Nation Now Samachar

Author: By Nation Now Samachar Team

  • BSF JAWAN RETURN: भारत की सख्ती पर झुका पाकिस्तान, 20 दिन बाद लौटाया BSF जवान पूर्णम कुमार

    BSF JAWAN RETURN: भारत की सख्ती पर झुका पाकिस्तान, 20 दिन बाद लौटाया BSF जवान पूर्णम कुमार

    नई दिल्ली: भारत की दृढ़ता रंग लाई और पाकिस्तान ने 20 दिन बाद आखिरकार बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार (BSF JAWAN RETURN) को भारत को सौंप दिया. अटारी-वाघा बॉर्डर से लौटे जवान का देशभर में स्वागत हुआ. यह घटना भारत-पाक के बीच बढ़ते तनाव के बीच राहत देने वाली खबर बनकर सामने आई है.

    कैसे पहुंचे पाकिस्तान?

    बीएसएफ के कॉन्स्टेबल पूर्णम कुमार शॉ, जो कि पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में तैनात थे, गलती से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर पाकिस्तान में घुस गए थे. पाकिस्तानी रेंजर्स ने उन्हें 20 दिन पहले हिरासत में लिया था. इस बीच भारत-पाक संबंध बेहद तनावपूर्ण हो गए, विशेषकर 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके जवाब में भारत द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद.

    22 अप्रैल 2025 को कश्मीर के पहलगाम में एक भयावह आतंकी हमला हुआ, जिसमें नागरिकों और पर्यटकों को निशाना बनाया गया. भारत सरकार ने इसे मुंबई हमले के बाद सबसे घातक हमला माना और तुरंत कड़ी कार्रवाई की घोषणा की.

    ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि

    7 मई को शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय वायुसेना, थलसेना और नौसेना ने एक साथ मिलकर पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया. इस ऑपरेशन का उद्देश्य स्पष्ट था — आतंकी गतिविधियों का समूल नाश.

    पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई और सीमा पर तनाव

    ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने 7-8 मई की रात को भारत के कई सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले की कोशिश की. लक्ष्य थे श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट और अमृतसर जैसे संवेदनशील क्षेत्र. लेकिन भारतीय सेना के सतर्क और समन्वित प्रयासों से ये हमले विफल कर दिए गए.

    भारतीय नौसेना ने अपने Carrier Battle Group के माध्यम से समुद्री क्षेत्र में पाकिस्तान की हवाई घुसपैठ की योजना को पूरी तरह नाकाम कर दिया. वहीं, भारतीय वायुसेना और थलसेना ने भी संयुक्त संचालन करते हुए भारत की सुरक्षा को सुनिश्चित किया.

    पूर्णम कुमार की वापसी: भारतीय प्रयासों का नतीजा

    जब पूर्णम कुमार पाकिस्तान में थे, तब उनके परिवार और खासकर पत्नी राजनी की चिंता लगातार बढ़ रही थी. राजनी ने मीडिया से बात करते हुए उम्मीद जताई थी कि डीजीएमओ (DGMO) स्तर की बातचीत में उनके पति का मुद्दा उठाया जाएगा.

    राजनी ने यह भी बताया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें फोन कर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया. उन्होंने उनके ससुराल वालों को स्वास्थ्य सेवा देने की बात भी कही.

    भारतीय सेना द्वारा 3 मई को एक पाकिस्तानी रेंजर को राजस्थान सीमा से हिरासत में लिए जाने के बाद उम्मीद जगी कि शायद उसके बदले पूर्णम को भी रिहा किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. हालांकि भारत के निरंतर कूटनीतिक और सैन्य प्रयासों के चलते अंततः 13 मई को अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान ने पूर्णम कुमार को भारत को सौंप दिया.

    देशभर में राहत और खुशी की लहर

    पूर्णम कुमार की वापसी के बाद सोशल मीडिया से लेकर संसद तक हर जगह इस फैसले की सराहना हुई. एक ओर जहां भारत की सख्त और निर्णायक नीति की तारीफ हुई, वहीं दूसरी ओर जवानों की सुरक्षा को लेकर नए सवाल भी खड़े हुए हैं.

    रक्षा विश्लेषकों की राय

    रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्णम कुमार की वापसी केवल मानवीय मामला नहीं था, बल्कि यह भारत की कूटनीतिक और सैन्य दृढ़ता का भी परिणाम है. अगर भारत ने आतंकी हमलों पर जवाब नहीं दिया होता, तो शायद पाकिस्तान भी इस तरह झुकने को मजबूर नहीं होता.

    ये भी पढ़ें- KANPUR FIRE: कानपुर कलेक्टरगंज अग्निकांड में 100 से अधिक दुकानें खाक, करोड़ों का नुकसान

  • KANPUR FIRE: कानपुर कलेक्टरगंज अग्निकांड में 100 से अधिक दुकानें खाक, करोड़ों का नुकसान

    KANPUR FIRE: कानपुर कलेक्टरगंज अग्निकांड में 100 से अधिक दुकानें खाक, करोड़ों का नुकसान

    कानपुर: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र कानपुर (KANPUR FIRE) के सबसे बड़े और ऐतिहासिक बाज़ारों में से एक कलेक्टरगंज बाजार में मंगलवार दोपहर भयंकर आग लग गई. इस घटना ने पूरे शहर को दहला दिया. कानपुर सीएफओ के मुताबिक यह आग केमिकल से भरे ड्रमों के सिलसिलेवार फटने के कारण लगी, जिससे पहले धमाके हुए और फिर तेजी से आग फैल गई. आग की भयावहता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि यह लपटें 15-20 फीट ऊंचाई से कई किलोमीटर दूर तक दिखीं.

