Nation Now Samachar

Category: Headlines

  • Pankaj Chaudhary UP BJP President Banne ki Khabar, Kal Dakhil Hoga Namankan!

    Pankaj Chaudhary UP BJP President Banne ki Khabar, Kal Dakhil Hoga Namankan!

    Pankaj Chaudhary UP BJP President banne ke liye taiyar hain. Sūtrō ke anusaar, ve kal namankan dakhil kar sakte hain. Janiye kyon yeh nishchay hai aur iske kya maayne hain

    भारतीय जनता पार्टी (BJP) उत्तर प्रदेश में जल्द ही अपने नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा कर सकती है, और सूत्रों के अनुसार, इस पद पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी का नाम लगभग तय माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में यह खबर तेजी से फैल रही है कि पंकज चौधरी कल यानी शनिवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं। यह निर्णय उत्तर प्रदेश भाजपा की रणनीति में एक बड़ा बदलाव ला सकता है, खासकर अगले लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए। Pankaj Chaudhary UP BJP President बनने की यह खबर प्रदेश की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।

    कौन हैं पंकज चौधरी और क्यों चुना गया यह नाम?

    पंकज चौधरी, वर्तमान में केंद्र सरकार में वित्त राज्य मंत्री (Minister of State for Finance) के रूप में कार्यरत हैं और महाराजगंज लोकसभा सीट से लगातार सांसद रहे हैं। उनका चयन कई महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों को साधने की भाजपा की रणनीति का हिस्सा है।

    Pankaj Chaudhary को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के पीछे के संभावित कारण और राजनीतिक मायने:

    • क्षेत्रीय संतुलन: चौधरी पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच एक मजबूत कड़ी माने जाते हैं, जिससे पार्टी को पूरे प्रदेश में पैठ बनाने में मदद मिल सकती है।
    • जातीय समीकरण: वह एक प्रमुख पिछड़ा वर्ग (OBC) नेता हैं, और उनका चयन पार्टी के OBC वोट बैंक को मजबूत करने और साधने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में OBC समुदाय का समर्थन सत्ता की कुंजी रहा है।
    • संगठनात्मक अनुभव: पंकज चौधरी का लंबा राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव उन्हें इस महत्वपूर्ण पद के लिए एक स्वाभाविक पसंद बनाता है।
    • केंद्रीय नेतृत्व का भरोसा: केंद्र सरकार में उनकी भूमिका यह दर्शाती है कि उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का गहरा विश्वास है।

    कल दाखिल हो सकता है नामांकन पत्र

    लखनऊ में भाजपा मुख्यालय में इस संभावित घटनाक्रम को लेकर गहमागहमी तेज हो गई है। पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पंकज चौधरी शनिवार को औपचारिक रूप से नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि इस बार नाम लगभग फाइनल हो चुका है।

    नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, जल्द ही उनके नाम पर मुहर लग जाएगी और वह आधिकारिक तौर पर UP BJP President का पद संभाल लेंगे। यह नियुक्ति निवर्तमान अध्यक्ष के स्थान पर होगी और पार्टी को एक नए नेतृत्व के साथ आगामी चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलेगी।

    UP BJP में बदलाव के मायने और आगे की चुनौतियां

    नए अध्यक्ष का चयन ऐसे समय में हो रहा है जब Uttar Pradesh में भाजपा को कई महत्वपूर्ण राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना है, जिनमें शामिल हैं:

    1. लोकसभा चुनाव 2029 की तैयारी: नए अध्यक्ष की सबसे बड़ी जिम्मेदारी 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी संगठन को मजबूत करना, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना और चुनावी रणनीति बनाना होगी।
    2. विपक्षी दलों की एकजुटता: विपक्षी दलों की बढ़ती एकजुटता का मुकाबला करने और पार्टी के वोट शेयर को बनाए रखने की चुनौती भी नए अध्यक्ष के सामने होगी।
    3. संगठनात्मक समन्वय: सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना ताकि विकास कार्यों का लाभ चुनावी सफलता में परिवर्तित हो सके।

