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  • बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा की ‘जन नमन अभिनंदन’ यात्रा में हर्ष फायरिंग, वीडियो वायरल

    बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा की ‘जन नमन अभिनंदन’ यात्रा में हर्ष फायरिंग, वीडियो वायरल

    बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा की ‘जन नमन अभिनंदन यात्रा’ में हर्ष फायरिंग का मामला सामने आया है। लखीसराय जिले के बड़हिया में स्वागत जुलूस के दौरान समर्थकों ने खुलेआम हथियार लहराए और हर्ष फायरिंग की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। विजय सिन्हा लखीसराय सीट से ही हाल ही में चुनाव जीतकर आए हैं और दोबारा बिहार सरकार में डिप्टी सीएम बनाए गए हैं।

    पुलिस ने तुरंत की कार्रवाई

    वीडियो वायरल होने के बाद लखीसराय पुलिस सक्रिय हुई। एसपी अजय कुमार के निर्देश पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए बंदूक जैसे दिखने वाले दोनों हथियारनुमा उपकरण को जब्त कर लिया। मामले में शामिल जाविर और हामिद को पूछताछ के लिए थाने तलब किया गया है। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

    आरजेडी ने सरकार पर साधा निशाना

    घटना के बाद बिहार की राजनीति भी गरमा गई है। आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि डिप्टी सीएम के विजय समारोह में गोलियों की बौछार होना कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा—“सरकार अपराधियों का संरक्षण कर रही है। बुलडोज़र नीति कहां चली गई? अपराध को बढ़ावा दिया जा रहा है और सरकार खुशियां मना रही है।”

    जन सुराज का तंज “कानून-व्यवस्था की भविष्यवाणी खुद कर लें”

    जन सुराज ने भी सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि बिहार के दोनों उपमुख्यमंत्रियों के कार्यकाल की शुरुआत ही विवादों से हो रही है। बयान में कहा गया—“पहले एक वांछित अपराधी की सम्राट चौधरी को बधाई देने वाली तस्वीर वायरल हुई और अब विजय सिन्हा के अभिनंदन जुलूस में ताबड़तोड़ फायरिंग का वीडियो सामने है। जनता अब अपनी जान-माल की सुरक्षा खुद समझ ले।”

    वीडियो वायरल, विपक्ष ने उठाए सवाल

    घटना का वीडियो व्यापक रूप से वायरल हो चुका है और विपक्ष इसे कानून-व्यवस्था से जोड़कर सरकार पर लगातार हमलावर है। वहीं प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि किसी भी तरह की अवैध फायरिंग या हथियार प्रदर्शन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • कानपुर : डॉ. रजत आदित्य दीक्षित को एशियन ताइक्वांडो यूनियन का बड़ा सम्मान, कोर कमेटी और एक्जीक्यूटिव सदस्य नियुक्त

    कानपुर : डॉ. रजत आदित्य दीक्षित को एशियन ताइक्वांडो यूनियन का बड़ा सम्मान, कोर कमेटी और एक्जीक्यूटिव सदस्य नियुक्त

    कानपुर के अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो खिलाड़ी और भारतीय संघ के कोषाध्यक्ष डॉ. रजत आदित्य दीक्षित को एशियन ताइक्वांडो यूनियन (ATU) ने एक बड़ी जिम्मेदारी और सम्मान से नवाजा है। ATU ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके उत्कृष्ट कार्य, खेल विकास के प्रति समर्पण और ताइक्वांडो को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के योगदान को देखते हुए उन्हें कोर कमेटी के सदस्य और एक्जीक्यूटिव सदस्य के रूप में नामित किया है।

    यह उपलब्धि न केवल कानपुर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और भारत के लिए गौरव का विषय है। डॉ. दीक्षित लंबे समय से खेल प्रशासन, प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं। उनके नेतृत्व में कई युवा खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है।

    सम्मान की घोषणा होते ही कानपुर के खेल जगत में खुशी की लहर दौड़ गई। राज्य के वरिष्ठ खेल अधिकारी, राष्ट्रीय खिलाड़ी और प्रशिक्षकों ने डॉ. दीक्षित को हार्दिक बधाई दी और इसे भारतीय ताइक्वांडो के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया।

