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Category: Healthy Lifestyle Tips

  • Hair Care Tips: सर्दियों में रूखे और दोमुंहे बालों से हैं परेशान? अंडे में मिलाकर लगाएं ये 3 चीजें

    Hair Care Tips: सर्दियों में रूखे और दोमुंहे बालों से हैं परेशान? अंडे में मिलाकर लगाएं ये 3 चीजें

    Hair Care Tips: सर्दियों का मौसम जहां एक ओर अपने खूबसूरत नजारों और ठंडी हवा के कारण लोगों को खुश करता है, वहीं यह बालों के लिए एक बड़ी चुनौती भी लेकर आता है। ठंडी हवा, कम नमी और गरम पानी से नहाने की आदत बालों को रूखा, बेजान और दोमुंहे बना देती है। अक्सर लोग महंगे हेयर ट्रीटमेंट या सलून पैक का सहारा लेते हैं, लेकिन घर में मौजूद कुछ आसान और प्राकृतिक चीजों से भी बालों की समस्याओं का समाधान संभव है। ऐसे में अंडा एक बेहद असरदार उपाय साबित हो सकता है। अंडा बालों के लिए कई तरह से फायदेमंद है। यह प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स का भंडार है, जो बालों की मजबूती बढ़ाने, टूटने और झड़ने से बचाने में मदद करता है। यदि अंडे में कुछ प्राकृतिक चीजें मिलाई जाएं, तो इसके असर को और बढ़ाया जा सकता है।

    1️⃣ अंडा + नारियल तेल

    नारियल तेल बालों के लिए प्राकृतिक पोषण का स्रोत है। यह बालों की जड़ों तक जाकर उन्हें मजबूत बनाता है और रूखापन दूर करता है। अंडे में प्रोटीन और बायोटिन मौजूद होता है, जो बालों की ग्रोथ बढ़ाने में मदद करता है।

    कैसे लगाएं:

    • 1 अंडा लें और उसे अच्छे से फेंटें।
    • इसमें 2 चम्मच नारियल तेल मिलाएं।
    • इस मिश्रण को बालों की जड़ों और लंबाई में लगाएं।
    • 30 मिनट तक छोड़ दें और उसके बाद माइल्ड शैंपू से धो लें।

    नियमित इस्तेमाल से बाल मुलायम, मजबूत और चमकदार बनते हैं।

    2️⃣ अंडा + दही

    दही में मौजूद लैक्टिक एसिड और प्रोटीन बालों को नेचुरल कंडीशनिंग प्रदान करता है। यह बालों की सूखापन और फ्रिज़ीनेस को कम करने में मदद करता है।

    कैसे लगाएं:

    • 1 अंडा लें और उसमें 3 चम्मच ताजा दही मिलाएं।
    • दोनों को अच्छी तरह मिक्स करके पेस्ट बनाएं।
    • इस पेस्ट को बालों और स्कैल्प पर लगाकर 25–30 मिनट तक छोड़ दें।
    • हल्के गुनगुने पानी से बालों को धो लें।

    इससे बाल दोमुंहे और टूटने की समस्या कम होती है और बालों में स्वस्थ चमक आती है।

    3️⃣ अंडा + शहद

    शहद बालों के लिए नेचुरल मॉइश्चराइज़र का काम करता है। यह बालों में नमी बनाए रखता है और रूखापन कम करता है। अंडे के प्रोटीन के साथ मिलकर यह मिश्रण बालों को मजबूत और हेल्दी बनाता है।

    कैसे लगाएं:

    • 1 अंडा लें और उसमें 1–2 चम्मच शहद मिलाएं।
    • इसे बालों की जड़ों और लंबाई में लगाएं।
    • 20–25 मिनट बाद ठंडे या गुनगुने पानी से बाल धो लें।

    इस पैक से बाल ड्राईनेस से बचे रहते हैं और उनमें प्राकृतिक शाइन आती है।

    जरूरी टिप्स

    1. अंडा लगाने के बाद गर्म पानी से बाल न धोएं, क्योंकि इससे अंडा जम सकता है।
    2. हफ्ते में एक बार ही यह पैक लगाएं।
    3. अगर अंडे की बदबू परेशान करे, तो शैंपू करते समय नींबू या एलोवेरा वाला शैंपू इस्तेमाल करें।
    4. बालों को हमेशा नरम तौलिए से सुखाएं, कंघी करने से पहले हल्का सा कंडीशनर लगाएं।

