Bareilly candle march: अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को गहरे शोक में डुबो दिया है। इस त्रासदी में दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए बरेली जनपद के फरीदपुर में हिंदू युवा वाहिनी की स्थानीय इकाई ने एक भावुक कैंडल मार्च का आयोजन किया। Bareilly candle march
यह श्रद्धांजलि मार्च भारत माता मंदिर से प्रारंभ होकर ब्लॉक परिसर स्थित शहीद स्तंभ तक गया। मोमबत्तियों की रौशनी में केवल प्रकाश नहीं था, उसमें उन परिवारों की पीड़ा भी झलक रही थी जिन्होंने इस दुर्घटना में अपने परिजनों को खोया। Bareilly candle march
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर मृतकों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की। मौन उस पीड़ा और देशभक्ति का प्रतीक बना, जिसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं था। Bareilly candle march
इस आयोजन में फरीदपुर विधानसभा अध्यक्ष गोविंद चौहान, नगर अध्यक्ष अजय गुप्ता, सभासद रंजीत सिंह चौहान, संजीव सिंह, निक्की सिंह, आदित्य प्रताप सिंह समेत अनेक सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। दर्जनों युवाओं की भागीदारी ने इस कार्यक्रम को और भी भावुक व प्रेरणादायी बना दिया। Bareilly candle march
इस श्रद्धांजलि सभा ने यह साबित किया कि देश जब किसी संकट से गुजरता है, तो उसकी असली ताकत जनता की एकता और जागरूकता होती है। कैंडल मार्च केवल एक कार्यक्रम नहीं था, यह एक संदेश था — कि भारत एक परिवार है और जब कोई दुःख आता है, तो हम सब एकजुट होकर खड़े होते हैं।
जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और युवाओं की इस सहभागिता ने यह भी दर्शाया कि लोकतंत्र की आत्मा संवेदनशीलता और सहभागिता में निहित है। यह आयोजन एक ऐसी लौ बन गया है जो केवल मोमबत्तियों से नहीं, बल्कि आत्मीयता से जलती है।
Ahmedabad Plane Crash: 12 जून 2025 को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के लिए उड़ान भरने वाला एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान (AI171) टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद मेघनीनगर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण हादसे में 242 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों सहित कुल 275 लोगों की जान चली गई। इनमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे। रविवार, 15 जून 2025 को अहमदाबाद सिविल अस्पताल के अधिकारियों ने पुष्टि की कि विजय रूपाणी के शव का DNA मैच हो गया है। अब उनका पार्थिव शरीर परिवार को सौंपा जाएगा, और राजकोट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। Ahmedabad Plane Crash
विजय रूपाणी: एक समर्पित राजनेता का अंत- Ahmedabad Plane Crash
विजय रूपाणी, जो 2016 से 2021 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे, इस हादसे के सबसे प्रमुख शिकार थे। 68 वर्षीय रूपाणी लंदन में अपनी बेटी से मिलने जा रहे थे। वह बिजनेस क्लास में सीट 2D पर यात्रा कर रहे थे। उनकी मृत्यु की खबर ने न केवल गुजरात बल्कि पूरे देश में शोक की लहर दौड़ा दी। भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने इसे पार्टी और देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
एयर इंडिया की विमान दुर्घटना में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री श्री विजय रूपाणी जी के दुखद निधन की सूचना के पश्चात, गांधीनगर स्थित उनके आवास पर जाकर उनके परिजनों से भेंट कर शोक व्यक्त किया। शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्रदान करें। साथमे उपस्थित कांतीकुमार जैन,… pic.twitter.com/mhlZnQt94e
रूपाणी का राजनीतिक सफर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से शुरू हुआ था। 1976 में आपातकाल के दौरान उन्हें जेल भी हुई थी। राजकोट के मेयर, राज्यसभा सांसद, और गुजरात के परिवहन व जल आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री के रूप में उन्होंने अपनी छाप छोड़ी। 2021 में उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद भूपेंद्र पटेल ने उनकी जगह ली।
DNA पहचान और शव सौंपने की प्रक्रिया- Ahmedabad Plane Crash
हादसे की भयावहता के कारण अधिकांश शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिसके चलते DNA टेस्टिंग के जरिए पहचान की जा रही है। रविवार सुबह तक 248 शवों के DNA सैंपल लिए गए, जिनमें से 31 की पहचान हो चुकी है। इनमें से 20 शव उनके परिजनों को सौंपे जा चुके हैं, और डेथ सर्टिफिकेट भी जारी किए गए हैं।
