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Author: By Nation Now Samachar Team

  • मेरठ: CRPF जवान निकला पुलिस भर्ती मेडिकल टेस्ट में सेंधमारी का मास्टरमाइंड, पुलिस ने किया गिरफ्तार- MEERUT CRPF JAWAN ARRESTED

    मेरठ: CRPF जवान निकला पुलिस भर्ती मेडिकल टेस्ट में सेंधमारी का मास्टरमाइंड, पुलिस ने किया गिरफ्तार- MEERUT CRPF JAWAN ARRESTED

    मेरठ: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती प्रक्रिया सेंधमारी करने वाले मास्टरमाइंड (CRPF JAWAN ARRESTED) को मेरठ पुलिस ने गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी जम्मू-कश्मीर में एएसआई के पद पर तैनात है और छुट्टियों पर मेरठ आया था. पुलिस ने आरोपी को शनिवार को मेरठ की सिविल लाइन थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया.

    राजेंद्र कुमार पर आरोप है कि वह मेडिकल टेस्ट में पास कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से 21 हजार रुपये की रिश्वत वसूल रहा था. जांच में सामने आया कि राजेंद्र और उसका सहयोगी सागर कुमार इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे थे. कुछ दिन पहले पुलिस ने सागर को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद राजेंद्र का नाम सामने आया.

    खाकी पैंट और लाल जूते में आया ‘फर्ज़ी दारोगा’
    इस फर्जीवाड़े का खुलासा उस समय हुआ जब परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के सिंहपुर निवासी अरुण कुमार, अपने भाई अनुभव का मेडिकल टेस्ट कराने मेरठ पुलिस लाइन पहुंचा था. तभी एक युवक, जिसने खाकी पैंट और लाल जूते पहन रखे थे, खुद को क्राइम ब्रांच का दारोगा बताकर मेडिकल में पास कराने का दावा करने लगा. बदले में उसने 21 हजार रुपये की मांग की. उसने यह भी दावा किया कि वह पहले भी दो अभ्यर्थियों को पास करवा चुका है.

    अरुण कुमार ने इसकी जानकारी तत्काल पुलिस को दी और आरोपी सागर को पकड़वाया. सागर को जेल भेजने के बाद जब उससे पूछताछ की गई, तो सीआरपीएफ जवान राजेंद्र कुमार का नाम सामने आया.

    सीआरपीएफ जवान से वसूली गई थी डेढ़ लाख की रकम
    सागर ने पूछताछ में बताया कि राजेंद्र के खाते में अभ्यर्थियों से वसूली गई डेढ़ लाख रुपये की रकम ट्रांसफर की गई थी. हालांकि, राजेंद्र ने सफाई दी कि सागर पर उसका 2 लाख रुपये बकाया था और यह रकम उसी उधारी में दी गई है. पुलिस ने जब दोनों की कॉल डिटेल और व्हाट्सएप चैट की जांच की तो इस गोरखधंधे की पुष्टि हुई.

    आरोपी की पूरी कुंडली
    राजेंद्र कुमार मूल रूप से बड़ौत (बावली), जिला बागपत का निवासी है और फिलहाल बलराम नगर, लोनी, गाजियाबाद में रहता है. वह जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ में एएसआई पद पर तैनात है और छुट्टी लेकर मेरठ आया था. पुलिस का दावा है कि वह इसी प्रकार के कामों में शामिल रहा है.

    थाना सिविल लाइन पुलिस ने इस पूरे मामले में अभियोग संख्या 98/2025 को धारा 61(2), 308(2), 318(4), 351(2), 309(4), 317(2) बीएनएस व पुलिस परीक्षा अधिनियम की धारा 13(2) के तहत दर्ज किया है. गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थाना सिविल लाइन के उपनिरीक्षक सौरभ तिवारी, उपनिरीक्षक शुभम पचौरी और हेड कांस्टेबल राजीव कुमार शामिल रहे.

    पुलिस की सतर्कता और कार्रवाई
    सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी ने बताया कि पुलिस भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए हर स्तर पर निगरानी की जा रही है. ऐसे किसी भी फर्जीवाड़े को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. पुलिस इस मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भी तलाश कर रही है.

