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  • DHONI RETIREMENT DECISION: CSK की विदाई जीत पर बोले धोनी; कहा- अभी समय है!

    DHONI RETIREMENT DECISION: CSK की विदाई जीत पर बोले धोनी; कहा- अभी समय है!

    मुंबई: चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 में अपने (DHONI RETIREMENT DECISION) आखिरी मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की, लेकिन कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने अपने भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की है. रविवार को गुजरात टाइटन्स (GT) के खिलाफ अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 83 रन की शानदार जीत के बाद धोनी ने कहा कि वे अपने भविष्य को लेकर जल्दबाज़ी में कोई फैसला नहीं करेंगे.

    धोनी ने मैच के बाद कहा, “मेरे पास फैसला करने के लिए 4-5 महीने हैं. कोई जल्दी नहीं है. हर साल शरीर को फिट रखने के लिए ज़्यादा मेहनत लगती है. यह क्रिकेट का उच्चतम स्तर है. जरूरी है कि आपके अंदर भूख हो, आप टीम के लिए कितना योगदान दे सकते हैं और टीम को आपकी ज़रूरत है या नहीं.”

    धोनी ने यह भी कहा कि वे फिलहाल रांची जाएंगे और कुछ समय परिवार और बाइक राइड्स के साथ बिताएंगे. इसके बाद दो-तीन महीने में फैसला लेंगे कि वे अगले सीज़न खेलेंगे या नहीं.

    CSK ने जीता आखिरी मुकाबला, फिर भी IPL 2025 से विदाई

    चेन्नई सुपर किंग्स ने IPL 2025 के मैच नंबर-67 में गुजरात टाइटन्स को 231 रन का विशाल लक्ष्य दिया. जवाब में GT की टीम 18.3 ओवर में 147 रन पर ढेर हो गई. यह चेन्नई के लिए सीजन का आखिरी मुकाबला था. उन्होंने 14 में से सिर्फ 4 मैच जीते और पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे 10वें स्थान पर रहे.

    दूसरी ओर, गुजरात टाइटन्स की यह 5वीं हार रही. GT फिलहाल 18 अंकों के साथ तालिका में शीर्ष पर बनी हुई है. हालांकि, टॉप-2 की स्थिति आने वाले लीग मैच तय करेंगे.

    धोनी का यह बयान उनके प्रशंसकों के लिए उम्मीद की किरण है कि वे शायद अगला सीजन फिर से मैदान पर देखें. लेकिन क्या वह वापसी करेंगे या यह अंतिम विदाई थी, इसका जवाब आने वाले महीनों में मिलेगा.

  • UP WEATHER ALERT: उत्तर प्रदेश 46 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट, जानें ताजा अपडेट

    UP WEATHER ALERT: उत्तर प्रदेश 46 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट, जानें ताजा अपडेट

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. गर्मी की तपिश से (UP WEATHER ALERT) परेशान लोगों को बारिश और तेज हवाओं ने राहत तो दी है, लेकिन इसके साथ ही आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं ने चिंता भी बढ़ा दी है. मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार, 25 मई 2025 को प्रदेश के 46 जिलों में बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. इस अलर्ट में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और कुछ इलाकों में बिजली गिरने की संभावना जताई गई है. आइए, जानते हैं इस मौसम परिवर्तन के बारे में विस्तार से.

    मौसम विभाग का अलर्ट: बारिश और आंधी की संभावना- UP WEATHER ALERT

    मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम में बदलाव का सिलसिला जारी रहेगा. खास तौर पर पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 46 जिलों में बारिश और मेघगर्जन की संभावना है. इन जिलों में शामिल हैं: UP WEATHER ALERT.

    • पूर्वी उत्तर प्रदेश: सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच
    • पश्चिमी उत्तर प्रदेश: सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, हापुड़, कासगंज, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं.
    • मध्य उत्तर प्रदेश: लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फरुखाबाद, कन्नौज, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, अम्बेडकरनगर.

    इन जिलों में बारिश के साथ-साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. इसके अलावा, मेघगर्जन और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है, जिसके चलते लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. UP WEATHER ALERT

    गर्मी से राहत, लेकिन बढ़ी दुर्घटनाओं की आशंका- UP WEATHER ALERT

    पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी का प्रकोप था. तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने से लोग परेशान थे. लेकिन अब बारिश और तेज हवाओं ने मौसम को सुहाना बना दिया है. खासकर ग्रामीण इलाकों में बारिश ने किसानों को भी राहत दी है. हालांकि, आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं ने दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा दिया है. पेड़ गिरने, बिजली के तार टूटने और बिजली गिरने की घटनाएं कुछ इलाकों में सामने आई हैं.

    मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या ऊंची जगहों पर न रहें. बिजली गिरने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर शरण लेना जरूरी है. इसके अलावा, तेज हवाओं के कारण कमजोर संरचनाओं और होर्डिंग्स के गिरने का खतरा भी बना हुआ है.

    मौसम परिवर्तन के कारण- UP WEATHER ALERT

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय चक्रवातीय गतिविधियों का परिणाम है. बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवाएं उत्तर भारत की ओर बढ़ रही हैं, जिसके कारण बारिश और मेघगर्जन की स्थिति बन रही है. इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर गर्मी और नमी के मिश्रण से आंधी और तेज हवाओं की स्थिति बन रही है. यह मौसमी बदलाव अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है.

    सावधानियां और सुझाव- UP WEATHER ALERT

    मौसम विभाग ने लोगों को कई सावधानियां बरतने की सलाह दी है:

    1. बिजली गिरने से बचाव: बारिश के दौरान खुले मैदानों में न रहें। अगर बाहर हैं, तो किसी सुरक्षित इमारत या गाड़ी में शरण लें.
    2. तेज हवाओं से सतर्कता: कमजोर पेड़ों, बिजली के खंभों और होर्डिंग्स से दूर रहें.
    3. यात्रा में सावधानी: बारिश और आंधी के कारण सड़कों पर फिसलन हो सकती है। ड्राइविंग करते समय सावधानी बरतें.
    4. किसानों के लिए सलाह: फसलों को तेज हवाओं और बारिश से बचाने के लिए उचित प्रबंधन करें.

