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    Bollywood Actor Dharmendra Death : 2 पत्नियां – 6 बच्चे: इतना बड़ा है धर्मेंद्र का परिवार, बड़ी बेटियां रहती हैं लाइमलाइट से दूर

    Bollywood Actor Dharmendra Death: बॉलीवुड के हीमैन धर्मेंद्र का परिवार हमेशा सुर्खियों में रहा है, लेकिन उसके कई ऐसे पहलू हैं जिनके बारे में कम लोग जानते हैं। 89 साल की उम्र में धर्मेंद्र के निधन के बाद उनके विशाल परिवार को लेकर चर्चाएँ तेज हो गई हैं। धर्मेंद्र की दो शादियाँ हुईं और उनके छह बच्चे हैं, जिनमें से कई बॉलीवुड में चमकते सितारे बने, जबकि कुछ लाइमलाइट से दूर शांत जिंदगी जीते हैं।

    पहली पत्नी – प्रकाश कौर (4 बच्चे)

    धर्मेंद्र ने सबसे पहले प्रकाश कौर से शादी की थी। इस शादी से उन्हें चार बच्चे हुए

    • सनी देओल (एक्टर)
    • बॉबी देओल (एक्टर)
    • अजीता देओल
    • विजेता देओल

    जहाँ सनी और बॉबी देओल ने बॉलीवुड में मजबूत पहचान बनाई, वहीं अजीता और विजेता देओल फिल्मी दुनिया से दूर रहती हैं। दोनों बेहद निजी जीवन पसंद करती हैं और मीडिया में शायद ही कभी दिखाई देती हैं। यही वजह है कि उनकी लाइफ और प्रोफेशनल जर्नी आम लोगों के बीच ज्यादा चर्चा में नहीं आती।

    दूसरी पत्नी – हेमा मालिनी (2 बेटियां)

    बॉलीवुड की ‘ड्रीमगर्ल’ हेमा मालिनी से धर्मेंद्र का रिश्ता फिल्मी सफर के दौरान गहराया। दोनों ने शादी की और उन्हें दो बेटियां हुईं

    • ईशा देओल
    • अहाना देओल

    ईशा देओल ने फिल्मों में काम किया और बाद में शादी के बाद लाइमलाइट से दूरी बना ली। वहीं अहाना भी ग्लैमर इंडस्ट्री से दूर एक शांत पारिवारिक जीवन जी रही हैं।

    धर्मेंद्र का बड़ा परिवार हमेशा रहा सुर्खियों में

    धर्मेंद्र अपने सभी बच्चों के बेहद करीब रहे। परिवार के बीच समय-समय पर मामूली मतभेदों की खबरें तो आती रहीं, लेकिन किसी भी अवसर पर पूरा देओल परिवार साथ खड़ा नजर आता है।धर्मेंद्र के पोते-पोतियां भी अब फिल्मी दुनिया में कदम रख रहे हैं, जिनमें करण देओल और राजवीर देओल शामिल हैं।

    बड़ी बेटियों के लाइमलाइट से दूर रहने की वजह

    अजीता और विजेता देओल ने हमेशा प्राइवेट लाइफ को प्राथमिकता दी। रिपोर्ट्स के अनुसार वे परिवार से जुड़े कामों में बराबर शामिल रहती हैं, लेकिन पब्लिक अपीयरेंस से दूर रहना पसंद करती हैं।

    धर्मेंद्र का परिवार आज बॉलीवुड के सबसे बड़े और प्रभावशाली परिवारों में से एक माना जाता है। दो शादियों, छह बच्चों और कई पोते–पोतीयों के बीच धर्मेंद्र ने अपने रिश्तों को हमेशा संभाला। उनके जाने के बाद उनका बड़ा परिवार उनकी विरासत को आगे बढ़ाता रहेगा।