    सर्दियों में रूखे, टूटते और दोमुंहे बालों से परेशान लोगों के लिए यह अंडे का घरेलू नुस्खा बेहद कारगर साबित हो सकता है। नियमित उपयोग से बाल फिर से मुलायम, मजबूत और खूबसूरत दिखने लगेंगे। यह न सिर्फ बालों की सेहत बनाएगा, बल्कि आपके बालों को सर्दियों में होने वाले नुकसान से भी बचाएगा।

  • Kadhai vs Pressure Cooker : स्वाद, समय और सेहत के लिए कौन सा बर्तन बेहतर

    Kadhai vs Pressure Cooker : स्वाद, समय और सेहत के लिए कौन सा बर्तन बेहतर

    Kadhai vs Pressure Cooker: किचन में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले बर्तनों में कढ़ाही और प्रेशर कुकर शामिल हैं। रोजमर्रा की भाग-दौड़ में प्रेशर कुकर खाना बनाना तेज और आसान माना जाता है, जबकि कढ़ाही में तैयार खाना स्वाद और परंपरा के लिए पसंद किया जाता है। लेकिन सवाल सिर्फ स्वाद या समय का नहीं है, बल्कि सेहत और पोषक तत्वों पर भी असर पड़ता है।

    1. कढ़ाही में खाना

    कढ़ाही में खाना आमतौर पर खुले बर्तन में और मध्यम आंच पर पकाया जाता है। इसमें सब्जियां, मसाले और तेल अच्छी तरह मिलते हैं और खाना धीरे-धीरे तैयार होता है।

    फायदे:

    • सब्जियों का रंग, खुशबू और बनावट बेहतर रहती है।
    • मसालों का स्वाद अच्छी तरह निकलता है, जिससे कम मसालों में भी स्वाद बढ़ जाता है।
    • धीरे पकने वाला खाना कुछ लोगों के लिए पचाने में आसान होता है।

    सावधानियां:

    • ज्यादा तेल या तेज आंच पर तलने से पोषण घट सकता है।
    • समय और ईंधन की खपत अधिक होती है।

    2. प्रेशर कुकर में खाना

    प्रेशर कुकर में खाना बंद ढक्कन के अंदर भाप और दबाव में पकता है। इससे दाल, चावल, सब्ज़ियां और खिचड़ी जल्दी बन जाती हैं।

    फायदे:

    • खाना जल्दी तैयार होता है, समय की बचत होती है।
    • पोषक तत्व अधिकतर सुरक्षित रहते हैं क्योंकि कम समय में खाना पकता है।
    • ऊर्जा की बचत होती है।

    सावधानियां:

    • लंबे समय तक तेज आंच पर पकाने से कुछ पोषक तत्व नष्ट हो सकते हैं।
    • ढक्कन खुलते समय सावधानी जरूरी है।

    3. स्वाद, पोषण और समय का संतुलन

    यदि आप स्वाद और धीरे पकने वाले पोषक तत्वों को प्राथमिकता देते हैं, तो कढ़ाही बेहतर विकल्प है। वहीं, अगर समय की बचत और ऊर्जा की बचत जरूरी है, तो प्रेशर कुकर अधिक सुविधाजनक है। स्वास्थ्य और पोषण के लिहाज से दोनों तरीकों का संतुलित उपयोग करना सही माना जाता है।किचन में दोनों बर्तनों का महत्व अलग-अलग है। स्वाद और परंपरा के लिए कढ़ाही, जबकि समय और पोषण बचाने के लिए प्रेशर कुकर का प्रयोग करना समझदारी है। कढ़ाही vs प्रेशर कुकर का चुनाव आपकी प्राथमिकता और जरूरत पर निर्भर करता है।

  • Ungli Me Khujli Ho To Kya Kare:  सर्दियों में उंगलियों की खुजली क्यों बढ़ जाती है? जानिए कारण, घरेलू उपाय और बचाव

