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  • महोबा में किसानों का अर्द्धनग्न प्रदर्शन: खून से लिखा खत भेज CM योगी से फसल बीमा घोटाले की CBI–SIT जांच की मांग

    महोबा में किसानों का अर्द्धनग्न प्रदर्शन: खून से लिखा खत भेज CM योगी से फसल बीमा घोटाले की CBI–SIT जांच की मांग

    REPORT – Chandra Shekhar Namdeo महोबा जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में हुए बड़े घोटाले को लेकर किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज़ किसानों ने आज आंदोलन के सौवें दिन अर्द्धनग्न होकर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने खून से खत लिखकर फसल बीमा घोटाले के मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले की जांच CBI या SIT से कराने की मांग उठाई है।किसानों का कहना है कि तीन महीनों से अधिक समय से वे जय जवान जय किसान एसोसिएशन के बैनर तले तहसील परिसर में शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन सिर्फ “खानापूर्ति” कर रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने कुछ आरोपियों को जरूर गिरफ्तार किया, लेकिन मुख्य घोटालेबाज़ अभी भी खुले घूम रहे हैं, जिनपर कार्रवाई नहीं की जा रही है।

    बुंदेलखंड का दर्द और ऊपर से घोटाला

    महोबा जिला पिछले एक दशक से ओलावृष्टि, सूखा और अतिवृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बुरी तरह प्रभावित रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए राहत का माध्यम थी, लेकिन जालसाजों ने प्रशासनिक मिलीभगत से किसानों की जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर करोड़ों की बीमा राशि पर डाका डाल दिया।घोटाले का खुलासा होते ही किसानों ने आंदोलन शुरू किया। प्रशासन के दबाव में पुलिस ने अब तक जिले के विभिन्न थानों में 5 मुकदमे दर्ज किए हैं। कुल 26 आरोपियों को नामजद किया गया था, जिनमें से 11–14 आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की गई है।

    100वें दिन किसानों का अर्द्धनग्न प्रदर्शन

    सौवें दिन किसानों ने सदर तहसील में अर्द्धनग्न होकर सख्त विरोध जताया। उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपी गिरफ्तार होने तक आंदोलन वापस नहीं होगा। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों पर बीमा कंपनी अधिकारियों से मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए और कहा कि योजनाबद्ध तरीके से किसानों को लूटा गया है।किसानों की मांग है कि बीमा घोटाले की निष्पक्ष जांच CBI या SIT से कराई जाए, ताकि असली जिम्मेदारों को सजा मिल सके।किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई न हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

  • वाराणसी पहुंचीं कृति सेनन और धनुष, फिल्म ‘तेरे इश्क में’ का प्रमोशन ,बोलीं: काशी आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देती है

    वाराणसी पहुंचीं कृति सेनन और धनुष, फिल्म ‘तेरे इश्क में’ का प्रमोशन ,बोलीं: काशी आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देती है

    वाराणसी। अभिनेत्रि कृति सेनन, अभिनेता धनुष और निर्देशक आनंद एल राय मंगलवार को अपनी आगामी फिल्म ‘तेरे इश्क में’ के प्रमोशन के लिए वाराणसी पहुंचे। टीम ने काशी की आध्यात्मिकता, संस्कृति और वातावरण की जमकर तारीफ की। वाराणसी पहुंचते ही प्रशंसकों की बड़ी भीड़ ने कलाकारों का स्वागत किया, वहीं टीम ने घाटों पर घूमकर शहर की रंगत को महसूस किया।

    कार्यक्रम के दौरान कृति सेनन ने कहा कि काशी आकर हमेशा एक सकारात्मक ऊर्जा महसूस होती है। उन्होंने बताया कि, “2016 में मैं पहली बार काशी आई थी, लेकिन अब यह शहर और भी ज्यादा खूबसूरत और सुव्यवस्थित हो गया है। काशी की आध्यात्मिकता दिल को छू लेने वाली है।” कृति ने यह भी कहा कि उनकी और धनुष की केमिस्ट्री इस फिल्म को खास बनाती है, और दर्शकों को एक नई तरह की लव स्टोरी देखने को मिलेगी।

