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  • धनतेरस 2025: दिल्ली से यूपी तक सोने की कीमतों में उछाल, चांदी की गिरावट जारी

    धनतेरस 2025: दिल्ली से यूपी तक सोने की कीमतों में उछाल, चांदी की गिरावट जारी

    नई दिल्ली। धनतेरस 2025 – धनतेरस के शुभ अवसर पर आज सोना और चांदी की बाजार में रिकॉर्ड ऊँचाई और गिरावट देखने को मिली। धार्मिक मान्यता के अनुसार धनतेरस पर सोना और चांदी की खरीदारी विशेष शुभ मानी जाती है। लेकिन इस बार सोने के भाव में अचानक उछाल ने निवेशकों और खरीदारों को चौंका दिया।

    रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली, यूपी और मुंबई के बाजारों में सोने की कीमत लगातार बढ़ती रही। आज सुबह 12 बजे नए भाव खुलने से पहले सोने का भाव ₹1,34,800 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जिसमें पिछले दिन की तुलना में ₹3,200 की तेजी देखी गई।

    वहीं, चांदी की कीमत में गिरावट देखने को मिली। एक्सपर्ट का कहना है कि धनतेरस पर सोने की खरीदारी बढ़ने से बाजार में तेजी बनी और निवेशक इसे शुभ अवसर मानकर खरीदारी कर रहे हैं।

    कमोडिटी एक्सपर्टने बताया कि सोने की कीमतों में यह तेजी उच्च मांग और निवेशकों की खरीदारी के कारण हुई है। उन्होंने निवेशकों को चेतावनी दी कि सोना फिलहाल ऑल टाइम हाई स्तर पर है, इसलिए निवेश करने से पहले सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि चांदी में अभी गिरावट का रुझान जारी रहेगा और निवेशक इसे ध्यान में रखें।

    विशेषज्ञों के अनुसार, धनतेरस के बाद सोने की कीमतों में गिरावट की संभावना बनी रहती है। इसलिए त्योहार के दौरान यदि खरीदारी की जा रही है, तो सही समय और सही दाम पर ध्यान देना जरूरी है।धनतेरस के मौके पर आम लोग सोना-चांदी की खरीदारी कर धन, समृद्धि और परिवार की सुरक्षा के लिए शुभ कार्य मानते हैं। इस बार सोने की रिकॉर्ड कीमत ने बाजार में उत्साह के साथ-साथ सतर्कता भी बढ़ा दी है।

  • छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ में 208 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 98 पुरुष और 110 महिलाएं शामिल

    छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ में 208 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 98 पुरुष और 110 महिलाएं शामिल

    रायपुर। छत्तीसगढ़ के घने जंगलों और नक्सली गतिविधियों के लिए कुख्यात अबूझमाड़ क्षेत्र में एक बड़ी सफलता सामने आई है। राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त कोशिशों के बाद 208 नक्सलियों ने सरेंडर किया, जिनमें 98 पुरुष और 110 महिलाएं शामिल हैं।

    सरेंडर करने वाले नक्सलियों में विभिन्न कमांडरों और सक्रिय सशस्त्र सदस्यों का भी नाम शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई राज्य में शांति स्थापना और विकास परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से की गई है।

    राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि सरेंडर करने वाले नक्सलियों को सुरक्षा और पुनर्वास योजनाओं के तहत सरकारी मदद दी जाएगी। इसके अलावा, उन्हें आर्थिक सहायता, कौशल प्रशिक्षण और पुनर्वास केंद्रों में रोजगार के अवसर भी प्रदान किए जाएंगे।

    विशेषज्ञों के अनुसार, अबूझमाड़ क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर सरेंडर का होना यह संकेत है कि नक्सलियों पर पुलिस और प्रशासन की मजबूत पकड़ बन रही है। यह राज्य में कानून-व्यवस्था और विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

