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Category: दिल्ली

  • 21 सितंबर 2025 को लगने वाला सूर्यग्रहण, जानिए भारत पर प्रभाव और उपाय

    21 सितंबर 2025 को लगने वाला सूर्यग्रहण, जानिए भारत पर प्रभाव और उपाय

    नई दिल्ली। 21 सितंबर 2025 को सूर्यग्रहण लगेगा। यह खगोलीय घटना पूरी दुनिया में दिखाई देगी, जबकि भारत के विभिन्न हिस्सों में इसका आंशिक प्रभाव देखा जाएगा। सूर्यग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है, जिससे सूर्य की रोशनी का एक हिस्सा पृथ्वी तक नहीं पहुँच पाता।

    ग्रहण का समय और क्षेत्र

    सूर्यग्रहण 21 सितंबर को लगेगा। भारत के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में आंशिक ग्रहण दिखाई देगा, जबकि पश्चिमी और दक्षिणी भारत में इसका प्रभाव कम रहेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रहण का समय और अवधि विभिन्न शहरों में अलग-अलग होगी, इसलिए ग्रहण देखने से पहले स्थानीय समय और दिशा की जानकारी लेना आवश्यक है।

    सूर्यग्रहण का प्रभाव व्यक्ति की राशि, जन्म कुंडली और ग्रह स्थिति पर निर्भर करता है। ज्योतिषियों का मानना है कि ग्रहण के दिन नए काम शुरू करने, बड़े निवेश करने या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचना चाहिए। विशेष रूप से सिंह, मकर और तुला राशि के जातकों पर ग्रहण का प्रभाव अधिक महसूस हो सकता है। स्वास्थ्य और मानसिक स्थिरता पर हल्का असर पड़ सकता है।

    धार्मिक और पारंपरिक महत्व

    सूर्यग्रहण के दौरान पूजा, ध्यान और स्नान करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल में किया गया पूजा, व्रत और ध्यान नकारात्मक प्रभाव को कम कर सकता है। लोग ग्रहण के समय भोजन और जल का विशेष ध्यान रखते हैं।

    सुरक्षा और सावधानियाँ

    • सीधे सूर्य की ओर बिना सुरक्षा चश्मे के न देखें।
    • वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें।
    • बच्चों और बुजुर्गों को ग्रहण के समय सुरक्षित स्थान पर रखें।
  • मुंबई के बीकेसी एप्पल स्टोर पर iPhone 17 के लिए लगी लंबी कतारें

    मुंबई के बीकेसी एप्पल स्टोर पर iPhone 17 के लिए लगी लंबी कतारें

    मुंबई। टेक्नोलॉजी के शौकीनों के लिए आज का दिन खास रहा। एप्पल ने भारत में अपनी बहुप्रतीक्षित iPhone 17 सीरीज़ की बिक्री शुरू कर दी है। जैसे ही बिक्री की शुरुआत हुई, मुंबई के BKC (बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स) स्थित एप्पल स्टोर के बाहर ग्राहकों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।

    ग्राहकों का उत्साह

    सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग स्टोर के बाहर लाइन में खड़े दिखे। कई लोग रातभर से ही कतार में इंतजार कर रहे थे ताकि वे सबसे पहले iPhone 17 और iPhone 17 Pro खरीद सकें। युवाओं और टेक प्रेमियों में इस सीरीज़ को लेकर जबरदस्त क्रेज देखने को मिला।

    iPhone 17 सीरीज़ की खासियत

    नए iPhone 17 सीरीज़ में बेहतर कैमरा क्वालिटी, AI इंटीग्रेशन, बैटरी बैकअप और डिस्प्ले की सुविधाएं दी गई हैं। कंपनी ने दावा किया है कि यह अब तक का सबसे पावरफुल iPhone है, जिसमें परफॉर्मेंस और डिजाइन दोनों को नए स्तर पर ले जाया गया है। मुंबई के अलावा दिल्ली, बेंगलुरु और चेन्नई के एप्पल स्टोर्स पर भी ग्राहकों की भीड़ उमड़ी। सोशल मीडिया पर भी iPhone 17 की खरीदारी को लेकर तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं। भारत में iPhone 17 सीरीज़ की लॉन्चिंग ने एक बार फिर एप्पल ब्रांड की लोकप्रियता को साबित किया है। लंबी कतारें और ग्राहकों का जोश दिखाता है कि भारत एप्पल के लिए तेजी से उभरता हुआ बड़ा बाजार बन चुका है।