    फिल्म के अभिनेता धनुष ने कहा कि वाराणसी की गलियाँ, यहाँ की लोक संस्कृति और लोगों की आत्मीयता उन्हें बेहद पसंद आई। उन्होंने कहा कि काशी की रूहानी फील किसी को भी आकर्षित कर सकती है, और यहां की ऊर्जा फिल्म की कहानी से भी जुड़ती है।

    फिल्म के निर्देशक आनंद एल राय, जो काशी को अपनी कई फिल्मों का अहम हिस्सा बना चुके हैं, ने कहा कि इस शहर की आध्यात्मिकता इतनी गहरी है कि इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि ‘तेरे इश्क में’ की कहानी रूहानी प्रेम और मानवीय भावनाओं के इर्द-गिर्द घूमती है, इसलिए काशी का वातावरण फिल्म के प्रमोशन के लिए बिल्कुल उपयुक्त है।

    फिल्म का टीजर पहले ही रिलीज हो चुका है, जिसे दर्शकों द्वारा शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। 2 मिनट 4 सेकंड के इस टीजर में कृति और धनुष की तीव्र केमिस्ट्री दिखाई गई है। कई दर्शक इसे धनुष की सुपरहिट फिल्म ‘रांझणा’ की शैली से जोड़कर देख रहे हैं। फिल्म की कहानी हिमांशु शर्मा ने लिखी है और पहली बार कृति सेनन और धनुष बड़े पर्दे पर साथ नजर आएंगे।फिल्म ‘तेरे इश्क में’ 28 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है, और उम्मीद है कि यह बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करेगी।

  • सेंट्रल हॉल में संविधान दिवस का आयोजन, राष्ट्रपति–पीएम–विपक्ष के नेता एक मंच पर

    सेंट्रल हॉल में संविधान दिवस का आयोजन, राष्ट्रपति–पीएम–विपक्ष के नेता एक मंच पर

    नई दिल्ली। संविधान दिवस की वर्षगांठ पर मंगलवार को संसद के सेंट्रल हॉल में भव्य समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, नेता विपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मू ने मलयालम, मराठी, नेपाली, पंजाबी, बोडो, कश्मीरी, तेलुगु, ओडिया और असमिया सहित नौ भारतीय भाषाओं में संविधान के अनुवादित संस्करण जारी किए।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संबोधन

    राष्ट्रपति ने कहा कि 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने भारत के संविधान को अंगीकृत किया था और यह दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में मील का पत्थर है। उन्होंने संविधान दिवस मनाने के निर्णय को “बेहद सार्थक” बताया।
    राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारतीय संविधान हमारी राष्ट्रीय अस्मिता और राष्ट्रवादी भावना का प्रतीक है। उन्होंने संसद द्वारा दंड के स्थान पर न्याय की भावना पर आधारित नए भारतीय न्याय संहिता को लागू करने की सराहना की।
    उन्होंने कहा कि भारत सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के मूल्यों पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रपति ने बताया कि लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं, जो विश्व में आर्थिक न्याय का सबसे बड़ा उदाहरण है।

    उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन की 5 बड़ी बातें

    उपराष्ट्रपति ने कहा कि हमारा संविधान त्याग, अनुभव और हमारी आज़ादी की लड़ाई की सामूहिक भावना से बना है।
    उन्होंने कहा, “संविधान की आत्मा है कि भारत एक है और हमेशा एक रहेगा।”राधाकृष्णन ने देश की अर्थव्यवस्था की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा।उन्होंने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े 100 करोड़ लोगों का जिक्र किया, जिसे “असंभव को संभव करने” वाली उपलब्धि बताया।उपराष्ट्रपति ने कहा कि लोकतंत्र भारत की प्राचीन परंपरा है और 2024 में जम्मू-कश्मीर में रिकॉर्ड मतदान इसका बड़ा प्रमाण है।संसद में आयोजित यह समारोह भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता और संविधान के प्रति राष्ट्र की आस्था का प्रतीक रहा।

