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  • Ghaziabad murder: गाजियाबाद में थाने के बाहर युवक की गोली मारकर हत्या, इलाके में फैली सनसनी

    Ghaziabad murder: गाजियाबाद में थाने के बाहर युवक की गोली मारकर हत्या, इलाके में फैली सनसनी

    Ghaziabad murder: गाजियाबाद के मुरादनगर थाने के बाहर बुधवार रात जो हुआ, उसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। गांव मिल्क रावली निवासी 35 वर्षीय रवि शर्मा की उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी गई जब वह अपने भाई के साथ थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचा था। चार गोलियां लगने से रवि की मौके पर ही हालत गंभीर हो गई और अस्पताल पहुंचते-पहुंचते उसकी मौत हो गई। Ghaziabad murder

    बताया जा रहा है कि गांव में कार निकालने को लेकर अजय चौधरी और मोंटी से रवि का विवाद हो गया था। विवाद के बाद अजय अपने साथियों के साथ पहले रवि के घर पहुंचा और मारपीट की। रवि ने इस घटना की शिकायत के लिए थाने का रुख किया, लेकिन थाने के गेट पर पहले से मौजूद अजय और मोंटी ने अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने इलाके में नाकेबंदी की है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

    रवि के भाई विकास शर्मा ने बताया कि हमलावरों के बारे में पहले ही पुलिस को जानकारी दे दी गई थी, लेकिन सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतज़ाम नहीं किए गए।

    पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी अजय चौधरी हाल ही में जेल से बाहर आया था और पहले भी एक बलात्कार के मामले में जेल जा चुका है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज व चश्मदीद गवाहों की मदद से हत्यारों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।

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  • Mainpuri Bulldozer Action: दलित किसान के पट्टे वाले मकान पर चला बुलडोजर, आखिर कहाँ हुई चूक?

    Mainpuri Bulldozer Action: दलित किसान के पट्टे वाले मकान पर चला बुलडोजर, आखिर कहाँ हुई चूक?

    Mainpuri Bulldozer Action: कहते हैं, गरीब का सपना पूरा होने से पहले टूट जाता है। मैनपुरी के अकबरपुर गांव में कुछ ऐसा ही हुआ। ओम शरण कठेरिया, एक दलित किसान, जिन्हें 2003 में एसडीएम ने मकान बनाने के लिए जमीन का पट्टा दिया था। उस वक्त उनकी जेब खाली थी, मकान बनाने का सपना सिर्फ सपना ही रहा। सालों की मेहनत के बाद, जब ओम शरण ने अपने परिवार के लिए पट्टे की जमीन पर छत डालनी शुरू की, तो अचानक बुलडोजर आ गया। एसडीएम घिरोर प्रसून कश्यप, पुलिस और राजस्व टीम के साथ पहुंचे और उनके आधे बने मकान को अवैध बताकर ध्वस्त कर दिया। Mainpuri Bulldozer Action

    जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह का कहना है कि ओम शरण की जमीन की पैमाइश नहीं हुई थी। पट्टे में दी गई जमीन का सही चिन्हांकन न होने से वह जिस जगह मकान बना रहे थे, वह गलत निकली। सुनकर मन सवाल उठाता है—जब पट्टा दिया था, तो जमीन की निशानदेही क्यों नहीं की गई? गरीब को घर का हक देकर उसका सपना तोड़ा क्यों? जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर आगे भी चलेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि सरकारी या ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा न करें, वरना कानूनी कार्रवाई होगी। Mainpuri Bulldozer Action

    यह सिर्फ ओम शरण की कहानी नहीं, बल्कि उन तमाम गरीबों की है, जिन्हें सिस्टम के चक्कर में उलझा दिया जाता है। मैनपुरी में अतिक्रमण रोकना जरूरी है, लेकिन क्या प्रशासन पहले सही नक्शा और पट्टे की जमीन का ब्योरा सुनिश्चित नहीं कर सकता? ओम शरण जैसे लोग अब क्या करें? उनका हक कौन देगा? यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि गरीबों के लिए न्याय का रास्ता इतना मुश्किल क्यों है? Mainpuri Bulldozer Action

