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  • अमेठी: बंद सार्वजनिक रास्ता खुलवाने की मांग, तहसील दिवस में पीड़ित परिजनों ने सीडीओ से लगाई गुहार

    अमेठी: बंद सार्वजनिक रास्ता खुलवाने की मांग, तहसील दिवस में पीड़ित परिजनों ने सीडीओ से लगाई गुहार

    संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी। जनपद अमेठी के पीपरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बाहीपुर गांव में सार्वजनिक रास्ता बंद किए जाने का मामला अब प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया है। रास्ता बंद होने से परेशान पीड़ित परिजनों ने तहसील दिवस के मौके पर पहुंचकर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) से शिकायत दर्ज कराई और तत्काल कार्रवाई की मांग की। पीड़ितों का आरोप है कि गांव के कुछ दबंग लोगों ने जबरन सार्वजनिक रास्ते को घूर-गोबर डालकर बंद कर दिया है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

    दबंगों पर जबरन रास्ता बंद करने का आरोप

    पीड़ित परिजनों ने बताया कि गांव में वर्षों से उपयोग में आ रहा यह रास्ता सार्वजनिक है, जिसका इस्तेमाल कई परिवार रोजमर्रा के आवागमन के लिए करते हैं। आरोप है कि गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों ने निजी स्वार्थ के चलते इस रास्ते पर घूर और गोबर डालकर उसे पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। इससे न सिर्फ पैदल चलने वालों, बल्कि महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

    पुलिस से शिकायत, फिर भी नहीं हुआ समाधान

    पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में पहले पीपरपुर थाना पुलिस से भी शिकायत की थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न तो रास्ता खुलवाया गया और न ही आरोपितों के खिलाफ कोई प्रभावी कदम उठाया गया। लगातार अनदेखी से आहत पीड़ित परिवारों ने आखिरकार तहसील दिवस में प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखने का फैसला किया।

    तहसील दिवस में सीडीओ से शिकायत

    मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस में पीड़ित परिजन बड़ी उम्मीद के साथ पहुंचे और सीडीओ को लिखित शिकायत सौंपते हुए रास्ता तत्काल खुलवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो उन्हें मजबूरन उच्च अधिकारियों और न्यायालय की शरण लेनी पड़ेगी।

    प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद

    सीडीओ ने पीड़ितों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया है। प्रशासन की ओर से कहा गया कि सार्वजनिक रास्तों को अवैध रूप से बंद करना कानूनन अपराध है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

    ग्रामीणों में आक्रोश

    गांव में इस मामले को लेकर अन्य ग्रामीणों में भी रोष देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि यदि सार्वजनिक रास्ते इस तरह बंद किए जाते रहे तो आम जनजीवन प्रभावित होगा। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है कि कब तक रास्ता खुलवाकर उन्हें राहत दी जाती है।

  • बाराबंकी: त्रिवेदीगंज में नवनियुक्त भाजपा जिला अध्यक्ष राम सिंह भुल्लन का भव्य स्वागत, कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह

    बाराबंकी: त्रिवेदीगंज में नवनियुक्त भाजपा जिला अध्यक्ष राम सिंह भुल्लन का भव्य स्वागत, कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह

    बाराबंकी। त्रिवेदीगंज क्षेत्र में नवनियुक्त भाजपा जिला अध्यक्ष राम सिंह भुल्लन (रामसिंह वर्मा) के आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। जगह-जगह पुष्पवर्षा, माल्यार्पण और नारों के साथ कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष का अभिनंदन किया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह नजर आया।

    शुक्रवार को त्रिवेदीगंज पहुंचने पर भाजपा नेता अरुण शुक्ला ने कार्यकर्ताओं के साथ नवनियुक्त जिलाध्यक्ष का स्वागत किया। इसके बाद पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुनील सिंह और प्रधान ककरी सचिन के नेतृत्व में मां पीताम्बरा मैरिज लॉन में पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में भाजपा के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

    संगठन को मजबूत करने का संकल्प

    स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए नवनियुक्त भाजपा जिला अध्यक्ष राम सिंह भुल्लन ने कहा कि वह पार्टी की नीतियों और योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा और तत्परता से कार्य करेंगे। उन्होंने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा कार्यकर्ताओं के हित में लगातार काम करने का संकल्प दोहराया।

    उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर काम करने की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास से ही पार्टी को आने वाले चुनावों में और बड़ी सफलता दिलाई जा सकती है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश और प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है और भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंच रहा है।

    सैकड़ों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी

    इस अवसर पर स्वागत समारोह में कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। कार्यक्रम में शिवनाम प्रधान प्रतिनिधि राजेश वर्मा मन्ना, सुशील पटेल लंबरदार, तेजबहादुर सिंह, अवधेश सिंह चंदेल, रणविजय सिंह पिंकू, राजकुमार सिंह (पूर्व मंडल अध्यक्ष), कृष्ण कुमार मुन्नू (मंडल अध्यक्ष), सचिन वर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में संगठन को और मजबूत करने तथा भाजपा की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कुल मिलाकर, त्रिवेदीगंज में हुआ यह भव्य स्वागत समारोह भाजपा की संगठनात्मक मजबूती और आगामी राजनीतिक तैयारियों का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।

  • Kanpur Crime News: चौबेपुर में खौफनाक हत्याकांड, महिला ने प्रेमी की गला दबाकर हत्या कर जंगल में दफनाया, 50 दिन बाद खुला राज

    Kanpur Crime News: चौबेपुर में खौफनाक हत्याकांड, महिला ने प्रेमी की गला दबाकर हत्या कर जंगल में दफनाया, 50 दिन बाद खुला राज

    Kanpur Crime News: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। चौबेपुर थाना क्षेत्र के रौतापुर गांव में एक महिला ने अपने प्रेमी की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को जंगल में दफना दिया। करीब 50 दिन बाद जंगल से कंकाल मिलने के बाद इस खौफनाक वारदात का खुलासा हुआ।

    पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान गोरेलाल के रूप में हुई है, जिसका गांव की ही रहने वाली महिला से बीते चार वर्षों से प्रेम संबंध था। महिला के पति की पहले ही मौत हो चुकी थी और उसके चार बेटियां व एक बेटा हैं। गोरेलाल का महिला के घर आना-जाना था और कई बार वह रात में भी वहीं रुकता था। धीरे-धीरे महिला के बच्चे भी उसे परिवार का सहारा मानने लगे थे।

    लेकिन यह रिश्ता तब डरावना मोड़ ले गया, जब गोरेलाल की नियत महिला की 13 वर्षीय बेटी पर खराब हो गई। पुलिस के मुताबिक, गोरेलाल ने महिला पर दबाव बनाना शुरू कर दिया कि वह बेटी से संबंध बनाने दे। इतना ही नहीं, उसने महिला को धमकी दी कि अगर उसकी बात नहीं मानी गई तो वह उसके बेटे की हत्या कर देगा। इस धमकी से महिला बुरी तरह डर गई और उसने गोरेलाल को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया।

    डीसीपी दिनेश त्रिपाठी के अनुसार, 31 अक्टूबर की रात महिला ने अपने भतीजे के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। महिला ने गोरेलाल को शादी का झांसा देकर अपने मायके बुलाया। वहां उसे जमकर शराब पिलाई गई। नशे की हालत में महिला और उसके भतीजे ने मिलकर गोरेलाल का गला घोटकर उसकी हत्या कर दी।

    हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए महिला के भतीजे ने अपने एक दोस्त को बुलाया। तीनों ने मिलकर शव को करीब 300 मीटर तक घसीटते हुए जंगल में ले जाकर गड्ढा खोदा और उसे दफना दिया। घटना के बाद गोरेलाल के लापता होने की शिकायत भी सामने आई थी।

    करीब 50 दिन बाद पुलिस को जंगल से एक कंकाल बरामद हुआ, जिसके बाद जांच तेज हुई। साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने महिला और उसके भतीजे को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, शव ठिकाने लगाने में मदद करने वाला तीसरा आरोपी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

  • मनरेगा की जगह लेने वाला ‘जी राम जी’ बिल लोकसभा में पास, विपक्ष का जोरदार हंगामा

