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    UP RAIN ALERT: यूपी के 30 जिलों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट, जानें लखनऊ का हाल

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मौसम का मिज़ाज एक बार फिर (UP RAIN ALERT) बदलता नजर आ रहा है. बीते 24 घंटों में कहीं हल्की फुहारें तो कहीं तेज़ हवाओं ने लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत तो दी, लेकिन उमस भरी गर्मी ने फिर से बेहाल कर दिया. राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में तेज धूप और वातावरण में नमी के कारण लोगों का हाल खराब रहा. UP RAIN ALERT

    मौसम विज्ञान विभाग ने प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में तेज़ बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है. विभाग के अनुसार, अगले 5 दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का यही रुख बना रहेगा.

    लखनऊ का हाल: तेज धूप और बढ़ती उमस- UP RAIN ALERT

    राजधानी लखनऊ में मंगलवार को सुबह से ही आसमान साफ रहा और सूरज ने अपनी तेज किरणों से लोगों को जमकर तपाया. हालांकि अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो सामान्य से 2 डिग्री कम रहा, लेकिन उमस ने गर्मी का अहसास और बढ़ा दिया. न्यूनतम तापमान 27 डिग्री दर्ज किया गया. UP RAIN ALERT

    UP RAIN ALERT
    यूपी चार-पांच दिन भारी बारिश का अलर्ट- (Photo Credit- Social media)

    बुधवार को मौसम विभाग ने दिनभर आसमान में बादलों की आंशिक आवाजाही और बीच-बीच में तेज धूप रहने की संभावना जताई है. अधिकतम तापमान 38 और न्यूनतम 28 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है. UP RAIN ALERT

    30 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट– UP RAIN ALERT

    मौसम विभाग ने जिन जिलों के लिए चेतावनी जारी की है उनमें शामिल हैं –
    सोनभद्र, चंदौली, गाजीपुर, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, फर्रुखाबाद, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं.

    इन जिलों में तेज़ बारिश, बिजली गिरने और हवाओं की गति 30-50 किलोमीटर प्रति घंटे तक होने की संभावना जताई गई है.

    मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है, खासकर खुले स्थानों पर बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए. तेज हवाएं भी कई क्षेत्रों में चल सकती हैं, जिससे पेड़ों के गिरने या अन्य नुकसान की संभावना बनी हुई है.

    लखनऊ में मौसम का हाल- UP RAIN ALERT

    राजधानी लखनऊ में मंगलवार को सुबह से ही आसमान साफ रहा और तेज धूप ने लोगों को परेशान किया. नमी के कारण उमस भरी गर्मी का असर बढ़ा, जिससे दिनभर लोग पसीने से तर-बतर रहे. मंगलवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2 डिग्री कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

    मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को लखनऊ में मौसम का मिजाज कुछ हद तक मिला-जुला रहेगा. दिन में आसमान ज्यादातर साफ रहेगा, लेकिन बीच-बीच में बादलों की आवाजाही हो सकती है. तेज धूप के साथ उमस भरी गर्मी बरकरार रहेगी. अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है.

    अगले 5 दिनों का मौसम पूर्वानुमान- UP RAIN ALERT

    मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल सिंह के अनुसार, अगले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है. इसके बाद तापमान में फिर से 2 से 3 डिग्री की कमी देखने को मिलेगी. अगले पांच दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं, और बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी.

    उत्तर प्रदेश में मौसम का प्रभाव

    मौसम का यह बदलाव न केवल लोगों के दैनिक जीवन को प्रभावित कर रहा है, बल्कि कृषि और अन्य क्षेत्रों पर भी इसका असर पड़ रहा है. बारिश से कुछ किसानों को राहत मिल सकती है, लेकिन बिजली गिरने और तेज हवाओं से फसलों को नुकसान का खतरा भी है. मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपने खेतों की निगरानी करें और फसलों को सुरक्षित रखने के लिए उचित कदम उठाएं.

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  • UP POLITICS 2027: यूपी की सियासत में उलटफेर की तैयारी! जानें चुनाव के लिए राजनीतिक दलों की रणनीति

    UP POLITICS 2027: यूपी की सियासत में उलटफेर की तैयारी! जानें चुनाव के लिए राजनीतिक दलों की रणनीति

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बीजेपी का दबदबा बना हुआ है. योगी आदित्यनाथ (UP POLITICS 2027) की सख्त प्रशासनिक छवि, हिंदुत्व का एजेंडा और विकास कार्यों ने बीजेपी को मजबूत आधार दिया है. हालाँकि, 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी को समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन (इंडिया गठबंधन) से कड़ी चुनौती मिली. फैजाबाद (अयोध्या) जैसी महत्वपूर्ण सीट पर सपा की जीत ने बीजेपी के हिंदुत्व कार्ड को झटका दिया. इसके अलावा, बेरोजगारी, महंगाई और सामाजिक असंतोष जैसे मुद्दे विपक्ष के लिए अवसर बन रहे हैं.

    सपा और कांग्रेस गठबंधन ने 2024 के उपचुनावों में भी अच्छा प्रदर्शन किया, जिससे विपक्ष का मनोबल बढ़ा है. दूसरी ओर, बसपा का प्रभाव कमजोर हुआ है, और पार्टी हाशिए पर नजर आ रही है. छोटे दल, जैसे निषाद पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद), भी अपनी स्थिति मजबूत करने में लगे हैं. सामाजिक समीकरणों, खासकर पिछड़ा वर्ग, दलित और अल्पसंख्यक वोटों की गतिशीलता, 2027 के लिए निर्णायक होगी. UP POLITICS 2027

    UP POLITICS 2027
    योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश (Photo Credit- Social Media)

    बीजेपी की रणनीति: हिंदुत्व, विकास और सामाजिक समीकरण

    बीजेपी 2027 में सत्ता की हैट्रिक लगाने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रही है. पार्टी का मुख्य फोकस हिंदुत्व और विकास के दोहरे एजेंडे पर है. 2025 में अहिल्याबाई होल्कर जन्मशती अभियान शुरू करके बीजेपी पिछड़े समुदायों को साधने की कोशिश कर रही है. यह अभियान 2.7 लाख कार्यकर्ताओं के साथ 8,135 न्याय पंचायतों में चलाया जा रहा है, जिसका लक्ष्य ग्रामीण स्तर पर संगठन को मजबूत करना है. UP POLITICS 2027

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) भी बीजेपी की रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. सपा के ‘पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक’ (पीडीए) फॉर्मूले का जवाब देने के लिए आरएसएस हिंदू एकता और शाखाओं के विस्तार पर जोर दे रहा है. योगी सरकार के कार्यों, जैसे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे, को विकास के प्रतीक के रूप में प्रचारित किया जा रहा है. साथ ही, बीजेपी अपने विधायकों और मंत्रियों के कामकाज का ऑडिट कर रही है ताकि जनता में असंतोष को कम किया जा सके. UP POLITICS 2027

