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  • कानपुर देहात में ब्राजीलियन महिला सैलानी की संदिग्ध मौत, हार्ट अटैक की आशंका

    कानपुर देहात में ब्राजीलियन महिला सैलानी की संदिग्ध मौत, हार्ट अटैक की आशंका

    कानपुर देहात।उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में एक ब्राजीलियन महिला सैलानी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। यह घटना अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र की है, जहां महिला अपने दो विदेशी साथियों के साथ टैक्सी से मथुरा से पश्चिम बंगाल की यात्रा पर थी। रास्ते में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद हड़कंप मच गया।

    मिली जानकारी के अनुसार, टैक्सी चालक कुंभी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने के लिए रुका था। इसी दौरान महिला सैलानी की हालत अचानक खराब हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। महिला को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

    हार्ट अटैक से मौत की आशंका

    पुलिस का प्राथमिक तौर पर कहना है कि महिला को हार्ट अटैक आया हो सकता है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। महिला के साथ यात्रा कर रहे दोनों विदेशी नागरिक—एक पुरुष और एक महिला—घटना के बाद गहरे सदमे में हैं। घबराहट के कारण उनकी भी तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।

    मृतका की पहचान और दूतावास को सूचना

    अकबरपुर सदर की एसडीएम नीलमा यादव ने बताया कि मृत महिला की पहचान सैलजिया, निवासी ब्राजील के रूप में हुई है। महिला अपने एक ब्राजीलियन और एक रूसी दोस्त के साथ भारत भ्रमण पर थी। घटना की जानकारी ब्राजील दूतावास (Embassy) को दे दी गई है और आगे की कार्रवाई दूतावास के निर्देशानुसार की जाएगी।

    फॉरेंसिक जांच, कई बिंदुओं पर पूछताछ

    घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। पुलिस टैक्सी चालक और दोनों विदेशी यात्रियों से पूछताछ कर रही है। यात्रा से जुड़ी सभी जानकारियां, मेडिकल हिस्ट्री और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध पहलू को नजरअंदाज न किया जाए।

    पोस्टमॉर्टम के बाद होगा खुलासा

    एसडीएम नीलमा यादव ने बताया कि महिला के शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से लेकर जांच में जुटी है।

  • बांके बिहारी मंदिर में टूटी परंपरा: सैलरी विवाद के चलते नहीं बना ठाकुर जी का भोग

    बांके बिहारी मंदिर में टूटी परंपरा: सैलरी विवाद के चलते नहीं बना ठाकुर जी का भोग

    वृंदावन (मथुरा)। श्रीकृष्ण नगरी वृंदावन स्थित विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने श्रद्धालुओं को स्तब्ध कर दिया है। मंदिर की सदियों पुरानी परंपरा पहली बार टूट गई, जब ठाकुर बांके बिहारी जी का भोग नहीं बनाया गया। बताया जा रहा है कि यह स्थिति मंदिर सेवायतों और कर्मचारियों के बीच सैलरी विवाद के कारण उत्पन्न हुई, जिससे पूजा-पाठ और भोग व्यवस्था प्रभावित हुई।मंगलवार सुबह जब श्रद्धालु दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि ठाकुर जी का नियमित भोग नहीं बना है। यह खबर फैलते ही मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में चर्चा का विषय बन गई। भक्तों का कहना है कि बांके बिहारी मंदिर में भोग न बनना केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि आस्था से जुड़ा बेहद संवेदनशील मामला है।

    क्या है पूरा विवाद

    सूत्रों के अनुसार, मंदिर से जुड़े कुछ सेवायत और कर्मचारी लंबे समय से वेतन भुगतान और सुविधाओं को लेकर असंतुष्ट चल रहे थे। इसी विवाद के चलते सेवाओं का बहिष्कार जैसा माहौल बना और भोग निर्माण की प्रक्रिया बाधित हो गई। सेवायतों का आरोप है कि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि मंदिर प्रशासन का कहना है कि समस्या के समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं।