    कानपुर में इस मौके पर श्री तुषार साहनी, सतीश कुमार, रोमी सिंह, आकाश शुक्ला, सविता सिंह, पूनम पाल, विक्रांत, अरविंद कुमार और उदय सिंह सहित कई खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने एकत्र होकर मिठाई बांटी और हर्षोल्लास के साथ खुशी मनाई।

    खेल विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर डॉ. दीक्षित की यह नई भूमिका भारत के ताइक्वांडो खिलाड़ियों के लिए नए अवसर खोलेगी और आने वाले वर्षों में देश के खेल विकास को एक नई दिशा देगी।

  • कांग्रेस नेता श्रीप्रकाश जायसवाल का निधन: 81 वर्ष की उम्र में कानपुर में ली अंतिम सांस, मेयर से कोयला मंत्री तक रहा शानदार सफर

    कांग्रेस नेता श्रीप्रकाश जायसवाल का निधन: 81 वर्ष की उम्र में कानपुर में ली अंतिम सांस, मेयर से कोयला मंत्री तक रहा शानदार सफर

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल का 81 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने कानपुर स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। लंबे समय से बीमार चल रहे जायसवाल के निधन से कांग्रेस पार्टी और कानपुर की राजनीति में गहरा शोक छा गया है।

    श्रीप्रकाश जायसवाल को कानपुर की राजनीति का करिश्माई चेहरा माना जाता था। उनका राजनीतिक सफर नगर निगम से शुरू होकर देश की संसद और फिर केंद्र सरकार तक पहुंचा। उन्होंने कानपुर के मेयर के रूप में अपनी पहचान मजबूत की और इसके बाद लगातार तीन बार कानपुर से सांसद चुने गए।

    केंद्रीय राजनीति में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी तब मिली जब वे मनमोहन सिंह सरकार में कोयला मंत्री बने। इस दौरान उन्होंने ऊर्जा और खनन क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण निर्णयों में भूमिका निभाई।
    कानपुर में उनके विकास कार्यों, धरातल से जुड़े नेतृत्व और सरल स्वभाव के कारण वे सभी दलों के नेताओं में सम्मानित थे।

    निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। कांग्रेस नेताओं ने उनके घर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। कई स्थानीय नागरिकों ने बताया कि जायसवाल हमेशा जनता के बीच रहकर समस्याओं को सुनते और समाधान करवाते थे।

    शहर के राजनीतिक इतिहास में उनका नाम एक मजबूत व प्रभावशाली नेता के रूप में याद किया जाएगा। परिवार और पार्टी सूत्रों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार कानपुर में ही किया जाएगा।

  • कानपुर देहात  प्रभारी मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद की समीक्षा बैठक,कानून-व्यवस्था और विकास योजनाओं पर कसा फोकस

    कानपुर देहात प्रभारी मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद की समीक्षा बैठक,कानून-व्यवस्था और विकास योजनाओं पर कसा फोकस

    कानपुर देहात (KANPUR DEHAT) के जिला मुख्यालय स्थित मां मुक्तेश्वरी सभागार (Maa Mukteshwari Auditorium) में प्रभारी मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों की प्रगति और अकबरपुर–रनिया विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास पर विस्तार से चर्चा की गई।

    प्रभारी मंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों से सरकार की विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति जानी। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पहुँचे, ताकि सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का अधिकतम असर जमीन पर दिखाई दे सके।

    बैठक में जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बेहतर, संवेदनशील और जवाबदेह पुलिसिंग से ही आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी। उन्होंने लंबित मामलों को प्राथमिकता से निस्तारित करने और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए।

    अकबरपुर–रनिया विधानसभा क्षेत्र के विकास को लेकर भी बैठक में विस्तृत चर्चा हुई। प्रभारी मंत्री ने बताया कि डबल इंजन सरकार क्षेत्र के सतत विकास, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी विभागों को योजनाओं को तेज गति से लागू करने तथा विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

