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Category: बिहार

  • मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा का वीडियो वायरल, जनसभा में महिला को मंच पर बुलाते दिखे मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा का वीडियो वायरल, जनसभा में महिला को मंच पर बुलाते दिखे मुख्यमंत्री

    पटना।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में मुख्यमंत्री एक जनसभा को संबोधित करते नजर आ रहे हैं, जहां वे अचानक भीड़ में मौजूद एक महिला को मंच के पास बुलाते हुए कहते हैं“अरे, वो महिला कहां गई? आईए न, इधर आओ!”मुख्यमंत्री का यह अंदाज लोगों को खासा पसंद आ रहा है और वीडियो को सोशल मीडिया यूजर्स जमकर शेयर कर रहे हैं।

    जनसभा के दौरान सामने आया मानवीय अंदाज

    यह वीडियो उस वक्त का है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जिले में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। भाषण के दौरान उनकी नजर भीड़ में खड़ी एक महिला पर पड़ी, जिसके बाद उन्होंने सुरक्षा कर्मियों और मंच पर मौजूद अधिकारियों से उस महिला को पास लाने के लिए कहा। मुख्यमंत्री की यह पहल जनता से सीधे संवाद और उनकी समस्याओं को सुनने की मंशा को दर्शाती है।

    सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

    वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।कुछ यूजर्स ने मुख्यमंत्री के इस व्यवहार को जनता से जुड़ाव और संवेदनशीलता बताया।वहीं कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक यात्रा के दौरान जनसंपर्क का हिस्सा करार दिया। हालांकि, ज्यादातर लोग नीतीश कुमार के इस सहज और सरल व्यवहार की तारीफ करते नजर आ रहे हैं।


    समृद्धि यात्रा का उद्देश्य

    बता दें कि समृद्धि यात्रा के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं। इस यात्रा का उद्देश्य सरकार की योजनाओं की जमीनी हकीकत जानना, विकास कार्यों की समीक्षा करना और आम जनता से सीधे संवाद स्थापित करना है। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश देते हुए भी दिखाई देते हैं।


    पहले भी चर्चा में रहे हैं नीतीश कुमार के बयान

    यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार किसी बयान या वीडियो को लेकर चर्चा में आए हों। इससे पहले भी उनके सहज बोलचाल और मंच से दिए गए तात्कालिक निर्देश कई बार सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं।

  • मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफिले की गाड़ी ने DSP को पीछे से मारी टक्कर

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफिले की गाड़ी ने DSP को पीछे से मारी टक्कर

    दीदारगंज।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कारकेड से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें सुरक्षा काफिले में शामिल एक स्कॉर्पियो वाहन ने ड्यूटी पर तैनात DSP को टक्कर मार दी। गनीमत रही कि इस घटना में कोई गंभीर हादसा नहीं हुआ, लेकिन यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।यह पूरा मामला दीदारगंज इलाके का बताया जा रहा है, जहां से घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मुख्यमंत्री के कारकेड में शामिल एक स्कॉर्पियो अचानक आगे बढ़ती है और सामने मौजूद DSP को टक्कर मार देती है। टक्कर लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच जाती है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना बेहद गंभीर हो सकती थी, लेकिन समय रहते संतुलन बनने से DSP की जान बच गई। घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद अन्य सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को संभाला और कारकेड को आगे बढ़ाया गया।इस पूरे घटनाक्रम ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में चूक को लेकर बहस छेड़ दी है। सवाल उठ रहे हैं कि जब मुख्यमंत्री का काफिला गुजर रहा था, तो इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, स्कॉर्पियो चालक की लापरवाही या गलत अनुमान के चलते यह टक्कर हुई।

    फिलहाल इस मामले में पुलिस स्तर पर जांच की बात कही जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि वाहन चालक ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया या नहीं। घटना में शामिल वाहन और ड्राइवर की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है।सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को शेयर करते हुए मुख्यमंत्री की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे बड़ी चूक बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।हालांकि, इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह साफ है कि थोड़ी सी चूक बड़े हादसे में बदल सकती थी

  • पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सास विद्यावती देवी का 90 साल की उम्र में लंबी बीमारी के बाद निधन

    पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सास विद्यावती देवी का 90 साल की उम्र में लंबी बीमारी के बाद निधन

    पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सास विद्यावती देवी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। 90 वर्षीय विद्यावती देवी का इलाज इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (IGIMS), पटना में चल रहा था। शुक्रवार शाम (19 दिसंबर 2025) को करीब 6:40 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से परिवार और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।

