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  • औरैया: OYO होटल पर पुलिस का छापा, चार युवतियां व चार युवक हिरासत में

    औरैया: OYO होटल पर पुलिस का छापा, चार युवतियां व चार युवक हिरासत में

    रिपोर्टर अमित शर्मा औरैया जिले के बिधूना में बाईपास रोड स्थित एक OYO होटल पर पुलिस ने छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की है। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर यह छापा कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मुकेश बाबू चौहान के नेतृत्व में मारा गया। कार्रवाई के दौरान होटल के कमरों से चार युवतियां और चार युवक मिले, जिन्हें पुलिस ने मौके पर ही हिरासत में ले लिया। सभी को आगे की कार्रवाई के लिए बिधूना कोतवाली ले जाया गया है, जहां उनसे गहन पूछताछ जारी है।

    सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को लंबे समय से बाईपास रोड स्थित इस OYO होटल में संदिग्ध आवाजाही की शिकायत मिल रही थी। स्थानीय लोगों ने कई बार पुलिस और प्रशासन से शिकायत की थी कि होटल में अवैध गतिविधियों को शह दी जा रही है। छापेमारी के दौरान एक युवक हेलमेट लगाकर होटल से बाहर निकलता दिखा, जिससे शक और गहरा गया।

    मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब बिधूना के OYO होटलों में इस तरह की घटना सामने आई हो। आसपास के मोहल्ले के लोग काफी समय से इन होटलों के संचालन पर सवाल उठा रहे हैं। मोहल्ला निवासी सूर्यांश ने बताया—“हम लोग इन OYO होटलों की गतिविधियों से परेशान हैं। यहां लगातार असामाजिक गतिविधियां होती रहती हैं, जिससे परिवार और बच्चों पर गलत असर पड़ रहा है।”स्थानीय निवासियों का आरोप है कि होटल प्रबंधन न तो पुलिस व प्रशासन के नियमों का पालन कर रहा है और न ही संदिग्ध लोगों की एंट्री पर रोक लगा रहा है। छापेमारी के दौरान स्थानीय लोगों ने होटल के बाहर हंगामा भी किया और वीडियो व तस्वीरें बनाईं।

    पुलिस अब होटल के रजिस्टर, आईडी एंट्री और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि होटल प्रबंधन की भूमिका संदिग्ध पाई गई या कोई अवैध गतिविधि साबित हुई, तो उनके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है और स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि अब प्रशासन इस प्रकार के OYO होटलों पर सख्त कदम उठाएगा।

  • UP: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लेखपाल सुधीर कुमार के घरवालों से की मुलाकात, दिया 2 लाख का सहयोग,BLO की मौतों पर सरकार से मांगी जवाबदेही

    UP: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लेखपाल सुधीर कुमार के घरवालों से की मुलाकात, दिया 2 लाख का सहयोग,BLO की मौतों पर सरकार से मांगी जवाबदेही

    सपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को मृतक लेखपाल सुधीर कुमार के परिवार से मुलाकात की। सुधीर कुमार ने शादी से एक दिन पहले तनाव के चलते आत्महत्या कर ली थी। परिवार का आरोप है कि छुट्टी नहीं मिलने और अत्यधिक वर्कलोड के कारण वह मानसिक दबाव में थे। अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार को 2 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी और आश्वासन दिया कि समाजवादी पार्टी आगे भी उनके साथ खड़ी रहेगी।

    अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में BLO और लेखपाल अत्यधिक कार्यभार, प्रशिक्षण की कमी और लगातार दबाव के कारण असामयिक मौत का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि,
    “बिना ट्रेनिंग दिए इन्हें चुनावी काम पर लगा दिया जाता है। जितने भी BLO मरे हैं, उनके परिवारों के लिए हम लोकसभा में सरकारी नौकरी की मांग करेंगे।”

    शादी से एक दिन पहले की थी सुसाइड

    जानकारी के अनुसार, सुधीर कुमार की शादी 26 नवंबर तय थी और परिवार में तैयारियां चल रही थीं। लेकिन सुधीर को छुट्टी नहीं मिल पा रही थी और चुनावी कार्यों में लगातार दबाव बढ़ रहा था। परिजनों ने बताया कि वह मानसिक रूप से बेहद परेशान थे। शादी से ठीक एक दिन पहले उन्होंने यह कदम उठा लिया, जिससे परिवार सदमे में है।