    समापन में डॉ. निषाद ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं, और कानपुर देहात में जारी विकास यात्रा में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • Meesho IPO अगले हफ्ते ओपन: शुरुआती निवेशकों को मिल रहा 1,020 करोड़ का मुनाफा, हर 100 रुपये बने 877 रुपये

    Meesho IPO अगले हफ्ते ओपन: शुरुआती निवेशकों को मिल रहा 1,020 करोड़ का मुनाफा, हर 100 रुपये बने 877 रुपये

    ई-कॉमर्स कंपनी Meesho का बहुप्रतीक्षित IPO अगले हफ्ते निवेशकों के लिए खुल रहा है। IPO की बुकिंग 3 दिसंबर से 5 दिसंबर तक होगी। कंपनी ने इस पब्लिक ऑफरिंग के लिए प्राइस बैंड ₹105–₹111 प्रति शेयर निर्धारित किया है। दिलचस्प बात यह है कि Meesho के शुरुआती निवेशक इस IPO के जरिए जबरदस्त मुनाफा कमाने के लिए तैयार हैं।

    कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के अनुसार Elevation Capital, Peak XV Partners और Y Combinator जैसे बड़े इन्वेस्टर्स 10.38 करोड़ शेयर IPO में बेच रहे हैं। इन शेयरों पर कुल शुरुआती निवेश सिर्फ ₹131 करोड़ था, जिसे बेचकर अब ये निवेशक ₹1,020 करोड़ से अधिक का फायदा कमाने वाले हैं। इसका सीधा मतलब है कि हर 100 रुपये का निवेश आज करीब 877 रुपये का हो गया है।

    इस ऑफर में सबसे बड़ा एक्सिट Elevation Capital V का है, जो 2,44,45,349 शेयर बेच रहा है। वहीं Peak XV Partners Investments V भी भारी कमाई कर रहा है। उसने ये शेयर औसतन ₹4.29 प्रति शेयर की दर से खरीदे थे। अब 111 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड पर प्रति शेयर उसे ₹106.71 रुपये का मुनाफा होगा।

    Peak XV को इस बिक्री से करीब ₹185.5 करोड़ रुपये का कुल लाभ मिलेगा। यह उनके शुरुआती निवेश का लगभग 26 गुना रिटर्न, यानी लगभग 2,490% का मुनाफा है। Y Combinator सहित अन्य शुरुआती निवेशक भी इस IPO के जरिए करोड़ों रुपये कमाने की स्थिति में हैं।

    Meesho का यह IPO भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे शुरुआती निवेशकों को बड़े पैमाने पर वैल्यू अनलॉक करने का मौका मिल रहा है।सबसे ज्यादा फायदा

    Meesho के दो सह-संस्थापक भी इस IPO के जरिए अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचकर मोटी रकम निकाल रहे हैं। यह मुनाफा ऐसा है जिसे पब्लिक मार्केट में पाना लगभग नामुमकिन है। कंपनी के सह-संस्थापक और CEO विदित अत्रेय 1.6 करोड़ शेयर बेच रहे हैं। उन्होंने ये शेयर सिर्फ 0.06 रुपये प्रति शेयर के भाव पर खरीदे थे। IPO में 111 रुपये प्रति शेयर के भाव पर, उन्हें प्रति शेयर करीब 110.94 रुपये का मुनाफा हो रहा है। इस हिस्सेदारी को बेचकर उन्हें करीब 177.5 करोड़ रुपये का फायदा हो रहा है। यह उनके निवेश का करीब 1,850 गुना है, यानी करीब 1,84,900% का रिटर्न।

    दूसरे को-फाउंडर संजीव कुमार के लिए तो यह और भी ज्यादा फायदेमंद साबित हो रहा है। वह इस आईपीओ के जरिए 1.6 करोड़ शेयर बेच रहे हैं। उन्होंने ये शेयर सिर्फ 0.02 रुपये प्रति शेयर के भाव पर खरीदे थे। 111 रुपये प्रति शेयर के भाव पर उन्हें प्रति शेयर करीब 110.98 रुपये का मुनाफा हो रहा है। इस हिस्सेदारी को बेचकर उन्हें करीब 177.6 करोड़ रुपये का फायदा हो रहा है। उनके निवेश का यह करीब 5,500 गुना से ज्यादा है, यानी करीब 5,54,900% का रिटर्न।

