET NEWS: शेयर बाजार में भारी गिरावट: सेंसेक्स 900 अंक टूटा, निफ्टी 24,750 के नीचे

    मुंबई: 27 मई 2025 को भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव (STOCK MARKET NEWS) देखने को मिला. सेंसेक्स में करीब 1,000 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 81,250 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. निफ्टी भी 250 अंकों की कमी के साथ 24,750 के स्तर पर रहा. इस गिरावट के पीछे उच्च वैल्यूएशन और वैश्विक बाजारों की कमजोरी को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति लंबी अवधि के निवेशकों के लिए खरीदारी का सुनहरा अवसर हो सकती है.

    सेंसेक्स और निफ्टी का प्रदर्शन– STOCK MARKET NEWS

    सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 26 में गिरावट देखी गई, जबकि केवल 4 शेयरों ने तेजी दिखान. अल्ट्राटेक सीमेंट का शेयर 2.50% नीचे रहा, और ITC, NTPC जैसे शेयरों में भी 2% तक की कमी देखी गई. दूसरी ओर, इंडसइंड बैंक ने लगभग 3% की उछाल दर्ज की, जिसने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया.

    निफ्टी के 50 शेयरों में से 39 में गिरावट और 11 में तेजी रही. NSE के IT इंडेक्स में 0.93%, ऑटो इंडेक्स में 0.60%, और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 0.73% की कमी देखी गई. हालांकि, मीडिया, मेटल, फार्मा, और रियल्टी जैसे सेक्टरों में हल्की बढ़त दर्ज की गई, जिसने बाजार को कुछ राहत प्रदान की. STOCK MARKET NEWS

    उच्च वैल्यूएशन का दबाव- STOCK MARKET NEWS

    जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वी के विजयकुमार ने बताया कि भारतीय शेयर बाजार अब एक समेकन चरण (कॉन्सोलिडेशन फेज) में प्रवेश कर सकता है. उच्च वैल्यूएशन के कारण बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ रहा है. फिर भी, म्यूचुअल फंड्स के पास उपलब्ध नकदी की वजह से किसी भी बड़ी गिरावट में खरीदारी की संभावना बनी हुई है. यह स्थिति उन निवेशकों के लिए फायदेमंद हो सकती है, जो दीर्घकालिक निवेश की तलाश में हैं. STOCK MARKET NEWS

    वैश्विक बाजारों का असर- STOCK MARKET NEWS

    वैश्विक स्तर पर भी बाजारों में कमजोरी का माहौल रहा. जापान का निक्केई इंडेक्स 100 अंकों की गिरावट के साथ 37,440 पर और कोरिया का कोस्पी 13 अंकों की कमी के साथ 2,631 पर कारोबार कर रहा था. हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.31% नीचे 23,209 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट 11 अंकों की गिरावट के साथ 3,335 पर रहा.

    23 मई को अमेरिकी बाजारों में भी गिरावट देखी गई थी. डाउ जोन्स 256 अंकों की कमी के साथ 41,603 पर, नैस्डेक 188 अंकों की गिरावट के साथ 18,737 पर, और S&P 500 39 अंकों की कमी के साथ 5,802 पर बंद हुआ. वैश्विक बाजारों की यह कमजोरी भारतीय बाजार पर भी असर डाल रही है.

    निवेशकों की गतिविधियां- STOCK MARKET NEWS

    26 मई को घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 1,745.72 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 135.98 करोड़ रुपये की खरीदारी की. मई महीने में अब तक DIIs ने 36,243.28 करोड़ रुपये और FIIs ने 12,327.59 करोड़ रुपये की नेट खरीदारी की है. अप्रैल में DIIs ने 28,228.45 करोड़ रुपये और FIIs ने 2,735.02 करोड़ रुपये का निवेश किया था. यह मजबूत निवेश बाजार में निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है.

    ‘द लीला’ होटल्स का IPO- STOCK MARKET NEWS

    लग्जरी होटल चेन ‘द लीला’ की पैरेंट कंपनी श्लॉस बैंगलोर लिमिटेड का IPO 26 मई से निवेश के लिए खुला है और 28 मई 2025 तक खुला रहेगा. कंपनी इस IPO के जरिए 3,500 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है, जिसमें 2,500 करोड़ रुपये के नए शेयर और 1,000 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल शामिल है. यह रिटेल निवेशकों के लिए एक आकर्षक अवसर हो सकता है.

    निवेशकों के लिए रणनीति

    बाजार की मौजूदा अस्थिरता के बावजूद, विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत आर्थिक बुनियाद और घरेलू निवेशकों की सक्रियता बाजार को सहारा दे सकती है. निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाएं, गुणवत्ता वाले शेयरों पर ध्यान दें, और बाजार की हर गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में देखें. दीर्घकालिक निवेश रणनीति अपनाने से जोखिम को कम किया जा सकता है.

