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Author: By Nation Now Samachar Team

  • लखनऊ: ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए योगी सरकार का ऐतिहासिक कदम, राशन कार्ड समेत मिलेंगी की सुविधाएं- TRANSGENDER COMMUNITY

    लखनऊ: ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए योगी सरकार का ऐतिहासिक कदम, राशन कार्ड समेत मिलेंगी की सुविधाएं- TRANSGENDER COMMUNITY

    लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने ट्रांसजेंडर समुदाय (TRANSGENDER COMMUNITY) के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. योगी सरकार अब एक विशेष अभियान के तहत ट्रांसजेंडर नागरिकों को राशन कार्ड प्रदान करेगी, जिससे उन्हें खाद्यान्न की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी. यह कदम उन ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए है जो अभी तक राशन कार्ड से वंचित थे और खाद्य सुरक्षा जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे थे. खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, प्रदेश के सभी जिलों में विशेष अभियान चलाया जाएगा.

    इस अभियान का उद्देश्य उन ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (TRANSGENDER COMMUNITY) की पहचान करना है, जो किसी कारणवश अभी तक राशन कार्ड से वंचित हैं. सरकार के इस कदम से उन नागरिकों को राहत मिलेगी जो आजीविका के स्थायी साधनों से वंचित हैं और सामाजिक असमानताओं के कारण बुनियादी सरकारी सुविधाओं से भी वंचित रहे हैं. राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, बड़ी संख्या में ट्रांसजेंडर नागरिकों को स्थायी रोजगार और सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था. इस दिशा में यूपी ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड ने शासन को जानकारी दी थी और अब इस समुदाय के वंचित नागरिकों को राशन कार्ड जारी कर उन्हें खाद्यान्न की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी.

    हर जिले में चलेगा विशेष अभियान
    खाद्य एवं रसद विभाग ने सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने जिलों में ट्रांसजेंडर समुदाय के पात्र व्यक्तियों की पहचान करें और तुरंत प्रभाव से राशन कार्ड जारी करें. विभाग ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने का निर्देश दिया है ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना से वंचित न रहे. पात्रता की पुष्टि के बाद इन व्यक्तियों को “पात्र गृहस्थी” श्रेणी में शामिल किया जाएगा और उन्हें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभ मिलेगा.

    वृद्धाश्रम और छात्रवृत्ति से आत्मसम्मान
    इसके अलावा, राज्य सरकार ने 60 वर्ष से अधिक आयु के ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए वृद्धाश्रम की सुविधा भी शुरू की है. उन्हें पेंशन, आयुष्मान भारत कार्ड, स्वास्थ्य जांच, भोजन और मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग जैसी सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी. इसके अलावा, ट्रांसजेंडर समुदाय की सुरक्षा और समस्याओं के समाधान के लिए प्रदेश सरकार ने हर जनपद में ट्रांसजेंडर सुरक्षा सेल की स्थापना की है. अब तक 1,067 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी हो रही है. इसके साथ ही 248 ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है.

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  • इकदिल नगर पंचायत उपचुनाव: शांतिपूर्ण माहौल में 49% मतदान संपन्न, सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम- IKDIL NAGAR PANCHAYAT BYPOLL

    इकदिल नगर पंचायत उपचुनाव: शांतिपूर्ण माहौल में 49% मतदान संपन्न, सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम- IKDIL NAGAR PANCHAYAT BYPOLL

    इटावा: इकदिल नगर पंचायत में शुक्रवार को अध्यक्ष पद के लिए हुए उपचुनाव (IKDIL NAGAR PANCHAYAT BYPOLL) में कुल 49 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. सुबह मौसम खराब होने के कारण मतदान धीमी गति से शुरू हुआ, लेकिन जैसे ही मौसम में सुधार हुआ, मतदाताओं का उत्साह बढ़ा और मतदान केंद्रों पर भीड़ बढ़ती गई. बता दें, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष फूलन देवी के निधन के बाद यह सीट खाली हो गई थी, जिसको भरने के लिए इस उपचुनाव का आयोजन किया गया था. इस उपचुनाव में चार प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनके भाग्य का फैसला अब मतपेटियों में बंद हो गया है.

    शांतिपूर्ण और निष्पक्ष हुआ मतदान
    नगर पंचायत क्षेत्र में 14,202 पंजीकृत मतदाताओं के लिए प्रशासन ने 8 मतदान केंद्रों पर 17 बूथ बनाए थे. चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त सुरक्षा इंतजाम किए थे. सीसीटीवी निगरानी, मजिस्ट्रेटों की तैनाती और पुलिस बल की चाक-चौबंद व्यवस्था ने किसी भी तरह की अव्यवस्था को पनपने नहीं दिया.