  • “राहुल गांधी के आरोप बेबुनियाद, Online किसी का वोट डिलीट नहीं किया जा सकता” – चुनाव आयोग का जवाब

    “राहुल गांधी के आरोप बेबुनियाद, Online किसी का वोट डिलीट नहीं किया जा सकता” – चुनाव आयोग का जवाब

    नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा किए गए आरोपों पर चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी ने हाल ही में दावा किया था कि चुनाव में कुछ वोट “ऑनलाइन डिलीट” किए जा सकते हैं। चुनाव आयोग ने इसे बेबुनियाद करार दिया और साफ किया कि ऐसा कोई भी तंत्र मौजूद नहीं है।

    चुनाव आयोग का बयान

    चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता का वोट ऑनलाइन डिलीट करना या बदलना संभव नहीं है। आयोग ने कहा कि मतदान की प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी है। वोटिंग मशीन (EVM) और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग सिस्टम की संरचना ऐसी है कि हर वोट को सुरक्षित रखा जाता है और किसी भी प्रकार का मनमाना बदलाव नहीं किया जा सकता।

    राहुल गांधी के आरोप

    राहुल गांधी ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि चुनाव में कुछ वोट ऑनलाइन तरीके से हटाए या प्रभावित किए जा सकते हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया और समाचार चैनलों में चर्चा का विषय बन गया।

    आयोग ने विपक्ष और जनता को दी गारंटी

    चुनाव आयोग ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पर विश्वास बनाए रखना सभी के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मतदाता अपने वोट के सुरक्षित होने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त रहें और किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें। आयोग ने चुनाव से जुड़ी सभी तकनीकी प्रक्रियाओं का निगरानी और ऑडिट करने की बात भी दोहराई।

  • IndvsPak 2025 -एशिया कप में भारत-पाक के बीच एक और भिड़ंत पक्की, इस तारीख को होगा महामुकाबला

    IndvsPak 2025 -एशिया कप में भारत-पाक के बीच एक और भिड़ंत पक्की, इस तारीख को होगा महामुकाबला

    स्पोर्ट्स डेस्क। क्रिकेट फैंस के लिए बड़ी खबर सामने आई है। एशिया कप 2025 में एक बार फिर से भारत बनाम पाकिस्तान का हाई-वोल्टेज मुकाबला तय हो गया है। दोनों टीमें पहले भी इस टूर्नामेंट में आमने-सामने आ चुकी हैं और अब एक बार फिर क्रिकेट प्रेमियों को महामुकाबला देखने को मिलेगा।

    कब और कहां होगा मैच?

    टूर्नामेंट शेड्यूल के अनुसार भारत और पाकिस्तान की टीमें अगले राउंड में एक-दूसरे के खिलाफ भिड़ेंगी। यह मैच भारतीय समयानुसार 21 सितंबर को दुबई में खेला जाएगा। फैंस इस मैच को लेकर बेहद उत्साहित हैं, क्योंकि जब भी दोनों टीमें मैदान पर उतरती हैं तो रोमांच और तनाव चरम पर होता है।

    पिछली भिड़ंत का हाल

    भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप में हुई पिछली टक्कर बेहद रोमांचक रही थी। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया था और मैच ने आखिरी ओवर तक फैंस को बांधे रखा था। अब एक बार फिर से यही उम्मीद की जा रही है कि यह महामुकाबला क्रिकेट इतिहास के यादगार मैचों में शामिल होगा।

    फैंस में जबरदस्त उत्साह

    भारत और पाकिस्तान का मैच सिर्फ खेल नहीं बल्कि करोड़ों फैंस की भावनाओं का संगम होता है। टीवी रेटिंग्स से लेकर स्टेडियम की टिकट तक, हर जगह इस मुकाबले की दीवानगी देखने को मिलती है। यही वजह है कि इसे एशिया कप का सबसे बड़ा आकर्षण माना जाता है।

  • डोनाल्ड ट्रंप ने दी जन्मदिन की बधाई तो पीएम मोदी ने कहा- ‘थैंक्यू माई फ्रेंड’

    डोनाल्ड ट्रंप ने दी जन्मदिन की बधाई तो पीएम मोदी ने कहा- ‘थैंक्यू माई फ्रेंड’

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को अपना 75वां जन्‍मदिन मना रहे हैं और उससे पहले अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने फोन करके उन्‍हें बर्थडे की बधाई दी है. पीएम मोदी ने एक्‍स पर पोस्‍ट करके इसकी जानकारी दी. आपको बता दें कि मंगलवार को ही अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड टॉक फिर से बहाल हुई है. उसके बाद यह फोन कॉल बताती है कि टैरिफ की वजह से दोनों देशों में जो दूरियां आ गई थीं, वह शायद अब कम हो जाएं. 