अहमदाबाद में हुए दुर्भाग्यपूर्ण विमान हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा परिवार के वरिष्ठ सदस्य विजय रूपाणी जी के दुखद निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक और मन को झकझोर देने वाला है।
उनका जाना न केवल गुजरात, बल्कि सम्पूर्ण भारतीय राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है।… pic.twitter.com/6ecgzpDekE
अहमदाबाद सिविल अस्पताल के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजनिश पटेल ने बताया, “हमने 31 शवों का DNA मिलान पूरा कर लिया है, और 12 शव परिजनों को सौंपे गए हैं। पूर्व सीएम विजय रूपाणी का DNA भी मैच हो गया है।” शवों को उनके गृहनगर पहुंचाने के लिए 192 एम्बुलेंस और वाहनों को तैनात किया गया है। इसके लिए 230 टीमें बनाई गई हैं, जो परिजनों के साथ समन्वय कर रही हैं।
विदेशी नागरिकों के परिजनों का अहमदाबाद आगमन- Ahmedabad Plane Crash
विमान में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली, और 1 कनाडाई नागरिक सवार थे। हादसे में मारे गए 11 विदेशी नागरिकों के परिजन रविवार को अहमदाबाद पहुंच सकते हैं। एयर इंडिया ने विदेशी नागरिकों के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर (1800 5691 444) जारी किया है, ताकि उनके परिजनों को सहायता मिल सके। इसके अलावा, अहमदाबाद सिटी पुलिस ने भी हेल्पलाइन नंबर (079-25620359) उपलब्ध कराया है।
गुजरात के अहमदाबाद में हुई विमान दुर्घटना झकझोर देने वाली है। इस हादसे में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी जी का असामयिक निधन पूरे भाजपा परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।
उन्होंने हमेशा गुजरात को विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाते हुए देश की उन्नति में अपना महत्वपूर्ण योगदान… pic.twitter.com/xLc2liTpsL
ताबूतों की व्यवस्था और राहत कार्य- Ahmedabad Plane Crash
हादसे के बाद शवों को उनके गृहनगर भेजने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। 170 ताबूत बनाने का ऑर्डर दिया गया है, जिनमें से 100 ताबूत वडोदरा से अहमदाबाद लाए गए हैं। बाकी ताबूतों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। राहत कार्यों में 100 फायर वाहन, 46 अर्थमूवर्स, और 591 सदस्यों की मेडिकल टीम तैनात है।
मृदुभाषी, सरलमना, कवियों व कविताओं का सदैव सम्मान करने वाले गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री, मेरे प्रति सदैव स्नेह-भावी आदरणीय विजय रुपाणी का जी का अहमदाबाद विमान हादसे में निधन अत्यंत दुखद है।ईश्वर सभी दिवंगतों सहित आपको अपने सानिध्य में रखे विजय भैया। ॐ शांति ॐ 🙏🇮🇳 pic.twitter.com/Wukwc9d4mt
गुजरात सरकार ने पीड़ित परिवारों के लिए शोक परामर्शदाताओं की नियुक्ति की है, ताकि वे इस मानसिक आघात से उबर सकें। अहमदाबाद नगर निगम ने मौके पर ही डेथ सर्टिफिकेट जारी करने की व्यवस्था की है, ताकि परिजनों को प्रशासनिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
हादसे का प्रभाव और जांच- Ahmedabad Plane Crash
इस हादसे में केवल एक यात्री, 40 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक विशवास कुमार रमेश, जीवित बचे। वे सीट 11A पर थे और आपातकालीन निकास द्वार से कूदकर बच गए। उनकी हालत स्थिर है, और वे सिविल अस्पताल में इलाजरत हैं।
हादसे की जांच के लिए विमानन दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की टीम सक्रिय है। विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है, जो दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में मदद करेगा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान में तकनीकी खराबी के कारण यह हादसा हुआ, लेकिन पूर्ण जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।
राजकोट में शोक की लहर- Ahmedabad Plane Crash
विजय रूपाणी के गृहनगर राजकोट में शोक की लहर है। शनिवार को शहर में आधे दिन का बंद रखा गया था। राजकोट चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की अपील पर दुकानें, व्यवसाय, और 600 से अधिक स्कूल दोपहर तक बंद रहे। रूपाणी का अंतिम संस्कार राजकोट में होगा, जहां उनके परिवार और समर्थक उनकी अंतिम विदाई के लिए इकट्ठा होंगे।
