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Category: अंतरराष्ट्रीय

  • Pakistan Inflation: पाकिस्तान में महंगाई का कहर, 1 किलो चावल 320 रुपये तो चिकन 840 रुपये के पार

    Pakistan Inflation: पाकिस्तान में महंगाई का कहर, 1 किलो चावल 320 रुपये तो चिकन 840 रुपये के पार

    Pakistan Inflation News in Hindi:पाकिस्तान में महंगाई आम जनता की कमर तोड़ती जा रही है। रोजमर्रा की जरूरत की चीजें आम लोगों की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। ताजा हालात यह हैं कि एक किलो चावल की कीमत 320 रुपये तक पहुंच गई है, जबकि एक किलो चिकन 840 रुपये से भी ज्यादा में बिक रहा है। बढ़ती कीमतों ने पाकिस्तान के मध्यम और गरीब वर्ग की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

    खाद्य पदार्थों की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी

    पाकिस्तान के कई शहरों में खाने-पीने की चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं।

    • चावल: ₹300–320 प्रति किलो
    • चिकन: ₹800–840 प्रति किलो
    • आटा, दाल, तेल और सब्जियों की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है
    • महंगाई की इस मार का सबसे ज्यादा असर दिहाड़ी मजदूरों और सीमित आय वाले परिवारों पर पड़ रहा है।

    आर्थिक संकट ने बढ़ाई परेशानी

    विशेषज्ञों के मुताबिक पाकिस्तान इस वक्त गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। विदेशी मुद्रा भंडार में कमी पाकिस्तानी रुपये की गिरती कीमत ईंधन और आयातित वस्तुओं के महंगे होने कर्ज और ब्याज का बढ़ता बोझ इन सभी कारणों ने महंगाई को और भड़काने का काम किया है।

    आम जनता में आक्रोश

    महंगाई के चलते पाकिस्तान में आम लोग सरकार की नीतियों से नाराज नजर आ रहे हैं। कई जगहों पर लोग कह रहे हैं कि अब दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल हो गया है। सोशल मीडिया पर भी बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार की आलोचना तेज हो गई है।

    सरकार के सामने बड़ी चुनौती

    पाकिस्तान सरकार के लिए महंगाई पर काबू पाना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो आने वाले दिनों में जनाक्रोश और बढ़ सकता है।

  • बांग्लादेश में फिर हिंदू युवक की हत्या, सुनामगंज में जॉय महापात्रो को पीटकर जहर देने का आरोप

    बांग्लादेश में फिर हिंदू युवक की हत्या, सुनामगंज में जॉय महापात्रो को पीटकर जहर देने का आरोप

    बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला 8 जनवरी का है, जब सुनामगंज जिले में एक हिंदू युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान जॉय महापात्रो के रूप में हुई है। इस घटना ने एक बार फिर बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।परिजनों के अनुसार, जॉय महापात्रो को पहले बेरहमी से पीटा गया और उसके बाद स्थानीय निवासी अमीरुल इस्लाम ने उसे जबरन जहर पिला दिया। गंभीर हालत में जॉय को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और हिंदू समुदाय में डर और आक्रोश व्याप्त है।

    पहले मारपीट, फिर जहर देने का आरोप

    परिवार का कहना है कि जॉय को किसी विवाद के बहाने बुलाया गया था, जहां उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद उसे जहरीला पदार्थ दिया गया। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। परिजनों ने इस घटना को सुनियोजित हत्या करार दिया है।

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, इलाके में इससे पहले भी हिंदू समुदाय को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हो पाती।

    अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमले

    बांग्लादेश में बीते कुछ समय से हिंदू, बौद्ध और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हमलों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। कभी मंदिरों में तोड़फोड़, तो कभी व्यक्तिगत स्तर पर हिंसा की घटनाएं दर्ज की जा रही हैं। जॉय महापात्रो की हत्या को इसी सिलसिले की एक और कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

