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  • BLASTS IN LAHORE: “ऑपरेशन सिंदूर” थरथराया पाकिस्तान, लाहौर में ड्रोन धमाके, आसमान में धुएं का गुबार

    BLASTS IN LAHORE: “ऑपरेशन सिंदूर” थरथराया पाकिस्तान, लाहौर में ड्रोन धमाके, आसमान में धुएं का गुबार

    नई दिल्ली/लाहौर: भारत के सफल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान में खौफ का माहौल है. भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान और POK (पाक अधिकृत कश्मीर) में नौ आतंकी ठिकानों पर किए गए एयरस्ट्राइक के बाद अब पाकिस्तान के लाहौर शहर में लगातार धमाकों (BLASTS IN LAHORE) की आवाजें सुनाई दे रही हैं. ताज़ा जानकारी के मुताबिक, लाहौर के वॉल्टन रोड, गोपाल नगर और नसीराबाद में गुरुवार सुबह जोरदार धमाके हुए. इसके बाद इलाके में दहशत फैल गई और लोग घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए.

    पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स, खासकर ‘समा टीवी’ के अनुसार, वॉल्टन एयरपोर्ट के पास सिलसिलेवार धमाकों की आवाजें आईं. सायरन बजने लगे और लोग घरों से बाहर निकलकर खुले मैदानों की ओर दौड़ पड़े. आसपास के इलाकों में धुएं के गुब्बार उठते देखे गए, जिससे यह आशंका और तेज हो गई कि धमाके आतंकी ठिकानों पर दूसरी कार्रवाई हो सकती है.

    पुलिस सूत्रों की मानें तो वॉल्टन एयरपोर्ट के पास ड्रोन ब्लास्ट हुआ है. शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि भारतीय सेना की ओर से छोड़ा गया ड्रोन वहां क्रैश हुआ या फिर उसे पाकिस्तानी जैमिंग सिस्टम द्वारा गिरा दिया गया.

    स्थानीय चश्मदीदों ने बताया कि लाहौर के अक्सारी-5 रोड और नेवल कॉलेज के पास भी दो जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई. यहां भी धुआं उठता देखा गया, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह इलाका भी टारगेट पर था या फिर ब्लास्ट से प्रभावित हुआ है.

    ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से नौ आतंकी ठिकाने तबाह
    भारत ने 3 दिन पहले यानी मंगलवार देर रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और POK में नौ आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी. भारतीय थलसेना, वायुसेना और नौसेना के इस संयुक्त ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालयों को निशाना बनाया गया. इन इलाकों में बहावलपुर, मुरीदके, गुलपुर, भिंबर, चाक अमरू, बाग, कोटली, सियालकोट और मुजफ्फराबाद शामिल हैं. खास बात यह रही कि बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा के ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया गया.

    पीएम मोदी ने रखा “ऑपरेशन सिंदूर” नाम
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस अभियान का नाम ऑपरेशन सिंदूर रखा. जानकारी के अनुसार, पहलगाम में हुए हमले में आतंकियों ने हिंदू पुरुषों को निशाना बनाया, जिससे कई महिलाएं विधवा हो गईं. इस घटना से आहत होकर प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसका जवाब उसी की भाषा में दिया जाएगा.

    रॉ की बड़ी भूमिका
    भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ (R&AW) ने इस पूरे ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई. रॉ ने ही उन नौ आतंकी ठिकानों की पहचान की, जिन्हें बाद में एयरस्ट्राइक से तबाह किया गया. यह भारत की रणनीतिक खुफिया और सैन्य क्षमता का स्पष्ट उदाहरण है.

    दहशत में पाकिस्तान!
    एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान सरकार ने अब तक कोई ठोस बयान नहीं दिया है. लेकिन लाहौर में हुए धमाकों और ड्रोन ब्लास्ट के बाद वहां के नागरिकों में गहरा डर बैठ गया है. सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी नागरिक सरकार से सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर भारत की ओर से हो रही इन कार्रवाइयों को क्यों नहीं रोका जा सका.

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  • 1962 भारत-चीन युद्ध में भी हुई थी मॉकड्रिल, मेरठ की विद्यावती ने बताया युद्धकालीन ब्लैकआउट का अनुभव- BLACKOUT MOCK DRILL IN UP

    1962 भारत-चीन युद्ध में भी हुई थी मॉकड्रिल, मेरठ की विद्यावती ने बताया युद्धकालीन ब्लैकआउट का अनुभव- BLACKOUT MOCK DRILL IN UP

    मेरठ: भारत में मॉकड्रिल और सुरक्षा तैयारियों की परंपरा कोई नई नहीं है. यह मॉकड्रिल (BLACKOUT MOCK DRILL IN UP) 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान भी देखने को मिली थी. उस वक्त ग्राम सभाओं की बैठकों में ग्रामीणों को ट्रेनिंग दी जाती थी कि युद्ध जैसी आपातकालीन स्थिति में आम नागरिकों को क्या करना है और क्या नहीं? उस समय जब सायरन बजता था, तो पूरे गांव और शहर में ब्लैकआउट कर दिया जाता था. लोग बिजली की बत्तियां बंद कर शीशों और खिड़कियों को काले कपड़ों से ढक देते थे ताकि दुश्मन को रोशनी नजर न आए.

