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Category: दिल्ली

  • Toll Tax New Rules: टोल नहीं चुकाया तो अटकेंगी गाड़ियों की सेवाएं, NOC, फिटनेस और नेशनल परमिट पर केंद्र सरकार की सख्ती

    Toll Tax New Rules: टोल नहीं चुकाया तो अटकेंगी गाड़ियों की सेवाएं, NOC, फिटनेस और नेशनल परमिट पर केंद्र सरकार की सख्ती

    Toll Tax New Rules: नई दिल्ली।अब हाईवे पर टोल टैक्स न चुकाना वाहन मालिकों को भारी पड़ सकता है। केंद्र सरकार ने साफ चेतावनी दी है कि अगर किसी वाहन का टोल भुगतान लंबित रहता है, तो उसे NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट), फिटनेस सर्टिफिकेट और नेशनल परमिट जैसी अहम सेवाएं नहीं दी जाएंगी।सरकार के इस फैसले का मकसद टोल टैक्स की वसूली को और सख्त बनाना और हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर के रखरखाव को मजबूत करना बताया जा रहा है।

    टोल बकाया रहने पर क्या-क्या सेवाएं रुकेंगी?

    केंद्र सरकार के अनुसार, जिन वाहन मालिकों पर टोल टैक्स बकाया है, उन्हें निम्न सेवाओं से वंचित किया जा सकता हैवाहन का NOC जारी नहीं होगा फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा नेशनल परमिट जारी या नवीनीकरण नहीं होगा कमर्शियल वाहनों के संचालन में कानूनी अड़चनें आएंगी सरकार का कहना है कि डिजिटल सिस्टम के जरिए टोल बकाया की जानकारी को वाहन डाटाबेस से जोड़ा जाएगा।

    क्यों लिया गया यह फैसला?

    केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, कई वाहन चालक FASTag होने के बावजूद टोल भुगतान से बचते हैं, जिससे राजस्व को नुकसान होता है। इस सख्ती से टोल चोरी पर रोक लगेगी राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव के लिए फंड सुनिश्चित होगा ट्रांसपोर्ट सिस्टम अधिक पारदर्शी बनेगा

    वाहन मालिकों के लिए क्या है जरूरी सलाह?

    सरकार ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे समय पर टोल टैक्स का भुगतान करें अपने FASTag बैलेंस को हमेशा अपडेट रखें किसी भी लंबित शुल्क का जल्द निपटान करें ऐसा न करने पर भविष्य में वाहन से जुड़ी जरूरी सरकारी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

    कब से लागू होगी व्यवस्था?

    सूत्रों के मुताबिक, यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी और जल्द ही इसके लिए औपचारिक दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

  • Nitin Nabin BJP President : नितिन नबीन बने BJP के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष, पीएम मोदी और अमित शाह की मौजूदगी में सौंपा गया निर्वाचन पत्र

    Nitin Nabin BJP President : नितिन नबीन बने BJP के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष, पीएम मोदी और अमित शाह की मौजूदगी में सौंपा गया निर्वाचन पत्र

    Nitin Nabin BJP President : भारतीय जनता पार्टी में नेतृत्व के एक नए अध्याय की औपचारिक शुरुआत हो गई है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को नितिन नबीन को भारतीय जनता पार्टी का 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मंच पर मौजूद रहे।

    बीजेपी के राष्ट्रीय रिटर्निंग अधिकारी के. लक्ष्मण ने नितिन नबीन के नाम की औपचारिक घोषणा करते हुए उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया। इसके साथ ही मंच पर उन्हें निर्वाचन पत्र (Certificate of Election) सौंपा गया। इस दौरान पार्टी मुख्यालय में मौजूद कार्यकर्ताओं और नेताओं ने तालियों के साथ नए अध्यक्ष का स्वागत किया।

    नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने को पार्टी के भीतर एक युवा नेतृत्व और संगठनात्मक मजबूती के रूप में देखा जा रहा है। वे 45 वर्ष की उम्र में इस जिम्मेदारी को संभालने वाले भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्षों में शामिल हो गए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड अमित शाह के नाम था, जिन्होंने 49 वर्ष की उम्र में पार्टी की कमान संभाली थी।

    कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए अध्यक्ष को शुभकामनाएं दीं और कहा कि भाजपा का संगठनात्मक ढांचा मजबूत नेतृत्व के साथ और अधिक सशक्त होगा। वहीं अमित शाह और राजनाथ सिंह ने भी नितिन नबीन को बधाई देते हुए संगठन को नई ऊर्जा मिलने की बात कही।

    पार्टी सूत्रों के अनुसार, नितिन नबीन का फोकस आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनावों की रणनीति को मजबूत करने पर रहेगा। संगठन में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने, बूथ स्तर पर पार्टी को सशक्त करने और केंद्र व राज्यों के बीच बेहतर समन्वय उनकी प्राथमिकताओं में शामिल होगा।

    बीजेपी के इतिहास की बात करें तो पार्टी के पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी थे। इसके बाद लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कुशाभाऊ ठाकरे, नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह, अमित शाह और जेपी नड्डा जैसे दिग्गज नेताओं ने यह जिम्मेदारी संभाली। अब इस कड़ी में नितिन नबीन का नाम जुड़ गया है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नितिन नबीन के नेतृत्व में भाजपा संगठनात्मक स्तर पर और अधिक आक्रामक तथा युवा-केंद्रित रणनीति अपनाएगी। पार्टी में इस बदलाव को भविष्य की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

  • Kuldeep Sengar News : कुलदीप सिंह सेंगर को बड़ा झटका, दिल्ली हाईकोर्ट ने 10 साल की सजा निलंबन से किया इनकार

    Kuldeep Sengar News : कुलदीप सिंह सेंगर को बड़ा झटका, दिल्ली हाईकोर्ट ने 10 साल की सजा निलंबन से किया इनकार

    Kuldeep Sengar News नई दिल्ली: उन्नाव रेप कांड से जुड़े एक अहम मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की पुलिस कस्टडी में मौत के मामले में दी गई 10 साल की सजा को निलंबित करने से साफ इनकार कर दिया है। इस फैसले के बाद कुलदीप सिंह सेंगर को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।

    दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामला अत्यंत गंभीर प्रकृति का है और इसमें सजा निलंबन के लिए कोई ठोस आधार नहीं बनता। कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा प्रथम दृष्टया उचित प्रतीत होती है।

    क्या है पूरा मामला?

    यह मामला वर्ष 2018 का है, जब उन्नाव रेप पीड़िता के पिता को पुलिस ने अवैध हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद उनकी हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। शुरुआत में पुलिस ने इसे सामान्य घटना बताने की कोशिश की, लेकिन बाद में जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।जांच एजेंसियों की रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि पीड़िता के पिता के साथ पुलिस कस्टडी में मारपीट की गई थी, जिसके चलते उनकी मौत हुई। मामले में आरोप लगा कि तत्कालीन विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर पूरी साजिश रची।

    निचली अदालत का फैसला

    मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद निचली अदालत ने कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी ठहराते हुए 10 साल की सजा सुनाई थी। अदालत ने माना था कि सेंगर की भूमिका प्रत्यक्ष न होते हुए भी साजिश में अहम रही और उन्होंने अपने प्रभाव का दुरुपयोग किया।

    हाईकोर्ट में याचिका खारिज

    सजा के खिलाफ सेंगर ने दिल्ली हाईकोर्ट में सजा निलंबन की याचिका दाखिल की थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता, पीड़ित परिवार के अधिकार और समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए याचिका को खारिज कर दिया।कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में नरमी न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए सेंगर को कोई अंतरिम राहत नहीं दी जा सकती।

    पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद

    हाईकोर्ट के इस फैसले को पीड़ित परिवार के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है। यह फैसला एक बार फिर यह संदेश देता है कि कानून के सामने कोई भी व्यक्ति कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो, वह जवाबदेही से बच नहीं सकता।

  • Delhi Rain News Today: दिल्ली-एनसीआर में बारिश से बदला मौसम, प्रदूषण में भी मिली राहत

    Delhi Rain News Today: दिल्ली-एनसीआर में बारिश से बदला मौसम, प्रदूषण में भी मिली राहत

    Delhi Rain News Today: दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार की तड़के मौसम ने अचानक 360 डिग्री करवट बदल दी। राजधानी और आसपास के इलाकों में सुबह-सुबह मौसम का दोहरा रूप देखने को मिला। नोएडा, गाजियाबाद, दादरी और अन्य आसपास के इलाकों में हल्की बूंदाबादी दर्ज की गई, जिससे ठंडी हवाओं के बीच लोगों को मौसम का नया अनुभव मिला।

    बारिश के पीछे मौसम का हाल

    मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण और ठंडी हवाओं के बीच यह बारिश एक प्रकार की राहत लेकर आई है। हल्की बारिश के चलते हवा में फैले धूलकण और प्रदूषित कण साफ हो जाएंगे। इसका सीधा असर दिल्ली के AQI (Air Quality Index) पर पड़ेगा और लोगों को सांस लेने में थोड़ी राहत मिलेगी।दिल्ली-एनसीआर में आज सुबह धुंध की परत भी देखने को मिली। मौसम विभाग ने बताया कि दिल्ली के कई मापी स्टेशनों पर न्यूनतम तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। कड़ाके की ठंड के बीच बारिश का आना तापमान में थोड़ी गिरावट और अधिक बढ़ा सकता है।

    दिल्लीवासियों के लिए बारिश की खुशखबरी

    मौसम विभाग के मुताबिक, बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर का पारा कुछ हद तक चढ़ने की संभावना रखता है। हालांकि, सबसे बड़ी राहत प्रदूषण में कमी की है। बारिश की वजह से हवा में घुली धूल और कण साफ हो जाएंगे, जिससे AQI में गिरावट आएगी और राजधानीवासियों को स्वच्छ हवा में सांस लेने का अवसर मिलेगा।

    विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली में ठंड और प्रदूषण का मिश्रण अक्सर स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित होता है। ऐसे में हल्की बारिश ने स्वास्थ्य के लिहाज से राहत देने का काम किया है।

    अगले कुछ दिनों का मौसम

    मौसम विभाग का अनुमान है कि दिल्ली-एनसीआर में आने वाले दिनों में ठंड बनी रहेगी। हल्की बारिश और धुंध के बीच लोगों को गर्मी और ठंड का मिश्रित अनुभव हो सकता है। वहीं, हवा में सफाई और प्रदूषण नियंत्रण की वजह से दिल्लीवासियों को राहत का अहसास होगा।

  • Unique Story of Baby Boy Birth:  बेटे की चाह में 10 बेटियां, 11वीं संतान बना बेटा: फतेहाबाद की कहानी जो समाज को आईना दिखाती है

    Unique Story of Baby Boy Birth:  बेटे की चाह में 10 बेटियां, 11वीं संतान बना बेटा: फतेहाबाद की कहानी जो समाज को आईना दिखाती है

    Unique Story of Baby Boy Birth:  21वीं सदी में जब देश और दुनिया बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे अभियानों की बात कर रही है, उसी दौर में आज भी समाज का एक बड़ा वर्ग बेटे की चाह से बाहर नहीं निकल पाया है। इसका ताजा उदाहरण हरियाणा के फतेहाबाद जिले से सामने आया है, जहां एक परिवार में बेटे की उम्मीद में 10 बेटियां पैदा हुईं और 11वीं संतान के रूप में जाकर बेटा हुआ।

