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Category: दिल्ली

  • Former Home Minister Shivraj Patel Death: पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का निधन, लातूर में ली अंतिम सांस, कांग्रेस में शोक की लहर

    Former Home Minister Shivraj Patel Death: पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का निधन, लातूर में ली अंतिम सांस, कांग्रेस में शोक की लहर

    लातूर/नई दिल्ली। Former Home Minister Shivraj Patel Death: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का निधन हो गया है। उन्होंने महाराष्ट्र के लातूर में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। पाटिल लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उपचार के दौरान गुरुवार सुबह उनका देहांत हुआ।

    कौन थे शिवराज पाटिल?

    शिवराज पाटिल भारतीय राजनीति का एक बड़ा और सम्मानित नाम रहे हैं। उनका करियर चार दशक से भी अधिक लंबा रहा। वह 1973 से 1980 तक लातूर ग्रामीण विधानसभा सीट से विधायक रहे। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ बनाई। वे कई बार लोकसभा के सदस्य रहे और यूपीए सरकार में 2004 से 2008 तक भारत के केंद्रीय गृह मंत्री रहे।संसद, विधानसभा और केंद्रीय मंत्रालय में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं। उनकी सादगी, विनम्रता और साफ-सुथरी छवि के लिए उन्हें अलग पहचान मिली।

    Former Home Minister Shivraj Patel Death लातूर में अंतिम सांस, कांग्रेस में शोक

    निधन की खबर सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। महाराष्ट्र के लातूर में उनके निवास पर लोगों का आना शुरू हो गया है। स्थानीय नेताओं ने बताया कि अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे जीवन की लड़ाई हार गए।

    राजनीतिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान

    • शिवराज पाटिल ने गृह मंत्री के रूप में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए।
    • 26/11 मुंबई हमले के समय देश के गृह मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल सबसे अधिक चर्चित रहा।
    • वे लोकसभा के स्पीकर भी रह चुके हैं और संसदीय मर्यादाओं को लेकर हमेशा संवेदनशील रहे।
    • भारतीय राजनीति में उन्होंने संयम, शालीनता और संतुलन को प्राथमिकता दी, जिसका प्रभाव आज भी देखा जा सकता है।

    श्रद्धांजलियों का सिलसिला जारी

    कांग्रेस अध्यक्ष, कई वर्तमान और पूर्व मंत्रियों, सांसदों व विधायकों ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि व्यक्त की है। कई नेताओं ने कहा कि पाटिल का जाना भारतीय राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और कई वरिष्ठ राजनीतिक चेहरे लातूर पहुंचकर अंतिम दर्शन कर सकते हैं।

    अंतिम संस्कार की तैयारी

    स्थानीय प्रशासन के अनुसार, अंतिम संस्कार की तैयारी लातूर में की जा रही है। परिवार ने बताया कि अंतिम संस्कार शाम तक किया जा सकता है। पूरे लातूर जिले में उनके समर्थक गहरे शोक में डूबे हैं।

  • अर्द्धसैनिक बलों की 574 कंपनियां, रेड कॉरिडोर पर प्रहार, 29 टॉप नक्सल कमांडर्स का ऐसे हुआ खात्मा

    अर्द्धसैनिक बलों की 574 कंपनियां, रेड कॉरिडोर पर प्रहार, 29 टॉप नक्सल कमांडर्स का ऐसे हुआ खात्मा

    2019 के बाद से देश में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई ने निर्णायक मोड़ ले लिया है। सरकार के अनुसार, अर्द्धसैनिक बलों की 574 कंपनियों को रेड कॉरिडोर इलाकों में तैनात कर व्यापक अभियान चलाया गया, जिसके परिणामस्वरूप अब तक 29 टॉप नक्सल कमांडर्स का खात्मा किया जा चुका है। लोकसभा में दी गई इस जानकारी से साफ है कि केंद्र सरकार नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही है।

    गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सदन में बताया कि वर्ष 2019 से लेकर अब तक सुरक्षा बलों ने कई बड़े ऑपरेशनों को अंजाम दिया। खास बात यह है कि साल 2025 में ही 14 केंद्रीय समिति और पोलित ब्यूरो स्तर के नक्सली नेता मारे गए, जो संगठन की रीढ़ माने जाते थे। इन शीर्ष नेताओं के मारे जाने से नक्सली नेटवर्क को भारी झटका लगा है और उनकी रणनीतिक क्षमता कमजोर हुई है।