    भारत की कड़ी प्रतिक्रिया

    भारत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर गहरी चिंता जताई है। मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा है कि इस तरह की घटनाएं न सिर्फ मानवाधिकारों का उल्लंघन हैं, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी खतरा पैदा करती हैं।विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश सरकार से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि अल्पसंख्यक समुदायों में सुरक्षा का भरोसा बहाल हो सके।

    जांच पर उठ रहे सवाल

    हालांकि स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है, लेकिन परिजनों और मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि जब तक निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई नहीं होती, तब तक ऐसी घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं।जॉय महापात्रो की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बांग्लादेश में अल्पसंख्यक खुद को सुरक्षित महसूस कर पा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि बांग्लादेश सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है।

  • Elon Musk X decision: ‘अश्लील कंटेंट को परमिशन नहीं’Grok विवाद के बाद Elon Musk के X का बड़ा एक्शन

    Elon Musk X decision: ‘अश्लील कंटेंट को परमिशन नहीं’Grok विवाद के बाद Elon Musk के X का बड़ा एक्शन

    Elon Musk X decision: दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क (Elon Musk) के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में Twitter) ने भारत में चल रहे Grok AI विवाद के बीच बड़ा और सख्त कदम उठाया है। प्लेटफॉर्म ने साफ कर दिया है कि वह अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट को किसी भी हाल में अनुमति नहीं देगा। इसी क्रम में X ने 600 अकाउंट डिलीट कर दिए हैं और 3,500 से ज्यादा पोस्ट ब्लॉक की हैं।यह कार्रवाई भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा आपत्तिजनक कंटेंट पर संज्ञान लेने के बाद की गई है। मंत्रालय ने X पर मौजूद उन पोस्ट्स और अकाउंट्स को चिह्नित किया था, जिन पर Grok AI की मदद से कथित तौर पर अश्लील सामग्री जनरेट और प्रसारित की जा रही थी।

    Grok AI बना विवाद की जड़

    पिछले कुछ दिनों से X पर Grok AI को लेकर विवाद गहराता जा रहा था। आरोप थे कि कई यूजर्स Grok की मदद से आपत्तिजनक और अश्लील कंटेंट तैयार कर उसे खुलेआम शेयर कर रहे हैं। यह सामग्री न केवल सोशल मीडिया गाइडलाइंस का उल्लंघन थी, बल्कि भारतीय कानूनों के भी खिलाफ मानी जा रही थी।इस पर आम यूजर्स, सामाजिक संगठनों और डिजिटल एक्सपर्ट्स ने कड़ी आपत्ति जताई। कई लोगों ने सवाल उठाया कि क्या AI टूल्स को बिना पर्याप्त कंट्रोल के सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर छोड़ देना सही है।

    सरकार के निर्देशों के बाद X का रुख बदला

    सूत्रों के मुताबिक, MeitY ने X को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि भारत में लागू IT नियमों और डिजिटल कानूनों का सख्ती से पालन किया जाए। इसके बाद X ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि वह सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार काम करेगा और भविष्य में ऐसे कंटेंट को बढ़ावा नहीं देगा।X की ओर से बताया गया है कि आपत्तिजनक कंटेंट की पहचान के लिए मॉडरेशन सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा AI-जनरेटेड कंटेंट पर विशेष निगरानी रखी जाएगी भारत के कानूनों का पूरी तरह पालन किया जाएगा

    600 अकाउंट डिलीट, 3,500 पोस्ट ब्लॉक

    X ने अब तक की कार्रवाई में 600 से ज्यादा अकाउंट स्थायी रूप से डिलीट 3,500 आपत्तिजनक पोस्ट ब्लॉक Grok AI के गलत इस्तेमाल पर विशेष मॉनिटरिंग शुरू बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रह सकती है और जरूरत पड़ने पर और अकाउंट्स पर भी गाज गिर सकती है।

    डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए बड़ा संदेश

    यह मामला सिर्फ X या Grok AI तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सभी सोशल मीडिया और AI प्लेटफॉर्म्स के लिए एक चेतावनी माना जा रहा है। भारत सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि डिजिटल आज़ादी के नाम पर कानून का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में AI-जनरेटेड कंटेंट के लिए सख्त नियम और गाइडलाइंस लाई जा सकती हैं, ताकि सोशल मीडिया पर इस तरह की सामग्री को रोका जा सके।