    Ungli Me Khujli Ho To Kya Kare:  सर्दियों में उंगलियों की खुजली क्यों बढ़ जाती है? जानिए कारण, घरेलू उपाय और बचाव

    Ungli Me Khujli Ho To Kya Kare:  सर्दियों का मौसम जहां ठंड और कोहरे के साथ राहत लाता है, वहीं यह त्वचा से जुड़ी कई समस्याओं को भी बढ़ा देता है। इन्हीं समस्याओं में से एक आम लेकिन परेशान करने वाली दिक्कत है—उंगलियों में खुजली। कई लोगों को उंगलियों के ऊपर, बीच में या हथेलियों में लगातार खुजली महसूस होती है। कभी-कभी यह मामूली ड्राइनेस होती है, लेकिन कई बार इसके पीछे गंभीर कारण भी हो सकते हैं।

    सर्दियों में उंगलियों में खुजली क्यों होती है?

    1. ड्राइनेस (Dry Skin)
    ठंड के मौसम में हवा में नमी कम हो जाती है, जिससे त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है।बार-बार हाथ धोना, ठंडी हवा में बिना दस्ताने निकलना और मॉइस्चराइज़र न लगाना खुजली को बढ़ा देता है।

    2. कॉन्टेक्ट डर्मेटाइटिस
    अगर आपकी त्वचा किसी केमिकल, साबुन, डिटर्जेंट, परफ्यूम या मेटल के संपर्क में आती है, तो एलर्जी हो सकती है।
    इसके लक्षण हैं—

    • तेज खुजली
    • लालिमा
    • सूजन
    • जलन

    3. एक्जिमा (Eczema)
    संवेदनशील त्वचा वाले लोगों में सर्दियों के दौरान एक्जिमा बढ़ सकता है। इसमें त्वचा फटने लगती है और खुजली असहनीय हो जाती है।

    4. फंगल इंफेक्शन
    उंगलियों के बीच नमी रहने पर फंगल इंफेक्शन पनप सकता है, जिससे खुजली के साथ जलन भी होती है।

    5. पोषण की कमी
    विटामिन B12, आयरन या जिंक की कमी से भी त्वचा में खुजली हो सकती है।

    उंगलियों की खुजली से राहत के घरेलू उपाय

    नारियल या सरसों का तेल दिन में 2 बार लगाने से त्वचा में नमी बनी रहती है। एलोवेरा जेल खुजली और सूजन दोनों में आराम देता है। गुनगुने पानी का इस्तेमाल बहुत गर्म पानी से हाथ धोने से बचें। माइल्ड साबुन चुनें केमिकल-फ्री और खुशबू रहित साबुन बेहतर होते हैं। दस्ताने पहनेंठंडी हवा और डिटर्जेंट से बचाव करता है। कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है?अगर खुजली लगातार बढ़ रही हो खून, पस या घाव बनने लगें घरेलू उपायों से 5-7 दिन में आराम न मिले तो तुरंत डर्मेटोलॉजिस्ट से संपर्क करें।

    बचाव के आसान तरीके

    • दिन में कम से कम 2 बार मॉइस्चराइज़र
    • हाथ धोने के बाद तुरंत क्रीम
    • संतुलित आहार और पानी पर्याप्त मात्रा में

    सर्दियों में उंगलियों में खुजली आम समस्या है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना सही नहीं। समय रहते देखभाल और सही उपाय अपनाकर इस परेशानी से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है।

  • Weight Loss Flour: वजन कम करना है तो बदलें आटे की आदत, ये आटे हैं गेहूं से ज्यादा फायदेमंद

    Weight Loss Flour: वजन कम करना है तो बदलें आटे की आदत, ये आटे हैं गेहूं से ज्यादा फायदेमंद