Israel Iran War: इजरायल और ईरान के बीच तनाव ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर हलचल मचा दी है। दोनों देशों के बीच मिसाइल हमलों की तीव्रता ने स्थिति को युद्ध के कगार पर ला खड़ा किया है। इजरायल ने ईरान के न्यूक्लियर और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है, जबकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल के रिहायशी इलाकों, जैसे तेल अवीव और हाइफा, को तबाह कर दिया है। इस युद्ध ने न केवल मध्य पूर्व को, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी संकट में डाल दिया है। विशेष रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के संभावित बंद होने की आशंका ने तेल की कीमतों में भारी उछाल ला दिया है। इस लेख में हम इस युद्ध के विभिन्न पहलुओं, Fordow न्यूक्लियर प्लांट की खासियत, और इसके वैश्विक प्रभावों पर चर्चा करेंगे। Israel Iran War
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चुनिंदा ठिकानों को बना रहे हैं निशाना– Israel Iran War
इजरायल लगातार ईरान के न्यूक्लियर फैसिलिटी, सैन्य बेस और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को टारगेट कर रहा है। जवाब में ईरान ने इजरायली रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर आम जनता को नुकसान पहुंचाया है। इस युद्ध के केंद्र में ईरान का Fordow न्यूक्लियर प्लांट है, जिसे लेकर इजरायल ने अब अमेरिका से मदद मांगी है। Israel Iran War
ईरान के मिसाइल हमले में इजराइल के 10 लोग मारे गए, 200 से ज्यादा लोग घायल हैं, 35 लापता हैं. (Photo Credit – X)
Fordow प्लांट: ईरान की परमाणु ताकत का केंद्र– Israel Iran War
Fordow न्यूक्लियर प्लांट ईरान के सबसे हाई-सिक्योरिटी यूरेनियम संवर्धन संयंत्रों में से एक है। यह Qom शहर से 32 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है और पहाड़ के अंदर बना हुआ है। यह प्लांट IRGC (इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स) की निगरानी में है। इसमें लगभग 2000 सेंट्रीफ्यूज हैं, जिनमें से करीब 350 उन्नत IR-6 मॉडल के हैं जो 60% शुद्धता तक यूरेनियम को संवर्धित कर सकते हैं। यही कारण है कि इजरायल इस प्लांट को ईरान के परमाणु कार्यक्रम की रीढ़ मानता है।
इजरायल ने मांगी अमेरिकी सैन्य सहायता– Israel Iran War
ईरान के साथ जंग को 48 घंटे गुजर चुके हैं और इस बीच इजरायली सरकार ने अमेरिकी प्रशासन से अपील की है कि वह Fordow प्लांट पर हमले में इजरायल का साथ दे। इजरायली अधिकारियों का कहना है कि प्लांट की अंडरग्राउंड स्थिति की वजह से उनका देश अकेले इसे नष्ट नहीं कर सकता। Israel Iran War
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अमेरिकी रुख: सैन्य समर्थन से फिलहाल इंकार– Israel Iran War
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका फिलहाल इस युद्ध में सीधे हस्तक्षेप नहीं करेगा। व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने भी बताया है कि अमेरिका की प्राथमिकता फिलहाल मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य और राजनयिक संपत्तियों की सुरक्षा है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा, “इजरायल को फिलहाल अपने दम पर लड़ाई लड़नी होगी। हम ईरान को चेतावनी देते हैं कि वह हमारे किसी सैनिक या ठिकाने पर हमला न करे।” Israel Iran War
जंग का विस्तार और वैश्विक खतरे
अगर अमेरिका इजरायल का साथ देता है, तो इसके दूरगामी और खतरनाक परिणाम हो सकते हैं:
मिडिल ईस्ट में व्यापक युद्ध: ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि जो भी देश इजरायल की मदद करेगा, उस पर हमला किया जाएगा। इससे सऊदी अरब, कतर, बहरीन जैसे अन्य देश भी युद्ध में घसीटे जा सकते हैं।
अमेरिकी सैनिकों पर खतरा: मिडिल ईस्ट में 40,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। इन पर मिसाइल या प्रॉक्सी हमले की आशंका है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी: यह समुद्री मार्ग विश्व के 30% तेल व्यापार का रास्ता है। युद्ध की स्थिति में ईरान यहां से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बना सकता है, जिससे तेल कीमतें आसमान छू सकती हैं।
परमाणु अप्रसार संधि से बाहर निकल सकता है ईरान: युद्ध बढ़ने की स्थिति में ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को तेज कर सकता है और अंतरराष्ट्रीय समझौतों से बाहर आ सकता है।
इजरायल-ईरान युद्ध की वजह- Israel Iran War
इजरायल और ईरान के बीच तनाव नया नहीं है। यह संघर्ष दशकों पुराना है, जो 1982 के लेबनान युद्ध से शुरू हुआ, जब ईरान ने लेबनानी शिया और फिलिस्तीनी समूहों का समर्थन किया था। हाल के वर्षों में, ईरान के परमाणु कार्यक्रम ने इस तनाव को और गहरा दिया है। इजरायल का मानना है कि ईरान का परमाणु हथियार बनाने का इरादा क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा है। इसीलिए, इजरायल ने “ऑपरेशन राइजिंग लॉयन” के तहत ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए।
क्या शांति की कोई गुंजाइश है?