  • Gold Silver Price Today: सोना ऑल-टाइम हाई के करीब, चांदी 2.48 लाख के पार, खरीदारी हुई और महंगी

    Gold Silver Price Today: सोना ऑल-टाइम हाई के करीब, चांदी 2.48 लाख के पार, खरीदारी हुई और महंगी

    Gold Silver Price Today: नई दिल्ली। सोना-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। गुरुवार को गिरावट के बाद शुक्रवार को एक बार फिर दोनों कीमती धातुओं में तेज उछाल दर्ज किया गया। सोना जहां अपने ऑल-टाइम हाई के बेहद करीब पहुंच गया है, वहीं चांदी 2.48 लाख रुपये प्रति किलो के पार निकल गई है।

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    सर्राफा बाजार में रिकॉर्ड भाव

    आज 10 जनवरी 2026 (शनिवार) को स्थानीय सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना: करीब ₹1,39,320 प्रति 10 ग्राम 22 कैरेट सोना: करीब ₹1,27,710 प्रति 10 ग्राम चांदी: करीब ₹2,48,900 प्रति किलो शादी-ब्याह के सीजन में गहने बनवाने वालों के लिए यह बढ़ोतरी जेब पर भारी पड़ रही है।

    IBJA के आंकड़े: सोना-चांदी में जबरदस्त उछाल

    इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 24 कैरेट सोना ₹1,349 बढ़कर ₹1,37,122 प्रति 10 ग्राम 22 कैरेट सोना बढ़कर ₹1,25,604 प्रति 10 ग्राम 18 कैरेट सोना बढ़कर ₹1,02,842 प्रति 10 ग्राम चांदी ₹6,982 की तेजी के साथ ₹2,42,808 प्रति किलो हाजिर बाजार में सोने का ऑल-टाइम हाई ₹1,37,956 प्रति 10 ग्राम रहा है, जो 26 दिसंबर 2025 को दर्ज किया गया था।

    MCX पर भी तेजी

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना (05 फरवरी 2026 कॉन्ट्रैक्ट): 0.48% बढ़कर ₹1,38,398चांदी (05 मार्च 2026 कॉन्ट्रैक्ट): 2.19% बढ़कर ₹2,48,657अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी उछालवैश्विक बाजार में भी कीमती धातुओं में मजबूती देखने को मिली: सोना 0.80% बढ़कर $4,495 प्रति औंस चांदी 4.05% बढ़कर $78.313 प्रति औंस घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेजी के चलते सोना-चांदी दोनों रिकॉर्ड स्तरों के करीब पहुंच चुके हैं। निवेशकों के लिए यह मजबूती का संकेत है, जबकि आम खरीदारों के लिए खरीदारी और महंगी होती जा रही है।

  • वेनेजुएला में भीषण धमाके, अमेरिका पर सैन्य हमले का आरोप, राष्ट्रपति मादुरो ने घोषित की नेशनल इमरजेंसी

    वेनेजुएला में भीषण धमाके, अमेरिका पर सैन्य हमले का आरोप, राष्ट्रपति मादुरो ने घोषित की नेशनल इमरजेंसी

    कराकस (वेनेजुएला): दक्षिण अमेरिका का देश वेनेजुएला एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय तनाव के केंद्र में आ गया है। वेनेजुएला की सरकार ने अमेरिका पर अपने नागरिक और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले का गंभीर आरोप लगाया है। राजधानी कराकस समेत कई राज्यों में हुए धमाकों के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने देश में नेशनल इमरजेंसी घोषित कर दी है

    कराकस समेत कई राज्यों में धमाके

    शनिवार तड़के वेनेजुएला की राजधानी कराकस में कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इसके अलावा मिरांडा, अरगुआ और ला गुइरा राज्यों में भी बम धमाके होने की खबरें सामने आई हैं। धमाकों के बाद कई इलाकों में बिजली गुल हो गई और लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए।न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, कम ऊंचाई पर उड़ते विमानों ने कराकस के ऊपर बम गिराए, जिससे इमारतें हिल गईं और आसमान में धुएं का गुबार उठता नजर आया। राजधानी के दक्षिणी हिस्से में स्थित एक बड़े सैन्य अड्डे के आसपास धमाके के बाद पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया।

