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  • यूपी में स्मार्ट मीटर यूजर्स को बड़ी राहत, 900 रुपये तक मिलेगा डिस्काउंट

    यूपी में स्मार्ट मीटर यूजर्स को बड़ी राहत, 900 रुपये तक मिलेगा डिस्काउंट

    लखनऊ | उत्तर प्रदेश नए साल की शुरुआत में उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब राज्य में नया बिजली कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर पर 900 रुपये तक का डिस्काउंट मिलेगा। इसके तहत जहां पहले स्मार्ट मीटर के लिए 2800 रुपये चुकाने पड़ते थे, अब उपभोक्ताओं को केवल 1900 रुपये देने होंगे।

    थ्री फेज मीटर पर भी मिलेगा लाभ

    सिर्फ स्मार्ट मीटर ही नहीं, बल्कि4100 रुपये की कीमत वाले थ्री फेज मीटर पर भी 900 रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगीयह राहत केंद्र सरकार की RDSS (Revamped Distribution Sector Scheme) के तहत दी जा रही है।

    बिजली अधिनियम 2003 का हवाला

    उपभोक्ता परिषद के अनुसार, बिजली अधिनियम 2003 में स्पष्ट प्रावधान है किसरकार से मिलने वाली सब्सिडी का पूरा लाभ उपभोक्ताओं को दिया जाना चाहिए।इसी आधार पर स्मार्ट मीटर पर मिलने वाली केंद्रीय सब्सिडी को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का निर्णय लिया गया है।

    RDSS की अवधि बढ़ी

    कंज्यूमर काउंसिल के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि RDSS योजना पहले 31 दिसंबर 2026 तक लागू थीअब इसे बढ़ाकर 31 मार्च 2028 तक कर दिया गया है उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार हर स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर 900 रुपये का अनुदान दे रही है।

    स्लैब सिस्टम से मिलेगा छुटकारा

    अवधेश वर्मा के अनुसार,40 मीटर से कम दूरी पर कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को पहले स्लैब सिस्टम के कारण नुकसान हो रहा था अब इस व्यवस्था में बदलाव से छोटे उपभोक्ताओं को सीधी राहत मिलेगी। इस संबंध में उपभोक्ता परिषद ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भी भेजा है।

  • प्रयागराज में ज्वेलर्स शॉप से 14 लाख की चोरी, दो महिला शातिर CCTV में कैद

    प्रयागराज में ज्वेलर्स शॉप से 14 लाख की चोरी, दो महिला शातिर CCTV में कैद

    प्रयागराज |प्रयागराज शहर में ज्वेलर्स व्यापारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करने वाली एक बड़ी चोरी की घटना सामने आई है। शहर के एक नामी ज्वेलर्स स्टोर में दो महिलाओं ने शातिर तरीके से करीब 14 लाख रुपये के गहनों पर हाथ साफ कर दिया।

    कैसे हुई चोरी?

    जानकारी के मुताबिक, दोनों महिलाएं ग्राहक बनकर दुकान में दाखिल हुईं।उन्होंने पहले सेल्समैन को बातचीत में उलझाया गहने दिखाने के बहाने काउंटर पर ध्यान भटकाया मौका मिलते ही कीमती जेवरात चोरी कर फरार हो गईं पूरी वारदात दुकान में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है।

    CCTV फुटेज बना अहम सबूत

    सीसीटीवी फुटेज में दोनों महिलाएं बेहद आत्मविश्वास के साथ चोरी को अंजाम देती दिख रही हैं। पुलिस ने फुटेज को कब्जे में लेकर उनकी पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    पुलिस जांच में जुटी

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची।दुकान मालिक की तहरीर पर मामला दर्ज CCTV के आधार पर आरोपियों की तलाश तेज आसपास के इलाकों में छानबीन जारी पुलिस को आशंका है कि दोनों महिलाएं किसी संगठित गिरोह से जुड़ी हो सकती हैं, जो पहले भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुका है।

  • Baba Vanga Predictions 2026: क्या दुनिया एक और महायुद्ध की ओर बढ़ रही है? जानिए डराने वाली भविष्यवाणियां

    Baba Vanga Predictions 2026: क्या दुनिया एक और महायुद्ध की ओर बढ़ रही है? जानिए डराने वाली भविष्यवाणियां

    Baba Vanga Predictions 2026: बाबा वेंगा (Baba Vanga) का नाम आते ही दुनिया भर में चिंता और जिज्ञासा दोनों बढ़ जाती हैं। साल 2026 को लेकर उनकी कथित भविष्यवाणियां एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। समर्थकों का दावा है कि यह वर्ष राजनीति, पर्यावरण और तकनीक तीनों मोर्चों पर भारी उथल-पुथल लेकर आ सकता है। कई रिपोर्ट्स इस दौर को अस्थिरता, संघर्ष और अनिश्चितता से जोड़कर देख रही हैं।

    कौन थीं बाबा वेंगा?

