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  • बागपत: सगाई में 21 लाख का दहेज लौटा युवक, दहेज प्रथा को किया चुनौती

    बागपत: सगाई में 21 लाख का दहेज लौटा युवक, दहेज प्रथा को किया चुनौती

    बागपत: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत कस्बे से एक प्रेरक खबर सामने आई है। यहाँ के एक युवक ने अपनी सगाई के दौरान दहेज की सदियों पुरानी प्रथा को चुनौती देते हुए ससुराल पक्ष द्वारा तिलक में दिए जा रहे ₹21 लाख का चेक लौटा दिया।जानकारी के अनुसार, यह घटना 22 नवंबर को हुई। युवक ने समारोह में सभी मौजूद लोगों के सामने यह चेक लौटा दिया और स्पष्ट कर दिया कि वह दहेज स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका मकसद समाज में व्याप्त दहेज प्रथा को समाप्त करने और इसे बंद कराने के लिए एक संदेश देना है।

    युवक ने यह भी कहा कि वह दहेज में सिर्फ 1 रुपये स्वीकार करेंगे, ताकि यह प्रतीकात्मक रूप से दिखाया जा सके कि शादी के लिए पैसे या दहेज की आवश्यकता नहीं है। इस साहसिक कदम ने समारोह में मौजूद सभी मेहमानों को हैरान कर दिया।स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने युवक के इस कदम की सराहना की है। उन्होंने कहा कि ऐसे उदाहरण समाज में जागरूकता फैलाने और दहेज प्रथा को खत्म करने में मदद करेंगे। युवा पीढ़ी को इस तरह के कदमों से यह सीखने को मिलेगा कि शादी का मूल्य सिर्फ प्यार और आपसी समझदारी में निहित है, न कि धन-दौलत में।

    इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी युवक के कदम की काफी चर्चा हो रही है। लोग उसे साहसी और समाज सुधारक के रूप में देख रहे हैं। कई सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें युवक की सादगी और साहस को प्रदर्शित किया गया है।विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कदम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में मददगार साबित होंगे। दहेज प्रथा के खिलाफ यह एक प्रेरक संदेश है और आने वाले समय में और भी लोग इस दिशा में कदम उठा सकते हैं।

  • Cyclone Ditwah: तमिलनाडु–पुडुचेरी तट पर हलचल, रेड-येलो अलर्ट जारी, भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा

    Cyclone Ditwah : चक्रवाती तूफान ‘दित्वाह’ (Ditwah) भारत की धरती पर दस्तक देने वाला है। भारत के तटीय राज्यों तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश की ओर तेजी से बढ़ रहा है। यह तूफान शनिवार दोपहर को श्रीलंका से निकला, जिसमें कम से कम 153 लोगों की मौत हो गई और 191 लोग लापता हैं।चेन्नई समेत तमिलनाडु और पुडुचेरी के कई जिलों के लिए अगले तीन घंटों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विभाग ने कहा है कि हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी और बिजली कड़कने के आसार हैं। अभी कहां है तूफान ‘दित्वाह’? भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार,चक्रवाती तूफान दित्वाह पिछले 12 घंटों से 05 किलोमीटर प्रति घंटे की धीमी रफ्तार से उत्तर की ओर बढ़ा है और यह दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित है। सुबह 2 बजे तक यह भारतीय तट वेदारण्यम से 90 किमी पूर्व-उत्तर-पूर्व, कराईकल से 90 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व और पुडुचेरी से 160 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में था।

    मौसम विभाग के अनुसार,तूफान के नॉर्थ तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटों के समांतर उत्तर की ओर बढ़ने की उम्मीद है। आज दोपहर और शाम तक यह तमिलनाडु-पुडुचेरी तट से क्रमशः 70 किलोमीटर और 30 किलोमीटर की न्यूनतम दूरी पर केंद्रित होगा। हालांकि, तूफान के लैंडफॉल (तट से टकराने) की संभावना कम है, लेकिन तट के इतना करीब से गुजरना भारी बारिश और तेज हवाओं का गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