    अखिलेश यादव ने प्रशासन से मांग की कि सभी BLO और फील्ड कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण, समय पर छुट्टी और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी कर्मचारी काम के बोझ के कारण जान न गंवाए।

    सरकार से मुआवजे और नौकरी की मांग

    सपा प्रमुख ने मांग की कि मृतक सुधीर कुमार के परिवार को उचित मुआवजा, उसकी बहन/पत्नी में से किसी एक को सरकारी नौकरी और परिवार के भरण-पोषण की गारंटी दी जाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को संसद और विधानसभा में मजबूती से उठाएगा।इस घटना के बाद पूरे प्रदेश में BLO और लेखपालों की कार्य-परिस्थितियों को लेकर बहस तेज हो गई है। कर्मचारी संगठनों ने भी सरकार से मांग की है कि चुनावी कार्यों में तैनात फील्ड स्टाफ को पर्याप्त प्रशिक्षण और सहूलियतें दी जाएं, ताकि ऐसी दुखद घटनाएं दोबारा न हों।

  • बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा की ‘जन नमन अभिनंदन’ यात्रा में हर्ष फायरिंग, वीडियो वायरल

    बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा की ‘जन नमन अभिनंदन’ यात्रा में हर्ष फायरिंग, वीडियो वायरल

    बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा की ‘जन नमन अभिनंदन यात्रा’ में हर्ष फायरिंग का मामला सामने आया है। लखीसराय जिले के बड़हिया में स्वागत जुलूस के दौरान समर्थकों ने खुलेआम हथियार लहराए और हर्ष फायरिंग की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। विजय सिन्हा लखीसराय सीट से ही हाल ही में चुनाव जीतकर आए हैं और दोबारा बिहार सरकार में डिप्टी सीएम बनाए गए हैं।

    पुलिस ने तुरंत की कार्रवाई

    वीडियो वायरल होने के बाद लखीसराय पुलिस सक्रिय हुई। एसपी अजय कुमार के निर्देश पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए बंदूक जैसे दिखने वाले दोनों हथियारनुमा उपकरण को जब्त कर लिया। मामले में शामिल जाविर और हामिद को पूछताछ के लिए थाने तलब किया गया है। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

    आरजेडी ने सरकार पर साधा निशाना

    घटना के बाद बिहार की राजनीति भी गरमा गई है। आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि डिप्टी सीएम के विजय समारोह में गोलियों की बौछार होना कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा—“सरकार अपराधियों का संरक्षण कर रही है। बुलडोज़र नीति कहां चली गई? अपराध को बढ़ावा दिया जा रहा है और सरकार खुशियां मना रही है।”

    जन सुराज का तंज “कानून-व्यवस्था की भविष्यवाणी खुद कर लें”

    जन सुराज ने भी सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि बिहार के दोनों उपमुख्यमंत्रियों के कार्यकाल की शुरुआत ही विवादों से हो रही है। बयान में कहा गया—“पहले एक वांछित अपराधी की सम्राट चौधरी को बधाई देने वाली तस्वीर वायरल हुई और अब विजय सिन्हा के अभिनंदन जुलूस में ताबड़तोड़ फायरिंग का वीडियो सामने है। जनता अब अपनी जान-माल की सुरक्षा खुद समझ ले।”

    वीडियो वायरल, विपक्ष ने उठाए सवाल

    घटना का वीडियो व्यापक रूप से वायरल हो चुका है और विपक्ष इसे कानून-व्यवस्था से जोड़कर सरकार पर लगातार हमलावर है। वहीं प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि किसी भी तरह की अवैध फायरिंग या हथियार प्रदर्शन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • कानपुर : डॉ. रजत आदित्य दीक्षित को एशियन ताइक्वांडो यूनियन का बड़ा सम्मान, कोर कमेटी और एक्जीक्यूटिव सदस्य नियुक्त

    कानपुर : डॉ. रजत आदित्य दीक्षित को एशियन ताइक्वांडो यूनियन का बड़ा सम्मान, कोर कमेटी और एक्जीक्यूटिव सदस्य नियुक्त