    जिलाधिकारी ने लिया मतदान केंद्रों का जायजा
    जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल और पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायज़ा लिया और लोगों से निर्भय होकर मतदान करने की अपील की. उनके साथ कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहे.

    महिलाओं और युवाओं में दिखा उत्साह
    इस चुनाव की एक खास बात यह रही कि महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं में मतदान को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला. कई बूथों पर महिलाओं की लंबी कतारें नजर आईं, जो लोकतंत्र के प्रति लोगों की जागरूकता को दर्शाता है.

    चुनावी मुद्दे और प्रत्याशियों की रणनीति
    उपचुनाव में प्रमुख राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के अलावा एक निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में हैं. सभी प्रत्याशियों ने सफाई व्यवस्था, जल आपूर्ति, सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइट और स्थानीय प्रशासनिक समस्याओं को अपने प्रचार अभियान का हिस्सा बनाया. सोशल मीडिया के साथ-साथ घर-घर जनसंपर्क और नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से मतदाताओं तक पहुंचने का प्रयास किया गया.

    मतपेटियां स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित
    मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के तुरंत बाद सभी ईवीएम और मतपेटियों को कड़ी सुरक्षा के बीच निर्धारित स्ट्रॉन्ग रूम में पहुंचा दिया गया है. इन पर 24 घंटे सुरक्षा बलों की निगरानी रहेगी. जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, मतगणना की तारीख और स्थान की जानकारी शीघ्र सार्वजनिक की जाएगी.

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  • एयर फोर्स का शक्ति प्रदर्शन: शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेस वे पर उतारे लड़ाकू विमान; मिराज, राफेल और जगुआर गरजे- INDIAN AIR FORCE

    एयर फोर्स का शक्ति प्रदर्शन: शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेस वे पर उतारे लड़ाकू विमान; मिराज, राफेल और जगुआर गरजे- INDIAN AIR FORCE

    शाहजहांपुर: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाक सीमा पर तनाव है. इस बीच भारतीय एयर फोर्स (INDIAN AIR FORCE) ने उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में शक्ति प्रदर्शन किया है. इंडियन एयरफोर्स ने शुक्रवार (2 मई) को गंगा एक्सप्रेस-वे पर बनी 3.5 किमी लंबी हवाई पट्टी पर राफेल, मिराज और जगुआर जैसे लड़ाकू विमानों की लैंडिंग कराई. इस दौरान
    गंगा एक्सप्रेस-वे पर एक ऐतिहासिक और रोमांचक दृश्य देखने को मिला. पहली बार इस एक्सप्रेस-वे पर भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने सफलतापूर्वक लैंडिंग और टेक-ऑफ कर अपनी सामरिक ताकत और तकनीकी कुशलता का प्रदर्शन किया.

    गंगा एक्सप्रेस वे पर बनी है एयर स्ट्रिप
    यह ऐतिहासिक अभ्यास शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद तहसील के पीरू गांव के पास, गंगा एक्सप्रेस-वे पर बनाई गई 3.5 किलोमीटर लंबी एयर स्ट्रिप पर हुआ. सुबह से ही हजारों लोगों की निगाहें आकाश की ओर थीं, जहां वायुसेना के लड़ाकू विमान आसमान को चीरते हुए अपने शौर्य का प्रदर्शन कर रहे थे. हालांकि, मौसम में थोड़ी रुकावट रही, जिससे कार्यक्रम देर से शुरू हुआ, लेकिन लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई.

    गंगा एक्सप्रेस-वे: विकास और रक्षा का संगम
    594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाता है. यह राज्य की आर्थिक और सामाजिक विकास यात्रा में एक मील का पत्थर है. वहीं, अब यह एक्सप्रेस-वे सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हो गया है. अडानी ग्रुप द्वारा निर्मित यह हवाई पट्टी न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे भारत के लिए सुरक्षा की दृष्टि से अहम साबित हो सकती है.

    https://twitter.com/UPGovt/status/1918207514539376863

    वैकल्पिक एयरबेस की तरह हो सकेगा इस्तेमाल
    विशेषज्ञों के अनुसार, आवश्यकता पड़ने पर यह रनवे वायुसेना के विमानों के लिए वैकल्पिक एयरबेस की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है. खास बात यह है कि यह हवाई पट्टी चीन सीमा से मात्र 250 किलोमीटर दूर है, जिससे इसकी रणनीतिक अहमियत और भी बढ़ जाती है.