    तूफान दित्वाह का प्रभाव तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश हो रही है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश के कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। चेन्नई समेत तमिलनाडु और पुडुचेरी के कई जिलों के लिए अगले तीन घंटों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। नागपट्टिनम जिले के वेदारण्यम के पास कोडियाकराई बीच इलाके में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश दर्ज की गई। समुद्री हलचल बढ़ी बंगाल की खाड़ी में आए इस तूफान के असर से पुडुचेरी में समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठने लगी हैं। तटीय इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने का काम जारी है। पुलिस लोगों को समुद्र के किनारे से हटा रही है और आस-पास के इलाकों में नहीं जाने की चेतावनी जारी की गई है।

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  • 62 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलिया PM एंथनी अल्बनीज ने रचाई शादी, पद पर रहते हुए शादी करने वाले पहले प्रधानमंत्री बने

    62 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलिया PM एंथनी अल्बनीज ने रचाई शादी, पद पर रहते हुए शादी करने वाले पहले प्रधानमंत्री बने

    ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज (Anthony Albanese) ने 62 साल की उम्र में अपनी पार्टनर जोडी हेडन (Jodie Haydon) के साथ शादी कर ली है। यह शादी इसलिए भी खास है क्योंकि अल्बनीज पद पर रहते हुए विवाह करने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री बन गए हैं। उनकी यह दूसरी शादी है, जबकि जोडी हेडन की यह पहली शादी बताई जा रही है।

    शनिवार को संपन्न हुई यह शादी बेहद सादगीपूर्ण रही। समारोह में परिवार, करीबी दोस्त और कुछ चुनिंदा मेहमान ही मौजूद थे। शादी का वीडियो खुद प्रधानमंत्री अल्बनीज ने सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में दोनों बेहद खुशी के साथ एक-दूसरे को गले लगाते और जीवन की नई शुरुआत करते दिखाई दे रहे हैं।

    अल्बनीज और जोडी की मुलाकात वर्ष 2020 में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और लंबे समय के रिश्ते के बाद उन्होंने विवाह का फैसला लिया। जोडी हेडन एक फाइनेंशियल प्रोफेशनल हैं और कई सामाजिक अभियानों से भी जुड़ी रही हैं।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अल्बनीज का यह कदम उनके निजी जीवन के प्रति पारदर्शिता और आधुनिक सोच को दर्शाता है। इससे पहले किसी भी ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने कार्यकाल के दौरान शादी नहीं की थी। इस वजह से यह पल देश की राजनीतिक और सामाजिक इतिहास में दर्ज हो गया है।शादी के बाद जारी बयान में अल्बनीज ने कहा कि जीवन में खुशी और स्थिरता बहुत जरूरी है, और वे खुद को बेहद भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें जोडी जैसी साथी मिली। इसके साथ ही उन्होंने सभी शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया।सोशल मीडिया पर इस शादी को लेकर बधाइयों का तांता लगा हुआ है। दुनियाभर के नेता, सेलिब्रिटी और आम लोग इस खास मौके पर अल्बनीज—जोडी को शुभकामनाएं दे रहे हैं।

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  • वाराणसी में 393 अग्निवीर सेना में हुए शामिल, 39 GTC में शानदार पासिंग आउट परेड सम्पन्न

    वाराणसी में 393 अग्निवीर सेना में हुए शामिल, 39 GTC में शानदार पासिंग आउट परेड सम्पन्न

    वाराणसी। देश की जवान तैयार करने वाली प्रतिष्ठित छावनियों में से एक 39 GTC वाराणसी में गुरुवार को बेहद गर्व का क्षण देखने को मिला। यहाँ अग्निवीर 06/25 बैच की पासिंग आउट परेड आयोजित की गई, जिसमें 393 अग्निवीरों ने सैन्य प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना में औपचारिक रूप से शामिल होने की शपथ ली।