    धमाकों के साथ फैली आग- KANPUR FIRE

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ड्रम फटने के साथ तेज़ धमाके हुए, जिससे आसपास अफरा-तफरी मच गई दुकानों में रखा सामान चंद मिनटों में जलकर राख हो गया. एक कारोबारी ने दावा किया कि आगजनी में 100 से अधिक दुकानें जलकर खाक हो गईं, जिससे करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है. उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है.

    KANPUR FIRE- 10 घंटे तक सुलगती रही आग

    दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन संकरी गलियों और अव्यवस्थित रास्तों के कारण उन्हें कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. आग करीब 10 घंटे तक सुलगती रही. बाजार में आग बुझाने के पर्याप्त इंतज़ाम न होने से मुश्किलें और बढ़ गईं.

    अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग से शॉर्ट सर्किट की आशंका

    हालांकि, आग का मुख्य कारण केमिकल ड्रम फटना बताया गया है, लेकिन स्थानीय व्यापारियों ने एक और बड़ी चूक की ओर इशारा किया है. अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग प्वाइंट से शॉर्ट सर्किट को भी एक संभावित वजह माना जा रहा है. मामले की जांच सीएफओ की टीम बुधवार से शुरू करेगी.

    100 साल पुराना बाजार, पहली बार इतनी बड़ी घटना

    कानपुर के एक व्यापारी नेता ने बताया कि कलेक्टरगंज बाजार की स्थापना 100 साल से भी अधिक पहले हुई थी, और यह पहली बार है जब इतनी भीषण आगजनी की घटना सामने आई है. यहां रोज़ाना हजारों की संख्या में व्यापारी और श्रमिक काम करते हैं, और देश के कई हिस्सों में यहां से उत्पाद भेजे जाते हैं. यदि आग और फैल जाती, तो यह हादसा और भयावह हो सकता था.

    लगातार हो रही हैं अग्निकांड की घटनाएं

    कलेक्टरगंज की घटना से पहले भी पिछले दो वर्षों में कानपुर में कई बड़ी आग की घटनाएं हो चुकी हैं.

    • 16 दिसंबर 2022: फजलगंज में फैक्ट्री में आग, तीन मजदूरों की मौत.
    • 31 मार्च 2023: बांसमंडी रेडीमेड मार्केट में आग, हजारों दुकानें खाक.
    • 12 जून 2023: डिप्टी पड़ाव सरकारी मिल में तीन दिन तक आग सुलगती रही.
    • 12 नवंबर 2023: बर्रा इलेक्ट्रॉनिक शोरूम में भीषण आग.
    • 2 नवंबर 2024: सीसामऊ फर्नीचर शोरूम में भीषण आग.

    ये भी पढ़ें- VIRAT KOHLI SPIRITUAL JOURNEY: टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद पहुंचे वृंदावन, संत प्रेमानंद महाराज से लिया आशीर्वाद

  • VIRAT KOHLI SPIRITUAL JOURNEY: टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद पहुंचे वृंदावन, संत प्रेमानंद महाराज से लिया आशीर्वाद

    VIRAT KOHLI SPIRITUAL JOURNEY: टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद पहुंचे वृंदावन, संत प्रेमानंद महाराज से लिया आशीर्वाद

    मथुरा: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली (VIRAT KOHLI SPIRITUAL JOURNEY) ने सोमवार को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी. इसके ठीक अगले दिन मंगलवार को वह अपनी पत्नी और बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा के साथ मथुरा के वृंदावन स्थित संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे. यह यात्रा पूरी तरह गोपनीय रही, जहां दोनों ने अपने परिवार के साथ संत से मुलाकात कर आध्यात्मिक मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्राप्त किया.

    आध्यात्मिक गुरु से मुलाकात, विराट ने झुकाया सिर

    विराट कोहली और अनुष्का शर्मा आश्रम में पहुंचते ही सबसे पहले गुरु प्रेमानंद महाराज को प्रणाम किया. संत ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए पूछा, “खुश हो?” और कहा कि ठीक ही रहना चाहिए. इसके बाद संत प्रेमानंद महाराज ने विराट और उनके परिवार को धार्मिक उपदेश देते हुए कहा कि भगवान की कृपा से ही संत समागम संभव होता है.

    उन्होंने बताया, “यह वैभव नहीं, पुण्य है। पुण्य से ही पापी को भी सुख की प्राप्ति होती है. अहंकार को मिटाकर ही मनुष्य परमशांति के मार्ग पर चल सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि किसी मंदिर में जाने से भगवान की प्राप्ति नहीं होती, बल्कि “राधा नाम” ही शांति का मार्ग है.

    तीसरी बार पहुंचे आश्रम, पहले भी मिली थी प्रेरणा

    गौरतलब है कि यह विराट कोहली का संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम का तीसरा दौरा था. इससे पहले जनवरी 2025 में विराट ने जब क्रिकेट में फॉर्म को लेकर जूझ रहे थे, तब भी आश्रम का दौरा किया था. उस समय अनुष्का शर्मा ने धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने का आशीर्वाद मांगा था, जबकि विराट ने क्रिकेट में सफलता के लिए प्रार्थना की थी.

    विराट कोहली ने सबसे पहले 4 जनवरी 2023 को अपने परिवार के साथ संत प्रेमानंद महाराज का दर्शन किया था. इन तीनों यात्राओं में विराट की श्रद्धा और आध्यात्मिक झुकाव साफ़ दिखता है.