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  • Israel-Iran War LIVE Updates: ईरान-इजरायल जंग में तीसरे विश्व युद्ध की आहट! ट्रंप ने दी ईरान पर सैन्य हमले की योजना को मंजूरी

    Israel-Iran War LIVE Updates: ईरान-इजरायल जंग में तीसरे विश्व युद्ध की आहट! ट्रंप ने दी ईरान पर सैन्य हमले की योजना को मंजूरी

    Israel-Iran War LIVE Updates: ईरान और इजरायल के बीच सैन्य संघर्ष अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। वहीं, अमेरिका भी इस संघर्ष में निर्णायक भूमिका निभाने को तैयार नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सैन्य हमला करने की योजना को मंजूरी दे दी है, लेकिन अंतिम आदेश परमाणु गतिविधियों की अगली रिपोर्ट के बाद देने की बात कही है।

    इजरायल ने अराक रिएक्टर इलाके के आसपास की बमबारी- Israel-Iran War

    इस बीच इजरायल ने ईरान के अराक रिएक्टर और उसके आसपास के इलाकों में भारी बमबारी की है। इस कार्रवाई में 40 इजरायली फाइटर जेट्स ने हिस्सा लिया और 100 से अधिक मिसाइलें दागी गईं।

    अराक रिएक्टर बना टारगेट– Israel-Iran War

    इजरायली रक्षा बल (IDF) ने जानकारी दी कि अराक रिएक्टर को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वहां प्लूटोनियम उत्पादन के संकेत मिले थे। इस ऑपरेशन के दौरान रिएक्टर को सील करने वाली संरचना भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। इजरायल ने इस इलाके के नागरिकों से पहले ही इलाका खाली करने की अपील की थी।

    ईरान का पलटवार – मिसाइल से हमला– Israel-Iran War

    अराक पर हमले के जवाब में ईरान ने तेल अवीव, बीर्शेबा, रमतगन और होलोन पर चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इनमें से एक मिसाइल तेल अवीव के एक अस्पताल पर गिरी, जिससे अफरा-तफरी मच गई और 20 से अधिक लोग घायल हुए।

    सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने इससे पहले ड्रोन हमले के जरिए भी इजरायल के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था। फार्स न्यूज एजेंसी ने पुष्टि की कि ईरान लगातार जवाबी कार्रवाई की तैयारी में है। Israel-Iran War

    ट्रंप का ‘लास्ट चांस’ और बंकर बस्टर प्लान– Israel-Iran War

    अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ बैठक कर ईरान की फोर्डो न्यूक्लियर साइट पर 30,000 पाउंड वजनी बंकर बस्टर बम के इस्तेमाल की संभावना पर चर्चा की है।
    सूत्रों की मानें तो ट्रंप की योजना फाइनल वारंट देने की कगार पर है, लेकिन अंतिम निर्णय ईरान के परमाणु गतिविधियों की पुष्टि के आधार पर लिया जाएगा।

    जानमाल की भारी हानि

    अब तक की जानकारी के मुताबिक, ईरान में 450 और इजरायल में 24 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। ईरान के कई शहरों में इमरजेंसी हालात बना दिए गए हैं और बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हो चुके हैं।

    संभावित बातचीत की उम्मीद

    एक तरफ जहां जंग जारी है, वहीं अमेरिकी मीडिया में यह दावा किया जा रहा है कि ईरान ट्रंप के बातचीत के प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए तैयार हो सकता है। यह बात तब और महत्वपूर्ण हो जाती है जब अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में सैन्य तैनाती को काफी बढ़ा दिया है।

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    सोर्स- AAJ TAK

  • Iran vs Israel US Military Comparison: इजरायल-अमेरिका की सैन्य ताकत के सामने कितना टिकेगा ईरान? जानें हथियारों का पूरा लेखा-जोखा!

    Iran vs Israel US Military Comparison: इजरायल-अमेरिका की सैन्य ताकत के सामने कितना टिकेगा ईरान? जानें हथियारों का पूरा लेखा-जोखा!