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  • जय बदरी विशाल: विधि-विधान से खुले बदरीनाथ धाम के कपाट, हजारों श्रद्धालु बने साक्षी- CHARDHAM YATRA 2025

    जय बदरी विशाल: विधि-विधान से खुले बदरीनाथ धाम के कपाट, हजारों श्रद्धालु बने साक्षी- CHARDHAM YATRA 2025

    चमोली/उत्तराखंड़: चारधामों में से एक भगवान विष्णु को समर्पित बदरीनाथ धाम के कपाट (CHARDHAM YATRA 2025) आज प्रातः 6 बजे विधिपूर्वक आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. कपाट खुलते ही बदरीनाथ धाम की यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया. वैदिक मंत्रोच्चार, ढोल-नगाड़ों की ध्वनि और आर्मी बैंड की मधुर धुनों के बीच मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा. बदरीनाथ मंदिर को करीब 15 क्विंटल रंग-बिरंगे फूलों से भव्य रूप से सजाया गया, जिससे इसकी दिव्यता और भव्यता और भी निखर उठी. कपाट खुलने के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई, जिसने इस क्षण को और भी ऐतिहासिक और अद्भुत बना दिया.

    वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले कपाट
    सुबह शुभ मुहूर्त में तीर्थ पुरोहितों द्वारा वेद मंत्रों के साथ बदरीनाथ मंदिर के कपाट (CHARDHAM YATRA 2025) खोले गए. इस दौरान मंदिर के मुख्य पुजारी (रावल), धर्माधिकारी, वेदपाठी और अन्य धार्मिक आचार्यों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना की गई. श्रद्धालु “जय बदरी विशाल” और “बदरीनाथ भगवान की जय” के उद्घोष से पूरे क्षेत्र को भक्तिमय कर रहे थे.

    विधिविधान से माता लक्ष्मी को गर्भगृह से निकालकर परिक्रमा के पश्चात लक्ष्मी मंदिर में विराजमान किया गया. इसके पश्चात भगवान कुबेर और उद्धव जी को श्री बदरी विशाल मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया गया. शुभ घड़ी में भगवान विष्णु की चतुर्भुज मूर्ति को घृत कंबल से हटाकर उनका विधिवत अभिषेक (स्नान) किया गया और श्रृंगार के साथ दर्शन हेतु प्रस्तुत किया गया.

    badrinath dham kapaat open
    श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से की गई पुष्पवर्षा (फोटो- Nation Now Samachar)

    अब अगले छह महीनों तक श्रद्धालु भगवान बदरी विशाल के साथ-साथ उद्धव, कुबेर, नारद और नर-नारायण के दिव्य दर्शन कर सकेंगे. इसके साथ ही मुख्य मंदिर के साथ गणेश मंदिर, घंटाकर्ण मंदिर, आदि केदारेश्वर और आदि गुरु शंकराचार्य मंदिर के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. देश के कोने-कोने से श्रद्धालु इस शुभ अवसर का हिस्सा बनने पहुंचे. तीर्थ यात्रियों ने मंदिर की दिव्यता और सांस्कृतिक विरासत को आत्मसात किया.

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  • सीएम योगी का बड़ा फैसला: अब तय समयसीमा में पास होंगे भवन मानचित्र, विकास योजनाओं में आएगी तेजी- YOGI GOVERNMENT

    सीएम योगी का बड़ा फैसला: अब तय समयसीमा में पास होंगे भवन मानचित्र, विकास योजनाओं में आएगी तेजी- YOGI GOVERNMENT

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (YOGI GOVERNMENT) ने राज्य के शहरी विकास कार्यों में तेजी लाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक के बाद एक अहम फैसले लिए हैं. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों में लंबित भवन मानचित्रों के मामलों की तत्काल समीक्षा की जाए और एक निश्चित समय सीमा के भीतर उनका निस्तारण किया जाए. मुख्यमंत्री का यह निर्देश एक बड़ी प्रशासनिक पहल मानी जा रही है, जिससे जनता को राहत मिलने की पूरी उम्मीद है.

    बार-बार की आपत्ति पर रोक
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में साफ तौर पर कहा कि भवन मानचित्रों पर बार-बार आपत्तियां जताना गलत है. उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे मामलों को एक ही बार में आपत्तियों के साथ निपटाया जाए और बार-बार फाइलें रोकने की प्रवृत्ति पर रोक लगे. इस आदेश से प्राधिकरणों में कार्यरत कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी और आम नागरिकों को राहत मिलेगी.

