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Category: दिल्ली

  • प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा के घर सगाई की खुशी, रेहान वाड्रा ने की अवीवा बेग के साथ इंगेजमेंट

    प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा के घर सगाई की खुशी, रेहान वाड्रा ने की अवीवा बेग के साथ इंगेजमेंट

    कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और उद्योगपति रॉबर्ट वाड्रा के घर जल्द ही खुशी का माहौल होगा। उनके बेटे रेहान वाड्रा और उनकी गर्लफ्रेंड अवीवा बेग की सगाई की खबर कन्फर्म हो गई है। दोनों परिवार सगाई को लेकर पूरी तरह राजी हैं और इस खुशी के मौके को शानदार ढंग से मनाने की तैयारी की जा रही है।

    रेहान और अवीवा की सगाई की पुष्टि

    सूत्रों की मानें तो वाड्रा परिवार ने इस इंगेजमेंट की पुष्टि कर दी है। अवीवा बेग, जिन्हें रेहान लंबे समय से जानते और पसंद करते हैं, अब परिवार की बहू बनने जा रही हैं। प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा दोनों परिवारों के बीच इस रिश्ते को लेकर पूरी तरह संतुष्ट हैं और सगाई के कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर हैं।

    सगाई की संभावित तैयारियां

    सूत्रों के अनुसार सगाई समारोह निजी और पारिवारिक स्तर पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें केवल करीबी रिश्तेदार और कुछ खास दोस्त ही शामिल होंगे। वाड्रा परिवार इस मौके को यादगार बनाने के लिए विशेष रूप से सजावट, खान-पान और अन्य तैयारियों में जुटा है। ऐसा कहा जा रहा है कि समारोह की तारीख और स्थान जल्द ही सार्वजनिक किए जाएंगे।

    वाड्रा परिवार में उत्साह का माहौल

    सगाई की खबर के बाद वाड्रा परिवार में खुशी और उत्साह की लहर दौड़ गई है। प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा ने भी इस खुशी को सार्वजनिक तौर पर स्वीकार किया है। परिवार के करीबी सूत्रों का कहना है कि यह सगाई दोनों परिवारों के बीच रिश्तों को और मजबूत बनाएगी और भविष्य में एक नई शुरुआत का प्रतीक होगी।

    राजनीतिक और सोशल मीडिया पर चर्चा

    रेहान वाड्रा और अवीवा बेग की सगाई की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। कांग्रेस पार्टी से जुड़े समर्थक और जनता इस खबर को लेकर उत्साहित हैं। राजनीतिक हलकों में भी इस सगाई को परिवार के सामाजिक और राजनीतिक नेटवर्क के मजबूत होने के रूप में देखा जा रहा है।प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा के घर में इस सगाई के बाद आने वाले समय में कई खुशियों के पल देखने को मिलेंगे। रेहान वाड्रा और अवीवा बेग की यह सगाई न केवल परिवार के लिए, बल्कि उनके दोस्तों और समर्थकों के लिए भी खास अवसर साबित होगी।

  • न्यू ईयर ईव से पहले दिल्ली पुलिस का सख्त अभियान, कनॉट प्लेस में ट्रैफिक डायवर्जन लागू

    न्यू ईयर ईव से पहले दिल्ली पुलिस का सख्त अभियान, कनॉट प्लेस में ट्रैफिक डायवर्जन लागू

    नई दिल्ली – नए साल 2026 के स्वागत के मद्देनज़र दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा और यातायात सुचारु बनाए रखने के लिए सख्त अभियान शुरू कर दिया है। पुलिस ने पहले ही से सार्वजनिक जगहों पर भीड़ और संभावित दुर्घटनाओं से निपटने के लिए तैयारी कर ली है।

    कनॉट प्लेस में गाड़ियों की एंट्री सीमित

    1 दिसंबर से रात 8 बजे से कनॉट प्लेस में वाहनों की एंट्री को सीमित कर दिया जाएगा। केवल पास धारक गाड़ियां ही कुछ निर्धारित इलाकों में प्रवेश कर सकेंगी। जश्न के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन और विशेष पार्किंग की व्यवस्था लागू रहेगी।

