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  • Iran vs Israel US Military Comparison: इजरायल-अमेरिका की सैन्य ताकत के सामने कितना टिकेगा ईरान? जानें हथियारों का पूरा लेखा-जोखा!

    Iran vs Israel US Military Comparison: इजरायल-अमेरिका की सैन्य ताकत के सामने कितना टिकेगा ईरान? जानें हथियारों का पूरा लेखा-जोखा!

    Iran vs Israel US Military Comparison: ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी सैन्य तनाव ने मध्य-पूर्व में युद्ध की आशंका को गहरा दिया है। अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य शक्ति जितनी उन्नत, आधुनिक और विनाशक है, उतनी ही सीमित और चुनौतियों से भरी ईरान की सैन्य क्षमताएं हैं। मौजूदा हालात में यह जानना बेहद ज़रूरी हो गया है कि क्या ईरान, इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले का मुकाबला कर सकता है? इस लेख में हम तीनों देशों की वायु शक्ति, मिसाइल क्षमता, हेलीकॉप्टर और क्रूज मिसाइलों की तुलना करेंगे।

    1. वायुसेना और लड़ाकू विमानIran vs Israel US Military Comparison

    ग्लोबल फायर पावर के अनुसार अमेरिका के पास दुनिया की सबसे बड़ी एयर फोर्स है।

    • अमेरिका के पास:
      • कुल 13,000 एयरक्राफ्ट
      • 1,790 फाइटर जेट
      • 647 स्पेशल मिशन विमान
      • 889 स्टील्थ व एडवांस फाइटर जेट्स
    • इजरायल के पास:
      • कुल 611 एयरक्राफ्ट
      • 241 फाइटर जेट
      • 19 स्पेशल मिशन जेट
      • 38 स्टील्थ/एडवांस फाइटर विमान
    • ईरान के पास:
      • कुल 551 एयरक्राफ्ट
      • 188 फाइटर जेट
      • मात्र 10 स्पेशल मिशन विमान
      • 21 आधुनिक लड़ाकू विमान

    👉 ईरान की वायुसेना ना केवल संख्या में कम है, बल्कि उसकी अधिकांश मशीनें पुरानी और तकनीकी रूप से पिछड़ी हैं।

    🚁 2. अटैक हेलीकॉप्टर और हवाई सहायता

    • अमेरिका के पास:
      • 1002 अटैक हेलीकॉप्टर
      • कुल 5843 हेलीकॉप्टर
    • इजरायल के पास:
      • 48 अटैक हेलीकॉप्टर
      • कुल 147 हेलीकॉप्टर
    • ईरान के पास:
      • 13 अटैक हेलीकॉप्टर
      • कुल 128 हेलीकॉप्टर

    👉 हवाई सहायता और हेलीकॉप्टर की ताकत में भी ईरान बेहद पीछे है। भारी संख्या और आधुनिक तकनीक अमेरिका और इजरायल को अजेय बनाती है।

    🚀 3. मिसाइल शक्ति की तुलना

    🔸 ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें:

    • सिज्जल-2: रेंज 2000–2500 किमी
    • फतेह-110, फतेह-313: रेंज 150–300 किमी
    • शाहब-1, 2, 3: रेंज 300–1200 किमी
    • जुल्फगार: रेंज 700 किमी
    • सुमेर (क्रूज): रेंज 2000 किमी

    🔹 इजरायल की मिसाइलें:

    • जेरिको-2: रेंज 1500–3500 किमी
    • जेरिको-3 (अनुमानित): रेंज 4800–6500 किमी
    • बंकर बस्टर: अंडरग्राउंड टारगेट को भी भेदने में सक्षम

    🔹 अमेरिका की मिसाइलें:

    • D-5 ट्राइडेंट: रेंज 7400–12000 किमी
    • मिनटमैन-3: रेंज 9650–13,000 किमी
    • थॉमाहॉक क्रूज मिसाइल: रेंज 2500 किमी
    • हाइपरसोनिक वेपन सिस्टम: विकासशील लेकिन विनाशकारी

    👉 ईरान के पास लॉन्ग रेंज मिसाइल का अभाव है। उसकी अधिकांश मिसाइलें मिड-रेंज में ही सीमित हैं। अमेरिका और इजरायल की मिसाइलें वैश्विक स्तर पर टारगेट को भेदने की क्षमता रखती हैं।

    🧨 4. स्पेशल हथियार और बंकर बस्टर क्षमता

    इजरायल और अमेरिका के पास अत्याधुनिक “बंकर बस्टर” बम हैं, जो ज़मीन और पहाड़ के अंदर छिपे बंकरों को भी तबाह कर सकते हैं।

    ईरान के नूक्लियर प्लांट अक्सर पहाड़ी इलाकों में स्थित हैं, लेकिन ये हथियार उन्हें भी तबाह कर सकते हैं।