    GIS आधारित मास्टर प्लान को जल्द अनुमोदित करें
    मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि राज्य के नगरों में जीआईएस आधारित मास्टर प्लान को मौजूदा माह की समाप्ति से पहले अनुमोदित कराया जाए. उनका कहना था कि शहरी नियोजन, आवासीय विकास, अधोसंरचना और डिजिटल प्रबंधन के कार्यों को समन्वित दृष्टिकोण से लागू करना अब आवश्यक हो गया है. जीआईएस बेस्ड प्लानिंग से योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी.

    सीएम योगी ने विकास प्राधिकरणों दिए निर्देश- (UP GOVERNMENT)

    कानपुर, आगरा और लखनऊ मेट्रो को मिलेगी रफ्तार
    बैठक में मेट्रो परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर 1 और 2 का कार्य इस वर्ष दिसंबर तक पूरा हो जाएगा. मोतीझील से कानपुर सेंट्रल स्टेशन तक 6.7 किलोमीटर का अंडरग्राउंड सेक्शन बनकर तैयार हो चुका है. वहीं, आगरा मेट्रो के पहले कॉरिडोर को दिसंबर 2025 तक और दूसरे कॉरिडोर को 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. लखनऊ मेट्रो के चारबाग से बसंतकुंज तक के सेक्शन पर कार्य तेजी से चल रहा है. मुख्यमंत्री ने लखनऊ विकास प्राधिकरण के सीमा विस्तार और जेपीएनआईएसी (JPNAIC) को जल्द हस्तांतरित करने के भी निर्देश दिए.

    इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर बनेगा नई पहचान
    लखनऊ में 900 करोड़ की लागत से इंटरनेशनल एक्जीबिशन-कम-कन्वेंशन सेंटर का निर्माण कार्य दो वर्षों में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं. यह परियोजना 32.50 एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही है और मुख्यमंत्री का मानना है कि यह नया सेंटर “नए लखनऊ की पहचान” बनेगा. इस प्रोजेक्ट के माध्यम से राज्य को एक वैश्विक स्तर की प्रदर्शनी और सम्मेलन सुविधा मिलेगी.

    यूपी-एससीआर के डीपीआर में नहीं होनी चाहिए देरी
    मुख्यमंत्री ने यूपी-एससीआर परियोजना की भी समीक्षा की, जिसमें लखनऊ, हरदोई, सीतापुर, उन्नाव, रायबरेली और बाराबंकी जैसे जिले शामिल हैं. यह परियोजना कुल 27,826 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल को कवर करती है. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस परियोजना की डीपीआर की प्रक्रिया में कोई भी देरी न हो और जल्द से जल्द रिपोर्ट तैयार की जाए.

    आगामी तीन महीनों की कार्ययोजना भी हुई तय
    समीक्षा बैठक में आगामी तीन महीनों की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई. इसमें उत्तर प्रदेश टाउन एंड कंट्री प्लानिंग अधिनियम-2025, लैंड पूलिंग पॉलिसी-2025, और भवन निर्माण एवं विकास उपविधि-2025 को लागू करने की प्रक्रिया शामिल है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इन नीतियों को धरातल पर उतारने के लिए स्पष्ट गाइडलाइंस जारी की जाएंगी.

    शहरी विस्तार योजना को मिलेगा बढ़ावा
    मुख्यमंत्री ने शहरी विस्तार/नए शहर प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत अनुमोदित परियोजनाओं को जून 2025 से दिसंबर 2025 तक चरणबद्ध तरीके से शुरू करने के निर्देश दिए. झांसी, बरेली, अलीगढ़, सहारनपुर, आगरा (ककुआ), कानपुर (न्यू कानपुर सिटी योजना), मथुरा (ट्रांसपोर्ट नगर), मुरादाबाद (डिडौसी), बुलंदशहर, गाज़ियाबाद, मेरठ और लखनऊ जैसे शहरों को इस योजना में शामिल किया गया है. इन योजनाओं की समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए.

    चार महायोजनाएं इसी माह हों अनुमोदित
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जीआईएस आधारित महायोजना संरचना के अंतर्गत प्रदेश के 59 नगरों की महायोजनाएं तैयार की जा रही हैं, जिनमें से 42 को अनुमोदन मिल चुका है. शेष चार महायोजनाएं—झांसी, मैनपुरी, फर्रुखाबाद-फतेहगढ़ और बहराइच—के अनुमोदन की प्रक्रिया को इसी महीने के भीतर पूरा कर लिया जाए.

