पीलीभीत: जिले के ग्राम धुरिया पलिया, थाना माधौटांडा के (Pilibhit news) निवासी हवलदार लखविंदर सिंह ने सिक्किम के लाचुंग क्षेत्र में देश सेवा के दौरान अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। यह दुखद घटना तब हुई जब लाचुंग में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ, जिसमें सेना का एक शिविर प्रभावित हुआ। इस हादसे में लखविंदर सिंह सहित अन्य जवान शहीद हो गए। उनकी शहादत की खबर ने पूरे पीलीभीत जिले को शोक में डुबो दिया हौ। Pilibhit news
उत्तर प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के राज्यमंत्री और पीलीभीत जिले के प्रभारी मंत्री बलदेव सिंह औलख ने शहीद के पैतृक गांव पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने शहीद लखविंदर सिंह के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन किए और भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने शहीद के परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। मंत्री ने कहा, “लखविंदर सिंह का बलिदान देश के लिए गर्व का विषय है। उनका त्याग और समर्पण हम सभी को प्रेरित करता है।” Pilibhit news
राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने किया शहीद को नमन. (फोटो- नेशन नाव समाचार )
शहीद के परिजनों ने बताया कि लखविंदर सिंह ने अपनी ड्यूटी के प्रति हमेशा अटूट निष्ठा दिखाई। उनकी पत्नी रुपिंदर कौर, सात वर्षीय बेटा, और तीन माह की नवजात बेटी इस दुखद घटना से गहरे सदमे में हैं। परिवार के साथ-साथ गांव और आसपास के लोग भी शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके घर पहुंचे। इस दौरान अपर जिलाधिकारी ऋतु पूनिया ने भी परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। Pilibhit news
लखविंदर सिंह की शहादत कोई पहली घटना नहीं है। उनके चचेरे भाई मनतेज सिंह भी 2023 में अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए थे। ग्रामीणों ने मांग की है कि शहीद लखविंदर और मनतेज की स्मृति में गांव के प्रवेश द्वार पर शहीद द्वार बनाए जाएं। इसके अलावा, लैहारी पुल का नामकरण भी शहीदों के नाम पर करने की मांग उठी है।
राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने ईश्वर से प्रार्थना की कि शहीद की आत्मा को शांति मिले और उनके परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति प्राप्त हो। इस अवसर पर स्थानीय प्रशासन और सेना के अधिकारियों ने भी शहीद को श्रद्धांजलि दी। लखविंदर सिंह की शहादत न केवल पीलीभीत, बल्कि पूरे देश के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण है, जो आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और बलिदान की भावना से प्रेरित करेगा।
18 साल का लंबा इंतजार, अनगिनत निराशाएं, और प्रशंसकों की अनथक उम्मीदें (IPL 2025 Final) आखिरकार 3 जून 2025 को उस समय पूरी हुईं, जब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने पंजाब किंग्स (PBKS) को एक रोमांचक IPL 2025 फाइनल मुकाबले में 6 रन से हराकर अपनी पहली IPL ट्रॉफी उठाई। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस ऐतिहासिक फाइनल में RCB की जीत के सबसे बड़े नायक रहे क्रुणाल पंड्या, जिन्होंने अपनी शानदार गेंदबाजी से न केवल मैच का रुख पलटा बल्कि प्रशंसकों के दिलों में भी जगह बना ली। यह लेख उस यादगार मुकाबले की कहानी और क्रुणाल के जादुई प्रदर्शन की पूरी डिटेल्स लेकर आया है। IPL 2025 Final
This isn’t just celebrations, it’s tears, hugs and screams.
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टॉस और RCB की बल्लेबाजी: एक ठोस लेकिन चुनौतीपूर्ण स्कोर
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस फाइनल में पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। RCB की शुरुआत सलामी बल्लेबाज फिल सॉल्ट और विराट कोहली ने की। सॉल्ट ने तेजी से 18 रन बनाए, लेकिन जल्दी आउट हो गए। कोहली ने 35 गेंदों पर 43 रन की सधी हुई पारी खेली, लेकिन उनकी धीमी गति ने प्रशंसकों को थोड़ा चिंतित कर दिया। मयंक अग्रवाल ने 24 और कप्तान रजत पाटीदार ने 26 रनों की छोटी पारियां खेलीं, लेकिन कोई भी बल्लेबाज लंबी पारी नहीं खेल सका।
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लियाम लिविंगस्टोन ने 25 रन बनाकर कुछ आक्रामक शॉट्स खेले, लेकिन पंजाब के गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर RCB को बड़ा स्कोर बनाने से रोका। काइल जेमिसन ने अपनी तेज गेंदबाजी से 3 महत्वपूर्ण विकेट लिए, जिसमें सॉल्ट और पाटीदार के विकेट शामिल थे। आखिरी ओवर में अर्शदीप सिंह ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट चटकाए, जिसके चलते RCB 20 ओवर में 190/9 का स्कोर ही बना सकी। यह स्कोर प्रतिस्पर्धी था, लेकिन पंजाब की मजबूत बल्लेबाजी को देखते हुए इसे आसान माना जा रहा था।
पंजाब की शुरुआत: तेज लेकिन अस्थिर