    पंकज चौधरी जैसे अनुभवी नेता का प्रदेश अध्यक्ष बनना यह संकेत देता है कि भाजपा इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती और वह जातीय तथा क्षेत्रीय समीकरणों को साधकर अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है।

    Pankaj Chaudhary UP BJP President बनने की खबर उत्तर प्रदेश की राजनीति का एक निर्णायक मोड़ है। उनका नामांकन दाखिल होना लगभग तय माना जा रहा है, और यह प्रदेश भाजपा के लिए एक नए युग की शुरुआत होगी। उनकी नियुक्ति से पार्टी को संगठनात्मक मजबूती मिलेगी और OBC वोट बैंक को साधने की रणनीति को बल मिलेगा। सभी की निगाहें अब कल के घटनाक्रम पर टिकी हैं, जब यह साफ हो जाएगा कि पंकज चौधरी आधिकारिक तौर पर Uttar Pradesh BJP की कमान संभालेंगे या नहीं। इस महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव पर हमारी नजर बनी हुई है। आपके विचार में, पंकज चौधरी का अध्यक्ष बनना भाजपा के लिए कितना फायदेमंद साबित होगा? हमें कमेंट बॉक्स में बताएं।

  • Former Home Minister Shivraj Patel Death: पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का निधन, लातूर में ली अंतिम सांस, कांग्रेस में शोक की लहर

    Former Home Minister Shivraj Patel Death: पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का निधन, लातूर में ली अंतिम सांस, कांग्रेस में शोक की लहर

    लातूर/नई दिल्ली। Former Home Minister Shivraj Patel Death: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का निधन हो गया है। उन्होंने महाराष्ट्र के लातूर में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। पाटिल लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उपचार के दौरान गुरुवार सुबह उनका देहांत हुआ।

    कौन थे शिवराज पाटिल?

    शिवराज पाटिल भारतीय राजनीति का एक बड़ा और सम्मानित नाम रहे हैं। उनका करियर चार दशक से भी अधिक लंबा रहा। वह 1973 से 1980 तक लातूर ग्रामीण विधानसभा सीट से विधायक रहे। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ बनाई। वे कई बार लोकसभा के सदस्य रहे और यूपीए सरकार में 2004 से 2008 तक भारत के केंद्रीय गृह मंत्री रहे।संसद, विधानसभा और केंद्रीय मंत्रालय में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं। उनकी सादगी, विनम्रता और साफ-सुथरी छवि के लिए उन्हें अलग पहचान मिली।

    Former Home Minister Shivraj Patel Death लातूर में अंतिम सांस, कांग्रेस में शोक

    निधन की खबर सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। महाराष्ट्र के लातूर में उनके निवास पर लोगों का आना शुरू हो गया है। स्थानीय नेताओं ने बताया कि अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे जीवन की लड़ाई हार गए।

    राजनीतिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान

    • शिवराज पाटिल ने गृह मंत्री के रूप में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए।
    • 26/11 मुंबई हमले के समय देश के गृह मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल सबसे अधिक चर्चित रहा।
    • वे लोकसभा के स्पीकर भी रह चुके हैं और संसदीय मर्यादाओं को लेकर हमेशा संवेदनशील रहे।
    • भारतीय राजनीति में उन्होंने संयम, शालीनता और संतुलन को प्राथमिकता दी, जिसका प्रभाव आज भी देखा जा सकता है।

    श्रद्धांजलियों का सिलसिला जारी

    कांग्रेस अध्यक्ष, कई वर्तमान और पूर्व मंत्रियों, सांसदों व विधायकों ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि व्यक्त की है। कई नेताओं ने कहा कि पाटिल का जाना भारतीय राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और कई वरिष्ठ राजनीतिक चेहरे लातूर पहुंचकर अंतिम दर्शन कर सकते हैं।