    सरेंडर की प्रक्रिया के दौरान सभी नक्सली सुरक्षा जांच और मेडिकल परीक्षण के लिए लाए गए। अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि पुनर्वास के दौरान उन्हें समाज में लौटने के लिए सही मार्गदर्शन और मदद मिले।

    राज्य सरकार ने इस बड़ी सफलता को जनता के लिए एक संदेश के रूप में पेश किया है कि नक्सलवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और विकास कार्यों में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी।

  • धनतेरस 2025: सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए अलर्ट! त्योहार के बाद 10-12% तक गिर सकते हैं दाम

    धनतेरस 2025: सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए अलर्ट! त्योहार के बाद 10-12% तक गिर सकते हैं दाम

    नई दिल्ली। देशभर में धनतेरस का पर्व 18 अक्टूबर को बड़े उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस दिन लोग सोना, चांदी, सिक्के और ज्वेलरी खरीदकर मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करते हैं। यही कारण है कि धनतेरस से पहले बाजारों में सोने और चांदी की मांग चरम पर रहती है, जिससे इनके दामों में भी तेजी देखी जाती है।

    हालांकि, त्योहार खत्म होने के बाद इनकी कीमतों में गिरावट आ सकती है। कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया ने बताया कि धनतेरस के बाद सोने के भाव में 10 से 12 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिल सकती है। उन्होंने कहा कि “तकनीकी चार्ट यह दर्शाता है कि इस समय सोने को उम्मीद से ज्यादा खरीदा जा चुका है, जो आने वाले दिनों में करेक्शन (गिरावट) का संकेत दे रहा है।”

    केडिया के मुताबिक, इसी तरह का ट्रेंड पहले भी देखा गया था जब अप्रैल-मई 2025 के दौरान सोने में लगभग 10 फीसदी तक की गिरावट आई थी।

    उन्होंने निवेशकों को चेतावनी दी है कि इस समय सोना या चांदी में निवेश से बचना चाहिए, क्योंकि दोनों धातुएं ऑल टाइम हाई स्तर पर हैं। उन्होंने इसके बजाय तांबा, जिंक और स्टील जैसे बेस मेटल्स में निवेश को बेहतर विकल्प बताया।

    विशेषज्ञों का मानना है कि धनतेरस के बाद जब मांग घटेगी तो कीमतों में स्वाभाविक रूप से नरमी आएगी। हालांकि, कीमतों में गिरावट कितनी होगी, यह अंतरराष्ट्रीय बाजार और डॉलर की मजबूती पर भी निर्भर करेगा।

  • धनतेरस 2025: यमदीप जलाने और आर्थिक समृद्धि के लिए विशेष उपाय

    धनतेरस 2025: यमदीप जलाने और आर्थिक समृद्धि के लिए विशेष उपाय

    धनतेरस 2025: यमदीप जलाने और आर्थिक समृद्धि के लिए विशेष उपाय धनतेरस का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन शुभ मुहूर्त में खरीदारी करने, माता लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरि और कुबेर देवता की पूजा करने का विशेष महत्व है। वहीं, यमदीप जलाने की परंपरा भी अत्यंत पवित्र मानी जाती है। शास्त्रों में कहा गया है कि धनतेरस की शाम को यमदीप जलाने से पूरे परिवार की अकाल मृत्यु से रक्षा होती है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

    धनतेरस के दिन यमदीप जलाने के लिए मिट्टी का चौमुखी दीया प्रयोग करें और इसे हमेशा दक्षिण दिशा में रखें, क्योंकि यह दिशा यमराज की मानी गई है। दीपक में दो रूई की बत्तियां क्रॉस करके लगाकर चारों ओर से जलाएं। यमदीप में कौड़ी और एक सिक्का डालना भी बेहद शुभ माना जाता है। इसे अखंड जलाकर रखने से आर्थिक तंगी से मुक्ति और धन-दौलत में वृद्धि के योग बनते हैं।