  • Dharmendra Funeral Live: बॉलीवुड सुपरस्टार धर्मेंद्र का निधन: विले पार्ले में हुआ भावुक अंतिम संस्कार, शोक संतप्त अभिनेत्री सदी

    Dharmendra Funeral Live: बॉलीवुड सुपरस्टार धर्मेंद्र का निधन: विले पार्ले में हुआ भावुक अंतिम संस्कार, शोक संतप्त अभिनेत्री सदी

    Dharmendra Funeral Live: मुंबई — भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के ‘हीमैन’ धर्मेंद्र का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। लम्बे समय से बीमारी से जूझ रहे धर्मेंद्र का सोमवार को जुहू स्थित बंगले “सनी विला” में निधन हुआ। दोपहर में एंबुलेंस पहुँचने के बाद उनका शव विले पार्ले के पवन हंस श्मशान घाट ले जाया गया, जहाँ परिवार की मौजूदगी में उनका भावपूर्ण अंतिम संस्कार किया गया।

    समय की कसौटी पर खरे उतरने वाले धर्मेंद्र ने अपने 65 साल के अभिनय-करियर में 300 से अधिक फिल्मों में काम किया और बॉलीवुड की विरासत की नींव को मज़बूत किया। “दिल भी तेरा … हम भी तेरे” जैसी फिल्मों से उन्होंने रोमांटिक हीरो की पावर पर्सनैलिटी के साथ शुरुआत की, और एक्शन-हीरो, कॉमेडी और सामाजिक भूमिकाओं में अपनी बहुमुखी प्रतिभा साबित की।

    अंतिम संस्कार के दौरान बॉलीवुड के कई दिग्गज सितारे उपस्थित थे। शुरुआत में अमिताभ बच्चन और आमिर खान घाट पहुँचे। बाद में करण जौहर ने सोशल मीडिया पोस्ट कर श्रद्धांजलि दी, और इसके बाद गौरी खान, सलमान खान, सलीम खान, सुनील दत्त, अनिल शर्मा समेत कई अन्य कलाकारों ने काला कपड़ा पहनकर उन्हें अंतिम विदाई दी।

    पूरी सुरक्षा के बीच इस दौरान लगभग 50 प्राइवेट गार्ड और पुलिस बल घाट पर तैनात किया गया था। विले पार्ले घाट के बाहर बैरिकेडिंग कर दी गई थी, क्योंकि फैंस और सामान्य लोग अभिनेता को अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुँचना चाहते थे।धर्मेंद्र की मृत्यु की अफवाहें कुछ समय पहले ही सोशल मीडिया पर उठी थीं, लेकिन उनकी बेटी ईशा देओल और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने तुरंत बक़ायदा यह स्पष्ट किया था कि वह ठीक हैं और ठीक तरह से इलाज कर रहे हैं। अब उनकी मौत की पुष्टि हो चुकी है, और पूरे देश में एक युग के अंत पर शोक की लहर है।

    उनकी विरासत न सिर्फ फिल्मों में रही, बल्कि एक ऐसे सशक्त और नैतिक आदर्श कलाकार के रूप में भी याद की जाएगी, जिसने अपनी पर्सनैलिटी, करिश्मा और इंसानियत से पीढ़ियों को प्रेरित किया। धर्मेंद्र की याद में बॉलीवुड शायद कभी खालीपन न भर पाए, लेकिन उनकी फिल्मों और योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।

  • कानपुर देहात: विवाह समारोह में भावुक क्षण, प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने मंच से किया मंडल अध्यक्ष का सम्मान

    कानपुर देहात: विवाह समारोह में भावुक क्षण, प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने मंच से किया मंडल अध्यक्ष का सम्मान

    कानपुर देहात। भाजपा जिला अध्यक्ष रेणुका सचान की सुपुत्री के विवाह समारोह में शुक्रवार को एक भावुक और रोचक दृश्य देखने को मिला। कार्यक्रम में शामिल हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने अपने सादगीपूर्ण व्यवहार से सभी का दिल जीत लिया।