    यह मामला फतेहाबाद जिले के ढाणी भोजराज गांव का है। गांव में इन दिनों जश्न का माहौल है। घर-घर लड्डू और मिठाइयां बांटी जा रही हैं, क्योंकि संजय और सुनीता के घर बेटे का जन्म हुआ है। बेटे के जन्म पर खुशी स्वाभाविक है, लेकिन यह खुशी तब सवाल खड़े करती है, जब पता चलता है कि इस बेटे से पहले परिवार में 10 बेटियां हैं।

    संजय की पत्नी सुनीता ने अपनी शादी के 19 सालों में 11 बार गर्भधारण किया। हर बार नॉर्मल डिलीवरी हुई। पहली 10 बार बेटियां पैदा हुईं और अब 11वीं डिलीवरी में बेटा हुआ है। मां और नवजात बेटा दोनों स्वस्थ हैं, लेकिन यह कहानी भारतीय समाज की उस सोच को उजागर करती है, जो आज भी बेटे को वंश का वाहक मानती है।

    परिवार के मुखिया संजय का कहना है कि उन्होंने कभी बेटियों को बोझ नहीं समझा। उनके अनुसार, “बेटियां भगवान की देन हैं, लक्ष्मी का रूप हैं। मैंने उन्हें हमेशा बेटों की तरह पाला है।” संजय बताते हैं कि उनकी सबसे बड़ी बेटी अब 18 साल की हो चुकी है और 12वीं कक्षा में पढ़ रही है। बाकी बेटियां भी स्कूल जा रही हैं और सबसे छोटी बेटी का हाल ही में स्कूल में दाखिला हुआ है।

    हालांकि संजय यह भी स्वीकार करते हैं कि बेटे के न होने पर उन्हें समाज के ताने सुनने पड़े। गांव और रिश्तेदारी में तरह-तरह की बातें होती थीं, जिससे वह और उनकी पत्नी मानसिक दबाव में रहते थे। यही सामाजिक दबाव बेटे की चाह को और मजबूत करता गया।

    यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि क्या आज भी समाज में बेटा-बेटी का भेद खत्म नहीं हुआ है? क्या वंश आगे बढ़ाने की सोच के आगे महिलाओं के स्वास्थ्य, बच्चों के भविष्य और परिवार की जिम्मेदारियों को नजरअंदाज किया जा सकता है?

    यह कहानी सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि उस सामाजिक मानसिकता की तस्वीर है, जिसे बदलने की आज भी सख्त जरूरत है। बेटियां किसी से कम नहीं हैं—यह साबित वे हर क्षेत्र में कर चुकी हैं। अब जरूरत है कि समाज इस सच्चाई को दिल से स्वीकार करे।

  • दिल्ली: अवैध अतिक्रमण हटने के बाद फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास सन्नाटा, हर मोड़ पर पुलिस तैनात

    दिल्ली: अवैध अतिक्रमण हटने के बाद फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास सन्नाटा, हर मोड़ पर पुलिस तैनात

    दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास नगर निगम (MCD) द्वारा चलाए गए अवैध अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद हालात फिलहाल नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरे क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस और सुरक्षाबल तैनात हैं, जबकि तोड़े गए अवैध ढांचों का मलबा हटाने का काम लगातार जारी है।

    सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

    अधिकारियों के मुताबिक, अभियान के दौरान और उसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता रही। इलाके के संवेदनशील बिंदुओं पर अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं और पुलिस की मौजूदगी लगातार बनी हुई है। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है ताकि किसी भी तरह की अशांति को समय रहते रोका जा सके।

    मलबा हटाने का कार्य जारी

    MCD अधिकारियों ने बताया कि अभियान में चिन्हित अवैध निर्माणों को हटाया गया है। अब क्षेत्र को पूरी तरह साफ करने के लिए मलबा हटाया जा रहा है, जिससे सड़क और सार्वजनिक रास्तों को सामान्य उपयोग के लिए जल्द खोला जा सके।