    सरकार के मुताबिक, नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या में भी ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। एक समय देश में 126 जिले नक्सल प्रभाव में थे, जो अब घटकर सिर्फ 11 जिले रह गए हैं। यह बदलाव सुरक्षा बलों की संयुक्त रणनीति, आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल, बेहतर खुफिया तंत्र और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय का परिणाम माना जा रहा है।

    रेड कॉरिडोर में चलाए गए अभियानों के तहत अर्द्धसैनिक बलों के अलावा राज्य पुलिस, कोबरा कमांडो और अन्य विशेष इकाइयों को भी सक्रिय किया गया। इन बलों ने दुर्गम जंगलों और पहाड़ी इलाकों में नक्सलियों के ठिकानों को नष्ट किया, हथियार भंडार जब्त किए और उनकी सप्लाई चेन को भी तोड़ा। साथ ही, सरकार ने विकास और पुनर्वास पर भी जोर दिया, ताकि स्थानीय आबादी को नक्सल प्रभाव से बाहर लाया जा सके।

    गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूरी तरह से खात्मा करना है। उनके अनुसार, लगातार कमजोर पड़ते नक्सली संगठन, सीमित होते प्रभावित इलाके और शीर्ष नेतृत्व का सफाया इस दिशा में सकारात्मक संकेत हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि नक्सलवाद पर यह निर्णायक प्रहार केवल सैन्य कार्रवाई का नतीजा नहीं है, बल्कि इसके साथ-साथ विकास योजनाओं, सड़क और संचार सुविधाओं, शिक्षा तथा रोजगार के विस्तार ने भी अहम भूमिका निभाई है। कुल मिलाकर, रेड कॉरिडोर पर जारी यह सख्त अभियान देश को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में निर्णायक साबित होता नजर आ रहा है।

  • WeatherAlert: दिल्ली में कड़ाके की ठंड कब पड़ेगी? अगले हफ्ते का मौसम अलर्ट जारी

    WeatherAlert: दिल्ली में कड़ाके की ठंड कब पड़ेगी? अगले हफ्ते का मौसम अलर्ट जारी

    WeatherAlert: दिसंबर के 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन राजधानी में अभी तक कड़ाके की ठंड ने दस्तक नहीं दी है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि दिल्ली में ठंड कब पड़ेगी। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले हफ्ते से दिल्ली के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

    IMD के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से न्यूनतम तापमान में गिरावट आने की संभावना है। सुबह और रात के समय ठंडी हवाएं चलेंगी, जिससे ठिठुरन बढ़ेगी। इसके साथ ही कई इलाकों में घना कोहरा छाने का अनुमान है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि सप्ताह के मध्य तक तापमान सामान्य से नीचे जा सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम अलर्ट का पालन करने की सलाह दी गई है। दिल्ली में ठंड कब पड़ेगी—इसका जवाब अगले कुछ दिनों में साफ होता नजर आएगा।

  • PM Modi in Parliament: ‘वंदे मातरम् बोलने पर दी जाती थी सजा’ 

    PM Modi in Parliament: ‘वंदे मातरम् बोलने पर दी जाती थी सजा’ 

    PM Modi in Parliament:   भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में संसद में इस पर विशेष चर्चा का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वंदे मातरम के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और स्वतंत्रता संग्राम की चेतना रहा है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि बंगाल विभाजन के समय वंदे मातरम अंग्रेजी हुकूमत की आंखों की किरकिरी बन गया था। यह गीत जन-जन की आवाज बन चुका था। छोटे-छोटे बच्चे, महिलाएं और युवा सड़कों पर इसे गाने लगे थे। अंग्रेजों के अत्याचार झेलते हुए भी भारतीय स्वतंत्रता सेनानी केवल वंदे मातरम का ही उद्घोष करते थे।

    उन्होंने कहा कि यह वही गीत था, जिसने लोगों में स्वदेशी आंदोलन की चेतना जगाई। विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार से लेकर आत्मनिर्भर भारत की सोच तक, वंदे मातरम एक मंत्र के रूप में कार्य करता रहा। प्रधानमंत्री ने सवाल उठाया कि इतना लोकप्रिय और प्रेरणादायक गीत होने के बावजूद पिछली सदी में इसके साथ अन्याय कैसे हुआ, और किस तरह इसे विवादों में घसीटने की कोशिश की गई।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम को केवल एक धार्मिक या क्षेत्रीय दृष्टि से देखना इसके साथ ऐतिहासिक अन्याय है। यह गीत भारत की आज़ादी, बलिदान और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नई पीढ़ी को वंदे मातरम के इतिहास और महत्व से अवगत कराना समय की आवश्यकता है।