    लंबी बीमारी और स्वास्थ्य संघर्ष

    विद्यावती देवी लंबे समय से बुजुर्गावस्था और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं। उन्हें लगातार IGIMS में भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा था। अस्पताल के मेडिकल स्टाफ ने चौबीसों घंटे उनकी देखभाल की, लेकिन बढ़ती उम्र और लंबी बीमारी के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन से परिवार में गहरा शोक व्याप्त है।

    अंतिम संस्कार में पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

    विद्यावती देवी के अंतिम संस्कार में उनके दामाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बेटे निशांत कुमार और मंत्री अशोक चौधरी सहित परिवार के सदस्य शामिल हुए। उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति की कामना की।

    निशांत कुमार ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी “नानी मां” के प्रति भावनाएं साझा कीं। उन्होंने लिखा, “मेरी प्यारी नानी मां के निधन की दुखद खबर ने मुझे बहुत दुखी कर दिया है। वह सिर्फ़ नानी ही नहीं थीं, बल्कि एक प्यार भरी पनाहगाह थीं। उनकी कहानियां, स्नेह और मुस्कान हमेशा हमारे दिलों में बसी रहेंगी। आपने मुझे प्यार और अच्छाई के सबक सिखाए। मैं वादा करता हूं कि आपकी शिक्षाओं को कभी नहीं भूलूंगा। भगवान उनकी आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें। ओम शांति…”

    परिवार और राजनीतिक गलियारों में शोक

    विद्यावती देवी के निधन से न केवल परिवार में, बल्कि बिहार के राजनीतिक और सामाजिक समुदाय में भी शोक की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके परिवार ने निजी भावनाओं के साथ-साथ सार्वजनिक शोक में भी शामिल होने वालों का आभार व्यक्त किया।

  • राबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस, NDA सरकार के फैसले से लालू परिवार का दशकों पुराना ठिकाना बदलेगा

    राबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस, NDA सरकार के फैसले से लालू परिवार का दशकों पुराना ठिकाना बदलेगा

    बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी नई NDA सरकार ने कामकाज संभालते ही प्रशासनिक फैसलों की रफ्तार बढ़ा दी है। इसी क्रम में भवन निर्माण विभाग ने मंगलवार शाम पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को उनका सरकारी आवास 10, सर्कुलर रोड खाली करने का नोटिस जारी कर दिया। अब विभाग ने उन्हें नया आवास 39, हार्डिंग रोड आवंटित किया है, जो आगे चलकर उनका आधिकारिक सरकारी निवास होगा।

    क्यों खाली कराना पड़ रहा है बंगला?

    राबड़ी देवी का बंगला खाली कराए जाने की वजह सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं है। इसकी जड़ें 2017 की उस कानूनी लड़ाई से जुड़ी हैं, जिसने बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया था। यह मामला तेजस्वी यादव की याचिका से शुरू हुआ था।

    तेजस्वी बनाम सरकार – 2017 का विवाद

    2017 में जब तेजस्वी यादव उपमुख्यमंत्री पद से हटे, तो उन्हें आवंटित सरकारी आवास 5, देशरत्न मार्ग खाली करने का नोटिस मिला। तेजस्वी इस बंगले को विपक्ष के नेता रहते हुए भी रखना चाहते थे। उन्होंने फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी, लेकिन अदालत ने न केवल तेजस्वी की याचिका खारिज की बल्कि उससे भी बड़ा फैसला सुनाया।

    हाईकोर्ट ने अपने ऐतिहासिक निर्णय में कहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन बंगला, सुरक्षा और अन्य विशेष सुविधाएं देने की व्यवस्था समाप्त की जाए। यही अदालत का आदेश अब 2025 में प्रभावी हुआ है। यदि तेजस्वी 2017 में अदालत न जाते, तो राबड़ी देवी पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते 10 सर्कुलर रोड में बनी रह सकती थीं।

    लालू परिवार का राजनीतिक केंद्र रहा है यह बंगला

    लालू-राबड़ी परिवार वर्षों से इस बंगले में रह रहा है। 10 सर्कुलर रोड प्रेस कॉन्फ्रेंस, नेताओं की बैठकें और राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। अब सरकार के नए आदेश के बाद यह ऐतिहासिक पता बदलने जा रहा है।