  • कानपुर देहात: अकबरपुर पुल से मुख्यालय रोड तक भीषण जाम, एम्बुलेंस और कैदी वैन फंसी

    कानपुर देहात: अकबरपुर पुल से मुख्यालय रोड तक भीषण जाम, एम्बुलेंस और कैदी वैन फंसी

    कानपुर देहात। अकबरपुर पुल से लेकर मुख्यालय रोड तक भीषण ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे आम जनता के साथ-साथ स्कूली बच्चों, मरीजों और कैदियों को ले जा रही कैदी वैन तक घंटों फंसी रही।

    सबसे गंभीर स्थिति तब देखी गई जब एक एम्बुलेंस मरीज को अस्पताल ले जाने के दौरान जाम में अटक गई। यातायात माह के दौरान हुए इस जाम ने प्रशासन की तैयारियों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    जाम की शुरुआत अकबरपुर पुल के पास हुई, लेकिन कुछ ही समय में यह बढ़ते हुए मुख्यालय रोड तक पहुंच गई। बड़ी संख्या में वाहन रेंगते रहे और कई जगह पर दोपहर तक ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। जाम में फंसे लोगों का कहना है कि अव्यवस्थित पार्किंग, सड़क किनारे लगाए गए ठेले और वाहनों की गलत लेन का उपयोग इस समस्या की बड़ी वजह है।

    जाम के कारण मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई। एम्बुलेंस के फंसने से अस्पताल पहुंचने में देरी का खतरा था, जो किसी भी गंभीर मरीज की जान जोखिम में डाल सकता था। स्कूली बसों के फंसने के कारण बच्चों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं कैदियों को ले जा रही वैन के रुकने से सुरक्षा संबंधी चिंताएँ भी सामने आईं।

    कानपुर देहात में पिछले कुछ समय से ट्रैफिक अव्यवस्था लगातार बढ़ रही है। हालांकि यातायात माह के तहत जागरूकता अभियान और चेकिंग ड्राइव चलाए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका प्रभाव स्पष्ट रूप से नहीं दिखा। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस की संख्या कम होने और सड़क पर निगरानी कमजोर होने से ऐसी स्थिति बार–बार पैदा होती है।

    जाम खत्म कराने के लिए पुलिस को कई घंटों तक मशक्कत करनी पड़ी। फिलहाल प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि व्यस्त स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा और ट्रैफिक उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • IASControversy- MP में IAS का आपत्तिजनक बयान, कहा ‘ब्राह्मण बेटी दान करें तभी खत्म होगा आरक्षण’

    IASControversy- MP में IAS का आपत्तिजनक बयान, कहा ‘ब्राह्मण बेटी दान करें तभी खत्म होगा आरक्षण’

    IASControversyमध्य प्रदेश में IAS अधिकारी संतोष वर्मा अपने एक विवादित बयान को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में संतोष वर्मा ब्राह्मण समाज की बेटियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करते दिख रहे हैं। बयान में उन्होंने कहा— “जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं देता या उससे संबंध नहीं बनता, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए।”इस बयान के सामने आते ही राज्यभर में बवाल खड़ा हो गया है।

    IAS संतोष वर्मा की यह टिप्पणी न केवल ब्राह्मण समाज के लोगों को आहत कर रही है, बल्कि इसे जातिगत भेदभाव और निजी आचरण पर असंवेदनशील बयान के रूप में देखा जा रहा है। कई ब्राह्मण संगठनों ने इस टिप्पणी की कड़ी आलोचना की है और सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