    इससे पहले संसद परिसर में भाजपा सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत “वंदे मातरम” के नारों के साथ किया। संसद का माहौल राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत नजर आया। यह चर्चा न केवल इतिहास को स्मरण करने का अवसर है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ने का भी माध्यम बनेगी।वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होना देश के लिए गर्व का विषय है और यह संदेश देता है कि राष्ट्र की भावना समय से परे होती है

  • OYO रूम बुकिंग में आधार फोटोकॉपी बंद, UIDAI लाएगा नया सख्त नियम

    OYO रूम बुकिंग में आधार फोटोकॉपी बंद, UIDAI लाएगा नया सख्त नियम

    अब OYO रूम आधार फोटोकॉपी नियम को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। आधार कार्ड जारी करने वाली संस्था UIDAI आधार की सुरक्षा को और मजबूत करने के उद्देश्य से पेपर-बेस्ड वेरिफिकेशन सिस्टम को धीरे-धीरे समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है। नए नियम लागू होने के बाद होटल, गेस्ट हाउस और इवेंट मैनेजमेंट कंपनियां ग्राहकों से आधार कार्ड की कागजी फोटोकॉपी अपने पास नहीं रख सकेंगी

    अब तक देशभर में OYO सहित कई होटल चेक-इन के समय पहचान के तौर पर आधार कार्ड की कॉपी जमा करवाते थे। UIDAI का मानना है कि इस प्रक्रिया से आधार डेटा के दुरुपयोग और लीक होने का खतरा बना रहता है। इसी को देखते हुए OYO रूम आधार फोटोकॉपी नियम में यह बदलाव प्रस्तावित किया गया है, जिससे यूजर्स की प्राइवेसी सुरक्षित रह सके।

    UIDAI की नई व्यवस्था के तहत होटल और इवेंट कंपनियों को डिजिटल आधार वेरिफिकेशन अपनाना होगा। इसके लिए QR कोड स्कैन, मास्क्ड आधार और ऑनलाइन वेरिफिकेशन जैसे सुरक्षित विकल्पों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे न सिर्फ फर्जी दस्तावेजों पर रोक लगेगी, बल्कि पहचान से जुड़े अपराधों में भी कमी आने की उम्मीद है।

    UIDAI का यह कदम ऐसे समय आया है, जब देश में डेटा सुरक्षा और डिजिटल प्राइवेसी को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, कागज आधारित आधार सत्यापन बंद होने से आम नागरिकों को अपने व्यक्तिगत दस्तावेज दूसरों को सौंपने की मजबूरी नहीं रहेगी। OYO रूम आधार फोटोकॉपी नियम लागू होने से होटल चेक-इन प्रक्रिया भी पहले से अधिक पारदर्शी और सुरक्षित हो जाएगी।

    इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा आम ग्राहकों को होगा। अब उन्हें होटल बुकिंग या कार्यक्रमों में भाग लेने के दौरान आधार की फोटोकॉपी देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। UIDAI का स्पष्ट कहना है कि आधार डेटा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आने वाले समय में यह नियम पूरे देश में लागू किया जा सकता है, जिससे डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और मजबूत कदम माना जा रहा है।

  • Right to Disconnect Bill 2025 क्या है? ऑफिस टाइम के बाद बॉस के कॉल-मैसेज से मिलेगी राहत

    Right to Disconnect Bill 2025 क्या है? ऑफिस टाइम के बाद बॉस के कॉल-मैसेज से मिलेगी राहत

    Right to Disconnect Bill 2025- नई दिल्ली | ऑफिस का काम खत्म होने के बाद भी लगातार आने वाले बॉस के फोन कॉल, व्हाट्सऐप मैसेज और ईमेल से परेशान कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने लोकसभा में ‘राइट टू डिस्कनेक्ट बिल 2025’ पेश किया है। इस बिल का उद्देश्य कर्मचारियों को ऑफिस टाइम के बाद दफ्तर के मानसिक तनाव से मुक्त कराना और वर्क-लाइफ बैलेंस को मजबूत बनाना है।

    इस बिल के तहत कर्मचारियों को यह कानूनी अधिकार मिलेगा कि वे ऑफिस आवर के बाद या छुट्टियों के दौरान किसी भी काम से जुड़े कॉल, ईमेल या मैसेज का जवाब देने के लिए बाध्य नहीं होंगे। अगर कोई कर्मचारी इन समयों में जवाब नहीं देता है, तो उसके खिलाफ कोई दंड, जुर्माना, वेतन कटौती या अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जा सकेगी।

