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  • डिंपल यादव का केंद्र पर तीखा हमला “नाम बदलने वाली सरकार पहले मनरेगा के आंकड़े पेश करे”

    डिंपल यादव का केंद्र पर तीखा हमला “नाम बदलने वाली सरकार पहले मनरेगा के आंकड़े पेश करे”

    नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने केंद्र सरकार को लेकर एक बार फिर आक्रामक रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार सिर्फ योजनाओं और संस्थानों के नाम बदलने में व्यस्त है, जबकि ग्रामीण रोजगार और मजदूरी जैसे अहम मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है। मनरेगा को लेकर डिंपल यादव ने सरकार से सीधे सवाल पूछते हुए पिछले 10 वर्षों के आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की है।

    डिंपल यादव ने कहा,“यह नाम बदलने वाली सरकार है। पहले सरकार बताए कि पिछले 10 सालों में मनरेगा के तहत कितनी मजदूरी दी गई है। आंकड़े पेश करें, तभी सच्चाई सामने आएगी।”उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना को कमजोर कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी बढ़ रही है, मजदूरी समय पर नहीं मिल रही और काम के दिनों में कटौती की जा रही है। इसके बावजूद सरकार जमीनी हकीकत पर चर्चा करने के बजाय सिर्फ प्रचार और ब्रांडिंग में लगी है।

    सपा सांसद ने कहा कि मनरेगा देश के करोड़ों गरीब, किसान और मजदूर परिवारों की जीवनरेखा है। यह योजना सिर्फ रोजगार नहीं देती, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने में भी अहम भूमिका निभाती है। लेकिन मौजूदा सरकार के कार्यकाल में मजदूरी भुगतान में देरी, बजट कटौती और काम के अवसर घटने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।

    डिंपल यादव ने यह भी कहा कि अगर सरकार वाकई गरीबों और मजदूरों के हित में काम कर रही है, तो उसे मनरेगा से जुड़े भुगतान, काम के दिन और मजदूरी दर के पूरे आंकड़े देश के सामने रखने चाहिए। केवल योजनाओं के नाम बदलने से जनता की समस्याएं हल नहीं होंगी।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकसभा चुनावों के बाद विपक्ष अब रोजगार, महंगाई और ग्रामीण विकास को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बना रहा है। मनरेगा जैसे मुद्दे को उठाकर समाजवादी पार्टी ने ग्रामीण और पिछड़े वर्गों को साधने की रणनीति अपनाई है।डिंपल यादव के इस बयान के बाद अब सभी की नजर केंद्र सरकार के जवाब पर है। सवाल साफ है—क्या सरकार मनरेगा के पिछले 10 सालों के वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक करेगी, या यह मुद्दा सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहेगा?

  • विराट कोहली और अनुष्का शर्मा फिर पहुंचे प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम, सर्दी में भी दिखी अटूट आस्था

    विराट कोहली और अनुष्का शर्मा फिर पहुंचे प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम, सर्दी में भी दिखी अटूट आस्था

    वृंदावन। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी विराट कोहली और बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा एक बार फिर आध्यात्मिक आस्था की मिसाल पेश करते नजर आए। हर साल की तरह इस बार भी सर्दियों के मौसम में दोनों प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम पहुंचे। ठंड के बावजूद उनकी श्रद्धा और भक्ति में कोई कमी नहीं दिखी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में विराट और अनुष्का जाड़े के कपड़ों में, माथे पर टीका लगाए, पूरी विनम्रता के साथ महाराज जी के सामने नीचे बैठकर उनसे बातचीत करते दिखाई दिए।

    बताया जा रहा है कि विराट कोहली और अनुष्का शर्मा लंबे समय से प्रेमानंद जी महाराज के अनुयायी हैं। दोनों अक्सर अपने व्यस्त कार्यक्रमों से समय निकालकर वृंदावन पहुंचते हैं और आध्यात्मिक शांति की तलाश में बाबा जी का आशीर्वाद लेते हैं। इस बार भी दोनों की मौजूदगी ने आश्रम में मौजूद श्रद्धालुओं का ध्यान खींच लिया, हालांकि कपल ने पूरी सादगी के साथ दर्शन किए और किसी भी तरह की औपचारिकता या दिखावे से दूर रहे।