    5. एंटी-शिप और क्रूज मिसाइलें

    • ईरान के पास:
      • राड, नसर-1: एंटी-शिप मिसाइल
      • केएच-55: एयर लॉन्च न्यूक्लियर कैपेबल
      • या-अली: 700 किमी रेंज की क्रूज मिसाइल
      • सुमेर: 2000 किमी रेंज की लॉन्ग रेंज क्रूज मिसाइल

    👉 हालांकि ये मिसाइलें सीमित हमले के लिए सक्षम हैं, लेकिन अमेरिका और इजरायल की एंटी-मिसाइल और डिफेंस टेक्नोलॉजी इतनी आधुनिक है कि इनमें से अधिकांश को मार गिराया जा सकता है।

    📉 6. एयर डिफेंस सिस्टम की हालत

    ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम पहले ही इजरायली हमलों में काफी क्षतिग्रस्त हो चुका है।
    जबकि इजरायल के पास “आयरन डोम”, “डेविड स्लिंग” और अमेरिका के पास “THAAD”, “Patriot” जैसी एडवांस प्रणाली मौजूद हैं।

    SOURCE- AAJ TAK

  • WhatsApp Ads: वॉट्सऐप पर अब दिखेंगे विज्ञापन: मेटा का नया अपडेट क्या बदलेगा आपका अनुभव?

    WhatsApp Ads: वॉट्सऐप पर अब दिखेंगे विज्ञापन: मेटा का नया अपडेट क्या बदलेगा आपका अनुभव?

    WhatsApp Ads: वॉट्सऐप, जिसे दुनिया भर में 3 अरब से ज्यादा लोग हर महीने इस्तेमाल करते हैं, अब एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। मेटा, जो पहले फेसबुक के नाम से जाना जाता था, ने हाल ही में ऐलान किया है कि वॉट्सऐप पर अब विज्ञापन (ऐड्स) दिखाई देंगे। यह खबर उन लोगों के लिए हैरान करने वाली हो सकती है, जो वॉट्सऐप को उसकी सादगी और ऐड-फ्री अनुभव के लिए पसंद करते हैं। साल 2014 में जब मेटा ने वॉट्सऐप को 19 अरब डॉलर में खरीदा था, तब से ही यह कयास लगाया जा रहा था कि ऐड्स का आगमन होगा। अब, 11 साल बाद, मेटा ने इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी है। लेकिन क्या यह बदलाव आपके वॉट्सऐप अनुभव को प्रभावित करेगा? आइए, इस नए अपडेट के हर पहलू को समझते हैं।

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    वॉट्सऐप के अपडेट टैब में क्या होगा नया?- WhatsApp Ads

    मेटा ने वॉट्सऐप के अपडेट टैब को पिछले कुछ सालों में पूरी तरह से बदल दिया है। पहले यह टैब सिर्फ स्टेटस अपडेट्स के लिए था, जहां यूजर्स 24 घंटे के लिए गायब होने वाली तस्वीरें, वीडियो या टेक्स्ट शेयर करते थे। अब इस टैब में चैनल्स का फीचर भी शामिल है, जिसके जरिए क्रिएटर्स, बिजनेस और संगठन अपने फॉलोअर्स को ब्रॉडकास्ट मैसेज भेज सकते हैं। मेटा अब इस अपडेट टैब को और भी आकर्षक बनाने की तैयारी में है। WhatsApp Ads

    1. विज्ञापन (ऐड्स): अब यूजर्स को अपडेट टैब के स्टेटस सेक्शन में विज्ञापन दिखाई देंगे। ये विज्ञापन इंस्टाग्राम स्टोरीज की तरह होंगे, जहां कुछ स्टेटस देखने के बाद आपको प्रचार सामग्री दिखेगी। मेटा का कहना है कि ये ऐड्स सिर्फ अपडेट टैब तक सीमित रहेंगे और आपके पर्सनल चैट्स या इनबॉक्स में नहीं दिखेंगे। यूजर्स इन ऐड्स पर क्लिक करके बिजनेस से सीधे बात कर सकते हैं और उनके प्रोडक्ट्स या सर्विसेज के बारे में जान सकते हैं।
    2. चैनल सब्सक्रिप्शन: वॉट्सऐप ने चैनल्स के लिए पेड सब्सक्रिप्शन की सुविधा शुरू की है। अब यूजर्स अपने पसंदीदा चैनल्स को मासिक शुल्क देकर सब्सक्राइब कर सकते हैं और एक्सक्लूसिव कंटेंट या अपडेट्स पा सकते हैं। यह फीचर क्रिएटर्स और बिजनेस के लिए कमाई का नया जरिया बनेगा। मेटा ने कहा है कि फिलहाल वह इन सब्सक्रिप्शन्स से कोई कमीशन नहीं लेगा, लेकिन भविष्य में 10% कमीशन ले सकता है।
    3. प्रमोटेड चैनल्स: चैनल ओनर्स अब अपने चैनल्स को प्रमोट करने के लिए पैसे खर्च कर सकते हैं। इससे उनके चैनल्स ज्यादा यूजर्स तक पहुंचेंगे और वॉट्सऐप के डिस्कवरी सेक्शन में दिखाई देंगे। यह बिजनेस और क्रिएटर्स के लिए अपनी रीच बढ़ाने का एक शानदार मौका है।