    सुप्रिया सुले द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव का मकसद साफ है—कर्मचारी अपने निजी जीवन को बिना तनाव के जी सकें और मानसिक रूप से स्वस्थ रहें। आज के डिजिटल युग में मोबाइल और इंटरनेट के कारण कर्मचारी हर वक्त “ऑन-ड्यूटी” महसूस करने लगे हैं, जिससे तनाव और थकान तेजी से बढ़ रही है।

    एम्प्लॉयी वेलफेयर अथॉरिटी का प्रावधान

    राइट टू डिस्कनेक्ट बिल 2025 में एक महत्वपूर्ण प्रावधान ‘एम्प्लॉयी वेलफेयर अथॉरिटी’ के गठन का भी है। यह अथॉरिटी एक निगरानी संस्था के रूप में काम करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी कंपनी या संस्थान द्वारा कर्मचारियों के अधिकारों का उल्लंघन न किया जाए। यदि किसी कर्मचारी पर ऑफिस टाइम के बाद भी काम का दबाव डाला जाता है, तो वह इस अथॉरिटी के पास शिकायत दर्ज करा सकेगा।

    वर्क फ्रॉम होम में बढ़ा कर्मचारियों का शोषण

    कोविड-19 महामारी के बाद भारत समेत पूरी दुनिया में वर्क फ्रॉम होम का चलन बढ़ा, लेकिन इसके साथ ही कर्मचारियों पर काम का दबाव भी कई गुना हो गया। ऑफिस आवर की स्पष्ट सीमा खत्म हो गई और कई कर्मचारी देर रात तक ऑनलाइन रहने को मजबूर हो गए। लगातार स्क्रीन के सामने रहने और हर समय उपलब्ध रहने की अपेक्षा ने मानसिक तनाव, डिप्रेशन और बर्नआउट जैसी समस्याओं को जन्म दिया।ऐसे में राइट टू डिस्कनेक्ट बिल 2025 को करोड़ों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत और उनके मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

  • Modi–Putin Summit LIVE: पुतिन ने राजघाट विजिटर्स बुक में क्या लिखा?

    Modi–Putin Summit LIVE: पुतिन ने राजघाट विजिटर्स बुक में क्या लिखा?

    Modi–Putin Summit LIVE: नई दिल्ली। भारत-रूस शिखर वार्ता (Modi–Putin Summit) के दूसरे दिन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार सुबह राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने विजिटर्स बुक में एक विशेष संदेश लिखा, जिसमें उन्होंने गांधी जी को “आधुनिक भारतीय राज्य के प्रमुख संस्थापकों में से एक” और “विश्व शांति के महान संदेशवाहक” के रूप में नमन किया।

    पुतिन ने अपने संदेश को रूसी भाषा में लिखा और महात्मा गांधी के विचारों को आज की वैश्विक परिस्थितियों में प्रासंगिक बताया। उन्होंने लिखा“आधुनिक भारतीय राज्य के संस्थापकों में से एक, महान विचारक और मानवतावादी महात्मा गांधी ने विश्व शांति के उद्देश्य में अमिट योगदान दिया। स्वतंत्रता, नैतिकता और मानवीयता पर उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।”

    राजघाट पर पुतिन की मौजूदगी और उनका यह संदेश भारत-रूस संबंधों की गहराई को दर्शाता है। यह पहली बार है जब उन्होंने शिखर वार्ता से पहले गांधी जी को समर्पित यह विस्तृत संदेश सार्वजनिक रूप से साझा किया है। इससे पहले भी पुतिन कई मौकों पर गांधी जी का उल्लेख कर चुके हैं, लेकिन इस बार उनका वक्तव्य कूटनीतिक रूप से अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है।पुतिन के इस कदम को वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका और गांधी दर्शन की निरंतर प्रासंगिकता से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, विश्व राजनीति में बढ़ती तनावपूर्ण परिस्थितियों के बीच पुतिन का ‘विश्व शांति’ का संदर्भ एक बड़ा संदेश है।शिखर वार्ता के आगे बढ़ते हुए, दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और सामरिक सहयोग पर महत्वपूर्ण घोषणाओं की उम्मीद की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात को भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने वाला बताया जा रहा है।राजघाट पर लिखे संदेश ने इस बैठक को एक भावनात्मक और ऐतिहासिक स्वर भी प्रदान किया है, जो आने वाले समय में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है।