    विराट और अनुष्का की यह आध्यात्मिक यात्रा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके जीवन दर्शन को भी दर्शाती है। दोनों कई बार सार्वजनिक मंचों पर यह कह चुके हैं कि आध्यात्मिकता ने उन्हें मानसिक शांति, संतुलन और सकारात्मक सोच दी है। क्रिकेट के मैदान पर दबाव और फिल्मी दुनिया की चकाचौंध के बीच यह दंपती अपने जीवन में सादगी और संतुलन बनाए रखने के लिए आध्यात्मिक मार्ग को अहम मानता है।

    आश्रम सूत्रों के अनुसार, दोनों ने महाराज जी से व्यक्तिगत बातचीत की और जीवन, कर्म और साधना से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी सादगीपूर्ण रही और किसी तरह की वीआईपी संस्कृति देखने को नहीं मिली। यही वजह है कि प्रशंसक विराट और अनुष्का की इस विनम्रता की सराहना कर रहे हैं।

    सोशल मीडिया पर फैंस उनकी तस्वीरें साझा कर इसे “आस्था और सादगी की मिसाल” बता रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि प्रसिद्धि और सफलता के शिखर पर होने के बावजूद विराट कोहली और अनुष्का शर्मा का जमीन से जुड़ा रहना प्रेरणादायक है। उनकी यह यात्रा एक बार फिर साबित करती है कि सच्ची आस्था मौसम, हालात और व्यस्तताओं से परे होती है।

  • Tata Sierra Booking Started: नए साल पर इस तारीख से मिलेगी डिलीवरी जानिए कीमत, फीचर्स और खासियत

    Tata Sierra Booking Started: नए साल पर इस तारीख से मिलेगी डिलीवरी जानिए कीमत, फीचर्स और खासियत

    Tata Sierra Booking Started | New Year Delivery | Price, Features & Full Details नई दिल्ली। टाटा मोटर्स ने अपनी आइकॉनिक SUV Tata Sierra को एक बार फिर नए अवतार में पेश करने की तैयारी पूरी कर ली है। कंपनी ने Tata Sierra की बुकिंग शुरू कर दी है और ग्राहकों को नए साल में इसकी डिलीवरी मिलने वाली है। लंबे समय से चर्चा में रही यह SUV अब मॉडर्न डिजाइन, दमदार फीचर्स और इलेक्ट्रिक/ICE ऑप्शन के साथ बाजार में उतरने को तैयार है।

    कब से मिलेगी डिलीवरी?

    कंपनी से मिली जानकारी के मुताबिक, जनवरी 2026 के पहले हफ्ते से Tata Sierra की डिलीवरी शुरू होने की संभावना है। बुकिंग करने वाले ग्राहकों को प्राथमिकता के आधार पर गाड़ियां सौंपी जाएंगी।

    संभावित कीमत Tata Sierra Booking Started

    Tata Sierra Booking Started की एक्स-शोरूम कीमत करीब 20 लाख रुपये से शुरू होकर 30 लाख रुपये (वेरिएंट के अनुसार) तक जा सकती है। इलेक्ट्रिक वर्जन (Sierra EV) की कीमत थोड़ी ज्यादा हो सकती है ICE (पेट्रोल/डीजल) मॉडल अपेक्षाकृत किफायती रह सकता है


    Tata Sierra की खासियतें

    नई Tata Sierra को पूरी तरह मॉडर्न और प्रीमियम लुक के साथ डिजाइन किया गया है, लेकिन इसमें पुराने Sierra की झलक भी देखने को मिलेगी। पैनोरमिक ग्लास साइड पैनल (आइकॉनिक लुक) चौड़ा फ्रंट ग्रिल और LED लाइट बार स्पोर्टी SUV स्टांस