    अंतिम संस्कार की तैयारी

    स्थानीय प्रशासन के अनुसार, अंतिम संस्कार की तैयारी लातूर में की जा रही है। परिवार ने बताया कि अंतिम संस्कार शाम तक किया जा सकता है। पूरे लातूर जिले में उनके समर्थक गहरे शोक में डूबे हैं।

  • उद्योग व्यापार संगठन की बैठक में संगठन विस्तार पर जोर, कई पदों पर नई जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं

    उद्योग व्यापार संगठन की बैठक में संगठन विस्तार पर जोर, कई पदों पर नई जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं

    संवाददाता जय गुप्ता कन्नौज उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन की महत्वपूर्ण बैठक शहर के मुंशीफ रोड स्थित जिला कार्यालय में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष आनंद गुप्ता ने की। इस दौरान उन्होंने संगठन के उद्देश्य, विस्तार और व्यापारियों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।जिला अध्यक्ष आनंद गुप्ता ने कहा कि व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभानी होती है। ऐसे में उनके हितों की रक्षा करना संगठन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नगर के व्यापारियों को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर संगठन पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ा रहेगा और हर मुद्दे का समाधान प्राथमिकता से कराया जाएगा।

    बैठक में संगठन विस्तार को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए और विभिन्न पदों पर नई नियुक्तियाँ की गईं।
    नए पदाधिकारी इस प्रकार हैं प्रवीण गुप्ता (एडवोकेट) – जीएसटी सलाहकार पवन चौहान – नगर उपाध्यक्ष (युवा)पंकज तोमर – विधि सलाहकार सुमित – नगर मंत्री शिवम गुप्ता – नगर उपाध्यक्ष गौरव गुप्ता – नगर उपाध्यक्ष स्वतंत्र कुमार – नगर मंत्री इन नई जिम्मेदारियों के साथ संगठन को और अधिक मजबूत बनाने और व्यापारियों की आवाज को प्रभावी रूप से आगे रखने का संकल्प लिया गया।

    बैठक का संचालन जिला उपाध्यक्ष अतुल वर्मा ने किया, जबकि कार्यक्रम के संयोजक आशीष वर्मा, जिला महामंत्री रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पदाधिकारी और व्यापारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से नगर अध्यक्ष (युवा) गौरव गोयल, डॉ. आदित्य श्रीवास्तव, उमेश मिश्रा, मनोज दीक्षित, अंकित तिवारी, रोहित गुप्ता, अवनीश गुप्ता, राघवेंद्र शर्मा, आकाश गुप्ता, सौरभ श्रीवास्तव, उमेश राठौर, अमित गुप्ता, जय किशन गुप्ता, शरद गुप्ता, पवन चौहान, गौरव यादव सहित कई व्यापारी शामिल थे।

    बैठक का उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाना और व्यापारियों की समस्याओं के समाधान को गति देना था। संगठन के पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि नई टीम के साथ कार्यों में और तेजी आएगी तथा व्यापारियों के हितों की रक्षा और भी प्रभावी ढंग से हो सकेगी।

  • UP Weather Update: ठंड ने पकड़ी रफ्तार, अगले 2–3 दिनों तक भारी शीतलहर का अलर्ट | कानपुर सबसे ठंडा जिला

    UP Weather Update: ठंड ने पकड़ी रफ्तार, अगले 2–3 दिनों तक भारी शीतलहर का अलर्ट | कानपुर सबसे ठंडा जिला

    UP Weather Update: साल का आखिरी महीना शुरू होते ही उत्तर प्रदेश में ठंड ने जोर पकड़ लिया है। तापमान तेजी से गिर रहा है और सुबह-सुबह घना कोहरा प्रदेश के ज्यादातर जिलों में छाया हुआ है। मौसम विभाग (IMD) के ताज़ा पूर्वानुमान के मुताबिक अगले 2 से 3 दिनों तक भारी शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, इसके बाद ठंड से हल्की राहत मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।