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  • विश्व तेंदुआ दिवस: इटावा सफारी पार्क में 20 तेंदुए मौजूद, रोमांच और संरक्षण का अद्भुत संगम- ETAWAH SAFARI LEOPARDS

    विश्व तेंदुआ दिवस: इटावा सफारी पार्क में 20 तेंदुए मौजूद, रोमांच और संरक्षण का अद्भुत संगम- ETAWAH SAFARI LEOPARDS

    इटावा: विश्व तेंदुआ दिवस के मौके पर इटावा सफारी पार्क (ETAWAH SAFARI LEOPARDS) एक बार फिर चर्चा में है. एशियाई शेरों के लिए प्रसिद्ध यह पार्क अब तेंदुओं के संरक्षण और पुनर्वास के क्षेत्र में भी अहम भूमिका निभा रहा है. इस समय सफारी पार्क में कुल 20 तेंदुए हैं, जिनमें से 5 व्यस्क तेंदुए सफारी क्षेत्र में पर्यटकों को रोमांचकारी अनुभव दे रहे हैं, जबकि शेष शावकों की विशेष देखरेख की जा रही है.

    मां के त्यागे शावकों को नया जीवन
    सफारी निदेशक डॉ. अनिल पटेल के अनुसार, इटावा सफारी पार्क (ETAWAH SAFARI LEOPARDS) में मौजूद कई तेंदुए उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बचाकर लाए गए हैं. इनमें से कई ऐसे शावक हैं, जिन्हें जन्म के बाद ही मां ने त्याग दिया था. ऐसे में सफारी के वन्यजीव विशेषज्ञों ने इन शावकों की हाथों से परवरिश की, जो पहले लगभग असंभव माना जाता था. आज ये शावक स्वस्थ हैं और उन्हें एक सुरक्षित व प्राकृतिक माहौल में पाला जा रहा है.

    डॉ. पटेल बताते हैं कि सफारी में तेंदुओं को पास से देखने का अनुभव न सिर्फ पर्यटकों के लिए रोमांचकारी होता है, बल्कि इससे वन्यजीवों के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है. लोगों को यह समझ में आता है कि तेंदुआ जैसे जीव केवल शिकारी नहीं, बल्कि पारिस्थितिक तंत्र का अहम हिस्सा हैं.

    तेंदुए की खासियतें
    वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. आर.के. सिंह का कहना है कि तेंदुआ बेहद चपल और फुर्तीला शिकारी होता है. उसकी रहस्यमयी उपस्थिति, तेज नजर, प्राकृतिक छलावरण और पेड़ों पर चढ़ने की अनोखी क्षमता उसे जंगल का एक अद्वितीय प्राणी बनाते हैं. इटावा सफारी में पर्यटक इन गुणों का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकते हैं, जो किताबों और टीवी स्क्रीन से कहीं अधिक प्रभावी होता है.

    इटावा सफाई पार्क (Photo- Nation Now Samachar )

    संरक्षण के सफल प्रयास
    तेंदुओं को लेकर चल रही सरकारी संरक्षण योजनाएं अब असर दिखा रही हैं. पहले तेंदुए मानव बस्तियों के पास देखे जाते थे, जिससे टकराव की घटनाएं बढ़ती थीं. लेकिन अब इन्हें इटावा सफारी जैसे संरक्षित क्षेत्रों में लाकर एक सुरक्षित जीवन देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है. इससे न केवल तेंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है, बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में भी कमी आई है.

    प्रेरणा बनता इटावा सफारी
    इटावा सफारी पार्क अब सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं रह गया, बल्कि यह वन्यजीव संरक्षण का एक आदर्श उदाहरण बन चुका है. यहां रोमांच, शिक्षा और संवेदनशीलता का ऐसा मेल देखने को मिलता है, जो न केवल बच्चों और युवाओं को बल्कि सभी पीढ़ियों को प्रकृति और जैव विविधता के प्रति जागरूक करता है.

    यह सफारी आने वाले समय में तेंदुओं सहित अन्य वन्यजीवों के लिए भी एक प्रमुख सुरक्षित आश्रयस्थल के रूप में विकसित होगा. पर्यावरण संरक्षण और पारिस्थितिक संतुलन की दिशा में यह एक प्रभावी कदम साबित हो रहा है.