    Iran vs Israel US Military Comparison: ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी सैन्य तनाव ने मध्य-पूर्व में युद्ध की आशंका को गहरा दिया है। अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य शक्ति जितनी उन्नत, आधुनिक और विनाशक है, उतनी ही सीमित और चुनौतियों से भरी ईरान की सैन्य क्षमताएं हैं। मौजूदा हालात में यह जानना बेहद ज़रूरी हो गया है कि क्या ईरान, इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले का मुकाबला कर सकता है? इस लेख में हम तीनों देशों की वायु शक्ति, मिसाइल क्षमता, हेलीकॉप्टर और क्रूज मिसाइलों की तुलना करेंगे।

    1. वायुसेना और लड़ाकू विमानIran vs Israel US Military Comparison

    ग्लोबल फायर पावर के अनुसार अमेरिका के पास दुनिया की सबसे बड़ी एयर फोर्स है।

    • अमेरिका के पास:
      • कुल 13,000 एयरक्राफ्ट
      • 1,790 फाइटर जेट
      • 647 स्पेशल मिशन विमान
      • 889 स्टील्थ व एडवांस फाइटर जेट्स
    • इजरायल के पास:
      • कुल 611 एयरक्राफ्ट
      • 241 फाइटर जेट
      • 19 स्पेशल मिशन जेट
      • 38 स्टील्थ/एडवांस फाइटर विमान
    • ईरान के पास:
      • कुल 551 एयरक्राफ्ट
      • 188 फाइटर जेट
      • मात्र 10 स्पेशल मिशन विमान
      • 21 आधुनिक लड़ाकू विमान

    👉 ईरान की वायुसेना ना केवल संख्या में कम है, बल्कि उसकी अधिकांश मशीनें पुरानी और तकनीकी रूप से पिछड़ी हैं।

    🚁 2. अटैक हेलीकॉप्टर और हवाई सहायता

    • अमेरिका के पास:
      • 1002 अटैक हेलीकॉप्टर
      • कुल 5843 हेलीकॉप्टर
    • इजरायल के पास:
      • 48 अटैक हेलीकॉप्टर
      • कुल 147 हेलीकॉप्टर
    • ईरान के पास:
      • 13 अटैक हेलीकॉप्टर
      • कुल 128 हेलीकॉप्टर

    👉 हवाई सहायता और हेलीकॉप्टर की ताकत में भी ईरान बेहद पीछे है। भारी संख्या और आधुनिक तकनीक अमेरिका और इजरायल को अजेय बनाती है।

    🚀 3. मिसाइल शक्ति की तुलना

    🔸 ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें:

    • सिज्जल-2: रेंज 2000–2500 किमी
    • फतेह-110, फतेह-313: रेंज 150–300 किमी
    • शाहब-1, 2, 3: रेंज 300–1200 किमी
    • जुल्फगार: रेंज 700 किमी
    • सुमेर (क्रूज): रेंज 2000 किमी

    🔹 इजरायल की मिसाइलें:

    • जेरिको-2: रेंज 1500–3500 किमी
    • जेरिको-3 (अनुमानित): रेंज 4800–6500 किमी
    • बंकर बस्टर: अंडरग्राउंड टारगेट को भी भेदने में सक्षम

    🔹 अमेरिका की मिसाइलें:

    • D-5 ट्राइडेंट: रेंज 7400–12000 किमी
    • मिनटमैन-3: रेंज 9650–13,000 किमी
    • थॉमाहॉक क्रूज मिसाइल: रेंज 2500 किमी
    • हाइपरसोनिक वेपन सिस्टम: विकासशील लेकिन विनाशकारी

    👉 ईरान के पास लॉन्ग रेंज मिसाइल का अभाव है। उसकी अधिकांश मिसाइलें मिड-रेंज में ही सीमित हैं। अमेरिका और इजरायल की मिसाइलें वैश्विक स्तर पर टारगेट को भेदने की क्षमता रखती हैं।

    🧨 4. स्पेशल हथियार और बंकर बस्टर क्षमता

    इजरायल और अमेरिका के पास अत्याधुनिक “बंकर बस्टर” बम हैं, जो ज़मीन और पहाड़ के अंदर छिपे बंकरों को भी तबाह कर सकते हैं।