    सुबह से ही परेड ग्राउंड में सैन्य अनुशासन, जोश और देशभक्ति का माहौल नजर आया। परेड का नेतृत्व प्रशिक्षित अग्निवीरों ने किया, जिन्होंने 31 सप्ताह की कठिन और उच्च स्तरीय ट्रेनिंग पूरी की है। इस प्रशिक्षण में हथियार संचालन, ड्रिल, शारीरिक क्षमता, रणकौशल और सैन्य व्यवहार का गहन अभ्यास शामिल रहा।

    कसम–परेड के दौरान अग्निवीरों ने राष्ट्रध्वज, संविधान और देश की सुरक्षा के लिए समर्पण की शपथ ली। जवानों के दमदार मार्च, तालमेल, अनुशासन और देश के प्रति समर्पण ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में मौजूद सैन्य अधिकारियों ने नए रंगरूटों को बधाई दी और उन्हें उत्कृष्ट सेवा देने के लिए प्रेरित किया।

    कार्यक्रम के दौरान अग्निवीरों के परिवारजन भी मौजूद रहे, जिनकी आंखों में गर्व और भावनाओं का मिश्रण साफ देखा गया। सेना का कहना है कि यह नई पीढ़ी का अग्निवीर बैच भविष्य में देश की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    वाराणसी की यह पासिंग आउट परेड सामाजिक मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इन जाबांज युवाओं को शुभकामनाएं दे रहे हैं।

  • Tata Sierra vs Toyota Hyryder: कौन बेहतर? साइज, फीचर्स और कीमत के आधार पर सीधा मुकाबला

    Tata Sierra vs Toyota Hyryder: कौन बेहतर? साइज, फीचर्स और कीमत के आधार पर सीधा मुकाबला

    Tata Sierra vs Toyota Hyryder : सेगमेंट-मुकाबले में Tata Sierra और Toyota Hyryder दोनों ही पॉपुलर विकल्प हैं, लेकिन खरीदार की प्राथमिकता के हिसाब से एक बेहतर साबित होता है। सबसे पहले साइज की बात करें तो दोनों ही कॉम्पैक्ट-SUV श्रेणी में आते हैं; Sierra का इंटीरियर खुलापन और किफायती-स्पेस मैनेजमेंट शहर-उपयोग और फैमिली दोनों के लिए आकर्षक है, जबकि Hyryder का पैकेज थोड़ा ज़्यादा प्रीमियम महसूस कराता है — खासकर इंस्ट्रूमेंट व बिल्ट-क्वालिटी में।

    फीचर्स में Sierra आम तौर पर मूल्य-अनुकूल टेक और कनेक्टिविटी (मल्टी-इन्फोटेनमेंट, डिजिटल क्लस्टर, सेगमेंट-लैवल सुविधाएँ) के साथ आती है। Toyota Hyryder इसकी तुलना में बेहतर फिनिश, एडवांस्ड सेफ्टी (Toyota की भरोसेमंद सैफ्टी टेक) और उच्च-स्तरीय कॉन्वेनींस देती है। सबसे बड़ा फर्क है पावरट्रेन — Sierra पारंपरिक पेट्रोल/माइल्ड-हाइब्रिड विकल्पों में इको-फोकस देता है; Hyryder की खासियत इसका असली-हाइब्रिड ऑप्शन है जो पेट्रोल से बेहतर माइलेज और स्मूद ड्राइविंग देता है।

    कीमत की बात करे तो Tata Sierra आम तौर पर मूल्य-संज्ञानी खरीदार के लिए बेहतर वैल्यू ऑफर करती है; Toyota Hyryder प्रीमियम रेंज में है पर हाइब्रिड और ब्रांड-ट्रस्ट का फायदा मिलता है। अंतिम फैसला आपकी प्राथमिकता-पर निर्भर करेगा — कम कीमत में फीचर-फोकस और स्पेस चाहिए तो Sierra; बेहतर फ्यूल इकोनॉमी, प्रीमियम फिनिश और हाइब्रिड टेक चाहिए तो Hyryder बेहतर विकल्प रहेगा।