    मौसम का असर और भविष्य की संभावना

    मौसम के इस बदलाव का असर न केवल आम लोगों पर, बल्कि कृषि और बुनियादी ढांचे पर भी पड़ रहा है. बारिश से जहां खेतों में नमी बढ़ी है, वहीं बिजली गिरने और आंधी से नुकसान की खबरें भी सामने आ रही हैं. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24-48 घंटों में मौसम का यह मिजाज बना रहेगा. कुछ इलाकों में भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है.

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    सोर्स- ETV BHARAT , JAGRAN

  • Preity Zinta Post on umpire: तीसरे अंपायर की गलती पर भड़कीं प्रीति जिंटा, कहा- “ऐसी गलतियां स्वीकार्य नहीं हैं”

    Preity Zinta Post on umpire: तीसरे अंपायर की गलती पर भड़कीं प्रीति जिंटा, कहा- “ऐसी गलतियां स्वीकार्य नहीं हैं”

    मुंबई: IPL 2025 के हाई-वोल्टेज मुकाबले में शनिवार को खेले गए पंजाब किंग्स (PBKS) और (Preity Zinta Post on umpire) दिल्ली कैपिटल्स (DC) के बीच हुए विवादित फैसले ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है. PBKS की सह-मालकिन और अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने तीसरे अंपायर के एक फैसले पर गुस्सा जाहिर करते हुए उसे “अस्वीकार्य” करार दिया है.

    मैच के दौरान, PBKS के बल्लेबाज शशांक सिंह ने 14वें ओवर की अंतिम गेंद पर एक बड़ा शॉट खेला, जिसे DC के फील्डर करुण नायर ने बाउंड्री पर रोका. ऑन-फील्ड अंपायर ने निर्णय को तीसरे अंपायर के पास भेजा. लेकिन तीसरे अंपायर ने इसे छक्का मानने से इनकार कर दिया और सिर्फ एक रन दिया गया. Preity Zinta Post on umpire

    प्रीति जिंटा का बयान

    प्रीति जिंटा ने मैच के बाद अपने X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट करते हुए इस फैसले पर नाराज़गी जताई। उन्होंने लिखा:

    “इतने हाई-प्रोफाइल टूर्नामेंट में, जहां तीसरे अंपायर के पास इतनी तकनीक उपलब्ध है, ऐसी गलतियां स्वीकार नहीं की जा सकतीं। मैंने मैच के बाद करुण से बात की और उसने कहा कि वो DEFINITELY एक छक्का था। मैं अब और कुछ नहीं कहूंगी।” Preity Zinta Post on umpire

    क्या था पूरा मामला?

    • शशांक सिंह का शॉट बाउंड्री के करीब करुण नायर ने पकड़ा.
    • बाउंड्री के बेहद नजदीक होने के कारण शक की स्थिति बनी.
    • तीसरे अंपायर ने कई बार वीडियो देखकर फैसला किया कि करुण का पैर बाउंड्री से नहीं टच हुआ, इसलिए रन नहीं दिया गया.
    • लेकिन करुण नायर ने मैच के बाद खुद प्रीति जिंटा से कहा कि वह शॉट छक्का था.

    सोशल मीडिया पर उठे सवाल

    इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर भी सवाल उठने लगे. क्रिकेट फैंस ने अंपायरिंग स्टैंडर्ड, VAR तकनीक, और फेयर प्ले को लेकर आलोचना की. कई फैंस ने प्रीति के बयान का समर्थन किया.

    दिल्ली की शानदार जीत

    मैच में दिल्ली कैपिटल्स के बल्लेबाज समीर रिजवी ने 25 गेंदों में 58 रनों की नाबाद तूफानी पारी खेलते हुए टीम को 207 रनों के लक्ष्य तक 19.3 ओवर में पहुंचाया. उनकी पारी में तीन चौके और चार छक्के शामिल रहे.

    प्लेऑफ में पहुंची पंजाब

    हालांकि यह हार पंजाब के लिए खास नुकसानदायक नहीं रही, क्योंकि टीम पहले ही प्लेऑफ में पहुंच चुकी है और 17 अंकों के साथ अंकतालिका में दूसरे स्थान पर बनी हुई है.

    प्रीति का दो टूक संदेश

    प्रीति जिंटा का यह बयान दर्शाता है कि वे सिर्फ टीम की मालकिन नहीं, बल्कि एक सजग क्रिकेट प्रेमी भी हैं जो खेल की निष्पक्षता में विश्वास रखती हैं. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि IPL जैसे टूर्नामेंट में अंपायरिंग की गुणवत्ता पर सवाल उठाना जरूरी है.

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  • CBSE Sugar Board: बच्चों में बढ़ती डायबिटीज पर CBSE की अनोखी पहल, PM मोदी ने सराहा कदम

    CBSE Sugar Board: बच्चों में बढ़ती डायबिटीज पर CBSE की अनोखी पहल, PM मोदी ने सराहा कदम

    नई दिल्ली: देश में बच्चों में तेजी से बढ़ रही टाइप-2 डायबिटीज और अत्यधिक शुगर सेवन (CBSE Sugar Board) की प्रवृत्ति पर नियंत्रण पाने के लिए CBSE (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) ने एक ऐतिहासिक और जागरूकता भरा कदम उठाया है. बोर्ड ने हाल ही में देशभर के सभी संबद्ध स्कूलों को आदेश दिया है कि वे 15 जुलाई 2025 तक ‘शुगर बोर्ड’ (Sugar Boards) अनिवार्य रूप से स्थापित करें. इस पहल का उद्देश्य छात्रों को अत्यधिक चीनी सेवन से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान के बारे में जानकारी देना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में इस कदम की जमकर प्रशंसा की.