    श्रद्धालुओं में नाराज़गी

    देश-विदेश से वृंदावन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए ठाकुर बांके बिहारी जी का भोग और दर्शन अत्यंत पवित्र माने जाते हैं। ऐसे में भोग न बनने की खबर से भक्तों में नाराज़गी और दुख देखने को मिला। कई श्रद्धालुओं ने इसे आस्था के साथ खिलवाड़ बताते हुए जल्द समाधान की मांग की है।

    प्रशासन की भूमिका पर सवाल

    घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि इतने बड़े और प्रसिद्ध मंदिर में अगर कर्मचारियों का विवाद इस हद तक पहुंच जाए कि पूजा-पद्धति ही रुक जाए, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। प्रशासनिक स्तर पर हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द व्यवस्था बहाल की जानी चाहिए।

    परंपरा और आस्था का संतुलन जरूरी

    बांके बिहारी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों भक्तों की आस्था का केंद्र है। यहां की हर परंपरा का विशेष महत्व है। ऐसे में वेतन विवाद जैसे मामलों का असर सीधे धार्मिक परंपराओं पर पड़ना कहीं न कहीं व्यवस्था की कमजोरी को दर्शाता है। श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि मंदिर प्रशासन और सेवायत जल्द बातचीत के जरिए समाधान निकालेंगे और ठाकुर जी की सेवा में कोई बाधा नहीं आने देंगे।

  • Delhi-Agra Expressway : दिल्ली-आगरा एक्सप्रेस वे पर बड़ा हादसा कई बसों में लगी आग ,8 बसें और 3 कारें टकराईं, 4 की मौत, 25 घायल

    Delhi-Agra Expressway : दिल्ली-आगरा एक्सप्रेस वे पर बड़ा हादसा कई बसों में लगी आग ,8 बसें और 3 कारें टकराईं, 4 की मौत, 25 घायल

    Delhi-Agra Expressway : मथुरा/आगरा। उत्तर भारत में पड़ रहे घने कोहरे ने एक बार फिर जानलेवा रूप दिखाया है। यमुना एक्सप्रेसवे पर आगरा से नोएडा रूट पर सोमवार तड़के भीषण सड़क हादसा हो गया। थाना बलदेव क्षेत्र के गांव खडे़हरा के पास माइल स्टोन 127 के निकट घने कोहरे के कारण 8 बसें और 3 कारें आपस में टकरा गईं। इस दर्दनाक हादसे में 4 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।

    Delhi-Agra Expressway : कैसे हुआ हादसा

    प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के मुताबिक सुबह के समय एक्सप्रेसवे पर दृश्यता बेहद कम थी। इसी दौरान आगे चल रहे एक वाहन ने अचानक ब्रेक लगाया, जिसके बाद पीछे से आ रही बसें और कारें एक के बाद एक टकराती चली गईं। कुछ ही पलों में पूरा इलाका चीख-पुकार से गूंज उठा। कई यात्री वाहनों में फंस गए, जिन्हें बाहर निकालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

    Delhi-Agra Expressway : मौके पर पहुंची पुलिस और राहत टीमें

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को आगरा रेफर किया गया है। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात बहाल कराया।

    मृतकों की पहचान की कोशिश

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार मृतकों की पहचान की जा रही है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    कोहरे में ड्राइविंग को लेकर अलर्ट

    पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि घने कोहरे में वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें, तेज रफ्तार से बचें और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें। मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों तक घने कोहरे की चेतावनी जारी की है।यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि कोहरे के दौरान एक्सप्रेसवे पर रफ्तार और सुरक्षा मानकों का पालन कितना जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही कई जिंदगियों पर भारी पड़ सकती है।

  • चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, MCX पर भाव फिसलकर ₹1.92 लाख प्रति किलो

    चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, MCX पर भाव फिसलकर ₹1.92 लाख प्रति किलो

    बिज़नेस डेस्क।कीमती धातुओं के बाजार में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। हाल ही में पहली बार दो लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंचने के बाद अब चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मार्च 2026 एक्सपायरी वाली चांदी ₹1,92,784 प्रति किलो पर कारोबार करती नजर आई। इसी के साथ MCX पर सोना और चांदी दोनों की कीमतों में दबाव देखने को मिला है।

    बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस गिरावट के पीछे एक नहीं बल्कि कई वैश्विक और घरेलू कारण एक साथ काम कर रहे हैं। सबसे बड़ा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार से आया है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती के संकेत मिले हैं, जिससे सोना-चांदी जैसी कीमती धातुओं पर दबाव बनता है। आमतौर पर डॉलर मजबूत होने पर निवेशक कमोडिटी से दूरी बनाते हैं, क्योंकि यह अन्य मुद्राओं के मुकाबले महंगी हो जाती है।

    इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में हल्की बढ़त ने भी सोने और चांदी की चमक को फीका किया है। बॉन्ड यील्ड बढ़ने से निवेशक सुरक्षित और निश्चित रिटर्न वाले विकल्पों की ओर शिफ्ट होते हैं, जिससे कीमती धातुओं में बिकवाली बढ़ जाती है।एक अन्य अहम वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को लेकर अनिश्चितता है। अभी तक यह साफ नहीं है कि फेड आगे ब्याज दरों में कटौती करेगा या सख्त रुख बनाए रखेगा। इस अनिश्चितता का सीधा असर कमोडिटी बाजार पर पड़ा है और निवेशक सतर्क रुख अपनाते नजर आ रहे हैं।

    वहीं, चांदी के ऊपरी स्तरों पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) भी की है। जब कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचती हैं, तो बड़े निवेशक मुनाफा निकालने लगते हैं, जिससे अचानक गिरावट देखने को मिलती है। यही स्थिति इस बार चांदी के साथ भी देखने को मिली।विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में चांदी और सोने की कीमतें वैश्विक संकेतों, डॉलर की चाल और फेड की नीतियों पर निर्भर रहेंगी। हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट खरीदारी का मौका भी साबित हो सकती है, लेकिन शॉर्ट टर्म में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

  • बाँदा पुलिस की अनोखी पहल: महिला पुलिस कर्मियों के बच्चों के लिए शुरू हुआ शिशु पालन ग्रह

    बाँदा पुलिस की अनोखी पहल: महिला पुलिस कर्मियों के बच्चों के लिए शुरू हुआ शिशु पालन ग्रह

    बाँदा।महिला पुलिस कर्मियों की ड्यूटी के दौरान बच्चों की देखरेख एक बड़ी चुनौती रही है। इसी समस्या को समझते हुए बाँदा पुलिस ने एक सराहनीय और अनोखी पहल की है। स्थानीय पुलिस लाइन परिसर में महिला पुलिस कर्मचारियों के छोटे बच्चों के लिए शिशु पालन ग्रह (क्रेच) की शुरुआत की गई है, जहां बच्चों की सुरक्षा, देखभाल, पढ़ाई और खेलकूद की समुचित व्यवस्था की गई है।

    पुलिस विभाग में कार्यरत महिला कर्मियों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान बच्चों की चिंता उन्हें मानसिक रूप से परेशान करती थी। कई बार आपात ड्यूटी या लंबे समय तक चलने वाले कार्यों में बच्चों को घर पर छोड़ना मुश्किल हो जाता था। ऐसे में यह शिशु पालन ग्रह उनके लिए बड़ी राहत बनकर सामने आया है। अब महिला पुलिसकर्मी ड्यूटी पर जाते समय अपने छोटे बच्चों को पुलिस लाइन स्थित शिशु पालन ग्रह में सुरक्षित छोड़ सकती हैं।

    शिशु पालन ग्रह में बच्चों की देखरेख के लिए दो प्रशिक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। यहां बच्चों के लिए खेलने के खिलौने, किताबें, बैठने और आराम करने की व्यवस्था के साथ-साथ उनके खान-पान का भी ध्यान रखा जाता है। बच्चों के लिए सुरक्षित और सकारात्मक माहौल तैयार किया गया है, ताकि वे खुद को सहज महसूस कर सकें।

    महिला पुलिस कर्मियों ने बताया कि इस व्यवस्था से अब वे तनावमुक्त होकर अपनी ड्यूटी कर पा रही हैं। पहले बच्चों की चिंता बनी रहती थी, लेकिन अब उन्हें भरोसा है कि उनके बच्चे सुरक्षित हाथों में हैं। इससे न सिर्फ उनकी कार्यक्षमता बढ़ी है, बल्कि मानसिक संतुलन भी बेहतर हुआ है।