    मेरठ की रहने वाली 85 वर्षीय विद्यावती ने नेशनल नाउ समाचार से एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि कैसे 1962 का समय भय और साहस दोनों का मिश्रण था. उन्होंने बताया कि, “उस समय गांवों में ग्राम सभा की बैठकें होती थीं और महिलाओं से लेकर बच्चों तक को मॉकड्रिल के जरिए यह सिखाया जाता था कि यदि युद्ध होता है, तो क्या करना है. जैसे ही सायरन बजता, पूरे इलाके में अंधेरा कर दिया जाता था. खिड़कियां, रोशनदान, शीशे — सब काले कर दिए जाते थे.”

    विद्यावती बताती हैं कि सूचना का एकमात्र साधन हिंदी और उर्दू अखबार हुआ करते थे. लोग अखबारों से ही युद्ध की स्थिति और सेना की गतिविधियों की जानकारी पाते थे. उन्होंने बताया कि घर-घर में लोग देश के लिए प्रार्थना करते थे और हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में देशभक्ति से जुड़ा महसूस करता था.

    विद्यावती के परिवार की तीन पीढ़ियां सेना में
    मेरठ की विद्यावती के परिवार में तीन पीढ़ियाँ भारतीय सेना को समर्पित रही हैं. उनके पिता ने 1962 के युद्ध में भाग लिया था, जबकि 1971 की लड़ाई में भी उनके परिवार के सदस्य सक्रिय रहे. आज भी उनके परिवार के कई सदस्य सेना में कार्यरत हैं. विद्यावती गर्व के साथ कहती हैं कि “हमारा खून देश की रक्षा के लिए ही बना है.”

    आज भी हो रही मॉकड्रिल की परंपरा जारी
    आज जब भारत एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा के सवालों से जूझ रहा है, तो मेरठ सहित देशभर में मॉकड्रिल का आयोजन किया जा रहा है ताकि आम जनता को आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार किया जा सके. विद्यावती कहती हैं, “आज की पीढ़ी को भी यह सिखाना जरूरी है कि देश के प्रति क्या कर्तव्य हैं. मॉकड्रिल एक जागरूकता का माध्यम है, जिससे लोग समय रहते अपनी और दूसरों की सुरक्षा कर सकें.”

    उन्होंने आगे कहा कि “पाकिस्तान या कोई भी दुश्मन देश हो, उसे मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमें सिर्फ सेना नहीं, बल्कि एकजुट देशभक्ति की भावना भी चाहिए. हम सबको देश के लिए जागरूक और तैयार रहना चाहिए.”

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  • सतीश महाना ने शुभम की पत्नी को लगाया गले: ऐशन्या ने कहा – “मुझे भरोसा था कि भारतीय सेना बदला जरूर लेगी”- OPERATION SINDOOR

    सतीश महाना ने शुभम की पत्नी को लगाया गले: ऐशन्या ने कहा – “मुझे भरोसा था कि भारतीय सेना बदला जरूर लेगी”- OPERATION SINDOOR

    कानपुर: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम हमले में 26 भारतीयों की जान जाने के बाद भारतीय सेना (OPERATION SINDOOR) ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर जबरदस्त हवाई हमले किए. इस कार्रवाई को “ऑपरेशन सिंदूर” नाम दिया गया है, जिसे लेकर पूरे देश में गर्व और भावुकता की लहर दौड़ पड़ी है.

    इस ऑपरेशन की गूंज कानपुर तक सुनाई दी, जहां पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले शुभम द्विवेदी के परिवार ने इसे “न्याय” बताया. शुभम की पत्नी एशान्या, भाई सौरभ, और माता-पिता की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े. उनका कहना है कि सेना ने शुभम के “सिंदूर” का बदला ले लिया. (OPERATION SINDOOR)

    भावुक हुआ कानपुर, परिवार ने जताया गर्व
    कानपुर निवासी शहीद शुभम द्विवेदी के परिजनों के लिए यह क्षण गर्व और संतोष का संगम लेकर आया. जैसे ही भारतीय सेना की कार्रवाई की जानकारी मीडिया और सोशल मीडिया पर सामने आई, शुभम के घर में देशभक्ति के नारे गूंज उठे.

    शुभम की पत्नी एशन्या ने कहा,
    “मुझे भरोसा था कि भारतीय सेना बदला जरूर लेगी. उन्होंने मेरे सिंदूर का बदला लिया है. ये सिर्फ मेरी नहीं, पूरे देश की जीत है.” उन्होंने सरकार से शुभम को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग की.

    शुभम के परिजनों से मिलने घर पहुंचे सतीश महाना
    सुबह होते ही उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना शुभम के परिजनों से मिलने पहुंचे. उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा, “सेना ने पाकिस्तान पर एयरस्ट्राइक कर न सिर्फ पहलगाम, बल्कि 26/11 और पुलवामा जैसे कायराना हमलों का भी हिसाब चुकता किया है.” साथ ही उन्होंने कहा कि देश का हर नागरिक शहीदों का ऋणी है और उनके बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा.