    🔹 फीचर्स

    • बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम
    • डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर
    • पैनोरमिक सनरूफ
    • ADAS सेफ्टी फीचर्स
    • 6 से 7 एयरबैग
    • 360 डिग्री कैमरा

    पावरट्रेन

    • Tata Sierra EV: एक बार चार्ज करने पर करीब 500 KM तक रेंज
    • ICE वर्जन: पेट्रोल और डीजल इंजन ऑप्शन

    Tata Sierra में कंपनी का खास फोकस सेफ्टी पर रहेगा। इसमें:

    • ADAS टेक्नोलॉजी
    • मजबूत बॉडी स्ट्रक्चर
    • 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग का दावा

    किनसे होगा मुकाबला?

    Tata Sierra का मुकाबला सीधे तौर पर इन SUVs से होगा:

    • Mahindra XUV700
    • Hyundai Tucson
    • MG Hector Plus
    • आने वाली Maruti eVX
  • कानपुर देहात में सड़क हादसों पर सख्ती,ओवरलोड डंपरों पर चला प्रशासन का डंडा

    कानपुर देहात में सड़क हादसों पर सख्ती,ओवरलोड डंपरों पर चला प्रशासन का डंडा

    कानपुर देहात।जनपद में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं और तेज रफ्तार के कहर पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में परिवहन विभाग द्वारा कानपुर–झांसी नेशनल हाईवे पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस विशेष अभियान का नेतृत्व एआरटीओ सोमलता यादव ने किया, जिन्होंने अपनी टीम के साथ सुबह से ही हाईवे पर मोर्चा संभाल लिया।

    ओवरलोड डंपर बने कार्रवाई का मुख्य निशाना

    अभियान के दौरान प्रशासन का फोकस खास तौर पर ओवरलोड डंपरों और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले भारी वाहनों पर रहा। चेकिंग के दौरान कुल सात डंपर ऐसे पाए गए जो तय मानकों से अधिक भार लेकर चल रहे थे या नियमों की अनदेखी कर रहे थे।इनमें से तीन डंपरों को मौके पर ही सीज कर विधिक कार्रवाई के लिए संबंधित थाने भेज दिया गया, जबकि चार अन्य डंपरों पर भारी जुर्माने के साथ चालान की कार्रवाई की गई। अचानक हुई इस कार्रवाई से हाईवे पर चल रहे वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टरों में हड़कंप मच गया।

    https://nationnowsamachar.com/delhi/dimple-yadav-mnrega-statement-government-data-demand/

    सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश

    कार्रवाई के साथ-साथ परिवहन विभाग की टीम ने मौके पर मौजूद वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी किया। एआरटीओ सोमलता यादव ने साफ शब्दों में कहा कि सड़क सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उन्होंने चालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि ओवरलोडिंग न सिर्फ कानूनन अपराध है, बल्कि यह सड़क हादसों की सबसे बड़ी वजहों में से एक है। ओवरलोड वाहनों से ब्रेक फेल, टायर फटना और वाहन के असंतुलित होने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे आम लोगों की जान जोखिम में पड़ती है।

    आगे भी जारी रहेगा अभियान

    परिवहन विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में भी इसी सख्ती के साथ चेकिंग जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन की इस सख्ती से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है और उम्मीद जताई है कि इससे सड़क हादसों में कमी आएगी और हाईवे अधिक सुरक्षित बनेंगे।

  • कानपुर देहात में ब्राजीलियन महिला सैलानी की संदिग्ध मौत, हार्ट अटैक की आशंका

    कानपुर देहात में ब्राजीलियन महिला सैलानी की संदिग्ध मौत, हार्ट अटैक की आशंका

    कानपुर देहात।उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में एक ब्राजीलियन महिला सैलानी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। यह घटना अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र की है, जहां महिला अपने दो विदेशी साथियों के साथ टैक्सी से मथुरा से पश्चिम बंगाल की यात्रा पर थी। रास्ते में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद हड़कंप मच गया।