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    सोर्स- BHASKAR

  • CORONA CASES RISE IN INDIA: भारत में कोरोना के 4 नए वैरिएंट मिले, कई राज्यों में मौतें

    CORONA CASES RISE IN INDIA: भारत में कोरोना के 4 नए वैरिएंट मिले, कई राज्यों में मौतें

    नई दिल्ली: भारत में कोविड-19 के मामले फिर से बढ़ने लगे हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक (CORONA CASES RISE IN INDIA) देश में कुल मामलों की संख्या 1047 हो गई है. इसमें सबसे ज्यादा 430 सक्रिय केस केरल से हैं. इसके बाद महाराष्ट्र में 208, दिल्ली में 104, गुजरात में 83 और कर्नाटक में 80 केस दर्ज किए गए हैं. बेंगलुरु में ही कर्नाटक के कुल 73 केस हैं.

    मौतों की बात करें तो महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में कुल 11 मरीजों की जान जा चुकी है. पिछले एक हफ्ते में 9 मौतें दर्ज की गई हैं. महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 5 मौतें हुई हैं. ठाणे जिले में सोमवार को एक महिला की जान चली गई. CORONA CASES RISE IN INDIA

    CORONA CASES RISE IN INDIA- एक सप्ताह में 787 नए केस

    स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक बीते सात दिनों में 787 नए कोविड केस सामने आए हैं. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के निदेशक डॉ. राजीव बहल ने जानकारी दी कि भारत में अब तक चार नए कोविड वैरिएंट सामने आए हैं – LF.7, XFG, JN.1 और NB.1.8.1. CORONA CASES RISE IN INDIA

    CORONA CASES RISE IN INDIA- कोविड से मौतें: प्रमुख आंकड़े

    राज्यमौतों की संख्याप्रमुख क्षेत्र
    महाराष्ट्र5ठाणे, मुंबई
    कर्नाटक1बेंगलुरु
    राजस्थान1जयपुर
    मध्य प्रदेश2जानकारी नहीं
    पश्चिम बंगाल2जानकारी नहीं

    जयपुर में सोमवार को दो मरीजों की मौत हुई, जिसमें से एक रेलवे स्टेशन पर मृत मिला था. उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई. दूसरा मरीज 26 साल का था, जिसे पहले से टीबी थी. CORONA CASES RISE IN INDIA

    ठाणे में मौतें महाराष्ट्र के ठाणे में रविवार 25 मई को एक 21 वर्षीय युवक की मौत हुई. उसका 22 मई से इलाज चल रहा था. वहीं एक महिला मरीज की इलाज के दौरान जान गई. CORONA CASES RISE IN INDIA

    बेंगलुरु में बुजुर्ग की मौत 17 मई को कर्नाटक के बेंगलुरु में 84 वर्षीय बुजुर्ग की मल्टी ऑर्गन फेल्योर के कारण मौत हुई. उनकी रिपोर्ट 24 मई को पॉजिटिव आई थी. केरल में भी दो लोगों की कोविड से जान गई है.

    भारत में मिले 4 नए वैरिएंट ICMR ने बताया कि दक्षिण और पश्चिम भारत में सीक्वेंसिंग के दौरान LF.7, XFG, JN.1 और NB.1.8.1 वैरिएंट मिले हैं. ये सभी WHO द्वारा “निगरानी में रखे गए वैरिएंट” के रूप में वर्गीकृत हैं. फिलहाल इन्हें चिंताजनक नहीं माना गया है. CORONA CASES RISE IN INDIA

    NB.1.8.1 वैरिएंट की विशेषताएं

    • इसमें A435S, V445H, और T478I जैसे स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन हैं.
    • यह वैरिएंट तेजी से फैलता है.
    • इम्यून सिस्टम की बनी हुई प्रतिरोधक क्षमता इस पर असर नहीं डाल पाती.

    सबसे आम वैरिएंट: JN.1 भारत में सबसे ज्यादा JN.1 वैरिएंट देखने को मिल रहा है.

    वैरिएंटप्रसार प्रतिशत
    JN.150%+
    BA.226%
    अन्य ओमिक्रॉन20%

    JN.1 के लक्षण और खतरे

    • यह ओमिक्रॉन के BA.2.86 का स्ट्रेन है.
    • इसमें करीब 30 म्यूटेशन्स हैं.
    • इम्यूनिटी को कमजोर कर सकता है.
    • WHO ने दिसंबर 2023 में इसे ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ घोषित किया था.

    डॉक्टरों की सलाह ICMR के अनुसार, फिलहाल स्थिति गंभीर नहीं है, लेकिन सतर्कता बेहद जरूरी है. डॉक्टरों का कहना है कि लक्षण लंबे समय तक बने रह सकते हैं. ऐसे मामलों में लॉन्ग कोविड की आशंका हो सकती है.