    बच्चों में बढ़ती टाइप-2 डायबिटीज चिंता का विषय- CBSE Sugar Board

    पिछले एक दशक में भारत में बच्चों में टाइप-2 डायबिटीज, मोटापा और शुगर से जुड़ी बीमारियों में चिंताजनक वृद्धि हुई है. यह बीमारियाँ पहले सिर्फ वयस्कों में देखी जाती थीं, लेकिन अब बच्चों में भी इनके मामले तेजी से सामने आ रहे हैं. इसका सबसे बड़ा कारण स्कूलों में उपलब्ध मिठाइयों, चॉकलेट, मीठे पेय और जंक फूड्स की भरमार मानी जा रही है. CBSE Sugar Board

    क्या है ‘शुगर बोर्ड’?

    CBSE द्वारा निर्देशित ‘शुगर बोर्ड’ एक शैक्षिक उपकरण की तरह काम करेगा. यह बोर्ड स्कूलों की दीवारों पर लगाए जाएंगे और इनमें विभिन्न खाद्य व पेय पदार्थों में मौजूद शुगर की मात्रा को स्पष्ट रूप से दिखाया जाएगा. CBSE Sugar Board
    इस बोर्ड में निम्न जानकारियाँ दी जाएंगी:-

    • प्रति दिन शुगर सेवन की सिफारिशित मात्रा
    • लोकप्रिय खाद्य पदार्थों और पेयों में मौजूद शुगर की मात्रा
    • अत्यधिक चीनी सेवन से होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं
    • स्वास्थ्यवर्धक खाद्य विकल्पों के सुझाव

    इस पहल के अंतर्गत सभी स्कूलों को छात्रों के लिए हेल्थ अवेयरनेस सेमिनार, कार्यशालाएं और पोस्टर प्रदर्शनी भी आयोजित करनी होंगी.

    पीएम मोदी ने की सराहना

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए ‘मन की बात’ के 122वें एपिसोड में कहा –
    “आपने स्कूलों में ब्लैकबोर्ड तो देखे होंगे, लेकिन अब कुछ स्कूलों में शुगर बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं. यह एक अनूठा प्रयास है जो बच्चों को छोटी उम्र से ही हेल्दी विकल्प चुनने के लिए प्रेरित करेगा.”

    उन्होंने आगे कहा,
    “स्वस्थ जीवनशैली की आदतें बचपन से डालना जरूरी है. फिट इंडिया ही मजबूत भारत की नींव है। इस पहल को सिर्फ स्कूलों तक ही सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि दफ्तरों, कैंटीनों और संस्थानों में भी इसे लागू करना चाहिए।”

    CBSE और NCPCR का निर्देश

    इस निर्णय के पीछे नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (NCPCR) की सिफारिश थी. बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर NCPCR ने CBSE को यह निर्देश दिया कि स्कूलों में शुगर जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए ‘शुगर बोर्ड’ अनिवार्य किए जाएं.

    CBSE ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि सभी स्कूल इस निर्देश का पालन करें और 15 जुलाई 2025 तक सभी आवश्यक कार्यवाही पूरी कर लें। बोर्ड के मुताबिक, “अधिकांश बच्चों को यह जानकारी ही नहीं होती कि वे रोज़ कितनी चीनी का सेवन कर रहे हैं और उससे उनके शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है.”

    स्कूलों में आयोजित होंगी वर्कशॉप्स

    CBSE ने कहा है कि स्कूल केवल बोर्ड लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ी वर्कशॉप्स और सेमिनार्स भी नियमित तौर पर आयोजित करें. इन कार्यक्रमों के जरिए बच्चों और उनके अभिभावकों को स्वस्थ खानपान की आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा.

    अभिभावकों की भी मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया

    कई माता-पिता ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे बच्चों की आदतों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है. एक अभिभावक ने बताया,
    “हम बच्चों को मिठाई और कोल्ड ड्रिंक से कितना भी रोकें, लेकिन जब तक स्कूल का वातावरण नहीं बदलेगा, तब तक सुधार मुश्किल है। CBSE का यह कदम स्वागतयोग्य है.”

    फिट इंडिया के साथ जुड़ता नया आयाम

    प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ को अब शिक्षा के क्षेत्र में भी मजबूती मिलती दिखाई दे रही है. शुगर बोर्ड की यह पहल न सिर्फ स्कूली छात्रों के स्वास्थ्य को सुरक्षित बनाएगी बल्कि भारत को एक फिट और स्वस्थ राष्ट्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.

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    सोर्स- THE HINDU

  • Mann Ki Baat का 122वां एपिसोड: PM मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को बताया बदलते भारत की तस्वीर

    Mann Ki Baat का 122वां एपिसोड: PM मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को बताया बदलते भारत की तस्वीर

    नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” (Mann Ki Baat) के 122वें संस्करण में राष्ट्र को संबोधित करते हुए आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में भारत की सशक्त भूमिका और गौरवशाली सैन्य पराक्रम की सराहना की. इस दौरान उन्होंने हाल में संपन्न हुए “ऑपरेशन सिंदूर” को विशेष रूप से रेखांकित किया, जो आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति और बदलते राष्ट्रीय दृष्टिकोण का प्रतीक बनकर उभरा है.