    पिछले 24 घंटे में तापमान में गिरावट

    IMD के अनुसार, बीते 24 घंटों में पूरे राज्य के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई अधिकतम तापमान में 2.5°C की गिरावट न्यूनतम तापमान में लगभग 2°C की गिरावट कोहरे की वजह से सुबह के समय दृश्यता (Visibility) कई जिलों में 100 मीटर से कम रिकॉर्ड की गई, जिससे यातायात और आवागमन पर भी असर पड़ा।

    कानपुर रहा सबसे ठंडा जिला

    प्रदेश में सबसे अधिक ठंड कानपुर में देखने को मिली, जहां न्यूनतम तापमान 6°C दर्ज किया गया।
    अन्य प्रमुख जिलों का न्यूनतम तापमान:

    • बरेली: 7.2°C
    • इटावा: 7.2°C
    • अयोध्या: 7.5°C
    • सहारनपुर: 7.7°C

    तापमान में लगातार गिरावट ने लोगों को सुबह-शाम अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया है।

    झांसी सबसे गर्म जिला, यहां दर्ज हुआ सबसे अधिक तापमान

    अधिकतम तापमान की बात करें तो झांसी सबसे गर्म जिला रहा, जहाँ दिन का तापमान 28.4°C दर्ज किया गया।
    अन्य जिलों का अधिकतम तापमान:

    • कानपुर: 28.3°C
    • प्रयागराज: 27.4°C
    • हमीरपुर: 26.6°C
    • फुरसतगंज: 26.5°C

    मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में अधिकतम तापमान अगले कुछ दिनों तक लगभग स्थिर रहेगा।


    13 दिसंबर से बदलेगा मौसम, मिलेगी हल्की राहत

    IMD के अनुसार, 13 दिसंबर से कमजोर पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर प्रदेश को प्रभावित करेगा। इससे 3–4 दिनों तक पुरवा हवाएं चलेंगी, जिसके चलते ठंड में हल्की कमी आएगी न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है सुबह की गलन में भी कमी महसूस होगी फिलहाल, अगले 24 घंटे तक मौसम में किसी तरह का बड़ा बदलाव नहीं होगा।

  • अमरोहा में बांग्लादेशी महिला और उसके पति हिरासत में, IB भी हुई जांच में शामिल

    अमरोहा में बांग्लादेशी महिला और उसके पति हिरासत में, IB भी हुई जांच में शामिल

    अमरोहा जिले के मंडी धनौरा कस्बे से पुलिस ने एक बांग्लादेशी महिला रीना बेगम और उसके पति राशिद अली को हिरासत में लिया है। दोनों को संदिग्ध रूप से इलाके में रह रहे होने की सूचना पर पुलिस और खुफिया एजेंसी IB ने संयुक्त कार्रवाई की। जांच में खुलासा हुआ कि रीना बेगम अवैध तरीके से नेपाल बॉर्डर के जरिए भारत में दाखिल हुई थी और पिछले लगभग दो महीनों से मंडी धनौरा क्षेत्र में रह रही थी।

    सऊदी में हुई मुलाकात और निकाह से शुरू हुआ संबंध

    सूत्रों के अनुसार, रीना बेगम और राशिद अली की मुलाकात कुछ साल पहले सऊदी अरब में नौकरी के दौरान हुई। दोनों में नजदीकियां बढ़ीं और वहीं पर निकाह भी कर लिया। रिश्ते के बाद रीना ने अवैध तरीके से भारत आने की योजना बनाई। वह नेपाल टूरिस्ट वीज़ा पर पहुंची और अक्टूबर 2025 में भारत–नेपाल बॉर्डर से बिना अनुमति भारत में दाखिल हो गई।