    हालाँकि, 2024 के लोकसभा चुनावों में सपा-कांग्रेस गठबंधन की सफलता ने बीजेपी को सतर्क कर दिया है. पार्टी अब सवर्ण, गैर-यादव ओबीसी और गैर-जाटव दलित वोटों को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है. निषाद पार्टी जैसे सहयोगियों के साथ संबंधों को संभालना भी बीजेपी के लिए चुनौती है, क्योंकि संजय निषाद ने 200 सीटों पर प्रभाव का दावा किया है. UP POLITICS 2027

    अखिलेश यादव, पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश (Photo Credit- Social Media)

    समाजवादी पार्टी: पीडीए और युवा जोश- UP POLITICS 2027

    समाजवादी पार्टी, अखिलेश यादव के नेतृत्व में, 2027 में सत्ता वापसी के लिए पूरी ताकत लगा रही है. सपा का ‘पीडीए’ फॉर्मूला—पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक—2024 के लोकसभा और उपचुनावों में प्रभावी साबित हुआ. अखिलेश यादव ने दावा किया है कि 2027 में सपा के नेतृत्व में पीडीए की सरकार बनेगी. पार्टी जमीनी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और गठबंधन को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है. UP POLITICS 2027

    सपा की रणनीति में यादव और मुस्लिम वोटों का पारंपरिक आधार तो है ही, साथ ही गैर-यादव ओबीसी और दलित वोटरों को आकर्षित करने की कोशिश हो रही है. 2024 में फैजाबाद सीट पर अवधेश प्रसाद की जीत ने सपा को दलित समुदाय में पैठ बनाने का मौका दिया. इसके अलावा, सपा बेरोजगारी, महंगाई और संविधान-आरक्षण जैसे भावनात्मक मुद्दों को उठाकर युवाओं और अल्पसंख्यकों को लुभाने की कोशिश कर रही है.UP POLITICS 2027

    कांग्रेस के साथ गठबंधन सपा की रणनीति का केंद्र है. 2024 के उपचुनावों में दोनों दलों ने मिलकर बीजेपी को कड़ी टक्कर दी, और यह गठबंधन 2027 में भी जारी रहने की संभावना है. हालाँकि, सपा को गठबंधन में सीट बँटवारे और नेतृत्व के मुद्दों को सुलझाना होगा. UP POLITICS 2027

    अजय राय, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस (Photo Credit- Social Media)

    कांग्रेस: पुनर्जनन की राह- UP POLITICS 2027

    कांग्रेस, जो लंबे समय से उत्तर प्रदेश में हाशिए पर रही, अब धीरे-धीरे अपनी स्थिति सुधार रही है. प्रियंका गांधी के नेतृत्व में पार्टी ने 2022 के चुनावों में संगठन को मजबूत करने की कोशिश की थी, और 2024 के लोकसभा चुनावों में सपा के साथ गठबंधन ने इसे नया जीवन दिया. कांग्रेस अब युवा नेताओं और स्थानीय कार्यकर्ताओं के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति बढ़ा रही है. UP POLITICS 2027

    कांग्रेस की रणनीति सपा के साथ गठबंधन को बनाए रखने और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर जोर देने की है. पार्टी दलित, अल्पसंख्यक और गरीब वर्ग को लुभाने के लिए सामाजिक-आर्थिक मुद्दों, जैसे बेरोजगारी और शिक्षा, पर फोकस कर रही है. साथ ही, राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा जैसे अभियानों का प्रभाव भी उत्तर प्रदेश में देखने को मिल रहा है. UP POLITICS 2027

    हालाँकि, कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठनात्मक कमजोरी और बड़े चेहरों की कमी है. प्रियंका गांधी की सक्रियता से पार्टी को कुछ हद तक मजबूती मिली है, लेकिन 2027 में वह कितनी सीटें जीत पाएगी, यह गठबंधन की रणनीति पर निर्भर करेगा.

    मायावती, पूर्व सीएम, उत्तर प्रदेश (Photo Credit- Social Media)

    बहुजन समाज पार्टी: अस्तित्व की लड़ाई

    बसपा, जो कभी उत्तर प्रदेश की सत्ता पर काबिज थी, अब कमजोर स्थिति में है. 2024 के उपचुनावों में पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, और यह सियासी हाशिए पर चली गई है. मायावती के नेतृत्व में बसपा अब आकाश आनंद जैसे युवा चेहरों को आगे लाकर नई ऊर्जा लाने की कोशिश कर रही है. UP POLITICS 2027

    बसपा की रणनीति दलित वोटों को एकजुट करने और गैर-जाटव दलित समुदायों को आकर्षित करने पर केंद्रित है. पार्टी सवर्ण और ओबीसी वोटरों को लुभाने के लिए भी नए गठबंधन तलाश रही है. हालाँकि, 2024 के लोकसभा चुनावों में बसपा का खाता न खुलना और उपचुनावों में कमजोर प्रदर्शन इसकी चुनौतियों को दर्शाता है. 2027 में बसपा के लिए सत्ता की राह मुश्किल है, लेकिन अगर मायावती प्रभावी गठबंधन बना पाएँ, तो वह कुछ सीटों पर आश्चर्यजनक प्रदर्शन कर सकती है.

    क्या 2027 में बीजेपी की राजनीति बदलेगी?

    बीजेपी की रणनीति में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं. 2024 के लोकसभा चुनावों में मिली चुनौती ने पार्टी को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया है. पहले जहाँ बीजेपी का फोकस केवल हिंदुत्व पर था, अब वह सामाजिक समीकरणों को साधने और विकास के मुद्दों को प्राथमिकता दे रही है. अहिल्याबाई जन्मशती अभियान और आरएसएस की सक्रियता इस बदलाव का हिस्सा है.

    बीजेपी को गैर-यादव ओबीसी और गैर-जाटव दलित वोटों को बनाए रखने की चुनौती है, क्योंकि सपा का पीडीए फॉर्मूला इन समुदायों को आकर्षित कर रहा है. इसके अलावा, निषाद पार्टी जैसे सहयोगियों की बढ़ती माँगें और छोटे दलों की सक्रियता बीजेपी के लिए नई चुनौतियाँ खड़ी कर सकती हैं.

    फिर सत्ता पर कबिज होंगे योगी आदित्यनाथ!

    योगी आदित्यनाथ की सख्त प्रशासनिक छवि और हिंदुत्व के प्रतीक के रूप में उनकी लोकप्रियता बीजेपी के लिए सबसे बड़ा हथियार है. 2022 में बीजेपी ने उनके नेतृत्व में 255 सीटें जीतीं, जो दर्शाता है कि जनता में उनकी स्वीकार्यता बनी हुई है. बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने संकेत दिए हैं कि 2027 का चुनाव भी योगी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा.