    संन्यास की घोषणा: इंस्टाग्राम पोस्ट से मचाया हलचल

    सोमवार को विराट कोहली ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, “टेस्ट क्रिकेट ने मेरी परीक्षा ली, मुझे आकार दिया और ऐसे पाठ सिखाए जो मुझे जीवनभर याद रहेंगे.” उन्होंने इस खेल को सम्मान और गौरव के साथ अलविदा कहा. विराट के इस फैसले से जहां खेल जगत में हलचल मची, वहीं उनके इस आध्यात्मिक कदम ने भी कई प्रशंसकों का ध्यान आकर्षित किया.

    विराट की धार्मिक आस्था और मानसिक संतुलन

    विराट कोहली अक्सर आध्यात्मिक यात्राओं पर जाते हैं, जिससे उनके जीवन में मानसिक संतुलन और आत्मिक शांति बनी रहती है. उनकी यह यात्रा न केवल क्रिकेट से जुड़े भावनात्मक पल को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि विराट अपने जीवन में धार्मिक मूल्यों को कितनी गंभीरता से लेते हैं.

    ये भी पढ़ें- UTTAR PRADESH NEW DGP: उत्तर प्रदेश को जल्द मिलेगा नया डीजीपी, रेस में कई वरिष्ठ IPS अधिकारी

  • UTTAR PRADESH NEW DGP: उत्तर प्रदेश को जल्द मिलेगा नया डीजीपी, रेस में कई वरिष्ठ IPS अधिकारी

    UTTAR PRADESH NEW DGP: उत्तर प्रदेश को जल्द मिलेगा नया डीजीपी, रेस में कई वरिष्ठ IPS अधिकारी

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस को जल्द ही नया पुलिस महानिदेशक (UTTAR PRADESH NEW DGP) मिलने वाला है. वर्तमान डीजीपी प्रशांत कुमार 31 मई 2025 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. उनके कार्यकाल के विस्तार की संभावना बेहद कम है, इसलिए सरकार जल्द ही नए डीजीपी की नियुक्ति की तैयारी कर रही है. इस रेस में राज्य और केंद्र सरकार की अहम इकाइयों में सेवाएं दे रहे कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी शामिल हैं.

    UTTAR PRADESH NEW DGP- राजीव कृष्ण: सबसे मजबूत दावेदार

    1991 बैच के आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण वर्तमान में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष और विजिलेंस के महानिदेशक के पद पर कार्यरत हैं. उनकी सेवा में अभी लगभग चार वर्ष का समय शेष है, जो उन्हें एक मजबूत उम्मीदवार बनाता है.

    दलजीत सिंह चौधरी: बीएसएफ डीजी से यूपी डीजीपी तक?

    वर्तमान में बीएसएफ के डीजी के रूप में कार्यरत 1990 बैच के आईपीएस दलजीत सिंह चौधरी भी रेस में माने जा रहे हैं. उनकी सेवानिवृत्ति में लगभग छह महीने से अधिक का समय बचा है. केंद्र में सफल कार्यकाल के कारण उनकी छवि प्रशासनिक रूप से सुदृढ़ है.

    आलोक शर्मा: एसपीजी से यूपी वापसी की तैयारी

    आलोक शर्मा, जो वर्तमान में एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) की कमान संभाल रहे हैं, का नाम भी चर्चा में है. उन्हें सुरक्षा व्यवस्था और रणनीतिक फैसलों में विशेष अनुभव है. उनके पास भी लगभग छह महीने की सेवा अवधि शेष है.

    तिलोत्तमा वर्मा: यूपी को मिल सकती है पहली महिला डीजीपी

    एक और प्रमुख नाम तिलोत्तमा वर्मा का है. वे वर्तमान में डीजी प्रशिक्षण के पद पर हैं और यदि उन्हें मौका मिलता है तो वह उत्तर प्रदेश की पहली महिला डीजीपी बन सकती हैं. उन्होंने सीबीआई में लंबा कार्यकाल बिताया है और जांच एवं प्रशासन दोनों क्षेत्रों में दक्ष हैं.

    अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी रेस में

    एमके बसाल, आदित्य मिश्रा, रेणुका मिश्रा और संदीप तलुके जैसे अधिकारी भी वरिष्ठता सूची में स्थान रखते हैं और संभावित उम्मीदवार माने जा रहे हैं.

    सरकार की रणनीति और चयन प्रक्रिया

    उत्तर प्रदेश सरकार अब कई पहलुओं को ध्यान में रखकर नए डीजीपी की नियुक्ति करेगी, जैसे कि प्रशासनिक अनुभव, सेवा अवधि, नेतृत्व क्षमता, राजनीतिक संतुलन और कार्य निष्पादन. चूंकि राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर हमेशा विशेष सतर्कता रखी जाती है, इसलिए यह चयन अत्यधिक संवेदनशील माना जा रहा है.

    नवीन डीजीपी की घोषणा जल्द

    सरकार मई के अंतिम सप्ताह तक उत्तर प्रदेश के नए डीजीपी की घोषणा कर सकती है. यह देखना दिलचस्प होगा कि यूपी को प्रशासनिक अनुभव में निपुण और जन-हितैषी पुलिस प्रमुख के रूप में कौन मिलता है.

