Nation Now Samachar

Category: Headlines

  • कानपुर देहात: अकबरपुर पुल से मुख्यालय रोड तक भीषण जाम, एम्बुलेंस और कैदी वैन फंसी

    कानपुर देहात: अकबरपुर पुल से मुख्यालय रोड तक भीषण जाम, एम्बुलेंस और कैदी वैन फंसी

    कानपुर देहात। अकबरपुर पुल से लेकर मुख्यालय रोड तक भीषण ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे आम जनता के साथ-साथ स्कूली बच्चों, मरीजों और कैदियों को ले जा रही कैदी वैन तक घंटों फंसी रही।

    सबसे गंभीर स्थिति तब देखी गई जब एक एम्बुलेंस मरीज को अस्पताल ले जाने के दौरान जाम में अटक गई। यातायात माह के दौरान हुए इस जाम ने प्रशासन की तैयारियों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    जाम की शुरुआत अकबरपुर पुल के पास हुई, लेकिन कुछ ही समय में यह बढ़ते हुए मुख्यालय रोड तक पहुंच गई। बड़ी संख्या में वाहन रेंगते रहे और कई जगह पर दोपहर तक ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। जाम में फंसे लोगों का कहना है कि अव्यवस्थित पार्किंग, सड़क किनारे लगाए गए ठेले और वाहनों की गलत लेन का उपयोग इस समस्या की बड़ी वजह है।

    जाम के कारण मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई। एम्बुलेंस के फंसने से अस्पताल पहुंचने में देरी का खतरा था, जो किसी भी गंभीर मरीज की जान जोखिम में डाल सकता था। स्कूली बसों के फंसने के कारण बच्चों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं कैदियों को ले जा रही वैन के रुकने से सुरक्षा संबंधी चिंताएँ भी सामने आईं।

    कानपुर देहात में पिछले कुछ समय से ट्रैफिक अव्यवस्था लगातार बढ़ रही है। हालांकि यातायात माह के तहत जागरूकता अभियान और चेकिंग ड्राइव चलाए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका प्रभाव स्पष्ट रूप से नहीं दिखा। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस की संख्या कम होने और सड़क पर निगरानी कमजोर होने से ऐसी स्थिति बार–बार पैदा होती है।

    जाम खत्म कराने के लिए पुलिस को कई घंटों तक मशक्कत करनी पड़ी। फिलहाल प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि व्यस्त स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा और ट्रैफिक उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • IASControversy- MP में IAS का आपत्तिजनक बयान, कहा ‘ब्राह्मण बेटी दान करें तभी खत्म होगा आरक्षण’

    IASControversy- MP में IAS का आपत्तिजनक बयान, कहा ‘ब्राह्मण बेटी दान करें तभी खत्म होगा आरक्षण’

    IASControversyमध्य प्रदेश में IAS अधिकारी संतोष वर्मा अपने एक विवादित बयान को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में संतोष वर्मा ब्राह्मण समाज की बेटियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करते दिख रहे हैं। बयान में उन्होंने कहा— “जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं देता या उससे संबंध नहीं बनता, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए।”इस बयान के सामने आते ही राज्यभर में बवाल खड़ा हो गया है।

    IAS संतोष वर्मा की यह टिप्पणी न केवल ब्राह्मण समाज के लोगों को आहत कर रही है, बल्कि इसे जातिगत भेदभाव और निजी आचरण पर असंवेदनशील बयान के रूप में देखा जा रहा है। कई ब्राह्मण संगठनों ने इस टिप्पणी की कड़ी आलोचना की है और सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

    सोशल मीडिया पर भी इस बयान के खिलाफ भारी विरोध देखने को मिल रहा है। ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर यूजर्स IAS अधिकारी के निलंबन और जांच की मांग कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी से ऐसी भाषा की उम्मीद नहीं की जा सकती।राजनीतिक दलों ने भी इस मुद्दे को उठाना शुरू कर दिया है। विपक्ष ने इसे सरकार की ‘प्रशासनिक विफलता’ बताया है और कहा है कि ऐसे बयान समाज में जातिगत तनाव को बढ़ावा देते हैं। वहीं कुछ नेताओं ने इसे “अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय” करार दिया है।