    हालाँकि, योगी के सामने कई चुनौतियाँ हैं. 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी की सीटों में कमी और सपा-कांग्रेस गठबंधन की मजबूती ने सवाल उठाए हैं. अगर बीजेपी 2027 में बहुमत हासिल करती है, तो योगी का फिर से मुख्यमंत्री बनना लगभग तय है, क्योंकि उनकी छवि और संगठन पर पकड़ मजबूत है. लेकिन अगर बीजेपी की सीटें कम होती हैं और गठबंधन सरकार बनती है, तो सहयोगियों की माँगों के चलते नेतृत्व पर विचार हो सकता है.

    सामाजिक-आर्थिक मुद्दों, जैसे बेरोजगारी और महंगाई, का असर भी योगी की छवि पर पड़ सकता है. फिर भी, उनके विकास कार्य, कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण और हिंदुत्व की अपील उन्हें मजबूत दावेदार बनाती है. संभावना है कि अगर बीजेपी जीतती है, तो योगी 70-80% संभावना के साथ फिर से मुख्यमंत्री बन सकते हैं.

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    सोर्स- NBT, NAVBHARAT TIMES

  • STOCK MARKET NEWS: शेयर बाजार में भारी गिरावट: सेंसेक्स 900 अंक टूटा, निफ्टी 24,750 के नीचे

    STOCK MARKET NEWS: शेयर बाजार में भारी गिरावट: सेंसेक्स 900 अंक टूटा, निफ्टी 24,750 के नीचे

    मुंबई: 27 मई 2025 को भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव (STOCK MARKET NEWS) देखने को मिला. सेंसेक्स में करीब 1,000 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 81,250 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. निफ्टी भी 250 अंकों की कमी के साथ 24,750 के स्तर पर रहा. इस गिरावट के पीछे उच्च वैल्यूएशन और वैश्विक बाजारों की कमजोरी को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति लंबी अवधि के निवेशकों के लिए खरीदारी का सुनहरा अवसर हो सकती है.

    सेंसेक्स और निफ्टी का प्रदर्शन– STOCK MARKET NEWS

    सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 26 में गिरावट देखी गई, जबकि केवल 4 शेयरों ने तेजी दिखान. अल्ट्राटेक सीमेंट का शेयर 2.50% नीचे रहा, और ITC, NTPC जैसे शेयरों में भी 2% तक की कमी देखी गई. दूसरी ओर, इंडसइंड बैंक ने लगभग 3% की उछाल दर्ज की, जिसने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया.

    निफ्टी के 50 शेयरों में से 39 में गिरावट और 11 में तेजी रही. NSE के IT इंडेक्स में 0.93%, ऑटो इंडेक्स में 0.60%, और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 0.73% की कमी देखी गई. हालांकि, मीडिया, मेटल, फार्मा, और रियल्टी जैसे सेक्टरों में हल्की बढ़त दर्ज की गई, जिसने बाजार को कुछ राहत प्रदान की. STOCK MARKET NEWS

    उच्च वैल्यूएशन का दबाव- STOCK MARKET NEWS

    जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वी के विजयकुमार ने बताया कि भारतीय शेयर बाजार अब एक समेकन चरण (कॉन्सोलिडेशन फेज) में प्रवेश कर सकता है. उच्च वैल्यूएशन के कारण बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ रहा है. फिर भी, म्यूचुअल फंड्स के पास उपलब्ध नकदी की वजह से किसी भी बड़ी गिरावट में खरीदारी की संभावना बनी हुई है. यह स्थिति उन निवेशकों के लिए फायदेमंद हो सकती है, जो दीर्घकालिक निवेश की तलाश में हैं. STOCK MARKET NEWS

    वैश्विक बाजारों का असर- STOCK MARKET NEWS

    वैश्विक स्तर पर भी बाजारों में कमजोरी का माहौल रहा. जापान का निक्केई इंडेक्स 100 अंकों की गिरावट के साथ 37,440 पर और कोरिया का कोस्पी 13 अंकों की कमी के साथ 2,631 पर कारोबार कर रहा था. हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.31% नीचे 23,209 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट 11 अंकों की गिरावट के साथ 3,335 पर रहा.

    23 मई को अमेरिकी बाजारों में भी गिरावट देखी गई थी. डाउ जोन्स 256 अंकों की कमी के साथ 41,603 पर, नैस्डेक 188 अंकों की गिरावट के साथ 18,737 पर, और S&P 500 39 अंकों की कमी के साथ 5,802 पर बंद हुआ. वैश्विक बाजारों की यह कमजोरी भारतीय बाजार पर भी असर डाल रही है.

    निवेशकों की गतिविधियां- STOCK MARKET NEWS

    26 मई को घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 1,745.72 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 135.98 करोड़ रुपये की खरीदारी की. मई महीने में अब तक DIIs ने 36,243.28 करोड़ रुपये और FIIs ने 12,327.59 करोड़ रुपये की नेट खरीदारी की है. अप्रैल में DIIs ने 28,228.45 करोड़ रुपये और FIIs ने 2,735.02 करोड़ रुपये का निवेश किया था. यह मजबूत निवेश बाजार में निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है.

    ‘द लीला’ होटल्स का IPO- STOCK MARKET NEWS

    लग्जरी होटल चेन ‘द लीला’ की पैरेंट कंपनी श्लॉस बैंगलोर लिमिटेड का IPO 26 मई से निवेश के लिए खुला है और 28 मई 2025 तक खुला रहेगा. कंपनी इस IPO के जरिए 3,500 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है, जिसमें 2,500 करोड़ रुपये के नए शेयर और 1,000 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल शामिल है. यह रिटेल निवेशकों के लिए एक आकर्षक अवसर हो सकता है.

    निवेशकों के लिए रणनीति

    बाजार की मौजूदा अस्थिरता के बावजूद, विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत आर्थिक बुनियाद और घरेलू निवेशकों की सक्रियता बाजार को सहारा दे सकती है. निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाएं, गुणवत्ता वाले शेयरों पर ध्यान दें, और बाजार की हर गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में देखें. दीर्घकालिक निवेश रणनीति अपनाने से जोखिम को कम किया जा सकता है.

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    सोर्स- BHASKAR

  • CORONA CASES RISE IN INDIA: भारत में कोरोना के 4 नए वैरिएंट मिले, कई राज्यों में मौतें

    CORONA CASES RISE IN INDIA: भारत में कोरोना के 4 नए वैरिएंट मिले, कई राज्यों में मौतें

    नई दिल्ली: भारत में कोविड-19 के मामले फिर से बढ़ने लगे हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक (CORONA CASES RISE IN INDIA) देश में कुल मामलों की संख्या 1047 हो गई है. इसमें सबसे ज्यादा 430 सक्रिय केस केरल से हैं. इसके बाद महाराष्ट्र में 208, दिल्ली में 104, गुजरात में 83 और कर्नाटक में 80 केस दर्ज किए गए हैं. बेंगलुरु में ही कर्नाटक के कुल 73 केस हैं.