    इस पहल को लेकर सहायक पुलिस अधीक्षक मेविश टक ने बताया कि पुलिस की नौकरी में समय की कोई निश्चितता नहीं होती। कभी भी ड्यूटी लग सकती है, ऐसे में महिला पुलिस कर्मियों को सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों की देखभाल को लेकर होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस लाइन एवं आसपास रहने वाली महिला पुलिस कर्मियों के लिए यह शिशु पालन ग्रह शुरू किया गया है।उन्होंने बताया कि इस केंद्र का उद्देश्य केवल बच्चों की देखरेख ही नहीं, बल्कि उनकी शारीरिक और बौद्धिक क्षमता का विकास भी है। इसके लिए किताबें, खिलौने और रचनात्मक गतिविधियों की व्यवस्था की गई है।

    बाँदा पुलिस की यह पहल न सिर्फ महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि अन्य जिलों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल बन सकती है।

  • अलीगढ़ होटल में शर्मनाक हरकत: तंदूर की रोटियों पर थूकता दिखा कारीगर, वीडियो वायरल

    अलीगढ़ होटल में शर्मनाक हरकत: तंदूर की रोटियों पर थूकता दिखा कारीगर, वीडियो वायरल

    उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से एक बेहद घिनौनी और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने लोगों के गुस्से को भड़का दिया है। शहर के एक होटल में काम करने वाले कारीगर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह तंदूर में रोटियां सेकने से पहले उन पर थूकता हुआ साफ नजर आ रहा है। वीडियो सामने आते ही लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है और खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि होटल का कारीगर खुलेआम रोटियों पर थूकने के बाद उन्हें तंदूर में चिपका देता है। यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैला, लोगों ने इसे स्वास्थ्य और स्वच्छता के नियमों का खुला उल्लंघन बताया। कई यूजर्स ने होटल पर सख्त कार्रवाई और आरोपी कारीगर की गिरफ्तारी की मांग की है।

    लोगों में गुस्सा, कार्रवाई की मांग

    स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की हरकत न सिर्फ ग्राहकों की सेहत के साथ खिलवाड़ है, बल्कि समाज में नफरत और असुरक्षा का माहौल भी पैदा करती है। लोगों ने सवाल उठाया कि खाद्य विभाग की निगरानी आखिर कहां है और ऐसे होटल बिना जांच के कैसे चल रहे हैं।

    प्रशासन और खाद्य विभाग हरकत में

    मामला तूल पकड़ने के बाद स्थानीय प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने संज्ञान लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, वीडियो की जांच की जा रही है और संबंधित होटल की पहचान कर ली गई है। होटल में साफ-सफाई, लाइसेंस और खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर होटल सील करने और कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

    पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

    गौरतलब है कि इससे पहले भी प्रदेश के अलग-अलग जिलों में इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जहां खाने-पीने की चीजों के साथ अमानवीय और अस्वच्छ व्यवहार किया गया। ऐसे मामलों ने आम लोगों का भरोसा होटल और ढाबों से उठाने का काम किया है।

    बड़ा सवाल: ग्राहक कैसे रखें सावधानी?

    इस घटना के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि लोग बाहर खाना खाते समय कैसे सतर्क रहें। विशेषज्ञों का कहना है कि लाइसेंस प्राप्त, साफ-सुथरे और भरोसेमंद प्रतिष्ठानों में ही भोजन करना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करनी चाहिए।

    फिलहाल, अलीगढ़ की यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

  • पंकज चौधरी बन सकते हैं यूपी बीजेपी के नए अध्यक्ष, लखनऊ में जुटेंगे दिग्गज, आज भरे जाएंगे नामांकन

    पंकज चौधरी बन सकते हैं यूपी बीजेपी के नए अध्यक्ष, लखनऊ में जुटेंगे दिग्गज, आज भरे जाएंगे नामांकन

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश बीजेपी को करीब 11 महीने से नए प्रदेश अध्यक्ष का इंतजार है, जो अब खत्म होने वाला है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक रविवार को यूपी बीजेपी के नए अध्यक्ष के नाम का आधिकारिक ऐलान किया जाएगा। इससे पहले शनिवार को लखनऊ में अध्यक्ष पद के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी की जानी है। माना जा रहा है कि इस पद के लिए सिर्फ एक ही नामांकन होगा और वह केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी का होगा।