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  • इटावा की युक्ति पाण्डेय ने UPSC में लहराया परचम, 173वीं रैंक के साथ जिले का बढ़ाया मान- YUKTI PANDEY UPSC RANK

    इटावा की युक्ति पाण्डेय ने UPSC में लहराया परचम, 173वीं रैंक के साथ जिले का बढ़ाया मान- YUKTI PANDEY UPSC RANK

    इटावा: देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा UPSC 2024 में इटावा की बेटी युक्ति पाण्डेय ने 173वीं रैंक (YUKTI PANDEY UPSC RANK) प्राप्त कर जिले का नाम रोशन कर दिया है. उनकी इस उपलब्धि पर पूरे इटावा में गर्व और खुशी की लहर है. शनिवार को जब युक्ति अपने पूर्व विद्यालय ‘संत विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल’ पहुंचीं, तो वहां का माहौल उल्लास और सम्मान से भर गया.

    विद्यालय के निदेशक ने दी बधाई
    विद्यालय में युक्ति का स्वागत बेहद भव्य तरीके से किया गया. जैसे ही उन्होंने स्कूल परिसर में कदम रखा, उनकी आंखें भावुकता से नम हो गईं. स्वागत के दौरान स्कूल बैंड की धुनें बजाई गईं, उन्हें फूलों के गुलदस्ते और मालाएं भेंट की गईं. पूरा माहौल एक उत्सव में बदल गया. विद्यालय के निदेशक डॉ. आनंद ने उन्हें गले लगाकर बधाई दी और कहा, “युक्ति की सफलता उनके अनुशासन, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास का प्रमाण है.” उन्होंने कहा कि युक्ति ने पूरे विद्यालय का गौरव बढ़ाया है.

    एक साथ तीन छात्रों की सफलता
    इस बार UPSC में विद्यालय के तीन छात्रों – युक्ति पाण्डेय, शिवम यादव और सिद्धार्थ राव गौतम – का चयन हुआ है. प्रधानाचार्य डॉ. आनंद ने इसे स्कूल के इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा, “हमने हमेशा बच्चों को बड़े सपने देखने और उन्हें हासिल करने के लिए प्रेरित किया है. यह सफलता उसी का परिणाम है.”

    चेयरमैन ने बताया मेहनत को सफलता की कुंजी
    विद्यालय के चेयरमैन डॉ. विवेक यादव ने तीनों छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ईमानदारी, परिश्रम और आत्मविश्वास से ही इस मुकाम को पाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि यह सफलता न सिर्फ इन विद्यार्थियों की है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत भी बनेगी.

    युक्ति का सफलता मंत्र: आत्मविश्वास और अनुशासन
    सम्मान समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए युक्ति पाण्डेय ने कहा, “आज हर क्षेत्र में प्रतियोगिता बहुत ज्यादा है लेकिन आत्मविश्वास, अनुशासन और सच्ची मेहनत से हर चुनौती को पार किया जा सकता है. कभी अपने सपनों को छोटा मत समझिए और मुश्किलों से डरिए नहीं.”

    शिक्षकों का गर्व और आशीर्वाद
    इस मौके पर विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षकगण – निर्देश त्रिपाठी, शिवराज सिंह, पुष्पेंद्र सिंह सेंगर, अर्चना कुलश्रेष्ठ, शबीना खान, नम्रता चौहान, प्रतिभा मिश्रा, अर्चना गुप्ता आदि मौजूद रहे. सभी ने अपनी पूर्व छात्रा की इस ऐतिहासिक सफलता पर गर्व व्यक्त किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. युक्ति की सफलता न केवल इटावा के लिए बल्कि उत्तर प्रदेश के शिक्षा जगत के लिए भी एक प्रेरणास्पद उपलब्धि है.