    मौतों की बात करें तो महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में कुल 11 मरीजों की जान जा चुकी है. पिछले एक हफ्ते में 9 मौतें दर्ज की गई हैं. महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 5 मौतें हुई हैं. ठाणे जिले में सोमवार को एक महिला की जान चली गई. CORONA CASES RISE IN INDIA

    CORONA CASES RISE IN INDIA- एक सप्ताह में 787 नए केस

    स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक बीते सात दिनों में 787 नए कोविड केस सामने आए हैं. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के निदेशक डॉ. राजीव बहल ने जानकारी दी कि भारत में अब तक चार नए कोविड वैरिएंट सामने आए हैं – LF.7, XFG, JN.1 और NB.1.8.1. CORONA CASES RISE IN INDIA

    CORONA CASES RISE IN INDIA- कोविड से मौतें: प्रमुख आंकड़े

    राज्यमौतों की संख्याप्रमुख क्षेत्र
    महाराष्ट्र5ठाणे, मुंबई
    कर्नाटक1बेंगलुरु
    राजस्थान1जयपुर
    मध्य प्रदेश2जानकारी नहीं
    पश्चिम बंगाल2जानकारी नहीं

    जयपुर में सोमवार को दो मरीजों की मौत हुई, जिसमें से एक रेलवे स्टेशन पर मृत मिला था. उसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई. दूसरा मरीज 26 साल का था, जिसे पहले से टीबी थी. CORONA CASES RISE IN INDIA

    ठाणे में मौतें महाराष्ट्र के ठाणे में रविवार 25 मई को एक 21 वर्षीय युवक की मौत हुई. उसका 22 मई से इलाज चल रहा था. वहीं एक महिला मरीज की इलाज के दौरान जान गई. CORONA CASES RISE IN INDIA

    बेंगलुरु में बुजुर्ग की मौत 17 मई को कर्नाटक के बेंगलुरु में 84 वर्षीय बुजुर्ग की मल्टी ऑर्गन फेल्योर के कारण मौत हुई. उनकी रिपोर्ट 24 मई को पॉजिटिव आई थी. केरल में भी दो लोगों की कोविड से जान गई है.

    भारत में मिले 4 नए वैरिएंट ICMR ने बताया कि दक्षिण और पश्चिम भारत में सीक्वेंसिंग के दौरान LF.7, XFG, JN.1 और NB.1.8.1 वैरिएंट मिले हैं. ये सभी WHO द्वारा “निगरानी में रखे गए वैरिएंट” के रूप में वर्गीकृत हैं. फिलहाल इन्हें चिंताजनक नहीं माना गया है. CORONA CASES RISE IN INDIA

    NB.1.8.1 वैरिएंट की विशेषताएं

    • इसमें A435S, V445H, और T478I जैसे स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन हैं.
    • यह वैरिएंट तेजी से फैलता है.
    • इम्यून सिस्टम की बनी हुई प्रतिरोधक क्षमता इस पर असर नहीं डाल पाती.

    सबसे आम वैरिएंट: JN.1 भारत में सबसे ज्यादा JN.1 वैरिएंट देखने को मिल रहा है.

    वैरिएंटप्रसार प्रतिशत
    JN.150%+
    BA.226%
    अन्य ओमिक्रॉन20%

    JN.1 के लक्षण और खतरे

    • यह ओमिक्रॉन के BA.2.86 का स्ट्रेन है.
    • इसमें करीब 30 म्यूटेशन्स हैं.
    • इम्यूनिटी को कमजोर कर सकता है.
    • WHO ने दिसंबर 2023 में इसे ‘वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट’ घोषित किया था.

    डॉक्टरों की सलाह ICMR के अनुसार, फिलहाल स्थिति गंभीर नहीं है, लेकिन सतर्कता बेहद जरूरी है. डॉक्टरों का कहना है कि लक्षण लंबे समय तक बने रह सकते हैं. ऐसे मामलों में लॉन्ग कोविड की आशंका हो सकती है.

    निष्कर्ष कोरोना वायरस का खतरा भले ही पहले जैसा भयावह नहीं रहा, लेकिन इसकी वापसी से लापरवाही नहीं की जा सकती। नए वैरिएंट्स की पहचान और सतर्कता ही इससे निपटने का उपाय है.

    कोरोना की पिछली लहर

    भारत में कोरोना की आखिरी बड़ी लहर वर्ष 2022 के अंत से 2023 की शुरुआत तक देखी गई थी, जो मुख्य रूप से Omicron वैरिएंट के सब-वैरिएंट्स जैसे BF.7, XBB.1.5 और JN.1 के कारण फैली थी, हालांकि इस लहर की तीव्रता डेल्टा लहर जितनी घातक नहीं थी, फिर भी बुजुर्गों और को-मॉर्बिडिटी वाले मरीजों के लिए यह गंभीर साबित हुई.

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    सोर्स- BHASKAR

  • AMCA Fighter Jet: भारत में बनेगा 5th जेनरेशन का स्टील्थ फाइटर जेट, AMCA से थर्राएगा चीन-पाकिस्तान

    AMCA Fighter Jet: भारत में बनेगा 5th जेनरेशन का स्टील्थ फाइटर जेट, AMCA से थर्राएगा चीन-पाकिस्तान

    नई दिल्ली: भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद अपनी रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करने के लिए (AMCA Fighter Jet) एक ऐतिहासिक फैसला लिया है. मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वदेशी रूप से विकसित किए जा रहे फिफ्थ जनरेशन स्टील्थ फाइटर जेट एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोग्राम के कार्यान्वयन मॉडल को हरी झंडी दे दी है. यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब ऑपरेशन ‘सिंदूर’ में स्वदेशी हथियारों की सफलता ने भारत की सैन्य क्षमता का प्रदर्शन दुनिया के सामने रखा है.

    AMCA Fighter Jet- स्वदेशी तकनीक से होगा निर्माण

    इस परियोजना को एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) और भारतीय उद्योगों की साझेदारी में लागू किया जाएगा. AMCA का निर्माण पूरी तरह स्वदेशी तकनीक और विशेषज्ञता के साथ किया जा रहा है, जिससे भारत के एयरोस्पेस सेक्टर में आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा. AMCA Fighter Jet

    AMCA क्या है?

    AMCA फाइटर जेट भारत का पहला स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी का विमान है, जिसे एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) और विभिन्न उद्योगों की साझेदारी में विकसित किया जा रहा है. यह स्टील्थ फाइटर जेट अत्याधुनिक तकनीकों से लैस है, जिसमें रडार से बचने की क्षमता, उन्नत सेंसर, और शक्तिशाली हथियार प्रणाली शामिल हैं. इसका डिज़ाइन 25 टन वजन वाली मध्यम श्रेणी का है, जिसमें दो इंजन और 6.5 टन की ईंधन क्षमता होगी. यह विमान 55,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम होगा और 1,864 मील की युद्धक रेंज रखेगा. AMCA Fighter Jet

    AMCA की खासियत यह है कि यह न केवल हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें ले जा सकता है, बल्कि 1.5 टन तक के हथियारों को आंतरिक हथियार खंड में ले जाने की क्षमता रखता है. यह इसे स्टील्थ मोड में दुश्मन के रडार से बचकर सटीक हमले करने में सक्षम बनाता है. साथ ही, यह विमान गैर-स्टील्थ मोड में अपने पंखों पर अतिरिक्त हथियार ले जा सकता है, जो इसे बहुमुखी बनाता है. AMCA Fighter Jet

    AMCA परियोजना भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक को बढ़ावा देना है (Photo Credit- Defence Matrix)

    AMCA Fighter Jet- स्वदेशी रक्षा तकनीक का प्रतीक

    AMCA परियोजना भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इस परियोजना को 2024 में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) ने मंजूरी दी थी, जिसके तहत पांच प्रोटोटाइप के निर्माण के लिए 15,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए. DRDO और ADA के नेतृत्व में, इस विमान का पहला प्रोटोटाइप 2026-27 तक तैयार होने की उम्मीद है, और पहली उड़ान 2028 में होगी। 2034 तक इसे भारतीय वायुसेना में शामिल करने की योजना है.

