Ram Mandir Live – अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में आज वह क्षण आया, जिसका इंतजार करोड़ों श्रद्धालुओं ने वर्षों तक किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज का ध्वजारोहण किया। पुरोहितों के मंत्रोच्चार, वैदिक विधि और दिव्य वातावरण के बीच जब केसरिया ध्वज मंदिर की ऊंचाई पर लहराया, तो अयोध्या का आसमान जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा।
यह समारोह राम मंदिर निर्माण के ऐतिहासिक चरण का प्रतीक है। ध्वजारोहण के समय PM मोदी ने मंदिर परिसर का भ्रमण भी किया और रामलला के दर्शन किए। पूरा कार्यक्रम सुरक्षा, अनुशासन और भक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ।
भारत के इतिहास में यह पहला अवसर है जब भव्य राम मंदिर के शिखर पर परंपरागत धर्म ध्वज को प्रधानमंत्री की उपस्थिति में फहराया गया। यह केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सभ्यतागत उत्सव भी है।वीडियो में देखें—धर्म ध्वज फहरने का दिव्य दृश्य, लोगों की भावनाएं, और अयोध्या का अद्भुत माहौल।
ElectionCommission -चुनाव आयोग ने 23 साल बाद पहली बार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision–SIR) की शुरुआत की है। इस प्रक्रिया की शुरुआत बिहार से हुई थी और अब यह पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में जारी है। SIR का उद्देश्य—फर्जी नाम हटाना, वास्तविक पात्र मतदाताओं को जोड़ना और वोटर लिस्ट को सटीक बनाना है। लेकिन पश्चिम बंगाल में सामने आए ताज़ा आंकड़ों ने राजनीतिक बहस को गरमा दिया है।
2002 से 2025 के बीच 66% बढ़े मतदाता,9 में से 10 जिले बांग्लादेश सीमा से सटे
एक रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में पिछले 23 वर्षों में मतदाताओं की संख्या में 66% की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।
2002 में मतदाता: 4.58 करोड़
2025 में मतदाता: 7.63 करोड़
सबसे बड़ा सवाल यह है कि मतदाता संख्या बढ़ने वाले शीर्ष 10 जिलों में से 9 जिले बांग्लादेश से सटे हुए हैं, जिससे राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है।
मतदाता वृद्धि वाले शीर्ष जिले (ECI डेटा)
सीमा से लगे 9 जिले
उत्तर दिनाजपुर — 105.49%
मालदा — 94.58%
मुर्शिदाबाद — 87.65%
दक्षिण 24 परगना — 83.30%
जलपाईगुड़ी — 82.30%
कूच बिहार — 76.52%
उत्तर 24 परगना — 72.18%
नदिया — 71.46%
दक्षिण दिनाजपुर — 70.94%
एकमात्र गैर-सीमावर्ती जिला
बीरभूम — 73.44% इन आंकड़ों के सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह वृद्धि जनसंख्या के वास्तविक पैटर्न के अनुरूप है या फिर बाहरी घुसपैठ का असर।
राजनीतिक टकराव—TMC का विरोध, BJP का हमला तेज
SIR अभियान शुरू होने के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस इसे केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की “टार्गेटेड कार्रवाई” बता रही है। TMC का आरोप है कि यह प्रक्रिया राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है।उधर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दावा है कि बंगाल की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर घुसपैठियों के नाम शामिल हैं, और SIR से यह खुलकर सामने आएगा।प्रदेश में तेजी से उभरता यह विवाद साफ संकेत देता है कि आगामी चुनाव में ‘घुसपैठ’ और ‘वोटर लिस्ट विसंगति’ प्रमुख मुद्दे बनने वाले हैं।
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के निधन ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया है। हर तरफ उनके प्रति सम्मान और भावनाओं की लहर देखी जा रही है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के अमरोहा शहर में एक अनोखी श्रद्धांजलि चर्चा में है, जिसे बनाया है शहर के प्रसिद्ध युवा कलाकार ज़ुहैब खान ने।धर्मेंद्र के निधन की खबर मिलते ही ज़ुहैब ने अपने खास अंदाज़ में उन्हें श्रद्धांजलि देने का निर्णय लिया और कोयले से दीवार पर एक शानदार, जीवंत और आकर्षक पोर्ट्रेट तैयार किया। कुछ ही घंटों के भीतर बना यह पोर्ट्रेट न सिर्फ देखने वालों को भावुक कर रहा है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो चुका है।