    ब्राह्मण संगठनों का कहना है कि यह बयान केवल एक समुदाय को ही नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान को भी ठेस पहुंचाता है। संगठन ने मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कर तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई अधिकारी ऐसी टिप्पणी करने का साहस न करे।इस पूरे विवाद पर अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही कदम उठाए जा सकते हैं।यह विवाद आने वाले दिनों में और गहरा सकता है, क्योंकि समाजिक और राजनीतिक स्तर पर इस बयान के खिलाफ विरोध लगातार बढ़ रहा है।

  • Laziness & Fatigue: क्यों आती है सुबह-सुबह नींद? डॉक्टर ने बताई इन दो विटामिन की कमी

    Laziness & Fatigue: क्यों आती है सुबह-सुबह नींद? डॉक्टर ने बताई इन दो विटामिन की कमी

    Laziness & Fatigue: आजकल अनहेल्दी लाइफस्टाइल, जंक फूड और कम सक्रिय दिनचर्या के कारण लोग अक्सर दिनभर थकान और आलस महसूस करते हैं। कई लोग रात में अच्छी नींद लेने के बावजूद सुबह उठते ही कमजोरी और सुस्ती महसूस करते हैं। आमतौर पर लोग इसे नींद पूरी न होने का कारण मान लेते हैं, लेकिन यह हर बार सही नहीं होता। कई बार शरीर में कुछ महत्वपूर्ण विटामिन की कमी भी लगातार आलस्य और थकान का कारण बनती है।

    इंटरनल मेडिसिन कंसल्टेंट डॉ. सुजॉय मुखर्जी के अनुसार, शरीर में दो मुख्य विटामिन विटामिन D और विटामिन B12 की कमी सीधे तौर पर नींद, ऊर्जा स्तर और मानसिक सक्रियता को प्रभावित करती है।


    Laziness & Fatigue: विटामिन D की कमी क्यों बढ़ाती है आलस्य?

    शरीर में विटामिन D की कमी होने पर नींद की गुणवत्ता प्रभावित होती है। इससे शरीर में लगातार थकान, कमजोरी और दिनभर उनींदापन बना रहता है। विटामिन D की कमी से

    • हड्डियों में दर्द
    • इम्यूनिटी कमजोर
    • मांसपेशियों में कमजोरी
    • मूड स्विंग
      जैसी समस्याएँ भी बढ़ने लगती हैं।

    Skin exposure के जरिए सूरज की रोशनी से शरीर प्राकृतिक रूप से विटामिन D बनाता है। इसके अलावा विटामिन D-युक्त भोजन और डॉक्टर द्वारा सुझाए गए सप्लीमेंट भी मदद करते हैं।

    https://nationnowsamachar.com/headlines/ias-controversy-ias-officer-in-mp-makes-objectionable-statement-says-reservation-will-end-only-if-brahmins-donate-their-daughters/

    Laziness & Fatigue: विटामिन B12 की कमी और ज्यादा नींद का रिश्ता

    विटामिन B12 की कमी से शरीर की न्यूरोलॉजिकल क्रियाओं पर असर पड़ता है। इससे

    • लगातार नींद आना
    • ध्यान न लगना
    • शरीर में भारीपन
    • मानसिक थकान
      जैसी समस्याएँ होने लगती हैं।

    B12 की कमी लंबे समय तक रहने पर मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है। यह विटामिन मुख्य रूप से नॉन-वेज, डेयरी उत्पादों और सप्लीमेंट्स में पाया जाता है।


    Laziness & Fatigue: सुबह आलस दूर करने के आसान उपाय

    • रोज 20–25 मिनट धूप लें
    • हेल्दी फूड, खासकर प्रोटीन और विटामिन-युक्त भोजन खाएँ
    • पर्याप्त पानी पीएँ
    • सुबह हल्का व्यायाम करें
    • जरूरत हो तो डॉक्टर से विटामिन D या B12 की जांच करवाएँ
    https://nationnowsamachar.com/latest/union-minister-nitin-gadkari-reached-barsana-after-serving-cows-he-visited-radharani-temple-by-ropeway/
  • केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बरसाना पहुंचे, गौ सेवा के बाद रोप-वे से राधारानी मंदिर के किए दर्शन

    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बरसाना पहुंचे, गौ सेवा के बाद रोप-वे से राधारानी मंदिर के किए दर्शन

    केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत हेलीकॉप्टर से बरसाना पहुंचे। हेलीकॉप्टर के माता जी गौशाला परिसर में उतरने के बाद उन्होंने सबसे पहले गौ सेवा कर अपनी परंपरागत आस्था व्यक्त की। उनके आगमन को लेकर क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और सुरक्षाबलों ने पूरे कार्यक्रम को सावधानीपूर्वक संभाला।

    बरसाना की प्राचीन और पौराणिक पहचान के बीच गौ सेवा करने के बाद नितिन गडकरी रोप-वे से राधारानी मंदिर पहुंचे, जो तीर्थयात्रियों के लिए बरसाना की मुख्य धार्मिक धरोहर माना जाता है। रोप-वे से यात्रा करते हुए उन्होंने बरसाना की दिव्य परिक्रमा और प्राकृतिक सौंदर्य को निहारा। मंदिर पहुंचकर केंद्रीय मंत्री ने श्रीजी राधारानी के दर्शन किए और देश की खुशहाली, विकास और जनकल्याण के लिए प्रार्थना की।

    राधारानी मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्यों ने केंद्रीय मंत्री का स्वागत किया और उन्हें मंदिर की परंपराओं तथा धार्मिक विरासत की जानकारी दी। दर्शन के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु भी मंदिर परिसर में मौजूद रहे, जिन्होंने मंत्री के आगमन पर खुशी जताई।

    बरसाना में इन दिनों रोप-वे व्यवस्था ने श्रद्धालुओं की यात्रा को आसान बनाया है, और नितिन गडकरी के आज के कार्यक्रम ने इसे एक बार फिर चर्चा में ला दिया। दर्शन के बाद उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने तथा तीर्थस्थल विकास को बढ़ावा देने पर बातचीत भी की।

    नितिन गडकरी का बरसाना दौरा धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके आगमन से क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा और बड़ी संख्या में लोगों ने उनके प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के मंत्री का बरसाना आना इस क्षेत्र के विकास को नई दिशा देगा।

  • वाराणसी में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया संविधान दिवस, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने दिलाई शपथ

    वाराणसी में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया संविधान दिवस, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने दिलाई शपथ

    रिपोर्टर: मनीष पटेल | वाराणसी संविधान दिवस बड़े ही गरिमा और उत्साह के साथ मनाया गया। शहर के विभिन्न सरकारी संस्थानों, स्कूलों और प्रशासनिक कार्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए गए, लेकिन सबसे प्रमुख आयोजन पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी में हुआ, जहां पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों को संविधान की शपथ दिलाई।

    कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा कि हर वर्ष 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन 1949 में संविधान सभा ने भारत के संविधान को अंतिम रूप दिया था। बाद में 26 जनवरी 1950 को यह पूरे देश में लागू हुआ और भारत एक गणराज्य और लोकतांत्रिक राष्ट्र बना।उन्होंने उपस्थित लोगों को संविधान में उल्लिखित मूल कर्तव्यों और मूल्यों की याद दिलाते हुए कहा कि हम सभी का दायित्व है कि देश के कानून, लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था को मजबूती दें। उन्होंने कहा कि संविधान सिर्फ एक किताब नहीं, बल्कि देश की आत्मा और नागरिकों के अधिकारों का संरक्षक है।

    कमिश्नर ने सभी अधिकारियों व नागरिकों से अपील की कि वे संविधान की भावना के अनुरूप कार्य करें और अपने कर्तव्यों का 100% पालन करें। उन्होंने कहा कि न्याय, समानता और स्वतंत्रता जैसे मूल सिद्धांतों को जीवन में उतारना ही सच्ची देशभक्ति है।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे संविधान की रक्षा करेंगे, लोकतंत्र को मजबूत करेंगे और समाज में शांति, सद्भाव और न्याय की स्थापना के लिए कार्यरत रहेंगे।वाराणसी में संविधान दिवस के कार्यक्रमों ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि भारत का संविधान हर नागरिक के जीवन का मार्गदर्शक है, और इसके पालन से ही देश आगे बढ़ता है।

  • राबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस, NDA सरकार के फैसले से लालू परिवार का दशकों पुराना ठिकाना बदलेगा

    राबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस, NDA सरकार के फैसले से लालू परिवार का दशकों पुराना ठिकाना बदलेगा

    बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी नई NDA सरकार ने कामकाज संभालते ही प्रशासनिक फैसलों की रफ्तार बढ़ा दी है। इसी क्रम में भवन निर्माण विभाग ने मंगलवार शाम पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को उनका सरकारी आवास 10, सर्कुलर रोड खाली करने का नोटिस जारी कर दिया। अब विभाग ने उन्हें नया आवास 39, हार्डिंग रोड आवंटित किया है, जो आगे चलकर उनका आधिकारिक सरकारी निवास होगा।

    क्यों खाली कराना पड़ रहा है बंगला?