    यह परियोजना न केवल तकनीकी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारत के आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी मजबूत करती है. AMCA में 75% स्वदेशी सामग्री होगी, जिसे बाद में 85% तक बढ़ाया जाएगा. यह भारतीय उद्योगों, विशेष रूप से निजी क्षेत्र, को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करेगा. AMCA Fighter Jet

    AMCA की तकनीकी विशेषताएं

    AMCA फाइटर जेट में कई अत्याधुनिक तकनीकें शामिल की जाएंगी, जो इसे विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्टील्थ विमानों के समकक्ष बनाएंगी। इनमें शामिल हैं:

    1. AI-पावर्ड इलेक्ट्रॉनिक पायलट: यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर आधारित सिस्टम पायलट के कार्यभार को कम करता है और जटिल युद्ध परिस्थितियों में स्वचालित निर्णय लेने में सहायता करता है।
    2. नेटसेंट्रिक वॉरफेयर सिस्टम: यह वास्तविक समय में युद्ध समन्वय को सक्षम बनाता है, जिससे AMCA मानव रहित ड्रोन के साथ मिलकर काम कर सकता है।
    3. इंटीग्रेटेड व्हीकल हेल्थ मैनेजमेंट: यह सिस्टम विमान की स्थिति की निगरानी करता है और रखरखाव को और प्रभावी बनाता है।

    इन विशेषताओं के साथ, AMCA न केवल भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाएगा, बल्कि इसे भविष्य के युद्धों के लिए तैयार करेगा.

    AMCA Fighter Jet- क्षेत्रीय चुनौतियों का जवाब

    हाल के वर्षों में, क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियां बढ़ी हैं. खासकर, पाकिस्तान द्वारा चीन से J-35A स्टील्थ फाइटर जेट खरीदने की खबरें और चीन द्वारा अपने J-20 विमानों को भारत की सीमाओं के पास तैनात करने ने भारत को अपनी रक्षा रणनीति को और मजबूत करने के लिए प्रेरित किया है. इसके जवाब में, AMCA का विकास भारत की रक्षा स्वायत्तता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. AMCA Fighter Jet

    वैश्विक स्तर पर, अमेरिका और रूस जैसे देश भारत को अपने F-35 और Su-57 स्टील्थ विमानों को बेचने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, AMCA परियोजना के साथ, भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी स्वदेशी तकनीक पर निर्भर रहेगा. यह न केवल लागत को कम करेगा, बल्कि भारत को विदेशी प्रौद्योगिकी पर निर्भरता से मुक्त करेगा.

    AMCA Fighter Jet- भविष्य की राह

    AMCA परियोजना भारत के रक्षा क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू कर रही है. 2035 तक, जब यह विमान पूरी तरह से भारतीय वायुसेना में शामिल होगा, भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा, जिनके पास स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट हैं. इसके अलावा, AMCA में छठी पीढ़ी की तकनीकों को शामिल करने की योजना है, जैसे कि उन्नत सेंसर और मॉड्यूलर डिज़ाइन, जो इसे भविष्य के लिए प्रासंगिक बनाएंगे.

    एयरो इंडिया 2025 में AMCA का पूर्ण-आकार मॉडल प्रदर्शित किया गया, जिसने दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों का ध्यान खींचा. यह मॉडल भारत की तकनीकी प्रगति और आत्मनिर्भरता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है.

    चीन-पाकिस्तान से मुकाबले के लिए रणनीतिक कदम

    भारत का यह कदम इसलिए भी अहम है क्योंकि पाकिस्तान चीन से जे-31 जैसे फिफ्थ जनरेशन फाइटर खरीदने की तैयारी में है. दूसरी ओर भारत पर अमेरिका या रूस से ऐसे विमान खरीदने का दबाव रहा है। लेकिन अब भारत ने साफ संकेत दे दिया है कि वह खुद अपनी तकनीक पर भरोसा करते हुए आत्मनिर्भर बनेगा.

    वैश्विक मंच पर भारत की ताकत

    AMCA परियोजना से भारत न केवल अपनी सेनाओं को अत्याधुनिक बनाएगा, बल्कि रक्षा क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर भी अपनी एक अलग पहचान बनाएगा. इसके अलावा, यह कार्यक्रम भारतीय स्टार्टअप्स और रक्षा उद्योगों को भी विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा.

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    सोर्स- NEWS18 HINDI

  • UP RAIN ALERT: उत्तर प्रदेश में दो तरह का मौसम: कहीं बिजली-बारिश, कहीं चिलचिलाती गर्मी

    UP RAIN ALERT: उत्तर प्रदेश में दो तरह का मौसम: कहीं बिजली-बारिश, कहीं चिलचिलाती गर्मी

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज इन दिनों पूरी तरह से बदला हुआ (UP RAIN ALERT) नजर आ रहा है. जहां एक ओर तराई वाले जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है, वहीं दूसरी ओर बुंदेलखंड और मध्य यूपी के जिलों में लू जैसे हालात बने हुए हैं. यह दोहरी मौसमीय स्थिति न केवल आम जनजीवन को प्रभावित कर रही है, बल्कि किसानों की चिंता और राहत दोनों का कारण बन रही है.

    24 जिलों में बिजली-बारिश की चेतावनी- UP RAIN ALERT

    मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के 24 जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ तेज बारिश की चेतावनी जारी की है. जिन जिलों में चेतावनी दी गई है, उनमें बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, वाराणसी, देवरिया, गोरखपुर, बहराइच, बलरामपुर, कुशीनगर, मऊ, बलिया, चंदौली, गाजीपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संत रविदास नगर, महोबा, ललितपुर, गोंडा, श्रावस्ती, महाराजगंज शामिल हैं.