    प्रधानमंत्री ने कहा कि “आज हर भारतीय का संकल्प है – आतंकवाद को जड़ से खत्म करना.” ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना द्वारा जिस साहस और सटीकता के साथ आतंकवादी ठिकानों पर प्रहार किया गया, वह “असाधारण और प्रेरणादायक” है. उन्होंने इसे केवल एक सैन्य मिशन नहीं, बल्कि नए भारत की तस्वीर, संकल्प और साहस का प्रतीक बताया. Mann Ki Baat

    https://twitter.com/DDNewsHindi/status/1926529918105727233

    ऑपरेशन सिंदूर: देशभक्ति की लहर और जनसहभागिता- Mann Ki Baat

    प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारतवासियों के दिलों में देशभक्ति की एक नई ज्वाला जलाई है. कई शहरों, कस्बों और गांवों में तिरंगा यात्राएं निकाली गईं. हजारों नागरिक सड़कों पर उतर आए, हाथों में तिरंगा लिए, अपने वीरों को नमन करने और राष्ट्र के प्रति समर्पण व्यक्त करने. Mann Ki Baat

    इतना ही नहीं, पीएम मोदी ने भावुक होते हुए बताया कि कई परिवारों ने अपने नवजात बच्चों का नाम ‘सिंदूर’ रखा, जिससे यह अभियान लोगों के जीवन का हिस्सा बन गया है. बिहार के कटिहार, उत्तर प्रदेश के कुशीनगर और अन्य कई क्षेत्रों में यह देशभक्ति की भावना का नया प्रतीक बन गया. Mann Ki Baat

    उन्होंने आगे कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर ने दुनियाभर में आतंकवाद के खिलाफ एक स्पष्ट और मजबूत संदेश दिया है. इससे भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि भी और मजबूत हुई है.” यह बदलते भारत की झलक है – एक ऐसा भारत जो अब आतंक के हर स्वरूप का जवाब देने में सक्षम है. Mann Ki Baat

    सीमापार कार्रवाई: सेना की सटीकता को सराहा

    पीएम मोदी ने यह स्पष्ट किया कि सेना की रणनीति और संचालन में दिखी सटीकता अद्वितीय है. सीमापार जाकर दुश्मनों के अड्डों को तबाह करना और आतंकवादियों को जवाब देना, भारत की सैन्य क्षमताओं और राष्ट्रीय सुरक्षा में उन्नत दृष्टिकोण का प्रतीक है.

    उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ गोलियों और बंदूकों की कहानी नहीं, बल्कि भारत के बदलते आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति की कहानी है. इसके बाद भारतवासियों ने न केवल सोशल मीडिया पर अपना समर्थन जताया, बल्कि जनजागरूकता अभियानों और शांति रैलियों में भी भाग लिया.

    शेरों के संरक्षण पर भी बोले प्रधानमंत्री

    इस बार के मन की बात में प्रधानमंत्री मोदी ने पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की भी चर्चा की. उन्होंने गुजरात के गिर वन में शेरों की संख्या में वृद्धि को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की.

    प्रधानमंत्री ने कहा, “शेरों की आबादी पिछले 5 वर्षों में 674 से बढ़कर 891 हो गई है. यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि हमारी पर्यावरणीय प्रतिबद्धता का प्रमाण है.”

    उन्होंने कहा कि भारत अब न केवल आतंक के खिलाफ एकजुट है, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों और जैव विविधता की रक्षा में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है. शेरों की संख्या में यह वृद्धि सामूहिक प्रयासों, वन अधिकारियों की मेहनत और सरकार की नीतियों का परिणाम है.

    वन विभाग में महिलाओं की भागीदारी

    प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर वन विभाग में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि अब अधिक महिलाएं वन रक्षकों और पर्यावरण अधिकारियों के रूप में कार्य कर रही हैं. यह न केवल लैंगिक समानता की दिशा में सकारात्मक कदम है, बल्कि भारत के समावेशी विकास मॉडल को भी दर्शाता है.

    मन की बात बना राष्ट्रीय प्रेरणा का माध्यम

    ‘मन की बात’ के इस संस्करण ने एक बार फिर साबित किया कि यह कार्यक्रम केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और समाज को दिशा देने का एक प्रभावशाली मंच बन गया है.

    ऑपरेशन सिंदूर और शेरों के संरक्षण जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में लाकर प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल लोगों में जागरूकता बढ़ाई, बल्कि एकजुटता, सम्मान और आत्मगौरव की भावना को भी मजबूती प्रदान की.

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  • iPhone Price Hike: ट्रंप की चेतावनी; अमेरिका में न बने iPhone तो Apple को 25% टैरिफ देना होगा

    iPhone Price Hike: ट्रंप की चेतावनी; अमेरिका में न बने iPhone तो Apple को 25% टैरिफ देना होगा

    नई दिल्ली: हाल के दिनों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टेक्नोलॉजी दिग्गज ऐपल (iPhone Price Hike) को एक बार फिर निशाने पर लिया है. ट्रंप ने ऐपल पर 25% टैरिफ लगाने की धमकी दी है, अगर कंपनी अमेरिका में बिकने वाले iPhone का निर्माण अमेरिका में नहीं करती. यह धमकी ऐपल के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकती है, क्योंकि कंपनी पहले ही अपनी मैन्युफैक्चरिंग को चीन से भारत और अन्य देशों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया में है. इस लेख में हम इस मुद्दे की गहराई से पड़ताल करेंगे और समझेंगे कि ट्रंप की इस नीति का ऐपल और iPhone यूजर्स पर क्या प्रभाव पड़ सकता है.

    ट्रंप का Truth Social पर बयान- iPhone Price Hike

    डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पोस्ट में ऐपल के CEO टिम कुक को साफ शब्दों में चेतावनी दी. उन्होंने लिखा, “मैंने टिम कुक को पहले ही बता दिया है कि अमेरिका में बिकने वाले iPhone को अमेरिका में ही बनाना होगा, न कि भारत या किसी अन्य देश में. अगर ऐसा नहीं होता, तो ऐपल को कम से कम 25% टैरिफ का सामना करना पड़ेगा.” यह बयान न केवल ऐपल के लिए बल्कि पूरी टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा संदेश है. ट्रंप की यह नीति उनकी ‘मेक इन अमेरिका’ नीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसका मकसद अमेरिका में रोजगार और उत्पादन को बढ़ावा देना है.iPhone Price Hike

    ऐपल की मैन्युफैक्चरिंग रणनीति- iPhone Price Hike

    पिछले कुछ सालों में ऐपल ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग को चीन से बाहर निकालने की रणनीति पर काम शुरू किया था. इसका कारण था अमेरिका और चीन के बीच बढ़ता व्यापारिक तनाव और लागत में कमी लाने की जरूरत. भारत इस रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है. ऐपल ने भारत में फॉक्सकॉन और पेगाट्रॉन जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी कर iPhone के कई मॉडल्स का उत्पादन शुरू किया है. भारत में निर्मित iPhone न केवल स्थानीय बाजार के लिए हैं, बल्कि इन्हें निर्यात भी किया जा रहा है.