    शुभम द्विवेदी के परिजनों से मिलने पहुंचे सतीश महाना. (फोटो- Nation Now Samachar)

    शुभम के भाई सौरभ ने कहा‘ये सिर्फ शुरुआत है’
    शौर्य और दुख के इस मौके पर शुभम के भाई सौरभ ने कहा: “शुभम अब हमारे बीच नहीं है, लेकिन आज उसकी आत्मा को सुकून मिला होगा. ये कार्रवाई हर भारतीय के मन में छिपे दर्द को आवाज देती है. ये सिर्फ शुरुआत है. आतंक का अंत होना बाकी है.”

    लोगों ने मनाया जश्न
    कानपुर शहर में कई स्थानों पर लोगों ने आतिशबाजी और मिठाई बांटकर सेना की कार्रवाई का स्वागत किया. सोशल मीडिया पर शुभम के नाम के साथ #OperationSindoor, #JusticeForMartyrs, और #ShubhamDwivedi जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे.

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  • अमेठी: इंडोरामा फैक्ट्री में आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल, DM-SP रहे मौजूद- UP MOCK DRIL

    अमेठी: इंडोरामा फैक्ट्री में आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल, DM-SP रहे मौजूद- UP MOCK DRIL

    अमेठी: अमेठी के जगदीशपुर स्थित इंडोरामा फैक्ट्री में सोमवार को एक आपातकालीन मॉक ड्रिल (UP MOCK DRIL) का आयोजन किया गया. इसका उद्देश्य किसी भी आकस्मिक घटना, विशेषकर आगजनी या आतंकी हमले जैसी स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखना और तंत्र की प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करना था.

    मॉक ड्रिल की शुरुआत फैक्ट्री परिसर में अचानक आग (UP MOCK DRIL) लगने की सूचना से हुई. इसके बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर तेजी से आग पर काबू पाया. आग से प्रभावित क्षेत्र से कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. साथ ही ड्रिल में यह भी दर्शाया गया कि कैसे घायल कर्मचारियों को तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया जाता है ताकि समय रहते चिकित्सा सहायता दी जा सके.

    अमेठी में मॉक ड्रिल के दौरान अधिकारी (फोटो- Nation Now Samachar)

    इस पूरे अभ्यास के दौरान अमेठी की पुलिस अधीक्षक (SP) अपर्णा रजत कौशिक और जिलाधिकारी (DM) संजय चौहान स्वयं मौके पर मौजूद रहे और स्थिति का जायज़ा लिया. दोनों अधिकारियों ने मॉक ड्रिल की तैयारियों और निष्पादन पर संतोष जताया और कहा कि इस प्रकार के अभ्यास से आपात स्थिति में त्वरित और समुचित प्रतिक्रिया देना संभव होता है. (UP MOCK DRIL)

    राष्ट्रीय सुरक्षा की पृष्ठभूमि में बढ़ती सक्रियता
    उल्लेखनीय है कि हाल ही में भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए देशभर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है. इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में प्रशासनिक सहयोग से सरकारी व निजी संस्थानों में मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही हैं. इंडोरामा फैक्ट्री में आयोजित यह ड्रिल भी इसी योजना का हिस्सा थी, जिसका लक्ष्य कर्मचारियों की सुरक्षा, रेस्क्यू ऑपरेशन और संकट प्रबंधन में सुधार करना है.

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  • उत्तर प्रदेश में “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद सुरक्षा सतर्कता बढ़ी, डीजीपी ने जारी किए दिशा-निर्देश- DGP ISSUED GUIDELINES

    उत्तर प्रदेश में “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद सुरक्षा सतर्कता बढ़ी, डीजीपी ने जारी किए दिशा-निर्देश- DGP ISSUED GUIDELINES

    लखनऊ: भारतीय सेना द्वारा चलाए गए “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था (DGP ISSUED GUIDELINES) को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) प्रशांत कुमार ने सभी जिलों, पुलिस कमिश्नरेट्स और विशेष इकाइयों को विस्तृत और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इन निर्देशों का उद्देश्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था को बनाए रखना, सामरिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को सुदृढ़ करना, और नागरिकों को हर प्रकार के खतरे से बचाना है.

    सुरक्षा के 14 बिंदुओं पर कार्रवाई का निर्देश
    डीजीपी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में कुल 14 महत्वपूर्ण बिंदु शामिल किए गए हैं, जो पूरे राज्य में लागू किए जाएंगे.