    निष्कर्ष कोरोना वायरस का खतरा भले ही पहले जैसा भयावह नहीं रहा, लेकिन इसकी वापसी से लापरवाही नहीं की जा सकती। नए वैरिएंट्स की पहचान और सतर्कता ही इससे निपटने का उपाय है.

    कोरोना की पिछली लहर

    भारत में कोरोना की आखिरी बड़ी लहर वर्ष 2022 के अंत से 2023 की शुरुआत तक देखी गई थी, जो मुख्य रूप से Omicron वैरिएंट के सब-वैरिएंट्स जैसे BF.7, XBB.1.5 और JN.1 के कारण फैली थी, हालांकि इस लहर की तीव्रता डेल्टा लहर जितनी घातक नहीं थी, फिर भी बुजुर्गों और को-मॉर्बिडिटी वाले मरीजों के लिए यह गंभीर साबित हुई.

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    सोर्स- BHASKAR

  • UP RAIN ALERT: उत्तर प्रदेश में दो तरह का मौसम: कहीं बिजली-बारिश, कहीं चिलचिलाती गर्मी

    UP RAIN ALERT: उत्तर प्रदेश में दो तरह का मौसम: कहीं बिजली-बारिश, कहीं चिलचिलाती गर्मी

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज इन दिनों पूरी तरह से बदला हुआ (UP RAIN ALERT) नजर आ रहा है. जहां एक ओर तराई वाले जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है, वहीं दूसरी ओर बुंदेलखंड और मध्य यूपी के जिलों में लू जैसे हालात बने हुए हैं. यह दोहरी मौसमीय स्थिति न केवल आम जनजीवन को प्रभावित कर रही है, बल्कि किसानों की चिंता और राहत दोनों का कारण बन रही है.

    24 जिलों में बिजली-बारिश की चेतावनी- UP RAIN ALERT

    मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के 24 जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ तेज बारिश की चेतावनी जारी की है. जिन जिलों में चेतावनी दी गई है, उनमें बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, वाराणसी, देवरिया, गोरखपुर, बहराइच, बलरामपुर, कुशीनगर, मऊ, बलिया, चंदौली, गाजीपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संत रविदास नगर, महोबा, ललितपुर, गोंडा, श्रावस्ती, महाराजगंज शामिल हैं.

    इन जिलों में आने वाले दिनों में बिजली गिरने, आंधी और मध्यम से तेज बारिश की संभावना है. इसके साथ ही कई स्थानों पर तेज रफ्तार हवाएं (30 से 50 किमी/घंटा) भी चल सकती हैं. UP RAIN ALERT

    बुंदेलखंड और मध्य यूपी में भीषण गर्मी

    जहां एक तरफ कुछ इलाकों में बारिश राहत दे रही है, वहीं बुंदेलखंड और मध्य उत्तर प्रदेश के ज़िलों में उमस भरी गर्मी और तेज धूप लोगों को बेहाल कर रही है. मौसम विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में नमी और धूप के कारण हीट इंडेक्स काफी बढ़ गया है, जिससे लू जैसे हालात बन रहे हैं. UP RAIN ALERT

    बांदा जिले में सोमवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक रहा. वहीं, बरेली का न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2 डिग्री कम है. UP RAIN ALERT

    राजधानी लखनऊ का मौसम- UP RAIN ALERT

    लखनऊ में सोमवार को आसमान साफ रहा और दिनभर तेज धूप खिली रही. अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को लखनऊ में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन दिन में तेज धूप निकलने की संभावना है. UP RAIN ALERT

    फर्रुखाबाद में बारिश से किसानों को राहत

    फर्रुखाबाद जिले में सोमवार को तेज हवा के साथ हुई बारिश ने मौसम को बदला और लोगों को गर्मी से राहत दी. हालांकि, बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या भी सामने आई, जिससे स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

    किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद साबित हुई. किसान अजय ने बताया कि इस समय खरीफ की फसलों की बुवाई की तैयारी चल रही है और बारिश से खेतों में नमी आ गई है, जिससे बुवाई की प्रक्रिया तेज होगी. उन्होंने कहा कि बिना पलेवा के खेत की जुताई होना संभव नहीं था, लेकिन अब धान की पौध रोपाई की तैयारी भी हो सकेगी.

    अगले 72 घंटे: गर्मी और बारिश का मिश्रण रहेगा जारी

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 72 घंटों के भीतर अधिकतम तापमान में 2 डिग्री तक बढ़ोतरी होगी, जिसके बाद इसमें फिर से गिरावट दर्ज की जाएगी. न्यूनतम तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा. उन्होंने बताया कि 31 मई तक कई जिलों में बिजली गिरने, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है.