हालात बेशक गंभीर हैं, लेकिन अमेरिका ने यह संकेत भी दिया है कि वह चाहता है कि ईरान बातचीत की मेज पर लौटे। व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हम इजरायल को रोकेंगे नहीं, लेकिन हम इस जंग का समाधान कूटनीति से चाहते हैं।”
NOIDA MONEY EXCHANGER MURDER: उत्तर प्रदेश के नोएडा में मनी एक्सचेंजर की हत्या के सनसनीखेज मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। सेक्टर-12 के डब्ल्यू ब्लॉक स्थित एक किराए के मकान में मनी एक्सचेंजर की लूट के बाद हत्या करने वाले दो शातिर बदमाशों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। यह मुठभेड़ नोएडा के सेक्टर-54 के जंगल में हुई, जहां दोनों बदमाशों – आकाश उपाध्याय और मुकुल शर्मा – को दोनों पैरों में गोली लगने के बाद घायल अवस्था में पकड़ा गया। NOIDA MONEY EXCHANGER MURDER
हैरत की बात ये है कि मुख्य आरोपी आकाश एक स्वर्गीय सब इंस्पेक्टर देवदत्त उपाध्याय का बेटा है और दूसरा अभियुक्त मुकुल गाजियाबाद निवासी है। डीसीपी यमुना प्रसाद के मुताबिक, दोनों बदमाश पहले ऐसे लोगों को तलाशते थे जो आसानी से विदेशी मुद्रा देने के लिए तैयार होते थे। फिर ‘टू-लेट’ बोर्ड लगे मकानों को देखकर मालिक से संपर्क करते, टोकन अमाउंट देकर कमरा बुक करते और फिर उसी पते पर फॉरेन करेंसी एक्सचेंजर को बुलाकर लूटपाट करते थे। NOIDA MONEY EXCHANGER MURDER
पुलिस ने मुठभेड़ के बाद आरोपियों के पास से ₹4 लाख भारतीय मुद्रा, 9,900 कनाडाई डॉलर और 30 दिरहम बरामद किए हैं। कुल रकम करीब ₹10.30 लाख बताई जा रही है। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल पिस्टल और अन्य सामान भी बरामद हुए हैं।
डीसीपी ने बताया कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए करीब 260 सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई और 5 पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। पूछताछ में यह भी सामने आया कि बदमाश हत्या के इरादे से नहीं आए थे, लेकिन लूट के समय जब मनी एक्सचेंजर ने विरोध किया, तो उन्होंने गोली मार दी। भागते समय स्कूटी स्टार्ट न होने के कारण दोनों आरोपी पैदल ही फरार हो गए और फिर दिल्ली में एक दोस्त आर्यन के फ्लैट में छिपे, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
Pilibhit Samadhan Diwas: जनसुनवाई को प्रभावी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से जनपद पीलीभीत में आज थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह एवं पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने सदर कोतवाली एवं गजरौला थाना में स्वयं पहुंचकर फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर निस्तारण के निर्देश दिए। Pilibhit Samadhan Diwas
जनसुनवाई के दौरान मुख्य रूप से भूमि विवाद, चकरोड, आपसी झगड़े और अन्य नागरिक समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों का समाधान केवल कागजों तक सीमित न हो, बल्कि राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर जाकर निष्पक्ष ढंग से जांच कर समाधान सुनिश्चित करे। Pilibhit Samadhan Diwas