    मिली जानकारी के अनुसार, टैक्सी चालक कुंभी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने के लिए रुका था। इसी दौरान महिला सैलानी की हालत अचानक खराब हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। महिला को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

    हार्ट अटैक से मौत की आशंका

    पुलिस का प्राथमिक तौर पर कहना है कि महिला को हार्ट अटैक आया हो सकता है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। महिला के साथ यात्रा कर रहे दोनों विदेशी नागरिक—एक पुरुष और एक महिला—घटना के बाद गहरे सदमे में हैं। घबराहट के कारण उनकी भी तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।

    मृतका की पहचान और दूतावास को सूचना

    अकबरपुर सदर की एसडीएम नीलमा यादव ने बताया कि मृत महिला की पहचान सैलजिया, निवासी ब्राजील के रूप में हुई है। महिला अपने एक ब्राजीलियन और एक रूसी दोस्त के साथ भारत भ्रमण पर थी। घटना की जानकारी ब्राजील दूतावास (Embassy) को दे दी गई है और आगे की कार्रवाई दूतावास के निर्देशानुसार की जाएगी।

    फॉरेंसिक जांच, कई बिंदुओं पर पूछताछ

    घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। पुलिस टैक्सी चालक और दोनों विदेशी यात्रियों से पूछताछ कर रही है। यात्रा से जुड़ी सभी जानकारियां, मेडिकल हिस्ट्री और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध पहलू को नजरअंदाज न किया जाए।

    पोस्टमॉर्टम के बाद होगा खुलासा

    एसडीएम नीलमा यादव ने बताया कि महिला के शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से लेकर जांच में जुटी है।

  • बांके बिहारी मंदिर में टूटी परंपरा: सैलरी विवाद के चलते नहीं बना ठाकुर जी का भोग

    बांके बिहारी मंदिर में टूटी परंपरा: सैलरी विवाद के चलते नहीं बना ठाकुर जी का भोग

    वृंदावन (मथुरा)। श्रीकृष्ण नगरी वृंदावन स्थित विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने श्रद्धालुओं को स्तब्ध कर दिया है। मंदिर की सदियों पुरानी परंपरा पहली बार टूट गई, जब ठाकुर बांके बिहारी जी का भोग नहीं बनाया गया। बताया जा रहा है कि यह स्थिति मंदिर सेवायतों और कर्मचारियों के बीच सैलरी विवाद के कारण उत्पन्न हुई, जिससे पूजा-पाठ और भोग व्यवस्था प्रभावित हुई।मंगलवार सुबह जब श्रद्धालु दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि ठाकुर जी का नियमित भोग नहीं बना है। यह खबर फैलते ही मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में चर्चा का विषय बन गई। भक्तों का कहना है कि बांके बिहारी मंदिर में भोग न बनना केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि आस्था से जुड़ा बेहद संवेदनशील मामला है।

    क्या है पूरा विवाद

    सूत्रों के अनुसार, मंदिर से जुड़े कुछ सेवायत और कर्मचारी लंबे समय से वेतन भुगतान और सुविधाओं को लेकर असंतुष्ट चल रहे थे। इसी विवाद के चलते सेवाओं का बहिष्कार जैसा माहौल बना और भोग निर्माण की प्रक्रिया बाधित हो गई। सेवायतों का आरोप है कि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि मंदिर प्रशासन का कहना है कि समस्या के समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं।

    श्रद्धालुओं में नाराज़गी

    देश-विदेश से वृंदावन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए ठाकुर बांके बिहारी जी का भोग और दर्शन अत्यंत पवित्र माने जाते हैं। ऐसे में भोग न बनने की खबर से भक्तों में नाराज़गी और दुख देखने को मिला। कई श्रद्धालुओं ने इसे आस्था के साथ खिलवाड़ बताते हुए जल्द समाधान की मांग की है।