    कम से कम सात धमाकों की पुष्टि

    एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के मुताबिक, कराकस में कम से कम सात धमाके सुने गए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में धमाकों के बाद उठता धुआं, दहशत में भागते लोग और आसमान में उड़ते सैन्य विमान साफ देखे जा सकते हैं। हालांकि सरकार ने अब तक हताहतों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की है।

    मादुरो सरकार का अमेरिका पर सीधा आरोप

    वेनेजुएला सरकार ने इन हमलों को “अमेरिकी सैन्य आक्रामकता” करार दिया है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अपने संबोधन में कहा,“वेनेजुएला को डराने और धमकाने के अमेरिकी प्रयास कभी सफल नहीं होंगे। हमारा देश अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।”सरकार का कहना है कि हमलों का मकसद वेनेजुएला में अस्थिरता फैलाना और सरकार को कमजोर करना है।

    नेशनल इमरजेंसी का ऐलान

    लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए राष्ट्रपति मादुरो ने देशभर में नेशनल इमरजेंसी लागू करने की घोषणा कर दी है। इसके तहत सैन्य और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है रणनीतिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है सीमाओं और हवाई क्षेत्र की निगरानी कड़ी कर दी गई हैसरकार ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

    अमेरिका की ओर से चुप्पी

    इन गंभीर आरोपों के बावजूद अमेरिका ने अब तक हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है और न ही इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी किया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है, क्योंकि इससे लैटिन अमेरिका में भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ सकता है।

  • मेक्सिको में 6.5 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, सैन मार्कोस के पास कांपी धरती, दहशत में घरों से बाहर निकले लोग

    मेक्सिको में 6.5 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, सैन मार्कोस के पास कांपी धरती, दहशत में घरों से बाहर निकले लोग

    मेक्सिको में एक बार फिर धरती जोरदार तरीके से कांप उठी। मंगलवार को आए 6.5 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने लोगों में दहशत फैला दी। झटके इतने तेज थे कि कई इलाकों में इमारतें हिलती नजर आईं और लोग जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकल आए। भूकंप का केंद्र सैन मार्कोस शहर के पास बताया जा रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में भी इसका असर महसूस किया गया।

    अचानक आए झटकों से मची अफरा-तफरी

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भूकंप के झटके अचानक महसूस हुए और कुछ सेकेंड तक धरती लगातार कांपती रही। कई ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों ने बताया कि दीवारों और खिड़कियों में कंपन महसूस हुआ। दहशत में लोग बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सड़कों पर आ गए। कुछ जगहों पर लोग खुले मैदानों और पार्कों में शरण लेते दिखे।

    सैन मार्कोस के पास था भूकंप का केंद्र

    भूकंप का केंद्र मेक्सिको के सैन मार्कोस शहर के नजदीक जमीन के अंदर बताया गया है। भूकंप मापने वाली एजेंसियों के अनुसार, इसकी तीव्रता 6.5 दर्ज की गई, जो काफी मजबूत मानी जाती है। इस तीव्रता के भूकंप से आमतौर पर इमारतों को नुकसान पहुंचने और अफरा-तफरी मचने की आशंका रहती है।

    फिलहाल जान-माल के बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं

    प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, भूकंप के बाद राहत और बचाव एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है। अभी तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कई इलाकों में इमारतों में दरारें आने और घरेलू सामान गिरने की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

    भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स की आशंका

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के शक्तिशाली भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स यानी हल्के झटके आने की संभावना बनी रहती है। लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा है।

    भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है मेक्सिको

    गौरतलब है कि मेक्सिको भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है। यहां अक्सर मध्यम से तेज तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” क्षेत्र में आने के कारण मेक्सिको में भूकंपीय गतिविधियां सामान्य मानी जाती हैं। इससे पहले भी देश कई विनाशकारी भूकंप झेल चुका है।