    Weight Loss Flour: इसमें कोई दोराय नहीं कि अच्छा खानपान ही अच्छी सेहत की कुंजी है। आज के समय में बढ़ते वजन की सबसे बड़ी वजह गलत डाइट और बाहर के खाने की आदत बन चुकी है। फास्ट फूड और तले-भुने खाने से शरीर को जरूरत से ज्यादा फैट और कैलोरी मिलती है, जिससे वजन तेजी से बढ़ता है।अगर आप वजन घटाना चाहते हैं, तो इसकी शुरुआत घर के खाने में छोटे लेकिन असरदार बदलाव से की जा सकती है। खासकर आटे का चुनाव वजन घटाने में अहम भूमिका निभाता है। आज हम आपको ऐसे आटे बता रहे हैं, जिनसे बनी रोटियां गेहूं के आटे से ज्यादा हेल्दी मानी जाती हैं और वजन कम करने में मदद करती हैं।

    रागी का आटा (Ragi Flour)

    रागी के आटे से बनी रोटियां सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होती हैं।

    • रागी कैल्शियम और फाइबर से भरपूर होता है
    • पेट लंबे समय तक भरा रहता है
    • ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है

    जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, वे रोजाना रागी की रोटी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।

    बाजरे का आटा (Bajra Flour)

    बाजरे का आटा पूरी तरह ग्लूटन फ्री होता है।इसमें भरपूर प्रोटीन और फाइबर पाया जाता है बार-बार भूख नहीं लगती ओवरईटिंग से बचाव होता है हफ्ते में 2–3 बार बाजरे की रोटियां खाने से वजन कंट्रोल में रहता है।

    ज्वार का आटा (Jowar Flour)

    ज्वार के आटे से बनी रोटियां स्वादिष्ट होने के साथ-साथ हेल्दी भी होती हैं। यह भी ग्लूटन फ्री होता है फाइबर और प्रोटीन से भरपूर मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है दाल या सब्जी के साथ ज्वार की रोटी वजन घटाने वालों के लिए बेहतरीन विकल्प है।

    जौ का आटा (Barley Flour)

    जौ के आटे की रोटियां वेट लॉस के लिए बेहद असरदार मानी जाती हैं। इसमें फाइबर और बीटा-ग्लूकन मौजूद होता हैपेट लंबे समय तक भरा रहता है ब्लड शुगर को रेगुलेट करने में मदद करता है डायबिटीज और मोटापे से जूझ रहे लोगों के लिए जौ की रोटी काफी फायदेमंद है।

  • Morning Skincare Routine: सुबह उठते ही चेहरे पर क्या लगाएं ताकि पूरे दिन रहे ग्लो और फ्रेशनेस

    Morning Skincare Routine: सुबह उठते ही चेहरे पर क्या लगाएं ताकि पूरे दिन रहे ग्लो और फ्रेशनेस

    Morning Skincare Routine : हर कोई चाहता है कि उसका चेहरा पूरे दिन ग्लोइंग, फ्रेश और हेल्दी दिखे। लेकिन सिर्फ महंगे प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने से ही स्किन खूबसूरत नहीं बनती, बल्कि सही मॉर्निंग स्किनकेयर रूटीन अपनाना सबसे ज़रूरी होता है। सुबह उठते ही हम चेहरे पर क्या लगाते हैं, इसका सीधा असर हमारी स्किन की सेहत, निखार और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया पर पड़ता है। सही रूटीन न केवल स्किन को सॉफ्ट और चमकदार बनाता है, बल्कि झुर्रियों, पिंपल्स और दाग-धब्बों से भी बचाव करता है।आइए जानते हैं एक आसान लेकिन असरदार Morning Skincare Routine, जिसे अपनाकर आप बेदाग और निखरी हुई त्वचा पा सकते हैं।

    1. सुबह उठते ही करें क्लींजिंग

    ग्लोइंग और फ्रेश स्किन के लिए सबसे पहला कदम है क्लींजिंग। सुबह उठकर चेहरे को हल्के ठंडे पानी से धोना चाहिए। इससे रातभर जमा गंदगी, पसीना और अतिरिक्त तेल साफ हो जाता है।आप चाहें तो माइल्ड फेस वॉश या क्लींजर का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो आपकी स्किन टाइप (ड्राई, ऑयली या सेंसिटिव) के अनुसार हो। ध्यान रखें कि ज्यादा केमिकल या हार्ड फेसवॉश का प्रयोग न करें, क्योंकि इससे त्वचा रूखी और बेजान हो सकती है।