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि कोई भी कर्मचारी थाना समाधान दिवस पर बिना अनुमति के अनुपस्थित न रहे। साथ ही उन्होंने थानाध्यक्षों को निर्देशित किया कि हर शिकायत का समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो। Pilibhit Samadhan Diwas
IGRS पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया और उनकी गुणवत्ता की समीक्षा भी जिलाधिकारी द्वारा की गई। उन्होंने लंबित मामलों को प्राथमिकता पर निपटाने और शिकायत रजिस्टर की नियमित जांच के निर्देश दिए। Pilibhit Samadhan Diwas
इस मौके पर अधिकारियों को दो टूक संदेश दिया गया कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए, ताकि जनता का विश्वास शासन-प्रशासन पर बना रहे। पीड़ित पक्षों की संतुष्टि तक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
जनहित में आयोजित यह जनसुनवाई नागरिकों को न केवल राहत देने का माध्यम बनी, बल्कि प्रशासन की सक्रियता और जवाबदेही को भी प्रदर्शित करती है।
Akhilesh Yadav Farrukhabad visit: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शनिवार को फर्रुखाबाद पहुंचे, जहां उन्होंने सपा के संस्थापक सदस्य एवं पूर्व सांसद छोटे सिंह यादव को श्रद्धांजलि दी। लखनऊ के मेदांता अस्पताल में शुक्रवार को उनका निधन हो गया था। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। अखिलेश यादव ने पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और परिजनों से मिलकर संवेदना जताई।
अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा,-
“छोटे सिंह यादव समाजवादी विचारधारा के मजबूत स्तंभ थे। नेताजी (मुलायम सिंह यादव) के साथ उनका 60 वर्षों का लंबा राजनीतिक सफर था। पार्टी को खड़ा करने और उसे जन-जन तक पहुंचाने में उनका योगदान अविस्मरणीय है।”
सपा नेता छोटे सिंह यादव का निधन (फोटो- नेशन नाउ समाचार)
परिवार को बंधाया ढांढस– Akhilesh Yadav Farrukhabad visit
अखिलेश यादव करीब एक घंटे तक फर्रुखाबाद में छोटे सिंह यादव के निवास पर रुके। इस दौरान उन्होंने उनके बेटे और परिवार के अन्य सदस्यों से मिलकर सांत्वना दी। उन्होंने भरोसा जताया कि परिवार के लोग छोटे सिंह की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाएंगे।
अहमदाबाद विमान हादसे को बताया गंभीर– Akhilesh Yadav Farrukhabad visit
हाल ही में अहमदाबाद में हुए विमान हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा,
“लोग अब हवाई यात्रा से डरने लगे हैं। इस हादसे ने कई लोगों की जान ले ली, जिनमें डॉक्टर, परिवार और चालक दल के सदस्य शामिल थे। अभी तक सच्चाई सामने नहीं आई है, लेकिन जनता जानना चाहती है कि गलती कहां हुई।”
सहकारिता आंदोलन के पुरोधा, समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य, और कन्नौज से कई बार सांसद एवं छिबरामऊ से विधायक रहे श्री छोटे सिंह यादव जी का निधन, अत्यंत दुःखद !