    सूत्रों के अनुसार, भाजपा मंडल अध्यक्ष ने प्रदेश अध्यक्ष का ‘राम-राम’ लिखे गमछे से सम्मान करने की इच्छा जताई थी। लेकिन चौधरी ने बेहद विनम्रता से इस सम्मान को लेने से मना कर दिया। यह देखकर मंडल अध्यक्ष visibly उदास हो गए।

    मंडल अध्यक्ष के चेहरे पर आई निराशा को देखकर प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी भी भावुक हो उठे। उन्होंने कार्यक्रम के बीच मंच पर ही मंडल अध्यक्ष का गमछा लेकर स्वयं उनके कंधे पर डालते हुए सम्मानित किया।

    https://nationnowsamachar.com/bollywood-news/2-wives-6-children-dharmendras-family-is-so-big-his-elder-daughters-stay-away-from-the-limelight/

    इस अनोखे और भावुक क्षण पर कार्यक्रम स्थल तालियों से गूंज उठा। कार्यकर्ताओं ने चौधरी के इस व्यवहार को “संगठनात्मक संस्कार” और “नेताओं की विनम्रता का उदाहरण” बताया।कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ भाजपा नेता, स्थानीय प्रतिनिधि और भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

  • बाराबंकी: विधायक दिनेश रावत के भाई की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत, मीरापुर में उमड़ा जनसैलाब

    बाराबंकी: विधायक दिनेश रावत के भाई की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत, मीरापुर में उमड़ा जनसैलाब

    बाराबंकी।उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में शुक्रवार का दिन बेहद दर्दनाक साबित हुआ। हैदरगढ़ से भाजपा विधायक दिनेश रावत के छोटे भाई मिथिलेश रावत (30) की सड़क दुर्घटना में हुई मौत से पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया। दिल्ली से वापस लौटते समय इटावा जिले के आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुए इस हादसे ने विधायक परिवार को झकझोर कर रख दिया। शाम होते-होते उनके गांव मीरापुर में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और वातावरण शोकाकुल हो गया।

    कैसे हुआ हादसा?

    जानकारी के अनुसार, मिथिलेश रावत गुरुवार को अपने साथियों दिलीप पटेल और मोहम्मद हफीज के साथ दिल्ली गए थे। शुक्रवार भोर वे कार से वापस लौट रहे थे।इटावा जिले के ताखा कस्बे के पास (किमी 128.5) पहुंचने पर कार चला रहे ड्राइवर हफीज को झपकी आने लगी।

    सुरक्षा के मद्देनजर मिथिलेश ने कार (UP 32 QP 4440) रुकवाई और स्वयं ड्राइविंग करने के लिए वाहन से नीचे उतर गए।उसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आई एक अनियंत्रित डीसीएम ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि मिथिलेश की मौके पर ही मौत हो गई। कार में मौजूद दोनों साथी घायल हुए, जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    विधायक को मिली दुखद सूचना

    इटावा पुलिस ने तुरंत विधायक दिनेश रावत को हादसे की सूचना दी। सूचना मिलते ही वे तत्काल इटावा के लिए रवाना हुए। दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद शव को मीरापुर भेजा गया, जहां पूरे गांव में कोहराम मच गया।

    मीरापुर में हजारों की भीड़, नेताओं का जमावड़ा

    शुक्रवार शाम को मीरापुर में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान क्षेत्र के कई नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधाया।मुख्य रूप से मौजूद रहे—

    • राज्यमंत्री सतीश शर्मा
    • एससी/एसटी आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत
    • एसपी बाराबंकी अर्पित विजयवर्गीय
    • इंस्पेक्टर कोठी अमित सिंह भदौरिया
    • त्रिवेदीगंज के पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुनील सिंह
    • भाजपा नेता पंकज दीक्षित, राहुल दीक्षित, सहित हजारों ग्रामीण