    सोशल मीडिया पर भी इस बयान के खिलाफ भारी विरोध देखने को मिल रहा है। ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर यूजर्स IAS अधिकारी के निलंबन और जांच की मांग कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी से ऐसी भाषा की उम्मीद नहीं की जा सकती।राजनीतिक दलों ने भी इस मुद्दे को उठाना शुरू कर दिया है। विपक्ष ने इसे सरकार की ‘प्रशासनिक विफलता’ बताया है और कहा है कि ऐसे बयान समाज में जातिगत तनाव को बढ़ावा देते हैं। वहीं कुछ नेताओं ने इसे “अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय” करार दिया है।

    ब्राह्मण संगठनों का कहना है कि यह बयान केवल एक समुदाय को ही नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान को भी ठेस पहुंचाता है। संगठन ने मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कर तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई अधिकारी ऐसी टिप्पणी करने का साहस न करे।इस पूरे विवाद पर अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही कदम उठाए जा सकते हैं।यह विवाद आने वाले दिनों में और गहरा सकता है, क्योंकि समाजिक और राजनीतिक स्तर पर इस बयान के खिलाफ विरोध लगातार बढ़ रहा है।

  • Laziness & Fatigue: क्यों आती है सुबह-सुबह नींद? डॉक्टर ने बताई इन दो विटामिन की कमी

    Laziness & Fatigue: क्यों आती है सुबह-सुबह नींद? डॉक्टर ने बताई इन दो विटामिन की कमी

    Laziness & Fatigue: आजकल अनहेल्दी लाइफस्टाइल, जंक फूड और कम सक्रिय दिनचर्या के कारण लोग अक्सर दिनभर थकान और आलस महसूस करते हैं। कई लोग रात में अच्छी नींद लेने के बावजूद सुबह उठते ही कमजोरी और सुस्ती महसूस करते हैं। आमतौर पर लोग इसे नींद पूरी न होने का कारण मान लेते हैं, लेकिन यह हर बार सही नहीं होता। कई बार शरीर में कुछ महत्वपूर्ण विटामिन की कमी भी लगातार आलस्य और थकान का कारण बनती है।

    इंटरनल मेडिसिन कंसल्टेंट डॉ. सुजॉय मुखर्जी के अनुसार, शरीर में दो मुख्य विटामिन विटामिन D और विटामिन B12 की कमी सीधे तौर पर नींद, ऊर्जा स्तर और मानसिक सक्रियता को प्रभावित करती है।


    Laziness & Fatigue: विटामिन D की कमी क्यों बढ़ाती है आलस्य?

    शरीर में विटामिन D की कमी होने पर नींद की गुणवत्ता प्रभावित होती है। इससे शरीर में लगातार थकान, कमजोरी और दिनभर उनींदापन बना रहता है। विटामिन D की कमी से

    • हड्डियों में दर्द
    • इम्यूनिटी कमजोर
    • मांसपेशियों में कमजोरी
    • मूड स्विंग
      जैसी समस्याएँ भी बढ़ने लगती हैं।

    Skin exposure के जरिए सूरज की रोशनी से शरीर प्राकृतिक रूप से विटामिन D बनाता है। इसके अलावा विटामिन D-युक्त भोजन और डॉक्टर द्वारा सुझाए गए सप्लीमेंट भी मदद करते हैं।

    https://nationnowsamachar.com/headlines/ias-controversy-ias-officer-in-mp-makes-objectionable-statement-says-reservation-will-end-only-if-brahmins-donate-their-daughters/

    Laziness & Fatigue: विटामिन B12 की कमी और ज्यादा नींद का रिश्ता

    विटामिन B12 की कमी से शरीर की न्यूरोलॉजिकल क्रियाओं पर असर पड़ता है। इससे

    • लगातार नींद आना
    • ध्यान न लगना
    • शरीर में भारीपन
    • मानसिक थकान
      जैसी समस्याएँ होने लगती हैं।