    धनतेरस के अगले दिन दीपक बुझ जाने के बाद, उसमें डाली गई कौड़ी और सिक्का को चुपचाप निकालकर अपनी तिजोरी या धन रखने वाले स्थान पर रख दें। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है, व्यापार या नौकरी में बाधाओं का निवारण होता है और परिवार में खुशहाली बनी रहती है।

    इसके अलावा, धनतेरस के दिन घर में 5 स्थानों पर दीपक जलाने की परंपरा भी है। यह उपाय न केवल आर्थिक स्थिति को मजबूत करता है, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा और सुरक्षा भी प्रदान करता है। नौकरी, व्यवसाय या व्यक्तिगत जीवन में किसी भी समस्या का सामना कर रहे लोग भी इस विधि का पालन कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

    धनतेरस के दिन यमदीप और अन्य दीपक जलाकर, माता लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरि और कुबेर देवता की पूजा करने से घर और परिवार पर आशीर्वाद बना रहता है। इस उपाय को सही समय और विधि से करने पर धन की प्राप्ति और समृद्धि के साथ-साथ जीवन में खुशहाली सुनिश्चित होती है।

  • साबुन-क्रीम भूल जाएं, जया किशोरी के देसी नुस्खों से पाएं दमकती त्वचा

    साबुन-क्रीम भूल जाएं, जया किशोरी के देसी नुस्खों से पाएं दमकती त्वचा

    आजकल ज्यादातर लोग साबुन, क्रीम और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स के सहारे त्वचा की देखभाल करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्राकृतिक चीजों से भी त्वचा को दमकता और हेल्दी लुक दिया जा सकता है? कथावाचक और समाजिक प्रेरक जया किशोरी ने अपने अनुभव और देसी नुस्खों से हजारों महिलाओं को स्किनकेयर का तरीका बताया है।

    देसी चीजें बनें आपकी त्वचा की दोस्त

    जया किशोरी के अनुसार, बाजार में मिलने वाले साबुन या महंगे क्रीम हमेशा आपकी त्वचा के लिए सही नहीं होते। इनकी केमिकल मात्रा अक्सर स्किन को नुकसान भी पहुंचा सकती है। इसके बजाय, देसी और प्राकृतिक चीजें जैसे हल्दी, दूध, शहद और नींबू का इस्तेमाल करना सुरक्षित और असरदार है।

    हल्दी और दूध का पेस्ट

    • तैयारी: आधा चमच हल्दी लें और इसमें 1-2 चम्मच दूध मिलाकर पेस्ट तैयार करें।
    • उपयोग: चेहरे पर 10-15 मिनट के लिए लगाएं, फिर हल्के गुनगुने पानी से धो लें।
    • फायदा: हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो दाग-धब्बों को कम करते हैं और दूध त्वचा को नमी और कोमलता देता है।

    शहद और नींबू का मिश्रण

    • तैयारी: 1 चमच शहद में 2-3 बूंद नींबू मिलाएं।
    • उपयोग: चेहरे पर हल्के हाथ से लगाएं और 10 मिनट बाद धो लें।
    • फायदा: शहद त्वचा को मॉइस्चराइज करता है, जबकि नींबू के प्राकृतिक एसिड त्वचा को साफ़ और हल्का बनाते हैं।

    पपीता और दही का फेस पैक

    • तैयारी: पपीते का गूदा और 1 चमच दही मिलाकर पेस्ट बनाएं।
    • उपयोग: चेहरे पर लगाकर 15 मिनट रखें और फिर पानी से धो लें।
    • फायदा: पपीता में पपाइन एंज़ाइम होता है जो मृत त्वचा को हटाता है और दही से त्वचा नरम और कोमल हो जाती है।

    जया किशोरी की खास टिप्स

    • प्राकृतिक सामग्री हमेशा ताजा होनी चाहिए।
    • रात में सोने से पहले हल्का मॉइस्चराइज़र लगाना फायदेमंद है।
    • चेहरे को अधिक रगड़ें नहीं, हल्के हाथ से मसाज करें।
    • पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं, क्योंकि हाइड्रेशन से त्वचा अंदर से हेल्दी रहती है।