  • Putin India Visit LIVE: पुतिन आज राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत के बाद राजघाट जाएंगे, भारत-रूस शिखर सम्मेलन पर दुनियाभर की नजर

    Putin India Visit LIVE: पुतिन आज राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत के बाद राजघाट जाएंगे, भारत-रूस शिखर सम्मेलन पर दुनियाभर की नजर

    Putin India Visit LIVE: भारत और रूस के संबंधों के लिए आज का दिन बेहद अहम होने वाला है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपनी दो दिवसीय भारत यात्रा के दूसरे दिन की शुरुआत राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत से करेंगे। सुबह राष्ट्रपति भवन परिसर में तीनों सेनाएं उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देंगी। इसके बाद पुतिन राजघाट जाकर महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

    आज का दिन कूटनीति, रक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी सहयोग के लिहाज से निर्णायक माना जा रहा है। रूसी प्रतिनिधिमंडल आज भारत के साथ व्यापार, अर्थव्यवस्था, विज्ञान, तकनीक और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में विस्तृत चर्चा करेगा। इसके साथ ही दोनों देश 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे, जहां वैश्विक मुद्दों से लेकर क्षेत्रीय स्थिरता और रक्षा सहयोग तक कई अहम बिंदुओं पर बात होगी।

    पहले दिन PM मोदी ने पुतिन का किया प्रोटोकॉल तोड़कर स्वागत

    गुरुवार, 4 दिसंबर की शाम पुतिन का विमान दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर उतरे। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर खुद एयरपोर्ट पहुंचकर उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट से दोनों नेता एक ही कार से पीएम आवास पहुंचे। पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक आवास पर पुतिन के लिए विशेष डिनर का आयोजन किया।सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच लगभग 3 घंटे लंबी वार्ता हुई, जिसमें रक्षा साझेदारी, ऊर्जा सहयोग, एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा, और रूस-यूक्रेन संघर्ष की चुनौतियों पर चर्चा शामिल रही।

    दुनिया की नजरें आज होने वाले शिखर सम्मेलन पर टिकीं

    आज होने वाला भारत-रूस शिखर सम्मेलन दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों को नई दिशा दे सकता है। उम्मीद है कि कई महत्वपूर्ण समझौतों और नए आर्थिक सहयोग पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। खासकर ऊर्जा, रक्षा उत्पादन, व्यापार मार्ग, स्पेस टेक्नोलॉजी और डिजिटल साझेदारी पर बड़ी प्रगति की संभावना है।

    भारत और रूस दोनों ही देशों के बीच दशकों पुराने भरोसे और रणनीतिक मित्रता को और मजबूत करने के लिए इस यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज दिनभर की गतिविधियों पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी रहेंगी।

  • पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पति स्वराज कौशल का निधन: 73 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

    पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पति स्वराज कौशल का निधन: 73 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

    भारतीय राजनीति और कानून के जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। पूर्व केंद्रीय विदेश मंत्री स्वर्गीय सुषमा स्वराज के पति, वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व राज्यपाल स्वराज कौशल का आज (4 दिसंबर 2025) निधन हो गया। 73 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। दिल्ली बीजेपी ने उनकी मृत्यु की पुष्टि करते हुए कहा कि देश ने एक सच्चे, सरल और सिद्धांतवादी प्रशासक को खो दिया है।

    स्वराज कौशल भारतीय न्याय व्यवस्था और राजनीतिक इतिहास में एक सम्मानित नाम रहे हैं। वे सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में लंबे समय तक कार्यरत रहे। उनकी कानूनी समझ, तेज निर्णय क्षमता और राष्ट्रहित के मुद्दों पर स्पष्ट विचारधारा उन्हें देश के प्रतिष्ठित विधि विशेषज्ञों की श्रेणी में रखती थी।

    मिजोरम के पूर्व राज्यपाल रहे थे स्वराज कौशल

    200 किलोमीटर लंबे विद्रोही संघर्ष को शांत कराने और मिजोरम में शांति बहाली के लिए वे 1970–80 के दशक में महत्वपूर्ण भूमिका में रहे। उनकी सूझबूझ और प्रशासनिक दक्षता के कारण 1990 में उन्हें मिजोरम का राज्यपाल नियुक्त किया गया। उस समय वे देश के सबसे युवा राज्यपालों में شمار हुए।