    बाबा वेंगा बुल्गारिया की एक दृष्टिहीन भविष्यवक्ता थीं, जिनका असली नाम वांगेलिया पांडेवा गुश्तेरोवा था। माना जाता है कि बचपन में एक हादसे के बाद उन्होंने अपनी आंखों की रोशनी खो दी थी, लेकिन इसके बाद उनमें भविष्य देखने की शक्ति आ गई। उनके अनुयायी दावा करते हैं कि उन्होंने 9/11 हमले, सोवियत संघ का पतन और कई प्राकृतिक आपदाओं की पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी।इसी वजह से हर नए साल में बाबा वेंगा की भविष्यवाणियों पर बहस तेज हो जाती है और 2026 को लेकर भी यही स्थिति देखने को मिल रही है।


    तीसरे विश्व युद्ध की आशंका

    2026 से जुड़ी सबसे डरावनी भविष्यवाणी तीसरे विश्व युद्ध (World War 3) को लेकर मानी जा रही है। कहा जाता है कि इस वर्ष बड़ी वैश्विक शक्तियां आमने-सामने आ सकती हैं। यह संघर्ष सिर्फ सीमित देशों तक नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर कई महाद्वीपों तक फैल सकता है।विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा वैश्विक हालात रूस-यूक्रेन युद्ध मिडिल ईस्ट में तनाव चीन और पश्चिमी देशों के बीच टकराव इन दावों को और गंभीर बना देते हैं। हालांकि, इन भविष्यवाणियों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।


    पर्यावरणीय संकट भी बन सकता है बड़ी चुनौती

    बाबा वेंगा की कथित भविष्यवाणियों में 2026 को पर्यावरण के लिए भी खतरनाक वर्ष बताया गया है। समर्थकों का दावा है कि इस दौरान भीषण गर्मी जल संकट प्राकृतिक आपदाओं में वृद्धि देखने को मिल सकती है। जलवायु परिवर्तन पहले ही पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बना हुआ है और 2026 में इसके प्रभाव और गहरे हो सकते हैं।

    तकनीक में बड़ा बदलाव

    2026 को लेकर यह भी कहा जाता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन मानव जीवन को पूरी तरह बदल सकते हैं। कई नौकरियां खत्म हो सकती हैं, जबकि नई तकनीकों से समाज में असंतुलन भी पैदा हो सकता है।

    भविष्यवाणियों पर कितना भरोसा?

    यह साफ है कि बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित नहीं हैं। ये दावे मुख्य रूप से लोककथाओं, अनुयायियों और मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए सामने आते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि भविष्य डर से नहीं, बल्कि सही निर्णय और वैश्विक सहयोग से तय होता है। 2026 को लेकर बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां डर जरूर पैदा करती हैं, लेकिन इन्हें अंतिम सच मानना सही नहीं। इतिहास गवाह है कि मानवता ने हर संकट से निकलने का रास्ता खोजा है। आने वाला समय चुनौतियों के साथ-साथ नए अवसर भी ला सकता है।

  • कानपुर: अमीरजादों का हुड़दंग, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    कानपुर: अमीरजादों का हुड़दंग, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक अमीरजादों की हुड़दंग की घटना सामने आई। ब्लैक स्कॉर्पियो और अन्य कई गाड़ियों से युवक अंडर पास के पास लाइन लगाकर हूटर बजाते हुए हुड़दंग कर रहे थे। इस दौरान गाड़ियों की आवाज और हुटर की आवाज से क्षेत्र सन्न हो गया और इलाके में कई किलोमीटर तक जाम लग गया।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 8 से 10 ब्लैक गाड़ियों में से 10-15 युवक अंडर पास के भीतर गाड़ियों पर चढ़कर शोर मचा रहे थे। कुछ युवक इस पूरे हुड़दंग का वीडियो भी बना रहे थे, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत पनकी निवासी एक युवक को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। सच्चेडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो संज्ञान में आया है, जिसमें कुछ युवक अंडर पास के पास लाइन लगाकर और गाड़ियों पर चढ़कर हुड़दंग करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस इस घटना में शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है और उनकी तलाश कर रही है।