    वायरल वीडियो से खुला राज

    पूरे मामले का पर्दाफाश तब हुआ जब सोशल मीडिया पर रीना के दो वीडियो वायरल हुए।एक वीडियो में रीना विमान में बैठकर “बाय बाय बांग्लादेश” कहते दिख रही है।दूसरे वीडियो में वह बांग्लादेश एयरलाइंस के विमान के पास बंगला भाषा में बात करती नजर आती है।इन वीडियो ने खुफिया एजेंसी को शक की दिशा दी, जिसके बाद दोनों पर नजर रखी गई और आखिरकार पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

    पूछताछ में स्वीकार किया सच

    शुरुआती पूछताछ में रीना ने खुद को पश्चिम बंगाल की रहने वाली बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। लेकिन जब वीडियो सामने रखे गए और सबूत दिखाए गए, तो पति राशिद अली ने स्वीकार कर लिया कि रीना वास्तव में बांग्लादेश की नागरिक है।करीब 8 घंटे चली पूछताछ में पुलिस और IB को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं।

    विदेशी अधिनियम के तहत केस दर्ज

    पुलिस ने रीना बेगम पर Foreigners Act के तहत केस दर्ज कर लिया है।वहीं, उसके पति राशिद अली पर एक विदेशी को अवैध रूप से शरण देने का मामला दर्ज किया गया है।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है किदोनों भारत में किस उद्देश्य से आए?क्या उनके पीछे कोई संगठित नेटवर्क है?भारत में रहते हुए दोनों की गतिविधियां क्या थीं?जल्द ही पुलिस इस मामले में और खुलासे कर सकती है।

  • प्रेमानंद जी महाराज के भ्रमण के दौरान बुज़ुर्ग पहुंचे मधुकरी लेकर, दक्षिणा लेने से किया इनकार

    प्रेमानंद जी महाराज के भ्रमण के दौरान बुज़ुर्ग पहुंचे मधुकरी लेकर, दक्षिणा लेने से किया इनकार

    सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि प्रेमानंद जी महाराज के भ्रमण के दौरान एक बुज़ुर्ग व्यक्ति उनके लिए मधुकरी लेकर पहुंचे।

    हालांकि, जब प्रेमानंद जी के शिष्यों ने परंपरा के अनुसार उन्हें दक्षिणा देनी चाही, तो बुज़ुर्ग ने विनम्रता से इनकार कर दिया। उनके इस व्यवहार ने लाखों लोगों का दिल जीत लिया है।

    महाराज के दर्शन के लिए मधुकरी लेकर पहुंचे बुज़ुर्ग

    वीडियो में दिखाई देता है कि प्रेमानंद जी महाराज खुले मार्ग पर अपने शिष्यों और भक्तों के साथ आगे बढ़ रहे थे। तभी एक बुज़ुर्ग व्यक्ति बेहद सादगी के साथ मधुकरी (भोजन) लेकर आए। भारतीय परंपरा में संतों के प्रति भक्ति भाव से लोग मधुकरी अर्पित करते हैं, और इस बुज़ुर्ग का यह समर्पण देखकर वहां मौजूद भक्त भाव-विभोर हो गए।

    शिष्यों ने दी दक्षिणा, बुज़ुर्ग ने विनम्रता से ठुकराया

    जब महाराज के शिष्यों ने मधुकरी देने आए बुज़ुर्ग को दक्षिणा देने की कोशिश की, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए साफ इनकार कर दिया। बुज़ुर्ग ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल सेवा और भक्ति है, न कि किसी तरह का आर्थिक लाभ लेना।
    यह दृश्य देखकर शिष्यों और आसपास मौजूद लोगों ने उनकी भक्ति और सरलता को प्रणाम किया।

    सोशल मीडिया पर भावुक प्रतिक्रियाएँ

    कई यूजर्स ने लिखा —“यही सच्ची भक्ति है।”“आज के समय में ऐसी निष्ठा और त्याग दुर्लभ है।”सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और Facebook पर हजारों लोग इस वीडियो को शेयर कर चुके हैं, और यह संख्या लगातार बढ़ रही है।