    मनरेगा की जगह लेने वाला ‘जी राम जी’ बिल लोकसभा में पास, विपक्ष का जोरदार हंगामा

    महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की जगह लाने वाला ‘जी राम जी’ बिल आज सुबह लोकसभा में विपक्ष के भारी विरोध के बीच पारित कर दिया गया। बिल के पास होते ही संसद का माहौल गरमा गया और विपक्षी सांसदों ने वेल में उतरकर जमकर हंगामा किया।

    विपक्ष की मांग थी कि इस अहम बिल को स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा जाए ताकि इसके हर पहलू पर विस्तार से चर्चा हो सके। विरोध के दौरान कई सांसदों ने बिल की कॉपियां फाड़ दीं, जिस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “कानून पर पहले ही विस्तार से चर्चा हो चुकी है। जनता आपको कागज फाड़ने के लिए नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने के लिए भेजती है।” अब यह बिल राज्यसभा में पेश किया जाएगा

    विपक्ष ने क्यों किया विरोध?

    कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, डीएमके सांसद टीआर बालू और समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने बिल को गरीब-विरोधी बताया। विपक्ष का कहना है कि इस कानून से महात्मा गांधी का नाम हटाया जाना राष्ट्रपिता का अपमान है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि नया कानून राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालता है, जबकि कई राज्य पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।

    सरकार का जवाब क्या रहा?

    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक योजनाओं के नाम केवल नेहरू-गांधी परिवार से जोड़े और अब नाम बदलने पर सवाल उठा रही है। चौहान ने आरोप लगाया कि MGNREGA भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका था और नया कानून सभी स्टेकहोल्डर्स से चर्चा के बाद लाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार नाम नहीं, काम की राजनीति करती है।

    प्रियंका गांधी का तीखा बयान

    सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मीडिया से कहा कि यह बिल ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को धीरे-धीरे खत्म कर देगा। उन्होंने कहा, “यह योजना सबसे गरीब लोगों का सहारा है। राज्यों के पास फंड नहीं है और सरकार उन पर बोझ डाल रही है। यह बिल साफ तौर पर गरीब विरोधी है।”

    कागज फाड़ने पर सरकार की आपत्ति

    केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने संसद के भीतर कागज फाड़ने की घटना की निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में इस तरह के व्यवहार की कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बिल पर देर रात तक चर्चा की और यह कानून जनहित में है।

  • Rupee Future: SBI रिसर्च ने किया बड़ा दावा, 6 महीने में आ सकती तेजी

    Rupee Future: SBI रिसर्च ने किया बड़ा दावा, 6 महीने में आ सकती तेजी

    Rupee Future: नई दिल्ली: भारतीय रुपये (INR) की लगातार गिरावट ने निवेशकों और आम जनता के बीच चिंता बढ़ा दी है। इस बीच SBI रिसर्च ने एक नई रिपोर्ट में भविष्य को लेकर अहम अनुमान पेश किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रुपया फिलहाल डीवैल्यूएशन के तीसरे चरण से गुजर रहा है, लेकिन अगले 6 महीनों में इसमें तेजी देखने को मिल सकती है।

    डॉलर की मजबूती और रुपया कमजोर

    रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी डॉलर (USD) की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय बाजार में आयातित दबाव के कारण रुपये में गिरावट आई है। SBI रिसर्च ने बताया कि वैश्विक तेल की कीमतें और अन्य कमोडिटी दरें भी रुपये पर दबाव डाल रही हैं। हालांकि, अगले छह महीनों में वैश्विक आर्थिक संकेतकों में सुधार और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की नीतियों के चलते रुपये में स्थिरता और सुधार देखने को मिल सकता है।

    डीवैल्यूएशन के तीसरे चरण का असर

    SBI रिसर्च के मुताबिक, रुपये का तीसरा चरण डीवैल्यूएशन वह समय है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के मुकाबले INR की कमजोरी बढ़ती है, लेकिन इसमें अगले 6 महीनों में निवेशकों को वापसी की संभावना बनी रहती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस समय धैर्य और सही रणनीति अपनाना निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है।