    हालांकि, ट्रंप की नई धमकी ने ऐपल की इस रणनीति पर सवालिया निशान लगा दिया है. अगर ऐपल को अमेरिका में iPhone का निर्माण करना पड़ेगा, तो कंपनी को भारी निवेश और नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स की जरूरत होगी. इससे न केवल लागत बढ़ेगी, बल्कि कंपनी की सप्लाई चेन में भी बड़ा बदलाव करना पड़ेगा.iPhone Price Hike

    iPhone की कीमतों पर असर

    ट्रंप के इस टैरिफ प्रस्ताव का सबसे बड़ा प्रभाव iPhone की कीमतों पर पड़ सकता है. अगर ऐपल को 25% टैरिफ देना पड़ा, तो कंपनी के पास दो विकल्प होंगे: या तो वह इस अतिरिक्त लागत को खुद वहन करेगी, जिससे उसका मुनाफा कम होगा, या फिर वह इस लागत को ग्राहकों पर डालेगी, जिससे iPhone की कीमतें बढ़ जाएंगी.iPhone Price Hike

    ऐपल के प्रीमियम स्मार्टफोन्स पहले से ही महंगे हैं, और कीमतों में और इजाफा होने से अमेरिकी बाजार में इसकी बिक्री पर असर पड़ सकता है. उदाहरण के लिए, अगर iPhone 16 की कीमत $799 से शुरू होती है, तो 25% टैरिफ के बाद इसकी कीमत $1000 के करीब पहुंच सकती है. इससे न केवल आम ग्राहकों को नुकसान होगा, बल्कि ऐपल की प्रतिस्पर्धा पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि सैमसंग और गूगल जैसे प्रतिद्वंद्वी ब्रांड्स सस्ते विकल्प पेश कर सकते हैं.

    भारत और चीन पर ट्रंप का रुख- iPhone Price Hike

    यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने ऐपल को भारत में मैन्युफैक्चरिंग न करने की सलाह दी है. हाल ही में दोहा में एक बिजनेस मीटिंग के दौरान ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने टिम कुक से भारत में iPhone बनाने से मना किया है. उनका मानना है कि ऐपल को अमेरिका में निवेश करना चाहिए ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा हो.

    पिछले कुछ महीनों में जब ट्रंप ने चीन और भारत पर अलग-अलग टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, तब ऐपल ने जल्दबाजी में भारत और चीन में बने iPhone को हवाई जहाज के जरिए अमेरिका भेजा था. उस समय ट्रंप ने टैरिफ लागू करने की तारीख को आगे बढ़ा दिया था, जिससे ऐपल को कुछ राहत मिली थी. लेकिन अब ट्रंप का नया बयान इस बात का संकेत है कि वह अपनी नीति पर सख्ती से अमल करने के मूड में हैं.

    ऐपल के लिए चुनौतियां

    ऐपल के सामने कई चुनौतियां हैं. पहली चुनौती है अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग शुरू करने की लागत. अमेरिका में श्रम लागत और बुनियादी ढांचे की लागत भारत और चीन की तुलना में काफी अधिक है. दूसरी चुनौती है सप्लाई चेन का पुनर्गठन. ऐपल की सप्लाई चेन कई देशों में फैली हुई है, और इसे पूरी तरह अमेरिका में शिफ्ट करना आसान नहीं होगा. तीसरी चुनौती है बाजार में प्रतिस्पर्धा. अगर iPhone की कीमतें बढ़ती हैं, तो ग्राहक अन्य ब्रांड्स की ओर रुख कर सकते हैं.

    इसके अलावा, भारत में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए ऐपल ने भारत सरकार के साथ कई समझौते किए हैं. भारत में ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत ऐपल को कई छूट और सुविधाएं मिल रही हैं. अगर ऐपल भारत से अपनी मैन्युफैक्चरिंग को कम करता है, तो इससे भारत में रोजगार और निवेश पर भी असर पड़ सकता है.

    भविष्य की संभावनाएं

    ऐपल के लिए यह एक जटिल स्थिति है. कंपनी को ट्रंप की नीतियों, ग्राहकों की अपेक्षाओं और अपनी व्यावसायिक रणनीति के बीच संतुलन बनाना होगा. एक संभावना यह है कि ऐपल अमेरिका में कुछ मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स शुरू करे, लेकिन पूरी तरह से अपनी सप्लाई चेन को अमेरिका में शिफ्ट करना व्यावहारिक नहीं होगा. दूसरी संभावना यह है कि ऐपल टैरिफ की लागत को अपने मुनाफे से वहन करे, लेकिन इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति पर असर पड़ सकता है.

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    सोर्स- ETV BHARAT

  • Etawah Bird Flu: इटावा सफारी पार्क में बर्ड फ्लू का अलर्ट, कर्मचारियों की जांच को लगाया गया मेडिकल कैंप

    Etawah Bird Flu: इटावा सफारी पार्क में बर्ड फ्लू का अलर्ट, कर्मचारियों की जांच को लगाया गया मेडिकल कैंप

    इटावा: बढ़ते बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) के मामलों को लेकर सतर्क इटावा सफारी पार्क प्रशासन ने (Etawah Bird Flu) संक्रमण से निपटने के लिए बड़ा कदम उठाया है. शुक्रवार को भारत सरकार के निर्देशों पर सफारी पार्क में एक विशेष चिकित्सा शिविर लगाया गया, जिसमें कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच की गई. यह शिविर डॉ. भीमराव अंबेडकर जिला संयुक्त चिकित्सालय के सहयोग से आयोजित हुआ, जिसमें सफारी के 60 से अधिक कर्मचारियों के स्वास्थ्य नमूने लिए गए.