    किसानों को सलाह

    कृषि विशेषज्ञों की मानें तो आने वाली बारिश खरीफ फसल की बुवाई के लिए अनुकूल साबित होगी, लेकिन उन्हें सावधानी भी बरतनी होगी. जलभराव वाले खेतों में फसलों की सड़न हो सकती है. इसलिए जल निकासी की उचित व्यवस्था करना आवश्यक है.

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    सोर्स- ONEINDIA HINDI

  • PM Modi Dahod: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दाहोद में रेलवे लोकोमोटिव संयंत्र का उद्घाटन किया

    PM Modi Dahod: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दाहोद में रेलवे लोकोमोटिव संयंत्र का उद्घाटन किया

    दाहोद/गुजरात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के दो दिवसीय दौरे के दौरान दाहोद में (PM Modi Dahod) भारतीय रेलवे के आधुनिक लोकोमोटिव विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया. यह संयंत्र न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि निर्यात के लिए भी 9000 हॉर्सपावर (एचपी) के शक्तिशाली इलेक्ट्रिक इंजनों का उत्पादन करेगा. इस कदम से भारतीय रेलवे की माल ढुलाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे देश की आर्थिक प्रगति को और बल मिलेगा. PM Modi Dahod

    वडोदरा में भव्य रोड शो- PM Modi Dahod

    दाहोद पहुंचने से पहले, पीएम मोदी ने वडोदरा में एक रोड शो किया, जहां हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उमड़ पड़े. स्थानीय लोगों ने फूलों की वर्षा कर और नारों के साथ उनका स्वागत किया. यह रोड शो ऑपरेशन सिंदूर के बाद उनका पहला गुजरात दौरा था, जिसने इसे और भी खास बना दिया. रोड शो में भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी के परिवार ने भी हिस्सा लिया. उनकी जुड़वां बहन शायना सुनसारा और भाई संजय कुरैशी ने पीएम मोदी के प्रति अपनी खुशी और गर्व व्यक्त किया.

    शायना ने कहा, “प्रधानमंत्री से मिलना एक अविस्मरणीय अनुभव था. उन्होंने महिला सशक्तिकरण के लिए बहुत कुछ किया है. मेरी बहन सोफिया अब केवल मेरी नहीं, बल्कि पूरे देश की बहन है.” संजय ने भी कहा, “मोदी जी को इतने करीब से देखना और उनका अभिवादन पाना गर्व का क्षण था. मेरी बहन को सेना में सेवा का मौका देने के लिए मैं भारत सरकार का आभारी हूं.”

    दाहोद में रेलवे की नई पहल- PM Modi Dahod

    दाहोद में लोकोमोटिव विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन भारतीय रेलवे के लिए एक मील का पत्थर है. यह संयंत्र अत्याधुनिक तकनीक से लैस है और 9000 एचपी के इलेक्ट्रिक इंजन बनाएगा, जो माल ढुलाई के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए हैं. ये इंजन न केवल रेलवे की दक्षता बढ़ाएंगे, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी होंगे. इस संयंत्र से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे, जिससे दाहोद और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा.

    पीएम मोदी ने इस अवसर पर एक इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और लगभग 24,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन किया. उन्होंने एक सार्वजनिक समारोह को भी संबोधित किया, जिसमें उन्होंने गुजरात के विकास और रेलवे के आधुनिकीकरण पर जोर दिया.

    भुज में विकास की नई लहर- PM Modi Dahod

    दाहोद के बाद, प्रधानमंत्री भुज पहुंचे, जहां उन्होंने 53,400 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया. इन परियोजनाओं में सड़क, जल आपूर्ति, और बुनियादी ढांचे से संबंधित कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं. भुज में आयोजित एक सार्वजनिक समारोह में पीएम मोदी ने स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि गुजरात का विकास देश की प्रगति का आधार है.

    गांधीनगर में शहरी विकास का उत्सव- PM Modi Dahod

    अगले दिन, 27 मई को, पीएम मोदी गांधीनगर में गुजरात शहरी विकास की 20वीं वर्षगांठ के समारोह में शामिल होंगे. इस अवसर पर वे शहरी विकास वर्ष 2025 का शुभारंभ करेंगे और उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे. यह आयोजन गुजरात के शहरी विकास में एक नया अध्याय शुरू करने का प्रतीक होगा.

    गुजरात के लिए पीएम मोदी की प्रतिबद्धता

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा गुजरात के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है. रेलवे के आधुनिकीकरण से लेकर शहरी विकास तक, उनकी योजनाएं राज्य को एक नई दिशा दे रही हैं. दाहोद का लोकोमोटिव संयंत्र न केवल रेलवे की क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर रेल तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी बनाएगा.

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    सोर्स- JAGRAN