  • उज्जैन में सीएम मोहन यादव के बेटे अभिमन्यु की शादी चर्चा में, दूल्हा-दुल्हन बैलगाड़ी में पहुंचे,परंपरा और आधुनिकता का अनोखा संगम

    उज्जैन में सीएम मोहन यादव के बेटे अभिमन्यु की शादी चर्चा में, दूल्हा-दुल्हन बैलगाड़ी में पहुंचे,परंपरा और आधुनिकता का अनोखा संगम

    उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में इन दिनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव की शादी शहर की चर्चा का मुख्य विषय बनी हुई है। परंपरा, संस्कृति और आधुनिकता के अनूठे मेल वाली इस शादी ने एक बार फिर उज्जैन को राष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया है। सोशल मीडिया पर जो दृश्य सबसे ज्यादा वायरल हो रहा है, वह है दूल्हा-दुल्हन का बैलगाड़ी पर बैठकर जाना, जिसने लोगों का दिल जीत लिया है।

    शादी के पूर्व आयोजित रस्मों में परिवार ने पूरी तरह पारंपरिक अंदाज़ को अपनाया है। हल्दी, मेहंदी और अन्य अनुष्ठानों में स्थानीय संस्कृति की झलक साफ दिखाई दी। खास बात यह रही कि पूरा आयोजन बिना किसी भव्यता, फिजूलखर्ची या दिखावे के, पूरी सादगी के साथ सम्पन्न किया गया। यही वजह है कि आम लोगों से लेकर सोशल मीडिया यूज़र्स तक, हर कोई इस शादी की तारीफ कर रहा है।

    बैलगाड़ी में दूल्हा-दुल्हन की झलक ने शहर भर का ध्यान आकर्षित किया। दोनों पारंपरिक परिधान में शांत और खुश नजर आए। बैलगाड़ी को फूलों से सजाया गया था, और गांव की लोक संस्कृति का रंग इसमें स्पष्ट दिखाई दिया। लोगों का कहना है कि इस तरह की शादियां समाज में एक सकारात्मक संदेश देती हैं—कि परंपरा को अपनाते हुए भी आधुनिक जीवन का संतुलन बनाए रखा जा सकता है।

    शादी का मुख्य समारोह 30 नवंबर 2025 को पवित्र मां शिप्रा नदी के तट पर आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के परिवार ने एक विशेष आयोजन किया है, जिसमें 21 जोड़े एक साथ 21 मंडपों में विवाह करेंगे। इस सामाजिक पहल की काफी प्रशंसा की जा रही है, क्योंकि यह सामूहिक विवाह की परंपरा को बढ़ावा देने के साथ-साथ समाज के जरूरतमंद वर्ग को सहारा भी प्रदान करती है।

    उज्जैन में इन दिनों शादी को लेकर खास रौनक नजर आ रही है। स्थानीय लोग, प्रशासन और आम जनता पूरे उत्साह के साथ तैयारियों में जुटे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल बैलगाड़ी वीडियो इस शादी को और भी खास बना रहा है, और यह आयोजन लंबे समय तक चर्चा का विषय रहने वाला है।

  • महोबा में SIR कार्य में लापरवाही: 27 पंचायत सहायकों को सेवा समाप्ति का नोटिस, एक सचिव का वेतन काटा

    महोबा में SIR कार्य में लापरवाही: 27 पंचायत सहायकों को सेवा समाप्ति का नोटिस, एक सचिव का वेतन काटा

    यूपी के महोबा जिले में मतदाता सूची के प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) कार्य में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर बीएलओ के सहयोग हेतु तैनात पंचायत सहायकों की गैरहाजिरी और उदासीनता को देखते हुए जिला पंचायती राज अधिकारी (DPRO) ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।जिले के 27 पंचायत सहायकों को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया है, जबकि एक ग्राम पंचायत सचिव का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्रवाई से SIR कार्य में लगे अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।