    ये भी पढ़ें- FARRUKHABAD PROTEST: भगवान परशुराम पर अभद्र टिप्पणी से सनातन धर्मियों का फूटा गुस्सा

  • FARRUKHABAD PROTEST: भगवान परशुराम पर अभद्र टिप्पणी से सनातन धर्मियों का फूटा गुस्सा

    FARRUKHABAD PROTEST: भगवान परशुराम पर अभद्र टिप्पणी से सनातन धर्मियों का फूटा गुस्सा

    फर्रुखाबाद: यूपी के जनपद फर्रुखाबाद (FARRUKHABAD PROTEST) में बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष जवाहर सिंह गंगवार द्वारा भगवान परशुराम पर की गई कथित अभद्र टिप्पणी के बाद विवाद गहराता जा रहा है. समाजवादी पार्टी के एक धरना-प्रदर्शन के दौरान दिए गए इस बयान से सनातन धर्मावलंबी और ब्राह्मण समाज आहत हैं. उन्होंने इस बयान को सनातन पर हमला बताते हुए ज़िला प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है.

    क्या है मामला?

    जानकारी के अनुसार, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और समाजवादी पार्टी के नेता जवाहर सिंह गंगवार ने हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भगवान परशुराम के बारे में आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया. यह कार्यक्रम समाजवादी पार्टी के धरना-प्रदर्शन का हिस्सा था. उनकी इस टिप्पणी के बाद ब्राह्मण समाज और सनातन धर्मियों में भारी नाराजगी देखी गई. समाज के लोगों ने इसे आस्था पर हमला बताते हुए ज़िला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था और 48 घंटे में कार्रवाई की मांग की थी.

    12 दिन बीते, कार्रवाई नहीं हुई

    ज्ञापन दिए 12 दिन बीत चुके हैं लेकिन अब तक आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई है. इससे नाराज होकर मंगलवार को ब्राह्मण समाज और सनातन धर्मियों ने फतेहगढ़ के कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने ज़िला अधिकारी को दोबारा ज्ञापन सौंपकर मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की.

    प्रदर्शनकारियों की चेतावनी

    धरना दे रहे ब्राह्मण नेताओं और धर्मगुरुओं ने कहा कि अगर दो दिन के भीतर आरोपी पर एफआईआर नहीं दर्ज की गई, तो वे बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि इस बार आंदोलन सिर्फ फर्रुखाबाद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे प्रदेश में फैलेगा.

    क्यों है मामला संवेदनशील?

    भगवान परशुराम हिंदू धर्म में ब्राह्मणों के प्रतिनिधि देवता माने जाते हैं. उनकी छवि एक योद्धा और धर्मरक्षक की रही है. ऐसे में उनके बारे में की गई किसी भी टिप्पणी को समाज बहुत गंभीरता से लेता है. इससे पहले भी देश के कई हिस्सों में परशुराम जी पर टिप्पणी करने वालों के खिलाफ प्रदर्शन हो चुके हैं.

    प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल

    इस पूरे घटनाक्रम में जिला प्रशासन की निष्क्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जब धार्मिक आस्था से जुड़ा मामला सामने आया है तो प्रशासन को तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.

    कौन हैं जवाहर सिंह गंगवार?

    जवाहर सिंह गंगवार फर्रुखाबाद के वरिष्ठ अधिवक्ता और बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं. फिलहाल वे समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए हैं और राजनीतिक मंचों पर अक्सर सक्रिय रहते हैं.

    ये भी पढें- PM MODI VISITS ADAMPUR AIRBASE: PM मोदी ने वायुसेना के जवानों से मुलाकात, बढ़ाया हौसला

  • PM MODI VISITS ADAMPUR AIRBASE: PM मोदी ने वायुसेना के जवानों से मुलाकात, बढ़ाया हौसला

    PM MODI VISITS ADAMPUR AIRBASE: PM मोदी ने वायुसेना के जवानों से मुलाकात, बढ़ाया हौसला

    जालंधर/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार सुबह पंजाब के आदमपुर एयरबेस (PM MODI VISITS ADAMPUR AIRBASE) का दौरा किया, जहां उन्होंने भारतीय वायुसेना के जवानों से मुलाकात की. यह दौरा न केवल एक साधारण औपचारिकता था, बल्कि पाकिस्तान के उस दावे का करारा जवाब भी था जिसमें उसने भारत के आदमपुर एयरबेस को ‘हमले में तबाह करने’ का झूठा प्रचार किया था.

    पीएम मोदी सुबह 7 बजे दिल्ली के पालम एयरपोर्ट से रवाना हुए और जालंधर के पास स्थित आदमपुर एयरबेस पर सफलतापूर्वक उतरे. वह वहां लगभग 1 घंटे तक रहे और एयरफोर्स के अधिकारियों तथा जवानों के साथ बातचीत की. इस दौरान प्रधानमंत्री जवानों का उत्साह बढ़ाते नजर आए.

    तस्वीरों में दिखा आत्मविश्वास

    जवानों के साथ पीएम मोदी की जो तस्वीरें सामने आई हैं, उसमें वह बेहद आत्मविश्वास से भरे और मुस्कुराते नजर आए. यह सिर्फ एक साधारण दौरा नहीं था बल्कि एक संदेश था—देश की सुरक्षा अडिग है और पाकिस्तान की दुष्प्रचार नीति का कोई असर नहीं पड़ता.