    1. महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा
       अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी महत्वपूर्ण Critical Infrastructure and Vital Installations की सुरक्षा को सुदृढ़ और उन्नत किया जाए .
       भौतिक सुरक्षा, निगरानी प्रणाली और परिधि सुरक्षा को मजबूत किया जाए.
    2. आंतरिक सुरक्षा अभ्यास
       आंतरिक सुरक्षा योजना के तहत मॉक ड्रिल आयोजित की जाए .
       पूरी तैयारी के साथ पूर्व ब्रीफिंग और बाद की डिब्रीफिंग की व्यवस्था की जाए .
       संबंधित सभी सुरक्षा इकाइयों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए.
    3. पुलिस परिसरों और संसाधनों का ऑडिट
       सभी पुलिस परिसरों जैसे: पुलिस लाइन, कार्यालय, डिपो, पुलिस यूनिट्स और नियंत्रण कक्ष को सुरक्षित किया जाए.
       एक संपूर्ण संसाधन ऑडिट किया जाए और कमी पाए जाने पर शीघ्र समाधान किया जाए.
       पुलिस वेबसाइट और पुलिस सर्वर के साथ-साथ साइबर सुरक्षा सुदृढ़ की जाए.
    4. महत्त्वपूर्ण स्थानों पर प्रवेश नियंत्रण
       महत्त्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर प्रवेश नियंत्रण व्यवस्था को कड़ा किया जाए .
       पहचान पत्रों की जांच और सत्यापन सुनिश्चित की जाए.
    5. एजेंसियों के साथ समन्वय
       निम्नलिखित के साथ नज़दीकी समन्वय स्थापित किया जाए.
       सेना, वायुसेना, नागरिक सुरक्षा, खुफिया इकाइयां और अन्य सम्बंधित एजेंसियां.
       वरिष्ठ पुलिस अधिकारी समन्वय की जिम्मेदारी लें.
    6. सामरिक आवागमन की व्यवस्था
       निम्नलिखित की सुरक्षित और गोपनीय आवाजाही सुनिश्चित की जाए.
       राजमार्गों और रेलवे पर सैन्य काफिले की सुरक्षित करना.
       वायुसेना के लिए एटीएफ / ईंधन की आपूर्ति.
       रेलवे पुलों और ट्रैकों की सुरक्षा की जाए .
       सभी मूवमेंट को “नीड टू नो” आधार पर गोपनीय रखा जाए .
    7. सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों पर सतर्कता
       सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील जिलों को उच्च सतर्कता पर रखा जाए.
       संवेदनशील क्षेत्रों में बल की तैनाती बढ़ाई जाए.
       आरक्षित बलों को त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार रखा जाए.
    8. प्रमुख सेवाओं की सुरक्षा
       निम्नलिखित को विशेष सुरक्षा प्रदान की जाए.
       तेल पाइपलाइन .
       संचार टावर और ओएफसी केबल लाइनें.
       जलापूर्ति प्रणालियाँ और भंडारण.
       बिजली सब-स्टेशन और ताप विद्युत संयंत्र.
    9. खुफिया जानकारी और Sabotage की रोकथाम
       संवेदनशील और निषिद्ध क्षेत्रों में संभावित Sabotage और Information Leak की घटनाओं पर सतर्क दृष्टि रखी जाए.
       खुफिया तंत्र को सक्रिय किया जाए और समुचित सुरक्षा व्यवस्था की जाए.
    10. सोशल मीडिया की निगरानी
       24×7 सोशल मीडिया मॉनिटरिंग साइबर सेल द्वारा की जाए.
       अफवाह फैलाने और भ्रामक सूचनाओं के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
    11. नियंत्रण कक्ष और मोबाइल वाहन सतर्क
       जिला नियंत्रण कक्ष को उच्च सतर्कता पर रखा जाए .
       112 आपातकालीन वाहनों को Tactical Location पर तैनात किया जाए.
    12. नेतृत्व और समन्वय
       वरिष्ठ अधिकारी: जिला प्रशासन, नागरिक सुरक्षा, सेना, वायुसेना और सभी हितधारकों के साथ सक्रिय समन्वय करें.
       सभी कर्मियों को पुलिस युद्ध निर्देशों की जानकारी दें.
    13. हवाई अड्डा क्षेत्र की सुरक्षा
       सभी हवाई अड्डों के फनल क्षेत्रों की जाँच की जाए.
       हवाई सुरक्षा इकाइयों के साथ संयुक्त कार्यवाही की जाए.
    14. भारत नेपाल सीमा पर निरंतर चौकसी बरतते हुए, अन्य सुरक्षा बलों के साथ समन्वय स्थापित रखते हुए नियमित गश्त की जाय.

    सार्वजनिक सहयोग की अपील
    पुलिस विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और अफवाहों पर ध्यान न दें. यह सुनिश्चित करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि प्रदेश की शांति और सुरक्षा बनी रहे.

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  • ऑपरेशन सिंदूर: भारत की ऐतिहासिक जवाबी कार्रवाई, 9 आतंकी ठिकाने तबाह, विदेश सचिव ने दी जानकारी – OPERATION SINDOOR

    ऑपरेशन सिंदूर: भारत की ऐतिहासिक जवाबी कार्रवाई, 9 आतंकी ठिकाने तबाह, विदेश सचिव ने दी जानकारी – OPERATION SINDOOR

    नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले का जवाब भारत ने (OPERATION SINDOOR) निर्णायक तरीके से दिया है. भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना की संयुक्त कार्रवाई में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल स्ट्राइक की गई है. इस ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया, जो अब तक की सबसे साहसिक सैन्य कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है.