    थैंक्‍यू मेरे दोस्‍त… 

    पीएम मोदी ने एक्‍स पर लिखा, मेरे 75वें जन्‍मदिन पर फोन कॉल और मुझे बधाई देने के लिए थैंक्‍यू, मेरे दोस्‍त राष्‍ट्रपति ट्रंप. आपकी ही तरह मैं भी भारत और अमेरिका के बीच व्यापक और वैश्विक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं. हम यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में आपकी पहल का समर्थन करते हैं.’ 

    वहीं ट्रंप ने भी इस बारे में ट्रूथ सोशल पर जानकारी दी. उन्‍होंने लिखा, ‘अभी-अभी मेरे मित्र, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बहुत अच्छी बातचीत हुई. मैंने उन्हें जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं दीं! वह बहुत अच्छा काम कर रहे हैं. नरेंद्र: रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध खत्‍म करने में आपके समर्थन के लिए धन्यवाद! राष्‍ट्रपति डीजेटी.’ 

  • अक्टूबर में कोहरे और ठंड को लेकर IMD का अलर्ट

    अक्टूबर में कोहरे और ठंड को लेकर IMD का अलर्ट

    नई दिल्ली। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अक्टूबर महीने के लिए मौसम को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि इस बार सामान्य से पहले ठंड का असर दिखाई दे सकता है। उत्तर भारत के कई राज्यों में सुबह और रात के समय हल्का से घना कोहरा छाने की संभावना है। इससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है।

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अचानक गिरते तापमान के कारण बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में बदलाव से सर्दी-जुकाम, खांसी और अस्थमा जैसी बीमारियों के मामले बढ़ सकते हैं।

    IMD के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और बिहार में अक्टूबर के दूसरे हफ्ते से कोहरे का असर अधिक दिखेगा। वहीं पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी के कारण ठंड और तेज हो सकती है।

    विभाग ने लोगों को यात्रा के दौरान सतर्क रहने और गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। साथ ही किसानों को भी खेतों में विशेष सावधानी बरतने और फसलों को ठंड से बचाने की सलाह दी गई है।

  • PM Modi Birthday:  पीएम मोदी ने सिर्फ योजनाएं नहीं बनाईं, उन्हें जमीन पर उतारा – नौकरशाही को बदला, सरकारी योजनाओं को जन आंदोलन में बदला

    PM Modi Birthday: पीएम मोदी ने सिर्फ योजनाएं नहीं बनाईं, उन्हें जमीन पर उतारा – नौकरशाही को बदला, सरकारी योजनाओं को जन आंदोलन में बदला

    75 साल के पीएम, यादें बेमिसाल .. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 75वां जन्मदिन केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि एक ऐसी यात्रा का प्रतीक है जिसमें भारत की प्रशासनिक, सामाजिक और विकासात्मक सोच में आमूलचूल परिवर्तन हुआ है। 2014 में जब उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, तब वे केवल एक नेता नहीं, बल्कि एक परिवर्तन के सूत्रधार बनकर सामने आए। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) आज यानी 17 सितंबर 2025 को अपना 75वां जन्मदिन मना रहे हैं. उनका जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात (Gujarat) के वडनगर में दामोदर दास मूलचंद मोदी और हीराबेन के घर हुआ था. पीएम मोदी (PM Modi) अपने 5 भाई-बहनों में दूसरे नंबर की संतान हैं.

    बचपन में मोदी जी को नरिया कहकर पुकारा जाता था. कहा जाता है कि बचपन में नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) साधु-संतों से खासा प्रभावित हुए थे और वो बचपन से ही संन्यासी बनना चाहते थे. इतना ही नहीं बचपन से ही वे आरएसएस (RSS) से जुड़ गए थे. पीएम मोदी हमेशा किसी भी काम की शुरुआत करने से पहले अपनी मां का आशीर्वाद लेना नहीं भूलते हैं