    B12 की कमी लंबे समय तक रहने पर मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है। यह विटामिन मुख्य रूप से नॉन-वेज, डेयरी उत्पादों और सप्लीमेंट्स में पाया जाता है।


    Laziness & Fatigue: सुबह आलस दूर करने के आसान उपाय

    • रोज 20–25 मिनट धूप लें
    • हेल्दी फूड, खासकर प्रोटीन और विटामिन-युक्त भोजन खाएँ
    • पर्याप्त पानी पीएँ
    • सुबह हल्का व्यायाम करें
    • जरूरत हो तो डॉक्टर से विटामिन D या B12 की जांच करवाएँ
    https://nationnowsamachar.com/latest/union-minister-nitin-gadkari-reached-barsana-after-serving-cows-he-visited-radharani-temple-by-ropeway/
  • केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बरसाना पहुंचे, गौ सेवा के बाद रोप-वे से राधारानी मंदिर के किए दर्शन

    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बरसाना पहुंचे, गौ सेवा के बाद रोप-वे से राधारानी मंदिर के किए दर्शन

    केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत हेलीकॉप्टर से बरसाना पहुंचे। हेलीकॉप्टर के माता जी गौशाला परिसर में उतरने के बाद उन्होंने सबसे पहले गौ सेवा कर अपनी परंपरागत आस्था व्यक्त की। उनके आगमन को लेकर क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और सुरक्षाबलों ने पूरे कार्यक्रम को सावधानीपूर्वक संभाला।

    बरसाना की प्राचीन और पौराणिक पहचान के बीच गौ सेवा करने के बाद नितिन गडकरी रोप-वे से राधारानी मंदिर पहुंचे, जो तीर्थयात्रियों के लिए बरसाना की मुख्य धार्मिक धरोहर माना जाता है। रोप-वे से यात्रा करते हुए उन्होंने बरसाना की दिव्य परिक्रमा और प्राकृतिक सौंदर्य को निहारा। मंदिर पहुंचकर केंद्रीय मंत्री ने श्रीजी राधारानी के दर्शन किए और देश की खुशहाली, विकास और जनकल्याण के लिए प्रार्थना की।

    राधारानी मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्यों ने केंद्रीय मंत्री का स्वागत किया और उन्हें मंदिर की परंपराओं तथा धार्मिक विरासत की जानकारी दी। दर्शन के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु भी मंदिर परिसर में मौजूद रहे, जिन्होंने मंत्री के आगमन पर खुशी जताई।

    बरसाना में इन दिनों रोप-वे व्यवस्था ने श्रद्धालुओं की यात्रा को आसान बनाया है, और नितिन गडकरी के आज के कार्यक्रम ने इसे एक बार फिर चर्चा में ला दिया। दर्शन के बाद उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने तथा तीर्थस्थल विकास को बढ़ावा देने पर बातचीत भी की।

    नितिन गडकरी का बरसाना दौरा धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके आगमन से क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा और बड़ी संख्या में लोगों ने उनके प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के मंत्री का बरसाना आना इस क्षेत्र के विकास को नई दिशा देगा।

  • वाराणसी में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया संविधान दिवस, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने दिलाई शपथ

    वाराणसी में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया संविधान दिवस, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने दिलाई शपथ

    रिपोर्टर: मनीष पटेल | वाराणसी संविधान दिवस बड़े ही गरिमा और उत्साह के साथ मनाया गया। शहर के विभिन्न सरकारी संस्थानों, स्कूलों और प्रशासनिक कार्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए गए, लेकिन सबसे प्रमुख आयोजन पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी में हुआ, जहां पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों को संविधान की शपथ दिलाई।

    कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा कि हर वर्ष 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन 1949 में संविधान सभा ने भारत के संविधान को अंतिम रूप दिया था। बाद में 26 जनवरी 1950 को यह पूरे देश में लागू हुआ और भारत एक गणराज्य और लोकतांत्रिक राष्ट्र बना।उन्होंने उपस्थित लोगों को संविधान में उल्लिखित मूल कर्तव्यों और मूल्यों की याद दिलाते हुए कहा कि हम सभी का दायित्व है कि देश के कानून, लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था को मजबूती दें। उन्होंने कहा कि संविधान सिर्फ एक किताब नहीं, बल्कि देश की आत्मा और नागरिकों के अधिकारों का संरक्षक है।