    22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की हत्या कर दी गई थी. इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF)’ ने ली थी. हमले की क्रूरता ने पूरे देश को झकझोर दिया था और भारत सरकार ने जवाबी कार्रवाई का फैसला लिया.

    ऑपरेशन सिंदूर: एक सुनियोजित सैन्य रणनीति
    विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने मीडिया को जानकारी दी कि ऑपरेशन सिंदूर पूरी तरह से भारतीय सुरक्षा बलों की योजना के अनुसार अंजाम दिया गया. इस अभियान में विशेष भूमिका निभाने वाली दो महिला अधिकारी — लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह — ने ऑपरेशन के ब्योरे साझा किए.

    कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य उन आतंकी ठिकानों को तबाह करना था जहां से भारत के खिलाफ आतंक की साजिशें रची जा रही थीं. उन्होंने बताया कि PoK और पाकिस्तान में स्थित 9 ठिकानों को टारगेट किया गया जिनमें लॉन्चपैड, ट्रेनिंग सेंटर्स और हथियारों के गोदाम शामिल थे.

    https://twitter.com/PIB_India/status/1920012335827038696

    विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने बताया कि इस ऑपरेशन के तहत आतंकियों के लॉन्चपैड और प्रशिक्षण केंद्रों को सटीक रूप से निशाना बनाया गया. यह कार्रवाई देर रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच अंजाम दी गई. उन्होंने बताया कि सबसे पहले निशाना बना मुजफ्फराबाद स्थित सवाई नाला, जहां लश्कर-ए-तैयबा का बड़ा ट्रेनिंग सेंटर था. यहीं से सोनमर्ग, गुलमर्ग और पहलगाम में हमला करने वाले आतंकी प्रशिक्षित हुए थे.

    इसके अलावा, सैयदना बिलाल कैंप में आतंकियों को हथियारों के उपयोग, विस्फोटकों की हैंडलिंग और जंगलों में जीवित रहने की ट्रेनिंग दी जाती थी. एक अन्य महत्वपूर्ण ठिकाना था कोटली गुरपुर कैंप, जहां 2023 में पुंछ में श्रद्धालुओं पर हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों को तैयार किया गया था.

    तबाह हुए प्रमुख आतंकी ठिकाने

    • सवाई नाला, मुजफ्फराबाद – लश्कर-ए-तैयबा का ट्रेनिंग कैंप जहां सोनमर्ग, गुलमर्ग और पहलगाम हमलों के आतंकी प्रशिक्षित हुए.
    • सैयदना बिलाल कैंप, मुजफ्फराबाद – हथियार, विस्फोटक और जंगल सर्वाइवल की ट्रेनिंग दी जाती थी.
    • कोटली गुरपुर कैंप – पुंछ हमले के आतंकी यहां से प्रशिक्षित हुए थे.
    • मरकज सुभान अल्लाह, बहावलपुर – जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय, जिसे मिसाइल हमले में निशाना बनाया गया.

    रात के सन्नाटे में गरजीं भारतीय मिसाइलें
    यह ऑपरेशन देर रात 1:05 बजे से लेकर 1:30 बजे के बीच अंजाम दिया गया. सटीक टारगेटिंग और तकनीकी विशेषज्ञता के साथ भारत ने इन ठिकानों को पूरी तरह से तबाह कर दिया. सेना ने इन हमलों के वीडियो भी जारी किए हैं जिसमें साफ दिखाई देता है कि कैसे PoK और पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकाने ध्वस्त हुए.

    मसूद अजहर के परिवार को बड़ा झटका
    भारत की इस कार्रवाई का असर जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर के परिवार पर भी पड़ा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर में उसके परिवार के 10 सदस्य और चार करीबी सहयोगी मारे गए हैं. खुद मसूद अजहर ने इस बात की पुष्टि की है और कहा कि “काश मैं भी इस हमले में मारा जाता.”

    इस हमले में उसकी बड़ी बहन, मौलाना कशफ का पूरा परिवार, मुफ्ती अब्दुल रऊफ के पोते-पोतियां और सबसे बड़ी बेटी के चार बच्चे घायल हुए हैं. यह भारत की सैन्य रणनीति की सफलता का स्पष्ट संकेत है.

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि मजबूत
    विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा और मानवता की रक्षा के लिए की गई है. उन्होंने कहा कि भारत ने पहले दुनिया को आतंकवाद के बारे में आगाह किया था और अब उसने अपने नागरिकों की रक्षा के लिए यह निर्णायक कदम उठाया है.

    इस ऑपरेशन की सराहना अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों और सामरिक मामलों के जानकारों द्वारा की जा रही है. कई देशों ने भारत के आत्मरक्षात्मक अधिकार को सही ठहराया है और पाकिस्तान से आतंकवाद को समर्थन बंद करने की अपील की है.