    इलाके में शांति, लेकिन सतर्कता बरकरार

    अवैध अतिक्रमण हटने के बाद फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास सन्नाटा देखने को मिला है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एहतियातन पुलिस बल की तैनाती जारी रहेगी। स्थानीय हालात पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।

  • दिल्ली: बंदरों को भगाने के लिए PWD ने निकाली भर्ती, लंगूर की आवाज में काम करेंगे कर्मी

    दिल्ली: बंदरों को भगाने के लिए PWD ने निकाली भर्ती, लंगूर की आवाज में काम करेंगे कर्मी

    दिल्ली: राजधानी दिल्ली में बंदरों की बढ़ती समस्या को देखते हुए PWD (Public Works Department) ने एक अनोखी पहल की है। अब बंदरों को भगाने के लिए लोगों की भर्ती निकाली गई है। इस भर्ती में चयनित कर्मी लंगूर की आवाज निकालकर बंदरों को भगाने का काम करेंगे।

    क्यों निकली भर्ती?

    दिल्ली के कई इलाके जैसे कि साउथ दिल्ली, रोहिणी, और पुरानी कॉलोनियों में बंदरों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। ये बंदर न केवल सड़क पर और पार्कों में परेशान कर रहे हैं बल्कि घरों और दुकानों में भी घुसपैठ कर रहे हैं। इससे न केवल लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है बल्कि खाद्य सामग्री और घरों की सुरक्षा भी खतरे में है।PWD ने टेंडर जारी करते हुए कहा कि भर्ती किए जाने वाले कर्मी 8 घंटे की शिफ्ट में काम करेंगे और उनका मुख्य कार्य बंदरों को भगाना होगा। इसके लिए कर्मी को लंगूर की आवाज की नकल करने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इस तरह की पहल पहली बार दिल्ली में लागू की जा रही है।

    भर्ती की शर्तें

    • भर्ती केवल उन लोगों के लिए है, जो लंगूर की आवाज़ की सही नकल कर सकते हैं
    • हर कर्मी को 8 घंटे की शिफ्ट में काम करना होगा।
    • कर्मी शहर के ऐसे इलाकों में तैनात किए जाएंगे, जहां बंदरों की संख्या अधिक है।
    • PWD ने इस काम के लिए विशेष टेंडर जारी कर आवेदन आमंत्रित किए हैं।

    क्या है उद्देश्य?

    PWD का कहना है कि बंदरों से निपटने के लिए पारंपरिक उपाय जैसे जाल और रबर की गोली पर्याप्त नहीं हैं। इसलिए लंगूर की आवाज़ निकालने वाले कर्मियों की तैनाती करने का निर्णय लिया गया है। इस तकनीक के जरिए बंदर समझेंगे कि इलाके में बड़े लंगूर मौजूद हैं और वे खुद ही जगह छोड़ देंगे।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह इको-फ्रेंडली और मानव-सुरक्षित तरीका है, क्योंकि इसमें बंदरों को नुकसान नहीं पहुंचाया जाता। इसके अलावा, इससे लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

    दिल्ली में बंदरों की समस्या

    दिल्ली में बंदर अक्सर पेड़ों, तारों और खुले इलाकों में घूमते नजर आते हैं। लोग इनसे परेशान हैं क्योंकि बंदर खाने-पीने की वस्तुएं चोरी करते हैं और कभी-कभी झगड़े भी बढ़ा देते हैं। PWD का यह कदम शहरवासियों के लिए राहत भरा साबित होगा।

    आने वाले दिनों में क्या होगा?