    घटना के दौरान, राहगीरों ने 112 नंबर डायल कर पुलिस को सूचित किया। हालांकि, पुलिस के आने से पहले ही अधिकांश युवक मौके से फरार हो चुके थे। इस घटना ने स्थानीय लोगों में डर और दहशत फैला दी।

    पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल सभी युवकों को पकड़ने के लिए जाँच और इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है। वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई जारी है।

  • Unique Story of Baby Boy Birth:  बेटे की चाह में 10 बेटियां, 11वीं संतान बना बेटा: फतेहाबाद की कहानी जो समाज को आईना दिखाती है

    Unique Story of Baby Boy Birth:  बेटे की चाह में 10 बेटियां, 11वीं संतान बना बेटा: फतेहाबाद की कहानी जो समाज को आईना दिखाती है

    Unique Story of Baby Boy Birth:  21वीं सदी में जब देश और दुनिया बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे अभियानों की बात कर रही है, उसी दौर में आज भी समाज का एक बड़ा वर्ग बेटे की चाह से बाहर नहीं निकल पाया है। इसका ताजा उदाहरण हरियाणा के फतेहाबाद जिले से सामने आया है, जहां एक परिवार में बेटे की उम्मीद में 10 बेटियां पैदा हुईं और 11वीं संतान के रूप में जाकर बेटा हुआ।

    यह मामला फतेहाबाद जिले के ढाणी भोजराज गांव का है। गांव में इन दिनों जश्न का माहौल है। घर-घर लड्डू और मिठाइयां बांटी जा रही हैं, क्योंकि संजय और सुनीता के घर बेटे का जन्म हुआ है। बेटे के जन्म पर खुशी स्वाभाविक है, लेकिन यह खुशी तब सवाल खड़े करती है, जब पता चलता है कि इस बेटे से पहले परिवार में 10 बेटियां हैं।

    संजय की पत्नी सुनीता ने अपनी शादी के 19 सालों में 11 बार गर्भधारण किया। हर बार नॉर्मल डिलीवरी हुई। पहली 10 बार बेटियां पैदा हुईं और अब 11वीं डिलीवरी में बेटा हुआ है। मां और नवजात बेटा दोनों स्वस्थ हैं, लेकिन यह कहानी भारतीय समाज की उस सोच को उजागर करती है, जो आज भी बेटे को वंश का वाहक मानती है।

    परिवार के मुखिया संजय का कहना है कि उन्होंने कभी बेटियों को बोझ नहीं समझा। उनके अनुसार, “बेटियां भगवान की देन हैं, लक्ष्मी का रूप हैं। मैंने उन्हें हमेशा बेटों की तरह पाला है।” संजय बताते हैं कि उनकी सबसे बड़ी बेटी अब 18 साल की हो चुकी है और 12वीं कक्षा में पढ़ रही है। बाकी बेटियां भी स्कूल जा रही हैं और सबसे छोटी बेटी का हाल ही में स्कूल में दाखिला हुआ है।

    हालांकि संजय यह भी स्वीकार करते हैं कि बेटे के न होने पर उन्हें समाज के ताने सुनने पड़े। गांव और रिश्तेदारी में तरह-तरह की बातें होती थीं, जिससे वह और उनकी पत्नी मानसिक दबाव में रहते थे। यही सामाजिक दबाव बेटे की चाह को और मजबूत करता गया।

    यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि क्या आज भी समाज में बेटा-बेटी का भेद खत्म नहीं हुआ है? क्या वंश आगे बढ़ाने की सोच के आगे महिलाओं के स्वास्थ्य, बच्चों के भविष्य और परिवार की जिम्मेदारियों को नजरअंदाज किया जा सकता है?