    निवेशकों के लिए संदेश

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय फॉरेक्स और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में हड़बड़ी न करें, बल्कि बाजार के संकेतकों का अध्ययन करें। SBI रिसर्च ने सुझाव दिया है कि रुपये की गिरावट अस्थायी हो सकती है और नियंत्रित निवेश और सुनियोजित बचत से भविष्य में लाभ कमाया जा सकता है। SBI रिसर्च की रिपोर्ट में साफ किया गया है कि रुपये की गिरावट फिलहाल चिंता का विषय है, लेकिन अगले छह महीनों में भले ही डॉलर मजबूत रहे, INR में सुधार की उम्मीद है। निवेशकों और व्यापारियों को इसे ध्यान में रखते हुए रणनीति बनानी चाहिए।

  • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कैसे बने मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने खोले राज़

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कैसे बने मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने खोले राज़

    नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुख्यमंत्री बनने की कहानी राजनीतिक गलियारों में हमेशा चर्चा का विषय रही है।

    अब केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इस विषय पर कुछ अहम और गुप्त पहलुओं का खुलासा किया है।

    पीयूष गोयल के अनुसार, योगी आदित्यनाथ की मुख्यमंत्री बनने की प्रक्रिया में सत्तारूढ़ पार्टी के संगठनात्मक निर्णय, राजनीतिक समीकरण और जन समर्थन का मिश्रण निर्णायक साबित हुआ। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ की पहचान केवल एक राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि समाज और राजनीति में सक्रिय संगठनकर्ता के रूप में थी, जो चुनावी जीत और प्रशासनिक दक्षता दोनों में सक्षम थे।

    गुप्त पहलू और राजनीतिक रणनीति

    पीयूष गोयल ने बताया कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने में पार्टी नेतृत्व की गहन रणनीति शामिल थी। यह केवल लोकप्रियता का मामला नहीं था, बल्कि पार्टी की नीति, संगठनात्मक मजबूती और उत्तर प्रदेश की सामाजिक-राजनीतिक संरचना को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया।उन्होंने यह भी खुलासा किया कि मुख्यमंत्री पद के लिए योगी का चयन सुरक्षित और निर्णायक विकल्प माना गया था। उनका दृष्टिकोण और प्रशासनिक क्षमता, साथ ही जनता के बीच मजबूत पकड़, उन्हें पार्टी नेतृत्व के लिए सबसे भरोसेमंद उम्मीदवार बनाती थी।

    उत्तर प्रदेश में बदलाव की दिशा

    पीयूष गोयल के अनुसार, योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने कई क्षेत्रों में विकास की नई दिशा देखी। कानून-व्यवस्था में सुधार, निवेश आकर्षण और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल था।गोयल ने कहा कि योगी आदित्यनाथ की मुख्यमंत्री बनने की कहानी राजनीतिक रणनीति और जनता के समर्थन का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो यह साबित करता है कि सत्तारूढ़ पार्टी में निर्णय लेने की प्रक्रिया में सिर्फ राजनीतिक समीकरण ही नहीं, बल्कि जन-विश्वास और नेतृत्व क्षमता भी निर्णायक होती है।

  • रूस-यूक्रेन युद्ध में शहीद हुआ उत्तराखंड का राकेश, परिवार में मचा कोहराम

    रूस-यूक्रेन युद्ध में शहीद हुआ उत्तराखंड का राकेश, परिवार में मचा कोहराम

    देहरादून/उत्तराखंड। रूस-यूक्रेन युद्ध से एक और दर्दनाक खबर सामने आई है। उत्तराखंड का रहने वाला युवक राकेश इस युद्ध में शहीद हो गया है। अधिकारियों द्वारा फोन के माध्यम से शहादत की सूचना मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और हर आंख नम है।परिजनों के मुताबिक, राकेश पढ़ाई के उद्देश्य से विदेश गया था, लेकिन हालात ऐसे बने कि वह युद्ध की चपेट में आ गया। जैसे ही शहादत की खबर मिली, परिवार सदमे में चला गया। घर पर मातम पसरा हुआ है और आसपास के लोग ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।