    कैंसरगंज चौराहा से लेकर अंतिम संस्कार स्थल बराईखेरवा तक करीब ढाई किलोमीटर तक भीड़ फैली रही, जिसने इस दुखद घटना की गंभीरता को दिखा दिया।

    परिवार में मातम

    मृतक मिथिलेश चार भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। बड़े भाई विधायक दिनेश रावत हैं, जबकि अन्य दो भाई विमलेश और लवलेश हैं। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने तस्वीरें पोस्ट कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

  • हिला के पेट से 13.5 किलो का विशाल ट्यूमर निकालकर डॉक्टरों ने बचाई जान, फर्रुखाबाद जिला अस्पताल में बड़ी सफलता

    हिला के पेट से 13.5 किलो का विशाल ट्यूमर निकालकर डॉक्टरों ने बचाई जान, फर्रुखाबाद जिला अस्पताल में बड़ी सफलता

    फर्रुखाबाद। जिला अस्पताल लोहिया में डॉक्टरों की टीम ने एक असाधारण और हाई-रिस्क सर्जरी कर चिकित्सा इतिहास में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

    अस्पताल की सर्जिकल टीम ने 45 वर्षीय महिला पूजा के पेट से 13.5 किलो वजनी विशाल ट्यूमर निकालकर उनकी जान बचा ली। यह जटिल सर्जरी मेजर डॉ. रोहित तिवारी और उनकी मेडिकल टीम की विशेषज्ञता के चलते सफल हो पाई।

    कई महीनों से पीड़ित पूजा के पेट में लगातार सूजन बढ़ रही थी। ट्यूमर इतना बड़ा हो चुका था कि आंतों और मूत्राशय पर दबाव बढ़ने लगा था। मरीज को तेज दर्द, पेशाब रुकना, भूख की कमी और चलने-फिरने में भारी परेशानी होती थी। जांच में पता चला कि पेट में 13.5 किलो का खतरनाक ट्यूमर मौजूद है, जिसे हटाए बिना मरीज की जान को गंभीर खतरा था।

    निजी अस्पतालों ने इस सर्जरी में 5 लाख रुपये से अधिक खर्च बताया। इसके बाद मामला जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर पहुँचा, जहां से पूजा को एम्स दिल्ली रिफर कर दिया गया। एम्स ने सर्जरी की तारीख 2 साल बाद की दी, लेकिन तब तक मरीज की हालत इतनी बिगड़ चुकी थी कि इंतजार करना संभव नहीं था।गंभीर स्थिति को देखते हुए फर्रुखाबाद जिला अस्पताल की टीम ने तुरंत सर्जरी का निर्णय लिया।

    यह प्रक्रिया किसी बड़े सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल के लिए भी चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। लगभग कई घंटे चली इस जोखिमपूर्ण सर्जरी में पूरा ट्यूमर सुरक्षित रूप से हटा दिया गया। मूत्राशय की रुकावट दूर हुई और आंतों पर पड़ रहा दबाव खत्म हो गया। ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत अब स्थिर बताई जा रही है।सफल सर्जरी करने वाली टीम में मेजर डॉ. रोहित तिवारी (सर्जन)डॉ. अमिताभ (एनेस्थीसिया)डॉ. जगमोहन (डायग्नोसिस व ब्लड सपोर्ट)नर्सिंग स्टाफ अनीता, लालजी और रेनू शामिल रहे।फर्रुखाबाद जैसे जिला अस्पताल में इतनी बड़ी सर्जरी का सफल होना चिकित्सा सेवाओं के लिए एक गर्व का विषय है। अस्पताल प्रशासन ने भी टीम की इस उपलब्धि की सराहना की है।

  • कानपुर देहात: प्रधान ने अपनी ज़मीन दान कर बनाया ‘सद्भावना लान’, ग्रामीणों के लिए बड़ी सौगात

