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  • महोबा में सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर निकली एकता संदेश यात्रा, बुलडोजर से हुई पुष्पवर्षा

    महोबा में सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर निकली एकता संदेश यात्रा, बुलडोजर से हुई पुष्पवर्षा

    महोबा, उत्तर प्रदेश REPORT: चन्द्रशेखर नामदेव महोबा जिले के कुलपहाड़ कस्बे में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती को भव्य तरीके से मनाया गया। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से एकता संदेश यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें देश की एकता, अखंडता और राष्ट्र निर्माण में सरदार पटेल के योगदान को याद किया गया। यात्रा का नेतृत्व उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति ने किया।

    बुलडोजर से पुष्पवर्षा कर हुआ स्वागत

    यात्रा का सबसे आकर्षक दृश्य रहा—बुलडोजर से किया गया पुष्पवर्षा। स्कूली बच्चों, युवाओं, महिलाओं, भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों पर फूलों की वर्षा कर जोरदार स्वागत किया गया। यात्रा में शामिल सभी लोगों ने हाथों में तिरंगा थाम रखा था और “लौह पुरुष अमर रहें” के नारे लगाकर वातावरण देशभक्ति से भर दिया।

    यात्रा का मार्ग और माहौल

    इस एकता संदेश यात्रा की शुरुआत श्री किशोर गोस्वामी महाविद्यालय से हुई। यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई जनतंत्र इंटर कॉलेज पहुंचकर समाप्त हुई। पूरे मार्ग में लोगों ने सरदार पटेल के देश-एकीकरण के कार्यों को याद करते हुए राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।युवाओं और स्कूली बच्चों की भारी भागीदारी ने यात्रा को एक अलग ही ऊर्जा प्रदान की।

    नेताओं ने दोहराया राष्ट्र निर्माण का संकल्प

    यात्रा के समापन पर राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने कहा“सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन से हमें राष्ट्र प्रेम और एक भारत-श्रेष्ठ भारत का संदेश मिलता है। उनकी 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में देशभर में यह ऐतिहासिक यात्रा निकाली जा रही है ताकि उनके विचार जन-जन तक पहुँचें।”उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने जिस संकल्प और दृढ़ इच्छा शक्ति से 562 रियासतों का एकीकरण किया, वह दुनिया के इतिहास में अद्वितीय है। ऐसे महानायक से प्रेरणा लेकर हर नागरिक को राष्ट्रहित में योगदान देना चाहिए।

    वरिष्ठ नेताओं ने की सहभागिता

    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।इस दौरान प्रमुख रूप से –पूर्व सांसद पुष्पेन्द्र सिंह चंदेल,चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत,जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा,चेयरमैन वैभव अरजरिया,ब्लॉक प्रमुख, एवं भाजपा जिला प्रभारी संजीव श्रृर्णीऋषि ने उपस्थित होकर युवाओं का उत्साह बढ़ाया।महोबा में निकली यह एकता संदेश यात्रा सरदार पटेल के आदर्शों को पुनः स्मरण कराने और समाज में एकता, सौहार्द व देशभक्ति की भावना को प्रबल करने का सशक्त माध्यम बनी।

  • लखनऊ में शुरू हुआ 10 दिवसीय खादी महोत्सव-2025, 160 से अधिक उद्यमियों के स्टॉल—स्वदेशी उद्योगों को मिलेगी नई उड़ान

    लखनऊ में शुरू हुआ 10 दिवसीय खादी महोत्सव-2025, 160 से अधिक उद्यमियों के स्टॉल—स्वदेशी उद्योगों को मिलेगी नई उड़ान

    लखनऊ। खादी महोत्सव-2025 का 10 दिवसीय भव्य आयोजन शुक्रवार को केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, गोमतीनगर में शुरू हो गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग तथा हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने फीता काटकर, दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके किया।इस वर्ष महोत्सव में प्रदेश के 160 से अधिक उद्यमियों ने अपने स्टॉल लगाए हैं, जहां खादी, हस्तशिल्प और ग्रामोद्योग से जुड़े उत्कृष्ट उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं।

    मंत्री राकेश सचान ने कहा कि खादी केवल वस्त्र नहीं, आत्मनिर्भर भारत का आधार है। गांधीजी के स्वावलंबन के विचार को आगे बढ़ाते हुए यह महोत्सव नवाचार और परंपरा के संगम का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष प्रदेश में आयोजित 20 प्रदर्शनियों में दो हजार से अधिक इकाइयों ने भाग लिया और 44.38 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की गई, जिसने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान की।

