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Category: दिल्ली

  • SIR2026 : SIR फॉर्म ऑनलाइन कैसे भरें, घर बैठे वोटर लिस्ट अपडेट करने का आसान तरीका

    SIR2026 : SIR फॉर्म ऑनलाइन कैसे भरें, घर बैठे वोटर लिस्ट अपडेट करने का आसान तरीका

    चुनाव आयोग ने 4 नवंबर 2025 से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) 2026 प्रक्रिया शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और देश के 12 अन्य राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया चल रही है। इसका मकसद वोटर लिस्ट को अपडेट करना और फर्जी मतदाताओं की पहचान करना है। इसके लिए BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) घर-घर जाकर गणना प्रपत्र भर रहे हैं।अगर आप अभी तक BLO से फॉर्म नहीं भरवा पाए हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप SIR फॉर्म पूरी तरह ऑनलाइन भर सकते हैं।

    SIR फॉर्म ऑनलाइन भरने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

    1. सबसे पहले चुनाव आयोग का आधिकारिक पोर्टल खोलें।
    2. Special Intensive Revision (SIR)–2026 पर क्लिक करें।
    3. अपने EPIC नंबर, मोबाइल नंबर या Email ID से लॉग इन करें।
    4. Fill Enumeration Form पर क्लिक करें और स्क्रीन पर अपना प्रदेश चुनें।
    5. EPIC नंबर डालकर सर्च करें। आपकी वोटर डिटेल और BLO की जानकारी दिख जाएगी।
    6. नाम, EPIC नंबर, सीरियल नंबर, पार्ट नंबर, विधानसभा/लोकसभा क्षेत्र जैसी डिटेल चेक करें।
    7. मोबाइल नंबर डालकर OTP वेरिफिकेशन करें। नोट: मोबाइल नंबर वोटर कार्ड से लिंक होना जरूरी है। अगर लिंक नहीं है, तो ऑनलाइन फॉर्म 8 भरकर लिंक करें।

    SIR वेरिफिकेशन के तीन विकल्प

    • मेरा नाम पिछले SIR की वोटर लिस्ट में है।
    • मेरे माता-पिता या दादा/दादी का नाम पिछले SIR की लिस्ट में है।
    • ना तो मेरा और ना ही माता-पिता का नाम सूची में है।

    आधार लिंकिंग आवश्यक

    ऑनलाइन फॉर्म भरते समय आधार कार्ड जरूरी है। आधार नंबर डालकर OTP वेरिफिकेशन पूरा करें। ध्यान रखें कि नाम आधार और वोटर कार्ड में समान होना चाहिए और मोबाइल नंबर आधार से लिंक होना चाहिए।फॉर्म सबमिट होने के बादसबमिट करने के बाद स्क्रीन पर संदेश आएगा:“आपका गणना फॉर्म सफलतापूर्वक सबमिट कर दिया गया है।”
    SIR 2026 Receiver Slip/Receipt डाउनलोड करके भविष्य के लिए सुरक्षित रखें।

    ध्यान दें: फॉर्म भरने की अंतिम तारीख 4 दिसंबर 2025 है। घर बैठे यह प्रक्रिया पूरी करना सुरक्षित और आसान विकल्प है।

  • National Herald Case Hearing: सोनिया–राहुल से जुड़े मामले में ED की चार्जशीट पर कोर्ट का फैसला अब 16 दिसंबर को

    National Herald Case Hearing: सोनिया–राहुल से जुड़े मामले में ED की चार्जशीट पर कोर्ट का फैसला अब 16 दिसंबर को

    National Herald Case Hearing: नेशनल हेराल्ड केस में दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट को ईडी (ED) की चार्जशीट पर अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाना था, लेकिन अदालत ने आदेश को एक बार फिर टाल दिया है। इस मामले में अब फैसला 16 दिसंबर को सुनाया जाएगा। पिछली सुनवाई में भी कोर्ट ने कहा था कि केस फाइलों को दोबारा बारीकी से देखने की आवश्यकता है, इसलिए तत्काल फैसला देना संभव नहीं है।

    National Herald Case Hearing: किन-किन नेताओं पर है मामला दर्ज?