    राबड़ी देवी का बंगला खाली कराए जाने की वजह सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं है। इसकी जड़ें 2017 की उस कानूनी लड़ाई से जुड़ी हैं, जिसने बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया था। यह मामला तेजस्वी यादव की याचिका से शुरू हुआ था।

    तेजस्वी बनाम सरकार – 2017 का विवाद

    2017 में जब तेजस्वी यादव उपमुख्यमंत्री पद से हटे, तो उन्हें आवंटित सरकारी आवास 5, देशरत्न मार्ग खाली करने का नोटिस मिला। तेजस्वी इस बंगले को विपक्ष के नेता रहते हुए भी रखना चाहते थे। उन्होंने फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी, लेकिन अदालत ने न केवल तेजस्वी की याचिका खारिज की बल्कि उससे भी बड़ा फैसला सुनाया।

    हाईकोर्ट ने अपने ऐतिहासिक निर्णय में कहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन बंगला, सुरक्षा और अन्य विशेष सुविधाएं देने की व्यवस्था समाप्त की जाए। यही अदालत का आदेश अब 2025 में प्रभावी हुआ है। यदि तेजस्वी 2017 में अदालत न जाते, तो राबड़ी देवी पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते 10 सर्कुलर रोड में बनी रह सकती थीं।

    लालू परिवार का राजनीतिक केंद्र रहा है यह बंगला

    लालू-राबड़ी परिवार वर्षों से इस बंगले में रह रहा है। 10 सर्कुलर रोड प्रेस कॉन्फ्रेंस, नेताओं की बैठकें और राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। अब सरकार के नए आदेश के बाद यह ऐतिहासिक पता बदलने जा रहा है।

    रोहिणी आचार्य का हमला

    बंगला खाली करने का नोटिस जारी होते ही लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर नाराज़गी जताई। उन्होंने लिखा– “सुशासन बाबू का मॉडल… लालू प्रसाद यादव का अपमान पहली प्राथमिकता। घर से निकाल दीजिए, जनता के दिल से कैसे निकालेंगे?”परिवार इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई मान रहा है, जबकि सरकार इसे अदालत के आदेशों का अनुपालन बता रही है।नई आवासीय व्यवस्था के साथ बिहार की राजनीति में एक अध्याय समाप्त होता दिख रहा है, और लालू परिवार का दशकों पुराना ठिकाना अब इतिहास बनने की कगार पर है।

  • US Pilot Taylor Hiester : तेजस क्रैश के बाद भी जारी रहा दुबई एयर शो, नाराज़ हुए अमेरिकी पायलट

    US Pilot Taylor Hiester : तेजस क्रैश के बाद भी जारी रहा दुबई एयर शो, नाराज़ हुए अमेरिकी पायलट

    US Pilot Taylor Hiester: दुबई, दुबई एयर शो 2025 में भारतीय वायुसेना के तेजस फाइटर जेट के क्रैश के बाद भी शो को जारी रखने के फैसले ने अमेरिकी वायुसेना के पायलट मेजर टेलर ‘फेमा’ हिएस्टर को नाराज़ कर दिया। तेजस के हादसे में विंग कमांडर नमांश व्याल की दुर्भाग्यपूर्ण मौत हो गई थी। इसके बावजूद ऑर्गेनाइजर्स ने शो को रोकने के बजाय कार्यक्रम को जारी रखा, जिसे लेकर अमेरिकी पायलट ने कड़ा असंतोष जताया है।

    हादसे ने सभी को झकझोर दिया

    तेजस के डेमोंस्ट्रेशन फ्लाइट के दौरान हुए इस दर्दनाक हादसे ने पूरे एयर शो को हिलाकर रख दिया। भारतीय वायुसेना के शूरवीर विंग कमांडर नमांश व्याल की शहादत से एविएशन कम्युनिटी में गहरा शोक छाया रहा। कई देशों के पायलटों, टेक्नीशियनों और विशेषज्ञों ने दुर्घटना पर संवेदना व्यक्त की।