    कानपुर देहात: प्रधान ने अपनी ज़मीन दान कर बनाया ‘सद्भावना लान’, ग्रामीणों के लिए बड़ी सौगात

    रिपोर्टर – हिमांशु शर्मा | कानपुर देहात | 22 नवंबर 2025कानपुर देहात के मलासा ब्लॉक के पुलन्दर गाँव में विकास की एक मिसाल पेश की गई है। गाँव के प्रधान बी.के. तिवारी ने समाज सेवा और जनहित के अनोखे उदाहरण के रूप में अपनी डेढ़ बीघा निजी जमीन दान करके उस पर एक शानदार ‘सद्भावना लान’ बनवाया है। यह लान पूरी तरह सार्वजनिक है और ग्रामीण बेहद कम शुल्क देकर यहां शादी-समारोह और बारात का आयोजन कर सकेंगे।

    गाँव में नहीं था कोई मैरिज लान ग्रामीणों को मिल गई बड़ी सुविधा

    पुलन्दर और आसपास के गाँवों में अब तक कोई मैरिज हॉल, गेस्ट हाउस या बड़ा लान उपलब्ध नहीं था। ग्रामीणों को अपने कार्यक्रमों के लिए दूरस्थ स्थानों पर जाना पड़ता था, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ते थे। प्रधान बी.के. तिवारी ने बताया कि यह समस्या लंबे समय से उनकी सोच में थी और उनका सपना था कि गाँव में एक सामुदायिक लान बने, जिसे हर परिवार आसानी से उपयोग कर सके।

    मुख्यमंत्री पुरस्कार से सम्मानित, 35 लाख की प्रोत्साहन राशि का हुआ सदुपयोग

    पुलन्दर गाँव पहले से ही विकास कार्यों के मामले में कानपुर देहात के शीर्ष गाँवों में गिना जाता है। उत्कृष्ट कार्यों के कारण प्रधान बी.के. तिवारी को मुख्यमंत्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया और मुख्यमंत्री राहत कोष से 35 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई। इसी राशि का उपयोग कर उन्होंने सद्भावना लान का निर्माण कराया है।लान में विवाह समारोह आयोजित करने के लिए आवश्यक सभी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। ग्रामीणों को केवल बहुत कम शुल्क देकर बुकिंग की सुविधा मिलेगी, जिससे सामाजिक समारोह अब अधिक सम्मानजनक और कम खर्च में हो सकेंगे।

    “गाँव के लिए कुछ करना था… इसलिए जमीन दान की” – प्रधान बी.के. तिवारी

    प्रधान तिवारी ने कहा,
    “गाँव में शादी-समारोह की बड़ी समस्या थी। हर किसी के मन में इच्छा होती है कि उनके कार्यक्रम अच्छे स्थान पर हों। इसी सोच के साथ मैंने अपनी जमीन दान की। मेरा उद्देश्य है कि गाँव का हर परिवार सम्मानपूर्वक अपना कार्यक्रम कर सके।”

    ग्रामीणों में खुशी, कहा — ‘प्रधान ने दिया अनमोल तोहफा’

    सद्भावना लान बनने से गाँव और आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधान तिवारी ने ऐसा अनमोल तोहफा दिया है जो आने वाले वर्षों तक हजारों परिवारों के जीवन में सुविधा लाएगा।

  • दुबई एयरशो में भारतीय वायुसेना का तेजस लड़ाकू विमान क्रैश, विंग कमांडर नमंश स्याल की मौत

    दुबई एयरशो में भारतीय वायुसेना का तेजस लड़ाकू विमान क्रैश, विंग कमांडर नमंश स्याल की मौत

    नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना (IAF) का स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस शुक्रवार को दुबई एयरशो के दौरान प्रदर्शन करते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में पायलट विंग कमांडर नमंश स्याल की मौत हो गई। वह हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के निवासी थे। इस दुर्घटना ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया है।