191 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स ने पावरप्ले में शानदार शुरुआत की। प्रियांश आर्य और प्रभसिमरन सिंह ने पहले 6 ओवरों में 52 रन जोड़े, जिसने पंजाब को ड्राइविंग सीट पर ला दिया। लेकिन इसके बाद RCB के गेंदबाजों ने वापसी की, और इस वापसी का सबसे बड़ा नायक रहा क्रुणाल पंड्या।
क्रुणाल पंड्या का जादुई स्पेल
क्रुणाल पंड्या को सातवें ओवर में गेंदबाजी के लिए बुलाया गया, और उन्होंने अपने पहले ओवर में सिर्फ 3 रन देकर पंजाब की रन गति पर ब्रेक लगाया। उनकी धीमी गेंदें और सटीक लाइन-लेंथ पंजाब के बल्लेबाजों के लिए मुश्किल बन गई। अगले ओवर में सुयश शर्मा पर प्रभसिमरन और जोश इंग्लिस ने 15 रन बटोरे, लेकिन क्रुणाल ने अपने दूसरे ओवर में वापसी की और प्रभसिमरन सिंह (26) को आउट कर पंजाब को पहला बड़ा झटका दिया।
Spell so sharp, it cut through the chase. This might just be the difference. 🥹🤞 pic.twitter.com/A7iFDvfqvW
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इसके बाद रोमारियो शेपर्ड ने कप्तान श्रेयस अय्यर को सस्ते में पवेलियन भेजकर पंजाब को और दबाव में डाल दिया। क्रुणाल ने अपने तीसरे ओवर में केवल 7 रन दिए, जिसमें जोश इंग्लिस का एक छक्का शामिल था। लेकिन उनके चौथे ओवर में असली जादू देखने को मिला। क्रुणाल ने जोश इंग्लिस (जो तेजी से रन बना रहे थे) को लियाम लिविंगस्टोन के हाथों कैच आउट करवाया। क्रुणाल ने अपने 4 ओवरों में सिर्फ 17 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट लिए, जिसने पंजाब की बल्लेबाजी को पूरी तरह बिखेर दिया।
शशांक सिंह की तूफानी पारी, लेकिन नाकाफी
पंजाब की ओर से शशांक सिंह ने आखिरी ओवरों में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की। उन्होंने 30 गेंदों पर 61 रन बनाए, जिसमें कई शानदार छक्के शामिल थे। खास तौर पर आखिरी ओवर में भुवनेश्वर कुमार के खिलाफ लगाए गए तीन छक्कों ने पंजाब की उम्मीदें जगा दीं। लेकिन आखिरी ओवर में 29 रनों के लक्ष्य को हासिल करना आसान नहीं था। जोश हेजलवुड ने शुरुआती दो गेंदों पर कोई रन नहीं दिया, जिसके चलते पंजाब 184/7 पर थम गया और 6 रन से हार गया।
हेजलवुड ने भी इस मैच में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने प्रियांश आर्य का शानदार कैच फिल सॉल्ट के हाथों करवाया और आखिरी ओवर में कसी हुई गेंदबाजी कर RCB की जीत सुनिश्चित की।
क्रुणाल पंड्या: फाइनल के असली सितारे
क्रुणाल पंड्या इस फाइनल के बिना शक सबसे बड़े हीरो थे। उनकी गेंदबाजी ने न केवल पंजाब की रन गति को रोका बल्कि महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट लेकर RCB को जीत की राह दिखाई। उनकी धीमी गेंदों और विविधताओं ने पंजाब के बल्लेबाजों को पूरी तरह से उलझा दिया। क्रुणाल को उनके 4 ओवर में 17 रन देकर 2 विकेट के प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। यह दूसरा मौका था जब क्रुणाल ने IPL फाइनल में यह पुरस्कार जीता, इससे पहले 2017 में मुंबई इंडियंस के लिए उन्होंने बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया था।
मैच के बाद क्रुणाल ने कहा, “पिच पर धीमी गेंदें काम कर रही थीं, और मैंने उसी रणनीति को अपनाया। RCB के लिए खेलना और ट्रॉफी जीतना मेरे लिए गर्व की बात है। यह जीत हमारे प्रशंसकों की मेहनत और समर्पण का नतीजा है।”
RCB की जीत का भावनात्मक महत्व
RCB की यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं थी, बल्कि 18 साल की मेहनत, विश्वास, और प्रशंसकों की उम्मीदों का फल थी। विराट कोहली, जो इस फ्रैंचाइजी के साथ अपने करियर की शुरुआत से जुड़े हैं, मैदान पर भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “यह जीत मेरे लिए और प्रशंसकों के लिए बहुत मायने रखती है। हमने हर साल कोशिश की, और आज का दिन हमारे लिए सपने जैसा है।”
कप्तान रजत पाटीदार ने भी गेंदबाजों की तारीफ की और कहा कि क्रुणाल की गेंदबाजी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। भुवनेश्वर कुमार और हेजलवुड ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पंजाब की हार: कहां रह गई कमी?
पंजाब किंग्स ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन फाइनल में उनकी रणनीति में कुछ कमियां नजर आईं। मिडिल ओवरों में रन गति को बनाए रखने में उनकी नाकामी और इम्पैक्ट प्लेयर के गलत इस्तेमाल ने उन्हें महंगा पड़ा। शशांक सिंह की पारी शानदार थी, लेकिन वह अकेले दम पर मैच नहीं जिता सके।
सोनभद्र: उत्तर प्रदेश के मेडिकल कॉलेज परिसर में स्थित जिला अस्पताल (Sonbhadra Crime) से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 2 जून 2025 को दिनदहाड़े प्रसूता वार्ड से एक चार दिन के नवजात शिशु की चोरी ने न केवल अस्पताल प्रशासन को हिलाकर रख दिया, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए। सीसीटीवी फुटेज में एक अज्ञात महिला बच्चे को गोद में लेकर अस्पताल से बाहर निकलती दिखाई दे रही है। इस घटना ने माता-पिता और परिजनों में दहशत और गुस्सा पैदा कर दिया है, जबकि पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी है। Sonbhadra Crime
क्या है पूरा मामला?