    ईडी ने अपनी चार्जशीट में कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को आरोपी नामित किया है। इनमें शामिल हैं

    • सोनिया गांधी, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष
    • राहुल गांधी, सांसद
    • दिवंगत नेता मोतीलाल वोरा
    • दिवंगत ऑस्कर फर्नांडिस
    • सुमन दुबे
    • सैम पित्रोदा
    • और कंपनी यंग इंडियन

    ED का आरोप है कि इन सभी ने मिलकर साजिश के तहत एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की करीब 2,000 करोड़ रुपये की संपत्तियों पर कब्जा किया।यह मामला मूल रूप से पूर्व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत पर आधारित है, जिन्होंने आरोप लगाया था कि कांग्रेस नेताओं ने फंड का दुरुपयोग किया और पार्टी द्वारा दिए गए कर्ज का गलत इस्तेमाल किया।

    National Herald Case Hearing: क्या है नेशनल हेराल्ड केस?

    एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) ‘नेशनल हेराल्ड’ अखबार प्रकाशित करता था। ED के अनुसारAJL पर कांग्रेस का 90 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज था।यह कर्ज यंग इंडियन कंपनी को ट्रांसफर किया गया।गांधी परिवार के पास यंग इंडियन में 76% शेयर थे।ED का आरोप है कि इस प्रक्रिया के तहत ‘कर्ज चुकाने’ के नाम पर AJL की करोड़ों की संपत्तियां हड़प ली गईं।चार्जशीट में यह भी दावा किया गया है कि इस लेन-देन से AJL की प्रॉपर्टी यंग इंडियन को अवैध तरीके से ट्रांसफर हुई, जबकि इसके लिए न तो उचित भुगतान हुआ और न ही कोई पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई गई।

    National Herald Case Hearing: अब आगे क्या?

    राउज़ एवेन्यू कोर्ट 16 दिसंबर को यह तय करेगी किED की चार्जशीट पर संज्ञान लिया जाएगा या नहीं,और क्या आरोपियों के खिलाफ आगे सुनवाई बढ़ेगी।यह फैसला इस लंबे समय से चल रहे विवादित राजनीतिक-आर्थिक केस का अगला बड़ा पड़ाव माना जा रहा है।

  • West Bengal Earthquake Today : भूकंप के झटकों से दहला पश्चिम बंगाल, रिक्टर स्केल पर रही 5.5 की तीव्रता | जानें क्यों आते हैं भूकंप

    West Bengal Earthquake Today : भूकंप के झटकों से दहला पश्चिम बंगाल, रिक्टर स्केल पर रही 5.5 की तीव्रता | जानें क्यों आते हैं भूकंप

    West Bengal Earthquake Today कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आज सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिसके बाद कई जिलों में लोगों में दहशत का माहौल देखा गया। यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.5 दर्ज की गई। भूकंप सुबह 10:08:26 बजे आया और इसकी गहराई 10 किलोमीटर मापी गई। सतह के पास भूकंप की इतनी कम गहराई होने के कारण झटके ज्यादा मजबूत महसूस किए गए।हालांकि राहत की बात यह है कि अभी तक किसी नुकसान की जानकारी नहीं मिली है


    आखिर क्यों आते हैं भूकंप? जानें धरती की वैज्ञानिक प्रक्रिया

    भूकंप को समझने के लिए पहले धरती की बनावट को समझना जरूरी है। धरती की बाहरी परत—जिसे क्रस्ट और ऊपरी मेंटल कहा जाता है—लगभग 15 टेक्टॉनिक प्लेटों से मिलकर बनी होती है। ये प्लेट स्थिर नहीं हैं, बल्कि धीमी गति से लगातार मूव करती रहती हैं।

    1. प्लेटों का टकराना और रगड़ खाना

    जब ये प्लेट एक-दूसरे के पास आती हैं, टकराती हैं या उलटी दिशा में रगड़ खाती हैं, तो इनके बीच पैदा होने वाला तनाव बढ़ता जाता है।