    वैकल्पिक रास्तों का सुझाव

    कनॉट प्लेस की ओर जाने वाली गाड़ियों को मंडी हाउस, बंगाली मार्केट, रणजीत सिंह फ्लाईओवर, मिंटो रोड और पटेल चौक जैसे मुख्य पॉइंट्स से आगे नहीं जाने दिया जाएगा।जो लोग नई दिल्ली रेलवे स्टेशन या आसपास के क्षेत्रों में जा रहे हैं, उन्हें RML अस्पताल रोड, मंदिर मार्ग, रानी झांसी रोड और विंडसर प्लेस जैसे वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।दिल्ली पुलिस का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य सुरक्षा सुनिश्चित करना और भीड़ नियंत्रण करना है। जश्न के दौरान भारी भीड़ और वाहनों की असुविधा को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे नियमतः वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें

    सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम

    • CCTV कैमरों और मोबाइल पेट्रोलिंग के माध्यम से सुरक्षा निगरानी बढ़ाई जाएगी।
    • ट्रैफिक पुलिस मुख्य जंक्शन और चौराहों पर तैनात रहेगी।
    • भीड़ नियंत्रण के लिए कुछ सड़कों पर सड़क बंदी और डायवर्जन लगाया जाएगा।

    नागरिकों के लिए सलाह

    • कनॉट प्लेस और आसपास के मुख्य मार्केटों में भारी भीड़ की संभावना है।
    • निजी वाहन छोड़कर पब्लिक ट्रांसपोर्ट या मेट्रो का इस्तेमाल करना बेहतर रहेगा।
    • अपने वाहन और सामान की सुरक्षा का ध्यान रखें।

    दिल्ली पुलिस का यह सख्त अभियान इस बात को दर्शाता है कि न्यू ईयर के जश्न के दौरान सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था सर्वोपरि है। नागरिकों की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था सुनिश्चित करके राजधानी में सभी के लिए सुरक्षित और आनंदमय नववर्ष की तैयारी की जा रही है।

  • केदारनाथ घाटी में दिसंबर सूखा: क्या ग्लोबल वार्मिंग हिमालय के लिए खतरे की घंटी है?

    केदारनाथ घाटी में दिसंबर सूखा: क्या ग्लोबल वार्मिंग हिमालय के लिए खतरे की घंटी है?

    केदारनाथ | उत्तराखंड की पवित्र केदारनाथ घाटी से सामने आए ताजा वीडियो ने पर्यावरण और मौसम को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। दिसंबर का महीना खत्म होने को है, लेकिन अब तक केदारनाथ घाटी में सीजन की पहली बर्फबारी नहीं हुई है। आमतौर पर हर साल दिसंबर के पहले सप्ताह में यहां बर्फ गिरना शुरू हो जाती थी, लेकिन इस बार पूरा महीना लगभग सूखा बीत गया है।

    हर साल की परंपरा इस बार टूटी

    स्थानीय लोगों, तीर्थ पुरोहितों और होटल व्यवसायियों के अनुसार,
    हर साल दिसंबर के शुरुआती दिनों में केदारनाथ मंदिर और आसपास के पहाड़ बर्फ से ढक जाते थे। जनवरी–फरवरी में यहां कई फीट तक बर्फ जमना सामान्य बात थी। लेकिन इस साल मौसम अपेक्षाकृत गर्म बना हुआ है और तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है।

    क्या यह ग्लोबल वार्मिंग का सीधा असर है?

    मौसम विशेषज्ञ और पर्यावरण वैज्ञानिक मानते हैं कि यह स्थिति ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन (Climate Change) से जुड़ी हो सकती है।पिछले कुछ वर्षों में हिमालयी क्षेत्रों में औसत तापमान बढ़ा है बर्फबारी की अवधि घट रही है मौसम के पैटर्न में अस्थिरता बढ़ी हैविशेषज्ञों का कहना है कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ), जो उत्तर भारत में सर्दियों की बारिश और बर्फबारी के लिए जिम्मेदार होते हैं, इस बार कमजोर रहे हैं।