    कानपुर के अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो खिलाड़ी और भारतीय संघ के कोषाध्यक्ष डॉ. रजत आदित्य दीक्षित को एशियन ताइक्वांडो यूनियन (ATU) ने एक बड़ी जिम्मेदारी और सम्मान से नवाजा है। ATU ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके उत्कृष्ट कार्य, खेल विकास के प्रति समर्पण और ताइक्वांडो को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के योगदान को देखते हुए उन्हें कोर कमेटी के सदस्य और एक्जीक्यूटिव सदस्य के रूप में नामित किया है।

    यह उपलब्धि न केवल कानपुर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और भारत के लिए गौरव का विषय है। डॉ. दीक्षित लंबे समय से खेल प्रशासन, प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं। उनके नेतृत्व में कई युवा खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है।

    सम्मान की घोषणा होते ही कानपुर के खेल जगत में खुशी की लहर दौड़ गई। राज्य के वरिष्ठ खेल अधिकारी, राष्ट्रीय खिलाड़ी और प्रशिक्षकों ने डॉ. दीक्षित को हार्दिक बधाई दी और इसे भारतीय ताइक्वांडो के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया।

    कानपुर में इस मौके पर श्री तुषार साहनी, सतीश कुमार, रोमी सिंह, आकाश शुक्ला, सविता सिंह, पूनम पाल, विक्रांत, अरविंद कुमार और उदय सिंह सहित कई खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने एकत्र होकर मिठाई बांटी और हर्षोल्लास के साथ खुशी मनाई।

    खेल विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर डॉ. दीक्षित की यह नई भूमिका भारत के ताइक्वांडो खिलाड़ियों के लिए नए अवसर खोलेगी और आने वाले वर्षों में देश के खेल विकास को एक नई दिशा देगी।

  • कांग्रेस नेता श्रीप्रकाश जायसवाल का निधन: 81 वर्ष की उम्र में कानपुर में ली अंतिम सांस, मेयर से कोयला मंत्री तक रहा शानदार सफर

    कांग्रेस नेता श्रीप्रकाश जायसवाल का निधन: 81 वर्ष की उम्र में कानपुर में ली अंतिम सांस, मेयर से कोयला मंत्री तक रहा शानदार सफर

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल का 81 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने कानपुर स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। लंबे समय से बीमार चल रहे जायसवाल के निधन से कांग्रेस पार्टी और कानपुर की राजनीति में गहरा शोक छा गया है।

    श्रीप्रकाश जायसवाल को कानपुर की राजनीति का करिश्माई चेहरा माना जाता था। उनका राजनीतिक सफर नगर निगम से शुरू होकर देश की संसद और फिर केंद्र सरकार तक पहुंचा। उन्होंने कानपुर के मेयर के रूप में अपनी पहचान मजबूत की और इसके बाद लगातार तीन बार कानपुर से सांसद चुने गए।

    केंद्रीय राजनीति में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी तब मिली जब वे मनमोहन सिंह सरकार में कोयला मंत्री बने। इस दौरान उन्होंने ऊर्जा और खनन क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण निर्णयों में भूमिका निभाई।
    कानपुर में उनके विकास कार्यों, धरातल से जुड़े नेतृत्व और सरल स्वभाव के कारण वे सभी दलों के नेताओं में सम्मानित थे।

    निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। कांग्रेस नेताओं ने उनके घर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। कई स्थानीय नागरिकों ने बताया कि जायसवाल हमेशा जनता के बीच रहकर समस्याओं को सुनते और समाधान करवाते थे।

    शहर के राजनीतिक इतिहास में उनका नाम एक मजबूत व प्रभावशाली नेता के रूप में याद किया जाएगा। परिवार और पार्टी सूत्रों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार कानपुर में ही किया जाएगा।

  • कानपुर देहात  प्रभारी मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद की समीक्षा बैठक,कानून-व्यवस्था और विकास योजनाओं पर कसा फोकस

    कानपुर देहात प्रभारी मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद की समीक्षा बैठक,कानून-व्यवस्था और विकास योजनाओं पर कसा फोकस

    कानपुर देहात (KANPUR DEHAT) के जिला मुख्यालय स्थित मां मुक्तेश्वरी सभागार (Maa Mukteshwari Auditorium) में प्रभारी मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों की प्रगति और अकबरपुर–रनिया विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास पर विस्तार से चर्चा की गई।