ज़ुहैब खान बचपन से ही धर्मेंद्र को अपना प्रेरणास्रोत मानते आए हैं। उन्होंने बताया कि धर्मेंद्र की सादगी, अभिनय की गहराई और जमीन से जुड़ी शख्सियत ने उन्हें हमेशा प्रभावित किया। उनके निधन की खबर सुनते ही उन्होंने बिना देर किए अपना चारकोल आर्टवर्क शुरू कर दिया।ज़ुहैब के अनुसार, “यह पोर्ट्रेट मेरे दिल की श्रद्धांजलि है। धर्मेंद्र जैसे कलाकार बहुत कम मिलते हैं। उनका जाना सिर्फ फिल्म जगत की नहीं, बल्कि हर उस कलाकार की क्षति है जो उन्हें आदर्श मानता था।”
अमरोहा में यह कोयले से बनाया गया पोर्ट्रेट जल्द ही लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंचकर धर्मेंद्र को याद करते दिखे। कई लोग तस्वीर के सामने रुककर हाथ जोड़ते दिखे तो कुछ अपने मोबाइल से इस अनोखी कलाकृति को कैद कर रहे थे।लोगों का कहना है कि कलाकार ज़ुहैब ने धर्मेंद्र के चेहरे की भाव-भंगिमा को बेहद बारीकी से उकेरा है। यह चित्र न सिर्फ एक अभिनेता को दी गई श्रद्धांजलि है, बल्कि कला के माध्यम से व्यक्त किए गए भावनाओं का भी एक अनूठा उदाहरण है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स—फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स—पर भी इस कला को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। लोग ज़ुहैब की प्रतिभा की सराहना करते हुए धर्मेंद्र के प्रति भावुक संदेश लिख रहे हैं।अमरोहा में बना यह पोर्ट्रेट अब श्रद्धांजलि स्थल जैसा बन चुका है, जहां लोग पहुंचकर अपने पसंदीदा “हीमैन” को याद कर रहे हैं।धर्मेंद्र का निधन भारतीय फिल्म इतिहास के एक सुनहरे अध्याय का अंत माना जा रहा है। ऐसे में अमरोहा के इस युवा कलाकार की कला, उनके प्रति आम जनता की भावनाओं को एक खूबसूरत रूप देती है।
UP Weather Alert- उत्तर भारत में मौसम तेजी से करवट ले रहा है और इसी के साथ उत्तर प्रदेश भर में कड़ाके की ठंड का असर और बढ़ने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों के लिए शीतलहर (Cold Wave) और घने कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया है। अगले एक सप्ताह तक तापमान में भारी गिरावट देखने को मिलेगी।
UP Weather Alert: तेज सर्दी और शीतलहर की चेतावनी
IMD के अनुसार, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और तराई क्षेत्रों में तापमान 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। हवा की रफ्तार में बदलाव और पश्चिमी disturbance के बाद मौसम अचानक ठंडा हो गया है।
लखनऊ, कानपुर, मेरठ, बरेली, गोरखपुर, प्रयागराज और वाराणसी जिलों में घना कोहरा छाने की संभावना।
अयोध्या, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर और बहराइच में शीतलहर चलने की चेतावनी।
सुबह और रात के समय विजिबिलिटी 50 मीटर तक पहुंच सकती है।
मौसम विभाग का कहना है कि रात का तापमान सामान्य से 3–5 डिग्री कम दर्ज होगा, जबकि दिन का तापमान भी तेजी से गिरने की संभावना है।
UP Weather Alert ट्रैफिक व स्वास्थ्य पर पड़ेगा असर
कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर सीधे आम लोगों की दिनचर्या पर पड़ेगा।हाईवे और मुख्य मार्गों पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ेगा, इसलिए वाहन चलाते समय स्पीड कम रखें।कोहरे के कारण रेल और हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।बुजुर्ग, बच्चे और सांस व हार्ट संबंधी मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
UP Weather Alert लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
सुबह-शाम बाहर निकलते समय गरम कपड़े, टोपी और मफलर जरूर पहनें।
हीटर का इस्तेमाल करते समय कमरे में वेंटिलेशन का ध्यान रखें।
फुटपाथों या खुले में रहने वाले लोगों के लिए शासन ने रैन बसेरों की सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं।
IMD के अलर्ट के बाद यूपी में आने वाले दिन और भी ठंडे होंगे।
लोगों को सावधान रहने और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की जरूरत है ताकि किसी भी स्थिति से सुरक्षित रहा जा सके।
Canada citizenship new rules – कनाडा ने विदेशी नागरिकों, खासकर भारतीय मूल के लोगों के लिए एक बड़ा फैसला लेते हुए अपने नागरिकता नियमों को आसान कर दिया है। हाल ही में कनाडा सरकार ने Bill C-3 पेश किया है, जिसे प्रवासी समुदाय के लिए “ऐतिहासिक बदलाव” माना जा रहा है। नए नियमों से उन हजारों भारतीय परिवारों को राहत मिलेगी, जो लंबे समय से कनाडाई नागरिकता पाने की प्रक्रिया में अटके हुए थे।
क्या है Bill C-3?