    लोगों से सतर्क रहने की अपील

    भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे क्षतिग्रस्त इमारतों में प्रवेश न करें और किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें। स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा जांच की जा रही है।फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन और राहत एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। आने वाले समय में नुकसान का पूरा आकलन किए जाने की संभावना है।

  • स्विट्ज़रलैंड के बार में जोरदार धमाका, कई लोग गंभीर रूप से घायल

    स्विट्ज़रलैंड के बार में जोरदार धमाका, कई लोग गंभीर रूप से घायल

    स्विट्ज़रलैंड में एक बार के अंदर हुए भीषण धमाके से हड़कंप मच गया। धमाके के वक्त बार में मौजूद कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, धमाके के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और आपातकालीन सेवाएं तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और इलाके को घेराबंदी में लेकर राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।

    अधिकारियों ने बताया कि धमाके के कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि घटना गैस रिसाव, तकनीकी खराबी या किसी अन्य वजह से हुई। जांच पूरी होने के बाद ही आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा।घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक सूचनाओं का इंतजार करने की अपील की है।

  • America Flight Cancelled News : अमेरिका में तूफान और बर्फबारी का कहर: 1800 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द, 22 हजार उड़ानें लेट

    America Flight Cancelled News : अमेरिका में तूफान और बर्फबारी का कहर: 1800 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द, 22 हजार उड़ानें लेट

    America Flight Cancelled News: वॉशिंगटन।अमेरिका में तेज तूफान और भारी बर्फबारी के अनुमान ने हवाई यातायात को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। खराब मौसम को देखते हुए देशभर में 1800 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, जबकि 22 हजार से ज्यादा फ्लाइट्स में देरी दर्ज की गई है। इससे लाखों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    FlightAware की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

    फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट FlightAware के मुताबिक, अब तक 1802 उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं और 22,349 उड़ानों में देरी हुई है। सबसे ज्यादा असर अमेरिका के उत्तरी और मध्य हिस्सों में देखने को मिल रहा है, जहां तेज बर्फबारी और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है।

    एयरपोर्ट्स पर अफरा-तफरी का माहौल

    फ्लाइट्स रद्द और लेट होने के कारण कई बड़े एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है। लोग घंटों तक एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं। कई यात्रियों की कनेक्टिंग फ्लाइट्स छूट गईं, जिससे उनकी आगे की यात्रा भी प्रभावित हुई है।

    मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

    अमेरिकी मौसम विभाग ने कई राज्यों में स्टॉर्म अलर्ट और स्नोफॉल वार्निंग जारी की है। अधिकारियों के मुताबिक, बर्फीले तूफान की वजह से रनवे पर फिसलन बढ़ गई है, जिससे उड़ानों का संचालन करना जोखिम भरा हो सकता है।

    एयरलाइंस ने यात्रियों को दी सलाह

    एयरलाइंस कंपनियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट स्टेटस जरूर चेक करें। साथ ही कई एयरलाइंस ने टिकट रीबुकिंग और रिफंड की सुविधा भी दी है, ताकि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो।

    आने वाले घंटों में हालात और बिगड़ सकते हैं

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटों में हालात और खराब हो सकते हैं। ऐसे में आने वाले समय में और भी उड़ानें रद्द या विलंबित होने की आशंका जताई जा रही है।अमेरिका में खराब मौसम का यह असर न सिर्फ घरेलू बल्कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी साफ दिखाई दे रहा है।

  • India Afghanistan Relations: भारत अफगानिस्तान के मुश्किल वक्त में बना मजबूत साझेदार, तालिबान के बावजूद रिश्ते कायम

    India Afghanistan Relations: भारत अफगानिस्तान के मुश्किल वक्त में बना मजबूत साझेदार, तालिबान के बावजूद रिश्ते कायम