  • वाराणसी: आंगनवाड़ी वर्कर अनुपमा पटेल की सिलबट्टे से हत्या, बाहर से बंद मिला कमरा

    वाराणसी: आंगनवाड़ी वर्कर अनुपमा पटेल की सिलबट्टे से हत्या, बाहर से बंद मिला कमरा

    संवाददाता मनीष पटेल वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुर मोहल्ले में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। आंगनवाड़ी वर्कर अनुपमा पटेल (35) की सिलबट्टे से सिर कुचलकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। सुबह जब परिजन और पड़ोसियों ने दरवाजा खटखटाया तो कमरे की कुंडी बाहर से बंद मिली। अंदर पहुंचते ही खून से लथपथ अनुपमा का शव देखकर लोगों में चीख-पुकार मच गई। जानकारी मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।


    सुबह-सुबह हुई हत्या, बाहर से बंद मिला कमरा

    घटना शुक्रवार सुबह की है। मृतका अनुपमा पटेल के पति शैलेश कुमार दूध सप्लाई का काम करते हैं। वे रोज की तरह सुबह करीब 5 बजे दूध लेने घर से निकले थे। उस वक्त अनुपमा घर के बाहर झाड़ू लगा रही थीं और पति को बाहर तक छोड़ने आई थीं।शैलेश जब सुबह 8 बजे दूध लेकर वापस लौटे तो उन्होंने देखा कि घर का मेन गेट खुला है, लेकिन पत्नी कहीं दिखाई नहीं दे रही। संदेह होने पर उन्होंने कमरे की कुंडी चेक की, जो बाहर से बंद थी। कुंडी खोलकर जैसे ही अंदर गए, वहां का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए—अनुपमा खून से लथपथ फर्श पर पड़ी थीं। उनके सिर पर सिलबट्टे से कई बार वार किया गया था।

    चीख-पुकार किसी ने नहीं सुनी, शक गहराया

    स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह किसी ने भी किसी तरह की चीख, शोर या विवाद की आवाज नहीं सुनी। इससे पुलिस को आशंका है कि हत्यारे ने पहले महिला के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया, ताकि आवाज बाहर न जा सके।
    कमरे को बाहर से बंद करने से साफ है कि आरोपी घटना को अंजाम देकर आराम से निकल गया और शक को भटकाने की कोशिश भी की।

    फोरेंसिक, SOG और पुलिस अधिकारियों ने संभाली जांच

    सूचना मिलते ही शिवपुर थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद एसीपी कैंट नितिन तनेजा, SOG टीम और फोरेंसिक एक्सपर्ट भी मौके पर पहुंचे। कमरे से खून के नमूने, हथियार (सिलबट्टा) और अन्य साक्ष्य जुटाए गए।
    फोरेंसिक टीम यह भी जांच कर रही है कि घटना के समय कमरे में एक से अधिक लोग थे या नहीं, और कहीं जबरन प्रवेश के निशान तो नहीं हैं।मृतका अनुपमा खजूरी में आंगनवाड़ी वर्कर थीं। उनका मायका भी खजूरी में ही है। पति-पत्नी की शादी को 10 वर्ष हो चुके थे, लेकिन उनकी कोई संतान नहीं थी। घटना के बाद मायके और ससुराल दोनों पक्ष के लोग सदमे में हैं।

    हत्या की वजह पर पुलिस जांच जारी

    फिलहाल हत्या की वजह साफ नहीं हो पाई है। पुलिस व्यक्तिगत रंजिश, घरेलू विवाद, लूट की कोशिश और अन्य आपराधिक कोणों से भी जांच कर रही है।सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और पिछले दिनों के विवादों की जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।

    https://nationnowsamachar.com/uttar-pradesh/yogi-government-hi-tech-intruder-detection-detention-model-up/
  • Sardiyon Me Amrud Khane Ke Fayde: सर्दियों में अमरूद खाने के 10 बड़े फायदे जो सेहत के लिए वरदान हैं