    देसी स्किनकेयर के फायदे

    1. केमिकल फ्री: आपकी त्वचा के लिए पूरी तरह से सुरक्षित।
    2. सस्ता और आसान: महंगे प्रोडक्ट्स की तुलना में ये बहुत सस्ते और घर में उपलब्ध हैं।
    3. नैचुरल ग्लो: त्वचा को अंदर से स्वस्थ और चमकदार बनाते हैं।
    4. दीर्घकालिक असर: नियमित इस्तेमाल से त्वचा लंबे समय तक हेल्दी रहती है।

    जया किशोरी के अनुसार, अगर आप साबुन-क्रीम की जगह देसी नुस्खे अपनाते हैं, तो आपकी त्वचा को न सिर्फ़ प्राकृतिक चमक मिलेगी, बल्कि स्किन एलर्जी और पिंपल्स जैसी समस्याओं से भी छुटकारा मिलेगा।

    https://nationnowsamachar.com/latest/bihar-elections-2025-pm-modis-mission-bihar-intensifies-with-a-roadshow-and-two-big-rallies-in-patna-on-november-2/
  • सिर्फ एक मिस कॉल से जानें अपना PF बैलेंस, EPFO ने जारी किया आसान नंबर

    सिर्फ एक मिस कॉल से जानें अपना PF बैलेंस, EPFO ने जारी किया आसान नंबर

    नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने कर्मचारियों की सुविधा के लिए एक नई सर्विस शुरू की है। अब किसी भी कर्मचारी को वेबसाइट पर लॉगिन या ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं। EPFO ने एक सपोर्ट नंबर 9966044425 जारी किया है, जिस पर सिर्फ एक मिस कॉल देने से कर्मचारी अपने PF बैलेंस और आखिरी कॉन्ट्रिब्यूशन की पूरी जानकारी मोबाइल पर SMS के जरिए प्राप्त कर सकते हैं।

    इस सेवा का लाभ केवल उन कर्मचारियों को मिलेगा जिनका मोबाइल नंबर EPFO के रिकॉर्ड में रजिस्टर्ड है। मिस कॉल देने के तुरंत बाद कर्मचारी के पास SMS में PF अकाउंट का बैलेंस, नाम, खाते में जमा राशि और आखिरी योगदान की जानकारी पहुंच जाएगी। यह प्रक्रिया तेज, सरल और सुरक्षित है।

    EPFO का यह कदम कर्मचारियों के लिए PF बैलेंस चेक करने के तरीके को और आसान बनाता है। पहले कर्मचारी EPFO की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर लॉगिन करके बैलेंस चेक करते थे, जिसमें कभी-कभी यूजर आईडी, पासवर्ड या मोबाइल वेरिफिकेशन में दिक्कतें आती थीं। अब यह नया तरीका तीन आसान स्टेप्स में पूरा हो जाता है – मिस कॉल दें, SMS का इंतजार करें और PF बैलेंस चेक करें।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह सुविधा कामकाजी लोगों की समय और प्रयास की बचत करेगी। इसके अलावा, कर्मचारी PF अकाउंट की जानकारी रियल-टाइम में प्राप्त कर सकेंगे।इस सुविधा से अब कर्मचारी कहीं भी और कभी भी अपने PF बैलेंस की जानकारी हासिल कर सकते हैं। EPFO ने कर्मचारियों से अपील की है कि वे अपना मोबाइल नंबर अपडेट रखें ताकि मिस कॉल सर्विस का फायदा आसानी से उठा सकें।

  • करवा चौथ 2025: निर्जला व्रत, चंद्र दर्शन और व्रत कथा का महत्व

    करवा चौथ 2025: निर्जला व्रत, चंद्र दर्शन और व्रत कथा का महत्व

    करवा चौथ 2025 -कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवा चौथ का व्रत किया जाता है। यह व्रत विशेष रूप से सुहागिन महिलाओं के लिए महाव्रत माना जाता है। ऐसा विश्वास है कि जो महिलाएं इस व्रत को करती हैं, उन्हें अखंड सौभाग्य मिलता है और उनके जीवनसाथी स्वस्थ रहते हैं।