    390 हजार लोगों को मिला रोजगार

    मंत्री राकेश सचान ने बताया कि खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा वर्तमान समय में 3,90,000 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 21 प्रतिशत की वृद्धि है। वर्ष 2025 में अब तक 66,640 युवाओं को टूलकिट प्रदान कर स्वरोजगार से जोड़ा गया है।दुना बनाने की मशीन, पॉपकॉर्न मशीन, हनी बॉक्स और इलेक्ट्रॉनिक चाक जैसे उपकरण ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रहे हैं। इसी क्रम में समारोह में चयनित लाभार्थियों को विभिन्न टूलकिट प्रदान किए गए और उत्कृष्ट कार्य करने वाले उद्यमियों को राज्य स्तरीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

    खादी हुई आधुनिक, ई-कॉमर्स से खुला वैश्विक बाजार

    प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर ने कहा कि खादी आधुनिक डिज़ाइन और तकनीक के साथ युवाओं की पसंद बन चुकी है। निफ्ट और फैशन संस्थानों की मदद से खादी को नया रूप मिल रहा है। उन्होंने बताया कि अमेज़न, फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से खादी उत्पाद अब राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों तक पहुंच रहे हैं, जिससे कारीगरों को अधिक आय और पहचान मिल रही है।

    लाभार्थियों को मिला सम्मान

    कार्यक्रम में मेरठ के दीपक कुमार, गोंडा की ममता और हाथरस के संजय सिंह को क्रमशः 40,000, 30,000 और 20,000 रुपये के राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए गए। साथ ही दर्जनों लाभार्थियों को दोना मेकिंग मशीन, पॉपकॉर्न मशीन, हनी बॉक्स और विद्युत चालित चाक वितरित किए गए।मंत्री ने लखनऊवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में महोत्सव में पहुँचकर खादी उत्पाद खरीदें और ग्रामीण कारीगरों का मनोबल बढ़ाएँ

  • 40 साल की फरारी खत्म: दो नामों में जी रहा था हत्यारा, कानपुर पुलिस ने गोंडा से दबोचा

    40 साल की फरारी खत्म: दो नामों में जी रहा था हत्यारा, कानपुर पुलिस ने गोंडा से दबोचा

    रिपोर्ट: हिमांशु शर्मा | कानपुर कानपुर पुलिस ने 40 साल से फरार चल रहे हत्या के एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर पुराने मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। वर्ष 1982 में हुई हत्या के इस आरोपी ने न केवल अपना नाम बदलकर नई पहचान बना ली थी, बल्कि गोंडा जिले में पिछले कई वर्षों से आराम से जिंदगी भी बिता रहा था। पुलिस की लगातार पड़ताल और तकनीकी मदद के बाद आखिरकार आरोपी प्रेम प्रकाश उर्फ पप्पू को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    डीसीपी पूर्वी ने प्रेसवार्ता कर बताया कि आरोपी प्रेम प्रकाश उर्फ पप्पू ने साल 1982 में अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद उसे गिरफ्तार किया गया और उसने करीब दो साल जेल भी काटी। लेकिन 1985 में जमानत पर बाहर आने के बाद वह न्यायालय में हाजिर नहीं हुआ। अदालत ने आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया और तब से वो लगातार फरार था। आरोपी की उम्र उस समय लगभग 30 वर्ष थी।

    दो नामों में चलता रहा जीवन, पहचान पूरी तरह बदल दी

    पुलिस जांच में सामने आया कि 70 वर्षीय हो चुके आरोपी ने फरार रहने के लिए अपना नाम बदल लिया था। कानपुर के बंगाली मोहाल का रहने वाला यह आरोपी अब गोंडा में “प्रेम कुमार” की नई पहचान के साथ रह रहा था। नया नाम, नया पता और पूरी तरह बदला हुआ जीवन — लेकिन कानून से भागना आखिर उसके लिए संभव न हो सका।डीसीपी पूर्वी के अनुसार, केस में कोई भी ठोस साक्ष्य मौजूद नहीं थे। लेकिन एसीपी कोतवाली और फीलखाना थाने की संयुक्त टीम ने लगातार पुराने दस्तावेजों की पड़ताल, स्थानीय इनपुट और संदिग्धों की तलाश के बाद उसकी लोकेशन तक पहुंचने में सफलता पाई।