    सिर्फ केदारनाथ ही नहीं, पूरा हिमालय प्रभावित

    केदारनाथ घाटी के साथ-साथ बद्रीनाथ, गंगोत्री,यमुनोत्री,हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के कई ऊंचाई वाले इलाके भी दिसंबर के अंत तक सामान्य से कम बर्फबारी का सामना कर रहे हैं। यह संकेत देता है कि समस्या स्थानीय नहीं, बल्कि पूरे हिमालयी क्षेत्र से जुड़ी हुई है।पर्यावरणविदों के अनुसार, बर्फबारी कम होने के दूरगामी परिणाम हो सकते हैं:ग्लेशियर तेजी से पिघल सकते हैंनदियों के जलस्तर पर असर पड़ेगा गर्मियों में जल संकट गहराएगा भूस्खलन और ग्लेशियर झील फटने (GLOF) का खतरा बढ़ेगा तीर्थाटन और पर्यटन उद्योग प्रभावित होगा

    क्या बदल रहा है हिमालय का भविष्य?

    केदारनाथ घाटी का सूखा दिसंबर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या हिमालय अब पहले जैसा नहीं रहा। जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों के बीच यह जरूरी हो गया है कि पर्यावरण संरक्षण, कार्बन उत्सर्जन में कटौती और सतत विकास पर गंभीरता से काम किया जाए।फिलहाल मौसम विज्ञान विभाग आने वाले हफ्तों में बदलाव की संभावना जता रहा है, लेकिन दिसंबर में बर्फबारी न होना निश्चित रूप से खतरे की घंटी है। केदारनाथ घाटी का यह सूखा दिसंबर आने वाले समय में बड़े पर्यावरणीय संकट की ओर इशारा कर सकता है।

  • सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर लगाई रोक, कुलदीप सिंह सेंगर को झटका

    सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर लगाई रोक, कुलदीप सिंह सेंगर को झटका

    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले पर रोक लगा दी है, जिससे पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के पक्ष में आए फैसले को फिलहाल लागू नहीं किया जा सकेगा। इस फैसले के साथ ही सेंगर को एक बड़ा कानूनी झटका लगा है।

    हाई कोर्ट के फैसले पर रोक

    दिल्ली हाई कोर्ट ने कुछ दिनों पहले कुलदीप सिंह सेंगर के मामले में ऐसा आदेश दिया था, जो उनके पक्ष में था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय के आदेश की समीक्षा के लिए रोक (stay) लगा दी है। इस कदम का मतलब है कि हाई कोर्ट का फैसला तब तक लागू नहीं होगा जब तक सुप्रीम कोर्ट इस पर अंतिम फैसला नहीं सुनाता।

    कानूनी प्रक्रिया जारी

    सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख भी तय कर दी है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर अवसर दिया है अपने तर्क पेश करने का, जिससे उच्च न्यायालय के आदेश और मामले की पूरी स्थिति की समीक्षा हो सके।

    पूर्व विधायक को झटका

    कुलदीप सिंह सेंगर के लिए यह निर्णय एक बड़ा झटका है, क्योंकि इससे उनके पक्ष में आए कानूनी लाभों को फिलहाल रोक दिया गया है। अब यह मामला उच्चतम न्यायालय में लंबित रहेगा और आने वाले हफ्तों में इसके परिणाम पर पूरा ध्यान रहेगा।

  • Airport CISF Viral Video : पापा के गले लगने के लिए दौड़ रही बच्ची को सिक्योरिटी ने रोका

    Airport CISF Viral Video : पापा के गले लगने के लिए दौड़ रही बच्ची को सिक्योरिटी ने रोका

    Airport CISF Viral Video : नई दिल्ली:इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) पर एक भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला, जब सुरक्षा जांच के दौरान एक छोटी बच्ची अपने पिता को सामने देखकर सुरक्षा प्रक्रिया पूरी किए बिना ही उनकी ओर दौड़ पड़ी। यह पल वहां मौजूद लोगों की नजरों में आ गया और कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।

    घटना के दौरान मौके पर तैनात CISF जवान ने पूरी शांति, संयम और करुणा के साथ स्थिति को संभाला। जवान ने बच्ची को डांटने या डराने के बजाय बेहद प्यार से रोका और उसे समझाते हुए सुरक्षा नियमों का पालन कराया। इसके बाद सुरक्षा जांच पूरी कराई गई और फिर बच्ची को उसके पिता से मिलने दिया गया।