    ईरान के नूक्लियर प्लांट अक्सर पहाड़ी इलाकों में स्थित हैं, लेकिन ये हथियार उन्हें भी तबाह कर सकते हैं।

    5. एंटी-शिप और क्रूज मिसाइलें

    • ईरान के पास:
      • राड, नसर-1: एंटी-शिप मिसाइल
      • केएच-55: एयर लॉन्च न्यूक्लियर कैपेबल
      • या-अली: 700 किमी रेंज की क्रूज मिसाइल
      • सुमेर: 2000 किमी रेंज की लॉन्ग रेंज क्रूज मिसाइल

    👉 हालांकि ये मिसाइलें सीमित हमले के लिए सक्षम हैं, लेकिन अमेरिका और इजरायल की एंटी-मिसाइल और डिफेंस टेक्नोलॉजी इतनी आधुनिक है कि इनमें से अधिकांश को मार गिराया जा सकता है।

    📉 6. एयर डिफेंस सिस्टम की हालत

    ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम पहले ही इजरायली हमलों में काफी क्षतिग्रस्त हो चुका है।
    जबकि इजरायल के पास “आयरन डोम”, “डेविड स्लिंग” और अमेरिका के पास “THAAD”, “Patriot” जैसी एडवांस प्रणाली मौजूद हैं।

    SOURCE- AAJ TAK

  • Fatehpur farmers death: फतेहपुर में टीला धंसने से तीन किसानों की मौत, गांव में मचा कोहराम

    Fatehpur farmers death: फतेहपुर में टीला धंसने से तीन किसानों की मौत, गांव में मचा कोहराम

    Fatehpur farmers death: फतेहपुर जनपद के किशनपुर थाना क्षेत्र के रायपुर भसरौल गांव में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में तीन किसानों की मिट्टी के टीले के नीचे दबकर मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब तीनों किसान भैंसें चरा रहे थे और तेज धूप से बचने के लिए एक टीले की छांव में बैठ गए। अचानक टीला धंस गया और तीनों उसकी चपेट में आ गए।

    भैंसों को पानी पिलाने ले गए थे किसान- Fatehpur farmers death

    मृतकों की पहचान रायपुर भसरौल गांव के मजरे चंदवाइन डेरा निवासी दुलारे पासवान (60), शिवमोहन यादव (65) और तरह मड़ौली गांव निवासी रमेश निर्मल (55) के रूप में हुई है। यह तीनों सुबह जंगल की ओर भैंस चराने निकले थे। दोपहर के समय जब गर्मी तेज हो गई तो वे यमुना नदी किनारे भैंसों को पानी पिलाने ले गए। इस दौरान तीनों चरवाहे नदी किनारे बने मिट्टी के एक टीले की छांव में आराम कर रहे थे, तभी टीला अचानक भरभरा कर गिर पड़ा। Fatehpur farmers death

    टीला धंसने से तीन किसानों की मौत (फोटो क्रेडिट- नेशन नाव समाचार)

    हादसे के वक्त थोड़ी दूरी पर बैठा एक अन्य चरवाहा घटनास्थल की ओर दौड़ा और ग्रामीणों को सूचना दी। गांव वालों ने मौके पर पहुंच कर टीले को हटाने की कोशिश की और तीनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक सभी की मौत हो चुकी थी। Fatehpur farmers death

    सूचना पर पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची- Fatehpur farmers death

    सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। क्षेत्राधिकारी खागा बृजमोहन राय ने पुलिस बल के साथ घटनास्थल का मुआयना किया। किशनपुर थानाध्यक्ष दिवाकर सिंह ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और हादसे की जांच की जा रही है। Fatehpur farmers death

    तीनों किसानों की एक साथ मौत से गांव में मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

  • Lucknow Corona Cases Rise: डॉक्टर और बुजुर्ग सहित 6 नए केस, 257 पहुंची संक्रमितों की संख्या

    Lucknow Corona Cases Rise: डॉक्टर और बुजुर्ग सहित 6 नए केस, 257 पहुंची संक्रमितों की संख्या