अखिलेश यादव ने यूपी सरकार पर बिजली संकट, बेरोजगारी और किसान समस्याओं को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा:
“प्रदेश की जनता बिजली की किल्लत से परेशान है। किसान सिंचाई नहीं कर पा रहे और युवा नौकरी के लिए भटक रहे हैं। सरकार जनता की समस्याओं से आंखें मूंदे हुए है।”
ऑपरेशन सिंदूर और भ्रष्टाचार पर सवाल
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अखिलेश ने सवाल उठाते हुए कहा कि यह जानना जरूरी है कि इतनी बड़ी चूक कहां हुई। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन में पारदर्शिता की कमी स्पष्ट दिखती है और जनता जानना चाहती है कि जवाबदेही किसकी है।
जातिगत जनगणना को बताया जरूरी
जातिगत जनगणना पर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा:
“समाजवादी पार्टी हमेशा से इसके पक्ष में रही है। यह सामाजिक न्याय और संसाधनों के उचित वितरण की दिशा में एक जरूरी कदम है।”
परिवार को राजनीति में आगे लाने का संकेत
छोटे सिंह यादव के राजनीतिक उत्तराधिकार पर उन्होंने कहा:
“परिवार के लोग पहले से राजनीति से जुड़े हैं। हमारी जिम्मेदारी है कि उन्हें आगे बढ़ने में सहयोग करें। समाजवादी पार्टी हमेशा अपने पुराने साथियों के परिवारों को सम्मान देती रही है और आगे भी देगी।”
Kanpur Dehat lover suicide: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जनपद के रनिया थाना क्षेत्र में प्रेम प्रसंग के चलते एक युवक ने खौफनाक कदम उठाया। घटना कस्बा रनिया की है, जहां कन्नौज जिले के गुरसहायगंज निवासी कुंदन नामक युवक अपनी प्रेमिका प्रिंशी से मिलने उसके घर पहुंचा। युवक के हाथ में धारदार हथियार और अवैध असलहा था, जिससे आसपास के लोग भयभीत हो गए। Kanpur Dehat lover suicide
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवक ने पहले प्रेमिका के घर के बाहर जमकर गाली-गलौज की। इसके बाद उसने प्रेमिका पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। Kanpur Dehat lover suicide
पुलिस जब मौके पर पहुंची तो युवक भागने लगा और कुछ ही दूरी पर जाकर उसने अपने कट्टे से खुद को सिर में गोली मार ली। गोली की आवाज से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटनास्थल पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। Kanpur Dehat lover suicide
घटना की सूचना मिलते ही डिप्टी एसपी व एसपी अरविंद मिश्रा सहित पुलिस का पूरा अमला मौके पर पहुंच गया। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए और जांच शुरू कर दी गई है। घायल प्रेमिका को नजदीकी अस्पताल भेजा गया है, जहां उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस अधीक्षक अरविंद मिश्रा ने बताया कि युवक और युवती पहले भी कई बार घर से भाग चुके हैं। इस बार लड़की अपने घर पर थी, तभी युवक पहुंचा और उसने हमला कर दिया। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और युवक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। पूछताछ के बाद और तथ्य सामने आ सकते हैं।
यह वारदात प्रेम संबंधों की जटिलता और अवैध हथियारों की आसान उपलब्धता पर कई सवाल खड़े करती है। पुलिस अब इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
Etawah Heatwave: उत्तर भारत में इस समय भीषण गर्मी का प्रकोप छाया हुआ है, और उत्तर प्रदेश का इटावा जिला इससे अछूता नहीं है। जून के महीने ने जैसे ही दस्तक दी है, तपिश और लू के थपेड़ों ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। इटावा में सुबह 11:00 बजे से ही गर्म हवाएं चलने लगती हैं और दोपहर तक सूरज की किरणें सीधे सिर पर आग बरसाने लगती हैं। Etawah Heatwave
यहां इन दिनों अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है, जिससे हालात बेहद खराब हो गए हैं। सुबह की हल्की ठंडक अब कुछ ही घंटों में गर्म हवाओं में तब्दील हो जाती है और दोपहर में स्थिति इतनी विकट हो जाती है कि लोग घरों से बाहर निकलने से भी डरने लगे हैं। Etawah Heatwave
सड़कों पर सन्नाटा- Etawah Heatwave
तेज़ धूप और झुलसाने वाली लू के कारण दोपहर 12 बजे के बाद सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है, जो भी लोग बाहर निकलते हैं, वे गमछा, टोपी या छाता लेकर ही निकलते हैं। वाहनों की आवाजाही भी दोपहर में कम हो जाती है।
उत्तर-पश्चिम भारत में भीषण गर्मी से राहत नहीं मिलने वाली है, क्योंकि कई स्थानों पर तापमान 45 डिग्री से अधिक हो गया है; आईएमडी ने अगले दो दिनों के लिए राजस्थान के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।#RedAlert#Heatwave#Rajasthan#IMDpic.twitter.com/3EAeDu0Jiy