    PWD जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया पूरी करके लंगूर आवाज कर्मियों की भर्ती शुरू करेगा। भर्ती के बाद ये कर्मी निर्धारित क्षेत्रों में तैनात होंगे और बंदरों को भगाने का काम करेंगे। इस पहल से उम्मीद है कि शहर में बंदरों की बढ़ती दिक्कत कम होगी और लोग सुरक्षित रह सकेंगे।

  • LPG Price Hike 1 January: नए साल पर महंगाई का झटका, 19 किलो गैस सिलेंडर हुआ महंगा

    LPG Price Hike 1 January: नए साल पर महंगाई का झटका, 19 किलो गैस सिलेंडर हुआ महंगा

    LPG Price Hike 1 January : 1 जनवरी को जहां देशभर में लोग नए साल 2026 का जश्न मना रहे थे, वहीं आम लोगों और कारोबारियों को महंगाई का झटका लगा है। साल के पहले ही दिन तेल कंपनियों (Gas Agency) ने कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। हालांकि राहत की बात यह है कि 14 किलो घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

    हर महीने की पहली तारीख को LPG सिलेंडर के दामों की समीक्षा की जाती है और उसी के आधार पर नए रेट जारी किए जाते हैं। इस बार भी कंपनियों ने केवल 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ाए हैं, जिसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और कैटरिंग कारोबार पर पड़ेगा।

    19 किलो LPG सिलेंडर के नए दाम (1 जनवरी से लागू)

    शहरपहले कीमतनई कीमत
    दिल्ली₹1580.50₹1691.50
    कोलकाता₹1684.00₹1795.00
    मुंबई₹1531.50₹1642.50
    चेन्नई₹1739.50₹1849.50

    कितनी बढ़ी कीमत?

    इस बार लगभग सभी बड़े शहरों में 110 से 111 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है।

    • चेन्नई में 19 किलो सिलेंडर सबसे महंगा हो गया है, जहां इसकी कीमत ₹1739.50 से बढ़कर ₹1849.50 हो गई।
    • दिल्ली में ₹111 की बढ़ोतरी के साथ नया रेट ₹1691.50 हो गया।
    • कोलकाता और मुंबई में भी करीब ₹111 का इजाफा देखने को मिला।

    14 किलो घरेलू सिलेंडर पर राहत

    महंगाई के इस दौर में आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर यह है कि 14 किलो घरेलू LPG सिलेंडर के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू रसोई गैस के दाम फिलहाल पहले जैसे ही बने हुए हैं।

    कारोबारियों पर पड़ेगा असर

    19 किलो वाले सिलेंडर का उपयोग मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, मिठाई की दुकानें और कैटरिंग सर्विस में होता है। कीमत बढ़ने से इन कारोबारों की लागत बढ़ेगी, जिसका असर आगे चलकर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

    क्यों बढ़ते हैं कमर्शियल सिलेंडर के दाम?

    तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमत, डॉलर-रुपया विनिमय दर और अन्य लागतों को देखते हुए हर महीने कीमतों में बदलाव करती हैं। अक्सर देखा गया है कि घरेलू सिलेंडर की तुलना में कमर्शियल LPG के दामों में ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है।

  • दिल्ली: शादी में भूल गए सिंदूर, दूल्हे ने ऑनलाइन ऐप से 16 मिनट में मंगाया, फिर पूरी हुई रस्म

    दिल्ली: शादी में भूल गए सिंदूर, दूल्हे ने ऑनलाइन ऐप से 16 मिनट में मंगाया, फिर पूरी हुई रस्म

    दिल्ली से एक अनोखी और दिलचस्प शादी की घटना सामने आई है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। शादी की रस्मों के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब दूल्हा सिंदूर लाना भूल गया। सिंदूर के बिना शादी की सबसे अहम रस्म अधूरी रह गई, लेकिन दूल्हे ने सूझबूझ दिखाते हुए टेक्नोलॉजी का सहारा लिया और मामला चंद मिनटों में सुलझ गया।

    दरअसल, जैसे ही दुल्हन की मांग में सिंदूर भरने का समय आया, तब पता चला कि सिंदूर मौजूद ही नहीं है। रिश्तेदार और घरवाले परेशान हो गए, क्योंकि बिना सिंदूर के विवाह की रस्म पूरी नहीं की जा सकती थी। ऐसे में दूल्हे ने तुरंत एक ऑनलाइन डिलीवरी ऐप का इस्तेमाल किया और सिंदूर ऑर्डर कर दिया।