    Lucknow Corona Cases Rise: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीरे-धीरे बढ़ रही है। बीते 24 घंटों में प्रदेशभर में 19 नए केस सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल राज्य में कुल सक्रिय मरीजों की संख्या 257 तक पहुंच चुकी है। राजधानी लखनऊ में बुधवार को छह नए कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हुई है, जिनमें दो बुजुर्ग और एक युवा डॉक्टर शामिल हैं। Lucknow Corona Cases Rise

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में कार्यरत 27 वर्षीय डॉक्टर की आरटी-पीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। उन्हें बीते तीन दिन से बुखार और सर्दी-जुकाम के लक्षण थे, जिसके बाद उन्होंने कोरोना जांच कराई थी। फिलहाल डॉक्टर होम आइसोलेशन में ही उपचार ले रहे हैं। Lucknow Corona Cases Rise

    75 वर्षीय व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई- Lucknow Corona Cases Rise

    वहीं, हजरतगंज स्थित एक प्रसिद्ध रेमंड शोरूम के 75 वर्षीय मालिक की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई है। जानकारी के मुताबिक, वह कुछ दिन पहले एक अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे, जिसके बाद उन्हें 15 जून से हल्का बुखार और सर्दी की शिकायत रही। स्वास्थ्य विभाग की सलाह पर उन्होंने भी खुद को होम आइसोलेट कर लिया है। Lucknow Corona Cases Rise

    इसके अलावा आशियाना इलाके के 81 वर्षीय बुजुर्ग भी संक्रमित पाए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि उनकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। बीते 15 दिनों से वह बीमार चल रहे थे और पहले टायफाइड की पुष्टि हुई थी, लेकिन साथ ही उनकी कोविड रिपोर्ट भी पॉजिटिव आ गई है। अब उनका इलाज घर पर ही चल रहा है।

    राजधानी में अब तक इस सीजन में कुल 44 कोरोना पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बुखार, खांसी या जुकाम जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं और भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का प्रयोग करें।

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    सोर्स- ETV BHARAT

  • Swami Prasad Maurya statement: स्वामी प्रसाद मौर्य का बड़ा बयान- मायावती अब तक की सबसे बेहतर मुख्यमंत्री

    Swami Prasad Maurya statement: स्वामी प्रसाद मौर्य का बड़ा बयान- मायावती अब तक की सबसे बेहतर मुख्यमंत्री

    Swami Prasad Maurya statement: संविधान सम्मान और जनहित हुंकार यात्रा के तहत बाराबंकी पहुंचे समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता और अब जनता पार्टी प्रमुख स्वामी प्रसाद मौर्य ने आज एक बड़ा राजनीतिक बयान दिया। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती को उत्तर प्रदेश की अब तक की सबसे बेहतर मुख्यमंत्री बताया। वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) पर भी तीखा हमला बोला।

    स्वामी प्रसाद मौर्य ने बाराबंकी के चौहान गेस्ट हाउस में आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मायावती का शासन और उनकी कानून व्यवस्था की धमक सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे देश में महसूस की जाती थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि “यह बात अलग है कि अब मायावती ने बाबा साहब अंबेडकर और कांशीराम के सिद्धांतों से दूरी बना ली है, इसलिए जनता ने भी उनसे दूरी बना ली है।” Swami Prasad Maurya statement

    मौर्य ने कहा कि उनकी यात्रा का मकसद संविधान की रक्षा, जनहित के मुद्दे और सामाजिक न्याय को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि इस यात्रा के माध्यम से वे जनता को जागरूक कर रहे हैं कि भाजपा सरकार किस तरह संविधान विरोधी नीतियों को लागू कर रही है।

    उन्होंने भाजपा को उत्तर प्रदेश से उखाड़ फेंकने की बात करते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य सिर्फ चुनाव लड़ना नहीं है, बल्कि जनता की आवाज बनना है। भाजपा की नीतियां गरीब, पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक विरोधी हैं।”