Bill C-3 कनाडा की नागरिकता अधिनियम (Citizenship Act) में किया गया एक महत्वपूर्ण संशोधन है। इसके तहत विदेश में जन्मे बच्चों के लिए नागरिकता हासिल करने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। पहले, विदेश में जन्मे कनाडाई नागरिकों के बच्चों के लिए नागरिकता पाना मुश्किल होता था, क्योंकि नियम काफी सख्त थे और कई बच्चों को “नागरिकता से बाहर” माना जाता था।
अब Bill C-3 के तहत
विदेश में जन्मे बच्चों को स्वचालित रूप से कनाडाई नागरिकता मिलने का रास्ता साफ हो गया है, यदि उनके माता-पिता में से कोई एक कनाडाई नागरिक है।
माता-पिता के कनाडा में “फिजिकल प्रेजेंस” (निवास अवधि) को साबित करने की प्रक्रिया भी आसान की गई है।
भारतीय परिवारों को अब अपने बच्चों के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।
भारतीय समुदाय को कैसे मिलेगा फायदा?
कनाडा में लगभग 18 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो देश की सबसे तेजी से बढ़ती प्रवासी आबादी में शामिल हैं। ऐसे में नागरिकता नियमों में ढील भारतीय परिवारों के लिए एक बड़ी राहत है।
ऐसे भारतीय दंपतियों के बच्चों को सीधा लाभ मिलेगा, जो कनाडा में रहते हैं लेकिन किसी कारणवश विदेश में बच्चे का जन्म होता है।
स्टूडेंट्स, आईटी प्रोफेशनल्स और प्रांतीय नामांकन कार्यक्रम (PNP) के तहत पहुंचे परिवार भी अब आसानी से नागरिकता विकल्प चुन सकेंगे।
इससे कनाडा में भारतीय समुदाय की दूसरे और तीसरे जेनरेशन की स्थिति अधिक मजबूत होगी।
कनाडाई सरकार ने क्या कहा?