चंदौली जिले के नौगढ़ निवासी पूनम, पत्नी सुदामा, को 27 मई 2025 को प्रसव पीड़ा के कारण सोनभद्र के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सर्जरी के बाद पूनम ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा दोनों को प्रसूता वार्ड में रखा गया था। इसी दौरान एक अज्ञात महिला ने पिछले कुछ दिनों से वार्ड में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उसने पूनम और उनके परिजनों से दोस्ताना व्यवहार बनाया और दावा किया कि उसकी रिश्तेदार भी उसी वार्ड में भर्ती है। वह अक्सर नवजात को गोद में लेकर प्यार जताती थी, जिससे किसी को शक नहीं हुआ। Sonbhadra Crime
🔴 ब्रेकिंग न्यूज़ | सोनभद्र से सनसनीखेज मामला 🚨 मेडिकल कॉलेज के प्रसूता वार्ड से दिनदहाड़े नवजात चोरी 🧕 CCTV में बच्चा लेकर जाती दिखी संदिग्ध महिला 🔸 जिला अस्पताल परिसर स्थित प्रसूता वार्ड से नवजात चोरी 🔸 सुरक्षा व्यवस्था को धता बताकर वारदात को अंजाम 🔸 CCTV फुटेज में महिला… pic.twitter.com/Fm5y6PXGaQ
2 जून की सुबह, मौका देखकर इस महिला ने बच्चे के पिता सुदामा को जलेबी लाने के लिए बाहर भेज दिया। उस समय पूनम बेडशीट बदलने में व्यस्त थी और बच्चा पास के बेड पर लेटा था। मौका पाकर महिला नवजात को लेकर फरार हो गई। जब पूनम ने बच्चे को गायब पाया, तो अस्पताल में हड़कंप मच गया। परिजनों ने तुरंत अस्पताल प्रशासन से शिकायत की, लेकिन शुरू में कर्मचारियों ने मामले को दबाने की कोशिश की और परिजनों पर ही लापरवाही का आरोप लगाया। Sonbhadra Crime
सीसीटीवी फुटेज ने खोला राज
अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि एक महिला बच्चे को गोद में लेकर प्रसूता वार्ड से बाहर निकल रही है। यह फुटेज अब पुलिस जांच का आधार बन चुकी है। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और संदिग्ध महिला की तलाश में कई टीमें गठित की हैं। अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार ने बताया कि फुटेज के आधार पर जांच तेज कर दी गई है और जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा। Sonbhadra Crime
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
सोनभद्र मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे, गेट पर पुलिस चौकी, और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद इस तरह की घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बी. सागर ने इस मामले में पुलिस को सूचित करने की बात कही, लेकिन शुरू में उनकी ओर से पत्रकारों से बात करने में हिचकिचाहट दिखी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल कर्मियों की लापरवाही के कारण यह घटना हुई। सवाल यह है कि इतने बड़े परिसर में, जहां हर कदम पर निगरानी का दावा किया जाता है, एक नवजात को इतनी आसानी से चुराया कैसे जा सका?
परिजनों का दर्द और पुलिस की कार्रवाई
पूनम और सुदामा इस घटना से गहरे सदमे में हैं। पूनम की मां, जो उस समय खाना लाने घर गई थी, ने बताया कि यह उनके लिए ममता पर कुठाराघात है। परिजनों ने पुलिस से जल्द से जल्द बच्चे को ढूंढने की गुहार लगाई है। सोनभद्र पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और आसपास के इलाकों में छानबीन शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर भी यह घटना चर्चा में है, जहां लोग अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। आगे क्या?