    सपा और पीडीए गठबंधन पर तंज- Swami Prasad Maurya statement

    स्वामी प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी के पीडीए गठबंधन को दिशाहीन बताया। उन्होंने कहा कि “सपा को बाबा साहब अंबेडकर की मूल विचारधारा की जानकारी तक नहीं है, ऐसे में उनका गठबंधन सिर्फ दिखावा है।”

    अकेले लड़ेंगे चुनाव, पर गठबंधन से इनकार नहीं- Swami Prasad Maurya statement

    स्वामी प्रसाद मौर्य ने साफ किया कि पंचायत और विधानसभा चुनावों में वे अपनी जनता पार्टी के बैनर तले अकेले लड़ेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर भाजपा को हराने के लिए किसी दल से गठबंधन करना पड़े, तो वह इसके लिए तैयार हैं।

    उन्होंने याद दिलाया कि वे कभी पद की लालसा में राजनीति नहीं करते। “मैंने मंत्री पद छोड़ा, एमएलसी पद छोड़ा, सपा में रहते हुए कई सीटें जिताईं। लेकिन अब समय आ गया है कि मैं अकेले मैदान में उतरूं और जनता से सीधा संवाद करूं,” उन्होंने कहा। Swami Prasad Maurya statement

    📢 बाइट – स्वामी प्रसाद मौर्य

    "मायावती जैसी मुख्यमंत्री आज तक नहीं हुई। लेकिन अब उन्होंने मूल विचारधारा से समझौता कर लिया है। भाजपा को हराने की लड़ाई में मैं अकेला भी तैयार हूं, और जरूरत पड़ी तो गठबंधन के लिए भी।"
  • FASTag annual pass launch: निजी वाहन चालकों के लिए सरकार की नई सौगात, 15 अगस्त से होगा लागू

    FASTag annual pass launch: निजी वाहन चालकों के लिए सरकार की नई सौगात, 15 अगस्त से होगा लागू

    FASTag annual pass launch: सड़क परिवहन मंत्रालय ने निजी वाहन चालकों के लिए टोल प्लाजाओं पर यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 17 जून को एक्स (X) के जरिए FASTag आधारित वार्षिक पास (Annual FASTag Pass) को लॉन्च करने की घोषणा की।

    यह नई व्यवस्था 15 अगस्त 2025 से देशभर में लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य टोल पर बार-बार रिचार्ज करने के झंझट को खत्म करना, टोल लेन में भीड़ को कम करना और तेज व सुगम यात्रा को सुनिश्चित करना है। FASTag annual pass launch

    क्या है FASTag एनुअल पास?FASTag annual pass launch

    यह एक वार्षिक सब्सक्रिप्शन आधारित पास होगा जो केवल गैर-व्यावसायिक निजी वाहनों (जैसे कार, वैन, जीप आदि) के लिए मान्य होगा। इसकी कीमत ₹3000 प्रति वर्ष रखी गई है।

    इस पास की प्रमुख विशेषताएं हैं:

    • 1 वर्ष या 200 ट्रिप्स तक मान्य (जो पहले पूरा हो, वही मान्य होगा)
    • एक बार भुगतान के बाद पूरे वर्ष टोल की चिंता नहीं
    • देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर लागू
    • FASTag तकनीक आधारित लेन-देन
    FASTag annual pass launch

    📆 कब और कैसे मिलेगा पास?

    नितिन गडकरी ने बताया कि 15 अगस्त 2025 से यह योजना लागू हो जाएगी। इसके लिए NHAI या MoRTH की आधिकारिक वेबसाइट या राजमार्ग यात्रा ऐप पर एक विशेष लिंक जारी किया जाएगा, जहां से लोग FASTag एनुअल पास को खरीद या रिन्यू कर सकेंगे।

    🚗 किसके लिए होगा पास?FASTag annual pass launch

    यह पास केवल निम्नलिखित वाहन श्रेणियों के लिए मान्य होगा:

    • निजी उपयोग की कारें
    • वैन
    • जीप

    महत्वपूर्ण: यह सुविधा व्यावसायिक वाहनों (जैसे ट्रक, टैक्सी, बस आदि) के लिए उपलब्ध नहीं होगी।