    पाकिस्तान का झूठा प्रचार उजागर

    हाल ही में पाकिस्तान की ओर से यह झूठा दावा किया गया था कि उन्होंने भारत के आदमपुर एयरबेस को निशाना बनाकर तबाह कर दिया है. इस दावे के तुरंत बाद जब प्रधानमंत्री का विमान उसी एयरबेस पर सफलतापूर्वक लैंड हुआ, तो पाकिस्तान की कहानी झूठ साबित हो गई. पीएम मोदी का वहां पहुंचना यह सिद्ध करता है कि भारत का सैन्य ढांचा पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत है.

    सैनिकों का मनोबल बढ़ाने की कोशिश

    पीएम मोदी अक्सर अवसर मिलने पर जवानों से मिलते रहे हैं. चाहे वह सियाचिन हो या अरुणाचल, प्रधानमंत्री हमेशा सेना के मनोबल को ऊंचा रखने के प्रयास करते आए हैं. इस दौरे में भी वह जवानों के साथ बातचीत करते हुए नजर आए और उनकी बहादुरी व समर्पण की सराहना की.

    सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है आदमपुर एयरबेस

    आदमपुर एयरबेस भारतीय वायुसेना के लिए रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है. यह न केवल पंजाब बल्कि पूरे उत्तरी क्षेत्र में हवाई सुरक्षा की दृष्टि से अहम भूमिका निभाता है. ऐसे में यहां प्रधानमंत्री का दौरा, भारत की सैन्य शक्ति और आत्मविश्वास का प्रतीक है.

    ये भी पढ़ें- कानपुर देहात: आंगनबाड़ी भर्ती में बड़ा खेल! एक ही दिन में तीन आय प्रमाण पत्र जारी- ANGANWADI RECRUITMENT SCAM

  • CBSE 12TH RESULT 2025 जारी: 88.39% छात्र पास, नई ग्रेडिंग प्रणाली लागू

    CBSE 12TH RESULT 2025 जारी: 88.39% छात्र पास, नई ग्रेडिंग प्रणाली लागू

    नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा 2025 के परिणाम (CBSE 12TH RESULT 2025) आज घोषित कर दिए हैं. इस वर्ष कुल 88.39 प्रतिशत छात्र सफल हुए हैं, जो कि एक उल्लेखनीय प्रदर्शन है, हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में इसमें थोड़ी कमी देखी गई है. छात्र अपने परिणाम cbse.gov.in, cbseresults.nic.in और results.cbse.nic.in पर जाकर चेक कर सकते हैं.

    इस बार बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या 44 लाख से अधिक थी, जिनमें से कक्षा 12वीं की परीक्षा 15 फरवरी से 4 अप्रैल 2025 के बीच आयोजित की गई थी. इस बार छात्राओं ने एक बार फिर से बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ने वाले छात्रों का प्रदर्शन भी शहरों से कम नहीं रहा.

    CBSE 12TH RESULT 2025- लड़कियों ने मारी बाजी

    CBSE 12वीं के परिणाम में इस बार भी छात्राओं ने बाजी मारी है. उनका पास प्रतिशत लड़कों की तुलना में अधिक रहा है. CBSE ने यह भी बताया कि केरल, दिल्ली और तमिलनाडु जैसे राज्यों के छात्र पूरे देश में अव्वल रहे हैं.

    नया बदलाव: ‘Relative Grading’ प्रणाली लागू

    CBSE ने इस वर्ष से एक नया कदम उठाया है- Relative Grading System. अब छात्रों को फिक्स ग्रेडिंग (जैसे 91–100 अंक = A1) की बजाय, उनके सहपाठियों के औसत प्रदर्शन के आधार पर ग्रेड दिए जाएंगे. इस बदलाव का उद्देश्य शैक्षणिक दबाव कम करना और प्रतिस्पर्धा को संतुलित बनाना है.

    यह नई प्रणाली छात्रों को बेहतर समझ और संतुलित मूल्यांकन प्रदान करती है. CBSE का मानना है कि यह बदलाव छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर डालेगा.

    डिजिलॉकर और SMS से भी मिलेगा रिजल्ट

    CBSE ने छात्रों के लिए रिजल्ट प्राप्त करने की प्रक्रिया को और आसान बना दिया है. छात्र अपनी डिजिटल मार्कशीट और प्रमाणपत्र DigiLocker ऐप से भी प्राप्त कर सकते हैं. इसके लिए बोर्ड द्वारा छात्र के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर DigiLocker लॉगिन ID और एक्सेस कोड भेजा जाएगा. छात्र UMANG ऐप और SMS सेवा के माध्यम से भी परिणाम देख सकते हैं.

    ऐसे देखें अपना रिजल्ट (Steps to Check)

    Step 1: आधिकारिक वेबसाइट results.cbse.nic.in या cbse.gov.in पर जाएं.
    Step 2: “CBSE 12th Result 2025 Direct Link” पर क्लिक करें.
    Step 3: अपना रोल नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें.
    Step 4: आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा.
    Step 5: भविष्य के लिए डिजिटल कॉपी सेव कर लें.

  • PM MODI ADDRESS TO NATION: ऑपरेशन सिंदूर को भारत की हर बेटी, बहन, मां के नाम- पीएम मोदी

    PM MODI ADDRESS TO NATION: ऑपरेशन सिंदूर को भारत की हर बेटी, बहन, मां के नाम- पीएम मोदी

    नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच 7 मई से 10 मई तक चले तनावपूर्ण हालातों के बाद अब दोनों देशों के बीच (PM MODI ADDRESS TO NATION) युद्धविराम की स्थिति बनी है. यह युद्धविराम ऐसे समय आया है जब भारत ने पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के जवाब में “ऑपरेशन सिंदूर” को अंजाम दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पूरे घटनाक्रम के बाद राष्ट्र को संबोधित किया और भारतीय सेना के पराक्रम और संयम की भूरी-भूरी प्रशंसा की.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र को संबोधन

    ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा: “हम सभी ने बीते दिनों में देश का सामर्थ्य और उसका संयम दोनों देखा. हमारे वीर सैनिकों ने ऑपरेशन सिंदूर के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए असीम शौर्य का प्रदर्शन किया है. मैं उनकी वीरता, उनके साहस, उनके पराक्रम को आज हमारे देश की हर माता, बहन और बेटी को समर्पित करता हूं.”