    प्रभारी मंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों से सरकार की विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति जानी। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पहुँचे, ताकि सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का अधिकतम असर जमीन पर दिखाई दे सके।

    बैठक में जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बेहतर, संवेदनशील और जवाबदेह पुलिसिंग से ही आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी। उन्होंने लंबित मामलों को प्राथमिकता से निस्तारित करने और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए।

    अकबरपुर–रनिया विधानसभा क्षेत्र के विकास को लेकर भी बैठक में विस्तृत चर्चा हुई। प्रभारी मंत्री ने बताया कि डबल इंजन सरकार क्षेत्र के सतत विकास, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी विभागों को योजनाओं को तेज गति से लागू करने तथा विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

    समापन में डॉ. निषाद ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं, और कानपुर देहात में जारी विकास यात्रा में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • Meesho IPO अगले हफ्ते ओपन: शुरुआती निवेशकों को मिल रहा 1,020 करोड़ का मुनाफा, हर 100 रुपये बने 877 रुपये

    Meesho IPO अगले हफ्ते ओपन: शुरुआती निवेशकों को मिल रहा 1,020 करोड़ का मुनाफा, हर 100 रुपये बने 877 रुपये

    ई-कॉमर्स कंपनी Meesho का बहुप्रतीक्षित IPO अगले हफ्ते निवेशकों के लिए खुल रहा है। IPO की बुकिंग 3 दिसंबर से 5 दिसंबर तक होगी। कंपनी ने इस पब्लिक ऑफरिंग के लिए प्राइस बैंड ₹105–₹111 प्रति शेयर निर्धारित किया है। दिलचस्प बात यह है कि Meesho के शुरुआती निवेशक इस IPO के जरिए जबरदस्त मुनाफा कमाने के लिए तैयार हैं।

    कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के अनुसार Elevation Capital, Peak XV Partners और Y Combinator जैसे बड़े इन्वेस्टर्स 10.38 करोड़ शेयर IPO में बेच रहे हैं। इन शेयरों पर कुल शुरुआती निवेश सिर्फ ₹131 करोड़ था, जिसे बेचकर अब ये निवेशक ₹1,020 करोड़ से अधिक का फायदा कमाने वाले हैं। इसका सीधा मतलब है कि हर 100 रुपये का निवेश आज करीब 877 रुपये का हो गया है।

    इस ऑफर में सबसे बड़ा एक्सिट Elevation Capital V का है, जो 2,44,45,349 शेयर बेच रहा है। वहीं Peak XV Partners Investments V भी भारी कमाई कर रहा है। उसने ये शेयर औसतन ₹4.29 प्रति शेयर की दर से खरीदे थे। अब 111 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड पर प्रति शेयर उसे ₹106.71 रुपये का मुनाफा होगा।

    Peak XV को इस बिक्री से करीब ₹185.5 करोड़ रुपये का कुल लाभ मिलेगा। यह उनके शुरुआती निवेश का लगभग 26 गुना रिटर्न, यानी लगभग 2,490% का मुनाफा है। Y Combinator सहित अन्य शुरुआती निवेशक भी इस IPO के जरिए करोड़ों रुपये कमाने की स्थिति में हैं।

    Meesho का यह IPO भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे शुरुआती निवेशकों को बड़े पैमाने पर वैल्यू अनलॉक करने का मौका मिल रहा है।सबसे ज्यादा फायदा

    Meesho के दो सह-संस्थापक भी इस IPO के जरिए अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचकर मोटी रकम निकाल रहे हैं। यह मुनाफा ऐसा है जिसे पब्लिक मार्केट में पाना लगभग नामुमकिन है। कंपनी के सह-संस्थापक और CEO विदित अत्रेय 1.6 करोड़ शेयर बेच रहे हैं। उन्होंने ये शेयर सिर्फ 0.06 रुपये प्रति शेयर के भाव पर खरीदे थे। IPO में 111 रुपये प्रति शेयर के भाव पर, उन्हें प्रति शेयर करीब 110.94 रुपये का मुनाफा हो रहा है। इस हिस्सेदारी को बेचकर उन्हें करीब 177.5 करोड़ रुपये का फायदा हो रहा है। यह उनके निवेश का करीब 1,850 गुना है, यानी करीब 1,84,900% का रिटर्न।