यह घटना न केवल सोनभद्र मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि अस्पतालों में नवजातों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ सकती है। पुलिस की जांच और सीसीटीवी फुटेज इस मामले में अहम साबित होंगे। उम्मीद है कि जल्द ही नवजात अपने माता-पिता के पास सुरक्षित लौट आएगा। तब तक यह घटना हर किसी के लिए एक सबक है कि अस्पतालों में सुरक्षा और सतर्कता को और मजबूत करने की जरूरत है।
18 साल का लंबा इंतजार, अनगिनत सपने, टूटती उम्मीदें, और फिर से (IPL 2025 Final) जागता भरोसा। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की दुनिया में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और पंजाब किंग्स (PBKS) जैसी टीमें इन भावनाओं से अच्छी तरह वाकिफ हैं। दोनों टीमें सालों से उस एक ट्रॉफी की तलाश में हैं, जो उनकी किस्मत को बदल दे। मंगलवार, 3 जून 2025 को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होने वाले IPL 2025 फाइनल में यह सपना हकीकत में बदलने वाला है। सवाल यह है कि क्या यह खिताब RCB के लिए विराट कोहली का तमगा बनेगा, या फिर श्रेयस अय्यर की कप्तानी में PBKS इतिहास रचेगी? IPL 2025 Final
विराट कोहली: एक ट्रॉफी का अधूरा सपना
विराट कोहली, जिन्हें क्रिकेट की दुनिया में ‘किंग कोहली’ के नाम से जाना जाता है, ने अपने करियर में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। 2008 में अंडर-19 विश्व कप, 2011 में वनडे विश्व कप, 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी, और 2024 में टी20 विश्व कप—कोहली ने हर बड़े मंच पर अपनी छाप छोड़ी। लेकिन IPL का खिताब उनके लिए अब तक एक अधूरी कहानी रहा है। RCB ने 2009, 2011 और 2016 में फाइनल खेला, लेकिन हर बार जीत से चूक गई। इस बार कोहली के लिए यह सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि 18 साल की तपस्या को पूरा करने का मौका है। IPL 2025 Final
कोहली इस सीजन में शानदार फॉर्म में हैं। 614 रन के साथ वे RCB के सबसे बड़े रन-स्कोरर हैं, और उनकी मैदान पर मौजूदगी पूरी टीम के लिए प्रेरणा का काम करती है। क्वालिफायर 1 में PBKS के खिलाफ उनकी 73 रनों की नाबाद पारी ने दिखाया कि बड़े मैचों में वे कितने खतरनाक हो सकते हैं। लेकिन नरेंद्र मोदी स्टेडियम की बल्लेबाजी के लिए अनुकूल पिच पर क्या कोहली वह कमाल कर पाएंगे, जो RCB को पहला खिताब दिलाए? IPL 2025 Final
श्रेयस अय्यर: शांत लेकिन घातक कप्तान
पंजाब किंग्स की कमान संभाल रहे श्रेयस अय्यर ने इस सीजन में अपनी कप्तानी और बल्लेबाजी से सबको प्रभावित किया है। 603 रन और 175 की स्ट्राइक रेट के साथ वे PBKS की बैटिंग की रीढ़ रहे हैं। क्वालिफायर 2 में मुंबई इंडियंस के खिलाफ उनकी नाबाद 87 रनों की पारी ने PBKS को फाइनल में पहुंचाया। श्रेयस की खासियत उनकी शांतचित्त मानसिकता है। जहां कोहली मैदान पर भावनाओं का तूफान लाते हैं, वहीं श्रेयस ठंडे दिमाग से रणनीति बनाते हैं। IPL 2025 Final
श्रेयस पहले भी दिल्ली कैपिटल्स (2020) और कोलकाता नाइट राइडर्स (2024) को फाइनल में ले जा चुके हैं, और KKR के साथ खिताब भी जीता। अब PBKS के साथ वे एक नया इतिहास लिखना चाहते हैं। मेगा ऑक्शन में 26.75 करोड़ रुपये में खरीदे गए श्रेयस पर भरोसा दिखाता है कि PBKS उनमें कितना विश्वास रखती है। लेकिन RCB के मजबूत गेंदबाजी आक्रमण, खासकर जोश हेजलवुड और सुयश प्रभुदेसाई के सामने उनकी परीक्षा होगी। IPL 2025 Final
रजत पाटीदार: RCB की नई उम्मीद
RCB की कप्तानी इस बार रजत पाटीदार के हाथों में है, और यह उनका पहला सीजन है। क्वालिफायर 1 में उन्होंने अपनी रणनीतिक समझ से PBKS को 101 रनों पर समेट दिया था। रजत ने अपनी कप्तानी में RCB को एक नया जोश दिया है। उनकी सादगी और ‘कंट्रोल द कंट्रोलेबल्स’ का मंत्र RCB को इस फाइनल में ले आया है। अगर RCB यह खिताब जीतती है, तो रजत वह कर दिखाएंगे, जो पिछले कई कप्तानों के लिए असंभव रहा।
दोनों टीमों की ताकत और कमजोरियां
RCB की ताकत उनकी गहरी बल्लेबाजी और मजबूत गेंदबाजी इकाई है। फिल सॉल्ट, मयंक अग्रवाल, और जितेश शर्मा जैसे बल्लेबाज कोहली के साथ मिलकर किसी भी स्कोर का पीछा कर सकते हैं। गेंदबाजी में जोश हेजलवुड (21 विकेट) और सुयश शर्मा की स्पिन ने इस सीजन में कमाल किया है। लेकिन उनकी कमजोरी यह है कि वे कभी-कभी दबाव में बिखर जाते हैं, जैसा कि लखनऊ में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 232 रनों के लक्ष्य का पीछा करते समय हुआ था।
वहीं, PBKS की ताकत उनकी विस्फोटक शुरुआत है। प्रियांश आर्य और प्रभसिमरन सिंह जैसे युवा बल्लेबाज पावरप्ले में तेजी से रन बना सकते हैं। अर्शदीप सिंह और युजवेंद्र चहल की गेंदबाजी भी उनकी ताकत है। लेकिन क्वालिफायर 1 में उनकी बल्लेबाजी का ढहना दिखाता है कि दबाव में उनकी रणनीति कभी-कभी गड़बड़ा जाती है।
नरेंद्र मोदी स्टेडियम: बल्लेबाजों का स्वर्ग
अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम अपनी सपाट पिचों के लिए जाना जाता है, जो बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग है। लेकिन मौसम विभाग ने 3 जून को हल्की बारिश की भविष्यवाणी की है। अगर बारिश खेल बिगाड़ती है और मैच रद्द होता है, तो लीग स्टेज में टॉप पर रहने वाली PBKS को विजेता घोषित किया जाएगा। यह RCB के लिए एक बड़ा खतरा है, क्योंकि वे इस सीजन में इस मैदान पर नहीं खेले हैं, जबकि PBKS ने यहां अच्छा प्रदर्शन किया है।
फैन्स का जोश और सोशल मीडिया का माहौल
सोशल मीडिया पर RCB और PBKS के फैन्स के बीच जंग छिड़ी हुई है। स्टार स्पोर्ट्स के एक सर्वे के मुताबिक, 51% फैन्स PBKS का समर्थन कर रहे हैं, जबकि 49% RCB के साथ हैं। कोहली के फैन्स चाहते हैं कि उनका ‘किंग’ इस बार ट्रॉफी उठाए, वहीं कई लोग श्रेयस को BCCI के इंग्लैंड दौरे से बाहर करने के फैसले का जवाब खिताब के रूप में देना चाहते हैं। RCB के फैन्स का जोश तो देखते ही बनता है, खासकर तब जब कोहली मैदान पर उतरते हैं। उनकी ऊर्जा और जुनून हर बार स्टेडियम में एक अलग माहौल बनाते हैं।
क्या होगा इस फाइनल का नतीजा?