    “मैं सोच रहा था शो बंद होगा” – अमेरिकी पायलट

    मेजर टेलर हिएस्टर, जो यूएस एयरफोर्स F-16 Viper Demonstration Team के कमांडर हैं, ने अपने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट लिखा। उन्होंने कहा कि हादसे के तुरंत बाद उन्होंने उम्मीद की थी कि कार्यक्रम रोक दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।हिएस्टर ने लिखा:“मैं करीब एक-दो घंटे बाद स्थल पर गया और सोचा कि यह खाली होगा, बंद होगा… लेकिन ऐसा नहीं था।”उन्होंने बताया कि भारतीय पायलट की मौत के बाद भी उड़ानें और प्रदर्शन जारी रहे, जो उन्हें बेहद असंवेदनशील और असहज लगा।

    अमेरिकी टीम ने अंतिम प्रदर्शन रद्द किया

    मेजर हिएस्टर ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी टीम ने ‘आईएएफ पायलट, उनके सहयोगियों और परिवार के सम्मान में’ बाकी सभी शो प्रदर्शन रद्द करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा:“हम प्रदर्शन करने नहीं आए, हम सम्मान देने आए हैं। किसी साथी पायलट की मौत पूरे एविएशन परिवार के लिए गहरा धक्का है।”यूएस एयरफोर्स की टीम के इस फैसले की सोशल मीडिया पर व्यापक सराहना की जा रही है।

    ऑर्गेनाइजर्स के फैसले पर उठे सवाल

    दुबई एयर शो के आयोजकों का यह निर्णय कि क्रैश के बाद भी शो जारी रहेगा, अब सवालों के घेरे में है। कई एविएशन विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी पायलट की मौत के बाद शो रोकना परंपरागत सम्मान का हिस्सा माना जाता रहा है।
    कई विदेशी पायलटों ने भी हिएस्टर की भावना का समर्थन किया है।

  • ध्वजारोहण यज्ञ की पूर्णाहूति नहीं, बल्कि नए युग का शुभारंभ हैः सीएम योगी

    ध्वजारोहण यज्ञ की पूर्णाहूति नहीं, बल्कि नए युग का शुभारंभ हैः सीएम योगी

    अयोध्या धाम, । श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज आरोहण समारोह एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का ध्वजारोहण केवल यज्ञ की पूर्णाहूति नहीं, बल्कि एक नए युग का शुभारंभ है। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत सियावर रामचंद्र भगवान, माता जानकी, सरयू मैया, भारत माता की जय और हर-हर महादेव के जयघोष के साथ की, जिससे पूरा मंदिर परिसर गूँज उठा।

    सीएम योगी ने कहा कि श्रीराम मंदिर का भव्य निर्माण 140 करोड़ भारतीयों की आस्था, सम्मान और आत्मगौरव का प्रतीक है। मंदिर के शिखर पर फहराता केसरिया ध्वज धर्म, मर्यादा, सत्य, न्याय और राष्ट्रधर्म की उस अनंत परंपरा का प्रतीक है, जिसने सदियों से इस राष्ट्र को मार्ग दिखाया है। मुख्यमंत्री ने इस दिव्य अवसर पर उन संतों, रामभक्तों, आंदोलनकारियों और कर्मयोगियों का अभिनंदन किया, जिन्होंने श्रीराम मंदिर आंदोलन में अपना जीवन समर्पित किया।

    कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। सीएम योगी और सभी सम्मानित अतिथियों ने झुककर भगवा ध्वज को प्रणाम अर्पित किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री और सरसंघचालक जी को स्मृति चिह्न भी प्रदान किया।

    सीएम योगी ने कहा कि धर्म का प्रकाश अमर है और रामराज्य के मूल्य कालजयी हैं। उन्होंने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व संभालने के साथ ही भारतवासियों के मन में नए संकल्प और विश्वास का उदय हुआ था, जो आज भव्य राम मंदिर के रूप में साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि आज का ध्वजारोहण विकसित भारत के संकल्प का भी प्रतीक है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि संकल्प का कोई विकल्प नहीं होता। पिछले 11 वर्षों में भारत ने विकास और विरासत का अभूतपूर्व समन्वय देखा है। 80 करोड़ लोगों को राशन, 50 करोड़ लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा, हर जरूरतमंद को आवास—ये सब रामराज्य की उसी अवधारणा के प्रतीक हैं, जिसका आधार न्याय और समानता है।