  • PM Modi Udupi Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे 77 फुट ऊंची भगवान राम की कांस्य प्रतिमा का अनावरण, गोवा के गोकर्ण पर्तगाली मठ में भव्य कार्यक्रम

    PM Modi Udupi Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे 77 फुट ऊंची भगवान राम की कांस्य प्रतिमा का अनावरण, गोवा के गोकर्ण पर्तगाली मठ में भव्य कार्यक्रम

    PM Modi Udupi Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 नवंबर को गोवा के ऐतिहासिक गोकर्ण पर्तगाली मठ में दुनिया की सबसे ऊंची 77 फुट की भगवान राम की कांस्य प्रतिमा का अनावरण करेंगे। यह कार्यक्रम मठ के 550 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देशभर से साधु–संत, विद्वान और भक्त बड़ी संख्या में शामिल होंगे।

    गोकर्ण पर्तगाली मठ गोवा की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण केंद्र है। मठ के 550 साल पूरे होने पर यहां एक विशेष धार्मिक समारोह रखा गया है, जिसका मुख्य आकर्षण भगवान राम की विशाल प्रतिमा का लोकार्पण होगा। 77 फुट ऊंची यह प्रतिमा न केवल अपनी भव्यता के लिए खास है, बल्कि इसे भारत के जाने-माने मूर्तिकार राम सुतार के मार्गदर्शन में तैयार किया जा रहा है। राम सुतार वही कलाकार हैं, जिन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का निर्माण किया था।

    प्रतिमा का निर्माण अत्याधुनिक तकनीक और पारंपरिक भारतीय मूर्तिकला के संयोजन से किया गया है। यह प्रतिमा भगवान राम के आदर्शों—धर्म, मर्यादा और कर्तव्य—को प्रतीक रूप में दर्शाती है। प्रतिमा के अनावरण के साथ मठ परिसर में हवन, शास्त्र–पाठ, सांस्कृतिक कार्यक्रम और भक्ति संगीत का आयोजन भी किया जाएगा।

    सरकार और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इस आयोजन से गोवा में धार्मिक पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। विशेष रूप से अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के बाद, भगवान राम से जुड़ी यह भव्य प्रतिमा भक्तों के लिए एक और आकर्षण का केंद्र होगी।

    28 नवंबर को प्रधानमंत्री का यह दौरा धार्मिक, सांस्कृतिक और विरासत संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है

  • संभल में झाड़ियों के बीच दबा प्राचीन कुआं मिला, दोबारा खुदाई से 1978 के दंगे की कहानी फिर चर्चा में

    संभल में झाड़ियों के बीच दबा प्राचीन कुआं मिला, दोबारा खुदाई से 1978 के दंगे की कहानी फिर चर्चा में

    संभल के मोहम्मदखां सराय क्षेत्र में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एकता चौकी के पास झाड़ियों और मिट्टी के बीच दबा एक प्राचीन बंद कुआं मिलने की जानकारी सामने आई। जैसे ही स्थानीय लोगों में यह खबर फैली, प्रशासन सक्रिय हो गया और जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर पालिका ने तत्काल कुएं की खुदाई का काम शुरू कराया

    सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार और अधिशासी अधिकारी मणिभूषण तिवारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कार्यदायी टीम को निर्देश दिए कि खुदाई तेज गति से की जाए, लेकिन कुएं की उम्र और सतह की कमजोर स्थिति को देखते हुए पूरी सावधानी बरती जाए।खुदाई के दौरान वर्षों पुराना एक विशाल पेड़ सबसे बड़ा अवरोध बना। टीम को पेड़ को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित तरीके से हटाने का आदेश दिया गया है। नगर पालिका की टीम कुएं को साफ करने और उसकी गहराई तक पहुंचने में जुटी है।

    1978 के दंगे का पुराना आरोप फिर चर्चा में

    स्थानीय लोगों के अनुसार यह कुआं कई दशक पहले बंद कर दिया गया था। इसी के साथ एक पुराना दावा भी फिर चर्चा में है बताया जाता है कि 1978 के दंगे के दौरान एक व्यापारी की हत्या कर उसके शव को इसी कुएं में फेंकने की बात कही गई थी। हालाँकि, उस समय कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।कुएं की दोबारा खुदाई शुरू होने के बाद लोग एक बार फिर उसी घटना की याद ताजा कर रहे हैं। यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या कुएं में कई दशकों पुराना कोई सच दफन है?