    2. टोनिंग करना न भूलें

    क्लींजिंग के बाद अगला जरूरी स्टेप है टोनिंग। टोनर स्किन के पोर्स को टाइट करता है और त्वचा को हाइड्रेट रखने में मदद करता है।इसके लिए आप गुलाब जल (Rose Water) का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक नेचुरल टोनर है। गुलाब जल से स्किन फ्रेश रहती है, दाग-धब्बे हल्के होते हैं और चेहरे पर नेचुरल ग्लो आता है।


    3. सीरम का करें इस्तेमाल

    टोनर लगाने के कुछ मिनट बाद चेहरे पर सीरम लगाएं। खासतौर पर विटामिन C सीरम मॉर्निंग रूटीन के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है।विटामिन C स्किन को पोषण देता है, पिग्मेंटेशन कम करता है और चेहरे पर ब्राइटनेस लाता है। नियमित इस्तेमाल से स्किन टोन भी इवन होती है।

    4. मॉइस्चराइजर है बेहद जरूरी

    सीरम के बाद मॉइस्चराइजर लगाना बिल्कुल न भूलें। चाहे आपकी स्किन ऑयली हो या ड्राई, मॉइस्चराइजर हर स्किन टाइप के लिए जरूरी है।यह स्किन को पूरे दिन हाइड्रेट रखता है और रूखापन दूर करता है। ऑयली स्किन वाले लोग जेल-बेस्ड मॉइस्चराइजर चुन सकते हैं।

    5. सनस्क्रीन लगाना न भूलें

    अगर आप बाहर निकलते हैं तो सनस्क्रीन मॉर्निंग स्किनकेयर का सबसे अहम हिस्सा है। SPF 30 या उससे अधिक की सनस्क्रीन लगाने से स्किन को सूरज की हानिकारक UV किरणों से बचाया जा सकता है। इससे टैनिंग, झुर्रियां और स्किन एजिंग की समस्या कम होती है।एक सही Morning Skincare Routine आपकी स्किन को न सिर्फ ग्लोइंग बनाता है, बल्कि उसे लंबे समय तक हेल्दी भी रखता है। अगर आप रोजाना क्लींजिंग, टोनिंग, सीरम, मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन का सही तरीके से इस्तेमाल करते हैं, तो बिना ज्यादा खर्च किए भी खूबसूरत और निखरी त्वचा पा सकते हैं।

  • चिया सीड्स के पानी से पाएं कुदरती ग्लो, जानिए फायदे और सही तरीका

    चिया सीड्स के पानी से पाएं कुदरती ग्लो, जानिए फायदे और सही तरीका

    आज के समय में सुंदर, साफ और चमकती त्वचा हर किसी की चाह होती है। लोग इसके लिए महंगे क्रीम, ब्यूटी ट्रीटमेंट और फिल्टर का सहारा लेते हैं, लेकिन इनका असर अक्सर कुछ समय के लिए ही रहता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या बिना केमिकल और महंगे प्रोडक्ट्स के भी चेहरे पर कुदरती निखार पाया जा सकता है? इसका जवाब है – हां, और इसका आसान उपाय है चिया सीड्स का पानी

    चिया सीड्स क्या हैं?

    चिया सीड्स छोटे काले या सफेद बीज होते हैं, जिन्हें सुपरफूड माना जाता है। इनमें भरपूर मात्रा में फाइबर, ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट्स और मिनरल्स पाए जाते हैं। यही पोषक तत्व त्वचा को अंदर से पोषण देकर उसे हेल्दी और ग्लोइंग बनाते हैं।

    स्किन के लिए चिया सीड्स के पानी के फायदे

    चिया सीड्स का पानी पीने से शरीर डिटॉक्स होता है, जिसका सीधा असर चेहरे पर दिखाई देता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं और समय से पहले आने वाली झुर्रियों को कम करने में मदद करते हैं।
    ओमेगा-3 फैटी एसिड त्वचा को अंदर से मॉइस्चर देता है, जिससे ड्रायनेस और रूखापन कम होता है। इसके नियमित सेवन से पिंपल, एक्ने और दाग-धब्बों में भी धीरे-धीरे सुधार देखने को मिलता है। साथ ही यह स्किन की इलास्टिसिटी बढ़ाकर नेचुरल ग्लो लाने में सहायक होता है।

    चिया सीड्स का पानी कैसे बनाएं?