    करवा चौथ निर्जला व्रत है, यानी महिलाएं पूरे दिन जल और अन्न का त्याग करती हैं। व्रत की शुरुआत सुबह सरगी खाने के बाद होती है और दिनभर निर्जल रहकर शाम को चंद्र दर्शन और पूजन के साथ व्रत पूर्ण होता है।

    इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं, विशेषकर लाल रंग को शुभ मानते हुए। घर में शिव-पार्वती, गणेश और करवा माता की पूजा विधिपूर्वक की जाती है। व्रत के दौरान क्रोध से बचना, मन को शांत रखना और दिन में सोने से परहेज करना जरूरी है। जरूरतमंदों को सहायता या सुहाग का सामान दान करना भी शुभ माना जाता है।

    करवा चौथ की कथा

    व्रत कथा वीरावती नाम की महिला से जुड़ी है। पहले व्रत में दिनभर भूखी-प्यासी रहने पर वह बेहोश हो गई। उसके भाई ने झूठा चंद्रमा दिखाकर व्रत तोड़वाया। इस अधूरी निष्ठा के कारण उसके पति की मृत्यु हो गई। वीरावती ने माता से प्रार्थना की और अगली बार विधिपूर्वक व्रत किया, जिससे उसके पति को जीवनदान मिला। कथा यह सिखाती है कि व्रत में छल या अधूरी निष्ठा नहीं होनी चाहिए।इस वर्ष करवा चौथ 2025, 10 अक्टूबर को मनाया जाएगा। व्रत का पालन करते समय सावधानी और स्वास्थ्य का ध्यान रखना आवश्यक है।

  • गुलमर्ग में सीजन की पहली बर्फबारी, ठंड की दस्तक के बीच सैलानियों ने उठाया हिमपात का लुत्फ़

    गुलमर्ग में सीजन की पहली बर्फबारी, ठंड की दस्तक के बीच सैलानियों ने उठाया हिमपात का लुत्फ़

    गुलमर्ग (जम्मू-कश्मीर): पर्यटन नगरी गुलमर्ग में रविवार को सीजन की पहली बर्फबारी हुई, जिससे पूरे इलाके में सर्दी ने दस्तक दे दी है। पहाड़ों पर बिछी बर्फ की सफेद चादर ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को ठंड का अहसास कराया बल्कि देश-विदेश से पहुंचे पर्यटकों के चेहरे पर भी रौनक ला दी।

    सुबह से ही आसमान पर बादल छाए रहे और दोपहर बाद गुलमर्ग की वादियों में बर्फ गिरनी शुरू हुई। बर्फबारी के साथ ही तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोग गर्म कपड़ों में नजर आने लगे।

    सर्दी की आहट के बीच होटल और गेस्ट हाउसों में बुकिंग तेजी से बढ़ गई है। पर्यटकों ने बर्फ के फाहों के बीच फोटो खींचकर इस पल को यादगार बनाया। कुछ ने स्कीइंग और स्नो-गेम्स का मज़ा लिया, तो कई लोग सिर्फ इस प्राकृतिक नज़ारे का आनंद उठाते दिखे।

    स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि शुरुआती बर्फबारी ने इस बार सर्दियों के पर्यटन सीजन की अच्छी शुरुआत कर दी है। पर्यटन विभाग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में गुलमर्ग में पर्यटकों की संख्या और बढ़ेगी।

    देखें सबसे पहले https://nationnowsamachar.com/headlines/raebareli-medicinal-kheer-will-be-distributed-to-asthma-patients-at-baba-ghisiyavan-das-kuti-on-sharad-purnima/

  • PM Modi Speech:  नीतीश सरकार ने स्किल यूनिवर्सिटी का नाम कर्पूरी ठाकुर के नाम पर रखा