    कई ब्लॉकों में लापरवाही उजागर

    प्रशासनिक जांच में पाया गया कि कबरई, चरखारी, जैतपुर और पनवाड़ी ब्लॉक के कई पंचायत सहायक कार्यस्थल पर मौजूद ही नहीं थे।नियमों के मुताबिक, बीएलओ को मतदाता सूची पुनरीक्षण में सहयोग देने के लिए ग्राम प्रधान, कोटेदार, पंचायत सहायक, ग्राम सचिव और सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई थी।

    इसके साथ ही एसडीएम और तहसीलदार भी निगरानी में लगे हैं।इसके बावजूद जिले में केवल 50% डेटा ही ऑनलाइन अपलोड हो सका, जिससे SIR की प्रगति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

    किस ब्लॉक में कितने पंचायत सहायकों पर कार्रवाई?

    • कबरई ब्लॉक: डिगरिया, श्रीनगर, सिचौरा, सिजहरी, ढिकवाहा, कबरई देहात सहित 6 पंचायतों के सहायक
    • पनवाड़ी ब्लॉक: अमानपुरा, विजयपुर, पनवाड़ी, नकरा, कोहनिया, किल्हौआ, काशीपुरा, तेईया, चौका, सौरा और बम्हौरीकुर्मिन — कुल 11 पंचायत
    • चरखारी ब्लॉक: अक्ठौंहा, कुड़ार, बमरारा, गौरहारी — कुल 4 पंचायत
    • जैतपुर ब्लॉक: गुढ़ा, जैलवारा, कमालपुरा, बिहार, थुरट, सलैयामाफ — कुल 6 पंचायत

    DPRO ने दिए कड़े निर्देश

    DPRO चंद्रकिशोर वर्मा ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग की ऑनलाइन मीटिंग के बाद सीडीओ ने सभी सचिवों और ब्लॉक अधिकारियों को SIR कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। पंचायत सहायकों की उपस्थिति जांच में 27 सहायक अनुपस्थित पाए गए, जिसके बाद तीन दिनों के भीतर सेवा समाप्ति प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं।प्रशासन की यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि SIR कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी।

  • National Herald Case Hearing: सोनिया–राहुल से जुड़े मामले में ED की चार्जशीट पर कोर्ट का फैसला अब 16 दिसंबर को

    National Herald Case Hearing: सोनिया–राहुल से जुड़े मामले में ED की चार्जशीट पर कोर्ट का फैसला अब 16 दिसंबर को

    National Herald Case Hearing: नेशनल हेराल्ड केस में दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट को ईडी (ED) की चार्जशीट पर अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाना था, लेकिन अदालत ने आदेश को एक बार फिर टाल दिया है। इस मामले में अब फैसला 16 दिसंबर को सुनाया जाएगा। पिछली सुनवाई में भी कोर्ट ने कहा था कि केस फाइलों को दोबारा बारीकी से देखने की आवश्यकता है, इसलिए तत्काल फैसला देना संभव नहीं है।

    National Herald Case Hearing: किन-किन नेताओं पर है मामला दर्ज?

    ईडी ने अपनी चार्जशीट में कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को आरोपी नामित किया है। इनमें शामिल हैं

    • सोनिया गांधी, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष
    • राहुल गांधी, सांसद
    • दिवंगत नेता मोतीलाल वोरा
    • दिवंगत ऑस्कर फर्नांडिस
    • सुमन दुबे
    • सैम पित्रोदा
    • और कंपनी यंग इंडियन

    ED का आरोप है कि इन सभी ने मिलकर साजिश के तहत एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की करीब 2,000 करोड़ रुपये की संपत्तियों पर कब्जा किया।यह मामला मूल रूप से पूर्व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत पर आधारित है, जिन्होंने आरोप लगाया था कि कांग्रेस नेताओं ने फंड का दुरुपयोग किया और पार्टी द्वारा दिए गए कर्ज का गलत इस्तेमाल किया।

    National Herald Case Hearing: क्या है नेशनल हेराल्ड केस?

    एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) ‘नेशनल हेराल्ड’ अखबार प्रकाशित करता था। ED के अनुसारAJL पर कांग्रेस का 90 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज था।यह कर्ज यंग इंडियन कंपनी को ट्रांसफर किया गया।गांधी परिवार के पास यंग इंडियन में 76% शेयर थे।ED का आरोप है कि इस प्रक्रिया के तहत ‘कर्ज चुकाने’ के नाम पर AJL की करोड़ों की संपत्तियां हड़प ली गईं।चार्जशीट में यह भी दावा किया गया है कि इस लेन-देन से AJL की प्रॉपर्टी यंग इंडियन को अवैध तरीके से ट्रांसफर हुई, जबकि इसके लिए न तो उचित भुगतान हुआ और न ही कोई पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई गई।

    National Herald Case Hearing: अब आगे क्या?

    राउज़ एवेन्यू कोर्ट 16 दिसंबर को यह तय करेगी किED की चार्जशीट पर संज्ञान लिया जाएगा या नहीं,और क्या आरोपियों के खिलाफ आगे सुनवाई बढ़ेगी।यह फैसला इस लंबे समय से चल रहे विवादित राजनीतिक-आर्थिक केस का अगला बड़ा पड़ाव माना जा रहा है।

  • AhirRegiment : “120 बहादुर” से उठे राजनीतिक सवाल: अहीर रेजिमेंट और यूपी की बदलती सियासत

    AhirRegiment : “120 बहादुर” से उठे राजनीतिक सवाल: अहीर रेजिमेंट और यूपी की बदलती सियासत

    AhirRegiment : भारतीय सेना की बहादुरी पर आधारित फिल्म ‘120 बहादुर’ न सिर्फ देशभक्ति का संदेश दे रही है, बल्कि इसके साथ अहीर रेजिमेंट की लंबे समय से चल रही मांग को भी फिर एक बार चर्चा के केंद्र में ले आई है। फिल्म के रिलीज होने के बाद उत्तर प्रदेश के कई जिलों में यह मुद्दा राजनीतिक रंग ले चुका है, खासकर वहां जहाँ यादव समुदाय की बड़ी आबादी है।

    अहीर रेजिमेंट की मांग ने पकड़ी रफ्तार

    अहीर यानी यादव समुदाय का भारतीय सेना में योगदान इतिहास से दर्ज है, चाहे 1962 का रेजांग ला युद्ध हो या बाद के कई मोर्चे। लंबे समय से यादव समुदाय एक अलग “अहीर रेजिमेंट” की मांग करता रहा है।’120 बहादुर’ में दिखे साहस और शौर्य के दृश्यों ने इस मांग को नए सिरे से धार दी है।यूपी में बलिया, गोरखपुर, अयोध्या, जौनपुर, इटावा, मैनपुरी और कन्नौज जैसे जिलों में इस मुद्दे पर लगातार सभाएं, पोस्टर कैंपेन और सोशल मीडिया अभियान तेजी से बढ़े हैं।

    सियासी दलों की सक्रियता बढ़ी

    यूपी की राजनीति में यादव समुदाय का बड़ा प्रभाव रहा है। ऐसे में फिल्म के बाद अहीर रेजिमेंट की मांग पर सियासी दलों की नजरें टिक चुकी हैं।

    • सपा (समाजवादी पार्टी) इस मुद्दे को सक्रिय रूप से उठाती रही है और फिल्म के बाद इसे यादव वोटबैंक को जोड़ने का बड़ा अवसर मान रही है।
    • भाजपा भी इस पर बैलेंस बनाते हुए “सेना की नीति और संरचना राजनीतिक आधार पर नहीं बदलती” जैसे बयान दे रही है, लेकिन जमीन पर उसके स्थानीय नेता इस विषय पर बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं।
    • कांग्रेस और क्षेत्रीय दल भी इसे “सामाजिक प्रतिनिधित्व” के नजरिए से देख रहे हैं।

    फिल्म से बदला माहौल, बढ़ रही बहस

    ‘120 बहादुर’ की सफलता के बाद सोशल मीडिया पर #AhirRegimentNow और #120Bahadur जैसे हैशटैग लगातार ट्रेंड कर रहे हैं।
    वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि कोई भी नई रेजिमेंट सेना की रणनीतिक आवश्यकता और ऐतिहासिक आधार पर बनती है, राजनीतिक मांगों पर नहीं।