    हैरानी की बात यह रही कि महज 16 मिनट के भीतर सिंदूर शादी स्थल पर पहुंच गया। इसके बाद पूरे विधि-विधान के साथ शादी की रस्म पूरी की गई। इस पूरी घटना का वीडियो और किस्सा सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया।

    लोग इस घटना को आधुनिक दौर की “डिजिटल शादी” का उदाहरण बता रहे हैं। कई यूजर्स ने दूल्हे की समझदारी और ऑनलाइन ऐप्स की तेज़ डिलीवरी की तारीफ की, तो कुछ ने मज़ाकिया अंदाज में लिखा कि “अब शादी भी ऐप के भरोसे होने लगी है।”

    यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि आज के समय में टेक्नोलॉजी किस तरह रोजमर्रा की जिंदगी और परंपराओं का हिस्सा बनती जा रही है। शादी जैसे पारंपरिक मौके पर भी ऑनलाइन सेवाएं कितनी काम आ सकती हैं, इसका यह अनोखा उदाहरण है।

  • कोलकाता में अमित शाह का बड़ा बयान: बंगाल में भाजपा सरकार बनी तो घुसपैठ पर लगेगा पूरी तरह ब्रेक

    कोलकाता में अमित शाह का बड़ा बयान: बंगाल में भाजपा सरकार बनी तो घुसपैठ पर लगेगा पूरी तरह ब्रेक

    कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) पश्चिम बंगाल की जनता को आश्वस्त करना चाहती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यदि राज्य में भाजपा की सरकार बनती है, तो बंगाल की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित किया जाएगा और राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

    बंगाल की विरासत और विकास का वादा

    अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल केवल एक राज्य नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा का अहम हिस्सा है। यहां की परंपरा, कला, साहित्य और क्रांतिकारी इतिहास देश के लिए गर्व का विषय रहा है। भाजपा कार्यकर्ता बंगाल की जनता से यह वादा करते हैं कि सत्ता में आने के बाद राज्य की विरासत को नई पहचान और सम्मान दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ संस्कृति का संरक्षण भी भाजपा की प्राथमिकता होगी।

    घुसपैठ पर जीरो टॉलरेंस

    अपने संबोधन में अमित शाह ने सबसे कड़ा संदेश घुसपैठ को लेकर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर बंगाल में ऐसी मजबूत राष्ट्रीय सुरक्षा ग्रिड तैयार की जाएगी कि “इंसान छोड़ दीजिए, परिंदा भी पर नहीं मार पाए।” उनका कहना था कि सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित किया जाएगा, जिससे अवैध घुसपैठ पूरी तरह समाप्त हो सके।

    गृहमंत्री ने यह भी साफ किया कि केवल घुसपैठ रोकना ही नहीं, बल्कि जो लोग अवैध रूप से भारत में घुसे हैं, उन्हें चुन-चुन कर देश के बाहर भेजने का काम भी भाजपा सरकार करेगी। यह बयान आगामी चुनावों को देखते हुए काफी अहम माना जा रहा है।

    कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा पर जोर

    अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। भाजपा का मानना है कि मजबूत प्रशासन और केंद्र-राज्य के बेहतर समन्वय से ही राज्य को सुरक्षित बनाया जा सकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भाजपा सरकार बनने पर राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमाई सुरक्षा और आंतरिक शांति को मजबूत किया जाएगा।विशेषज्ञों का मानना है कि अमित शाह का यह बयान सीधे तौर पर पश्चिम बंगाल की राजनीति में घुसपैठ, सुरक्षा और पहचान जैसे मुद्दों को केंद्र में लाने की रणनीति का हिस्सा है। भाजपा लंबे समय से इन मुद्दों को लेकर राज्य सरकार पर हमलावर रही है और अब चुनावी माहौल में यह बयान पार्टी के एजेंडे को साफ तौर पर सामने रखता है।