    PM Modi Speech:  नीतीश सरकार ने स्किल यूनिवर्सिटी का नाम कर्पूरी ठाकुर के नाम पर रखा

    PM Modi Speech:  प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार ने नई स्किल यूनिवर्सिटी का नाम “भारत रत्न, जननायक कर्पूरी ठाकुर” के नाम पर रखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्पूरी ठाकुर को “जननायक” की उपाधि किसी सोशल मीडिया ट्रोलिंग टीम ने नहीं दी, बल्कि यह सम्मान बिहार के जन-जन ने उनके जीवन और सेवाभाव को देखकर दिया

    प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर का जीवन जनता की सेवा और समाज कल्याण के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा। उनके नीति-निर्देश और जनहितकारी निर्णय आज भी बिहार की राजनीति और समाज सेवा के लिए मिसाल हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस यूनिवर्सिटी के माध्यम से युवाओं को कौशल विकास और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे, और कर्पूरी ठाकुर के आदर्शों को याद करते हुए उन्हें नेतृत्व और सेवा का प्रशिक्षण मिलेगा।

    प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि बिहार के लोग कर्पूरी ठाकुर की जीवन गाथा को हमेशा याद रखते हैं और उनके योगदान से प्रेरित होकर राज्य और देश के विकास में भाग लेते हैं।

    इस नई स्किल यूनिवर्सिटी के नामकरण से न केवल युवाओं को शिक्षा और कौशल में मदद मिलेगी, बल्कि कर्पूरी ठाकुर के जनप्रिय व्यक्तित्व और उनके जीवन मूल्यों को भी समर्पित किया जाएगा।इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने सभी से अपील की कि वे कर्पूरी ठाकुर के आदर्शों का अनुसरण करें और समाज में शिक्षा, सेवा और नेतृत्व की भावना को बढ़ावा दें।

  • आर्मी चीफ का बड़ा बयान: “अगर परिस्थिति बनी तो कार्रवाई होगी” तैयार रहने का आह्वान

    आर्मी चीफ का बड़ा बयान: “अगर परिस्थिति बनी तो कार्रवाई होगी” तैयार रहने का आह्वान

    नई दिल्ली। थलसेना के वरिष्ठ अधिकारी ने पाकिस्तान को लेकर कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि भारतीय सेना अपने जवानों के साथ पूरी तरह तैयार है और आवश्यकता पड़ने पर निर्णायक कार्रवाई कर सकेगी। सूत्रों के मुताबिक़ उन्होंने जवानों से कहा “तैयार रहें, भगवान ने चाहा तो मौका मिलेगा।”

    बयान का स्वर और असर
    सेना प्रमुख के ऐसे बयान में स्पष्ट रूप से सख्त रुख और तैयारियों का संदेश है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कड़े बयान सैन्य तैयारियों और आशंकाओं को दर्शाते हैं, लेकिन साथ ही यह आवश्यक है कि कूटनीति व संवाद के चैनल मुखर रहें ताकि तनाव नियंत्रण में रहे।

    सरकार और विदेश मंत्रालय की भूमिका
    आम तौर पर इस तरह के सुरक्षा-बयान पर विदेश मंत्रालय व रक्षा मंत्रालय की आधिकारिक टिप्पणियाँ सामने आती हैं, जो शीर्षक के भाव को कूटनीतिक संदर्भ में समेटने का प्रयास करती हैं। पारंपरिक तौर पर सरकार संयम, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय नियमों का हवाला देते हुए स्थिति को नियंत्रित करने की बात कहती है।

    क्या आगे हो सकता है?
    विशेषज्ञों के मुताबिक़ सैन्य तैयारियाँ, सीमा पर चौकसी और निरंतर निगरानी के साथ-साथ कूटनीतिक कड़ियाँ भी तेज़ की जाती हैं। नागरिकों और मीडिया से विनती है कि भड़काऊ कयासों और अफवाहों से बचें और आधिकारिक जानकारी का इंतज़ार करें।