    नीतियों से परे: अमल की दिशा में ठोस कदम

    भारत की राजनीति में नीतियाँ बनाना नई बात नहीं है, लेकिन उन्हें ज़मीन पर उतारना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। नरेंद्र मोदी ने इस खाई को पाटने का काम किया। उनकी सोच स्पष्ट थी—“योजना सिर्फ फाइलों में नहीं, लोगों की ज़िंदगी में दिखनी चाहिए।”उदाहरण के लिए, स्वच्छ भारत मिशन केवल सफाई अभियान नहीं रहा; यह एक जन आंदोलन (Jan Andolan) बन गया। लोगों ने शौचालय निर्माण को सामाजिक सम्मान से जोड़ा, स्कूलों में बच्चे साफ‑सफाई के ब्रांड एंबेसडर बने और ग्रामीण भारत में व्यवहार परिवर्तन की एक नई लहर चली। यह सब संभव हुआ एक मजबूत नेतृत्व, लगातार संवाद और जमीनी निगरानी के चलते।

    नौकरशाही की कार्यशैली में क्रांतिकारी बदलाव

    मोदी सरकार ने भारत की नौकरशाही को पारंपरिक ‘फाइलों के बोझ’ से निकालकर ‘प्रभावी डिलीवरी सिस्टम’ की ओर अग्रसर किया। उन्होंने डिजिटल इंडिया के ज़रिए प्रशासन को जवाबदेह (accountable) और पारदर्शी (transparent) बनाने पर जोर दिया। कुछ अहम पहलें:

    • JAM ट्रिनिटी (Jan Dhan, Aadhaar, Mobile) ने सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित की, जिससे लीकेज में भारी कमी आई। DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुँची।
    • National Single Window System (NSWS) ने उद्योगों और व्यवसायों के लिए सरकारी अनुमोदन की प्रक्रिया को एकीकृत किया—अब 30+ मंत्रालयों की सेवाएँ एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध हैं।
    • Karmayogi योजना के तहत सरकारी कर्मचारियों को निरंतर डिजिटल प्रशिक्षण मिल रहा है ताकि वे समयानुकूल सेवाएँ दे सकें।

    सरकारी योजनाओं को बना दिया जन भागीदारी का मंच

    मोदी के शासन में कई योजनाएँ सिर्फ सरकारी घोषणाएँ नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने जनता की भागीदारी से एक आंदोलन का रूप ले लिया

    1. विकसित भारत संकल्प यात्रा – एक अनूठा प्रयास जिसके तहत गाँव‑गाँव “मोदी की गारंटी वाहन” गए, और करोड़ों नागरिकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी, सहायता और लाभ मिला।
    2. प्रधानमंत्री आवास योजना – अब तक 4 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को पक्के घर मिल चुके हैं। लाभार्थियों की भागीदारी से निर्माण कार्य में पारदर्शिता और लागत‑नियंत्रण हुआ।
    3. जन औषधि परियोजना (PMBJP) – 10,000 से अधिक जन औषधि केंद्रों के माध्यम से आम लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयाँ मिल रही हैं।

    ‘सबका साथ, सबका विकास’ से ‘सबका प्रयास’ तक

    मोदी की सबसे बड़ी राजनीतिक और प्रशासनिक उपलब्धि यह रही कि उन्होंने विकास को सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी बना दिया। इसका प्रभाव यह हुआ कि योजनाओं के प्रति जनता की ‘उपेक्षा’ की जगह ‘उत्साह’ ने ले ली।अब सरकारी योजनाओं को लोग अपने अधिकार के रूप में नहीं, बल्कि अपने योगदान के रूप में देख रहे हैं।

    75 वर्ष की आयु में पीएम मोदी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि जन सहभागिता और प्रशासनिक दक्षता के प्रतीक बन चुके हैं। उन्होंने साबित किया कि योजनाएँ तब ही सफल होती हैं जब सरकार, नौकरशाही और जनता—तीनों एक साथ मिलकर चलें। मोदी की यही सोच उन्हें पारंपरिक नेताओं से अलग बनाती है—वह सिर्फ घोषणा नहीं करते, अमल करवाते हैं।

    मां की मुश्किलों से निकली प्रेरणा: पीएम मोदी की योजनाओं को मिली नई दिशा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जीवन केवल राजनीतिक या प्रशासनिक यात्रा नहीं, बल्कि अनुभवों से उपजी नीतियों की एक जीवंत गाथा है। इस गाथा में सबसे महत्वपूर्ण अध्याय है उनकी मां ।उनकी मां की संघर्षशील छवि—जो मिट्टी के चूल्हे पर खाना पकाती थीं, हर रोज़ ज़रूरतों से समझौता करती थीं—पीएम मोदी के मन में गहराई से बसी रही। यही वजह है कि जब उन्हें देश की बागडोर मिली, तो उन्होंने सबसे पहले उन गृहिणियों की सुध ली, जो आज भी धुएं में खाना बनाने को मजबूर थीं।