    पकड़ने वाली पुलिस टीम को मिलेगा इनाम

    इतने पुराने और चुनौतीपूर्ण मामले में सफलता मिलने के बाद पुलिस प्रशासन ने गिरफ्तारी करने वाली टीम को पुरस्कृत करने का ऐलान किया है। डीसीपी पूर्वी ने बताया कि इस टीम को ₹25,000 का नगद इनाम दिया जाएगा।

    40 साल की कहानी: अपराध से नई पहचान तक

    – 1982: हत्या का आरोप
    – 1983–84: जेल में बिताए दो साल
    – 1985: जमानत पर बाहर आने के बाद फरार
    – अदालत द्वारा NBW जारी
    – पहचान बदली, नाम बदला
    – कानपुर से निकलकर गोंडा में बस गया
    – 2025: 40 साल बाद गिरफ्तारी

    कानपुर पुलिस की इस कार्रवाई से साबित हो गया कि चाहे कितना भी समय लग जाए, पर कानून के हाथ लंबे होते हैं और अपराधी अंत में पकड़ा ही जाता है।

  • औरैया: बेटी के घर जा रहे 80 वर्षीय बुजुर्ग की बाइक की चपेट में आने से दर्दनाक मौत

    औरैया: बेटी के घर जा रहे 80 वर्षीय बुजुर्ग की बाइक की चपेट में आने से दर्दनाक मौत

    रिपोर्ट: अमित शर्मा | बिधूना (औरैया) औरैया जनपद के बिधूना क्षेत्र में रविवार को एक दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें 80 वर्षीय बुजुर्ग सियाराम शाक्य की तेज रफ्तार बाइक की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना के बाद पूरे गांव और परिवार में मातम का माहौल है।

    धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे सियाराम शाक्य

    जानकारी के मुताबिक, देवराव निवासी सियाराम शाक्य (80 वर्ष), पुत्र रूपलाल, अपनी बेटी अनीता के ससुराल सांवलिया में आयोजित झंडा चढ़ाने के धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सुबह घर से अकेले निकले थे। वह जैसे ही बिधूना क्षेत्र के पास पहुंचे, तभी एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।टक्कर इतनी भीषण थी कि बुजुर्ग सड़क पर बुरी तरह घायल होकर गिर पड़े। उनके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। हादसा देखने वाले लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और परिजनों को दी।

    CHC बिधूना ले जाते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

    सूचना मिलते ही बिधूना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायल बुजुर्ग को रिक्शा से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिधूना ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    परिवार में मचा कोहराम, गांव में शोक की लहर

    मृतक सियाराम शाक्य के परिवार में तीन बेटे और दो बेटियां हैं। एक बेटे की पहले ही मृत्यु हो चुकी है, जबकि जीवित बेटों के नाम नरवीर सिंह और रामप्रताप हैं। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है—गुड्डी का ससुराल बिकुपुर में और अनीता का सांवलिया में है।

    धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले सियाराम की अचानक मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। घर में रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई है।

    बाइक सवार हिरासत में, जांच जारी

    पुलिस ने दुर्घटना में शामिल बाइक और उसके चालक को हिरासत में ले लिया है। प्रारंभिक जांच में बाइक की तेज रफ्तार को हादसे का कारण माना जा रहा है। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।

  • भारतीय सेना ने नई कॉम्बैट कोट की डिजाइन पर हासिल किया IPR, अब होगा पूर्ण नियंत्रण

    भारतीय सेना ने नई कॉम्बैट कोट की डिजाइन पर हासिल किया IPR, अब होगा पूर्ण नियंत्रण

    नई दिल्ली। भारतीय सेना को अपनी नई कॉम्बैट कोट डिज़ाइन पर इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट (IPR) मिल गया है। यह अधिकार मिलने के बाद सेना को इस विशेष कोट के निर्माण, उपयोग, उत्पादन और वितरण पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त हो गया है। यह देश की रक्षा तैयारियों और स्वदेशी सैन्य तकनीक को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    सेना को मिले विशेष अधिकार

    रक्षा मंत्रालय के अनुसार, IPR मिलने के बाद कोई भी कंपनी, संस्था या व्यक्ति सेना की अनुमति के बिना इस कॉम्बैट कोट की नकल, बिक्री या उत्पादन नहीं कर पाएगा। यदि कोई ऐसा करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी।
    यह कदम न केवल सैन्य उपकरणों की गोपनीयता को सुरक्षित करेगा, बल्कि गुणवत्तापूर्ण एवं प्रमाणित उत्पादन को भी बढ़ावा देगा।

    क्यों खास है यह नया कॉम्बैट कोट?