    Sardiyon Me Amrud Khane Ke Fayde: सर्दियों में अमरूद खाने के 10 बड़े फायदे जो सेहत के लिए वरदान हैं

    Sardiyon Me Amrud Khane Ke Fayde:सर्दियों का मौसम आते ही बाज़ार में एक खास फल की भरमार हो जाती है, और वो है अमरूद (Guava). यह स्वादिष्ट और कुरकुरा फल न केवल खाने में मज़ेदार होता है, बल्कि सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. हालांकि अमरूद पूरे साल मिलता है, लेकिन सर्दियों में आने वाला अमरूद स्वाद और गुणों में लाजवाब होता है. अगर आप जानना चाहते हैं कि ठंड के मौसम में अमरूद क्यों खाना चाहिए और इसके क्या-क्या फायदे हैं, तो यह लेख आपके लिए है. हम आसान और बोलचाल की भाषा में अमरूद खाने के फ़ायदों (Amrud Khane Ke Fayde) के बारे में बात करेंगे.

    1. इम्यूनिटी को बनाता है सुपर स्ट्रॉन्ग

    अमरूद विटामिन C का बेहतरीन स्रोत है। मज़े की बात यह है कि एक अमरूद में संतरे से भी 4 गुना ज़्यादा विटामिन C पाया जाता है। यह सर्दियों में होने वाले सर्दी-जुकाम, वायरल इंफेक्शन और फ्लू से बचाने में बेहद मददगार है। रोज़ाना एक अमरूद खाने से आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहती है।

    2. पाचन और कब्ज़ की समस्या में बेहद फायदेमंद

    सर्दियों में ज्यादातर लोगों का पाचन धीमा हो जाता है। अमरूद में मौजूद डाइटरी फाइबर पेट को साफ रखता है, कब्ज़ दूर करता है और पाचन बेहतर बनाता है। गैस, एसिडिटी, अपच जैसी समस्याओं में यह बेहद लाभकारी है।

    3. ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करे

    अमरूद डायबिटीज़ रोगियों के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसमें प्राकृतिक फाइबर और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है, जो ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद करता है। सर्दियों में मीठा खाने का मन ज़्यादा करता है, ऐसे में अमरूद एक हेल्दी विकल्प है।

    4. वजन घटाने में मदद

    अमरूद कैलोरी में कम और पोषण में ज़्यादा होता है। फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और अनहेल्दी स्नैकिंग की आदत को कम करता है। इसलिए सर्दियों में वजन घटाने के लिए यह एक बेहतरीन फल है।

    5. त्वचा और चेहरे पर ग्लो लाए

    अमरूद में मौजूद विटामिन C, A और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को फ्री-रैडिकल्स से बचाते हैं। यह स्किन को टाइट करता है, झुर्रियां कम करता है और चेहरे पर प्राकृतिक ग्लो लाता है। ठंड में रूखी त्वचा से राहत पाने के लिए इसका सेवन बेहद लाभकारी है।

    6. दिल को स्वस्थ रखे

    अमरूद में लाइकोपीन, पोटेशियम और फाइबर दिल की सेहत के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। यह कोलेस्ट्रॉल कम करता है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित करता है और हार्ट अटैक के जोखिम को कम करता है।

    7. एनीमिया से बचाए

    अमरूद में आयरन और फोलेट की मात्रा भी अच्छी होती है, जो हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है। सर्दियों में थकान और कमजोरी से जूझ रहे लोगों के लिए यह पौष्टिक फल वरदान है।

    8. आंखों की रोशनी बढ़ाए

    अमरूद में विटामिन A पाया जाता है, जो आंखों की रोशनी बरकरार रखने में मदद करता है। यह रात में दिखने में आने वाली समस्या (Night Blindness) से भी बचाता है।