    दूसरे को-फाउंडर संजीव कुमार के लिए तो यह और भी ज्यादा फायदेमंद साबित हो रहा है। वह इस आईपीओ के जरिए 1.6 करोड़ शेयर बेच रहे हैं। उन्होंने ये शेयर सिर्फ 0.02 रुपये प्रति शेयर के भाव पर खरीदे थे। 111 रुपये प्रति शेयर के भाव पर उन्हें प्रति शेयर करीब 110.98 रुपये का मुनाफा हो रहा है। इस हिस्सेदारी को बेचकर उन्हें करीब 177.6 करोड़ रुपये का फायदा हो रहा है। उनके निवेश का यह करीब 5,500 गुना से ज्यादा है, यानी करीब 5,54,900% का रिटर्न।

  • मेरठ: हिंदुस्तान पेट्रोलियम डिपो में ट्रांसपोर्टर की हड़ताल जारी, तकनीकी खराब ताले और गाड़ियों पर प्रतिबंध से बढ़ा विवाद

    मेरठ: हिंदुस्तान पेट्रोलियम डिपो में ट्रांसपोर्टर की हड़ताल जारी, तकनीकी खराब ताले और गाड़ियों पर प्रतिबंध से बढ़ा विवाद

    मेरठ के टीपी नगर थाना क्षेत्र के पूठा गांव स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) डिपो में ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। गाड़ियों पर लगाए गए प्रतिबंध और ताले में पैदा हो रही तकनीकी खराबियों को लेकर शुक्रवार को भी डिपो परिसर में लगातार हंगामे की स्थिति बनी रही।

    ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि HPCL ने डिपो से संबंधित सभी टैंकरों में स्टेना कंपनी के इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा ताले लगाए हैं। ये ताले अक्सर तकनीकी खराबी का शिकार हो जाते हैं, जिसकी वजह से वाहन सिस्टम में गलत अलर्ट दिखाते हैं। इसी समस्या के चलते पिछले दो महीनों में चार गाड़ियों को HPCL प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया, जिससे ट्रांसपोर्टरों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

    ट्रांसपोर्टर दीपक चौधरी ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम में बार-बार दिक्कत आने के बावजूद कंपनी प्रशासन शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेता। “हम महीनों से शिकायत कर रहे हैं कि ताले में तकनीकी दोष है। लेकिन इसके बजाय हमारी गाड़ियां ही प्रतिबंधित कर दी जाती हैं। चालक और परिचालक परेशान हैं, और हम आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं,” उन्होंने कहा।

    ट्रांसपोर्टरों ने यह भी आरोप लगाया कि HPCL डिपो से भरे टैंकर जब पेट्रोल पंप पर पहुंचते हैं, तो इथेनॉल की मात्रा अधिक होने की शिकायत कर उन्हें वापस लौटा दिया जाता है। कई बार गुणवत्ता संबंधी दिक्कतों को ट्रांसपोर्टर की गलती बताकर गाड़ियों की एंट्री रोक दी जाती है, जबकि वास्तविक समस्या डिपो स्तर पर होती है।

    गुरुवार को हड़ताल के कारण डिपो से एक भी गाड़ी नहीं भरी गई और शुक्रवार को भी स्थिति वही रही। इससे सप्लाई चेन प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया था। हालांकि शुक्रवार दोपहर को डिपो अधिकारियों और ट्रांसपोर्टरों के बीच वार्ता हुई। अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हुए ताले की जांच, प्रतिबंधित गाड़ियों की पुनः समीक्षा और इथेनॉल संबंधित शिकायतों पर तकनीकी टीम भेजने का वादा किया।

    ट्रांसपोर्टरों ने फिलहाल हड़ताल के जारी रहने की बात कही है और कहा कि जब तक समस्याओं का ठोस समाधान नहीं होता, वे सेवा बहाल नहीं करेंगे। HPCL डिपो के बाहर आज भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।

  • PM Modi Udupi Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे 77 फुट ऊंची भगवान राम की कांस्य प्रतिमा का अनावरण, गोवा के गोकर्ण पर्तगाली मठ में भव्य कार्यक्रम

    PM Modi Udupi Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे 77 फुट ऊंची भगवान राम की कांस्य प्रतिमा का अनावरण, गोवा के गोकर्ण पर्तगाली मठ में भव्य कार्यक्रम