    अधिकारियों ने फोन पर दी शहादत की सूचना

    परिवार को यह दुखद जानकारी सरकारी अधिकारियों द्वारा फोन के जरिए दी गई। बताया गया कि राकेश रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान मारा गया है। फिलहाल उसके पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। प्रशासन की ओर से परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया गया है।

    पिता का दर्द छलका

    राकेश के पिता का दर्द शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। उन्होंने रोते हुए कहा,
    “मेरा बेटा पढ़ने गया था, उसे बंदूक थमा दी गई। हमने उसे किताबों के साथ भेजा था, लेकिन वह युद्ध में झोंक दिया गया।”
    पिता का कहना है कि राकेश का युद्ध से कोई लेना-देना नहीं था और वह अपने भविष्य को संवारने विदेश गया था।

    गांव और प्रदेश में शोक

    राकेश की शहादत की खबर फैलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि परिवार के घर पहुंचकर संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। उत्तराखंड से पहले भी कई युवाओं के विदेशों में फंसे होने और युद्ध क्षेत्रों में जाने की खबरें सामने आ चुकी हैं, जिससे परिजन लगातार चिंता में रहते हैं।

    सरकार से मदद की मांग

    परिवार ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि राकेश के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाया जाए और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा व सहायता दी जाए। साथ ही, विदेशों में पढ़ाई या काम के नाम पर गए युवाओं की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की भी अपील की गई है।

    रूस-यूक्रेन युद्ध लगातार कई निर्दोष जिंदगियों को निगल रहा है। उत्तराखंड के राकेश की शहादत ने एक बार फिर इस युद्ध की भयावहता को उजागर कर दिया है।

  • बहराइच में भेड़ियों का आतंक: आंगन से मासूम को उठा ले गया आदमखोर, पीछा करने पर झाड़ी में छोड़कर भागा

    बहराइच में भेड़ियों का आतंक: आंगन से मासूम को उठा ले गया आदमखोर, पीछा करने पर झाड़ी में छोड़कर भागा

    बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में आदमखोर भेड़ियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। कैसरगंज इलाके से एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां देर शाम घर के आंगन में खेल रही 3 साल की मासूम बच्ची को भेड़िया उठा ले गया। गनीमत रही कि परिजनों ने साहस दिखाते हुए शोर मचाया और भेड़िए का पीछा किया, जिससे घबराकर भेड़िया बच्ची को पास की झाड़ियों में घायल अवस्था में छोड़कर भाग गया।घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। बच्ची को गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची के शरीर पर भेड़िए के दांतों और नाखूनों के गहरे निशान हैं।

    घरों तक पहुंचा आदमखोर

    ग्रामीणों का कहना है कि भेड़िए अब जंगलों से निकलकर सीधे आबादी वाले इलाकों में घुस रहे हैं। पहले ये घटनाएं खेतों या रास्तों पर होती थीं, लेकिन अब घर के आंगन तक मासूम सुरक्षित नहीं हैं। कैसरगंज क्षेत्र में बीते कुछ हफ्तों से लगातार भेड़ियों की गतिविधियां देखी जा रही हैं।

    पहले भी बन चुका है मासूम शिकार

    बताया जा रहा है कि पिछले सप्ताह भी इसी इलाके में एक मासूम बच्चा भेड़िए का शिकार बन चुका है। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोग रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं और बच्चों को घर से बाहर निकलने नहीं दे रहे।

    वन विभाग का सर्च ऑपरेशन जारी

    वन विभाग ने इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। ड्रोन कैमरों, ट्रैप कैमरों और पिंजरे लगाकर आदमखोर भेड़ियों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। विभाग का दावा है कि जल्द ही भेड़ियों को पकड़ लिया जाएगा, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि अब तक की कार्रवाई नाकाफी साबित हो रही है।

    ग्रामीणों में गुस्सा, सुरक्षा की मांग

    ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित गांवों में अतिरिक्त वनकर्मी और पुलिस बल तैनात किया जाए। साथ ही रात के समय गश्त बढ़ाने और बच्चों की सुरक्षा के लिए ठोस इंतजाम किए जाएं। लोगों का कहना है कि जब तक भेड़ियों को पकड़ा नहीं जाता, तब तक भय का माहौल बना रहेगा।बहराइच में लगातार हो रहे भेड़िया हमले प्रशासन और वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर कब तक मासूम इन आदमखोरों का शिकार बनते रहेंगे?