    सूत्रों के अनुसार, नया कॉम्बैट कोट आधुनिक युद्ध परिस्थितियों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यह अधिक टिकाऊ, हल्का और मौसम के अनुरूप एडेप्ट होने वाली तकनीक पर आधारित है। इसके अलावा, इसमें सैनिकों की सुरक्षा और गतिशीलता को सहज बनाने के लिए कई उन्नत फीचर्स जोड़े गए हैं।

    रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर कदम

    सेना को IPR मिलने को रक्षा विशेषज्ञ देश में आत्मनिर्भरता और इंडिजिनस मिलिट्री टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने वाला बड़ा कदम मान रहे हैं। यह सुनिश्चित करेगा कि महत्वपूर्ण सैन्य डिजाइन विदेशी या निजी हाथों में न जाएं और संवेदनशील जानकारी सुरक्षित रहे।

  • कानपुर: रिश्वत लेते जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी का वीडियो वायरल, जांच के आदेश जारी

    कानपुर: रिश्वत लेते जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी का वीडियो वायरल, जांच के आदेश जारी

    कानपुर। जिले में भ्रष्टाचार पर बड़ा सवाल उठाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी बीरपाल का बताया जा रहा है, जिसमें उन्हें कथित तौर पर बीस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद विभागीय गलियारों में हड़कंप मच गया और यह मामला शहर में चर्चा का विषय बन गया है।

    वीडियो वायरल होते ही विभाग में खलबली

    सूत्रों के अनुसार यह घटना कानपुर के विकास भवन कार्यालय की है, जहां वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति रिश्वत की रकम स्वीकार करते हुए नजर आता है। वीडियो सोशल मीडिया पर जैसे ही वायरल हुआ, विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल बढ़ गई।वहीं स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूज़र्स ने भ्रष्टाचार पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है।

    आला अधिकारियों ने लिया संज्ञान, जांच के आदेश

    वायरल वीडियो के बाद जिलास्तर पर बैठे अधिकारियों ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया। प्रशासन की ओर से बताया गया कि मामले की प्राथमिक जांच शुरू कर दी गई है और संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।जांच अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की सत्यता की पुष्टि की जाएगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी अधिकारी के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    क्या होगी सख्त कार्रवाई या मामला ठंडे बस्ते में?

    जनता के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस मामले में सख्त कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी कई अन्य मामलों की तरह सिर्फ जांच तक ही सीमित रह जाएगा।पहले भी कई मामलों में रिश्वतखोरी के वीडियो सामने आए, लेकिन ज्यादातर मामलों में कार्रवाई अधूरी रह गई। ऐसे में लोग इस बार ठोस और पारदर्शी कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

    विकास भवन कार्यालय की कार्यप्रणाली पर भी उठा सवाल

    इस घटना के सामने आने से कानपुर विकास भवन कार्यालय की कार्यशैली और पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। कई सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया कि विभाग में लंबे समय से भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन उन पर उचित कार्रवाई नहीं होती।

  • 19 साल 7 महीने बाद जेल से रिहा हुआ दस्यु सरगना मंगली केवट, कहा– अब शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहता हूं

    19 साल 7 महीने बाद जेल से रिहा हुआ दस्यु सरगना मंगली केवट, कहा– अब शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहता हूं

    रिपोर्ट – हिमांशु शर्मा / कानपुर देहात कानपुर देहात। कभी चंबल के बीहड़ों में दहशत का दूसरा नाम रहे दस्यु सरगना मंगली केवट को आज लंबी अवधि की सजा काटने के बाद माती जिला कारागार से रिहा कर दिया गया।

    90 के दशक में “चंबल का शेर” कहे जाने वाले मंगली केवट की रिहाई को लेकर उनके परिजनों और समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग जेल के बाहर जमा रहे और बाहर आते ही फूल–मालाओं से उनका स्वागत किया गया।

    रिहाई के बाद बदली भाषा— बोले, अब समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहता हूं