    रोहिणी आचार्य का हमला

    बंगला खाली करने का नोटिस जारी होते ही लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर नाराज़गी जताई। उन्होंने लिखा– “सुशासन बाबू का मॉडल… लालू प्रसाद यादव का अपमान पहली प्राथमिकता। घर से निकाल दीजिए, जनता के दिल से कैसे निकालेंगे?”परिवार इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई मान रहा है, जबकि सरकार इसे अदालत के आदेशों का अनुपालन बता रही है।नई आवासीय व्यवस्था के साथ बिहार की राजनीति में एक अध्याय समाप्त होता दिख रहा है, और लालू परिवार का दशकों पुराना ठिकाना अब इतिहास बनने की कगार पर है।

  • पटना: नीतीश कुमार ने 10वीं बार संभाली सत्ता, शपथ के बाद प्रधानमंत्री मोदी को किया अभिवादन

    पटना: नीतीश कुमार ने 10वीं बार संभाली सत्ता, शपथ के बाद प्रधानमंत्री मोदी को किया अभिवादन

    पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में सोमवार को आयोजित भव्य समारोह में नीतीश कुमार ने 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली

    समारोह में बड़ी संख्या में गणमान्य लोग, मंत्रिमंडल के सदस्य और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता मौजूद रहे।

    शपथ ग्रहण के बाद नीतीश कुमार ने मंच पर पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिवादन किया, जिसके बाद दोनों नेताओं के बीच संक्षिप्त बातचीत भी हुई। यह दृश्य राजनीतिक रूप से खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आने वाले समय में केंद्र-बिहार संबंधों पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।शपथ कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और गांधी मैदान में उत्साह का माहौल देखने को मिला। नीतीश कुमार की यह ऐतिहासिक 10वीं पारी बिहार की राजनीतिक स्थिरता और उनके लंबे अनुभव को दर्शाती है।

  • Bihar NDA Manifesto 2025: नीतीश कुमार का विजन  हर जिले में फैक्ट्री, नौकरी और महिला सशक्तिकरण पर जोर

    Bihar NDA Manifesto 2025: नीतीश कुमार का विजन हर जिले में फैक्ट्री, नौकरी और महिला सशक्तिकरण पर जोर

    Bihar NDA Manifesto 2025: बिहार NDA (एनडीए) ने विधानसभा चुनाव 2025 से पहले अपना संकल्प पत्र जारी कर दिया है। इस बार का विजन डॉक्युमेंट मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की विकास सोच को आगे बढ़ाता दिख रहा है। संकल्प पत्र में आधारभूत संरचना, रोजगार, शिक्षा, खेल और महिला सशक्तिकरण पर खास फोकस किया गया है।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहले ही घोषणा की थी कि अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य उनकी सरकार का रहेगा। यही वादा अब NDA के संकल्प पत्र में शीर्ष पर शामिल किया गया है।

    हर जिले में औद्योगिक विकास

    एनडीए संकल्प पत्र में कहा गया है कि हर जिले में फैक्ट्री स्थापित की जाएगी और 10 नए औद्योगिक पार्क बनाए जाएंगे। साथ ही, राज्य में डिफेंस कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट लगाने की योजना को भी प्रमुखता दी गई है।

    खेल और युवाओं पर फोकस

    राजगीर में अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के बाद अब सरकार ‘बिहार स्पोर्ट्स सिटी’ और हर प्रमंडल में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करेगी। मुख्यमंत्री हर जिले में स्टेडियम की योजना पहले ही शुरू कर चुके हैं।

    महिला सशक्तिकरण और शिक्षा

    मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘महिला रोजगार योजना’ को भी संकल्प पत्र में अहम स्थान मिला है। इसके तहत हर घर से एक महिला को 10,000 रुपए की प्रारंभिक सहायता और आगे 2 लाख रुपए तक की अतिरिक्त मदद दी जाएगी।
    साथ ही, हर अनुमंडल में अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आवासीय विद्यालय खोलने का भी वादा किया गया है।

    मेडिकल और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में विस्तार

    नीतीश कुमार की पहल पर हर जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना का रोडमैप तैयार है। साथ ही, पूर्णिया, दरभंगा और भागलपुर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और चार नए शहरों में मेट्रो प्रोजेक्ट का सर्वे भी पूरा हो चुका है।

  • Chhath Festival Rail Crowd : बिहार लौट रहे प्रवासियों के लिए रेलवे व्यवस्था बेबस, पटना जंक्शन पर यात्रियों की भीड़

    Chhath Festival Rail Crowd : बिहार लौट रहे प्रवासियों के लिए रेलवे व्यवस्था बेबस, पटना जंक्शन पर यात्रियों की भीड़

    Chhath Festival Rail Crowd : लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर बिहार लौट रहे प्रवासियों की भीड़ बुधवार को अपने चरम पर नजर आई। दिल्ली, मुंबई, सूरत और पंजाब जैसे राज्यों से हजारों यात्री अपने परिवारों के साथ पटना पहुंचे। विशेष ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के बावजूद रेलवे व्यवस्था यात्रियों की संख्या के आगे बेबस दिखी।