    9. मेटाबॉलिज़्म को तेज करे

    सर्दियों में शरीर का मेटाबॉलिज़्म थोड़ा धीमा पड़ जाता है। अमरूद में मौजूद पोषक तत्व मेटाबॉलिज़्म को एक्टिव और तेज रखते हैं।

    10. कैंसर से बचाने में सहायक

    अमरूद में एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे लाइकोपीन और विटामिन C कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकने में मदद करते हैं। यह शरीर को हाई ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से भी बचाता है।

  • कानपुर देहात में परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं आज से शुरू

    कानपुर देहात में परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं आज से शुरू

    कानपुर देहात जिले में परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं आज से प्रारंभ हो गई हैं। इन परीक्षाओं में जिलेभर से करीब 1.29 लाख छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुचारु ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और बेसिक शिक्षा विभाग पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है।

    सुरक्षा और गोपनीयता पर विशेष जोर

    बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि परीक्षा व्यवस्था को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर प्रश्नपत्रों की सीलबंदी तक हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रश्नपत्रों के बंडल पहले ही सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षित तरीके से पहुंचा दिए गए हैं।

    निगरानी के लिए गठित की गई विशेष टीमें

    परीक्षा सामग्री की सुरक्षा और व्यवस्था की निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें लगातार परीक्षा केंद्रों का भ्रमण करेंगी और व्यवस्थाओं का जायजा लेंगी। सभी संबंधित विद्यालयों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता न होने पाए

    छात्रों के लिए बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था

    जिले में कुल 1090 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन सभी केंद्रों पर छात्रों के लिए पेयजल, बिजली, बैठने और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि छात्र बिना किसी असुविधा के परीक्षा दे सकें।

    प्रशासन की अपील

    प्रशासन और शिक्षा विभाग ने शिक्षकों, कर्मचारियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे परीक्षा प्रक्रिया में सहयोग करें, ताकि परीक्षाएं निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध रूप से संपन्न कराई जा सकें।

  • बाराबंकी: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, 2 कारों की टक्कर के बाद आग, 5 की मौत

    बाराबंकी: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, 2 कारों की टक्कर के बाद आग, 5 की मौत

    बाराबंकी जिले में बुधवार दोपहर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सुबेहा थाना क्षेत्र के कुड़वां गांव के पास माइलस्टोन 51.6 पर दो तेज़ रफ्तार कारों की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों कारों में तुरंत आग लग गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद कारों में बैठे लोग उछलकर करीब 15 से 20 मीटर दूर जा गिरे। हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें दो महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं। आग की लपटों और धुएं के कारण हालात बेहद भयावह हो गए।

    स्थानीय लोगों ने दिखाई तत्परता

    हादसे के तुरंत बाद एक्सप्रेसवे पर मौजूद लोगों ने साहस दिखाते हुए कुछ घायलों को जलती कारों से बाहर खींचा। सूचना पर पहुंची पुलिस और यूपीडा टीम ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। कई गंभीर रूप से घायल लोगों को एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल बाराबंकी भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    दमकल की गाड़ी ने पाया आग पर काबू

    सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक दोनों कारें पूरी तरह जल चुकी थीं। हादसे के बाद पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया, जिससे यातायात प्रभावित रहा। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त वाहनों को एक्सप्रेसवे से हटवाकर यातायात बहाल कराया। पुलिस का कहना है कि दुर्घटना कैसे हुई टक्कर के बाद आग किन परिस्थितियों में लगी मृतक और घायल किस जिले/राज्य के रहने वाले हैंइन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। शवों की पहचान के प्रयास जारी हैं और परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया चल रही है।यह हादसा एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर तेज़ रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरों की गंभीर याद दिलाता है।