    कमिश्नर ने सभी अधिकारियों व नागरिकों से अपील की कि वे संविधान की भावना के अनुरूप कार्य करें और अपने कर्तव्यों का 100% पालन करें। उन्होंने कहा कि न्याय, समानता और स्वतंत्रता जैसे मूल सिद्धांतों को जीवन में उतारना ही सच्ची देशभक्ति है।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे संविधान की रक्षा करेंगे, लोकतंत्र को मजबूत करेंगे और समाज में शांति, सद्भाव और न्याय की स्थापना के लिए कार्यरत रहेंगे।वाराणसी में संविधान दिवस के कार्यक्रमों ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि भारत का संविधान हर नागरिक के जीवन का मार्गदर्शक है, और इसके पालन से ही देश आगे बढ़ता है।

  • राबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस, NDA सरकार के फैसले से लालू परिवार का दशकों पुराना ठिकाना बदलेगा

    राबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस, NDA सरकार के फैसले से लालू परिवार का दशकों पुराना ठिकाना बदलेगा

    बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी नई NDA सरकार ने कामकाज संभालते ही प्रशासनिक फैसलों की रफ्तार बढ़ा दी है। इसी क्रम में भवन निर्माण विभाग ने मंगलवार शाम पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को उनका सरकारी आवास 10, सर्कुलर रोड खाली करने का नोटिस जारी कर दिया। अब विभाग ने उन्हें नया आवास 39, हार्डिंग रोड आवंटित किया है, जो आगे चलकर उनका आधिकारिक सरकारी निवास होगा।

    क्यों खाली कराना पड़ रहा है बंगला?

    राबड़ी देवी का बंगला खाली कराए जाने की वजह सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं है। इसकी जड़ें 2017 की उस कानूनी लड़ाई से जुड़ी हैं, जिसने बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया था। यह मामला तेजस्वी यादव की याचिका से शुरू हुआ था।

    तेजस्वी बनाम सरकार – 2017 का विवाद

    2017 में जब तेजस्वी यादव उपमुख्यमंत्री पद से हटे, तो उन्हें आवंटित सरकारी आवास 5, देशरत्न मार्ग खाली करने का नोटिस मिला। तेजस्वी इस बंगले को विपक्ष के नेता रहते हुए भी रखना चाहते थे। उन्होंने फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी, लेकिन अदालत ने न केवल तेजस्वी की याचिका खारिज की बल्कि उससे भी बड़ा फैसला सुनाया।

    हाईकोर्ट ने अपने ऐतिहासिक निर्णय में कहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन बंगला, सुरक्षा और अन्य विशेष सुविधाएं देने की व्यवस्था समाप्त की जाए। यही अदालत का आदेश अब 2025 में प्रभावी हुआ है। यदि तेजस्वी 2017 में अदालत न जाते, तो राबड़ी देवी पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते 10 सर्कुलर रोड में बनी रह सकती थीं।

    लालू परिवार का राजनीतिक केंद्र रहा है यह बंगला

    लालू-राबड़ी परिवार वर्षों से इस बंगले में रह रहा है। 10 सर्कुलर रोड प्रेस कॉन्फ्रेंस, नेताओं की बैठकें और राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। अब सरकार के नए आदेश के बाद यह ऐतिहासिक पता बदलने जा रहा है।