    2. फ्रिक्शन (घर्षण) के कारण प्लेटों का अटक जाना

    USGS (यूएस जियोलॉजिकल सर्वे) के अनुसार, ये प्लेटें चलते समय किनारों पर घर्षण के कारण अटक जाती हैं, जिससे तनाव जमा होता रहता है।

    3. तनाव बढ़ने पर ऊर्जा का विस्फोट

    जब यह तनाव फ्रिक्शन से ज्यादा हो जाता है, तो अचानक एनर्जी रिलीज होती है। यही ऊर्जा भूकंप तरंग बनकर धरती की सतह तक पहुँचती है और झटकों के रूप में महसूस होती है।

    4. रिक्टर स्केल पर माप

    झटकों की तीव्रता को रिक्टर स्केल पर मापा जाता है।
    आज पश्चिम बंगाल का भूकंप मध्यम स्तर (5.5) का माना जा रहा है।


    बंगाल में झटकों का प्रभाव

    • कई जिलों में लोगों ने घरों और दफ्तरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों पर शरण ली।
    • भूकंप की गहराई कम होने से कंपन ज्यादा महसूस हुआ।
    • प्रशासन अलर्ट मोड पर है, फिलहाल कोई जनहानि या नुकसान की रिपोर्ट नहीं
  • दिल्ली में बढ़ा प्रदूषण स्तर : AQI 361, कई स्टेशन 400 पार; GRAP-3 और GRAP-4 से बचने की कोशिश तेज

    दिल्ली में बढ़ा प्रदूषण स्तर : AQI 361, कई स्टेशन 400 पार; GRAP-3 और GRAP-4 से बचने की कोशिश तेज

    दिल्ली में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। शनिवार और रविवार को एयर क्वालिटी लगातार खराब श्रेणी में दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का कुल एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) रविवार को 361 पहुंच गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं, दिल्ली के नौ मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 400 के पार दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ स्तर का संकेत है।

    बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को आंखों में जलन, खांसी, सिरदर्द और सांस लेने में दिक्कत जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो हवा में धूल, धुआं और नमी बढ़ने से हालात और बिगड़ सकते हैं।सरकार और प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियां इस बार GRAP-3 और GRAP-4 जैसे कड़े प्रतिबंध लागू करने से बचने की पूरी कोशिश कर रही हैं। इसके लिए एजेंसियों को धूल फैलाने वाली गतिविधियों, प्रदूषणकारी गाड़ियों और कूड़ा जलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

    एमसीडी को भी कूड़ा और निर्माण मलबा उठाने की प्रक्रिया तेज करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि सड़कों पर जमा धूल और कचरा प्रदूषण को और न बढ़ाए।प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियों का कहना है कि यदि प्रदूषण का स्तर आगे और बढ़ा तो सख्त कदम उठाने पड़ सकते हैं। फिलहाल अधिकारी स्थितियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

  • नई दिल्ली मोंथा तूफान का असर: दिल्ली में नहीं दिखी धूप, बढ़ी सर्दी और प्रदूषण; 31 अक्टूबर को कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

    नई दिल्ली मोंथा तूफान का असर: दिल्ली में नहीं दिखी धूप, बढ़ी सर्दी और प्रदूषण; 31 अक्टूबर को कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

    नई दिल्ली।मोंथा तूफान भले ही अब कमजोर पड़ चुका हो, लेकिन इसका असर अभी भी उत्तर भारत के मौसम पर साफ नजर आ रहा है। खासकर दिल्ली, यूपी और बिहार समेत कई राज्यों में पिछले तीन दिनों से धूप के दर्शन नहीं हुए हैं। आसमान में लगातार घने बादल और धुंध छाई हुई है, जिससे राजधानी में दिनभर ठंडक महसूस की जा रही है।

    दिल्ली में अब पंखों की हवा में भी ठंडक महसूस हो रही है और लोग नहाने के लिए गर्म पानी का सहारा लेने लगे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, लगातार हो रही बारिश से पारा नीचे जा रहा है और अक्टूबर के अंतिम दिनों में ही सर्दी ने दस्तक दे दी है।