    उन्होंने इस ऑपरेशन को देश की सामूहिक भावना, न्याय की प्रतिज्ञा और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि 6 मई की रात और 7 मई की सुबह को पूरी दुनिया ने देखा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ किस स्तर तक जा सकता है.

    आतंकी हमले का जवाब: पूर्ण अधिकार के साथ

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से झकझोर कर रख दिया. उन्होंने बताया कि कैसे निर्दोष पर्यटकों को धार्मिक आधार पर पहचान कर उनके परिवार के सामने मार डाला गया। यह आतंक का वीभत्स चेहरा था, जो भारत के सद्भाव को चोट पहुँचाने की कोशिश कर रहा था.

    प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि “भारतीय सशस्त्र बलों को पूर्ण अधिकार दिए गए हैं. जो भी भारत की बेटियों की गरिमा और गौरव को ठेस पहुंचाने की कोशिश करेगा, उसे इसका परिणाम भुगतना होगा.”

    अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया

    ऑपरेशन सिंदूर के बाद कई देशों ने भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया है. अमेरिका, फ्रांस और जापान जैसे देशों ने इस कार्रवाई को आत्मरक्षा की श्रेणी में रखते हुए भारत के संयम की सराहना की है. वहीं, पाकिस्तान में अंदरूनी राजनीतिक हलचल और सेना पर बढ़ता दबाव देखने को मिल रहा है.

    एक राष्ट्र, एक स्वर

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि इस आतंकी हमले के बाद पूरा राष्ट्र एक स्वर में आतंकवाद के खिलाफ खड़ा हो गया. चाहे राजनीतिक दल हों या सामाजिक संगठन, हर किसी ने कठोर जवाब की मांग की थी, जिसे सेना ने पूरी ईमानदारी और बहादुरी से अंजाम दिया.

    भारत की नई सैन्य नीति का संकेत

    ऑपरेशन सिंदूर एक बार फिर इस बात को स्पष्ट करता है कि भारत अब केवल प्रतिक्रियात्मक नहीं बल्कि निर्णायक और रणनीतिक सैन्य दृष्टिकोण अपनाता है. यह कार्रवाई भारत की New Rules of Engagement का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें सीमित समय में, सटीक हमला और आतंक के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की नीति प्रमुख है.

    जन भावना से जुड़ा अभियान

    प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक नाम नहीं है, ये देश की करोड़ों जनता की भावना है. यह एक न्याय की अखंड प्रतिज्ञा है, जिसे हर भारतवासी ने महसूस किया है.’ उन्होंने कहा कि ये ऑपरेशन हमारी बेटियों, माताओं और बहनों की रक्षा के लिए था.

    ऑपरेशन सिंदूर: आतंक पर करारा वार

    7 मई की सुबह भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और पाकिस्तान के भीतर लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों के ठिकानों को निशाना बनाकर “ऑपरेशन सिंदूर” शुरू किया. इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने ड्रोन और मिसाइल हमलों के ज़रिए 9 प्रमुख आतंकी अड्डों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया. इसमें 100 से अधिक आतंकवादियों के मारे जाने की खबर है.

    इनमें से कई ठिकाने बहावलपुर और मुरीदके जैसे इलाकों में स्थित थे, जो लंबे समय से आतंकवाद का वैश्विक गढ़ माने जाते हैं। यह पहली बार नहीं है जब भारत ने सर्जिकल और एयर स्ट्राइक के माध्यम से जवाब दिया हो, लेकिन इस बार की कार्रवाई और रणनीति कहीं अधिक व्यापक, तीव्र और सफल रही.

    ये भी पढ़ें- INDIAN DEFENSE REVOLUTION- हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल और ब्रह्मोस-2: भविष्य की युद्ध तकनीक से पाक-चीन के उड़े होश


  • MEERUT SAURABH MURDER CASE-सौरभ हत्याकांड की चार्जशीट पेश, 30 गवाह, स्नैपचैट-कॉल डिटेल बनीं कातिल की कब्र

    MEERUT SAURABH MURDER CASE-सौरभ हत्याकांड की चार्जशीट पेश, 30 गवाह, स्नैपचैट-कॉल डिटेल बनीं कातिल की कब्र

    मेरठ. देशभर में सनसनी फैलाने वाले मर्चेंट नेवी अफसर सौरभ हत्याकांड (MEERUT SAURABH MURDER CASE) की 1500 पन्नों की चार्जशीट मेरठ पुलिस ने कोर्ट में दाखिल कर दी है. इस चार्जशीट में साफ लिखा गया है कि हत्या तंत्र-मंत्र नहीं, बल्कि लव अफेयर के कारण की गई. आरोपी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने मिलकर इस नृशंस हत्या को अंजाम दिया और लाश को ठिकाने लगाने के लिए नीले ड्रम में सीमेंट से भर दिया.