    CISF जवान की मानवीय सोच की हो रही तारीफ

    इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो CISF द्वारा आधिकारिक तौर पर साझा किया गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में CISF जवान का मानवीय और संवेदनशील व्यवहार लोगों का दिल जीत रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स CISF जवान की तारीफ करते हुए कह रहे हैं कि सुरक्षा के साथ-साथ इंसानियत का ऐसा संतुलन ही असली सेवा है

    सुरक्षा भी, संवेदना भी

    CISF ने वीडियो के जरिए यह संदेश भी दिया कि हवाई अड्डों पर यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है, लेकिन बच्चों और यात्रियों के साथ व्यवहार में संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण भी उतना ही जरूरी है।यह वीडियो न सिर्फ एक पिता-बेटी के भावनात्मक रिश्ते को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि ड्यूटी निभाते हुए इंसानियत कैसे जिंदा रखी जा सकती है

  • मन की बात में PM मोदी बोले‘ऑपरेशन सिंदूर’ हर भारतीय के लिए गर्व का प्रतीक

    मन की बात में PM मोदी बोले‘ऑपरेशन सिंदूर’ हर भारतीय के लिए गर्व का प्रतीक

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 129वें एपिसोड में देश को संबोधित करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि “इस साल, ऑपरेशन सिंदूर हर भारतीय के लिए गर्व का प्रतीक बन गया है।”प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया है कि जब देश एकजुट होता है, तो कोई भी चुनौती असंभव नहीं होती। यह अभियान राष्ट्र की सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास का प्रतीक बनकर उभरा है।

    मन की बात में देशवासियों से संवाद

    पीएम मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम में देशवासियों की भागीदारी और सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियानों से देश की नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है और राष्ट्र निर्माण की भावना मजबूत होती है।प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी ऑपरेशन सिंदूर को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

    PM ने एंटीबायोटिक दवाओं के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता जताई

    पीएम ने कहा ICMR ने हाल ही में रिपोर्ट में बताया कि निमोनिया और UTI जैसी बीमारियों में दवाई कमजोर साबित हो रही हैं। इसकी वजह बिना सोचे दवा का सेवन हैं। आज कल लोग एंटी बायोटिक दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। लोग सोचते हैं कि एक गोली ले लो बीमारी दूर हो जाएगी। मैं अपील करता हूं कि अपने मन से दवाओं का सेवन करने से बचें। इनका इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह से ही करें।

    मन की बात में PM की स्पीच की बड़ी बातें…

    • कुछ ही दिनों में साल 2026 दस्तक देने वाला है, और आज, जब मैं आपसे बात कर रहा हूँ, तो मन में पूरे एक साल की यादें घूम रही हैं – कई तस्वीरें, कई चर्चाएं, कई उपलब्धियां, जिन्होंने देश को एक साथ जोड़ दिया
    • 2025 ने हमें ऐसे कई पल दिए जिन पर हर भारतीय को गर्व हुआ। देश की सुरक्षा से लेकर खेल के मैदान तक, विज्ञान की प्रयोगशालाओं से लेकर दुनिया के बड़े मंचों तक, भारत ने हर जगह अपनी मजबूत छाप छोड़ी।
    • इस साल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ हर भारतीय के लिए गर्व का प्रतीक बन गया। दुनिया ने साफ देखा आज का भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करता।
    • स्वदेशी को लेकर भी लोगों का उत्साह खूब दिखाई दिया। लोग वही सामान खरीद रहे हैं, जिसमें किसी भारतीय का पसीना लगा हो और जिसमें भारत की मिट्टी की सुगंध हो। आज हम गर्व से कह सकते हैं 2025 ने भारत को और आत्मविश्वास दिया है।
    • ये बात भी सही है इस साल प्राकृतिक आपदाएं हमें झेलनी पड़ी, अनेक क्षेत्रों में झेलनी पड़ी। अब देश 2026 में नई उम्मीदों, नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ने को तैयार है।
  • CWC बैठक से पहले दिग्विजय सिंह ने साझा की मोदी-आडवाणी की पुरानी तस्वीर, सियासी हलचल तेज