    संक्रमण की रोकथाम के लिए सख्ती- Etawah Bird Flu

    वन विभाग और सफारी प्रबंधन ने मिलकर पार्क में सख्त निगरानी और स्वच्छता उपाय लागू किए हैं. इसमें निम्नलिखित प्रमुख कदम शामिल हैं: Etawah Bird Flu

    • नियमित सैनिटाइजेशन: पार्क के विभिन्न क्षेत्रों और जानवरों के बाड़ों की निरंतर सफाई व कीटाणुशोधन किया जा रहा है.
    • कर्मचारियों की जांच: हर कर्मचारी की नियमित जांच हो रही है और लक्षण पाए जाने पर उन्हें वन्यजीवों के संपर्क से दूर रखा जा रहा है.
    • गहन निगरानी: पशुओं और पक्षियों की सेहत पर वन अधिकारियों की विशेष नजर बनी हुई है.

    क्या है एवियन इन्फ्लूएंजा?

    एवियन इन्फ्लूएंजा एक संक्रामक वायरस जनित रोग है, जो मुख्य रूप से पक्षियों में फैलता है लेकिन दुर्लभ मामलों में मनुष्यों और अन्य जानवरों में भी संचारित हो सकता है. इसके प्रमुख लक्षणों में बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ और गंभीर मामलों में निमोनिया शामिल हैं.

    डॉक्टरों का कहना है कि समय रहते जांच और संक्रमण से दूरी रखने से इस वायरस से बचा जा सकता है. इसीलिए, नमूनों की रिपोर्ट आने तक सभी कर्मचारियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. Etawah Bird Flu

    आगंतुकों से अपील

    सफारी प्रशासन ने आम नागरिकों और आगंतुकों से अनुरोध किया है कि वे सफारी पार्क में भ्रमण के दौरान सभी स्वास्थ्य नियमों का पालन करें और किसी भी असामान्य लक्षण की स्थिति में तुरंत वन्यजीव अधिकारियों को जानकारी दें.

    इटावा सफारी पार्क की यह पहल न केवल कर्मचारियों बल्कि पशु-पक्षियों और आगंतुकों की सुरक्षा की दिशा में एक सकारात्मक कदम है. अगर समय रहते सतर्कता बरती जाए, तो इस खतरनाक संक्रमण से प्रभावी रूप से बचा जा सकता है. Etawah Bird Flu

    व्यक्तिगत सुरक्षा के उपाय:

    1. कच्चे पोल्ट्री उत्पादों से दूरी:
      अधपके या कच्चे अंडे व चिकन का सेवन न करें. पूरी तरह पकाकर ही खाएं.
    2. साफ-सफाई बनाए रखें:
      हाथों को साबुन से नियमित धोएं, खासकर पक्षियों के संपर्क में आने के बाद.
    3. बीमार पक्षियों से दूरी:
      किसी भी बीमार या मरे हुए पक्षी के पास न जाएं. यदि दिखाई दें तो स्थानीय प्रशासन को सूचित करें.
    4. मास्क और दस्ताने का उपयोग:
      पोल्ट्री फार्म या पक्षियों के आसपास जाते समय मास्क व दस्ताने पहनें.

    🧹 घर और आसपास की साफ-सफाई:

    1. पक्षियों के पिंजरे या क्षेत्र की नियमित सफाई करें.
    2. कचरा ढककर रखें, ताकि पक्षियों को भोजन न मिले.

    🚫 क्या न करें:

    बीमार पक्षियों को छूने से बचें.

    • खुले में पोल्ट्री उत्पाद न काटें या बेचें.
    • बिना सुरक्षा उपकरण के पोल्ट्री शेड में प्रवेश न करें.

    🏥 लक्षण नजर आएं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

    मुख्य लक्षण:

    • बुखार
    • गले में खराश
    • खांसी
    • सांस लेने में कठिनाई
    • शरीर में दर्द

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    सोर्स- Mayo Clinic

  • Etawah School Bee Attack: इटावा में योगाभ्यास के दौरान मधुमक्खियों का हमला, आधा दर्जन बच्चे घायल

    Etawah School Bee Attack: इटावा में योगाभ्यास के दौरान मधुमक्खियों का हमला, आधा दर्जन बच्चे घायल

    इटावा: जनपद के बकेवर क्षेत्र स्थित ग्राम व्यासपुरा के उच्च प्राथमिक विद्यालय में एक भयावह हादसा (Etawah school Bee Attack) हो गया. समर कैंप के तहत योगाभ्यास कर रहे बच्चों पर अचानक मधुमक्खियों का हमला हो गया, जिससे आधा दर्जन छात्र-छात्राएं घायल हो गए. यह हादसा उस वक्त हुआ जब स्कूल परिसर में बरगद के पेड़ से मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता टूटकर नीचे गिरा.

    योगाभ्यास के दौरान टूटा छत्ता- Etawah school Bee Attack

    गर्मियों की छुट्टियों के मद्देनज़र शासन के निर्देशानुसार समर कैंप का आयोजन किया गया था. बुधवार सुबह जब प्रशिक्षक बच्चों को योग सिखा रहे थे, तभी स्कूल परिसर में स्थित एक पुराने बरगद के पेड़ पर लगा मधुमक्खियों का छत्ता टूटकर गिर गया. छत्ता गिरते ही सैकड़ों मधुमक्खियाँ बच्चों पर टूट पड़ीं, जिससे अफरातफरी मच गई. Etawah school Bee Attack

    खेतों की ओर भागे बच्चे, कई गंभीर घायल

    योगाभ्यास में भाग ले रहे करीब 18 बच्चों में से कई जान बचाने के लिए खेतों की ओर दौड़ पड़े, जबकि छात्रा अंशिका, छात्र कृष्णा, शिवम् रौबी सहित छह बच्चों को मधुमक्खियों ने डंक मारकर बुरी तरह घायल कर दिया. समर कैंप के प्रशिक्षक ललित कुमार और प्रदीप कुमार ने तत्परता दिखाते हुए स्कूल के प्रधानाध्यापक जितेन्द्र त्रिपाठी को सूचित किया. उन्होंने तुरंत बच्चों को निजी अस्पताल पहुंचाया.