    दिल्ली से पटना पहुंची श्रमजीवी और संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों में स्लीपर और एसी कोचों में जनरल टिकटधारियों का कब्जा हो गया। कई यात्रियों के पास कन्फर्म टिकट होने के बावजूद ट्रेन में जगह नहीं मिली। जो लोग चढ़ पाए, वे गलियारे, गेट और खिड़की के पास बैठने को मजबूर थे। पटना जंक्शन पर स्थिति और भी अफरातफरी भरी थी।

    गरीब रथ और स्पेशल ट्रेनों में देरी: Chhath Festival Rail Crowd

    • आनंद विहार–जयनगर गरीब रथ एक्सप्रेस लगभग तीन घंटे देरी से पहुंची।
    • एसएमविटी बेंगलुरु–दानापुर पूजा स्पेशल सुपरफास्ट 17 घंटे 32 मिनट देरी से चली।
    • वास्कोडिगामा–मुजफ्फरपुर स्पेशल 7 घंटे 46 मिनट और हब्बली–मुजफ्फरपुर पूजा स्पेशल 8 घंटे की देरी से।
    • आनंद विहार–राजगीर पूजा स्पेशल 6 घंटे 10 मिनट, उधना–भागलपुर दीवाली स्पेशल ट्रेन 5 घंटे 44 मिनट विलंबित।
    • कुंभ एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 3 घंटे 32 मिनट पीछे।

    यात्रियों ने बताया कि आनंद विहार–भागलपुर स्पेशल ट्रेन में लोग गेट पर लटककर आए। कई प्रमुख ट्रेनों में भी हालात इसी तरह थे।छठ पर्व की घर वापसी यात्रा इस बार भी प्रवासियों के लिए बड़ी परीक्षा साबित हुई। यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा और भीड़ के कारण सुरक्षा की भी चिंता बढ़ गई।

  • अमित शाह का RJD पर हमला: “अगर शहाबुद्दीन के बेटे को टिकट मिलेगा तो बिहार कैसे सुरक्षित रहेगा?”

    अमित शाह का RJD पर हमला: “अगर शहाबुद्दीन के बेटे को टिकट मिलेगा तो बिहार कैसे सुरक्षित रहेगा?”

    छपरा। बिहार के छपरा में आयोजित एक जनसभा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजद (RJD) पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने लालू यादव परिवार पर आरोप लगाया कि वे अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं और बिहार को फिर से जंगलराज की ओर धकेलने की कोशिश कर रहे हैं।

    अमित शाह ने कहा, “अगर लालू परिवार शहाबुद्दीन के बेटे को टिकट दे तो क्या बिहार सुरक्षित रह सकता है? क्या ऐसे लोग सुशासन दे सकते हैं?” उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार में कानून-व्यवस्था और विकास का माहौल बना है, लेकिन महागठबंधन की नीतियाँ इसे फिर से अंधकार युग में ले जा सकती हैं।

    शाह ने मंच से जनता से अपील करते हुए कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता को “परिवारवाद और भ्रष्टाचार” के खिलाफ वोट देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजद के शासन में अपराध, अपहरण और माफिया राज चरम पर था, और अब लालू यादव के परिवार के लोग उसी राह पर फिर से लौटना चाहते हैं।

    भाजपा नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का लक्ष्य “समृद्ध बिहार” बनाना है, जबकि राजद का एजेंडा “परिवार का बिहार” है। सभा में अमित शाह के इस बयान पर लोगों में जोरदार प्रतिक्रिया देखने को मिली।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अमित शाह का यह बयान चुनावी रणनीति के तहत दिया गया है ताकि भाजपा अपने पारंपरिक वोट बैंक को और मजबूत कर सके तथा राजद के अपराध-जुड़े चेहरे को जनता के बीच फिर से उजागर किया जा सके।

  • Bihar Election 2025: गठबंधन भीतर सिर फुटौवल, बाहर नेता बोल रहे आल इज वेल

    Bihar Election 2025: गठबंधन भीतर सिर फुटौवल, बाहर नेता बोल रहे आल इज वेल

    Bihar Election 2025 पटना । पहले चरण के चुनाव की पर्चा दाखिला की अंतिम तिथि तीन दिन शेष है, लेकिन दोनों ही गठबंधनों में सिर फुटौवल जारी है। जहां एनडीए में सीटों का बंटवारा होने के बाद सिर फुटौवल शुरु हो गया है। वहीं महागठबंधन का तो अभी बंटवारा ही नहीं हो पाया है।