    यह कहानी सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि उस सामाजिक मानसिकता की तस्वीर है, जिसे बदलने की आज भी सख्त जरूरत है। बेटियां किसी से कम नहीं हैं—यह साबित वे हर क्षेत्र में कर चुकी हैं। अब जरूरत है कि समाज इस सच्चाई को दिल से स्वीकार करे।

  • दिल्ली: अवैध अतिक्रमण हटने के बाद फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास सन्नाटा, हर मोड़ पर पुलिस तैनात

    दिल्ली: अवैध अतिक्रमण हटने के बाद फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास सन्नाटा, हर मोड़ पर पुलिस तैनात

    दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास नगर निगम (MCD) द्वारा चलाए गए अवैध अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद हालात फिलहाल नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरे क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस और सुरक्षाबल तैनात हैं, जबकि तोड़े गए अवैध ढांचों का मलबा हटाने का काम लगातार जारी है।

    सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

    अधिकारियों के मुताबिक, अभियान के दौरान और उसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता रही। इलाके के संवेदनशील बिंदुओं पर अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं और पुलिस की मौजूदगी लगातार बनी हुई है। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है ताकि किसी भी तरह की अशांति को समय रहते रोका जा सके।

    मलबा हटाने का कार्य जारी

    MCD अधिकारियों ने बताया कि अभियान में चिन्हित अवैध निर्माणों को हटाया गया है। अब क्षेत्र को पूरी तरह साफ करने के लिए मलबा हटाया जा रहा है, जिससे सड़क और सार्वजनिक रास्तों को सामान्य उपयोग के लिए जल्द खोला जा सके।

    इलाके में शांति, लेकिन सतर्कता बरकरार

    अवैध अतिक्रमण हटने के बाद फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास सन्नाटा देखने को मिला है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एहतियातन पुलिस बल की तैनाती जारी रहेगी। स्थानीय हालात पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।

  • बाराबंकी : मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले

    बाराबंकी : मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले

    संवाददाता मुन्ना सिंह उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां मधुमक्खियों के हमले से बचने के लिए लगाई गई आग एक बुजुर्ग की मौत का कारण बन गई। यह दर्दनाक हादसा त्रिवेदीगंज क्षेत्र के रौनी पंचायत स्थित गोतवन पुरवा में हुआ, जहां 65 वर्षीय राम औतार केवट की जिंदा जलकर मौत हो गई।

    मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले
    मधुमक्खियों से बचने को लगाई आग बनी मौत का कारण, बाराबंकी में बुजुर्ग जिंदा जले

    मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम राम औतार केवट त्रिवेदीगंज बाजार से अपने गांव गोतवन पुरवा लौट रहे थे। जैसे ही वे रौनी गांव के पास पहुंचे, अचानक मधुमक्खियों के एक झुंड ने उन पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों के हमले से घबराए राम औतार ने खुद को बचाने के लिए पास में खड़े सूखे खर-पतवार में आग लगा दी, ताकि धुएं से मधुमक्खियां दूर हो जाएं।

    हालांकि, यह प्रयास उनके लिए घातक साबित हुआ। आग लगाने के बावजूद मधुमक्खियों का हमला नहीं रुका। लगातार डंक मारने से राम औतार की हालत बिगड़ने लगी और वे बेहोश होकर वहीं गिर पड़े। दुर्भाग्यवश, वे जलते हुए खर-पतवार की आग में गिर गए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।घटना के बाद राम औतार देर शाम तक घर नहीं लौटे। जब परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, तो उन्हें घटनास्थल पर जला हुआ शव मिला। यह दृश्य देखकर परिजन बदहवास हो गए और गांव में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला दुर्घटना का प्रतीत होता है, लेकिन हर पहलू से जांच की जा रही है। ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है और घटनास्थल का निरीक्षण भी किया गया है।इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में मधुमक्खियों के हमलों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मधुमक्खियों के हमले की स्थिति में आग लगाना बेहद खतरनाक हो सकता है, खासकर जब आसपास सूखी घास या ज्वलनशील पदार्थ मौजूद हों। ऐसे हालात में जमीन पर लेट जाना, कपड़े से चेहरा ढंकना या धीरे-धीरे वहां से दूर हटना अधिक सुरक्षित माना जाता है।

    ग्रामीणों का कहना है कि इस इलाके में पहले भी मधुमक्खियों के हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन कभी इतनी भयावह घटना नहीं हुई। प्रशासन से मांग की जा रही है कि गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि लोग ऐसी परिस्थितियों में सही कदम उठा सकें।