कनाडा सरकार का कहना है कि Bill C-3 का उद्देश्य “परिवारों को सुरक्षित करना” और “प्रवासी समुदाय को मजबूत बनाना” है। सरकार का मानना है कि बदलते वैश्विक वातावरण में नागरिकता का अधिकार और भी समावेशी होना चाहिए। Bill C-3 भारतीय मूल के परिवारों के लिए कनाडा में बेहतर भविष्य की बड़ी उम्मीद लेकर आया है। आसान नागरिकता प्रक्रिया न केवल प्रवासी भारतीयों को राहत देगी, बल्कि उनके बच्चों के लिए शिक्षा, नौकरी और सुरक्षा के नए अवसर भी खोलेगी।
Kapil Sharma on Dharmendra death – बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के निधन के बाद पूरे देश में शोक की लहर है। फिल्म इंडस्ट्री के तमाम बड़े कलाकार उन्हें आखिरी विदाई दे रहे हैं। इसी बीच कॉमेडी किंग कपिल शर्मा ने भी सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए दिग्गज अभिनेता को श्रद्धांजलि दी है।
कपिल शर्मा ने लिखा“ऐसा लग रहा है जैसे दूसरी बार पिता को खो दिया है।”उन्होंने बताया कि धर्मेंद्र उनके लिए सिर्फ एक सुपरस्टार नहीं थे, बल्कि पिता जैसे थे, जिन्होंने हमेशा प्यार, आशीर्वाद और मार्गदर्शन दिया।
कपिल ने अपने पोस्ट में धर्मेंद्र के साथ बिताए पलों को याद करते हुए कहा कि वे बेहद सरल, नम्र और दिल के अच्छे इंसान थे। सेट पर उनकी उपस्थिति हमेशा ऊर्जा और खुशियों से भर देती थी।
धर्मेंद्र के निधन की खबर से कपिल समेत पूरी फिल्म इंडस्ट्री सदमे में है। कपूर खानदान, बच्चन परिवार, सलमान खान, आमिर खान और कई दिग्गज सितारों ने विले पार्ले स्थित पवनहंस श्मशान घाट पहुंचकर अंतिम विदाई दी।
धर्मेंद्र ने अपने छह दशकों के करियर में 300 से अधिक फिल्मों में काम किया और भारतीय सिनेमा को नई पहचान दी। उनकी विनम्रता और सरल व्यक्तित्व ने उन्हें घर-घर का चहेता बनाया।
Dharmendra death news – बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के निधन पर पूरे देश में शोक की लहर है। फिल्म इंडस्ट्री से लेकर राजनीति तक, हर किसी ने बॉलीवुड के ‘हीमैन’ को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी धर्मेंद्र के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट लिखते हुए कहा कि धर्मेंद्र के जाने से भारतीय सिनेमा ने एक स्वर्णिम अध्याय खो दिया है। उन्होंने लिखा “धर्मेंद्र जी के जाने से इंडियन सिनेमा में एक युग का अंत हो गया है। वह एक आइकॉनिक फिल्म पर्सनैलिटी थे, एक ज़बरदस्त एक्टर थे जो अपने हर रोल में चार्म और गहराई लाते थे। जिस तरह से उन्होंने अलग-अलग रोल किए, उसने अनगिनत लोगों के दिलों को छुआ। धर्मेंद्र जी अपनी सादगी, विनम्रता और प्यार के लिए भी उतने ही जाने जाते थे। इस दुख की घड़ी में, मेरी दुआएं उनके परिवार, दोस्तों और अनगिनत फैंस के साथ हैं। ओम शांति।”
धर्मेंद्र का फिल्मी सफर छह दशकों से अधिक का रहा और इस दौरान उन्होंने 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। एक्शन, रोमांस और कॉमेडी—हर किरदार में उन्होंने अपनी पहचान छोड़ी। उनकी लोकप्रियता सिर्फ पर्दे तक सीमित नहीं थी, बल्कि उनके सहज स्वभाव ने उन्हें देशभर के दर्शकों का प्रिय बनाया।धर्मेंद्र के निधन के बाद लगातार फिल्मी सितारे, राजनेता, निर्देशकों और करोड़ों फैंस की श्रद्धांजलि सोशल मीडिया पर उमड़ रही है। उनकी विरासत हमेशा भारतीय सिनेमा को प्रेरित करती रहेगी।
Bollywood Actor Dharmendra Death: बॉलीवुड के हीमैन धर्मेंद्र का परिवार हमेशा सुर्खियों में रहा है, लेकिन उसके कई ऐसे पहलू हैं जिनके बारे में कम लोग जानते हैं। 89 साल की उम्र में धर्मेंद्र के निधन के बाद उनके विशाल परिवार को लेकर चर्चाएँ तेज हो गई हैं। धर्मेंद्र की दो शादियाँ हुईं और उनके छह बच्चे हैं, जिनमें से कई बॉलीवुड में चमकते सितारे बने, जबकि कुछ लाइमलाइट से दूर शांत जिंदगी जीते हैं।