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  • इटावा: छेड़खानी से तंग आकर 19 वर्षीय छात्रा ने की आत्महत्या, पुलिस पर लापरवाही का आरोप- ETAWAH GIRL COMMITS SUICIDE

    इटावा: छेड़खानी से तंग आकर 19 वर्षीय छात्रा ने की आत्महत्या, पुलिस पर लापरवाही का आरोप- ETAWAH GIRL COMMITS SUICIDE

    इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में छेड़खानी और मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर एक 19 वर्षीय बीएससी छात्रा ने आत्महत्या (ETAWAH GIRL COMMITS SUICIDE) कर ली. यह दर्दनाक घटना ऊसराहार थाना क्षेत्र के एक गांव की है, जहां छात्रा ने 26 अप्रैल को ज़हर खा लिया था. उसे गंभीर हालत में सैफई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

    परिजनों ने गांव के युवक पर लगाया आरोप
    मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पड़ोस में रहने वाला युवक रिज़वान उसे लंबे समय से परेशान कर रहा था. वह छात्रा को अश्लील मैसेज भेजता, रास्ते में रोकता और शादी के लिए दबाव बनाता था. जब छात्रा ने इसका विरोध किया, तो रिज़वान ने उसके भाई को जान से मारने की धमकी भी दी थी. परिवार का कहना है कि यह उत्पीड़न लंबे समय से जारी था, जिससे छात्रा मानसिक रूप से टूट गई थी.

    दबाव में आकर छात्रा ने जहर खाया
    छात्रा के पिता और भाई ने बताया कि उन्होंने 24 अप्रैल को रिज़वान द्वारा जान से मारने की धमकी मिलने के बाद 26 अप्रैल को थाने में आरोपी और उसके दो साथियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. लेकिन पुलिस ने इस मामले में समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे आरोपी का हौसला और बढ़ गया. इसी दबाव में छात्रा ने उसी रात ज़हर खा लिया. (ETAWAH GIRL COMMITS SUICIDE)

    गांव में तनाव का माहौल
    घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है. परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि अगर समय रहते पुलिस कार्रवाई करती तो बेटी की जान बचाई जा सकती थी. इतना ही नहीं, छात्रा की मौत के बाद उसके शव को मेडिकल कॉलेज से पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने में 10 घंटे की देरी हुई, जिससे लोगों में आक्रोश और बढ़ गया. पोस्टमॉर्टम हाउस में खराब डीप फ्रीज़र में शव रखने को लेकर भी हंगामा हुआ.

    इटावा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने बताया कि मृतका के पिता की तहरीर पर मुख्य आरोपी रिज़वान और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया गया है. गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है. इस घटना के सामने आने के बाद कुछ हिंदू संगठनों ने सक्रियता दिखाई है, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है. प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और शांति बनाए रखने की अपील की गई है.

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  • औरैया: कलयुगी पिता ने अपनी नाबालिग बेटी के साथ किया दुष्कर्म, मां की शिकायत पर केस दर्ज- AURAIYA CRIME NEWS

    औरैया: कलयुगी पिता ने अपनी नाबालिग बेटी के साथ किया दुष्कर्म, मां की शिकायत पर केस दर्ज- AURAIYA CRIME NEWS

    औरैया: उत्तर प्रदेश के जनपद औरैया में एक बार फिर रिश्तों को शर्मसार (AURAIYA CRIME NEWS) कर देने वाली वारदात सामने आई है, जहां पर एक कलयुगी पिता ने अपनी 15 वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया है. पुलिस ने पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर घटना की जांच पड़ताल शुरू कर दी हैं.

    पूरा मामला है औरैया जनपद के अछल्दा थाना क्षेत्र का है, जहां पर एक कलयुगी पिता ने अपनी ही बेटी को हवस का शिकार (AURAIYA CRIME NEWS) बना डाला. आरोप हैं कि 15 वर्षीय किशोरी के साथ पिता ने दुष्कर्म किया. घटना 28 अप्रैल की बताई जा रही है. मामले में किशोरी की मां ने अछल्दा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है.

    पीडि़ता ने मां को बताई आपबीती
    पीड़िता की मां ने पुलिस को बताया कि वह अपने भाई के साथ एरवाकटरा क्षेत्र में एक शादी समारोह में गई थी. घर में उसकी 15 वर्षीय बेटी अकेली थी. 28 अप्रैल की रात को उसका पति घर वापस आया गया था. आरोप है कि रात में उसने अपनी बेटी के साथ दुष्कर्म किया. जब दूसरे दिन उसकी मां घर लौटी तो उसने पूरी व्यथा मां को बताई. इसके बाद मां बेटी को थाने ले गई और पुलिस को घटना की सारी आप बीती बताते हुए पुलिस को शिकायती पत्र दिया.