    कम होगा वेटिंग टाइम, बढ़ेगी यात्रा की सुगमता

    इस पास के आने से टोल प्लाज़ाओं पर बार-बार भुगतान की जरूरत खत्म हो जाएगी। इससे टोल बूथ पर वेटिंग टाइम घटेगा, जिससे ना सिर्फ यातायात तेज होगा, बल्कि टोल से जुड़ी झड़पों व विवादों में भी कमी आएगी।

    सरकार की मंशा: पारदर्शिता और सुलभता

    सरकार इस नई नीति के तहत 60 किलोमीटर के दायरे में दो टोल प्लाजा होने जैसी स्थितियों से उपजे विवादों को भी खत्म करना चाहती है। एक ही पास से डिजिटल और पारदर्शी तरीके से भुगतान सुनिश्चित होगा, जिससे शिकायतों की संभावना कम होगी।

    FASTag एनुअल पास के लाभ एक नजर में:

    लाभविवरण
    कीमत₹3000 प्रतिवर्ष
    वैधता1 साल या 200 यात्राएं
    वाहन श्रेणीकेवल निजी वाहन
    सुविधावेबसाइट या ऐप से सक्रिय
    असरटोल पर झंझट खत्म, यात्रा तेज़

    सोर्स- AAJ TAK

  • Iran Israel war: जुल्फिकार के साथ खैबर की ओर, ईरान-इजरायल टकराव में खामेनेई का चेतावनी भरा संदेश

    Iran Israel war: जुल्फिकार के साथ खैबर की ओर, ईरान-इजरायल टकराव में खामेनेई का चेतावनी भरा संदेश

    Iran Israel war: ईरान और इजरायल के बीच लंबे समय से जारी तनाव अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। छठे दिन की जंग में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर जो संदेश लिखा, उसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा। उन्होंने लिखा:- “महान हैदर के नाम पर, लड़ाई शुरू होती है। अली अपनी जुल्फिकार के साथ खैबर लौटते हैं।”

    Iran Israel war

    यह पोस्ट न सिर्फ एक भावनात्मक सन्देश है बल्कि इसमें कई ऐतिहासिक और धार्मिक प्रतीकों के माध्यम से युद्ध का संदेश छिपा है। ‘हैदर’, ‘अली’, ‘जुल्फिकार’ और ‘खैबर’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल इस बात का संकेत है कि यह टकराव अब केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि विचारधारात्मक और धार्मिक रूप ले चुका है।

    हैदर और अली का प्रतीकात्मक अर्थIran Israel war

    ‘हैदर’ और ‘अली’ दोनों शब्द इस्लामिक इतिहास में हजरत अली से जुड़े हैं, जिन्हें शिया समुदाय पहले इमाम और सुन्नी समुदाय चौथे खलीफा के रूप में मानता है। हजरत अली को ‘शेर’ यानी बहादुरी और न्याय का प्रतीक माना जाता है। खामेनेई का ‘हैदर’ नाम से संबोधित करना उनके द्वारा युद्ध को अली की बहादुरी और धर्म के रक्षक रूप में दिखाना है।

    जुल्फिकार: न्याय और युद्ध का हथियारIran Israel war

    ‘जुल्फिकार’ हजरत अली की दोधारी तलवार का नाम था, जो इस्लामी परंपरा में शक्ति, न्याय और विजय का प्रतीक है। खामेनेई द्वारा ‘जुल्फिकार’ शब्द का उपयोग यह स्पष्ट करता है कि ईरान अब निर्णायक कार्रवाई की मुद्रा में है और यह लड़ाई सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि धार्मिक व सांस्कृतिक पहचान की भी है।

    खैबर: इतिहास से वर्तमान तकIran Israel war

    628 ई. में लड़ी गई खैबर की लड़ाई में मुस्लिम सेना ने यहूदी कबीलों को हराया था। यह जंग इस्लामी विजय का प्रतीक मानी जाती है। आज ईरान इस ऐतिहासिक लड़ाई का जिक्र कर इजरायल को एक बार फिर वैसा ही दुश्मन बताने की कोशिश कर रहा है। Iran Israel war