    उज्ज्वला योजना: मां के अनुभव से देश की माताओं तक

    प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि सम्मान की लौ है। इसका विचार तब आया जब पीएम मोदी ने अपनी मां को चूल्हे के धुएं में काम करते देखा। उनके इसी निजी अनुभव ने उन्हें प्रेरित किया कि हर गरीब महिला को गैस चूल्हा और सिलिंडर मिलना चाहिए। नतीजा – करोड़ों महिलाओं को स्वच्छ ईंधन की सुविधा मिली और उनका जीवन आसान हुआ।

    महिला सशक्तिकरण की नींव – घर से लेकर संसद तक

    मोदी सरकार ने महिला सशक्तिकरण को केवल नारा नहीं, नीतियों का केंद्र बनाया जन धन योजना के तहत करोड़ों महिलाओं के बैंक खाते खुले, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान ने सामाजिक सोच में बदलाव लाया—अब बेटियों को बोझ नहीं, भविष्य माना जा रहा है।महिला आरक्षण विधेयक, जिसे दशकों से ठंडे बस्ते में डाला जा रहा था, मोदी सरकार में संसद में पारित हुआ।सुकन्या समृद्धि योजना के माध्यम से बेटियों के नाम पर बचत को प्रोत्साहन मिला।ये सभी कदम सिर्फ घोषणाएँ नहीं थे, बल्कि जमीन पर लागू होने वाली योजनाएँ बनीं।

    महिलाओं का बढ़ता भरोसा: साइलेंट वोटर की ताकत

    पीएम मोदी का कहना है कि महिलाएं उनकी “साइलेंट वोटर” हैं। वे प्रचार नहीं करतीं, लेकिन वोट देने ज़रूर आती हैं। बिहार विधानसभा चुनावों के बाद पीएम मोदी ने खासतौर पर महिलाओं का आभार जताया—क्योंकि महिला वोटरों की संख्या कई जगह पुरुषों से ज्यादा हो गई थी। इसका कारण साफ है: योजनाओं की प्रत्यक्ष लाभार्थी महिलाएं बनीं।

    नीतियों की बुनियाद में निजी अनुभव

    प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में काम करने वाले अधिकारी बताते हैं कि पीएम मोदी सिर्फ योजना बनाने तक सीमित नहीं रहते। उनकी प्राथमिकता रहती है कि योजना की गहराई से समीक्षा की जाए—क्या यह वास्तव में लागू की जा सकती है? क्या ज़मीनी तंत्र इसके लिए तैयार है?यही कारण है कि मोदी सरकार की अधिकांश योजनाएँ महज़ सरकारी विज्ञापन नहीं रहीं, बल्कि लाभार्थियों तक पहुँचीं और उनका जीवन बदला।

    अनुभवों से नीतियाँ, और नीतियों से बदलाव

    पीएम मोदी की मां का संघर्ष केवल एक पारिवारिक कहानी नहीं रही, बल्कि एक राष्ट्र-निर्माण की प्रेरणा बन गई। उन्होंने अपनी मां के अनुभवों को देश की करोड़ों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव में बदला। यही वो दृष्टिकोण है, जो पीएम मोदी को अन्य नेताओं से अलग करता है—वे कागज़ों में नहीं, ज़मीन पर काम करते हैं।

  • Dehradun Cloudburst LIVE: मौत का तांडव, लोगों की झोपड़ियां और सड़कें तबाह

    Dehradun Cloudburst LIVE: मौत का तांडव, लोगों की झोपड़ियां और सड़कें तबाह

    Dehradun Cloudburst LIVE: देहरादून देहरादून में सोमवार सुबह अचानक आए क्लाउडबर्स्ट ने भारी तबाही मचा दी। तेज बारिश और झूमते पानी की धाराओं ने शहर के कई इलाकों में सड़कें और मकान बहा दिए। स्थानीय लोग अपने घरों से भागकर सुरक्षित स्थान की ओर जाने लगे। आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हुईं और कई इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है।आपदा के कारण चारों तरफ पानी का तांडव मचा हुआ है। समाचार एजेंसियों के अनुसार, कई लोग अपने घरों में फंसे हुए हैं और मदद के लिए कॉल कर रहे हैं। रेस्क्यू टीमों ने विशेष ध्यान देकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास शुरू कर दिया है।