    पंकज चौधरी

    बीजेपी की सर्वसम्मति की परंपरा के तहत चुनाव प्रक्रिया औपचारिक रहेगी और पंकज चौधरी को एक भव्य कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष घोषित किया जाएगा। इस मौके पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री और यूपी संगठन चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े और संगठन महासचिव बी.एल. संतोष की मौजूदगी तय मानी जा रही है। संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने पहले ही लखनऊ पहुंचकर चुनाव तैयारियों का जायजा ले लिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, पूरे लखनऊ को सजाया गया है और सभी सांसदों-विधायकों को राजधानी में मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं।

    2027 को साधने की रणनीति

    बीजेपी का यह फैसला 2027 विधानसभा चुनाव के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। पार्टी ने इस बार प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए ओबीसी चेहरे पर दांव लगाया है। पंकज चौधरी कुर्मी समाज से आते हैं और वर्तमान में महाराजगंज से सांसद हैं। वह सात बार सांसद रह चुके हैं और पूर्वांचल में उनका मजबूत जनाधार माना जाता है।

    पंकज चौधरी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत गोरखपुर से पार्षद के रूप में की थी। राजनीति के साथ-साथ वह कारोबारी भी हैं और ‘राहत रूह तेल’ कंपनी के मालिक बताए जाते हैं। पूर्वांचल, तराई, काशी, अवध और रुहेलखंड क्षेत्रों में कुर्मी समाज का प्रभाव माना जाता है, जहां वे पार्टी के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं।

  • Pankaj Chaudhary UP BJP President Banne ki Khabar, Kal Dakhil Hoga Namankan!

    Pankaj Chaudhary UP BJP President Banne ki Khabar, Kal Dakhil Hoga Namankan!

    Pankaj Chaudhary UP BJP President banne ke liye taiyar hain. Sūtrō ke anusaar, ve kal namankan dakhil kar sakte hain. Janiye kyon yeh nishchay hai aur iske kya maayne hain

    भारतीय जनता पार्टी (BJP) उत्तर प्रदेश में जल्द ही अपने नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा कर सकती है, और सूत्रों के अनुसार, इस पद पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी का नाम लगभग तय माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में यह खबर तेजी से फैल रही है कि पंकज चौधरी कल यानी शनिवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं। यह निर्णय उत्तर प्रदेश भाजपा की रणनीति में एक बड़ा बदलाव ला सकता है, खासकर अगले लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए। Pankaj Chaudhary UP BJP President बनने की यह खबर प्रदेश की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।

    कौन हैं पंकज चौधरी और क्यों चुना गया यह नाम?

    पंकज चौधरी, वर्तमान में केंद्र सरकार में वित्त राज्य मंत्री (Minister of State for Finance) के रूप में कार्यरत हैं और महाराजगंज लोकसभा सीट से लगातार सांसद रहे हैं। उनका चयन कई महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों को साधने की भाजपा की रणनीति का हिस्सा है।

    Pankaj Chaudhary को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के पीछे के संभावित कारण और राजनीतिक मायने:

    • क्षेत्रीय संतुलन: चौधरी पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच एक मजबूत कड़ी माने जाते हैं, जिससे पार्टी को पूरे प्रदेश में पैठ बनाने में मदद मिल सकती है।
    • जातीय समीकरण: वह एक प्रमुख पिछड़ा वर्ग (OBC) नेता हैं, और उनका चयन पार्टी के OBC वोट बैंक को मजबूत करने और साधने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में OBC समुदाय का समर्थन सत्ता की कुंजी रहा है।
    • संगठनात्मक अनुभव: पंकज चौधरी का लंबा राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव उन्हें इस महत्वपूर्ण पद के लिए एक स्वाभाविक पसंद बनाता है।
    • केंद्रीय नेतृत्व का भरोसा: केंद्र सरकार में उनकी भूमिका यह दर्शाती है कि उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का गहरा विश्वास है।