    मौसम विभाग ने बताया कि शुक्रवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। सुबह और शाम हल्का कोहरा देखने को मिलेगा, जबकि दिन में आंशिक बादल छाए रहेंगे।

    हालांकि, दिल्ली-एनसीआर में 31 अक्टूबर को बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन उत्तर भारत के कई हिस्सों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि निचले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन का खतरा हो सकता है।

    वहीं, 1 नवंबर से दिल्ली-एनसीआर में मौसम साफ रहने की संभावना है। लेकिन सुबह के समय घना कोहरा और ठंड का अहसास जारी रहेगा। मौसम विभाग ने 1 से 3 नवंबर तक के लिए सर्द हवाओं के असर में बढ़ोतरी का पूर्वानुमान जताया है।4 नवंबर को एक बार फिर दिल्ली-एनसीआर में बादल छाने की संभावना जताई गई है, हालांकि इस दौरान बारिश का कोई अलर्ट नहीं है।

  • नई दिल्ली-नोएडा की हवा जहरीली, आनंद विहार में AQI 429 तक पहुंचा

    नई दिल्ली-नोएडा की हवा जहरीली, आनंद विहार में AQI 429 तक पहुंचा

    नई दिल्ली: दिवाली के पर्व के बाद दिल्ली और नोएडा की हवा में प्रदूषण का स्तर खतरनाक सीमा तक पहुँच गया है। गुरुवार सुबह आनंद विहार में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 429 रिकॉर्ड किया गया। राजधानी दिल्ली का औसत AQI सुबह 6 बजे 332 (बेहद खराब) रहा। वहीं नोएडा में प्रदूषण का स्तर 307 तक पहुंचा।

    पूर्व के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में 20 अक्टूबर को AQI 345, 21 अक्टूबर को 351 और 22 अक्टूबर को 353 रहा। नोएडा में इसी अवधि में प्रदूषण स्तर क्रमशः 325, 320 और 330 दर्ज किया गया। ग्रेटर नोएडा में भी प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़कर 314 तक पहुंच गया।

    विशेषज्ञों का कहना है कि दिवाली के दौरान पटाखों और वाहनों से निकलने वाले धुएँ ने दिल्ली-एनसीआर की हवा को जहरीला बना दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को मास्क पहनने, बाहर कम समय बिताने और बच्चों व बुजुर्गों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी है।

    AQI 300 से ऊपर ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है, जिसमें सभी लोगों के लिए स्वास्थ्य जोखिम बढ़ जाता है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन रोगियों के लिए।

  • Gold Silver Price Drop India -सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, 24 कैरेट सोने में 3700 रुपए से अधिक की कमी

    Gold Silver Price Drop India -सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, 24 कैरेट सोने में 3700 रुपए से अधिक की कमी

    Gold Silver Price Drop India नई दिल्ली,: हाल ही में रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद सोना और चांदी की कीमतों में बुधवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत में करीब 3,700 रुपए से अधिक की कमी आई, जबकि चांदी की कीमत में 10,000 रुपए से अधिक की गिरावट दर्ज हुई।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक बाजारों में डॉलर की मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी है। डॉलर की मजबूती के कारण सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतें गिर रही हैं, जो सीधे भारतीय बाजार में असर डाल रही हैं।

    सोने और चांदी की कीमतों में यह उतार-चढ़ाव निवेशकों के लिए सतर्कता का संकेत है। निवेशक अब अपने सोने और चांदी में निवेश की रणनीति पर पुनर्विचार कर सकते हैं। वहीं, आभूषण कारोबारियों के लिए यह अवसर हो सकता है कि वे ग्राहकों को आकर्षक कीमतों पर सोना और चांदी उपलब्ध कराएँ।

    विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोना और चांदी की कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है, इसलिए निवेशकों को बाजार की चाल पर लगातार नजर रखने की सलाह दी जा रही है।