    प्रशासन की भूमिका पर सवाल

    घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि इतने बड़े और प्रसिद्ध मंदिर में अगर कर्मचारियों का विवाद इस हद तक पहुंच जाए कि पूजा-पद्धति ही रुक जाए, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। प्रशासनिक स्तर पर हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द व्यवस्था बहाल की जानी चाहिए।

    परंपरा और आस्था का संतुलन जरूरी

    बांके बिहारी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों भक्तों की आस्था का केंद्र है। यहां की हर परंपरा का विशेष महत्व है। ऐसे में वेतन विवाद जैसे मामलों का असर सीधे धार्मिक परंपराओं पर पड़ना कहीं न कहीं व्यवस्था की कमजोरी को दर्शाता है। श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि मंदिर प्रशासन और सेवायत जल्द बातचीत के जरिए समाधान निकालेंगे और ठाकुर जी की सेवा में कोई बाधा नहीं आने देंगे।

  • Delhi-Agra Expressway : दिल्ली-आगरा एक्सप्रेस वे पर बड़ा हादसा कई बसों में लगी आग ,8 बसें और 3 कारें टकराईं, 4 की मौत, 25 घायल

    Delhi-Agra Expressway : दिल्ली-आगरा एक्सप्रेस वे पर बड़ा हादसा कई बसों में लगी आग ,8 बसें और 3 कारें टकराईं, 4 की मौत, 25 घायल

    Delhi-Agra Expressway : मथुरा/आगरा। उत्तर भारत में पड़ रहे घने कोहरे ने एक बार फिर जानलेवा रूप दिखाया है। यमुना एक्सप्रेसवे पर आगरा से नोएडा रूट पर सोमवार तड़के भीषण सड़क हादसा हो गया। थाना बलदेव क्षेत्र के गांव खडे़हरा के पास माइल स्टोन 127 के निकट घने कोहरे के कारण 8 बसें और 3 कारें आपस में टकरा गईं। इस दर्दनाक हादसे में 4 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।

    Delhi-Agra Expressway : कैसे हुआ हादसा

    प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के मुताबिक सुबह के समय एक्सप्रेसवे पर दृश्यता बेहद कम थी। इसी दौरान आगे चल रहे एक वाहन ने अचानक ब्रेक लगाया, जिसके बाद पीछे से आ रही बसें और कारें एक के बाद एक टकराती चली गईं। कुछ ही पलों में पूरा इलाका चीख-पुकार से गूंज उठा। कई यात्री वाहनों में फंस गए, जिन्हें बाहर निकालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

    Delhi-Agra Expressway : मौके पर पहुंची पुलिस और राहत टीमें

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को आगरा रेफर किया गया है। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात बहाल कराया।

    मृतकों की पहचान की कोशिश

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार मृतकों की पहचान की जा रही है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    कोहरे में ड्राइविंग को लेकर अलर्ट

    पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि घने कोहरे में वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें, तेज रफ्तार से बचें और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें। मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों तक घने कोहरे की चेतावनी जारी की है।यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि कोहरे के दौरान एक्सप्रेसवे पर रफ्तार और सुरक्षा मानकों का पालन कितना जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही कई जिंदगियों पर भारी पड़ सकती है।

  • चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, MCX पर भाव फिसलकर ₹1.92 लाख प्रति किलो

    चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, MCX पर भाव फिसलकर ₹1.92 लाख प्रति किलो

    बिज़नेस डेस्क।कीमती धातुओं के बाजार में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। हाल ही में पहली बार दो लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंचने के बाद अब चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मार्च 2026 एक्सपायरी वाली चांदी ₹1,92,784 प्रति किलो पर कारोबार करती नजर आई। इसी के साथ MCX पर सोना और चांदी दोनों की कीमतों में दबाव देखने को मिला है।

    बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस गिरावट के पीछे एक नहीं बल्कि कई वैश्विक और घरेलू कारण एक साथ काम कर रहे हैं। सबसे बड़ा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार से आया है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती के संकेत मिले हैं, जिससे सोना-चांदी जैसी कीमती धातुओं पर दबाव बनता है। आमतौर पर डॉलर मजबूत होने पर निवेशक कमोडिटी से दूरी बनाते हैं, क्योंकि यह अन्य मुद्राओं के मुकाबले महंगी हो जाती है।

    इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में हल्की बढ़त ने भी सोने और चांदी की चमक को फीका किया है। बॉन्ड यील्ड बढ़ने से निवेशक सुरक्षित और निश्चित रिटर्न वाले विकल्पों की ओर शिफ्ट होते हैं, जिससे कीमती धातुओं में बिकवाली बढ़ जाती है।एक अन्य अहम वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को लेकर अनिश्चितता है। अभी तक यह साफ नहीं है कि फेड आगे ब्याज दरों में कटौती करेगा या सख्त रुख बनाए रखेगा। इस अनिश्चितता का सीधा असर कमोडिटी बाजार पर पड़ा है और निवेशक सतर्क रुख अपनाते नजर आ रहे हैं।

    वहीं, चांदी के ऊपरी स्तरों पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) भी की है। जब कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचती हैं, तो बड़े निवेशक मुनाफा निकालने लगते हैं, जिससे अचानक गिरावट देखने को मिलती है। यही स्थिति इस बार चांदी के साथ भी देखने को मिली।विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में चांदी और सोने की कीमतें वैश्विक संकेतों, डॉलर की चाल और फेड की नीतियों पर निर्भर रहेंगी। हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट खरीदारी का मौका भी साबित हो सकती है, लेकिन शॉर्ट टर्म में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

  • बाँदा पुलिस की अनोखी पहल: महिला पुलिस कर्मियों के बच्चों के लिए शुरू हुआ शिशु पालन ग्रह

    बाँदा पुलिस की अनोखी पहल: महिला पुलिस कर्मियों के बच्चों के लिए शुरू हुआ शिशु पालन ग्रह

    बाँदा।महिला पुलिस कर्मियों की ड्यूटी के दौरान बच्चों की देखरेख एक बड़ी चुनौती रही है। इसी समस्या को समझते हुए बाँदा पुलिस ने एक सराहनीय और अनोखी पहल की है। स्थानीय पुलिस लाइन परिसर में महिला पुलिस कर्मचारियों के छोटे बच्चों के लिए शिशु पालन ग्रह (क्रेच) की शुरुआत की गई है, जहां बच्चों की सुरक्षा, देखभाल, पढ़ाई और खेलकूद की समुचित व्यवस्था की गई है।

    पुलिस विभाग में कार्यरत महिला कर्मियों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान बच्चों की चिंता उन्हें मानसिक रूप से परेशान करती थी। कई बार आपात ड्यूटी या लंबे समय तक चलने वाले कार्यों में बच्चों को घर पर छोड़ना मुश्किल हो जाता था। ऐसे में यह शिशु पालन ग्रह उनके लिए बड़ी राहत बनकर सामने आया है। अब महिला पुलिसकर्मी ड्यूटी पर जाते समय अपने छोटे बच्चों को पुलिस लाइन स्थित शिशु पालन ग्रह में सुरक्षित छोड़ सकती हैं।

    शिशु पालन ग्रह में बच्चों की देखरेख के लिए दो प्रशिक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। यहां बच्चों के लिए खेलने के खिलौने, किताबें, बैठने और आराम करने की व्यवस्था के साथ-साथ उनके खान-पान का भी ध्यान रखा जाता है। बच्चों के लिए सुरक्षित और सकारात्मक माहौल तैयार किया गया है, ताकि वे खुद को सहज महसूस कर सकें।