    रोहिणी आचार्य का हमला

    बंगला खाली करने का नोटिस जारी होते ही लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर नाराज़गी जताई। उन्होंने लिखा– “सुशासन बाबू का मॉडल… लालू प्रसाद यादव का अपमान पहली प्राथमिकता। घर से निकाल दीजिए, जनता के दिल से कैसे निकालेंगे?”परिवार इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई मान रहा है, जबकि सरकार इसे अदालत के आदेशों का अनुपालन बता रही है।नई आवासीय व्यवस्था के साथ बिहार की राजनीति में एक अध्याय समाप्त होता दिख रहा है, और लालू परिवार का दशकों पुराना ठिकाना अब इतिहास बनने की कगार पर है।

  • US Pilot Taylor Hiester : तेजस क्रैश के बाद भी जारी रहा दुबई एयर शो, नाराज़ हुए अमेरिकी पायलट

    US Pilot Taylor Hiester : तेजस क्रैश के बाद भी जारी रहा दुबई एयर शो, नाराज़ हुए अमेरिकी पायलट

    US Pilot Taylor Hiester: दुबई, दुबई एयर शो 2025 में भारतीय वायुसेना के तेजस फाइटर जेट के क्रैश के बाद भी शो को जारी रखने के फैसले ने अमेरिकी वायुसेना के पायलट मेजर टेलर ‘फेमा’ हिएस्टर को नाराज़ कर दिया। तेजस के हादसे में विंग कमांडर नमांश व्याल की दुर्भाग्यपूर्ण मौत हो गई थी। इसके बावजूद ऑर्गेनाइजर्स ने शो को रोकने के बजाय कार्यक्रम को जारी रखा, जिसे लेकर अमेरिकी पायलट ने कड़ा असंतोष जताया है।

    हादसे ने सभी को झकझोर दिया

    तेजस के डेमोंस्ट्रेशन फ्लाइट के दौरान हुए इस दर्दनाक हादसे ने पूरे एयर शो को हिलाकर रख दिया। भारतीय वायुसेना के शूरवीर विंग कमांडर नमांश व्याल की शहादत से एविएशन कम्युनिटी में गहरा शोक छाया रहा। कई देशों के पायलटों, टेक्नीशियनों और विशेषज्ञों ने दुर्घटना पर संवेदना व्यक्त की।

    “मैं सोच रहा था शो बंद होगा” – अमेरिकी पायलट

    मेजर टेलर हिएस्टर, जो यूएस एयरफोर्स F-16 Viper Demonstration Team के कमांडर हैं, ने अपने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट लिखा। उन्होंने कहा कि हादसे के तुरंत बाद उन्होंने उम्मीद की थी कि कार्यक्रम रोक दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।हिएस्टर ने लिखा:“मैं करीब एक-दो घंटे बाद स्थल पर गया और सोचा कि यह खाली होगा, बंद होगा… लेकिन ऐसा नहीं था।”उन्होंने बताया कि भारतीय पायलट की मौत के बाद भी उड़ानें और प्रदर्शन जारी रहे, जो उन्हें बेहद असंवेदनशील और असहज लगा।

    अमेरिकी टीम ने अंतिम प्रदर्शन रद्द किया

    मेजर हिएस्टर ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी टीम ने ‘आईएएफ पायलट, उनके सहयोगियों और परिवार के सम्मान में’ बाकी सभी शो प्रदर्शन रद्द करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा:“हम प्रदर्शन करने नहीं आए, हम सम्मान देने आए हैं। किसी साथी पायलट की मौत पूरे एविएशन परिवार के लिए गहरा धक्का है।”यूएस एयरफोर्स की टीम के इस फैसले की सोशल मीडिया पर व्यापक सराहना की जा रही है।

    ऑर्गेनाइजर्स के फैसले पर उठे सवाल

    दुबई एयर शो के आयोजकों का यह निर्णय कि क्रैश के बाद भी शो जारी रहेगा, अब सवालों के घेरे में है। कई एविएशन विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी पायलट की मौत के बाद शो रोकना परंपरागत सम्मान का हिस्सा माना जाता रहा है।
    कई विदेशी पायलटों ने भी हिएस्टर की भावना का समर्थन किया है।