    महिला शक्ति की भूमिका
    इस ऑपरेशन में दो महिला अफसरों – लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह – की अहम भूमिका रही. कर्नल सोफिया ने जहां रणनीतिक टारगेटिंग का नेतृत्व किया, वहीं विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने एयरस्ट्राइक में अहम तकनीकी भूमिका निभाई. ये दोनों महिलाएं भारतीय सेना में महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनकर सामने आई हैं.

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  • मेरठ: सेना की कार्रवाई से लोगों में खुशी की लहर, लोगों ने मिठाइयां बांटी- INDIA PAKISTAN WAR

    मेरठ: सेना की कार्रवाई से लोगों में खुशी की लहर, लोगों ने मिठाइयां बांटी- INDIA PAKISTAN WAR

    मेरठ: पाकिस्तान में छिपे आतंकियों के खिलाफ भारतीय सेना की कार्रवाई (INDIA PAKISTAN WAR) के बाद पूरे देश में जोश और उत्साह की लहर है. मेरठ में भी सेना की इस कार्रवाई पर लोगों ने जमकर खुशी जताई. शहर की सड़कों से लेकर मोहल्लों तक भारत माता की जय और मोदी जिंदाबाद के नारे गूंज उठे.

    सेना की ओर से आतंकियों के ठिकानों पर की गई कार्रवाई के बाद मेरठ के लोगों ने मिठाइयां बांटी और पटाखे चलाकर खुशी जाहिर की. विशेष रूप से ई-रिक्शा चालक संघ के लोगों ने शहर के विभिन्न इलाकों में मिठाइयां बांटकर सेना को धन्यवाद कहा. उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा सबसे पहले है और जो देश के दुश्मनों को पनाह देता है, उस पर कार्रवाई ज़रूरी थी.

    भारतीय सेना पर गर्व
    स्थानीय लोगों का कहना है कि हमें अपनी सेना पर गर्व है. मेरठ निवासी रामप्रकाश शर्मा ने कहा, “जब भी देश की रक्षा की बात आती है, हमारी सेना पीछे नहीं हटती. हमें ऐसे सटीक और कड़े एक्शन की जरूरत थी.”

    पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश
    सेना की कार्रवाई के बाद लोगों में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा भी देखने को मिला. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लगातार आतंकियों को शरण देता आया है और अब उसे उसकी भाषा में जवाब दिया जाना चाहिए.

    ई-रिक्शा संचालकों ने बांटी मिठाई
    मेरठ के ई-रिक्शा चालक संघ के सदस्य राजू ने बताया कि उन्होंने अपने स्तर पर यह तय किया कि सेना की इस बहादुरी पर मिठाइयां बांटी जाएं और लोगों को जागरूक किया जाए कि देश की सुरक्षा के लिए सेना किस हद तक जाती है.

    नारे और जोश से गूंजा मेरठ
    शहर के कई इलाकों में युवाओं ने हाथों में तिरंगा लेकर रैलियां निकालीं और ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘मोदी जिंदाबाद’ जैसे नारे लगाए. इस दौरान लोगों ने एक स्वर में कहा कि आतंक के खिलाफ कार्रवाई जारी रहनी चाहिए और सेना का मनोबल और ऊंचा किया जाना चाहिए.

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  • “मांग का सिंदूर उजाड़ने वालों की खोपड़ी पर चढ़ेगा सिंदूर”: पाकिस्तान पर हमले के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बयान- SHANKARACHARYA ON PAKISTAN ATTACK

    “मांग का सिंदूर उजाड़ने वालों की खोपड़ी पर चढ़ेगा सिंदूर”: पाकिस्तान पर हमले के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बयान- SHANKARACHARYA ON PAKISTAN ATTACK

    मेरठ: ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) के खिलाफ एयरस्ट्राइक की है. भारत की इस हमले में में 90 आतंकी ढेर हो गए हैं. ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य अवीमुक्तेश्वरानंद ने (SHANKARACHARYA ON PAKISTAN ATTACK) पाकिस्तान में छिपे आतंकियों के खिलाफ भारत के हमले का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि यह एक साहसिक कदम है, लेकिन अभी और कठोर कार्रवाई की आवश्यकता है. उन्होंने सरकार से अपेक्षा जताई कि आगे की रणनीति ऐसी होनी चाहिए जिससे पाकिस्तान 100 साल पीछे चला जाए.

    आतंकियों पनाह देता है पाकिस्तान- शंकराचार्य
    शंकराचार्य ने नेशनल नाउ समाचार से बातचीत में कहा, “आतंकियों को पनाह देने वाला पाकिस्तान खुद भी गुनहगार है. ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि दुबारा कोई भारत के खिलाफ साजिश करने की हिम्मत न कर सके.”

    आतंकियों की खोपड़ी पर चढ़ेगा सिंदूर- शंकराचार्य
    उन्होंने कहा कि जो लोग मांग का सिंदूर उजाड़ते हैं, अब उनकी खोपड़ी पर सिंदूर चढ़ेगा. यह वाक्य उनके बयान का सबसे चर्चित हिस्सा बन गया है. उन्होंने यह भी बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम सोच-समझकर दिया गया है. इससे यह स्पष्ट होता है कि इस ऑपरेशन का उद्देश्य भावनात्मक और राष्ट्रीय दोनों दृष्टिकोण से मजबूत है.