    राफेल, मिराज और हरक्यूलिस ने दिखाया दम
    इस ऐतिहासिक मौके पर वायुसेना के राफेल, मिराज और जगुआर जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया. इसके अलावा हरक्यूलिस और कैरियर एयरक्राफ्ट्स ने भी रनवे पर टच एंड गो लैंडिंग कर अपने संचालन कौशल का प्रदर्शन किया. आकाश में हुए करतब देखकर जनता रोमांचित हो उठी.

    स्कूली बच्चों समेत वीवीआईपी भी रहे मौजूद
    इस दौरान स्कूली बच्चे, स्थानीय जनप्रतिनिधि और कई वीवीआईपी भी मौजूद रहे. लोगों के बीच देशभक्ति की भावना और आत्मविश्वास झलक रहा था. यह दृश्य ऐसा था, जिसने न केवल उपस्थित जनसमूह को गर्व से भर दिया, बल्कि इस एक्सप्रेस-वे को राष्ट्रीय सुरक्षा के नक्शे पर भी स्थापित कर दिया.

    सुरक्षा और इन्फ्रास्ट्रक्चर की नई परिभाषा
    यह पहली बार है जब उत्तर प्रदेश के किसी नवनिर्मित एक्सप्रेस-वे पर वायुसेना के युद्धाभ्यास को देखा गया है. यह इस बात का प्रमाण है कि अब भारत अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर को सैन्य दृष्टिकोण से भी सुदृढ़ बना रहा है. आने वाले समय में इस हवाई पट्टी का इस्तेमाल सैन्य अभ्यास के साथ-साथ आपदा राहत जैसे कार्यों में भी किया जा सकता है.

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  • नेशनल हेराल्ड केस: कोर्ट ने सोनिया-राहुल समेत 5 को भेजा नोटिस, 8 मई को होगी अगली सुनवाई- NATIONAL HERALD CASE

    नेशनल हेराल्ड केस: कोर्ट ने सोनिया-राहुल समेत 5 को भेजा नोटिस, 8 मई को होगी अगली सुनवाई- NATIONAL HERALD CASE

    नई दिल्ली: नेशनल हेराल्ड मामले में शुक्रवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट (NATIONAL HERALD CASE) में अहम सुनवाई हुई. प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दाखिल चार्जशीट के आधार पर कोर्ट ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा और अन्य दो व्यक्तियों को नोटिस जारी किया है. इस चार्जशीट में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप शामिल हैं. कोर्ट ने यह नोटिस इसलिए जारी किया है ताकि यह तय किया जा सके कि चार्जशीट को स्वीकार किया जाए या नहीं.

    अधिकारियों को सुनना जरूरी: कोर्ट
    सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चार्जशीट पर संज्ञान लेने से पहले आरोपियों का पक्ष सुनना जरूरी है. कोर्ट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 223 का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी आरोपी को अपना पक्ष रखने का अधिकार छीना नहीं जा सकता.

    ED ने जताई सहमति
    प्रवर्तन निदेशालय ने भी अदालत के इस फैसले का समर्थन किया और कहा कि उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं है. ईडी ने बताया कि वह चाहती है कि मामले की सुनवाई निष्पक्ष रूप से हो. एजेंसी ने उदाहरण के रूप में कोयला घोटाले का मामला भी पेश किया, जहां सुप्रीम कोर्ट ने आरोपियों को सुने बिना समन जारी करने पर निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी.

    8 मई को अगली सुनवाई
    अब कोर्ट 8 मई को अगली सुनवाई में तय करेगा कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा शुरू किया जाए या नहीं. इस सुनवाई में सिर्फ नोटिस का जवाब और वकीलों की दलीलें सुनी जाएंगी, मामले की मेरिट्स पर अभी बहस नहीं होगी.

    क्या है नेशनल हेराल्ड मामला?
    यह मामला कांग्रेस पार्टी से जुड़ी एक पुरानी कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) से जुड़ा है, जो नेशनल हेराल्ड अखबार की मालिक है. प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने एक निजी कंपनी ‘यंग इंडियन’ के जरिए AJL की 99 फीसदी हिस्सेदारी केवल 50 लाख रुपये में हासिल कर ली, जबकि उस कंपनी की संपत्ति करीब 2000 करोड़ रुपये की थी.

    ED का दावा है कि इस सौदे के पीछे साजिश रची गई थी ताकि AJL की संपत्ति का लाभ निजी तौर पर उठाया जा सके. एजेंसी का यह भी कहना है कि यंग इंडियन कंपनी सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नियंत्रण में है और इसका मकसद सिर्फ संपत्ति हड़पना था.

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