    पुलिस बल तैनात, क्षेत्र सील

    किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए प्रशासन ने क्षेत्र की घेराबंदी कर दी है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कुएं की पूरी खुदाई खत्म होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इसके अंदर क्या मौजूद है और क्या कोई पुराना राज सामने आएगा।

  • Parliament Winter Session 2025: SIR से वंदे मातरम् तक: शीतकालीन सत्र में हंगामेदार बहस की संभावना, सरकार ने बनाई रणनीति

    Parliament Winter Session 2025: SIR से वंदे मातरम् तक: शीतकालीन सत्र में हंगामेदार बहस की संभावना, सरकार ने बनाई रणनीति

    Parliament Winter Session 2025: नई दिल्ली: संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है, और इस बार सत्र हंगामेदार होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। विपक्ष की सक्रियता और सरकार के सामने विभिन्न संवेदनशील मुद्दों को देखते हुए शीतकालीन सत्र में सियासी बहसें तेज होने की उम्मीद है।

    सत्र के प्रमुख मुद्दे

    इस सत्र में मुख्य चर्चा का विषय SIR (Special Investment Region) विवाद, वंदे मातरम् के गाने को लेकर उठे मुद्दे और अन्य संवेदनशील राष्ट्रीय और सामाजिक मुद्दे होंगे। सरकार ने पहले ही रणनीति बनाकर विपक्ष के तेवर को देखते हुए अपनी कार्यवाही को सुचारू बनाने की योजना बनाई है।

    सरकार की तैयारी

    सरकार ने विभिन्न कमेटियों और संबंधित मंत्रालयों को निर्देश दिए हैं कि वे हर संभव स्थिति के लिए तैयार रहें। शीतकालीन सत्र में विपक्ष द्वारा विपक्षी आंदोलनों और भाषणबाजी की संभावना को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने अपने सदस्यों को मॉनिटरिंग और जवाबी रणनीति पर प्रशिक्षित किया है।

    विपक्ष की सक्रियता

    विशेषज्ञों का कहना है कि विपक्ष SIR से लेकर वंदे मातरम् तक विभिन्न मुद्दों पर जोर देकर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा। इसके अलावा, किसान और श्रमिक हितों, बेरोजगारी और स्थानीय मुद्दों पर भी हंगामा होने की संभावना है।

    सत्र की अहमियत

    शीतकालीन सत्र का उद्देश्य न केवल मौजूदा सरकारी नीतियों पर चर्चा करना है, बल्कि संसद के माध्यम से देश की संवैधानिक कार्यवाही और लोकतांत्रिक बहस को मजबूती देना भी है। सत्र के दौरान हर राजनीतिक दल अपनी रणनीति के अनुसार मुद्दों को उठाएगा और संसद की कार्यवाही को प्रभावित करेगा।सत्र के पहले दिन से ही राजनीतिक हलचल और बहसें संसद को हंगामेदार बना सकती हैं। ऐसे में सभी दलों की रणनीति, सांसदों की भागीदारी और बहस की दिशा इस सत्र की सफलता या विवादास्पद होने का पैमाना तय करेगी।

  • #BREAKING कानपुर में 40 यात्रियों से भरी बस में भीषण आग, पुलिसकर्मी दौड़ते हुए जलती बस पर चढ़े

    #BREAKING कानपुर में 40 यात्रियों से भरी बस में भीषण आग, पुलिसकर्मी दौड़ते हुए जलती बस पर चढ़े

     कानपुर। चकेरी थाना क्षेत्र के रामादेवी फ्लाई ओवर पर शुक्रवार सुबह एक चलती स्लीपर बस के ऊपर रखे सामान में आग लग गई। लेकिन समय रहते बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग मौके पर पहुंच गया और आग पर काबू पाया।