    CWC बैठक से पहले दिग्विजय सिंह ने साझा की मोदी-आडवाणी की पुरानी तस्वीर, सियासी हलचल तेज

    कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की अहम बैठक से ठीक पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने एक पुरानी तस्वीर साझा कर सियासी माहौल गरमा दिया है। इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी नजर आ रहे हैं। तस्वीर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

    दिग्विजय सिंह ने यह तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए एक टिप्पणी भी की। उन्होंने लिखा कि “आरएसएस का एक जमीनी स्वयंसेवक और भाजपा का एक जमीनी कार्यकर्ता किस प्रकार नीचे बैठकर मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री बना”। उन्होंने इस तस्वीर को प्रभावशाली बताते हुए इसे संगठन की ताकत का प्रतीक बताया।

    कांग्रेस नेता के इस बयान को कई राजनीतिक विश्लेषक मौजूदा राजनीतिक हालात और संगठनात्मक ढांचे पर तंज के तौर पर देख रहे हैं। खास बात यह है कि यह टिप्पणी ऐसे समय पर आई है, जब कांग्रेस की CWC बैठक होने जा रही है और पार्टी के भीतर भविष्य की रणनीति को लेकर मंथन चल रहा है।

    दिग्विजय सिंह की इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। कुछ लोग इसे भाजपा और आरएसएस के संगठनात्मक ढांचे की प्रशंसा के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे कांग्रेस की आंतरिक राजनीति और संगठनात्मक तुलना से जोड़कर देख रहे हैं।

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दिग्विजय सिंह का यह बयान सिर्फ एक तस्वीर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए उन्होंने भारतीय राजनीति में जमीनी कार्यकर्ताओं की भूमिका और संगठन की मजबूती को रेखांकित करने की कोशिश की है। वहीं, विपक्षी दलों में इस बयान को लेकर अलग-अलग अर्थ निकाले जा रहे हैं।

    फिलहाल CWC बैठक से पहले आया यह बयान कांग्रेस और भाजपा दोनों खेमों में चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी प्रतिक्रियाएं और तेज हो सकती हैं।

  • क्रिकेटर वैभव समेत 20 बच्चों को मिला बाल पुरस्कार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले – जेन Z और जेन अल्फा बनाएंगे विकसित भारत

    क्रिकेटर वैभव समेत 20 बच्चों को मिला बाल पुरस्कार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले – जेन Z और जेन अल्फा बनाएंगे विकसित भारत

    नई दिल्ली।देश के 20 प्रतिभाशाली बच्चों, जिनमें क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी भी शामिल हैं, को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि जेन Z और जेन अल्फा ही विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करेंगे।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज का युवा केवल सपने देखने वाला नहीं, बल्कि उन्हें पूरा करने की क्षमता भी रखता है। उन्होंने पुरस्कार पाने वाले बच्चों की उपलब्धियों को पूरे देश के लिए प्रेरणादायक बताया।

    प्रधानमंत्री ने कहा“आज के बच्चे आत्मविश्वास से भरे हैं, तकनीक के साथ आगे बढ़ रहे हैं और देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की ताकत रखते हैं। जेन Z और जेन अल्फा भारत के भविष्य की मजबूत नींव हैं।”उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बच्चों की प्रतिभा को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।


    क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को मिला विशेष सम्मान

    समस्तीपुर (बिहार) के वैभव सूर्यवंशी को क्रिकेट के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बाल पुरस्कार दिया गया। वैभव की मेहनत और लगन की सराहना करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि खेल के माध्यम से देश का नाम रोशन करने वाले युवा आने वाली पीढ़ी के लिए रोल मॉडल हैं।


    अलग-अलग क्षेत्रों में चमके बच्चे

    इन 20 बच्चों को खेल विज्ञान और नवाचार कला व संस्कृति सामाजिक सेवा शिक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान के लिए सम्मानित किया गया।


    विकसित भारत की ओर मजबूत कदम

    पीएम मोदी ने कहा कि इन बच्चों की सोच, ऊर्जा और नवाचार ही भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

  • IndianRailways Update: रेल यात्रा हुई महंगी, 215 किमी से ज्यादा दूरी पर प्रति किमी 2 पैसे किराया बढ़ा