    क्षेत्राधिकारी बिधूना प्रत्यूष मिश्रा ने बताया कि आज 2 मई 2025 को थाना अछल्दा क्षेत्र के एक गांव से 112 पर बेटी के साथ दुष्कर्म करने की सूचना प्राप्त हुई थी. सूचना के आधार पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची, जहां पर पीड़िता और परिवारी जनों से बात कर घटना का प्रथम दृष्टया सत्य होना पाया गया. पीड़िता की माता के द्वारा प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना अछल्दा पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई की जा रही है.

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  • हमीरपुर: तेज रफ्तार बाइक ने मासूम को रौंदा, सीसीटीवी में कैद हुई घटना – HAMIRPUR BIKE ACCIDENT

    हमीरपुर: तेज रफ्तार बाइक ने मासूम को रौंदा, सीसीटीवी में कैद हुई घटना – HAMIRPUR BIKE ACCIDENT

    हमीरपुर: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के राठ कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ओढेरा रोड से एक दिल दहला देने वाला हादसा (HAMIRPUR BIKE ACCIDENT) सामने आया है. इस भयावह हादसे की पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है.

    जानकारी के मुताबिक, एक मासूम बच्चा घर के अंदर से अचानक दौड़ता हुआ बाहर निकला और उसी समय एक तेज रफ्तार बाइक आ रही थी. बाइक सवार बच्चे को देख नहीं सका और बच्चा सीधे उसकी चपेट में आ गया. बाइक की रफ्तार इतनी तेज थी कि वह मासूम की गर्दन के ऊपर से गुजर गई. इसके बाद बच्चा बाइक के बीच में फंस गया और लगभग 20 कदम तक फिसलता चला गया.

    घटना के बाद घर में मचा हड़कंप
    घटना होते ही घर में चीख-पुकार मच गई. परिजनों ने आनन-फानन में बच्चे को उठाकर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया. डॉक्टरों की टीम बच्चे के इलाज में जुटी है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. हादसे से आक्रोशित परिजनों ने बाइक सवार के खिलाफ राठ कोतवाली में तहरीर दी है. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है.

    स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
    स्थानीय लोगों का कहना है कि ओढेरा रोड पर आए दिन तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही होती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है. लोगों ने प्रशासन से सड़क पर स्पीड ब्रेकर लगाने और ट्रैफिक नियंत्रण के ठोस इंतजाम करने की मांग की है. यह हादसा एक बार फिर से सड़क सुरक्षा और बच्चों की देखरेख के प्रति सतर्कता की चेतावनी देता है.

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  • मेरठ: हेडकांस्टेबल पति पर गंभीर आरोप, पत्नी ने दर्ज कराया केस, छठवीं शादी करने की तैयारी में था आरोपी- HEAD CONSTABLE MARRIAGE CASE

    मेरठ: हेडकांस्टेबल पति पर गंभीर आरोप, पत्नी ने दर्ज कराया केस, छठवीं शादी करने की तैयारी में था आरोपी- HEAD CONSTABLE MARRIAGE CASE

    मेरठ: कंकरखेड़ा थाने में एक महिला टीचर ने अपने पुलिसकर्मी पति के खिलाफ गंभीर आरोप (HEAD CONSTABLE MARRIAGE CASE) लगाते हुए केस दर्ज कराया है. महिला का आरोप है कि उसका पति, जो इस समय हरियाणा के गुरुग्राम पुलिस मुख्यालय में हेडकांस्टेबल के पद पर तैनात है, पहले ही चार महिलाओं से शादी कर चुका है और अब वह छठी शादी करने की तैयारी में है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उसने किसी भी पत्नी को तलाक नहीं दिया.

    पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसका पति राहुल कुमार मूल रूप से मुजफ्फरनगर जिले के बधाई गांव का रहने वाला है और उसका परिवार द्वारिका सिटी, मुजफ्फरनगर में निवास करता है. महिला खुद बरेली जिले के मीरगंज ब्लॉक के एक गांव में सहायक अध्यापक के रूप में कार्यरत है.

    पति करता था मारपीट, हुआ गर्भपात
    पीड़ित महिला ने बताया कि जब उसने पति की अन्य शादियों के बारे में जानकारी हासिल की और इसका विरोध किया, तो आरोपी ने उसके साथ बुरी तरह मारपीट की. महिला का आरोप है कि इस हिंसा के चलते उसका तीन महीने का गर्भपात हो गया. महिला के मुताबिक, राहुल शराब पीकर आए दिन उसके साथ मारपीट करता था और कई बार बरेली में उसके स्कूल तक जाकर हंगामा करता था.