    राम औतार केवट की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वह परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य थे और उनकी मौत से परिवार पर आर्थिक संकट भी गहरा गया है।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • अमेठी में अधिवक्ताओं के विरोध के बीच SDM के समर्थन में उतरे सैकड़ों फरियादी

    अमेठी में अधिवक्ताओं के विरोध के बीच SDM के समर्थन में उतरे सैकड़ों फरियादी

    संवाददाता नितेश अमेठी जिले की मुसाफिरखाना तहसील में बीते पांच दिनों से चल रहे अधिवक्ताओं के विरोध प्रदर्शन के बीच एक नया मोड़ सामने आया है। अधिवक्ताओं के आंदोलन के विपरीत अब सैकड़ों फरियादी और ग्राम प्रधान एसडीएम की कार्यशैली के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं। यह समर्थन तहसील दिवस के दौरान उस समय देखने को मिला, जब मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) द्वारा जनसुनवाई की जा रही थी।

    तहसील दिवस की जनसुनवाई में दिखा जनसमर्थन

    तहसील दिवस में पहुंचे सैकड़ों फरियादियों और ग्राम प्रधानों ने एक स्वर में कहा कि एसडीएम आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुन रहे हैं और न्याय दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। फरियादियों का कहना है कि एसडीएम की कार्यशैली निष्पक्ष और जनहित में है, इसलिए उनके खिलाफ हो रहे विरोध को वे सही नहीं मानते।जनसुनवाई के दौरान कई ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखते हुए यह भी कहा कि वे दूर-दराज के गांवों से न्याय की उम्मीद लेकर तहसील आते हैं और एसडीएम के स्तर पर उन्हें राहत मिलती है।

    फरियादियों का आरोप: तारीख पर तारीख से नहीं मिल रहा न्याय

    फरियादियों ने अधिवक्ताओं के विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब अधिकारी न्याय करना चाहते हैं, तब कुछ मामलों में केवल तारीख पर तारीख दी जाती है, जिससे आम लोगों को परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि वकीलों के विरोध के चलते कई दिनों से तहसील का कामकाज प्रभावित हो रहा है और उन्हें न्याय पाने में देरी हो रही है।कुछ फरियादियों ने यह भी आरोप लगाया कि अधिवक्ताओं के आंदोलन की वजह से उनकी शिकायतों की सुनवाई रुक गई है, जिससे गरीब और ग्रामीण वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है।

    मुसाफिरखाना तहसील में 5 दिन से जारी है विरोध

    गौरतलब है कि इससे पहले लेखपालों के समर्थन में भी फरियादी सामने आ चुके हैं और अब एसडीएम के पक्ष में सैकड़ों लोग उतर आए हैं। मुसाफिरखाना तहसील में अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन लगातार पांच दिनों से जारी है, जिससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है।प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पूरे मामले पर उच्च अधिकारियों की नजर बनी हुई है और स्थिति को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं फरियादियों की मांग है कि न्याय प्रक्रिया बाधित न हो और तहसील में नियमित रूप से जनसुनवाई जारी रहे।

  • “बहुत आगे तक जाएंगे…” सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार का आशीर्वाद, बिहार राजनीति में बढ़ी हलचल

    “बहुत आगे तक जाएंगे…” सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार का आशीर्वाद, बिहार राजनीति में बढ़ी हलचल

    बिहार की राजनीति में उस वक्त सियासी हलचल तेज हो गई जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुले मंच से डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की जमकर सराहना की। मौका था बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री शकुनी चौधरी के 90वें जन्मदिन का, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं उनके आवास पहुंचे और उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।इस दौरान नीतीश कुमार ने न सिर्फ शकुनी चौधरी के राजनीतिक योगदान को याद किया, बल्कि उनकी मौजूदगी में सम्राट चौधरी के कामकाज की भी तारीफ की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्राट चौधरी मेहनती नेता हैं और “बहुत आगे तक जाएंगे”, यह कहते हुए उन्होंने उनके उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की कामना करते हुए आशीर्वाद भी दिया।