    चिया सीड्स का पानी बनाना बेहद आसान है।एक गिलास गुनगुना पानी लें उसमें एक चम्मच चिया सीड्स डालेंइसे कम से कम 30 मिनट या रातभर के लिए भिगो दें सुबह खाली पेट इसका सेवन करें स्वाद और फायदे बढ़ाने के लिए इसमें नींबू की कुछ बूंदें या थोड़ा शहद मिलाया जा सकता है।

    इन बातों का रखें ध्यान

    चिया सीड्स का अधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए दिन में एक गिलास से ज्यादा न पिएं। सूखे चिया सीड्स सीधे निगलने से बचें। अगर आपको थायरॉइड, एलर्जी या कोई गंभीर बीमारी है, तो सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

  • Healthy Lifestyle Tips : डार्क चॉकलेट से धीमी होगी उम्र की रफ्तार, नई स्टडी का बड़ा दावा

    Healthy Lifestyle Tips : डार्क चॉकलेट से धीमी होगी उम्र की रफ्तार, नई स्टडी का बड़ा दावा

    Healthy Lifestyle Tips : अगर आप चॉकलेट प्रेमी हैं, तो यह खबर आपके चेहरे पर मुस्कान ला सकती है। हाल ही में सामने आई एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि डार्क चॉकलेट का सीमित मात्रा में सेवन उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद कर सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, डार्क चॉकलेट में मौजूद कुछ खास तत्व शरीर को अंदर से स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं, जिससे एजिंग यानी बुढ़ापे के असर कम हो सकते हैं।

    Dark Chocolate Benefits in Hindi
    Dark Chocolate Benefits in Hindi

    स्टडी के मुताबिक, डार्क चॉकलेट में फ्लेवोनॉयड्स और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। ये तत्व शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करते हैं, जो उम्र बढ़ने और कई बीमारियों की बड़ी वजह माने जाते हैं। फ्री रेडिकल्स त्वचा, कोशिकाओं और अंगों को नुकसान पहुंचाते हैं, लेकिन एंटीऑक्सीडेंट्स इनके प्रभाव को कम कर सकते हैं। यही कारण है कि डार्क चॉकलेट को एजिंग के खिलाफ फायदेमंद माना जा रहा है।

    शोधकर्ताओं का कहना है कि नियमित रूप से थोड़ी मात्रा में डार्क चॉकलेट खाने से दिल की सेहत बेहतर रह सकती है। इसमें मौजूद कोको ब्लड सर्कुलेशन को सुधारने में मदद करता है, जिससे हार्ट हेल्थ पर सकारात्मक असर पड़ता है। बेहतर रक्त संचार का असर त्वचा पर भी दिखता है, जिससे त्वचा में चमक बनी रहती है और झुर्रियां देर से आती हैं।

    नई स्टडी में यह भी बताया गया है कि डार्क चॉकलेट दिमागी सेहत के लिए भी लाभकारी हो सकती है। इसमें मौजूद तत्व स्ट्रेस हार्मोन को कम करने में सहायक माने जाते हैं, जिससे मानसिक तनाव घटता है। कम तनाव का सीधा संबंध बेहतर नींद, सकारात्मक सोच और कुल मिलाकर बेहतर जीवनशैली से जुड़ा होता है, जो उम्र को धीमा करने में मददगार साबित हो सकता है।

    हालांकि विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि डार्क चॉकलेट का सेवन संतुलित मात्रा में ही किया जाना चाहिए। ज्यादा मीठी या मिल्क चॉकलेट की बजाय कम से कम 70 प्रतिशत कोको वाली डार्क चॉकलेट को बेहतर विकल्प माना गया है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ दिनचर्या के साथ अगर डार्क चॉकलेट को शामिल किया जाए, तो इसके फायदे और भी बेहतर हो सकते हैं।

    कुल मिलाकर, यह नई स्टडी इशारा करती है कि सही मात्रा में डार्क चॉकलेट न सिर्फ स्वाद का आनंद देती है, बल्कि उम्र की रफ्तार को धीमा करने में भी मददगार हो सकती है।