  • India Afghanistan Relations: भारत अफगानिस्तान के मुश्किल वक्त में बना मजबूत साझेदार, तालिबान के बावजूद रिश्ते कायम

    India Afghanistan Relations: भारत अफगानिस्तान के मुश्किल वक्त में बना मजबूत साझेदार, तालिबान के बावजूद रिश्ते कायम

    India Afghanistan Relations: भारत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि दोस्ती सिर्फ सत्ता या राजनीति से नहीं, बल्कि इंसानियत से निभाई जाती है। अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद भी भारत और अफगानिस्तान के रिश्ते पहले से कहीं ज्यादा मजबूत दिखाई दे रहे हैं।

    अफगानिस्तान के मंत्री लगातार भारत का दौरा

    अफगानिस्तान के कई बड़े मंत्री और उच्च अधिकारी लगातार भारत का दौरा कर रहे हैं। इन दौरों का मकसद केवल राजनीतिक बैठकें नहीं, बल्कि विकास, मदद और अफगानिस्तान के आम लोगों के लिए सहयोग सुनिश्चित करना है। भारत ने सभी क्षेत्रों में सहायता और मानवीय मदद जारी रखी है, जिससे अफगानिस्तान में आम लोगों का जीवन आसान बन सके।

    तालिबान के बावजूद सहयोग जारी

    तालिबान शासन के बावजूद भारत अफगानिस्तान के साथ अपने मजबूत रिश्तों को कायम रखने में जुटा है। भारत ने राहत कार्यों, स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक सहायता के जरिए अफगानिस्तान को संकट के इस दौर में सहारा दिया है।

    पड़ोसी देशों की चिंता

    भारत-अफगानिस्तान के बढ़ते सहयोग को लेकर पड़ोसी पाकिस्तान की चिंता बढ़ गई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर भारत और तालिबान के मधुर रिश्तों की तस्वीरें देखकर आश्चर्यचकित हैं। भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राजनीति से ऊपर उठकर इंसानियत के आधार पर दोस्ती निभाई जा सकती है।

    मानवीय दृष्टिकोण और रणनीति

    भारत का यह कदम केवल कूटनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवीय दृष्टिकोण और क्षेत्रीय स्थिरता का परिचायक भी है। अफगानिस्तान के नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए भारत निरंतर पहल कर रहा है।इस तरह, भारत ने साबित कर दिया है कि कठिन परिस्थितियों में दोस्ती निभाना और मजबूत करना ही असली कूटनीतिक ताकत है।

  • कानपुर देहात: गौतस्करी के आरोपी और पुलिस की मुठभेड़, दो गिरफ्तार

    कानपुर देहात: गौतस्करी के आरोपी और पुलिस की मुठभेड़, दो गिरफ्तार

    रिपोर्ट संदीप कुशवाहा कानपुर देहात। थाना शिवली क्षेत्र में पुलिस और गौतस्करों के बीच मुठभेड़ की खबर सामने आई है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।

    मुठभेड़ का घटनाक्रम

    पुलिस ने क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया हुआ था। इसी दौरान मोटरसाइकिल सवार संदिग्धों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों अभियुक्तों के पैर में गोली लगी। घायल आरोपियों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    गौतस्करी में संलिप्तता की पुष्टि

    गिरफ्तार अभियुक्तों ने 11 दिसंबर को हुई गौतस्करी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस ने उनके पास से दो तमंचे, कारतूस, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल बरामद किया।

    पुलिस की कार्रवाई जारी

    पुलिस ने बताया कि मामले में विधिक कार्रवाई जारी है और आगे भी जांच की जाएगी। क्षेत्र में इस मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है।थाना शिवली की पुलिस ने कहा कि किसी भी प्रकार के गौतस्करी और अपराध के मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी और आरोपी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।यह कार्रवाई न केवल गौतस्करी की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि आम जनता में सुरक्षा और विश्वास बनाए रखने में भी सहायक है।