दोपहर के समय केवल जरूरी कार्यों के लिए ही लोग घर से बाहर निकलते हैं और वह भी जल्द से जल्द वापस लौटने की कोशिश करते हैं। कई सरकारी व निजी कार्यालयों में उपस्थिति पर भी गर्मी का प्रभाव देखा जा रहा है।
ठंडे पेय बने राहत का सहारा– Etawah Heatwave
गर्मी से राहत पाने के लिए लोग शिकंजी, गन्ने के रस, बेल का शरबत, और लस्सी का सहारा ले रहे हैं। इटावा की सड़कों पर लगे गन्ने के रस और शिकंजी के ठेले इन दिनों काफी व्यस्त नजर आ रहे हैं।
➡️#इटावा में भीषण गर्मी की व्यापकता बनी हुई है, आज जहां 43 डिग्री तापमान दिखाई दे रहा है ➡️सभी अस्पतालों में हीट वेव से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।#WeatherUpdatepic.twitter.com/dVRBNgD5ta
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे-वैसे ग्राहकों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। कई दुकानों पर दोपहर में लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं। ये पेय न केवल राहत देते हैं, बल्कि शरीर को हाइड्रेटेड भी रखते हैं।
इटावा स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में बाहर न निकलने की सलाह दी है। डॉक्टरों के मुताबिक, लू लगने से डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, उल्टी, सिरदर्द और बुखार जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
स्वास्थ्य विभाग की सलाह:
अधिक मात्रा में पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें।
हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें।
धूप में सिर को ढककर निकलें।
बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
गांवों में भी गर्मी का कहर
इटावा के ग्रामीण इलाकों में भी हालात कुछ बेहतर नहीं हैं। किसान सुबह जल्दी खेतों में पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं ताकि दोपहर की लू से बचा जा सके। पशुओं के लिए पानी और छांव की व्यवस्था की जा रही है।
Realised Maximum/Minimum Temperature and Departure from Normal (In Last 24) Hours pic.twitter.com/7lNxgBxtF2
गांवों में कूलर और पंखे की सुविधा कम होने के कारण लोग पेड़ों की छांव में बैठकर गर्मी से बचने की कोशिश करते हैं।
शाम को हल्की राहत
शाम ढलते-ढलते कुछ राहत महसूस होती है। बाजारों में थोड़ी हलचल शुरू होती है और लोग खरीदारी के लिए बाहर निकलने लगते हैं। ठंडी हवा का एक झोंका लोगों को थोड़ा सुकून देता है, लेकिन रात में भी गर्मी पूरी तरह से कम नहीं होती।
ICC New Boundary Catch Rule: इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने क्रिकेट के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। यह बदलाव बाउंड्री पर लिए जाने वाले कैच को लेकर है। अब फील्डर अगर बाउंड्री के बाहर जाकर गेंद को हवा में उछालकर कैच पूरा करता है, तो वह नियमों के अनुसार आउट नहीं माना जाएगा। यह फैसला 2023 में बिग बैश लीग (BBL) के एक विवादित कैच के बाद लिया गया, जहां माइकल नेसेर के कैच पर सवाल उठे थे।
यह नियम मेलबर्न क्रिकेट क्लब (MCC) द्वारा अक्टूबर 2026 में अपनाया जाएगा, लेकिन ICC ने इसे पहले ही लागू करने का निर्णय लिया है। 17 जून 2025 से श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज में ये नियम प्रभावी हो जाएंगे।
⚖️ क्या है नया बाउंड्री कैच नियम?
नए नियम के अनुसार, अब दो विशेष स्थितियों में बाउंड्री कैच मान्य या अमान्य माने जाएंगे:
1. खुद को गेंद से इन-आउट करने वाला फील्डर:– Cricket rule updates 2025
अगर कोई खिलाड़ी बाउंड्री के अंदर रहते हुए हवा में गेंद को उछालता है और फिर बाउंड्री पार करके उसे दोबारा हवा में उछालता है तथा अंत में बाउंड्री के अंदर आकर कैच पूरा करता है — तो अब ऐसा कैच अमान्य होगा। बल्लेबाज को आउट नहीं दिया जाएगा, और उसे रन मिलेगा।
2. दो फील्डरों के बीच कैच:– Cricket rule updates 2025
अगर एक फील्डर बाउंड्री के बाहर जाकर गेंद को हवा में अंदर की ओर फेंकता है और दूसरा फील्डर कैच लेता है — तो यह तभी वैध माना जाएगा, जब पहला फील्डर गेंद छोड़ते समय भी बाउंड्री के अंदर मौजूद हो। Cricket rule updates 2025
BBL के दो चर्चित मामले, जिसने नियम बदलवा दिए
1. माइकल नेसेर का बाउंड्री कैच (2023):
BBL 2023 में माइकल नेसेर ने एक ऐसा कैच पकड़ा था, जिसमें उन्होंने गेंद को कई बार हवा में उछालते हुए कैच को पूरा किया। तकनीकी रूप से यह नियमों के अनुरूप था, लेकिन MCC ने माना कि यह क्रिकेट की “भावना” के खिलाफ था।
THE NEW BOUNDARY CATCHES LAW:
If fielder's first touch takes them outside the boundary, their second touch must take them back inside.