पहली पत्नी – प्रकाश कौर (4 बच्चे)
धर्मेंद्र ने सबसे पहले प्रकाश कौर से शादी की थी। इस शादी से उन्हें चार बच्चे हुए
सनी देओल (एक्टर)
बॉबी देओल (एक्टर)
अजीता देओल
विजेता देओल
जहाँ सनी और बॉबी देओल ने बॉलीवुड में मजबूत पहचान बनाई, वहीं अजीता और विजेता देओल फिल्मी दुनिया से दूर रहती हैं। दोनों बेहद निजी जीवन पसंद करती हैं और मीडिया में शायद ही कभी दिखाई देती हैं। यही वजह है कि उनकी लाइफ और प्रोफेशनल जर्नी आम लोगों के बीच ज्यादा चर्चा में नहीं आती।
दूसरी पत्नी – हेमा मालिनी (2 बेटियां)
बॉलीवुड की ‘ड्रीमगर्ल’ हेमा मालिनी से धर्मेंद्र का रिश्ता फिल्मी सफर के दौरान गहराया। दोनों ने शादी की और उन्हें दो बेटियां हुईं
ईशा देओल
अहाना देओल
ईशा देओल ने फिल्मों में काम किया और बाद में शादी के बाद लाइमलाइट से दूरी बना ली। वहीं अहाना भी ग्लैमर इंडस्ट्री से दूर एक शांत पारिवारिक जीवन जी रही हैं।
धर्मेंद्र का बड़ा परिवार हमेशा रहा सुर्खियों में
धर्मेंद्र अपने सभी बच्चों के बेहद करीब रहे। परिवार के बीच समय-समय पर मामूली मतभेदों की खबरें तो आती रहीं, लेकिन किसी भी अवसर पर पूरा देओल परिवार साथ खड़ा नजर आता है।धर्मेंद्र के पोते-पोतियां भी अब फिल्मी दुनिया में कदम रख रहे हैं, जिनमें करण देओल और राजवीर देओल शामिल हैं।
बड़ी बेटियों के लाइमलाइट से दूर रहने की वजह
अजीता और विजेता देओल ने हमेशा प्राइवेट लाइफ को प्राथमिकता दी। रिपोर्ट्स के अनुसार वे परिवार से जुड़े कामों में बराबर शामिल रहती हैं, लेकिन पब्लिक अपीयरेंस से दूर रहना पसंद करती हैं।
धर्मेंद्र का परिवार आज बॉलीवुड के सबसे बड़े और प्रभावशाली परिवारों में से एक माना जाता है। दो शादियों, छह बच्चों और कई पोते–पोतीयों के बीच धर्मेंद्र ने अपने रिश्तों को हमेशा संभाला। उनके जाने के बाद उनका बड़ा परिवार उनकी विरासत को आगे बढ़ाता रहेगा।
Dharmendra Funeral Live: मुंबई — भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के ‘हीमैन’ धर्मेंद्र का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। लम्बे समय से बीमारी से जूझ रहे धर्मेंद्र का सोमवार को जुहू स्थित बंगले “सनी विला” में निधन हुआ। दोपहर में एंबुलेंस पहुँचने के बाद उनका शव विले पार्ले के पवन हंस श्मशान घाट ले जाया गया, जहाँ परिवार की मौजूदगी में उनका भावपूर्ण अंतिम संस्कार किया गया।
समय की कसौटी पर खरे उतरने वाले धर्मेंद्र ने अपने 65 साल के अभिनय-करियर में 300 से अधिक फिल्मों में काम किया और बॉलीवुड की विरासत की नींव को मज़बूत किया। “दिल भी तेरा … हम भी तेरे” जैसी फिल्मों से उन्होंने रोमांटिक हीरो की पावर पर्सनैलिटी के साथ शुरुआत की, और एक्शन-हीरो, कॉमेडी और सामाजिक भूमिकाओं में अपनी बहुमुखी प्रतिभा साबित की।
अंतिम संस्कार के दौरान बॉलीवुड के कई दिग्गज सितारे उपस्थित थे। शुरुआत में अमिताभ बच्चन और आमिर खान घाट पहुँचे। बाद में करण जौहर ने सोशल मीडिया पोस्ट कर श्रद्धांजलि दी, और इसके बाद गौरी खान, सलमान खान, सलीम खान, सुनील दत्त, अनिल शर्मा समेत कई अन्य कलाकारों ने काला कपड़ा पहनकर उन्हें अंतिम विदाई दी।