यह फाइनल सिर्फ दो टीमों के बीच का मुकाबला नहीं है, बल्कि यह कोहली की भावनाओं बनाम श्रेयस की शांति, रजत की नई कप्तानी बनाम PBKS की युवा ऊर्जा का टकराव है। RCB के पास अनुभव है, PBKS के पास जोश है। दोनों टीमें पहली बार खिताब जीतने की कगार पर हैं, और यह मुकाबला क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगा।
क्या विराट कोहली अपनी 18 साल की तपस्या को पूरा करेंगे? क्या श्रेयस अय्यर एक बार फिर अपनी कप्तानी का लोहा मनवाएंगे? या फिर रजत पाटीदार एक नई कहानी लिखेंगे? जवाब 3 जून की रात को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मिलेगा। लेकिन एक बात तय है—यह फाइनल हर क्रिकेट प्रेमी के लिए एक यादगार लम्हा होगा।
बरेली: बारादरी थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे (Bareilly Murder) शहर में सनसनी मचा दी। एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी पर अवैध संबंधों के शक में एक युवक की चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर हत्या कर दी। इस जघन्य अपराध के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को मुठभेड़ में घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर दिया, बल्कि शक और संदेह के कारण मानवीय रिश्तों के बिगड़ते स्वरूप पर भी सवाल उठाए हैं। Bareilly Murder
यह सनसनीखेज मामला 31 मई 2025 की दोपहर लगभग 2:30 बजे सामने आया, जब अरशद उर्फ गुड्डू को आमिर और उसके बेटे फरमान ने चाकू से ताबड़तोड़ वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पीड़ित को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। Bareilly Murder
पत्नी के साथ संबंधों के शक में हत्या- Bareilly Murder
पुलिस पूछताछ में आरोपी आमिर ने स्वीकार किया कि उसे अरशद पर अपनी पत्नी के साथ नाजायज संबंधों का शक था। अरशद उसके घर के सामने कारखाने में काम करता था और अक्सर उसकी पत्नी से हँसी-मज़ाक करता दिखता था। कई बार मना करने के बावजूद अरशद नहीं रुका, जिससे मोहल्ले में बदनामी हो रही थी। इसी गुस्से में आकर आमिर ने उसकी हत्या की योजना बनाई। Bareilly Murder
मुठभेड़ में घायल हुआ आरोपी- Bareilly Murder
हत्या के बाद पुलिस ने बारादरी थाना प्रभारी धनंजय सिंह के नेतृत्व में सघन तलाशी अभियान शुरू किया। देर रात मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने पीलीभीत बाईपास के पास आमिर को घेरा। खुद को फंसा देख आमिर ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली आमिर के बाएं पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया और उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मौके से अवैध हथियार और चाकू बरामद- Bareilly Murder
पुलिस ने आरोपी के पास से एक तमंचा, एक खोखा कारतूस और खून से सना चाकू बरामद किया। आमिर मूल रूप से ट्रक ड्राइवर रहा है और फिलहाल ई-रिक्शा चलाकर जीवन यापन कर रहा था। आरोपी के छह बच्चे हैं और वह खैराती मस्जिद के पास किराये के मकान में रहता है। Bareilly Murder
आरोपी पर दर्ज हुए दो केस
पुलिस ने आरोपी आमिर पर पहले से हत्या का मामला दर्ज किया था, अब मुठभेड़ के बाद आर्म्स एक्ट के तहत भी मुकदमा जोड़ा गया है। आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही अन्य पहलुओं से भी पर्दा हटेगा। Bareilly Murder
मैनपुरी: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में एक चौंकाने वाला मामला (Mainpuri News) सामने आया है, जिसने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे राज्य में सियासी और सामाजिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। शहर के एक मंडल की BJP महिला मोर्चा की अध्यक्ष के बेटे के 130 से अधिक अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं। इन वीडियो में युवक एक अन्य महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहा है। यह घटना न केवल BJP की छवि पर सवाल उठा रही है, बल्कि नैतिकता और सामाजिक मूल्यों को लेकर भी चर्चा का विषय बन गई है। Mainpuri News
Mainpuri News- क्या है पूरा मामला?