Fielders no longer allowed to keep throwing the ball to themselves outside the boundary for as long as they'd like. pic.twitter.com/g9Gr6Y95No
2020 में मैट रैनशॉ ने बाउंड्री के बाहर से गेंद को अंदर फेंका और टॉम बंटन ने कैच पूरा किया। वेड आउट करार दिए गए, लेकिन इस कैच को लेकर भी क्रिकेट प्रेमियों के बीच काफी असंतोष देखने को मिला।
अन्य बदलाव जो लागू होंगे
1. वनडे में दो नई गेंदों का प्रयोग:
ICC ने वनडे फॉर्मेट में दो नई गेंदों के इस्तेमाल को लेकर भी नया नियम लागू किया है।
पहले 34 ओवर तक दोनों छोर से दो अलग-अलग गेंदों का प्रयोग होगा।
35वें ओवर से 50वें ओवर तक सिर्फ एक ही गेंद का प्रयोग होगा।
बारिश या अन्य कारणों से 25 ओवर से कम का खेल होने पर दोनों पारियों में सिर्फ एक-एक गेंद का प्रयोग होगा।
अब टीमें मैच से पहले ही पांच संभावित कन्कशन सब्स्टीट्यूट के नाम रेफरी को देंगी। ये खिलाड़ी होंगे — एक बल्लेबाज, एक तेज गेंदबाज, एक स्पिनर, एक ऑलराउंडर और एक विकेटकीपर। इससे चोट लगने पर तुरंत विकल्प उपलब्ध रहेगा।
IRAN ISRAEL WAR: इजराइल ने ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ की शुरुआत करते हुए कई सैन्य और परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया है। इजराइली सेना का दावा है कि इन हमलों में ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान पहुंचा है और कई वैज्ञानिकों तथा सैन्य अधिकारियों की मौत हुई है। इस आक्रामक कार्रवाई के जवाब में ईरान ने भी जबरदस्त पलटवार किया है। ईरान ने अपने जवाबी हमले को ‘ट्रू प्रॉमिस थ्री’ नाम दिया है। इस ऑपरेशन के तहत ईरान ने इजराइल के कई शहरों पर एक साथ 150 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। इन मिसाइलों से यरुशलम, तेल अवीव और हाइफा जैसे प्रमुख शहरों में धमाके हुए, जिससे पूरे देश में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया। IRAN ISRAEL WAR
🚨We would rather not be tweeting the same thing many times in a day, but millions of Israelis keep running to shelter as Iran keeps shooting more ballistic missiles at Israel🚨 pic.twitter.com/H1TfzAomy5
ईरानी हमले के बाद इजराइल में सायरन बजने लगे, जिससे लोग जान बचाने के लिए शेल्टर की ओर भागते नजर आए। इजराइली सेना (IDF) ने सोशल मीडिया पर लिखा, “हम बार-बार ट्वीट नहीं करना चाहते, लेकिन सच्चाई यही है कि लाखों इजराइली नागरिक बंकरों में भाग रहे हैं।”
Israeli civilians are currently being targeted by the Iranian regime.
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका इजराइल की खुलकर मदद कर रहा है। अमेरिकी अधिकारियों ने स्वीकार किया कि अमेरिका, ईरान की मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने में इजराइली सुरक्षा एजेंसियों की मदद कर रहा है। अमेरिका ने यह भी कहा कि वह इजराइल में रह रहे लाखों अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है।
ईरान का इजराइन पर बड़ा हमला (फोटो- X)
युद्ध से हिला मिडिल ईस्ट- IRAN ISRAEL WAR
इजराइल के रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने कहा कि ईरान ने नागरिक ठिकानों को निशाना बनाकर “रेड लाइन” पार कर दी है। उन्होंने ऐलान किया कि ईरान को इसके लिए बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी और इजराइल किसी भी परिस्थिति में अपने नागरिकों की रक्षा करेगा।
ईरान ने मिसाईल के जरिए इजराइल के Tel Aviv शहर को बनाया निशाना (फोटो- X)
वहीं, ईरान की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह हमला इजराइल के उकसावे और क्षेत्रीय सुरक्षा में दखल देने का जवाब है। ईरान का दावा है कि अगर हमला जारी रहता है तो वे और बड़ा जवाब देने को तैयार हैं।