    MEERUT SAURABH MURDER CASE- चार्जशीट में 30 गवाह, 40 दिन में पूरी हुई जांच

    ब्रह्मपुरी थाना प्रभारी रमाकांत पचौरी के नेतृत्व में मेरठ पुलिस ने महज 40 दिन में चार्जशीट तैयार की. इस 1500 पन्नों की गुलाबी फाइल में 30 गवाहों के बयान, डिजिटल साक्ष्य और अपराध की पूरी स्क्रिप्ट दर्ज की गई है. सोमवार को विवेचक रमाकांत पचौरी ने कोर्ट नंबर-4 के एडिशनल जज अनुज कुमार ठाकुर के समक्ष पेश होकर यह चार्जशीट दाखिल की.

    सूटकेस में लाश फेंकने की थी योजना, लेकिन…

    चार्जशीट के अनुसार, पहले मुस्कान और साहिल ने सौरभ की लाश को सूटकेस में बंद करके ठिकाने लगाने की योजना बनाई थी. इसीलिए एक हड्डी का टुकड़ा सूटकेस में मिला भी. लेकिन जब पूरा शव उसमें फिट नहीं हुआ, तब उन्होंने प्लास्टिक ड्रम का सहारा लिया और उसमें सीमेंट डालकर बॉडी को ठिकाने लगाया.

    कैसे हुई हत्या: 3 मार्च की रात की कहानी

    सौरभ लंदन से छुट्टियों पर मेरठ लौटा था. रात को पत्नी मुस्कान ने खाने में नींद की दवा मिलाकर उसे बेसुध किया. फिर बेडरूम में ही सोते वक्त मुस्कान ने सौरभ के सीने में पहला चाकू मारा. इसके बाद साहिल ने बाथरूम में ले जाकर दोनों हाथ और सिर अलग कर दिए. शव को चार हिस्सों में काटकर ड्रम में डाल दिया गया.

    कत्ल के बाद सैर-सपाटे और इंस्टाग्राम पोस्ट

    हत्या के बाद मुस्कान और साहिल शिमला, मनाली और कसौल घूमने निकल गए. ताकि कोई शक न करे, मुस्कान लगातार इंस्टाग्राम पर रोमांटिक फोटो और वीडियो अपलोड करती रही. ये सब पुलिस जांच में सबूत बनकर उभरे हैं.

    कॉल डिटेल और स्नैपचैट चैट्स भी सबूत

    चार्जशीट में मुस्कान-साहिल के स्नैपचैट रिकॉर्ड, मैसेज और कॉल डिटेल्स को भी शामिल किया गया है. यही नहीं, चार मजदूरों के बयान भी दर्ज हैं जिन्हें बुलाकर पुलिस ने ड्रम काटवाया और लाश बाहर निकलवाई.

    👨‍👩‍👦‍👦 ये हैं चार्जशीट में दर्ज गवाह

    • परिवार के गवाह: सौरभ के माता-पिता, भाई राहुल उर्फ बबलू
    • मुस्कान के माता-पिता और भाई-बहन
    • साहिल और मुस्कान को घुमाने वाला कैब ड्राइवर अजब सिंह
    • ड्रम बेचने वाला सिराजुद्दीन, चाकू बेचने वाला सिंघल बर्तन भंडार का संचालक
    • सीमेंट बेचने वाला शारदा रोड का व्यापारी
    • मकान मालिक ओमपाल, मुस्कान को दवा लिखने वाला डॉक्टर देशवाल
    • शिमला, कसौल, मनाली के होटल संचालक

    सौरभ का भाई जब पहुंचा घर…

    18 मार्च को सौरभ का छोटा भाई राहुल जब घर पहुंचा तो मुस्कान साहिल के साथ नजर आई. भाई के बारे में पूछने पर वह कोई जवाब नहीं दे सकी और घर से तेज दुर्गंध आ रही थी. जब राहुल ने शोर मचाया तो पड़ोसी भी इकट्ठा हो गए. पुलिस को बुलाया गया, जिसने दरवाजा खोलकर अंदर देखा और हत्या का राज खुला.

    मुस्कान और साहिल ने कबूला जुर्म

    पुलिस हिरासत में मुस्कान और साहिल ने पूरी सच्चाई उगल दी. दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने मिलकर सौरभ को मारा, लाश को टुकड़े किए और सबूत मिटाने के लिए घूमने निकल गए. मुस्कान को 19 मार्च को कोर्ट में पेश किया गया और तब से वह जेल में है.

    ये भी पढ़ें- INDIAN DEFENSE REVOLUTION- हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल और ब्रह्मोस-2: भविष्य की युद्ध तकनीक से पाक-चीन के उड़े होश
    ये भी पढ़ें- सौरभ हत्याकांड: जेल में पहली बार साहिल से मिला उसका भाई, मीडिया से रहा दूर- MEERUT SAURABH HATYAKAND

  • INDIAN DEFENSE REVOLUTION- हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल और ब्रह्मोस-2: भविष्य की युद्ध तकनीक से पाक-चीन के उड़े होश

    INDIAN DEFENSE REVOLUTION- हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल और ब्रह्मोस-2: भविष्य की युद्ध तकनीक से पाक-चीन के उड़े होश

    नई दिल्ली: भारत अपनी सैन्य क्षमता को मजबूत करने के लिए लगातार नई तकनीकियों और हथियार प्रणालियों का विकास (INDIAN DEFENSE REVOLUTION) कर रहा है. पिछले कुछ वर्षों में किए गए कई सैन्य अभियानों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब अपनी रक्षा व्यवस्था को उच्चतम स्तर तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रहा है. हाल के अभियानों जैसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने ब्रह्मोस-1 की ताकत को साबित किया, और अब ब्रह्मोस-2 और हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल (HGV) जैसे अत्याधुनिक हथियार भारत की सैन्य शक्ति को एक नई ऊंचाई पर ले जाने वाले हैं.