मैनपुरी के एक प्रतिष्ठित मिष्ठान भंडार के संचालक के छोटे भाई के बेटे और BJP महिला मोर्चा की मंडल अध्यक्ष के पुत्र के ये वीडियो शहर के विभिन्न होटलों और रेस्टोरेंट्स में बनाए गए हैं। बताया जा रहा है कि युवक पहले से शादीशुदा है, और वीडियो में दिख रही महिला भी शहर की निवासी है, जिसने अपने पति को छोड़ रखा है। इन वीडियो के वायरल होने के बाद से पूरे शहर में सनसनी फैल गई है। Mainpuri News
BJP महिला मोर्चा अध्यक्ष के बेटे का अश्लील वीडियो कांड (फोटो- नेशन नाव समाचार)
युवक की पत्नी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उसने गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्नी का कहना है कि उसके पति का एक अन्य महिला से अवैध संबंध है। वह इन अश्लील वीडियो को बनाकर उसे दिखाता था और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। पत्नी ने यह भी बताया कि युवक उसे धमकाता था कि उसकी मां BJP की प्रभावशाली नेता हैं, इसलिए वह कुछ नहीं कर सकती। इसके अलावा, पत्नी ने अपनी सास और ननद पर भी उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। Mainpuri News
पिछले विवादों की भी खुली परतें
यह पहली बार नहीं है जब युवक और उसकी पत्नी के बीच विवाद सुर्खियों में आया है। कुछ समय पहले, युवक ने कथित तौर पर अपनी पत्नी को सिगरेट से दागा था, जिसके बाद पत्नी ने पुलिस को बुलाया था। हालांकि, परिवार के राजनीतिक रसूख के कारण मामला दबा दिया गया था। अब 130 वीडियो के एक साथ वायरल होने से सवाल उठ रहे हैं कि ये वीडियो कैसे और किसके द्वारा सार्वजनिक किए गए। क्या यह किसी की साजिश है, या फिर निजी रंजिश का नतीजा? Mainpuri News
विपक्ष का BJP पर हमला
इस घटना ने विपक्षी दलों को BJP पर हमला करने का मौका दे दिया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के जिलाध्यक्ष आलोक शाक्य ने कहा, “BJP नेताओं की असलियत अब जनता के सामने आ रही है। 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता इन्हें सबक सिखाएगी।” वहीं, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनीष सागर ने इस मामले को भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताते हुए BJP से कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा, “एक शादीशुदा पुरुष का इस तरह की हरकतें करना और अपनी पत्नी को प्रताड़ित करना निंदनीय है।” Mainpuri News
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इस मामले पर तंज कसा। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “मैनपुरी से 130 वीडियो का महाभंडाफोड़ BJP के कर्नाटक कांड से टक्कर ले रहा है। BJP की ‘बेटी बचाओ’ नीति की सच्चाई अब सामने आ रही है।” Mainpuri News
पूर्व सीएम अखिलेश यादव का एक्स पोस्ट.
BJP की चुप्पी, नेता ने बंद किया फोन
इस पूरे मामले में BJP ने चुप्पी साध रखी है। न तो महिला मोर्चा की अध्यक्ष और न ही जिला संगठन की ओर से कोई आधिकारिक बयान आया है। सूत्रों के अनुसार, BJP नेत्री ने अपने फोन तक बंद कर लिए हैं और किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से बच रही हैं। यह चुप्पी विपक्ष के लिए और हमलावर होने का मौका दे रही है।
सामाजिक और कानूनी सवाल इस घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं। इतनी बड़ी संख्या में वीडियो का एक साथ वायरल होना संदेह पैदा करता है। क्या यह ब्लैकमेलिंग का हिस्सा है, या किसी ने जानबूझकर इन वीडियो को लीक किया? पुलिस ने इस मामले में अभी तक कोई औपचारिक जांच की घोषणा नहीं की है, जिससे अफवाहों का बाजार गर्म है।
गाजियाबाद: मोदीनगर क्षेत्र में निवाडी थाना पुलिस ने एक साहसिक कार्रवाई (Ghaziabad Crime) करते हुए दो अंतरराज्यीय लुटेरों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया है। यह घटना शुक्रवार को सुरविन स्कूल के पास हुई, जब पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि दो संदिग्ध अपराधी काले रंग की अपाचे मोटरसाइकिल पर नहरपुल निवाडी की ओर आ रहे हैं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और कुशैडी रोड पर सघन चेकिंग शुरू कर दी। Ghaziabad Crime
🔴 BIG BREAKING | गाजियाबाद 🔹 मोदीनगर के निवाड़ी थाना क्षेत्र में पुलिस और लुटेरों के बीच मुठभेड़ 🔹 मुठभेड़ के दौरान 2 अंतर्राज्यीय लुटेरे गिरफ्तार 🔹 पुलिस फायरिंग में दोनों बदमाश घायल, अस्पताल में भर्ती 🔹 बदमाशों के कब्जे से 2 अवैध तमंचे, ₹4800 नकद व लूट में प्रयुक्त अपाचे… pic.twitter.com/OZ4tNbxSgj
चेकिंग के दौरान, पुलिस ने मोटरसाइकिल सवार दो व्यक्तियों को रुकने का इशारा किया। लेकिन बदमाशों ने भागने की कोशिश की और उनकी बाइक फिसलकर गिर गई। घिरने के डर से दोनों ने पुलिस पर जानलेवा हमला करते हुए फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिससे दोनों बदमाश घायल हो गए। Ghaziabad Crime
गिरफ्तार बदमाशों की पहचान राशिद (निवासी ईदगाह कॉलोनी, फरूखनगर, थाना टीला मोड़, हाल पता मुरादनगर) और धनंजय (निवासी सुंदर नगरी, नई दिल्ली, हाल पता गरिमा गार्डन, शालीमार गार्डन) के रूप में हुई। पुलिस ने उनके कब्जे से दो अवैध तमंचे (.315 बोर), दो जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, एक मोटरसाइकिल, और 4800 रुपये नकद बरामद किए। घायल बदमाशों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। Ghaziabad Crime