    ऊंचाई से गिरा विमान, आग के गोले में बदला

    सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में तेजस लड़ाकू विमान को अचानक संतुलन खोते, नीचे गिरते और फिर आग के विशाल गोले में तब्दील होते देखा जा सकता है। जिस क्षण विमान धरती से टकराया, पूरा इलाका धुएं और आग की लपटों से घिर गया।घटना के तुरंत बाद भारतीय वायुसेना ने एक आधिकारिक बयान जारी किया। इसमें कहा गया,“IAF को इस हादसे में हुए जानमाल के नुकसान पर गहरा दुख है। हम इस दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं। दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का गठन किया गया है।”

    CDS जनरल अनिल चौहान का बयान

    प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (CDS) जनरल अनिल चौहान ने भी इस हादसे पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पूरा सैन्य तंत्र पायलट के परिवार के साथ है।उन्होंने कहा, “यह भारतीय सशस्त्र बलों के लिए एक दुखद दिन है। विंग कमांडर नमंश स्याल के परिवार को हम पूरा सहयोग और संवेदना प्रदान करते हैं।”

    दुबई एयरशो में भारत की बड़ी उपस्थिति

    संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय शो हर दो वर्ष में होता है। 17–21 नवंबर 2025 के बीच आयोजित इस संस्करण में 150 से अधिक देशों के 1,500 प्रदर्शक और 1.48 लाख से अधिक एयरोस्पेस प्रोफेशनल शामिल हुए। तेजस का प्रदर्शन इस शो का महत्वपूर्ण आकर्षण माना जा रहा था।

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राहुल गांधी ने जताया दुख

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने X पर पोस्ट कर कहा,“तेजस के हवाई प्रदर्शन के दौरान एक साहसी IAF पायलट की मृत्यु से गहरा दुख हुआ है। इस दुखद घड़ी में पूरा देश परिवार के साथ खड़ा है।”लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी शोक जताते हुए कहा कि पायलट की वीरता को हमेशा याद रखा जाएगा।

  • दिल्ली ब्लास्ट का कनेक्शन यूपी से जुड़ा, एटीएस ने शुरू की मदरसों की जांच; देवबंद के उलेमा बोले इस्लाम आतंकवाद नहीं सिखाता

    दिल्ली ब्लास्ट का कनेक्शन यूपी से जुड़ा, एटीएस ने शुरू की मदरसों की जांच; देवबंद के उलेमा बोले इस्लाम आतंकवाद नहीं सिखाता

    सहारनपुर। दिल्ली में 10 नवंबर को हुए दिल्ली ब्लास्ट के बाद जांच एजेंसियों ने अपनी पड़ताल तेज कर दी है। इस मामले का कनेक्शन प्रदेश से मिलने के बाद यूपी पुलिस का आतंकवाद-रोधी दस्ता (ATS) सक्रिय हो गया है। ATS ने राज्य भर में संचालित मदरसों का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। इसके लिए अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों से मदरसों, शिक्षकों, छात्रों और उनके वित्तीय स्रोतों की विस्तृत जानकारी मांगी गई है।

    ATS की जांच से बढ़ी हलचल

    सूत्रों के मुताबिक, ATS बीते कुछ दिनों से कई जिलों में मदरसों की गतिविधियों से जुड़े दस्तावेजों को खंगाल रही है। खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कहीं किसी बाहरी फंडिंग या संदिग्ध गतिविधि का लिंक तो नहीं।जैसे ही यह जानकारी सामने आई, देवबंद के उलेमा भी प्रतिक्रिया देने के लिए आगे आए। उलेमाओं ने कहा कि मदरसों को लेकर गलतफहमियां फैलाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और शिक्षा संस्थानों को आतंकवाद से जोड़ना अनुचित है।