    इन जिलों में आने वाले दिनों में बिजली गिरने, आंधी और मध्यम से तेज बारिश की संभावना है. इसके साथ ही कई स्थानों पर तेज रफ्तार हवाएं (30 से 50 किमी/घंटा) भी चल सकती हैं. UP RAIN ALERT

    बुंदेलखंड और मध्य यूपी में भीषण गर्मी

    जहां एक तरफ कुछ इलाकों में बारिश राहत दे रही है, वहीं बुंदेलखंड और मध्य उत्तर प्रदेश के ज़िलों में उमस भरी गर्मी और तेज धूप लोगों को बेहाल कर रही है. मौसम विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में नमी और धूप के कारण हीट इंडेक्स काफी बढ़ गया है, जिससे लू जैसे हालात बन रहे हैं. UP RAIN ALERT

    बांदा जिले में सोमवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक रहा. वहीं, बरेली का न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2 डिग्री कम है. UP RAIN ALERT

    राजधानी लखनऊ का मौसम- UP RAIN ALERT

    लखनऊ में सोमवार को आसमान साफ रहा और दिनभर तेज धूप खिली रही. अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को लखनऊ में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन दिन में तेज धूप निकलने की संभावना है. UP RAIN ALERT

    फर्रुखाबाद में बारिश से किसानों को राहत

    फर्रुखाबाद जिले में सोमवार को तेज हवा के साथ हुई बारिश ने मौसम को बदला और लोगों को गर्मी से राहत दी. हालांकि, बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या भी सामने आई, जिससे स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

    किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद साबित हुई. किसान अजय ने बताया कि इस समय खरीफ की फसलों की बुवाई की तैयारी चल रही है और बारिश से खेतों में नमी आ गई है, जिससे बुवाई की प्रक्रिया तेज होगी. उन्होंने कहा कि बिना पलेवा के खेत की जुताई होना संभव नहीं था, लेकिन अब धान की पौध रोपाई की तैयारी भी हो सकेगी.

    अगले 72 घंटे: गर्मी और बारिश का मिश्रण रहेगा जारी

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 72 घंटों के भीतर अधिकतम तापमान में 2 डिग्री तक बढ़ोतरी होगी, जिसके बाद इसमें फिर से गिरावट दर्ज की जाएगी. न्यूनतम तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा. उन्होंने बताया कि 31 मई तक कई जिलों में बिजली गिरने, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है.

    किसानों को सलाह

    कृषि विशेषज्ञों की मानें तो आने वाली बारिश खरीफ फसल की बुवाई के लिए अनुकूल साबित होगी, लेकिन उन्हें सावधानी भी बरतनी होगी. जलभराव वाले खेतों में फसलों की सड़न हो सकती है. इसलिए जल निकासी की उचित व्यवस्था करना आवश्यक है.

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    सोर्स- ONEINDIA HINDI

  • PM MODI BHUJ ROADSHOW: PM मोदी का भुज में मेगा रोड शो; ₹53,400 करोड़ की परियोजनाएं लॉन्च

    PM MODI BHUJ ROADSHOW: PM मोदी का भुज में मेगा रोड शो; ₹53,400 करोड़ की परियोजनाएं लॉन्च

    भुज (गुजरात): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गुजरात के भुज में भव्य रोड शो (PM MODI BHUJ ROADSHOW) किया और ₹53,400 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया. इस दौरान जनसमूह ने मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया और पूरे शहर में उत्सव का माहौल देखने को मिला. इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि “भुज की विकास गाथा प्रेरणादायक है. आज शुरू की गई परियोजनाएं पावर, रिन्यूएबल एनर्जी, पोर्ट और अन्य बुनियादी ढांचे में नई गति लाएंगी.” PM MODI BHUJ ROADSHOW

    मेगा प्रोजेक्ट्स से होगा विकास को बढ़ावा

    प्रधानमंत्री द्वारा जिन प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया गया, उनमें निम्नलिखित शामिल हैं:-

    • खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क से उत्पन्न होने वाली पवन और सौर ऊर्जा को ले जाने के लिए ट्रांसमिशन नेटवर्क
    • कांडला पोर्ट पर विस्तारीकरण कार्य
    • तापी जिले में अत्याधुनिक अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट यूनिट
    • राज्य सरकार की सड़क, जल आपूर्ति और सौर ऊर्जा परियोजनाएं

    प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी बताया कि ये योजनाएं न सिर्फ गुजरात, बल्कि देश के ऊर्जा भविष्य के लिए भी निर्णायक साबित होंगी. PM MODI BHUJ ROADSHOW

    ऑपरेशन सिंदूर पर कड़ा संदेश- PM MODI BHUJ ROADSHOW

    भुज से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के दाहोद में एक जनसभा को भी संबोधित किया. वहां उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ सरकार की रणनीति पर खुलकर बात की और हाल ही में भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए सख्त संदेश दिया.

    PM मोदी ने कहा, “जब कोई हमारी बहनों के सिंदूर को मिटाता है, तो उसका भी मिटना तय हो जाता है।” उन्होंने इसे केवल एक सैन्य ऑपरेशन नहीं, बल्कि भारतीय भावनाओं और मूल्यों का प्रतीक बताया.

    PM MODI BHUJ ROADSHOW
    आज कच्छ व्यापार, कारोबार और टूरिज्म का बड़ा सेंटर है.

    आतंकवाद के प्रति ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति- PM MODI BHUJ ROADSHOW

    पुलवामा और हाल ही में पहलगाम जैसे आतंकी हमलों के जवाब में भारत की जवाबी कार्रवाई को लेकर मोदी सरकार की नीति स्पष्ट रही है। ऑपरेशन सिंदूर को इसी दृष्टिकोण का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसमें भारत ने सीमा पार आतंक के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है.

    मोदी ने कहा, “हमारे सैनिकों ने यह दिखा दिया है कि भारत अब सहने वाला देश नहीं है, जवाब देने वाला राष्ट्र बन चुका है.”

    जनता से जबरदस्त जुड़ाव

    भुज के रोड शो में हजारों लोगों ने मोदी के समर्थन में हाथ हिलाकर उनका स्वागत किया. पूरे रास्ते को फूलों और बैनरों से सजाया गया था. मोदी के इस दौरे को लोकसभा चुनावों से पहले एक मजबूत राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है.

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    सोर्स- ECONOMIC TIMES

  • Jyoti Malhotra in Pakistan: AK-47 लिए 6 गार्ड्स और ‘No Fear’ जैकेट! ज्योति मल्होत्रा के नए वीडियो ने मचाई हलचल

    Jyoti Malhotra in Pakistan: AK-47 लिए 6 गार्ड्स और ‘No Fear’ जैकेट! ज्योति मल्होत्रा के नए वीडियो ने मचाई हलचल

    नई दिल्ली: भारत की विवादित यूट्यूबर और पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में सुर्खियों में आई ज्योति मल्होत्रा (Jyoti Malhotra in Pakistan) एक बार फिर खबरों में हैं. इस बार एक स्कॉटलैंड के कंटेंट क्रिएटर और यूट्यूबर कैलम के वीडियो में ज्योति पाकिस्तान के न्यू अनारकली बाजार में दिखाई दी हैं. लेकिन इस बार चौंकाने वाली बात ये रही कि उनके साथ AK-47 जैसे हथियारों से लैस कई सुरक्षा कर्मी नजर आए.

    यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें ज्योति मल्होत्रा पाकिस्तान की एक मशहूर लोकैलिटी में व्लॉगिंग करती दिख रही हैं. स्कॉटिश यूट्यूबर कैलम भी इसी दौरान उसी क्षेत्र में मौजूद थे, और उन्होंने इस पूरी घटना को कैमरे में कैद कर लिया. Jyoti Malhotra in Pakistan

    ज्योति के साथ AK-47 लिए 6 गार्ड्स- Jyoti Malhotra in Pakistan

    वीडियो में देखा जा सकता है कि ज्योति के साथ छह से सात लोग मौजूद हैं, जिनके हाथों में AK-47 जैसे आधुनिक हथियार हैं. ये सभी सेमी-फॉर्मल कपड़ों में हैं और उन्होंने ऐसी जैकेट्स पहनी हुई हैं जिन पर “No Fear” लिखा है. गार्ड्स की बॉडी लैंग्वेज और सतर्कता को देखकर ऐसा प्रतीत होता है जैसे वे किसी हाई-प्रोफाइल वीआईपी की सुरक्षा में तैनात हों. Jyoti Malhotra in Pakistan

    स्कॉटिश यूट्यूबर भी हैरान

    स्कॉटिश यूट्यूबर कैलम ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अपनी हैरानी व्यक्त की। उन्होंने वीडियो में कहा: “मैंने कभी नहीं देखा कि कोई सामान्य यूट्यूबर इतनी सुरक्षा के घेरे में व्लॉग करे. उनके चारों तरफ हथियारबंद लोग हैं, जैसे किसी सरकारी अधिकारी की सुरक्षा हो.”

    Jyoti Malhotra in Pakistan
    ज्योति मल्होत्रा पाकिस्तान कनेक्शन का दायरा बढ़ता जा रहा है- (Photo Credit- Social Media)

    कैलम के इस बयान के बाद से ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है कि क्या ज्योति महज एक ट्रैवल व्लॉगर हैं या उनके पीछे कोई और एजेंडा छिपा है?

    जासूसी का पुराना मामला फिर सुर्खियों में

    बता दें कि ज्योति मल्होत्रा को कुछ समय पहले हरियाणा से भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था. उन पर आरोप था कि वे भारत की सैन्य गतिविधियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से पाकिस्तान तक पहुंचा रही थीं.

    उनकी गिरफ्तारी के समय भी यह कहा गया था कि वे यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर ट्रैवल व्लॉग्स की आड़ में पाकिस्तान की एजेंसियों से संपर्क में थीं लेकिन यह मामला तब थोड़ी देर बाद शांत हो गया था.

    अब नए सवाल खड़े

    कैलम के इस नए वीडियो से दोबारा इस मामले में सनसनी फैल गई है. प्रमुख सवाल यह हैं:

    • क्या ज्योति अब भी पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों से जुड़ी हुई हैं?
    • उन्हें पाकिस्तान के लोकल बाजार में इस स्तर की सुरक्षा क्यों दी गई?
    • क्या ये गार्ड्स किसी सरकारी एजेंसी से जुड़े हैं या फिर निजी सुरक्षा गार्ड हैं?
    • अगर वे सिर्फ एक व्लॉगर हैं, तो इतना सुरक्षा कवच क्यों?

    भारतीय सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

    सूत्रों के अनुसार, यह वीडियो सामने आने के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने इस पर संज्ञान लिया है. वीडियो की फॉरेंसिक जांच और स्थान की पुष्टि के साथ-साथ गार्ड्स की पहचान का प्रयास किया जा रहा है. यदि पुष्टि होती है कि ये सरकारी सुरक्षा कर्मी हैं, तो इससे बड़ा अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक मामला बन सकता है.

    ज्योति मल्होत्रा केस में अब तक 12 लोग गिरफ्तार

    भारत में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के मामले में फंसी यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को लेकर हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं. ताजा जानकारी के अनुसार, इस जासूसी कांड में अब तक कुल 12 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के लोग शामिल हैं, जिन पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम करने के गंभीर आरोप लगे हैं.

    गिरफ्तारी की चेन और उनकी भूमिका

    1. ज्योति मल्होत्रा (हरियाणा): एक ट्रैवल व्लॉगर के रूप में मशहूर ज्योति पर पाकिस्तान में जाकर संवेदनशील भारतीय ठिकानों की जानकारी साझा करने का आरोप है.
    2. गजाला (पंजाब): वीजा और यात्रा दस्तावेजों में सहयोग करने के अलावा, पाक एजेंसियों के साथ आर्थिक संपर्क में थीं.
    3. देविंदर सिंह ढिल्लो (हरियाणा): डिफेंस एक्सपो जैसी संवेदनशील जगहों पर जाकर वीडियो शूट कर पाकिस्तान भेजने का आरोप.
    4. अरमान (हरियाणा): इसने भारतीय सिम कार्ड पाकिस्तान एजेंसियों तक पहुंचाने और हवाला नेटवर्क से जुड़ने में भूमिका निभाई.
    5. यामीन मोहम्मद (पंजाब): हवाला चैनल के ज़रिए आर्थिक लेनदेन में शामिल.
    6. नोमान इलाही (उत्तर प्रदेश): सैन्य जानकारी इकट्ठा कर दुश्मन देश तक पहुंचाने में संदिग्ध.
    7. मोहम्मद तारीफ (हरियाणा): भारतीय सशस्त्र बलों की गतिविधियों की फोटो और जानकारी पाकिस्तानी उच्चायोग तक पहुंचाई.
    8. फलकशेर मसीह और सूरज मसीह (पंजाब): सोशल मीडिया के ज़रिए खुफिया डाटा लीक करने के आरोपी.
    9. सुखप्रीत सिंह और करणबीर सिंह (पंजाब): ऑपरेशन “सिंदूर” के दौरान सेना की मूवमेंट की जानकारी लीक करने में शामिल पाए गए.

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    सोर्स- NDTV, TIMES NOW

  • PM Modi Dahod: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दाहोद में रेलवे लोकोमोटिव संयंत्र का उद्घाटन किया

    PM Modi Dahod: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दाहोद में रेलवे लोकोमोटिव संयंत्र का उद्घाटन किया

    दाहोद/गुजरात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के दो दिवसीय दौरे के दौरान दाहोद में (PM Modi Dahod) भारतीय रेलवे के आधुनिक लोकोमोटिव विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया. यह संयंत्र न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि निर्यात के लिए भी 9000 हॉर्सपावर (एचपी) के शक्तिशाली इलेक्ट्रिक इंजनों का उत्पादन करेगा. इस कदम से भारतीय रेलवे की माल ढुलाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे देश की आर्थिक प्रगति को और बल मिलेगा. PM Modi Dahod

    वडोदरा में भव्य रोड शो- PM Modi Dahod

    दाहोद पहुंचने से पहले, पीएम मोदी ने वडोदरा में एक रोड शो किया, जहां हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उमड़ पड़े. स्थानीय लोगों ने फूलों की वर्षा कर और नारों के साथ उनका स्वागत किया. यह रोड शो ऑपरेशन सिंदूर के बाद उनका पहला गुजरात दौरा था, जिसने इसे और भी खास बना दिया. रोड शो में भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी के परिवार ने भी हिस्सा लिया. उनकी जुड़वां बहन शायना सुनसारा और भाई संजय कुरैशी ने पीएम मोदी के प्रति अपनी खुशी और गर्व व्यक्त किया.