Ghaziabad Crime- मुठभेड़ में दो अंतरराज्यीय लुटेरे गिरफ्तार
एसीपी मोदीनगर ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि दोनों बदमाश अंतरराज्यीय लूट की घटनाओं में शामिल थे। पुलिस अब इनके आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है और इनके गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी कर रही है। यह कार्रवाई गाजियाबाद पुलिस की अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। Ghaziabad Crime
निवाडी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में अपराध पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। स्थानीय लोग पुलिस की सतर्कता की सराहना कर रहे हैं, लेकिन साथ ही क्षेत्र में बढ़ते अपराध को लेकर चिंता भी जता रहे हैं। Ghaziabad Crime
कानपुर देहात: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में एक दिल दहला देने वाली (KANPUR DEHAT NEWS) घटना ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी है। अकबरपुर के जिला महिला अस्पताल में प्रसव के दौरान एक नवजात की डस्टबिन में गिरने से मौत हो गई। इस घटना ने न केवल एक परिवार के सपनों को चकनाचूर कर दिया, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और संसाधनों की कमी को भी सामने लाया। “नेशन नाव समाचार” ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया, जिसके बाद उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषी स्टाफ नर्स को बर्खास्त और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर को निलंबित कर दिया। KANPUR DEHAT NEWS
घटना का विवरण
रूरा क्षेत्र के कारी कलवारी गांव निवासी सुनील कुमार ने अपनी 26 वर्षीय गर्भवती पत्नी सरिता देवी को प्रसव पीड़ा के चलते बुधवार रात करीब 1:30 बजे जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। सुबह 3:30 बजे सरिता ने एक बच्चे को जन्म दिया। लेकिन लेबर रूम में स्टाफ की अनुपस्थिति के कारण नवजात डिलीवरी टेबल से फिसलकर नीचे रखी डस्टबिन में जा गिरा। इस हादसे में नवजात को गंभीर चोटें आईं, विशेष रूप से चेहरे पर, जिसके कारण उसे तत्काल सिक न्यू बार्न केयर यूनिट (SNCU) में भर्ती किया गया। दुर्भाग्यवश, सुबह 10:30 बजे नवजात ने दम तोड़ दिया। KANPUR DEHAT NEWS
परिजनों का आरोप है कि प्रसव के समय लेबर रूम में न तो कोई डॉक्टर मौजूद था और न ही स्टाफ नर्स। सरिता की सास ने बताया कि तेज प्रसव पीड़ा के दौरान वह स्टाफ को बुलाने गईं, लेकिन कोई नहीं मिला। इस बीच, सरिता ने अकेले ही बच्चे को जन्म दे दिया, और नवजात की जान लापरवाही की भेंट चढ़ गई। KANPUR DEHAT NEWS
परिजनों का आक्रोश और अस्पताल प्रशासन की उदासीनता
नवजात की मौत की खबर मिलते ही सुनील और उनके परिवार ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि अगर समय पर चिकित्सा सहायता मिलती, तो शायद उनके बच्चे की जान बच सकती थी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन ने नवजात के शव का जल्दी अंतिम संस्कार करने के लिए उन पर दबाव डाला। लेकिन सुनील ने हार नहीं मानी और लिखित शिकायत दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। KANPUR DEHAT NEWS
🔴 कानपुर देहात महिला अस्पताल से बड़ी लापरवाही 📷 सरकारी अस्पताल में शर्मनाक लापरवाही से नवजात की मौत 📷 डस्टबिन में गिरने से नवजात को गंभीर चोटें, मौके पर ही मौत 📷 रूरा निवासी सुनील ने पत्नी सरिता को कराया था भर्ती 📷 बेड के नीचे रखी थी डस्टबिन, स्टाफ की लापरवाही से गई जान 📷… pic.twitter.com/ZwZ5X2wySE
शुरुआत में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और अस्पताल प्रशासन इस मामले पर टालमटोल करते रहे। मीडिया में खबरें आने से पहले कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे सरकारी अस्पतालों में बढ़ती लापरवाही और जवाबदेही की कमी साफ झलकती है।
KANPUR DEHAT NEWS- डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का सख्त रुख
जैसे ही यह मामला मीडिया में उजागर हुआ, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल एक तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की, जिसमें मामले की गहन जांच की गई। जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि प्रसव के समय स्टाफ नर्स प्रियंका सचान और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर रश्मि पाल लेबर रूम में मौजूद नहीं थे।
जांच समिति की सिफारिश पर स्टाफ नर्स प्रियंका सचान को बर्खास्त कर दिया गया, जबकि डॉ. रश्मि पाल को निलंबित कर दिया गया। इसके अलावा, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सज्जन लाल वर्मा ने डॉ. रश्मि पाल की सेवाएं समाप्त करने की सिफारिश की। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वंदना सिंह से भी अधीनस्थ स्टाफ पर नियंत्रण न रख पाने के लिए स्पष्टीकरण मांगा गया है।