    सम्राट चौधरी के लिए खास रहा यह पल

    डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के लिए यह मौका बेहद खास माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में नीतीश कुमार के इस बयान को सिर्फ तारीफ नहीं, बल्कि एक मजबूत राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। नीतीश कुमार का इस तरह खुले मंच से सम्राट चौधरी का समर्थन करना आने वाले समय में बिहार की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकता है।

    शकुनी चौधरी के आवास पर जुटे दिग्गज

    पूर्व स्वास्थ्य मंत्री शकुनी चौधरी के 90वें जन्मदिन पर कई वरिष्ठ नेता और समर्थक मौजूद रहे। नीतीश कुमार ने उन्हें स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शकुनी चौधरी का सामाजिक और राजनीतिक योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

    सियासी मायने क्या हैं?

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार का यह बयान केवल औपचारिक नहीं है। सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार का आशीर्वाद ऐसे समय पर आया है जब बिहार में राजनीतिक समीकरण लगातार बदल रहे हैं। यह बयान यह भी दर्शाता है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की भूमिका और नेतृत्व क्षमता को लेकर आश्वस्त हैं।

    विपक्ष की भी बढ़ी नजर

    इस घटनाक्रम के बाद विपक्षी दलों की नजर भी इस बयान पर टिक गई है। सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कई लोग इसे भविष्य की राजनीति का संकेत मान रहे हैं।कुल मिलाकर, शकुनी चौधरी के जन्मदिन समारोह में नीतीश कुमार द्वारा दिया गया यह बयान बिहार की राजनीति में एक नया संकेत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि इस आशीर्वाद का राजनीतिक असर कितना गहरा पड़ता है।

  • Pradosh Vrat 2026 Date And Time: साल 2026 में कब-कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत?

    Pradosh Vrat 2026 Date And Time: साल 2026 में कब-कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत?

    Pradosh Vrat 2026 Date And Time: सनातन धर्म में प्रदोष व्रत को भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने का अत्यंत शुभ व्रत माना जाता है। यह व्रत प्रत्येक महीने के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। मान्यता है कि प्रदोष काल में की गई शिव पूजा से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि शिव भक्त पूरे वर्ष Pradosh Vrat 2026 Date And Time जानने के लिए उत्सुक रहते हैं।

    प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व

    पौराणिक मान्यताओं के अनुसार प्रदोष काल में भगवान शिव कैलाश पर्वत पर नृत्य करते हैं और अपने भक्तों की प्रार्थना सुनते हैं। इस समय की गई पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। प्रदोष व्रत रखने से स्वास्थ्य, धन, पारिवारिक सुख और मानसिक शांति प्राप्त होती है। साथ ही यह व्रत पापों के नाश और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग भी प्रशस्त करता है।

    साल 2026 में प्रदोष व्रत कब-कब पड़ेगा?

    नीचे जनवरी और फरवरी 2026 के प्रदोष व्रत की तिथियां दी गई हैं जनवरी 2026 के प्रदोष व्रत 02 जनवरी 2026, गुरुवार – गुरु प्रदोष व्रत 16 जनवरी 2026, शुक्रवार – शुक्र प्रदोष व्रत,30 जनवरी 2026, शुक्रवार – शुक्र प्रदोष व्रत

    फरवरी 2026 के प्रदोष व्रत

    • 14 फरवरी 2026, शनिवार – शनि प्रदोष व्रत
    • 28 फरवरी 2026, शनिवार – शनि प्रदोष व्रत

    हर प्रदोष व्रत का अलग-अलग फल बताया गया है। जैसे गुरु प्रदोष व्रत से ज्ञान और करियर में उन्नति होती है, शुक्र प्रदोष व्रत वैवाहिक जीवन और प्रेम संबंधों को मजबूत करता है, जबकि शनि प्रदोष व्रत शनि दोष और आर्थिक परेशानियों से राहत दिलाता है।

    प्रदोष व्रत की पूजा विधि

    प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें। शाम को प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और सफेद फूल अर्पित करें। “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें और शिव चालीसा या प्रदोष व्रत कथा का पाठ करें। अंत में आरती कर भगवान शिव से मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करें।

    प्रदोष व्रत रखने से होने वाले लाभ

    • मानसिक तनाव और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति
    • धन, नौकरी और व्यापार में उन्नति
    • वैवाहिक और पारिवारिक जीवन में सुख-शांति
    • रोग, दोष और बाधाओं का नाश