    सरकारी आंकड़ों और बाजार रिपोर्टों के अनुसार, सोना और चांदी की कीमतें लगातार उतार-चढ़ाव के साथ भारतीय बाजार में ट्रेड कर रही हैं। इनकी अंतरराष्ट्रीय कीमतों के साथ-साथ रुपया–डॉलर के विनिमय दर में बदलाव भी स्थानीय कीमतों पर असर डालता है।

    यदि आप सोने और चांदी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ हफ्तों में बाजार की स्थिति पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।

  • Elephant Population India 2025: देश में हाथियों की संख्या में 25% की कमी, आवास नुकसान और बिजली झटके मुख्य कारण

    Elephant Population India 2025: देश में हाथियों की संख्या में 25% की कमी, आवास नुकसान और बिजली झटके मुख्य कारण

    नई दिल्ली। भारत में हाथियों की संख्या पिछले आठ साल में 25 फीसदी घट गई है। 2017 में देश में कुल 29,964 हाथी थे, जो अब घटकर 22,446 रह गए हैं। यह जानकारी MoEFCC और भारतीय वन्यजीव संस्थान के हालिया अध्ययन में सामने आई है।

    हाथियों की मौत के प्रमुख कारणों में बिजली का झटका, ट्रेन की टक्कर, अवैध शिकार और आवास का नुकसान शामिल हैं। भारतीय वन्यजीव संस्थान के वैज्ञानिक कमर कुरैशी ने बताया कि बिजली के खंभे, खेतों के चारों ओर लगाई गई बाड़, सड़कें और पटरियां हाथियों के आवास को काट रही हैं, जिससे उनका पारिस्थितिक जीवन प्रभावित हो रहा है।

    कुरैशी ने कहा कि भारत में कोई व्यापक भूदृश्य योजना नहीं है जो जैव विविधता और विकासात्मक गतिविधियों को संतुलित रूप से एकीकृत करे। परियोजनाओं को जांच से बचाने के लिए छोटे घटकों में बांट दिया जाता है। इसके परिणामस्वरूप हाथी रेंज के 15 राज्यों में उनकी प्राकृतिक आवासीय गलियारों में विखंडन बढ़ा है।

    विभिन्न क्षेत्रों में हालात

    • पश्चिमी घाट: यहां सबसे अधिक 12,000 हाथी रहते हैं, लेकिन बढ़ते विखंडन के कारण झुंड अलग-थलग पड़ रहे हैं।
    • मध्य भारत: खनन और बस्तियों के विस्तार ने वन क्षेत्रों को काट दिया है, जिससे हाथियों के पारिस्थितिक संतुलन पर खतरा है।

    वन्यजीव संरक्षण विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इन खतरों को नियंत्रित नहीं किया गया, तो हाथियों की संख्या में गिरावट और पारिस्थितिक संकट और गहरा सकता है। विशेषज्ञों ने जंगली हाथियों के लिए सुरक्षित गलियारों और बिजली लाइनों का निर्माण करने की सलाह दी है।

    यह अध्ययन भारत में डीएनए-आधारित हाथी जनसंख्या गणना का पहला परिणाम है, जिससे अब देशभर में हाथियों की वास्तविक संख्या और उनके जीवन पर पड़ रहे खतरे का सही आंकलन संभव हुआ है।

  • रोहित शर्मा और विराट कोहली की अंतरराष्ट्रीय वापसी यादगार नहीं, पर्थ वनडे में जल्दी आउट

    रोहित शर्मा और विराट कोहली की अंतरराष्ट्रीय वापसी यादगार नहीं, पर्थ वनडे में जल्दी आउट

    पर्थ, ऑस्ट्रेलिया भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली ने 223 दिन बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की, लेकिन उनकी शुरुआत उतनी शानदार नहीं रही। पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जा रहे पहले वनडे मैच में रोहित और कोहली दोनों ही आधे घंटे भी क्रीज पर टिक नहीं सके।