    “इस्लाम शांति सिखाता है, आतंकवाद नहीं” – उलेमा

    देवबंदी उलेमा मुफ्ती असद कासमी ने साफ कहा कि इस्लाम किसी भी प्रकार के आतंकवाद या जुल्म को बढ़ावा नहीं देता।
    उन्होंने कहा, “इस्लाम इंसान तो दूर, जानवर को भी तकलीफ देने की इजाजत नहीं देता। दुनिया भर के मदरसों में केवल इस्लाम की तालीम दी जाती है, जिसमें इंसानियत, शांति और नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाया जाता है।”उलेमा ने सवाल उठाया कि मदरसों को बार-बार गलत तरीके से क्यों प्रस्तुत किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस्लाम और आतंकवाद को जोड़ना “गलत और खतरनाक प्रवृत्ति” है।

    https://nationnowsamachar.com/bollywood-news/bollywood-superstar-dharmendra-passes-away-emotional-funeral-held-in-vile-parle-grieving-actress-sadi/

    उलेमा बोले—जांच का स्वागत है

    मदरसों में जांच को लेकर पूछे गए प्रश्न पर उलेमा ने कहा कि वे सुरक्षा एजेंसियों का स्वागत करते हैं।उनका कहना था, “एजेंसियां आएं, जांच करें और देखें कि मदरसों में वास्तव में हो क्या रहा है। हमें कोई आपत्ति नहीं है।”उलेमा ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि जब-जब देश पर संकट आया है, मदरसों के छात्रों ने देश के लिए बलिदान दिए हैं।उन्होंने कहा, “आजादी की लड़ाई में भी मदरसों के ही छात्र आगे रहे। ऐसे में मदरसों को संदेह की नजर से देखना गलत है।”

    जांच आगे भी जारी रहेगी

    ATS की टीम निकट भविष्य में कई जिलों में और विस्तृत जांच करने की तैयारी कर रही है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह प्रक्रिया रूटीन इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग का हिस्सा है, ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।

  • झाड़फूंक के बहाने तांत्रिक ने 12 साल की बच्ची से की अश्लील हरकत, रोते हुए सुनाई दर्दनाक आपबीती

    झाड़फूंक के बहाने तांत्रिक ने 12 साल की बच्ची से की अश्लील हरकत, रोते हुए सुनाई दर्दनाक आपबीती

    यूपी के झांसी में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. बरुआसागर थाना क्षेत्र में झाड़फूंक के बहाने एक तांत्रिक ने 12 साल की बच्ची के साथ अश्लील हरकतें कीं. पीड़ित परिवार के अनुसार, बच्ची कुछ दिनों से गले में दर्द की शिकायत कर रही थी और खाना भी नहीं खा पा रही थी. इलाज के बाद भी आराम नहीं मिला तो लोगों ने इसे ऊपरी चक्कर बताया.

    परिवार को पता चला कि मध्य प्रदेश के निवाड़ी के सिनौनिया गांव का हरभजन नाम का व्यक्ति झाड़फूंक करता है. 18 नवंबर को उसे घर बुलाया गया. बच्ची को देखकर उसने कहा कि उस पर भूतप्रेत का साया है और तंत्रक्रिया अकेले में होगी. उसने साफ कहा कि बच्ची रोए तो भी कोई अंदर न आए. परिवार उसके झांसे में आ गया.

    12 साल की बच्ची के साथ अश्लील हरकत

    तांत्रिक बच्ची को कमरे में ले गया. कुछ देर बाद बच्ची रोने लगी लेकिन उसने माता-पिता को अंदर आने से रोक दिया. करीब आधा घंटे बाद वह बाहर निकला और बोला कि पूजा पूरी हो गई है और अब बच्ची को आराम मिलेगा. इसके बाद वह वहां से चला गया.उसके जाने के बाद बच्ची मां से चिपककर रोने लगी और आपबीती बताई। बच्ची ने बताया कि तांत्रिक ने कपड़े उतरवाए, शरीर पर नींबू रगड़ा और अश्लील हरकतें कीं. यह सुनते ही परिवार के होश उड़ गए. परिजन तत्काल थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई.

    आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

    बरुआसागर थाना प्रभारी राहुल राठौर ने बताया कि बच्ची की मां की शिकायत पर आरोपी हरभजन के खिलाफ धारा 75(2), 7 और 8 के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा.

  • फार्मर रजिस्ट्री में गाजियाबाद नंबर-1, सुल्तानपुर सबसे पीछे; कृषि मंत्री ने धीमे जिलों को दी सख्त चेतावनी

    फार्मर रजिस्ट्री में गाजियाबाद नंबर-1, सुल्तानपुर सबसे पीछे; कृषि मंत्री ने धीमे जिलों को दी सख्त चेतावनी

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में किसानों की डिजिटल पहचान बनाने के लिए चल रही फार्मर रजिस्ट्री प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। कृषि विभाग द्वारा 20 नवंबर 2025 शाम 6 बजे तक की रिपोर्ट जारी की गई, जिसके अनुसार प्रदेश में 59.10% कार्य पूरा हो चुका है।कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि तय समयसीमा में काम पूरा न करने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

    गाजियाबाद अव्वल, सुल्तानपुर अंतिम स्थान पर

    प्रदेश-भर में जिलों के प्रदर्शन का विश्लेषण किया गया, जिसमें गाजियाबाद ने सबसे अच्छा प्रदर्शन करते हुए 79.76% प्रगति के साथ पहला स्थान हासिल किया है।इसके बाद बस्ती (79.05%) दूसरे और सीतापुर (78.22%) तीसरे स्थान पर हैं। शीर्ष पाँच में रामपुर (76.90%) और फिरोजाबाद (76.00%) भी शामिल हैं।इसके विपरीत, कुछ जिलों की प्रगति बेहद धीमी रही।
    सबसे खराब स्थिति सुल्तानपुर की है, जहां सिर्फ 49% कार्य पूरा हुआ है, जिससे वह प्रदेश की 75 जिलों वाली तालिका में अंतिम पायदान पर है।अन्य कमजोर जिलों में

    • बलिया – 50.23%
    • संत कबीर नगर – 50.32%
    • गोरखपुर – 50.53%
    • बागपत – 51.04%
      शामिल हैं, जिन्हें कृषि मंत्री ने विशेष रूप से चेतावनी दी है।

    20 नवंबर को 55,460 नई किसान आईडी बनीं

    राज्य में पीएम किसान योजना के अंतर्गत सत्यापित 2,48,30,499 किसानों में से अब तक 1,66,49,184 किसानों का पंजीकरण फार्मर रजिस्ट्री में हो चुका है।पूरे प्रदेश में 20 नवंबर को 55,460 नई फार्मर आईडी जेनरेट की गईं, जो काम में तेजी का संकेत हैं।

    क्या है फार्मर रजिस्ट्री? किसानों को मिलेगी यूनिक डिजिटल पहचान

    सरकार की यह परियोजना किसानों को एक विशिष्ट डिजिटल आईडी प्रदान करती है, जिसके माध्यम से पीएम किसान योजना किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)फसल बीमाजैसी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से किसानों तक पहुँचेगा।डिजिटल पहचान से किसानों को मिलने वाले लाभऋण और बीमा क्लेम की प्रक्रिया होगी आसानफर्जीवाड़े और बिचौलियों की भूमिका समाप्तवास्तविक किसानों को मिलेगा उनका पूरा हक कृषि मंत्री ने धीमे जिलों को फटकारा

    कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा“जब प्रदेश का औसत 59.10% है, तब 50% के आसपास अटके जिलों का प्रदर्शन किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है।”उन्होंने सुल्तानपुर, बलिया, संत कबीर नगर, गोरखपुर और बागपत को मिशन मोड में काम करने का निर्देश दिया है।मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।