    India Afghanistan Relations: भारत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि दोस्ती सिर्फ सत्ता या राजनीति से नहीं, बल्कि इंसानियत से निभाई जाती है। अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद भी भारत और अफगानिस्तान के रिश्ते पहले से कहीं ज्यादा मजबूत दिखाई दे रहे हैं।

    अफगानिस्तान के मंत्री लगातार भारत का दौरा

    अफगानिस्तान के कई बड़े मंत्री और उच्च अधिकारी लगातार भारत का दौरा कर रहे हैं। इन दौरों का मकसद केवल राजनीतिक बैठकें नहीं, बल्कि विकास, मदद और अफगानिस्तान के आम लोगों के लिए सहयोग सुनिश्चित करना है। भारत ने सभी क्षेत्रों में सहायता और मानवीय मदद जारी रखी है, जिससे अफगानिस्तान में आम लोगों का जीवन आसान बन सके।

    तालिबान के बावजूद सहयोग जारी

    तालिबान शासन के बावजूद भारत अफगानिस्तान के साथ अपने मजबूत रिश्तों को कायम रखने में जुटा है। भारत ने राहत कार्यों, स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक सहायता के जरिए अफगानिस्तान को संकट के इस दौर में सहारा दिया है।

    पड़ोसी देशों की चिंता

    भारत-अफगानिस्तान के बढ़ते सहयोग को लेकर पड़ोसी पाकिस्तान की चिंता बढ़ गई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर भारत और तालिबान के मधुर रिश्तों की तस्वीरें देखकर आश्चर्यचकित हैं। भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राजनीति से ऊपर उठकर इंसानियत के आधार पर दोस्ती निभाई जा सकती है।

    मानवीय दृष्टिकोण और रणनीति

    भारत का यह कदम केवल कूटनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवीय दृष्टिकोण और क्षेत्रीय स्थिरता का परिचायक भी है। अफगानिस्तान के नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए भारत निरंतर पहल कर रहा है।इस तरह, भारत ने साबित कर दिया है कि कठिन परिस्थितियों में दोस्ती निभाना और मजबूत करना ही असली कूटनीतिक ताकत है।

  • Putin India visit 2025: 25 साल की रणनीतिक साझेदारी पर नया अध्याय

    Putin India visit 2025: 25 साल की रणनीतिक साझेदारी पर नया अध्याय


    Putin India visit 2025: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 और 5 दिसंबर 2025 को भारत के दौरे पर आ रहे हैं। यह दौरा भारत-रूस के बीच 25 साल पुरानी रणनीतिक साझेदारी का 23वां द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन मनाने के लिए किया जा रहा है। पुतिन की भारत यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और रक्षा सहयोग को और मजबूत करना है। उनका स्वागत विशेष सुरक्षा कवर के बीच किया जाएगा और कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

    भारत-रूस संबंधों में यह दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुतिन की उपस्थिति में रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में नए समझौते होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा दोनों देशों के बीच आधुनिक हथियारों, सैन्य प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देगा। इसके अलावा ऊर्जा क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण समझौतों की संभावना है, जिसमें परमाणु ऊर्जा, तेल और गैस परियोजनाओं पर सहयोग शामिल हो सकता है।

    इस दौरे के दौरान भारत और रूस के नेताओं के बीच आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को भी बल मिलेगा। दोनों देशों के बीच निवेश और व्यापार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही विज्ञान, तकनीकी और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।

    सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कड़े इंतजाम किए गए हैं। भारत सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने पुतिन के दौरे के दौरान किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष योजनाएं बनाई हैं। दिल्ली और अन्य संबंधित क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए जाएंगे। पुतिन की यात्रा के दौरान ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नागरिकों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, यह दौरा भारत-रूस संबंधों के लिए एक नया अध्याय साबित होगा। 25 साल की साझेदारी का यह उत्सव दोनों देशों के बीच सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पुतिन दौरे से भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी स्थिति मजबूत करने और वैश्विक स्तर पर रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।इस प्रकार, पुतिन का भारत दौरा सिर्फ एक औपचारिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच भविष्य के सहयोग, सुरक्षा, आर्थिक और रणनीतिक हितों को सुनिश्चित करने का प्रतीक भी है।