    बस और आग का हाल

    जानकारी के अनुसार, बस हाइवे पर सफर कर रही थी जब ड्राइवर ने अचानक धुआं निकलते देखा। जैसे ही आग फैलने लगी, ड्राइवर ने तुरंत बस को किनारे रोककर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। आग इतनी तीव्र थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह जल गया। हालांकि किसी भी यात्री को गंभीर चोटें नहीं आई हैं।

    प्रभावित यात्री और राहत कार्य

    बस में कुल 40 यात्री सवार थे। आग लगने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है। प्रारंभिक जांच में इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट की संभावना जताई जा रही है। आग लगने के तुरंत बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और बस को जलने से बचाने के लिए प्रयास किया।

    स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया

    कानपुर प्रशासन ने आग लगने की घटना पर तुरंत जांच का आदेश दिया है। अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं से यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बसों की सुरक्षा जांच को और कड़ा किया जाएगा।यात्री सुरक्षित होने के बावजूद, बस में लगी आग ने हाईवे पर कुछ समय के लिए ट्रैफिक जाम भी उत्पन्न कर दिया। प्रशासन ने वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील की है।इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सतर्कता और समय पर प्रतिक्रिया ही जीवन की सुरक्षा में सबसे बड़ा हथियार है।

  • CM Mohan Yadav Son Wedding: MP CM मोहन यादव के डॉक्टर बेटे की शादी का कार्ड आया सामने, सामूहिक सम्मेलन में होगी सादगीपूर्ण शादी

    CM Mohan Yadav Son Wedding: MP CM मोहन यादव के डॉक्टर बेटे की शादी का कार्ड आया सामने, सामूहिक सम्मेलन में होगी सादगीपूर्ण शादी

    CM Mohan Yadav Son Wedding: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव की शादी इन दिनों चर्चा में है। वजह है—शादी का आयोजन पूरी तरह सादगीपूर्ण और जनसहभागी अंदाज़ में किया जाना। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने परिवारिक परंपराओं और सामाजिक संदेश को ध्यान में रखते हुए बेटे की शादी 30 नवंबर को उज्जैन में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में कराने का फैसला लिया है।

    यादव परिवार की इस पहल को एक सामाजिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। उच्च राजनीतिक पद होने के बावजूद परिवार ने भव्य आयोजन के बजाय एक सामूहिक सम्मेलन को चुना है, जिससे समाज में सादगी, किफायत और सामाजिक एकजुटता का संदेश जाता है।

    शादी के लिए जो निमंत्रण पत्र सार्वजनिक हुआ है, वह भी बेहद सरल, सामान्य और बिना किसी दिखावे वाला है। कार्ड में केवल आवश्यक जानकारी दी गई है और किसी तरह की राजनीतिक या भव्य सजावट से परहेज़ किया गया है। इसमें यह स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि विवाह उज्जैन में होने वाले सामूहिक सम्मेलन में सम्पन्न कराया जाएगा।

    सूत्रों के अनुसार, विवाह समारोह में परिवार के सीमित सदस्य और कुछ विशेष अतिथि शामिल होंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद कई मौकों पर कहा है कि वे सामाजिक मूल्यों, परंपराओं और ‘कम खर्च, बड़ा संदेश’ के सिद्धांत को मानते हैं। उनके निर्णय से प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जनता में सकारात्मक चर्चा बनी हुई है।

    उज्जैन में होने वाला सामूहिक विवाह सम्मेलन हर वर्ष बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहारा देता है। मुख्यमंत्री ने अपने बेटे की शादी भी इसी मंच पर कराने का निर्णय लेकर समाज के लिए उदाहरण पेश किया है कि विवाह में अनावश्यक खर्च की जगह सामाजिक उपयोगिता को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

    राजनीतिक हलकों में इसे एक सशक्त सामाजिक संदेश माना जा रहा है और आम लोग भी इस फैसले की जमकर सराहना कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के इस कदम से एक बार फिर संदेश गया है कि समाज में बदलाव केवल फैसलों से नहीं, बल्कि व्यक्तिगत उदाहरण से भी आता है।