बृजेश पाठक ने कहा, “इस तरह की लापरवाही से न केवल स्वास्थ्य विभाग की छवि धूमिल हुई है, बल्कि चिकित्सा पेशे की गरिमा को भी ठेस पहुंची है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली- KANPUR DEHAT NEWS
यह घटना उत्तर प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का एक और उदाहरण है। स्टाफ की कमी, अपर्याप्त संसाधन, और प्रशासनिक लापरवाही जैसी समस्याएं लंबे समय से चली आ रही हैं। कई सरकारी अस्पतालों में लेबर रूम में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, और कर्मचारियों की अनुपस्थिति मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। KANPUR DEHAT NEWSकानपुर देहात के इस मामले ने एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं कि आखिर कब तक मासूम जिंदगियां लापरवाही की भेंट चढ़ती रहेंगी? सरकार भले ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे करे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है।
आगे की कार्रवाई और उम्मीदें
इस मामले में चिकित्सा शिक्षा विभाग की महानिदेशक ने उत्तर प्रदेश स्टेट मेडिकल फैकल्टी को पत्र लिखकर एथिक्स कमेटी से विस्तृत जांच कराने की सिफारिश की है। जांच एक सप्ताह में पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अस्पतालों में स्टाफ की उपस्थिति और सुविधाओं को बेहतर करने की जरूरत है।
परिजनों को उम्मीद है कि इस मामले में दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी और भविष्य में कोई अन्य परिवार इस तरह के दर्द से नहीं गुजरेगा। सुनील ने कहा, “हमने अपने बच्चे के लिए कई सपने देखे थे, लेकिन एक पल में सब खत्म हो गया। हम चाहते हैं कि दोषियों को सजा मिले ताकि फिर कोई मासूम की जान न जाए।”
सहारनपुर। जनपद के थाना चिलकाना क्षेत्र अंतर्गत भोजपुर तगा गांव में (SAHARANPUR NEWS) पुलिस और प्रशासन ने एक निर्माणाधीन अवैध मस्जिद पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे बुलडोजर चलाकर गिरा दिया। यह कार्रवाई उस वक्त की गई जब शिकायत मिलने पर पता चला कि यह निर्माण बिना किसी नक्शे की स्वीकृति के किया जा रहा था।
प्रशासन द्वारा इस मस्जिद निर्माण को लेकर पहले ही 15 दिन का नोटिस जारी किया गया था, जिसमें निर्माण कार्य को रोकने और जवाब देने को कहा गया था लेकिन निर्माणकर्ता पक्ष द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया, जिसके बाद अधिकारियों ने यह कार्रवाई अमल में लाई। SAHARANPUR NEWS
कार्रवाई के दौरान एसडीएम सदर सुबोध कुमार, तहसीलदार जितेंद्र सिंह, सीओ सदर मनोज यादव, जिला पंचायत अधिकारी समेत कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर मौजूद रही। बुलडोजर की मदद से निर्माणाधीन मस्जिद को ढहाया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार का कोई विरोध या हंगामा नहीं हुआ, जिससे कार्यवाही शांतिपूर्वक संपन्न हो सकी।SAHARANPUR NEWS
जिला प्रशासन ने अवैध निर्माण पर बुलडोजर से कार्रवाई की (फोटो- नेशन नाव समाचार)
एसडीएम सुबोध कुमार ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि यह निर्माण अवैध रूप से और नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल का निर्माण कानूनी प्रक्रिया और अनुमति के बिना नहीं किया जा सकता। SAHARANPUR NEWS
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, चाहे वह किसी भी धर्म, वर्ग या संस्था से जुड़ा हो। यह कार्यवाही गांव में प्रशासन की सख्ती और पारदर्शिता का संकेत मानी जा रही है।
हमीरपुर: जनपद के भरुआ सुमेरपुर कस्बे में शुक्रवार तड़के रिमझिम इस्पात लिमिटेड फैक्ट्री में (HAMIRPUR CRIME NEWS) एक दर्दनाक हादसा हो गया। सुबह लगभग 4:30 बजे एक डंपर ने मजदूर जयनारायण (40) को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जयनारायण बीते दस वर्षों से इसी फैक्ट्री में ठेकेदारी पर कार्यरत था। HAMIRPUR CRIME NEWS
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फैक्ट्री की एंबुलेंस से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया। लेकिन पुलिस की इस कार्यवाही को लेकर परिजनों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। परिजनों का आरोप है कि फैक्ट्री चौकी इंचार्ज राजवीर सिंह और सिपाही दयाराम ने उन्हें बिना शव दिखाए धक्का देकर एंबुलेंस से शव को बाहर भेज दिया। HAMIRPUR CRIME NEWS
मजदूर की मौत के बाद सदमे में परिजन (फोटो- नेशन नाव समाचार)
घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई और मृतक के परिजन फैक्ट्री गेट के बाहर विरोध करने लगे। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष अनूप सिंह ने स्थिति को संभालते हुए परिजनों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। इसके बाद माहौल थोड़ा शांत हुआ।
मृतक अपने पीछे पत्नी नीलम, बेटे राज और सत्यम, तथा बेटी सोनम को बेसहारा छोड़ गया है। बताया जा रहा है कि वह अवधेश शुक्ला की ठेकेदारी में कार्यरत था। फैक्ट्री मैनेजर मनोज गुप्ता ने बताया कि हादसा डंपर की टक्कर से हुआ और मृतक को फैक्ट्री अधिनियम के तहत मुआवजा दिया जाएगा। HAMIRPUR CRIME NEWS