    PM Modi Udupi Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 नवंबर को गोवा के ऐतिहासिक गोकर्ण पर्तगाली मठ में दुनिया की सबसे ऊंची 77 फुट की भगवान राम की कांस्य प्रतिमा का अनावरण करेंगे। यह कार्यक्रम मठ के 550 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देशभर से साधु–संत, विद्वान और भक्त बड़ी संख्या में शामिल होंगे।

    गोकर्ण पर्तगाली मठ गोवा की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण केंद्र है। मठ के 550 साल पूरे होने पर यहां एक विशेष धार्मिक समारोह रखा गया है, जिसका मुख्य आकर्षण भगवान राम की विशाल प्रतिमा का लोकार्पण होगा। 77 फुट ऊंची यह प्रतिमा न केवल अपनी भव्यता के लिए खास है, बल्कि इसे भारत के जाने-माने मूर्तिकार राम सुतार के मार्गदर्शन में तैयार किया जा रहा है। राम सुतार वही कलाकार हैं, जिन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का निर्माण किया था।

    प्रतिमा का निर्माण अत्याधुनिक तकनीक और पारंपरिक भारतीय मूर्तिकला के संयोजन से किया गया है। यह प्रतिमा भगवान राम के आदर्शों—धर्म, मर्यादा और कर्तव्य—को प्रतीक रूप में दर्शाती है। प्रतिमा के अनावरण के साथ मठ परिसर में हवन, शास्त्र–पाठ, सांस्कृतिक कार्यक्रम और भक्ति संगीत का आयोजन भी किया जाएगा।

    सरकार और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इस आयोजन से गोवा में धार्मिक पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। विशेष रूप से अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के बाद, भगवान राम से जुड़ी यह भव्य प्रतिमा भक्तों के लिए एक और आकर्षण का केंद्र होगी।

    28 नवंबर को प्रधानमंत्री का यह दौरा धार्मिक, सांस्कृतिक और विरासत संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है

  • संभल में झाड़ियों के बीच दबा प्राचीन कुआं मिला, दोबारा खुदाई से 1978 के दंगे की कहानी फिर चर्चा में

    संभल में झाड़ियों के बीच दबा प्राचीन कुआं मिला, दोबारा खुदाई से 1978 के दंगे की कहानी फिर चर्चा में

    संभल के मोहम्मदखां सराय क्षेत्र में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एकता चौकी के पास झाड़ियों और मिट्टी के बीच दबा एक प्राचीन बंद कुआं मिलने की जानकारी सामने आई। जैसे ही स्थानीय लोगों में यह खबर फैली, प्रशासन सक्रिय हो गया और जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर पालिका ने तत्काल कुएं की खुदाई का काम शुरू कराया

    सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार और अधिशासी अधिकारी मणिभूषण तिवारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कार्यदायी टीम को निर्देश दिए कि खुदाई तेज गति से की जाए, लेकिन कुएं की उम्र और सतह की कमजोर स्थिति को देखते हुए पूरी सावधानी बरती जाए।खुदाई के दौरान वर्षों पुराना एक विशाल पेड़ सबसे बड़ा अवरोध बना। टीम को पेड़ को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित तरीके से हटाने का आदेश दिया गया है। नगर पालिका की टीम कुएं को साफ करने और उसकी गहराई तक पहुंचने में जुटी है।

    1978 के दंगे का पुराना आरोप फिर चर्चा में

    स्थानीय लोगों के अनुसार यह कुआं कई दशक पहले बंद कर दिया गया था। इसी के साथ एक पुराना दावा भी फिर चर्चा में है बताया जाता है कि 1978 के दंगे के दौरान एक व्यापारी की हत्या कर उसके शव को इसी कुएं में फेंकने की बात कही गई थी। हालाँकि, उस समय कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।कुएं की दोबारा खुदाई शुरू होने के बाद लोग एक बार फिर उसी घटना की याद ताजा कर रहे हैं। यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या कुएं में कई दशकों पुराना कोई सच दफन है?

    पुलिस बल तैनात, क्षेत्र सील

    किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए प्रशासन ने क्षेत्र की घेराबंदी कर दी है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कुएं की पूरी खुदाई खत्म होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इसके अंदर क्या मौजूद है और क्या कोई पुराना राज सामने आएगा।