    कल दाखिल हो सकता है नामांकन पत्र

    लखनऊ में भाजपा मुख्यालय में इस संभावित घटनाक्रम को लेकर गहमागहमी तेज हो गई है। पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पंकज चौधरी शनिवार को औपचारिक रूप से नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि इस बार नाम लगभग फाइनल हो चुका है।

    नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, जल्द ही उनके नाम पर मुहर लग जाएगी और वह आधिकारिक तौर पर UP BJP President का पद संभाल लेंगे। यह नियुक्ति निवर्तमान अध्यक्ष के स्थान पर होगी और पार्टी को एक नए नेतृत्व के साथ आगामी चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलेगी।

    UP BJP में बदलाव के मायने और आगे की चुनौतियां

    नए अध्यक्ष का चयन ऐसे समय में हो रहा है जब Uttar Pradesh में भाजपा को कई महत्वपूर्ण राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना है, जिनमें शामिल हैं:

    1. लोकसभा चुनाव 2029 की तैयारी: नए अध्यक्ष की सबसे बड़ी जिम्मेदारी 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी संगठन को मजबूत करना, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना और चुनावी रणनीति बनाना होगी।
    2. विपक्षी दलों की एकजुटता: विपक्षी दलों की बढ़ती एकजुटता का मुकाबला करने और पार्टी के वोट शेयर को बनाए रखने की चुनौती भी नए अध्यक्ष के सामने होगी।
    3. संगठनात्मक समन्वय: सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना ताकि विकास कार्यों का लाभ चुनावी सफलता में परिवर्तित हो सके।

    पंकज चौधरी जैसे अनुभवी नेता का प्रदेश अध्यक्ष बनना यह संकेत देता है कि भाजपा इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती और वह जातीय तथा क्षेत्रीय समीकरणों को साधकर अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है।

    Pankaj Chaudhary UP BJP President बनने की खबर उत्तर प्रदेश की राजनीति का एक निर्णायक मोड़ है। उनका नामांकन दाखिल होना लगभग तय माना जा रहा है, और यह प्रदेश भाजपा के लिए एक नए युग की शुरुआत होगी। उनकी नियुक्ति से पार्टी को संगठनात्मक मजबूती मिलेगी और OBC वोट बैंक को साधने की रणनीति को बल मिलेगा। सभी की निगाहें अब कल के घटनाक्रम पर टिकी हैं, जब यह साफ हो जाएगा कि पंकज चौधरी आधिकारिक तौर पर Uttar Pradesh BJP की कमान संभालेंगे या नहीं। इस महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव पर हमारी नजर बनी हुई है। आपके विचार में, पंकज चौधरी का अध्यक्ष बनना भाजपा के लिए कितना फायदेमंद साबित होगा? हमें कमेंट बॉक्स में बताएं।

  • Former Home Minister Shivraj Patel Death: पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का निधन, लातूर में ली अंतिम सांस, कांग्रेस में शोक की लहर

    Former Home Minister Shivraj Patel Death: पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का निधन, लातूर में ली अंतिम सांस, कांग्रेस में शोक की लहर

    लातूर/नई दिल्ली। Former Home Minister Shivraj Patel Death: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का निधन हो गया है। उन्होंने महाराष्ट्र के लातूर में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। पाटिल लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उपचार के दौरान गुरुवार सुबह उनका देहांत हुआ।

    कौन थे शिवराज पाटिल?

    शिवराज पाटिल भारतीय राजनीति का एक बड़ा और सम्मानित नाम रहे हैं। उनका करियर चार दशक से भी अधिक लंबा रहा। वह 1973 से 1980 तक लातूर ग्रामीण विधानसभा सीट से विधायक रहे। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ बनाई। वे कई बार लोकसभा के सदस्य रहे और यूपीए सरकार में 2004 से 2008 तक भारत के केंद्रीय गृह मंत्री रहे।संसद, विधानसभा और केंद्रीय मंत्रालय में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं। उनकी सादगी, विनम्रता और साफ-सुथरी छवि के लिए उन्हें अलग पहचान मिली।

    Former Home Minister Shivraj Patel Death लातूर में अंतिम सांस, कांग्रेस में शोक

    निधन की खबर सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। महाराष्ट्र के लातूर में उनके निवास पर लोगों का आना शुरू हो गया है। स्थानीय नेताओं ने बताया कि अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे जीवन की लड़ाई हार गए।

    राजनीतिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान

    • शिवराज पाटिल ने गृह मंत्री के रूप में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए।
    • 26/11 मुंबई हमले के समय देश के गृह मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल सबसे अधिक चर्चित रहा।
    • वे लोकसभा के स्पीकर भी रह चुके हैं और संसदीय मर्यादाओं को लेकर हमेशा संवेदनशील रहे।
    • भारतीय राजनीति में उन्होंने संयम, शालीनता और संतुलन को प्राथमिकता दी, जिसका प्रभाव आज भी देखा जा सकता है।

    श्रद्धांजलियों का सिलसिला जारी

    कांग्रेस अध्यक्ष, कई वर्तमान और पूर्व मंत्रियों, सांसदों व विधायकों ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि व्यक्त की है। कई नेताओं ने कहा कि पाटिल का जाना भारतीय राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और कई वरिष्ठ राजनीतिक चेहरे लातूर पहुंचकर अंतिम दर्शन कर सकते हैं।

    अंतिम संस्कार की तैयारी

    स्थानीय प्रशासन के अनुसार, अंतिम संस्कार की तैयारी लातूर में की जा रही है। परिवार ने बताया कि अंतिम संस्कार शाम तक किया जा सकता है। पूरे लातूर जिले में उनके समर्थक गहरे शोक में डूबे हैं।

  • उद्योग व्यापार संगठन की बैठक में संगठन विस्तार पर जोर, कई पदों पर नई जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं

    उद्योग व्यापार संगठन की बैठक में संगठन विस्तार पर जोर, कई पदों पर नई जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं

    संवाददाता जय गुप्ता कन्नौज उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन की महत्वपूर्ण बैठक शहर के मुंशीफ रोड स्थित जिला कार्यालय में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष आनंद गुप्ता ने की। इस दौरान उन्होंने संगठन के उद्देश्य, विस्तार और व्यापारियों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।जिला अध्यक्ष आनंद गुप्ता ने कहा कि व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभानी होती है। ऐसे में उनके हितों की रक्षा करना संगठन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नगर के व्यापारियों को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर संगठन पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ा रहेगा और हर मुद्दे का समाधान प्राथमिकता से कराया जाएगा।

    बैठक में संगठन विस्तार को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए और विभिन्न पदों पर नई नियुक्तियाँ की गईं।
    नए पदाधिकारी इस प्रकार हैं प्रवीण गुप्ता (एडवोकेट) – जीएसटी सलाहकार पवन चौहान – नगर उपाध्यक्ष (युवा)पंकज तोमर – विधि सलाहकार सुमित – नगर मंत्री शिवम गुप्ता – नगर उपाध्यक्ष गौरव गुप्ता – नगर उपाध्यक्ष स्वतंत्र कुमार – नगर मंत्री इन नई जिम्मेदारियों के साथ संगठन को और अधिक मजबूत बनाने और व्यापारियों की आवाज को प्रभावी रूप से आगे रखने का संकल्प लिया गया।

    बैठक का संचालन जिला उपाध्यक्ष अतुल वर्मा ने किया, जबकि कार्यक्रम के संयोजक आशीष वर्मा, जिला महामंत्री रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पदाधिकारी और व्यापारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से नगर अध्यक्ष (युवा) गौरव गोयल, डॉ. आदित्य श्रीवास्तव, उमेश मिश्रा, मनोज दीक्षित, अंकित तिवारी, रोहित गुप्ता, अवनीश गुप्ता, राघवेंद्र शर्मा, आकाश गुप्ता, सौरभ श्रीवास्तव, उमेश राठौर, अमित गुप्ता, जय किशन गुप्ता, शरद गुप्ता, पवन चौहान, गौरव यादव सहित कई व्यापारी शामिल थे।

    बैठक का उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाना और व्यापारियों की समस्याओं के समाधान को गति देना था। संगठन के पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि नई टीम के साथ कार्यों में और तेजी आएगी तथा व्यापारियों के हितों की रक्षा और भी प्रभावी ढंग से हो सकेगी।