    🏥 इलाज के बाद बच्चों को सौंपा गया परिजनों को

    प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायल बच्चों को उनके अभिभावकों के सुपुर्द किया गया. घटना के बाद बच्चों में डर और भय का माहौल है. हालांकि, जैसे ही मधुमक्खियों का आवेश शांत हुआ, बाकी बच्चों को हल्का नाश्ता देकर घर भेज दिया गया. स्कूल प्रशासन ने घटना की रिपोर्ट जिला शिक्षा विभाग को भी सौंप दी है.

    📊 मधुमक्खी हमले पर जानकारी एक नजर में:

    घटनाविवरण
    घटना स्थलव्यासपुरा, बकेवर, इटावा
    समय व दिनांकबुधवार सुबह, समर कैंप का दूसरा दिन
    छात्र घायल6 छात्र-छात्राएं
    प्रमुख घायल छात्रअंशिका, कृष्णा, शिवम् रौबी
    उपचार स्थाननिजी अस्पताल, इटावा
    समर कैंप प्रशिक्षकललित कुमार, प्रदीप कुमार
    स्कूल प्रधानाध्यापकजितेन्द्र त्रिपाठी

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    Alert on Corona: 3 एशियाई देशों में कोरोना के 47,000 से ज्यादा केस, जानिए भारत का क्या है हाल

    नई दिल्ली: कोरोना का खतरा फिर लौट आया है. सिंगापुर, थाईलैंड, हॉन्गकॉन्ग और चीन जैसे एशियाई देशों में कोविड (Alert on Corona) मामलों में तेज़ बढ़त देखने को मिल रही है. सिंगापुर में 13 मई तक 14,200 नए केस दर्ज किए गए, जबकि थाईलैंड में 17 मई तक 33,030 मामले सामने आए. भारत में भी 12 मई के बाद केसों में बढ़ोतरी देखने को मिली है, हालांकि यहां अभी हालात गंभीर नहीं हैं.

    स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, भारत में 257 एक्टिव केस हैं. महाराष्ट्र, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में केसों की संख्या अधिक देखी जा रही है. मुंबई में दो मरीजों की मौत भी हुई है, जिन्हें पहले से गंभीर बीमारियां थीं. विशेषज्ञों के अनुसार इस बार का वैरिएंट अधिक खतरनाक नहीं है, लेकिन सतर्कता ज़रूरी है. Alert on Corona

    सिंगापुर में कोविड की स्थिति- Alert on Corona

    13 मई 2025 तक सिंगापुर में कोविड के कुल 14,200 नए मामले दर्ज किए गए. पिछले हफ्ते तक यह आंकड़ा 11,100 था. अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या भी बढ़कर 133 हो गई है. हालांकि, सिंगापुर की कम्युनिकेबल डिजीजेज एजेंसी (CDA) का कहना है कि यह नया वैरिएंट ज्यादा घातक नहीं है और इसका असर सामान्य फ्लू जैसा है.

    डॉक्टरों का कहना है कि यह कोविड संक्रमण 3-4 दिनों के फ्लू जैसा है और डरने की जरूरत नहीं है. वैक्सीनेटेड लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत कम पड़ रही है.

    थाईलैंड में केस दोगुने- Alert on Corona

    थाईलैंड में 11 से 17 मई के बीच 33,030 कोविड मामले दर्ज किए गए हैं, जो कि पिछले सप्ताह के मुकाबले दोगुने हैं. पिछले सप्ताह 16,000 केस रिपोर्ट हुए थे. राजधानी बैंकॉक में अकेले 6,290 केस सामने आए हैं.

    सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, 1,918 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और दो लोगों की मौत की पुष्टि की गई है. फिर भी थाई सरकार का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है और स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह तैयार हैं.

    Alert on Corona- भारत में कोविड का ताजा हाल

    भारत में 12-18 मई के बीच 164 नए केस रिपोर्ट हुए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 19 मई तक भारत में कुल 257 एक्टिव केस हैं. राज्यों में महाराष्ट्र, केरल और तमिलनाडु में सबसे ज्यादा केस मिले हैं.

    राज्यवार कोविड की स्थिति (मई 2025):

    राज्यएक्टिव केस (19 मई 2025)अस्पताल में भर्तीमौतें
    केरल95नहीं0
    तमिलनाडु66नहीं0
    महाराष्ट्र56 (राज्य दावा: 106)162

    केरल में मई के महीने में कुल 182 केस सामने आए हैं. कोट्टायम, एर्नाकुलम और तिरुवनंतपुरम जैसे जिलों में सबसे ज्यादा संक्रमण देखा गया.

    क्या भारत को चिंता करनी चाहिए?

    दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि भारत में ज्यादातर लोग वैक्सीनेटेड हैं, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है, जिन लोगों में लक्षण दिखें, उन्हें आइसोलेट होना चाहिए और मास्क का उपयोग करना चाहिए.

    महाराष्ट्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर का कहना है कि कोविड के साथ जीने की आदत बनानी होगी. लोग घबराएं नहीं, अगर जरूरत हो तो डॉक्टर से संपर्क करें.

    क्या वैक्सीन की फिर जरूरत है?

    अब तक कोई नया वैक्सीन प्रोटोकॉल नहीं घोषित किया गया है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि जिन लोगों ने पहले टीकाकरण करवा लिया है, उन्हें गंभीर खतरा नहीं है. हालांकि, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

    कैसे बरतें सावधानी?

    • सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहनें.
    • लक्षण दिखने पर तुरंत टेस्ट कराएं.
    • खुद को आइसोलेट करें.
    • बार-बार हाथ धोएं और सैनिटाइजर का प्रयोग करें.
    • जरूरत पड़े तो डॉक्टर से सलाह लें.