पूरी सुरक्षा के बीच इस दौरान लगभग 50 प्राइवेट गार्ड और पुलिस बल घाट पर तैनात किया गया था। विले पार्ले घाट के बाहर बैरिकेडिंग कर दी गई थी, क्योंकि फैंस और सामान्य लोग अभिनेता को अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुँचना चाहते थे।धर्मेंद्र की मृत्यु की अफवाहें कुछ समय पहले ही सोशल मीडिया पर उठी थीं, लेकिन उनकी बेटी ईशा देओल और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने तुरंत बक़ायदा यह स्पष्ट किया था कि वह ठीक हैं और ठीक तरह से इलाज कर रहे हैं। अब उनकी मौत की पुष्टि हो चुकी है, और पूरे देश में एक युग के अंत पर शोक की लहर है।
उनकी विरासत न सिर्फ फिल्मों में रही, बल्कि एक ऐसे सशक्त और नैतिक आदर्श कलाकार के रूप में भी याद की जाएगी, जिसने अपनी पर्सनैलिटी, करिश्मा और इंसानियत से पीढ़ियों को प्रेरित किया। धर्मेंद्र की याद में बॉलीवुड शायद कभी खालीपन न भर पाए, लेकिन उनकी फिल्मों और योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
बाराबंकी।उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में शुक्रवार का दिन बेहद दर्दनाक साबित हुआ। हैदरगढ़ से भाजपा विधायक दिनेश रावत के छोटे भाई मिथिलेश रावत (30) की सड़क दुर्घटना में हुई मौत से पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया। दिल्ली से वापस लौटते समय इटावा जिले के आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुए इस हादसे ने विधायक परिवार को झकझोर कर रख दिया। शाम होते-होते उनके गांव मीरापुर में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और वातावरण शोकाकुल हो गया।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, मिथिलेश रावत गुरुवार को अपने साथियों दिलीप पटेल और मोहम्मद हफीज के साथ दिल्ली गए थे। शुक्रवार भोर वे कार से वापस लौट रहे थे।इटावा जिले के ताखा कस्बे के पास (किमी 128.5) पहुंचने पर कार चला रहे ड्राइवर हफीज को झपकी आने लगी।
सुरक्षा के मद्देनजर मिथिलेश ने कार (UP 32 QP 4440) रुकवाई और स्वयं ड्राइविंग करने के लिए वाहन से नीचे उतर गए।उसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आई एक अनियंत्रित डीसीएम ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि मिथिलेश की मौके पर ही मौत हो गई। कार में मौजूद दोनों साथी घायल हुए, जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।
विधायक को मिली दुखद सूचना
इटावा पुलिस ने तुरंत विधायक दिनेश रावत को हादसे की सूचना दी। सूचना मिलते ही वे तत्काल इटावा के लिए रवाना हुए। दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद शव को मीरापुर भेजा गया, जहां पूरे गांव में कोहराम मच गया।
मीरापुर में हजारों की भीड़, नेताओं का जमावड़ा
शुक्रवार शाम को मीरापुर में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान क्षेत्र के कई नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधाया।मुख्य रूप से मौजूद रहे—
राज्यमंत्री सतीश शर्मा
एससी/एसटी आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत
एसपी बाराबंकी अर्पित विजयवर्गीय
इंस्पेक्टर कोठी अमित सिंह भदौरिया
त्रिवेदीगंज के पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुनील सिंह
भाजपा नेता पंकज दीक्षित, राहुल दीक्षित, सहित हजारों ग्रामीण
कैंसरगंज चौराहा से लेकर अंतिम संस्कार स्थल बराईखेरवा तक करीब ढाई किलोमीटर तक भीड़ फैली रही, जिसने इस दुखद घटना की गंभीरता को दिखा दिया।
परिवार में मातम
मृतक मिथिलेश चार भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। बड़े भाई विधायक दिनेश रावत हैं, जबकि अन्य दो भाई विमलेश और लवलेश हैं। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने तस्वीरें पोस्ट कर श्रद्धांजलि अर्पित की।