    सार्वजनिक जीवन में सरलता और ईमानदारी की मिसाल

    सार्वजनिक जीवन में स्वराज कौशल की पहचान हमेशा सौम्य, ईमानदार और जनहित के लिए प्रतिबद्ध नेता के रूप में रही। उनकी पत्नी सुषमा स्वराज के कार्यकाल के दौरान भी वे एक सशक्त लेकिन शांत सलाहकार की भूमिका में रहे। राजनीतिक जीवन से जुड़ी तमाम जटिल परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने कभी भी सार्वजनिक मर्यादा और नैतिकता से समझौता नहीं किया।

    आज होगा अंतिम संस्कार

    दिल्ली बीजेपी के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार आज शाम 4:30 बजे लोधी रोड श्मशान घाट पर किया जाएगा। अनेक वरिष्ठ नेता, केंद्रीय मंत्री, न्याय जगत के दिग्गज और परिवार के करीबी लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचेंगे।देश भर में सोशल मीडिया पर लोग उनकी सरलता, सेवा और विनम्रता को याद कर श्रद्धांजलि दे रहे हैं। स्वराज कौशल का यूं अचानक जाना राजनीतिक और विधिक जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

  • ‘मन की बात’ में PM मोदी ने की Gen-Z, इसरो ड्रोन चैलेंज, राम मंदिर और महिला खिलाड़ियों की जमकर सराहना

    ‘मन की बात’ में PM मोदी ने की Gen-Z, इसरो ड्रोन चैलेंज, राम मंदिर और महिला खिलाड़ियों की जमकर सराहना

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 128वें एपिसोड में देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने खाद्यान्न उत्पादन में ऐतिहासिक उपलब्धि, अयोध्या राम मंदिर की ऐतिहासिक घटनाओं, महिला खिलाड़ियों की सफलता और इसरो की अनोखी ड्रोन प्रतियोगिता में Gen-Z युवाओं के प्रयासों की सराहना की।

    युवाओं और इसरो की ड्रोन प्रतियोगिता का जिक्र
    PM मोदी ने कहा कि नवंबर महीना कई प्रेरणाओं से भरा हुआ था। इसी क्रम में उन्होंने इसरो द्वारा आयोजित एक अनोखी ड्रोन प्रतियोगिता का उल्लेख किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। इस प्रतियोगिता में देशभर के युवा और खासकर Gen-Z प्रतिभागियों ने मंगल ग्रह जैसी परिस्थितियों में ड्रोन उड़ाने का प्रयास किया। मंगल पर GPS न होने की वजह से ड्रोन को केवल अपने कैमरों और इनबिल्ट सॉफ्टवेयर के सहारे दिशा, ऊंचाई और बाधाओं का अनुमान लगाना था।उन्होंने बताया कि कई ड्रोन लगातार गिरते रहे, लेकिन पुणे के युवाओं की एक टीम ने कई असफलताओं के बाद भी सफलता हासिल की। PM मोदी ने इसे चंद्रयान-2 की असफलता और चंद्रयान-3 की सफलता से जोड़ते हुए कहा कि “युवाओं की यह लगन भारत की सबसे बड़ी ताकत है।”

    राम मंदिर और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का जिक्र
    प्रधानमंत्री ने कहा कि नवंबर माह में देश ने कई ऐतिहासिक क्षण देखे—26 नवंबर को संविधान दिवस पर संसद के सेंट्रल हॉल में विशेष कार्यक्रम, अयोध्या में राम मंदिर पर धर्मध्वजा का आरोहण, और कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में पंचजन्य स्मारक का लोकार्पण।

    महिला खिलाड़ियों की तारीफ
    PM मोदी ने भारतीय महिला खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि भारत ने टोक्यो में हुए डेफ ओलंपिक्स में 20 मेडल, महिला कबड्डी टीम ने कबड्डी वर्ल्ड कप, और खिलाड़ियों ने वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में भी 20 मेडल जीते।उन्होंने विशेष रूप से भारतीय महिला टीम द्वारा ब्लाइंड क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने की उपलब्धि का उल्लेख किया और कहा कि यह जीत देश के खेल इतिहास की सबसे प्रेरणादायक उपलब्धियों में से एक है।

    खाद्यान्न उत्पादन में ऐतिहासिक रिकॉर्ड
    प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि भारत ने 357 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन के साथ एक नया रिकॉर्ड बनाया है, जो 10 साल पहले की तुलना में 100 मिलियन टन अधिक है।अंत में PM मोदी ने महाभारत अनुभव केंद्र का उल्लेख करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र में अब लोग 3D, लाइट एंड साउंड और डिजिटल तकनीक के माध्यम से महाभारत का अनुभव कर सकते हैं।