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या अब उत्सवों की वैश्विक राजधानी बन रही है। संघर्ष और बदहाली के वर्षों के बाद आज अयोध्या धाम नई आस्था, नई ऊर्जा और नई अर्थव्यवस्था का केंद्र बन चुका है। धर्मपथ, रामपथ, भक्ति पथ से लेकर 84 कोसी परिक्रमा तक—अयोध्या हर दिशा में दिव्य और भव्य परिवर्तन का अनुभव करा रही है।

    कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, महंत नृत्य गोपाल दास, स्वामी गोविंद देव गिरी सहित अनेक संत-महंत शामिल रहे। समारोह का संचालन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने किया।

  • UP Education News- हर बच्चे को आत्मविश्वास और तैयारी के साथ स्कूल भेजने का लक्ष्य : संदीप सिंह

    UP Education News- हर बच्चे को आत्मविश्वास और तैयारी के साथ स्कूल भेजने का लक्ष्य : संदीप सिंह

    UP Education News –लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रारंभिक और फाउंडेशनल शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह की पहल पर पूरे राज्य में ‘स्कूल रेडीनेस मूवमेंट’ का व्यापक अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य 5 से 6 वर्ष के बच्चों को आंगनबाड़ी (बालवाटिका) केंद्रों में ही इतनी तैयारी दे देना है कि वे ग्रेड-1 में आत्मविश्वास, कौशल और उत्साह के साथ प्रवेश कर सकें।

    इस पहल के विषय में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि हमारा लक्ष्य स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश का कोई भी बच्चा सीखने की दौड़ में पीछे न रहे। इस अभियान का मूल उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को समान अवसर, मजबूत शुरुआत और गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त कराने का है।

    बालवाटिकाओं में पढ़ाई को मिला नया ढांचा
    स्कूल रेडीनेस मूवमेंट के अंतर्गत बालवाटिकाओं में बच्चों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई शिक्षण गतिविधियों की शुरुआत की गई है। इसमें प्रारंभिक भाषा एवं संख्यात्मक कौशल, समस्या समाधान क्षमता, मोटर स्किल एवं रचनात्मकता, सामाजिक व्यवहार एवं आत्मविश्वास और खेल आधारित शिक्षण जैसी गतिविधियों को शामिल किया गया है। इन गतिविधियों को नियमित करने के लिए टीचर हैंडबुक, स्टूडेंट एक्टिविटी शीट्स और दैनिक पाठ योजना जैसी सामग्रियां पूरे राज्य में सभी शिक्षकों तक पहुंचा दी गई हैं।

    राज्यभर के शिक्षकों का प्रशिक्षण
    संदीप सिंह की निगरानी में पूरे प्रदेश में ECCE इजुकेटर्स, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और प्री-प्राइमरी नोडल शिक्षकों को बड़े पैमाने पर उन्नत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन प्रशिक्षणों में कक्षा प्रबंधन, खेल आधारित शिक्षण, कहानी सुनाना, फाउंडेशनल साक्षरता-अंकज्ञान पद्धतियां, व्यवहारिक सीखने के मॉडल जैसे विषयों पर विशेष फोकस है। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह का कहना है कि प्रशिक्षित शिक्षक ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की नींव होते हैं। इसी सोच के तहत हम कक्षा 1 में प्रवेश से पहले बच्चों के सीखने के स्तर को पूरी तरह मजबूत कर रहे हैं।

    आंगनबाड़ी है बच्चे के सीखने की पहली पाठशाला
    बेसिक शिक्षा विभाग ने यह विशेष रूप से रेखांकित किया है कि आंगनबाड़ी ही वह स्थान हैं जहां आदतें बनती हैं, जिज्ञासा पनपती है, आत्मविश्वास विकसित होता है और सीखने का पहला अनुभव मिलता है। इसलिए आंगनबाड़ी स्तर पर कक्षाओं को मजबूत करना आने वाले वर्षों में बच्चों की सीखने की क्षमता और शैक्षणिक परिणामों में बड़ा बदलाव लाएगा।