    महिला पुलिस कर्मियों ने बताया कि इस व्यवस्था से अब वे तनावमुक्त होकर अपनी ड्यूटी कर पा रही हैं। पहले बच्चों की चिंता बनी रहती थी, लेकिन अब उन्हें भरोसा है कि उनके बच्चे सुरक्षित हाथों में हैं। इससे न सिर्फ उनकी कार्यक्षमता बढ़ी है, बल्कि मानसिक संतुलन भी बेहतर हुआ है।

    इस पहल को लेकर सहायक पुलिस अधीक्षक मेविश टक ने बताया कि पुलिस की नौकरी में समय की कोई निश्चितता नहीं होती। कभी भी ड्यूटी लग सकती है, ऐसे में महिला पुलिस कर्मियों को सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों की देखभाल को लेकर होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस लाइन एवं आसपास रहने वाली महिला पुलिस कर्मियों के लिए यह शिशु पालन ग्रह शुरू किया गया है।उन्होंने बताया कि इस केंद्र का उद्देश्य केवल बच्चों की देखरेख ही नहीं, बल्कि उनकी शारीरिक और बौद्धिक क्षमता का विकास भी है। इसके लिए किताबें, खिलौने और रचनात्मक गतिविधियों की व्यवस्था की गई है।

    बाँदा पुलिस की यह पहल न सिर्फ महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि अन्य जिलों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल बन सकती है।

  • अलीगढ़ होटल में शर्मनाक हरकत: तंदूर की रोटियों पर थूकता दिखा कारीगर, वीडियो वायरल

    अलीगढ़ होटल में शर्मनाक हरकत: तंदूर की रोटियों पर थूकता दिखा कारीगर, वीडियो वायरल

    उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से एक बेहद घिनौनी और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने लोगों के गुस्से को भड़का दिया है। शहर के एक होटल में काम करने वाले कारीगर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह तंदूर में रोटियां सेकने से पहले उन पर थूकता हुआ साफ नजर आ रहा है। वीडियो सामने आते ही लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है और खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि होटल का कारीगर खुलेआम रोटियों पर थूकने के बाद उन्हें तंदूर में चिपका देता है। यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैला, लोगों ने इसे स्वास्थ्य और स्वच्छता के नियमों का खुला उल्लंघन बताया। कई यूजर्स ने होटल पर सख्त कार्रवाई और आरोपी कारीगर की गिरफ्तारी की मांग की है।

    लोगों में गुस्सा, कार्रवाई की मांग

    स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की हरकत न सिर्फ ग्राहकों की सेहत के साथ खिलवाड़ है, बल्कि समाज में नफरत और असुरक्षा का माहौल भी पैदा करती है। लोगों ने सवाल उठाया कि खाद्य विभाग की निगरानी आखिर कहां है और ऐसे होटल बिना जांच के कैसे चल रहे हैं।

    प्रशासन और खाद्य विभाग हरकत में

    मामला तूल पकड़ने के बाद स्थानीय प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने संज्ञान लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, वीडियो की जांच की जा रही है और संबंधित होटल की पहचान कर ली गई है। होटल में साफ-सफाई, लाइसेंस और खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर होटल सील करने और कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

    पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

    गौरतलब है कि इससे पहले भी प्रदेश के अलग-अलग जिलों में इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जहां खाने-पीने की चीजों के साथ अमानवीय और अस्वच्छ व्यवहार किया गया। ऐसे मामलों ने आम लोगों का भरोसा होटल और ढाबों से उठाने का काम किया है।

    बड़ा सवाल: ग्राहक कैसे रखें सावधानी?

    इस घटना के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि लोग बाहर खाना खाते समय कैसे सतर्क रहें। विशेषज्ञों का कहना है कि लाइसेंस प्राप्त, साफ-सुथरे और भरोसेमंद प्रतिष्ठानों में ही भोजन करना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करनी चाहिए।

    फिलहाल, अलीगढ़ की यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।