    नगर निगम और आपदा प्रबंधन विभाग ने चेतावनी जारी की है कि लोग अब भी जोखिम वाले क्षेत्रों में न जाएं और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। पुलिस और नागरिक आपदा प्रबंधन टीम ने प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्य शुरू कर दिए हैं।

    मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए भी भारी बारिश की संभावना जताई है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और नदी या नाले के किनारे न जाने की सलाह दी गई है।

    देहरादून के कई हिस्सों में बिजली और संचार सुविधाएं भी बाधित हुई हैं। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए हैं, जहां लोगों को भोजन और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

    यह घटना राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती पेश कर रही है। रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है और लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि रखी जा रही है।

  • Delhi BMW Accident: वित्त विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी की मौत, परिवार ने अस्पताल और प्रशासन पर लगाए आरोप

    Delhi BMW Accident: वित्त विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी की मौत, परिवार ने अस्पताल और प्रशासन पर लगाए आरोप

    Delhi BMW Accident : दिल्ली के धौला कुआं इलाके में हुए BMW हादसे ने राजधानी को हिला कर रख दिया है। हादसे में वित्त विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हैं। इस घटना ने न केवल सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़ा किया है, बल्कि अस्पतालों और प्रशासन की भूमिका पर भी चिंता बढ़ा दी है।

    पीड़ित परिवार के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद मृतक और घायल को किसी बड़े सुपरस्पेशलिटी अस्पताल या एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में नहीं ले जाया गया। मृतक के बेटे नवनूर सिंह ने आरोप लगाया कि उनके माता-पिता को 20 किलोमीटर दूर एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहां जरूरी मेडिकल सुविधाएं मौजूद नहीं थीं। बेटे ने कहा कि ऐंबुलेंस की बजाय माता-पिता को डिलीवरी वैन में लाया गया, जिससे उचित इलाज नहीं हो पाया और उनके पिता की समय रहते मौत हो गई।

    परिवार ने अस्पताल और प्रशासन के खिलाफ गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि समय पर उचित इलाज न मिलने के कारण जीवन खोने जैसी बड़ी त्रासदी हुई। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के सभी पहलुओं की समीक्षा कर रहा है।

    हालांकि पुलिस ने बताया कि हादसे की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लेकिन परिवार का आरोप है कि सही दिशा में मदद न मिलने से मृतक की जान चली गई। इस BMW हादसे ने सड़क सुरक्षा, आपातकालीन प्रतिक्रिया और अस्पतालों की तत्परता पर नई बहस को जन्म दिया है।

  • वक्फ बाय यूजर: सुप्रीम कोर्ट का पूरा फैसला, रोक और बरकरार निर्णय

    वक्फ बाय यूजर: सुप्रीम कोर्ट का पूरा फैसला, रोक और बरकरार निर्णय

    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में ‘वक्फ बाय यूजर’ से जुड़े मामले में अपना फैसला सुनाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मामले में किन फैसलों पर रोक लगेगी और कौन से फैसले बरकरार रहेंगे। कोर्ट ने कहा कि वक्फ संपत्तियों के उपयोग में नियमों का पालन होना अनिवार्य है और जो फैसले कानून के अनुरूप हैं, उन्हें लागू किया जा सकता है। वहीं, जो निर्णय विवादास्पद या नियमों का उल्लंघन करते हैं, उन पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।

    सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और उपयोग पर नए नियम लागू होंगे। न्यायालय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे नियमों का पूरी तरह पालन करें और किसी भी अवैध या विवादास्पद निर्णय को लागू न करें।

    विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला वक्फ संपत्तियों के न्यायसंगत उपयोग और विवादों को रोकने की दिशा में अहम साबित होगा। अदालत ने यह भी कहा कि यदि किसी संपत्ति के उपयोग में अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी जवाबदेह होंगे।

    फैसले से वक्फ समुदाय में स्पष्टता आई है कि कौन से फैसले मान्य हैं और किस पर रोक लगी है। इससे भविष्य में संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकने में मदद मिलेगी।

    अप्रैल में बना था कानून

    वक्फ (संशोधन) बिल 2025 को बजट सत्र के दौरान दोनों सदनों में पास किया गया था। लोकसभा में 288 और राज्यसभा में 232 सांसदों ने इस बिल पर मुहर लगाई थी। इसके बाद 5 अप्रैल 2025 को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने भी इस कानून को मंजूरी दे दी थी।इस कानून को रद करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। अदालत ने कानून रद करने से साफ इनकार करते हुए कुछ प्रावधानों पर रोक लगाई है।