    प्राइवेसी का क्या?- WhatsApp Ads

    वॉट्सऐप ने हमेशा अपनी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन नीति को अपनी ताकत बताया है। मेटा ने इस अपडेट के साथ फिर से वादा किया है कि यूजर्स के पर्सनल मैसेज, कॉल्स, ग्रुप चैट्स और स्टेटस पूरी तरह से एन्क्रिप्टेड रहेंगे। इसका मतलब है कि कोई भी, मेटा या थर्ड पार्टी, आपके निजी मैसेज को नहीं देख सकता।

    विज्ञापनों को टारगेट करने के लिए मेटा सीमित डेटा का इस्तेमाल करेगा, जैसे कि आपका देश, शहर, डिवाइस की भाषा, आपके द्वारा फॉलो किए गए चैनल्स और ऐड्स के साथ आपकी इंटरैक्शन। अगर आपने अपने वॉट्सऐप अकाउंट को मेटा के अकाउंट सेंटर से लिंक किया है, तो आपके फेसबुक और इंस्टाग्राम से जुड़े ऐड प्रेफरेंस भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। हालांकि, मेटा ने साफ किया है कि आपका फोन नंबर एडवर्टाइजर्स के साथ शेयर नहीं होगा।

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    कुछ यूजर्स और प्राइवेसी विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि यह कदम वॉट्सऐप की मूल पहचान को बदल सकता है। वॉट्सऐप के सह-संस्थापक जैन कौम और ब्रायन एक्टन हमेशा विज्ञापनों के खिलाफ थे। 2012 में जैन कौम ने एक ब्लॉग में लिखा था, “जब विज्ञापन की बात आती है, तो यूजर ही प्रोडक्ट बन जाता है।” दोनों संस्थापकों ने 2018 में मेटा के साथ मतभेदों के चलते कंपनी छोड़ दी थी।

    वॉट्सऐप पर ऐड्स कब से दिखेंगे?- WhatsApp Ads

    मेटा ने बताया है कि ये नए फीचर्स ग्लोबल स्तर पर धीरे-धीरे रोलआउट किए जाएंगे। यह अपडेट iOS और Android दोनों प्लेटफॉर्म्स के लिए उपलब्ध होगा। हालांकि, कंपनी ने सटीक तारीख का खुलासा नहीं किया है, लेकिन अगले कुछ महीनों में ये बदलाव यूजर्स को दिखने शुरू हो जाएंगे। भारत, ब्राजील और अफ्रीका जैसे देशों में, जहां वॉट्सऐप का इस्तेमाल बहुत ज्यादा है, यह अपडेट बिजनेस के लिए खासा फायदेमंद हो सकता है।

    यूजर्स और बिजनेस के लिए इसका मतलब- WhatsApp Ads

    वॉट्सऐप के इस कदम से बिजनेस और कंटेंट क्रिएटर्स को फायदा होगा। छोटे और मझोले बिजनेस, जो पहले से ही वॉट्सऐप बिजनेस ऐप का इस्तेमाल करते हैं, अब स्टेटस ऐड्स और प्रमोटेड चैनल्स के जरिए ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच सकते हैं। भारत जैसे बाजारों में, जहां वॉट्सऐप बिजनेस के 200 मिलियन से ज्यादा मासिक यूजर्स हैं, यह अपडेट गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

    लेकिन यूजर्स के लिए यह बदलाव मिश्रित अनुभव ला सकता है। कुछ यूजर्स को स्टेटस में ऐड्स देखना परेशान कर सकता है, खासकर उन लोगों को जो वॉट्सऐप की सादगी के दीवाने हैं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। एक यूजर ने लिखा, “वॉट्सऐप को बिना ऐड्स के लिए ही पसंद किया जाता था। अब यह भी इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसा हो जाएगा।”

    भारत के लिए क्या मायने?- WhatsApp Ads

    भारत में वॉट्सऐप के 500 मिलियन से ज्यादा यूजर्स हैं, जो इसे मेटा के लिए सबसे बड़ा बाजार बनाता है। वॉट्स�water:4⁊ मेटा ने भारत में वॉट्सऐप बिजनेस यात्री जैसे प्रोग्राम शुरू किए हैं, जो छोटे बिजनेस को ऐप का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाने में मदद करते हैं। नए ऐड फीचर्स भारत में बिजनेस के लिए अपनी पहुंच बढ़ाने का मौका देंगे, लेकिन यूजर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी प्राइवेसी बरकरार रहे।

    ये भी पढ़ें- Iran-Israel conflict: ट्रंप का जी7 छोड़कर वॉशिंगटन लौटना, ईरान-इजरायल संघर्ष में बड़ा कदम उठाने का संकेत

    सोर्स- AAJ TAK