    शंकराचार्य अवीमुक्तेश्वरानंद का मानना है कि भारत के नागरिक लंबे समय से ऐसी कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे थे. “अब समय आ गया है कि सरकार आतंकियों और उन्हें समर्थन देने वालों को ऐसा सबक सिखाए, जिससे आने वाली पीढ़ियां भी याद रखें,” उन्होंने कहा कि उन्होंने सरकार की रणनीतिक सोच की सराहना की और सुरक्षा एजेंसियों के प्रयासों की प्रशंसा की. उन्होंने यह भी कहा कि इस समय देश को एकजुट रहने और सरकार का साथ देने की जरूरत है.

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  • पाकिस्तान पर हमले के बाद अलर्ट पर हिंदुस्तान, UP में आज ब्लैक आउट, आपात स्थिति से निपटने की तैयारी- BLACKOUT MOCKDRILL IN UP

    पाकिस्तान पर हमले के बाद अलर्ट पर हिंदुस्तान, UP में आज ब्लैक आउट, आपात स्थिति से निपटने की तैयारी- BLACKOUT MOCKDRILL IN UP

    नई दिल्ली: पाकिस्तान पर 7 मई 2025 को हुई भारतीय एयर स्ट्राइक के बाद केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट (BLACKOUT MOCKDRILL IN UP) पर हैं. केंद्र सरकार ने सुरक्षा समीक्षा के बाद देशभर के 244 जिलों में मॉक ड्रिल आयोजित करने का निर्णय लिया है. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इसकी शुरुआत मंगलवार को हुई, जहां युद्ध जैसी स्थिति में राहत और बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया. गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को निर्देश जारी किए हैं कि वे युद्ध या आतंकी हमलों जैसे हालात में तत्काल प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रहें. इस आदेश के तहत उत्तर प्रदेश के 19 जिलों में 7 मई को ब्लैकआउट मॉक ड्रिल की जाएगी. राज्य के डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि ड्रिल के दौरान कुछ देर के लिए बिजली की आपूर्ति और सार्वजनिक स्थानों की लाइटें बंद कर दी जाएंगी.

    सायरन बजते ही राहत टीमें हुईं एक्टिव
    लखनऊ की पुलिस लाइन में हुए मॉक ड्रिल के दौरान सायरन बजते ही सिविल डिफेंस, एंबुलेंस, दमकल और पुलिस टीमों ने तत्काल हरकत में आकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और भीड़भाड़ वाली जगहों को खाली कराया गया. इस ड्रिल का उद्देश्य केवल अभ्यास नहीं, बल्कि एक रियल-टाइम रेस्पॉन्स सिस्टम को परखना है, ताकि वास्तविक आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. (BLACKOUT MOCKDRILL IN UP)

    ब्लैकआउट की तैयारी, 19 जिलों में रात को बिजली बंद
    डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि 7 मई की रात को गोरखपुर, कानपुर, आगरा, वाराणसी, लखनऊ, मेरठ समेत 19 जिलों में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल होगी. इन जिलों को गृह मंत्रालय ने A, B, और C कैटेगरी में बांटा है, जिसमें सुरक्षा की गंभीरता के आधार पर गतिविधियां निर्धारित की गई हैं. विशेष सतर्कता नेपाल सीमा से लगे जिलों सिद्धार्थनगर, बहराइच और महाराजगंज में बरती जा रही है. इन जिलों में मॉक ड्रिल के दौरान एयर रेड सायरन, ब्लैकआउट, कैमोफ्लाज प्रोटोकॉल, नागरिकों का प्रशिक्षण और छात्र-अभियान आयोजित होंगे. (BLACKOUT MOCKDRILL IN UP)

    गोरखपुर में 7 से 8 बजे होगा ब्लैकआउट
    गोरखपुर में सिविल डिफेंस और जिला प्रशासन के सहयोग से मॉक ड्रिल का आयोजन शहर के प्रमुख स्थानों पर होगा. शाम 7 से 8 बजे तक शहर में ब्लैकआउट रहेगा. सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन डॉ. संजीव गुलाटी ने बताया कि 500 प्रशिक्षित कार्यकर्ता लोगों को युद्ध जैसी स्थिति से बचने का प्रशिक्षण देंगे. साथ ही नागरिकों को एयर रेड सायरन की पहचान, अफवाहों से बचाव और नजदीकी शरणस्थलों की जानकारी देने का भी अभ्यास कराया जाएगा.

    सोनभद्र में अधिकारियों ने बनाई रणनीति
    सोनभद्र जिले में मॉक ड्रिल को लेकर डीएम बद्रीनाथ सिंह और एसपी अशोक कुमार मीणा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई. बैठक में औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा, आपातकालीन यातायात प्रबंधन, ब्लैकआउट की प्रक्रिया, और धार्मिक स्थलों के लाउडस्पीकर से अलर्ट जारी करने जैसे विषयों पर चर्चा हुई. 7 मई को सुबह 9 से 11 बजे तक जिले के विभिन्न स्थानों पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी. औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया है.