    ब्रह्मोस-2: हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल का अगला कदम -INDIAN DEFENSE REVOLUTION

    ब्रह्मोस-2, भारत और रूस के संयुक्त प्रयास से विकसित एक हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जो ब्रह्मोस-1 का उन्नत संस्करण है. ब्रह्मोस-2 की गति मैक 7 से 8 (लगभग 8,600-9,800 किमी/घंटा) तक हो सकती है, जो इसे दुनिया की सबसे तेज़ क्रूज मिसाइल बनाती है. यह मिसाइल, अपनी तेज़ी और स्टील्थ क्षमताओं के कारण, किसी भी दुश्मन की मिसाइल रक्षा प्रणालियों को चकमा दे सकती है और जल्दी से लक्ष्य को भेद सकती है.

    विशेषताएँ:-

    • गति: ब्रह्मोस-2 की गति मैक 7-8 के बीच होती है, जो ब्रह्मोस-1 से दोगुना तेज है.
    • रेंज: इसकी रेंज 1,500 किलोमीटर तक हो सकती है, जो पाकिस्तान और चीन के अंदरूनी क्षेत्रों तक प्रभाव डालने में सक्षम है.
    • स्टील्थ क्षमता: इसकी उन्नत स्टील्थ तकनीक इसे दुश्मन के रडार प्रणालियों से बचने में मदद करती है.
    • लॉन्च प्लेटफॉर्म: ब्रह्मोस-2 को जमीन, समुद्र, पनडुब्बी और हवा से लॉन्च किया जा सकता है.

    हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल (HGV): भविष्य की युद्ध तकनीक

    हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल (HGV) एक उन्नत तकनीक है, जो ध्वनि की गति से 5 गुना तेज़ (मैक 5+) गति से उड़ने में सक्षम है. यह मिसाइल रडार से बचते हुए लक्ष्य को सटीकता से नष्ट कर सकती है, जिससे इसकी पकड़ना लगभग असंभव हो जाता है. DRDO के हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डिमॉन्स्ट्रेटर व्हीकल (HSTDV) ने इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है, और भारत इसके माध्यम से युद्ध की तकनीकी क्षमताओं में एक क्रांति ला रहा है.

    विशेषताएँ:

    • गति: HGV की गति मैक 6 से मैक 12 तक हो सकती है, जिससे दुश्मन को प्रतिक्रिया का समय लगभग शून्य हो जाता है.
    • रेंज: इसकी रेंज 1,500-2,000 किलोमीटर तक हो सकती है, जिससे पाकिस्तान और चीन के अधिकांश हिस्से में इसकी पहुंच हो.
    • मार्गदर्शन: HGV पारंपरिक बैलिस्टिक मिसाइलों की तरह एक निश्चित प्रक्षेपवक्र पर नहीं उड़ता. यह उड़ान के दौरान दिशा बदल सकता है, जिससे इसे ट्रैक करना बेहद मुश्किल हो जाता है.
    • पेलोड: यह पारंपरिक और परमाणु दोनों प्रकार के वॉरहेड्स लेकर चलने में सक्षम है, जिससे यह सामरिक और रणनीतिक दोनों उद्देश्यों के लिए उपयुक्त है.

    भारत का वैश्विक सैन्य प्रभाव: पाकिस्तान और चीन पर असर

    जैसे-जैसे भारत अपनी सैन्य शक्ति को उन्नत करता जा रहा है, उसका प्रभाव पाकिस्तान और चीन जैसे देशों पर भी पड़ेगा. ब्रह्मोस-2 और HGV जैसी अत्याधुनिक मिसाइल प्रणालियां न केवल भारतीय सेना के लिए बल्कि पूरे भारत के लिए सामरिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण साबित होंगी. ये हथियार न केवल पाकिस्तान और चीन की सीमाओं के भीतर गहरे तक पहुंच सकते हैं, बल्कि इनकी रडार-धारिता और स्टील्थ क्षमता से उनके रक्षा प्रणालियों को लगभग निष्क्रिय कर दिया जाएगा.

    पाकिस्तान के लिए खतरा:-

    ब्रह्मोस-2 और HGV जैसे हथियार पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों और रणनीतिक क्षेत्रों को निशाना बना सकते हैं. पाकिस्तान की रक्षा प्रणाली के लिए यह एक बड़ा खतरा है, क्योंकि इन हथियारों की गति और गतिशीलता उन्हें ट्रैक करना असंभव बना देती है.

    चीन के लिए चुनौती:-

    चीन की S-400 और HQ-9 जैसी उन्नत मिसाइल रक्षा प्रणालियां भी इन हथियारों के सामने बेज़ार होंगी. ब्रह्मोस-2 और HGV की रेंज और गति इन्हें चीनी सैन्य ठिकानों, नौसैनिक जहाजों और विमान वाहक पोतों को निशाना बनाने में सक्षम बनाती है.

    ये भी पढ़ें- विराट कोहली ने कहा टेस्ट क्रिकेट को अलविदा: 14 साल, 123 मैच, 30 शतक का सफर खत्म- KOHLI RETIRES FROM TESTS

    SOURCE- NDTV INDIA, AAJ TAK