    शायना ने कहा, “प्रधानमंत्री से मिलना एक अविस्मरणीय अनुभव था. उन्होंने महिला सशक्तिकरण के लिए बहुत कुछ किया है. मेरी बहन सोफिया अब केवल मेरी नहीं, बल्कि पूरे देश की बहन है.” संजय ने भी कहा, “मोदी जी को इतने करीब से देखना और उनका अभिवादन पाना गर्व का क्षण था. मेरी बहन को सेना में सेवा का मौका देने के लिए मैं भारत सरकार का आभारी हूं.”

    दाहोद में रेलवे की नई पहल- PM Modi Dahod

    दाहोद में लोकोमोटिव विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन भारतीय रेलवे के लिए एक मील का पत्थर है. यह संयंत्र अत्याधुनिक तकनीक से लैस है और 9000 एचपी के इलेक्ट्रिक इंजन बनाएगा, जो माल ढुलाई के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए हैं. ये इंजन न केवल रेलवे की दक्षता बढ़ाएंगे, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी होंगे. इस संयंत्र से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे, जिससे दाहोद और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा.

    पीएम मोदी ने इस अवसर पर एक इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और लगभग 24,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन किया. उन्होंने एक सार्वजनिक समारोह को भी संबोधित किया, जिसमें उन्होंने गुजरात के विकास और रेलवे के आधुनिकीकरण पर जोर दिया.

    भुज में विकास की नई लहर- PM Modi Dahod

    दाहोद के बाद, प्रधानमंत्री भुज पहुंचे, जहां उन्होंने 53,400 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया. इन परियोजनाओं में सड़क, जल आपूर्ति, और बुनियादी ढांचे से संबंधित कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं. भुज में आयोजित एक सार्वजनिक समारोह में पीएम मोदी ने स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि गुजरात का विकास देश की प्रगति का आधार है.

    गांधीनगर में शहरी विकास का उत्सव- PM Modi Dahod

    अगले दिन, 27 मई को, पीएम मोदी गांधीनगर में गुजरात शहरी विकास की 20वीं वर्षगांठ के समारोह में शामिल होंगे. इस अवसर पर वे शहरी विकास वर्ष 2025 का शुभारंभ करेंगे और उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे. यह आयोजन गुजरात के शहरी विकास में एक नया अध्याय शुरू करने का प्रतीक होगा.

    गुजरात के लिए पीएम मोदी की प्रतिबद्धता

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा गुजरात के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है. रेलवे के आधुनिकीकरण से लेकर शहरी विकास तक, उनकी योजनाएं राज्य को एक नई दिशा दे रही हैं. दाहोद का लोकोमोटिव संयंत्र न केवल रेलवे की क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर रेल तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी बनाएगा.

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    सोर्स- JAGRAN

  • BIRD FLU CONFIRMED: गोरखपुर के शेरों की मौत की गुत्थी सुलझी, बर्ड फ्लू H5N1 वायरस की पुष्टि

    BIRD FLU CONFIRMED: गोरखपुर के शेरों की मौत की गुत्थी सुलझी, बर्ड फ्लू H5N1 वायरस की पुष्टि

    बरेली: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थित प्रसिद्ध अशफाक उल्ला खान प्राणी उद्यान (BIRD FLU CONFIRMED) में हाल ही में हुई शेरों की मौत के पीछे बर्ड फ्लू H5N1 वायरस की पुष्टि हुई है. भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI), बरेली की जांच रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया है. जिसके बाद राज्य सरकार ने गोरखपुर, लखनऊ और कानपुर के तीन प्रमुख चिड़ियाघरों को एहतियातन बंद करने का आदेश जारी किया है. BIRD FLU CONFIRMED

    बरेली में हुई H5N1 वायरस की पुष्टि- BIRD FLU CONFIRMED

    IVRI के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अभिजीत पावड़े ने बताया कि मृत शेरों के नमूनों में एवियन इंफ्लूएंजा वायरस (H5N1) की पुष्टि हुई है. यह वायरस मुख्य रूप से पक्षियों को संक्रमित करता है, लेकिन हाल के वर्षों में स्तनधारियों में भी इसके संक्रमण के दुर्लभ मामले सामने आए हैं. इसके बाद भोपाल स्थित उच्च सुरक्षा पशुरोग प्रयोगशाला (HSADL) में भी नमूनों की पुनः पुष्टि की गई.

    पशुपालन विभाग ने तीन चिड़ियाघरों को किया बंद- BIRD FLU CONFIRMED

    राज्य पशुपालन विभाग ने रिपोर्ट आने के बाद तुरंत प्रभाव से संक्रमण रोकने के लिए तीन (गोरखपुर, लखनऊ और कानपुर) चिड़ियाघरों को बंद कर पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी है. साथ ही चिड़ियाघरों में जैव-सुरक्षा को बढ़ाने के निर्देश जारी किए गए हैं. डॉ. पावड़े ने बताया कि सभी चिड़ियाघर कर्मचारियों और पशु चिकित्सकों के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (PPE) का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है. BIRD FLU CONFIRMED

    संपर्क में आए अन्य जानवरों की निगरानी बढ़ी

    उत्तर प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री ने कहा कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है. मृत शेरों के संपर्क में आए अन्य जानवरों और कर्मचारियों की स्वास्थ्य निगरानी बढ़ा दी गई है. उन्होंने आश्वासन दिया कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं ताकि अन्य जानवरों और कर्मचारियों की जान को कोई खतरा न हो.

    बर्डफ्लू से अन्य जानवरों में खतरा

    इस गंभीर घटना ने न केवल पशुप्रेमियों को बल्कि आम जनता को भी चिंता में डाल दिया है. विशेषज्ञों ने बताया कि इस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पूरी सतर्कता जरूरी है और अफवाहों से बचना चाहिए. उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि वे सरकारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और संक्रमण को फैलने से रोकने में सहयोग करें.

    चिड़ियाघर बंद रहने के कारण पर्यटकों और स्थानीय व्यापारियों को भी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है. वन विभाग और पशुपालन विभाग मिलकर इस संकट का सामना कर रहे हैं और संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठा रहे हैं.

    इस घटना से यह स्पष्ट हो गया है कि जैव-सुरक्षा उपायों को और भी कड़ा करने की जरूरत है ताकि भविष्य में इस तरह के खतरों से बचा जा सके. विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित जांच और समय पर सतर्कता ही ऐसे खतरनाक वायरस के प्रसार को रोकने में मददगार साबित होगी.

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