    आगरा में 8 स्थानों पर मॉक ड्रिल, 5 मिनट का ब्लैकआउट
    आगरा के डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने बताया कि जिले में 8 से 10 लोकेशन्स पर मॉक ड्रिल की योजना बनाई गई है. बुधवार रात 8 बजे 5 मिनट के लिए ब्लैकआउट किया जाएगा.
    इस दौरान सायरन बजाया जाएगा और सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे पैनिक न करें और इसे युद्ध न समझें. रामकृष्णा कन्या महाविद्यालय, बल्केश्वर में माइक्रो मॉक ड्रिल भी होगी, जिसमें आपात स्थिति में घायलों के इलाज का प्रशिक्षण दिया जाएगा.

    देशभर की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर
    गृह मंत्रालय ने कहा है कि मॉक ड्रिल के जरिये यह देखा जाएगा कि किसी भी संभावित युद्ध या आतंकी हमले के समय प्रशासन और नागरिकों की प्रतिक्रिया कितनी प्रभावी है. सभी राज्य, जिला और स्थानीय प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे हर सेक्टर में तैयारियां सुनिश्चित करें और ड्रिल को वास्तविक हालात जैसा बनाएं.

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    भारत का ‘इजरायली स्टाइल स्ट्राइक’: वायु सेना ने POK में 9 आतंकी ठिकानों को किया तबाह- INDIA PAKISTAN WAR

    नई दिल्ली: 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के 15वें दिन भारत ने जवाबी कार्रवाई (INDIA PAKISTAN WAR) करते हुए “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए. भारत की यह सैन्य कार्रवाई इजरायल की सैन्य रणनीति की तरह मानी जा रही है, जिसमें सीमित लेकिन घातक हमलों के जरिए दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाया जाता है.

    पहलगाम हमले के बाद भारत की आक्रामक रणनीति
    पहलगाम में हुए आत्मघाती हमले में कई सुरक्षाबलों की शहादत के बाद देश में रोष फैल गया था. भारत ने 7 मई, 2025 को पाकिस्तान के भीतर बहावलपुर, मुरीदके, गुलपुर, कोटली और मुजफ्फराबाद जैसे आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर नौ अलग-अलग लोकेशनों पर मिसाइल स्ट्राइक की. इन हमलों को “ऑपरेशन सिंदूर” नाम दिया गया, जो भारत की बदलती सैन्य नीति का प्रतीक है. (INDIA PAKISTAN WAR)

    इजरायली रणनीति से प्रेरित भारत की स्ट्राइक
    भारत की इस कार्रवाई की तुलना इजरायल की सैन्य रणनीति से की जा रही है. इजरायल वर्षों से सीमित, सटीक और खुफिया-आधारित हमलों के लिए जाना जाता है, जिससे बड़े युद्ध की स्थिति टलती है, लेकिन दुश्मन को गहरा झटका मिलता है. भारत ने भी 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 की बालाकोट एयरस्ट्राइक में इसी शैली का पालन किया था.

    कैसे हुआ ऑपरेशन सिंदूर?
    भारत ने इस ऑपरेशन में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया. सैटेलाइट इमेजरी, ड्रोन, और नेट्रा AWACS जैसी प्रणाली से दुश्मन के ठिकानों को पहले लॉक किया गया, फिर सुपरसोनिक ब्रह्मोस और रुद्रम-1 मिसाइलों से हमला किया गया. RISAT-2BR1 सैटेलाइट और अन्य निगरानी प्रणालियों ने टारगेट की स्थिति और गतिविधियों पर निगरानी रखी. यह पूरी तरह से इजरायल की टारगेट लॉकिंग और प्री-स्ट्राइक इंटेलिजेंस मॉडल से मेल खाता है.

    पाकिस्तान का HQ-9 एयर डिफेंस हुआ फेल
    भारत की मिसाइलें पाकिस्तान के आधुनिक माने जाने वाले चीनी HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देकर अपने टारगेट पर सटीक वार कर पाईं. HQ-9 भले ही 100 टारगेट को ट्रैक करने और 6 को एकसाथ नष्ट करने की क्षमता रखता है, लेकिन ब्रह्मोस की तेज गति और कम ऊंचाई पर उड़ान के चलते यह उसे रोक नहीं सका. HQ-9 की रडार क्षमताएं भारत के S-400 सिस्टम के मुकाबले कमजोर हैं. यही कारण था कि पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था इन हमलों को रोकने में असफल रही.

    SEAD रणनीति का इस्तेमाल
    भारत ने SEAD (Suppression of Enemy Air Defenses) रणनीति का उपयोग करते हुए पाकिस्तान के एयर डिफेंस को निष्क्रिय किया. सुखोई-30 MKI विमानों से Kh-31P और रुद्रम-1 मिसाइलों का इस्तेमाल कर रडार और एयर डिफेंस सिस्टम को पहले नष्ट किया गया. भारत ने इस ऑपरेशन में केवल आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे आम नागरिकों को नुकसान न पहुंचे. यह भी इजरायली शैली की खासियत है कि हमले सटीक और सीमित होते हैं.

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