    मैच की शुरुआत बारिश और ओवरकास्ट कंडिशन में हुई, जिससे खेल प्रभावित हुआ। भारत ने 8.5 ओवर में तीन विकेट पर सिर्फ 25 रन बनाए। इसके बाद मैच दोबारा शुरू हुआ और 49 ओवर का कर दिया गया। भारतीय टीम ने इस मुकाबले में तीन तेज गेंदबाज और तीन ऑलराउंडरों के साथ उतरी, वहीं ऑस्ट्रेलिया ने भी दो नए खिलाड़ियों को मौका दिया।

    https://nationnowsamachar.com/latest/banke-bihari-treasure-the-160-year-old-treasure-of-banke-bihari-temple-was-opened-on-dhanteras/

    पहला झटका भारत को रोहित शर्मा के रूप में लगा। रोहित ने अपने 500वें अंतरराष्ट्रीय मैच में सिर्फ 16 मिनट खेलकर 14 गेंदों पर 8 रन बनाए और स्लिप में कैच थमा बैठे। इसके बाद विराट कोहली भी बिना खाता खोले मिचेल स्टार्क की गेंद पर पवेलियन लौट गए। इस मैच के दौरान कप्तान शुभमन गिल का भी विकेट जल्दी गिर गया।

    भारत के लिए यह वनडे श्रृंखला का पहला मैच था, जिसमें टीम ने लगातार 16वां टॉस हारा। आखिरी बार भारत ने यह टॉस वनडे विश्व कप 2023 के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ जीता था। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान मिचेल मार्श ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया।हालांकि, रोहित और कोहली की वापसी को लेकर प्रशंसकों में काफी उत्साह था, लेकिन बल्ले से दोनों ही खिलाड़ियों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। इस मैच में भारतीय टीम की खराब शुरुआत ने मैच पर दबाव बढ़ा दिया।

    वहीं, भारत के लिए नया चेहरा नीतीश कुमार रेड्डी वनडे डेब्यू कर रहे हैं, और दर्शकों की नजरें उन पर भी टिकी हैं। पर्थ वनडे में बारिश, ओवरकट और शुरुआती झटके के बावजूद भारतीय टीम जीत के लिए मजबूती दिखाने की कोशिश करेगी।

  • गुजरात: मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंत्रिमंडल का विस्तार, 25 मंत्रियों को दिए विभाग

    गुजरात: मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंत्रिमंडल का विस्तार, 25 मंत्रियों को दिए विभाग

    गांधीनगर, गुजरात।गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर में अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। शपथ ग्रहण के कुछ ही घंटे बाद नए मंत्रियों को विभागों का बंटवारा कर दिया गया।मंत्रिमंडल में कुल 25 राज्य मंत्री शामिल हैं और सभी को उनके विभागों का आवंटन किया गया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी को गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं, चर्चा का विषय बना कि रवींद्र जडेजा की पत्नी रीवाबा जडेजा को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है।

    इस विस्तार के साथ ही गुजरात सरकार का नया मंत्रिमंडल पूरी तरह से कामकाज के लिए तैयार हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह मंत्रिमंडल भाजपा की नई कार्यशैली और प्रभावी प्रशासनिक संतुलन का प्रतीक है।

    मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शपथ ग्रहण समारोह और विभाग आवंटन के बाद कहा कि उनका मंत्रिमंडल राज्य के विकास, जनता की भलाई और नई योजनाओं के क्रियान्वयन पर केंद्रित रहेगा। उन्होंने सभी मंत्रियों से अपेक्षा जताई कि वे अपने विभागों में परदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करें।

    विशेष रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, गृह मंत्रालय और वित्त विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी अब नए मंत्रियों के हाथों में है। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सरकार ने स्पष्ट किया कि राज्य के सभी विभाग प्रभावी ढंग से कार्य करेंगे और जनता के मुद्दों का शीघ्र समाधान किया जाएगा।

    राजनीतिक जानकारों के अनुसार, इस विस्तार के पीछे मुख्यमंत्री का उद्देश्य राज्य में संतुलित नेतृत्व और नए नेतृत्व को अवसर देना है, जिससे आगामी चुनौतियों और विकास परियोजनाओं में तेजी लाई जा सके।