    दो बड़े बदलाव लाएगा ‘स्कूल रेडीनेस मूवमेंट’
    स्कूल रेडीनेस मूवमेंट से दो महत्वपूर्ण बदलाव होगा। पहला, सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ेगा। आंगनबाड़ी से ग्रेड-1 में सुगम परिवर्तन सुनिश्चित होने से सरकारी स्कूलों में प्रवेश दर में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। दूसरा, फाउंडेशनल शिक्षा मजबूत होगी जैसे बेहतर प्रारंभिक तैयारी से बच्चे कक्षा 1 में तेजी से सीखेंगे। साथ ही आगे की कक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करेंगे और पढ़ाई में आत्मविश्वास विकसित करेंगे। यह भविष्य में सीखने की हर चुनौती के लिए उन्हें सक्षम बनाएगा।

    हर बच्चे को मजबूत मजबूत देना हमारा लक्ष्य: डीजी स्कूल एजुकेशन मोनिका रानी UP Education News
    डीजी स्कूल एजुकेशन मोनिका रानी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र ही बच्चे के सीखने की वास्तविक शुरुआत हैं। हम शिक्षकों को प्रशिक्षण और उपकरण देकर सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर बच्चा मजबूत आधार के साथ आगे बढ़े।

  • अयोध्या में पीएम मोदी ने किया धर्म ध्वजारोहण | Ram Mandir Dhwajarohan Latest Update

    अयोध्या में पीएम मोदी ने किया धर्म ध्वजारोहण | Ram Mandir Dhwajarohan Latest Update

    Ram Mandir Dhwajarohan Latest Update -अयोध्या का दिन इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज हो गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजारोहण कर देशवासियों को संबोधित किया। इस भव्य समारोह के दौरान उपस्थित हजारों राम भक्तों और पूरे विश्व में बसे करोड़ों श्रद्धालुओं के बीच आध्यात्मिक उल्लास और उत्साह का वातावरण देखने को मिला।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज संपूर्ण भारत ही नहीं, संपूर्ण विश्व राममय हो उठा है। सदियों की पीड़ा, संघर्ष और प्रतीक्षा का अंत हो रहा है। उन्होंने कहा कि “500 साल पहले जो अग्नि प्रज्वलित हुई थी, आज उसकी पूर्णाहुति है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यह धर्म ध्वज आने वाली सदियों तक प्रभु श्रीराम के आदर्शों—सत्य, मर्यादा, पराक्रम और धर्म—का उद्घोष करता रहेगा।

    पीएम मोदी ने कहा कि मंदिर का यह ध्वज केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि राम राज्य की मूल भावना का प्रतिनिधित्व करता है। जो लोग किसी कारण मंदिर नहीं पहुंच पाते, वे भी दूर से ध्वज को देखकर नमन करते हैं, और उन्हें उतना ही पुण्य प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि यह धर्म ध्वज युगों-युगों तक रामलला की जन्मभूमि की पहचान का प्रतीक रहेगा और हर भक्त को प्रेरित करता रहेगा।अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने विकास के एजेंडे पर जोर देते हुए कहा कि बीते 11 वर्षों में महिलाओं, युवाओं, किसानों, दलितों, पिछड़ों और आदिवासी समाज को विकास के केंद्र में रखा गया है। उन्होंने दोहराया कि 2027 तक आजादी के 100 वर्ष पूरे होने से पहले विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ‘सबका प्रयास’ आवश्यक है।

    https://nationnowsamachar.com/headlines/a-unique-salute-to-film-actor-dharmendra-an-artist-from-amroha-created-a-stunning-portrait-with-coal-paying-emotional-tribute/

    उन्होंने कहा, “हमें केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए नहीं, आने वाली कई सदियों के लिए काम करना है। प्रभु श्रीराम हमें आदर्श, मर्यादा, सत्य और कर्तव्य का मार्ग दिखाते हैं।”प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देश का अस्तित्व हमसे पहले भी था और हमारे बाद भी रहेगा, इसलिए राष्ट्र निर्माण में दीर्घकालिक सोच अपनाना आवश्यक है।अयोध्या में धर्म ध्वजारोहण का यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता का भी प्रतीक बन गया है।