    ईरान लंबे समय से इजरायल की नीतियों को फिलिस्तीन के खिलाफ अत्याचार के रूप में देखता आया है। खासकर जेरूसलम की अल-अक्सा मस्जिद की सुरक्षा को लेकर ईरान की चिंता सार्वजनिक रही है। खैबर का जिक्र कर खामेनेई ने यह स्पष्ट किया है कि अब संघर्ष को धार्मिक विमर्श में तब्दील किया जाएगा।

    धार्मिक विमर्श बनाम राजनीतिक टकरावIran Israel war

    खामेनेई की यह पोस्ट सीधे तौर पर इजरायल के खिलाफ एक धार्मिक युद्ध का संकेत देती है। जुल्फिकार और खैबर जैसे प्रतीक युद्ध में आत्मबल, विश्वास और ऐतिहासिक न्याय का प्रतिनिधित्व करते हैं। इससे इजरायल और अमेरिका के खिलाफ मुस्लिम जनमानस को लामबंद करने की रणनीति भी दिखती है।

    यह टकराव अब सिर्फ मिसाइलों या सैनिक कार्रवाइयों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें धर्म, इतिहास और पहचान की भी निर्णायक भूमिका होगी। आने वाले समय में इसका असर क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक राजनीति पर गहरा पड़ सकता है।

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    सोर्स- TV9 HINDI

  • Raja Raghuwanshi murder update: मुख्य आरोपी राज कुशवाहा की दादी की सदमे से मौत, बोली थीं- ‘मेरा बेटा बेकसूर है’

    Raja Raghuwanshi murder update: मुख्य आरोपी राज कुशवाहा की दादी की सदमे से मौत, बोली थीं- ‘मेरा बेटा बेकसूर है’

    Raja Raghuwanshi murder update: राजा रघुवंशी हत्याकांड के मुख्य आरोपी राज कुशवाहा की दादी रामलली का मंगलवार देर रात निधन हो गया। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद के थाना गाजीपुर क्षेत्र स्थित ग्राम रामपुर सुकेती की रहने वाली रामलली अपने पोते का नाम हत्या मामले में आने के बाद से सदमे में थीं।

    परिजनों के अनुसार, रामलली बीते कई दिनों से टीवी, अखबार और सोशल मीडिया पर चल रही रिपोर्ट्स से मानसिक रूप से परेशान थीं। वह लगातार अपने पोते को निर्दोष बताते हुए पूरे मामले की जिम्मेदार सोनम को ठहराती रहीं। उन्होंने कई बार कहा कि “मेरा बेटा बेकसूर है, उसे फंसाया जा रहा है।”

    Raja Raghuwanshi murder update

    बताया गया कि राज कुशवाहा कई वर्षों पूर्व अपने पिता के साथ इंदौर मजदूरी करने गया था, जहां वह सोनम के पिता की फैक्ट्री में काम करने लगा। यहीं से सोनम और राज का प्रेम संबंध शुरू हुआ, जो आगे चलकर देश के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ गया। Raja Raghuwanshi murder update

    Raja Raghuwanshi murder update

    जैसे-जैसे केस में पुलिस जांच गहराती गई, वैसे-वैसे राज कुशवाहा का नाम उभरता गया। जब लोगों को पता चला कि वह फतेहपुर के रामपुर सुकेती गांव का रहने वाला है, तो गांव में सनसनी फैल गई। Raja Raghuwanshi murder update

    रामलली अपने पोते की लगातार मीडिया कवरेज देखकर आहत थीं। परिजन बताते हैं कि वह हर दिन अखबारों में राज की तस्वीर और टीवी पर खबरें देखती थीं और सदमे में चली जाती थीं। मंगलवार को उन्हें हार्ट अटैक आया और उनका निधन हो गया।

    गांव में शोक का माहौल है। स्थानीय लोग और पड़ोसी अंतिम दर्शन के लिए घर पहुंचने लगे हैं। वहीं परिजन अब भी दावा कर रहे हैं कि राज कुशवाहा निर्दोष है और जांच निष्पक्ष होनी चाहिए। Raja Raghuwanshi murder update

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