    महिला ने बताया कि राहुल ने जिन चार महिलाओं से पहले शादी की है, उनके नाम निशी (निवासी इंचौली), सोनू (नई मंडी, मुजफ्फरनगर), मनोरमा देवी और शिवानी हैं. इन चारों में से किसी को भी राहुल ने तलाक नहीं दिया है. अब वह मुजफ्फरनगर की ही एक अन्य युवती से छठी शादी करने की योजना बना रहा है.

    आरोपी के परिवार पर भी लगे गंभीर आरोप
    महिला ने राहुल की मां सतवीरी और बड़े भाई प्रशांत कुमार पर भी आरोप लगाए हैं. पीड़िता का कहना है कि इन दोनों ने हमेशा राहुल का साथ दिया और उस पर अत्याचार में हिस्सेदार रहे. महिला ने बताया कि वह एक सम्मानित परिवार से ताल्लुक रखती है—उसके पिता एयरफोर्स से सेवानिवृत्त हैं और उसका भाई सेना में अधिकारी है.

    पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच शुरू
    इस पूरे मामले में कंकरखेड़ा थाना प्रभारी विनय कुमार ने मीडिया को बताया कि महिला की तहरीर पर आरोपी पति राहुल, उसकी मां और बड़े भाई के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस का कहना है कि सारे तथ्यों की गहराई से जांच कर कार्रवाई की जाएगी.

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  • लखनऊ: नेपाल सीमा से सटे जिलों में अवैध कब्जों और धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई- ACTION AGAINST MADRASAS

    लखनऊ: नेपाल सीमा से सटे जिलों में अवैध कब्जों और धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई- ACTION AGAINST MADRASAS

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने नेपाल सीमा से सटे जिलों में अवैध कब्जों और धार्मिक स्थलों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई (ACTION AGAINST MADRASAS) शुरू कर दी है. प्रदेश सरकार द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान में बहराइच, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, पीलीभीत और महाराजगंज के जिलों में कई अवैध निर्माण सील किए गए हैं. इसके साथ ही अवैध धार्मिक संस्थानों पर भी कड़ी कार्रवाई की गई है.

    खासकर, बलरामपुर में 20 मदरसे चिन्हित (ACTION AGAINST MADRASAS) किए गए हैं, जो बिना किसी वैध दस्तावेज़ के संचालित हो रहे थे. इसी तरह बहराइच में 143 अतिक्रमण हटाए गए और 6 मदरसे सील किए गए हैं. सिद्धार्थनगर में 17 मदरसों और एक अवैध धार्मिक स्थल पर कार्रवाई की गई है. श्रावस्ती में 53 मदरसे सील किए गए और 151 पर बेदखली की कार्रवाई की गई. इसके अलावा, एक अवैध धार्मिक स्थल को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया है. पीलीभीत जिले में 7 अवैध मदरसे और 77 अवैध धार्मिक स्थल मिले हैं, जिन पर कार्रवाई की गई है.

    कार्यवाही का उद्देश्य
    प्रदेश सरकार का यह कदम अवैध कब्जों और धार्मिक स्थलों के खिलाफ है, जो न केवल वक्फ कानून के खिलाफ हैं, बल्कि इनका अवैध निर्माण समाज में असामान्यता और सुरक्षा संबंधी समस्याएं उत्पन्न करता है. नेपाल सीमा से सटे इलाकों में इन अवैध निर्माणों के होने से सीमा सुरक्षा और सामाजिक ताने-बाने में भी खतरा पैदा हो रहा था. ऐसे में सरकार ने इसे रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की योजना बनाई है.

    अतिक्रमण हटाओ अभियान
    अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत इन जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों ने मिलकर अवैध कब्जों को हटाया और अवैध निर्माणों को सील किया. इस अभियान के दौरान, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया था. इसके अलावा, अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि किसी भी प्रकार के अन्य अवैध निर्माणों को ना बनने दिया जाए.

    धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई
    धार्मिक स्थलों की अवैध गतिविधियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की गई है. प्रशासन ने उन मदरसों और धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई की, जो बिना किसी कानूनी स्वीकृति के चल रहे थे. ये कार्रवाई न केवल कानून की पालना सुनिश्चित करने के लिए जरूरी थी, बल्कि समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए भी महत्वपूर्ण थी.

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