    इसके बावजूद दोनों ही गठबंधनों के नेताओं का एक रटा-रटाया बयान है, “आल इज वेल”।शायद ही इससे पहले गठबंधन की राजनीति में देखने को मिला हो, जब अंतिम समय तक पार्टियों में सीट बंटवारा न हो पाया हो। जब एकजुट होकर प्रचार का समय आया है। चुनाव सिर चढ़कर बोल रहा है तो साल भर से एकजुटता दिखाने वाली पार्टियां अब सीट बंटवारे को लेकर सिर फुटौवल शुरु कर दी हैँ।

    नहीं हो पायी संयुक्त प्रेसवार्ता

    जब एनडीए के घटक दलों के सीटों की घोषणा हुई तो बात पटना में संयुक्त प्रेसवार्ता की हुई लेकिन वह नहीं हुआ और सभी पार्टियों अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा शुरु कर दी। उधर उपेन्द्र कुशवाहा ने जब खुलकर कम सीटों पर नाराजगी जाहिर की तो हम के जीतन राम मांझी भी नाराजगी जाहिर कर दिये। उपेन्द्र कुशवाहा तो मंगलवार को ही दिल्ली अमित शाह से मिलने पहुंच गये।

    भाजपा, जदयू ने बांटे सिंबल

    उधर देर रात तक भाजपा, जदयू, चिराग पासवान सिंबल बांटते रहे। मांझी ने भी अपने छह सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। वे कह रहे हैं कि अभी हम और सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित करेंगे, जबकि उनके हिस्से छह सीट ही दी गयी है। भाजपा ने भी 71 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। अब पार्टी के नेता चुनाव प्रचार के लिए निकल पड़े हैं।

    कांग्रेस चाहती ज्यादा सीटें

    दूसरी तरफ महागठबंधन में अभी तक सीटों का बंटवारा नहीं हो पाया है। उधर आज तेजस्वी ने पर्चा दाखिला किया। दूसरी तरफ वाम दलों ने भी 20 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस इस बार साठ से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है, लेकिन राजद साठ से कम सीटें देने के पक्षधर है। इसी पर मामला अटका हुआ है।

    वाम दलों ने घोषित कर दिये उम्मीदवार

    उधर वाम दल अपने स्ट्राइक रेट के आधार पर पहले से ही अधिक सीटें मांग रहे हैं। इन सब उहापोह के बावजूद महागठबंधन के नेता भी कह रहे हैं, आल इज वेल। यहां कोई विवाद नहीं है। सब सीटें जल्द ही घोषित हो जाएगी, लेकिन इस भीतर चल रहे सिर फुटौवल के बीच संभावित उम्मीदवारों की धड़कने बढ़ती जा रही हैं। चुनाव प्रचार में जुटे नेता अब ढिले पड़ने लगे हैं। वे लोग अपने सिंबल के इंतजार में पटना-दिल्ली एक कर रहे हैं।

  • BiharElection2025: हम गरीब हैं इसलिए कम सीटें मिलीं” NDA में सीट बंटवारे पर नाराज़ हुए जीतन राम मांझी

    BiharElection2025: हम गरीब हैं इसलिए कम सीटें मिलीं” NDA में सीट बंटवारे पर नाराज़ हुए जीतन राम मांझी

    BiharElection2025: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। NDA गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर अब हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने नाराज़गी जताई है। उन्होंने तंज भरे अंदाज़ में कहा, “हम गरीब हैं, इसलिए हमें कम सीटें मिलीं।”

    जीतन राम मांझी का यह बयान बिहार की राजनीति में नया सियासी तापमान लेकर आया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी ने हमेशा NDA के साथ मजबूती से कदम मिलाया है, लेकिन सीट बंटवारे में न्याय नहीं हुआ। मांझी ने कहा, “हमने गठबंधन धर्म निभाया, लेकिन बदले में हमें कमज़ोर साबित करने की कोशिश की जा रही है।

    ”जानकारी के मुताबिक, बिहार NDA में सीटों का बंटवारा बीजेपी, जेडीयू और HAM के बीच किया गया है। इसमें HAM को उम्मीद से कम सीटें मिलने की बात सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी असंतोष बढ़ रहा है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मांझी का यह बयान NDA में अंतर्निहित असंतोष की झलक दिखाता है। वहीं, बीजेपी की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

    बिहार की राजनीति में मांझी का यह बयान आगामी विधानसभा चुनाव से पहले नए समीकरणों की भूमिका तय कर सकता है।