    IndianRailways Update: रेल यात्रा हुई महंगी, 215 किमी से ज्यादा दूरी पर प्रति किमी 2 पैसे किराया बढ़ा

    IndianRailways Update: नई दिल्ली।रेल से सफर करने वाले यात्रियों के लिए आज से यात्रा महंगी हो गई है। भारतीय रेलवे ने 26 दिसंबर से ट्रेन टिकट के किराए में बढ़ोतरी लागू कर दी है, जिसके तहत 215 किलोमीटर से अधिक दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को प्रति किलोमीटर 2 पैसे अतिरिक्त किराया देना होगा।

    नए नियम के अनुसार, यदि कोई यात्री 215 किलोमीटर से ज्यादा दूरी का सफर करता है, तो उसे बढ़े हुए किराए पर ही टिकट बुक कराना होगा। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई यात्री 1000 किलोमीटर की यात्रा करता है, तो उसे करीब 20 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे। रेलवे के इस फैसले का असर लंबी दूरी के यात्रियों पर अधिक पड़ेगा।

    हालांकि रेलवे ने यात्रियों को एक बड़ी राहत भी दी है। 26 दिसंबर से पहले बुक किए गए टिकटों पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा। ऐसे यात्रियों के टिकट पर संशोधित किराया नहीं दिखेगा और उन्हें पुरानी दरों पर ही यात्रा करने की अनुमति होगी।रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि आज या इसके बाद ट्रेन या स्टेशन पर TTE के माध्यम से टिकट बनवाने पर बढ़ा हुआ किराया लागू होगा। यानी ऑन-स्पॉट टिकट या यात्रा के दौरान टिकट लेने वाले यात्रियों को नई दरों के अनुसार भुगतान करना होगा।

    वहीं, रेलवे ने यह भी साफ किया है कि 215 किलोमीटर से कम दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके अलावा, मंथली सीजन टिकट (पास) और डेली पास होल्डर्स को भी इस बढ़ोतरी से राहत दी गई है। उनके किराए में किसी तरह की वृद्धि नहीं की गई है।

    रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस किराया वृद्धि से रेलवे को सालाना लगभग 600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी होने का अनुमान है। रेलवे ने इस फैसले की घोषणा 21 दिसंबर को की थी, जिसे अब लागू कर दिया गया है।

    रेलवे का कहना है कि यह कदम परिचालन लागत और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार के मद्देनज़र उठाया गया है। हालांकि, बढ़ती महंगाई के बीच किराया बढ़ने से आम यात्रियों की जेब पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।

  • अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती: PM मोदी ने ‘सदैव अटल’ स्मारक पर दी श्रद्धांजलि, बताया राजनीति की मिसाल

    अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती: PM मोदी ने ‘सदैव अटल’ स्मारक पर दी श्रद्धांजलि, बताया राजनीति की मिसाल

    25 दिसंबर, देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जन्म जयंती के अवसर पर राष्ट्र ने उन्हें श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित ‘सदैव अटल’ स्मारक पहुंचकर अटल जी को पुष्पांजलि अर्पित की।

    प्रधानमंत्री मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी को भारतीय राजनीति का एक आदर्श स्तंभ बताते हुए कहा कि उनके व्यवहार, गरिमा और राष्ट्रीय हित के प्रति अटूट प्रतिबद्धता ने देश की राजनीति में एक ऊँची मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि अटल जी का जीवन आज भी देशवासियों और जनप्रतिनिधियों को निरंतर प्रेरणा देता है।

    श्रद्धांजलि देने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर भी अटल जी को याद किया। उन्होंने लिखा कि“अटल जी का जीवन यह सिखाता है कि नेतृत्व पद से नहीं, बल्कि आचरण से तय होता है।”पीएम मोदी ने यह भी कहा कि राष्ट्र के प्रति अटल जी की निष्ठा और सेवा भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनी रहेगी।

    देशभर में अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर विभिन्न कार्यक्रमों, संगोष्ठियों और श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया, जहां उनके विचारों, कवि व्यक्तित्व और राष्ट्रनिर्माण में दिए गए योगदान को याद किया गया।