    भारत में अब तक कोरोना की स्थिति

    भारत में कोरोना वायरस की पहली लहर 2020 की शुरुआत में आई, जिसने देश को अचानक से लॉकडाउन की स्थिति में पहुंचा दिया. मार्च 2020 में पूरे देश में पहला पूर्ण लॉकडाउन लगाया गया था, जिसने वायरस के प्रसार को सीमित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इस दौरान सभी सार्वजनिक स्थान, कार्यालय, स्कूल और यातायात सेवाएं बंद कर दी गई थीं.

    दूसरी लहर, जो अप्रैल-मई 2021 में आई, सबसे विनाशकारी रही. डेल्टा वैरिएंट के कारण लाखों लोग संक्रमित हुए और देश भर के अस्पतालों में ऑक्सीजन की भारी कमी देखने को मिली. इस गंभीर संकट के दौरान केंद्र और राज्य सरकारों ने अस्थाई कोविड सेंटर बनाए, ऑक्सीजन ट्रेनों की शुरुआत की और विदेशों से मेडिकल सहायता मंगवाई.

    भारत ने चलाया सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान

    भारत सरकार ने महामारी से लड़ने के लिए कोविड टीकाकरण अभियान की शुरुआत जनवरी 2021 में की. “कोविन” पोर्टल के माध्यम से वैक्सीनेशन की निगरानी की गई और करोड़ों लोगों को कोविशील्ड, कोवैक्सिन और बाद में बूस्टर डोज भी दी गई. यह दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान बना.

    इसके साथ ही सरकार ने मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइज़र के उपयोग को अनिवार्य किया. समय-समय पर दिशा-निर्देश और कंटेनमेंट ज़ोन नीति लागू कर संक्रमण की श्रृंखला तोड़ने की कोशिश की गई. इन प्रयासों से भारत ने कोरोना पर काफी हद तक नियंत्रण पाया.

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    सोर्स- भारत में कोविड-19 की स्थिति, NBT

  • VARANASI POLICE ENCOUNTER: वाराणसी में पुलिस ने मुठभेड़ में 6 बदमाशों को दबोचा, 3 को लगी गोली

    VARANASI POLICE ENCOUNTER: वाराणसी में पुलिस ने मुठभेड़ में 6 बदमाशों को दबोचा, 3 को लगी गोली

    वाराणसी: रामनगर इलाके के डोमरी क्षेत्र में मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात (VARANASI POLICE ENCOUNTER) पुलिस और एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) टीम की छह बदमाशों के एक गिरोह से सीधी मुठभेड़ हो गई. बदमाशों ने पुलिस को देखते ही ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की. इस मुठभेड़ में तीन बदमाश घायल हो गए जबकि तीन अन्य को दौड़ाकर दबोच लिया गया.

    करोड़ों रुपये की चोरी का खुलासा- VARANASI POLICE ENCOUNTER

    पुलिस के मुताबिक, यह वही गिरोह है जिसने हाल ही में संकटमोचन मंदिर के महंत वीके मिश्रा के आवास में करोड़ों रुपये की चोरी की थी. सभी आरोपी उस चोरी के माल का बंटवारा करने के लिए रामनगर क्षेत्र में एकत्रित हुए थे. पुलिस को जैसे ही इसकी सूचना मिली, तुरंत डोमरी इलाके में घेराबंदी कर कार्रवाई की गई.VARANASI POLICE ENCOUNTER

    डीसीपी काशी ज़ोन गौरव बंसवाल ने किया खुलासा- VARANASI POLICE ENCOUNTER

    घटना की पुष्टि करते हुए डीसीपी काशी ज़ोन गौरव बंसवाल ने बताया कि रात करीब एक बजे पुलिस और बदमाशों के बीच आमना-सामना हुआ. बदमाशों ने पहले फायरिंग शुरू की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला. गोलीबारी में तीन बदमाशों को पैर में गोली लगी, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. तीन अन्य बदमाशों को घटनास्थल से भागने की कोशिश में दबोच लिया गया. हालांकि, एक बदमाश मौका पाकर भाग निकला जिसकी तलाश अब भी जारी है. VARANASI POLICE ENCOUNTER

    पकड़े गए बदमाश यूपी और बिहार निवासी

    पकड़े गए बदमाशों में से तीन बिहार और तीन उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के निवासी हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि सभी आरोपी पूर्व में महंत वीके मिश्रा के आवास पर कर्मचारी के रूप में काम कर चुके हैं. पुलिस ने बताया कि इनके पास से तमंचा, जिंदा कारतूस, नगदी, दस्तावेज और चोरी का करोड़ों का माल बरामद किया गया है. शेष सामान को भी जल्द ही आरोपियों की निशानदेही पर बरामद कर लिया जाएगा.

    सीसीटीवी फुटेज में सभी बदमाश वारदात के दौरान कैद हुए थे, जिससे उनकी पहचान और गिरफ्तारी में मदद मिली. पुलिस और एसओजी टीम की इस सफलता के बाद इलाके में सुरक्षा को लेकर आमजन में भरोसा बढ़ा है.

    पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए

    मौके पर पहुंचे एडीसीपी काशी सरवणन टी. और डीसीपी गौरव बंसवाल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. उन्होंने फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए और घायल बदमाशों से पूछताछ भी की. एसओजी प्रभारी मनीष मिश्रा, रामनगर इंस्पेक्टर राजू सिंह और भेलूपुर इंस्पेक्टर गोपालजी कुशवाहा की टीम इस ऑपरेशन में शामिल रही.

    पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि फरार बदमाश को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. वहीं, महंत के आवास में हुई चोरी के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है कि कहीं इसमें किसी और की संलिप्तता तो नहीं. इस मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में गश्त बढ़ा दी है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. यह कार्रवाई यूपी पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और सूचना तंत्र की सफलता को दर्शाती है.

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    https://www.youtube.com/watch?v=pw0_xkwozgg&t=2s&ab_channel=NATIONNOWSAMACHAR