    जेल से बाहर निकलते ही मंगली केवट ने कहा कि अब वह अपने परिवार के साथ शांतिपूर्ण और सम्मानजनक जीवन जीना चाहते हैं। उन्होंने साफ शब्दों में बताया कि वह समाज की मुख्यधारा में लौटकर आगे बढ़ना चाहते हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने राजनीति में किस्मत आजमाने की इच्छा भी व्यक्त की।

    कैसे बना था गैंग? मंगली का दावा पुलिस प्रताड़ना ने बनाया बागी

    मंगली केवट ने बताया कि 90 के दशक में पुलिस की कथित प्रताड़ना और कार्यशैली ने उन्हें बागी बनने पर मजबूर कर दिया। अपनी पत्नी दस्यु सुंदरी मालती केवट के साथ उन्होंने एक बड़ा गिरोह तैयार किया। इस गैंग में वही लोग शामिल थे जो पुलिस उत्पीड़न से परेशान बताए जाते थे।

    उनके अनुसार, उनके गैंग को उस समय कुख्यात निर्भय गुर्जर गिरोह से भी सहयोग मिलता था। बीहड़ों में मुखबरी, अपहरण और फिरौती वसूली उनके गैंग की प्रमुख गतिविधियों में शामिल थीं।

    2006 में किया आत्मसमर्पण, तीन आजीवन कारावास की सजा

    वर्ष 2006 में मंगली केवट और उनकी पत्नी मालती दोनों ने आत्मसमर्पण कर दिया था। अदालत ने मंगली को तीन आजीवन कारावास और दस-दस वर्ष की तीन सजा सुनाई थी। लंबे समय तक जेल में रहने के दौरान उनके अच्छे आचरण की वजह से प्रशासन उनकी प्रशंसा करता रहा।वहीं मालती केवट को भी आजीवन कारावास की सजा हुई थी, और उनकी रिहाई सितंबर 2025 में हो चुकी है।

    जेल से बाहर अब नया अध्याय

    आज रिहाई के बाद मंगली केवट ने कहा कि अब वह अपने परिवार के साथ रहकर, समाज में सम्मानजनक जीवन जीते हुए खुद को एक नई शुरुआत देना चाहते हैं।

  • West Bengal Earthquake Today : भूकंप के झटकों से दहला पश्चिम बंगाल, रिक्टर स्केल पर रही 5.5 की तीव्रता | जानें क्यों आते हैं भूकंप

    West Bengal Earthquake Today : भूकंप के झटकों से दहला पश्चिम बंगाल, रिक्टर स्केल पर रही 5.5 की तीव्रता | जानें क्यों आते हैं भूकंप

    West Bengal Earthquake Today कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आज सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिसके बाद कई जिलों में लोगों में दहशत का माहौल देखा गया। यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.5 दर्ज की गई। भूकंप सुबह 10:08:26 बजे आया और इसकी गहराई 10 किलोमीटर मापी गई। सतह के पास भूकंप की इतनी कम गहराई होने के कारण झटके ज्यादा मजबूत महसूस किए गए।हालांकि राहत की बात यह है कि अभी तक किसी नुकसान की जानकारी नहीं मिली है


    आखिर क्यों आते हैं भूकंप? जानें धरती की वैज्ञानिक प्रक्रिया

    भूकंप को समझने के लिए पहले धरती की बनावट को समझना जरूरी है। धरती की बाहरी परत—जिसे क्रस्ट और ऊपरी मेंटल कहा जाता है—लगभग 15 टेक्टॉनिक प्लेटों से मिलकर बनी होती है। ये प्लेट स्थिर नहीं हैं, बल्कि धीमी गति से लगातार मूव करती रहती हैं।

    1. प्लेटों का टकराना और रगड़ खाना

    जब ये प्लेट एक-दूसरे के पास आती हैं, टकराती हैं या उलटी दिशा में रगड़ खाती हैं, तो इनके बीच पैदा होने वाला तनाव बढ़ता जाता है।

    2. फ्रिक्शन (घर्षण) के कारण प्लेटों का अटक जाना

    USGS (यूएस जियोलॉजिकल सर्वे) के अनुसार, ये प्लेटें चलते समय किनारों पर घर्षण के कारण अटक जाती हैं, जिससे तनाव जमा होता रहता है।