    लेकिन राजनीतिक रूप से देखा जाए तो यह मुद्दा 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यूपी की राजनीति में बड़ा मोड़ बन सकता है।

    अहीर समुदाय का साफ संदेश

    अहीर युवाओं और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह मांग सिर्फ पहचान का सवाल नहीं, बल्कि सेना में योगदान के सम्मान की बात है।
    वे मानते हैं कि ‘120 बहादुर’ ने देशभर के युवाओं के मन में “अहीरों की ऐतिहासिक बहादुरी” का भाव फिर से जगा दिया है।

  • ओरैया : युवक का शव गांव पहुंचते ही बवाल, परिजनों ने दूसरी पत्नी पर हत्या का आरोप लगाया,शव रखकर जाम

    ओरैया : युवक का शव गांव पहुंचते ही बवाल, परिजनों ने दूसरी पत्नी पर हत्या का आरोप लगाया,शव रखकर जाम

    रिपोर्टर: अमित शर्मा, औरैया जिले के कोतवाली बिधूना क्षेत्र के गांव सराय महाजनान में शुक्रवार शाम उस समय तनाव फैल गया, जब ट्रेन से कटकर मारे गए रामकेश (40) का शव गांव पहुंचा। शव देखते ही परिजन फफक पड़े और मृतक की दूसरी पत्नी वर्षा पर हत्या का गंभीर आरोप लगाते हुए सड़क पर हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने कुदरकोट–रूरूगंज मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया, जिससे लगभग एक घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा।

    पुलिस बल पहुंचा, भारी मशक्कत के बाद खुला जाम

    जाम की सूचना मिलते ही बिधूना, कुदरकोट, ऐरवाकटरा और बेला थानों की पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। परिजनों का आक्रोश इतना ज्यादा था कि पुलिस को शव हटवाने और सड़क खाली कराने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान लगी भीड़ के कारण क्षेत्र में अफरा-तफरी जैसे हालात बन गए।

    इसी बीच, परिजनों के आरोपों के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी वर्षा को हिरासत में ले लिया। वर्षा को पकड़ने और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद परिजन शांत हुए और सड़क खाली करवाई जा सकी।

    विवाद के बाद गायब हुआ था रामकेश, रेल ट्रैक पर मिला था शव

    मृतक रामकेश, निवासी सराय महाजन, की पहली पत्नी की मृत्यु 2023 में हो गई थी। इसके बाद उन्होंने 2024 में भरथना, बालूगंज निवासी वर्षा से दूसरी शादी की। बुधवार को वर्षा के मायके जाने को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था।

    बात इतनी बढ़ी कि 112 पुलिस भी मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया। इसके बाद वर्षा मायके चली गईं।उसी शाम करीब 4 बजे, अछल्दा क्षेत्र के बैसोली गांव के पास दिल्ली–हावड़ा रेल मार्ग की अप लाइन पर एक युवक का शव मिला। पहचान गुरुवार को हुई, जब मृतक के चचेरे भाई पिंकू ने शव को रामकेश के रूप में पहचाना।

    परिजनों का आरोप“वर्षा ने हत्या कर शव फेंका”

    शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम के बाद जब शव गांव पहुंचा तो परिजन—श्याम सिंह, राजेश, पुत्री शिल्पी व अन्य—ने जोरदार हंगामा करते हुए वर्षा पर हत्या का आरोप लगाया। परिजनों का दावा है कि विवाद के बाद वर्षा ने रामकेश की हत्या की और घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव रेल ट्रैक पर फेंक दिया।

    पुलिस की प्रतिक्रिया

    कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मुकेश बाबू चौहान ने बताया कि वर्षा को हिरासत में लेते हुए परिजनों को शांत कराया गया है।उन्होंने कहा“परिजन जो तहरीर देंगे, उसके आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जाएगी। फिलहाल गांव में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है।”