    3. तनाव बढ़ने पर ऊर्जा का विस्फोट

    जब यह तनाव फ्रिक्शन से ज्यादा हो जाता है, तो अचानक एनर्जी रिलीज होती है। यही ऊर्जा भूकंप तरंग बनकर धरती की सतह तक पहुँचती है और झटकों के रूप में महसूस होती है।

    4. रिक्टर स्केल पर माप

    झटकों की तीव्रता को रिक्टर स्केल पर मापा जाता है।
    आज पश्चिम बंगाल का भूकंप मध्यम स्तर (5.5) का माना जा रहा है।


    बंगाल में झटकों का प्रभाव

    • कई जिलों में लोगों ने घरों और दफ्तरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों पर शरण ली।
    • भूकंप की गहराई कम होने से कंपन ज्यादा महसूस हुआ।
    • प्रशासन अलर्ट मोड पर है, फिलहाल कोई जनहानि या नुकसान की रिपोर्ट नहीं
  • सांसद संध्या राय का विपक्ष पर पलटवार, “मनचाहा रिज़ल्ट न आए तो बस आरोप लगाते हैं”

    सांसद संध्या राय का विपक्ष पर पलटवार, “मनचाहा रिज़ल्ट न आए तो बस आरोप लगाते हैं”

    रिपोर्टर – लोकेश मिश्रा मध्य प्रदेश के दतिया-भिंड लोकसभा क्षेत्र से सांसद संध्या राय ने बिहार चुनाव परिणामों पर विपक्ष की प्रतिक्रिया को लेकर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि NDA की बड़े अंतर से जीत जनता का भरोसा दर्शाती है, लेकिन विपक्ष चुनाव हारते ही निर्वाचन आयोग और मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठाने लगता है, जो लोकतंत्र के लिए सही संदेश नहीं है।

    सांसद संध्या राय दतिया के प्रसिद्ध सूर्य नगरी बालाजी धाम निरीक्षण के दौरान मीडिया से बातचीत कर रही थीं। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने विकास और स्थिरता को प्राथमिकता देते हुए स्पष्ट जनादेश दिया है। ऐसे में विपक्ष की ओर से लगातार आरोप-प्रत्यारोप करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर अविश्वास का माहौल पैदा करता है।

    उन्होंने निर्वाचन आयोग की कार्यशैली की भी प्रशंसा की और कहा कि देश में चुनाव प्रणाली दुनिया में सबसे पारदर्शी और मजबूत है। “जब जीतते हैं तो सब ठीक लगता है, और जब हारते हैं तो कमियां दिखने लगती हैं… विपक्ष को आत्ममंथन करना चाहिए,” सांसद संध्या राय ने कहा।

    सांसद इन दिनों दतिया और भिंड क्षेत्र में लगातार विकास कार्यों की समीक्षा कर रही हैं। बालाजी धाम निरीक्षण के बाद वह क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगी, जहाँ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, और जलापूर्ति जैसे कई प्रोजेक्टों की प्रगति पर चर्चा की जाएगी।

    क्षेत्रवासियों का कहना है कि सांसद संध्या राय लगातार फील्ड में रहकर सरकारी योजनाओं की स्थिति को समझती हैं और जरूरत के मुताबिक तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित कराती हैं। उनके इस सक्रिय दौरे को स्थानीय स्तर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।

  • “10वीं बार CM बने नीतीश कुमार! PM मोदी को ऐसे किया विदा गमछे से लेकर इशारों तक… बिहार में कई संदेश छोड़ गए प्रधानमंत्री!”

    “10वीं बार CM बने नीतीश कुमार! PM मोदी को ऐसे किया विदा गमछे से लेकर इशारों तक… बिहार में कई संदेश छोड़ गए प्रधानमंत्री!”

    बिहार के गांधी मैदान में एक ऐतिहासिक राजनीतिक पल देखने को मिला, जब नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। समारोह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार की मुलाकात चर्चा का विषय बन गई।

    नीतीश कुमार ने पीएम मोदी को पारंपरिक बिहारी गमछा भेंट कर सम्मानित किया, जबकि प्रधानमंत्री ने भी गर्मजोशी से उनका अभिवादन स्वीकार किया।

    दोनों नेताओं के बीच यह संवाद राजनीतिक संकेतों से भरा माना जा रहा है।

    समारोह के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार की जनता और राज्य नेतृत्व को शुभकामनाएं देते हुए कई संदेश भी दिए, जिसे राजनीतिक विश्लेषक 2025 की बदलती राजनीति के संदर्भ में देख रहे हैं।