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    रामपुर : लकड़ी के बुरादे से भरा ट्रक डिवाइडर से टकराकर बोलेरो पर पलटा, ड्राइवर की मौत

    रामपुर (उत्तर प्रदेश) में एक दर्दनाक सड़क हादसे में ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई। लकड़ी के बुरादे से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर से टकराया और फिर पास से गुजर रही बोलेरो गाड़ी पर पलट गया। हादसा इतना भयावह था कि ट्रक चालक के शरीर की कई हड्डियां टूट गईं और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

    कैसे हुआ हादसा

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रक तेज रफ्तार में था और अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण डिवाइडर से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक पलटता हुआ सामने से आ रही बोलेरो गाड़ी पर गिर गया। सड़क पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई और मौके पर चीख-पुकार सुनाई देने लगी।

    बोलेरो सवार बाल-बाल बचे

    हादसे के वक्त बोलेरो गाड़ी में सवार लोग बाल-बाल बच गए। हालांकि गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी और राहत कार्य शुरू कराया।

    पुलिस और राहत कार्य

    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। क्रेन की मदद से पलटे हुए ट्रक और बोलेरो को हटाकर यातायात बहाल कराया गया। हादसे के कारण कुछ समय तक सड़क पर लंबा जाम लगा रहा।

    चालक की दर्दनाक मौत

    हादसे में ट्रक चालक को गंभीर चोटें आईं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चालक के हाथ-पैर और शरीर की कई हड्डियां टूट गई थीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस चालक की पहचान कराने में जुटी है और परिजनों को सूचना दे दी गई है।

    जांच में जुटी पुलिस

    पुलिस का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और वाहन का नियंत्रण खोना हादसे की वजह माना जा रहा है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

  • New Year 2026: नए साल की पहली तारीख से बदल जाएंगे ये बड़े नियम, सैलरी से लेकर गैस सिलेंडर तक पड़ेगा असर

    New Year 2026: नए साल की पहली तारीख से बदल जाएंगे ये बड़े नियम, सैलरी से लेकर गैस सिलेंडर तक पड़ेगा असर

    New Year 2026: अब कुछ ही कदम दूर है। साल 2025 विदा लेने वाला है और उसके साथ कई पुराने नियम भी इतिहास बन जाएंगे। हर नया साल नई उम्मीदों, नए बदलावों और नई चुनौतियों के साथ आता है। इस बार भी 1 जनवरी 2026 से आपकी सैलरी, खर्च, बचत और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई अहम नियम बदल सकते हैं। आइए जानते हैं नए साल की पहली तारीख से क्या-क्या बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।


    8वां वेतन आयोग होगा लागू

    केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 31 दिसंबर 2025 बेहद अहम तारीख है। इसी दिन 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा।सरकारी नियमों के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू माना जाएगा। हालांकि, नई सैलरी और पेंशन की बढ़ी हुई रकम बाद में मिल सकती है, लेकिन एरियर की गणना 1 जनवरी 2026 से ही होगी।इस बदलाव से लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों को भविष्य में सैलरी बढ़ोतरी और बेहतर पेंशन का लाभ मिलने की उम्मीद है।


    क्रेडिट स्कोर होगा तेजी से अपडेट

    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के निर्देश के अनुसार, बैंकों और NBFCs को अब क्रेडिट ब्यूरो को ग्राहकों की जानकारी हर 14 दिन में अपडेट करनी होगी।इसका सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा।

    • आपका क्रेडिट स्कोर तेजी से अपडेट होगा
    • लोन और क्रेडिट कार्ड अप्रूवल में आसानी होगी
    • समय पर EMI भरने का असर जल्दी दिखेगा

    यह बदलाव खासकर उन लोगों के लिए राहत लेकर आएगा, जो जल्द लोन लेने की योजना बना रहे हैं।


    गैस सिलेंडर की कीमतों में हो सकता है बदलाव

    हर महीने की पहली तारीख की तरह 1 जनवरी 2026 को भी LPG गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव संभव है।
    घरेलू गैस के साथ-साथ कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम भी घट-बढ़ सकते हैं।एविएशन फ्यूल (ATF) की कीमतें भी बदल सकती हैं

    • ATF महंगा होने पर हवाई टिकट के दाम बढ़ सकते हैं
    • सस्ता होने पर यात्रियों को राहत मिल सकती है

    नए साल में नए वित्तीय फैसले जरूरी

    नया साल सिर्फ कैलेंडर नहीं बदलता, बल्कि फाइनेंशियल प्लानिंग का भी नया मौका देता है।
    सैलरी, खर्च, निवेश और बचत को नए नियमों के हिसाब से प्लान करना 2026 में और भी जरूरी हो जाएगा।

  • CWC बैठक से पहले दिग्विजय सिंह ने साझा की मोदी-आडवाणी की पुरानी तस्वीर, सियासी हलचल तेज

    CWC बैठक से पहले दिग्विजय सिंह ने साझा की मोदी-आडवाणी की पुरानी तस्वीर, सियासी हलचल तेज

    कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की अहम बैठक से ठीक पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने एक पुरानी तस्वीर साझा कर सियासी माहौल गरमा दिया है। इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी नजर आ रहे हैं। तस्वीर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

    दिग्विजय सिंह ने यह तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए एक टिप्पणी भी की। उन्होंने लिखा कि “आरएसएस का एक जमीनी स्वयंसेवक और भाजपा का एक जमीनी कार्यकर्ता किस प्रकार नीचे बैठकर मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री बना”। उन्होंने इस तस्वीर को प्रभावशाली बताते हुए इसे संगठन की ताकत का प्रतीक बताया।

    कांग्रेस नेता के इस बयान को कई राजनीतिक विश्लेषक मौजूदा राजनीतिक हालात और संगठनात्मक ढांचे पर तंज के तौर पर देख रहे हैं। खास बात यह है कि यह टिप्पणी ऐसे समय पर आई है, जब कांग्रेस की CWC बैठक होने जा रही है और पार्टी के भीतर भविष्य की रणनीति को लेकर मंथन चल रहा है।

    दिग्विजय सिंह की इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। कुछ लोग इसे भाजपा और आरएसएस के संगठनात्मक ढांचे की प्रशंसा के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे कांग्रेस की आंतरिक राजनीति और संगठनात्मक तुलना से जोड़कर देख रहे हैं।

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दिग्विजय सिंह का यह बयान सिर्फ एक तस्वीर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए उन्होंने भारतीय राजनीति में जमीनी कार्यकर्ताओं की भूमिका और संगठन की मजबूती को रेखांकित करने की कोशिश की है। वहीं, विपक्षी दलों में इस बयान को लेकर अलग-अलग अर्थ निकाले जा रहे हैं।

    फिलहाल CWC बैठक से पहले आया यह बयान कांग्रेस और भाजपा दोनों खेमों में चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी प्रतिक्रियाएं और तेज हो सकती हैं।

  • स्टेज शो में भड़कीं हरियाणवी स्टार प्रांजल दहिया, बदतमीजी पर दर्शकों को लगाई फटकार

    स्टेज शो में भड़कीं हरियाणवी स्टार प्रांजल दहिया, बदतमीजी पर दर्शकों को लगाई फटकार

    हरियाणवी इंडस्ट्री की मशहूर कलाकार प्रांजल दहिया इन दिनों अपने गानों से नहीं, बल्कि एक वायरल वीडियो को लेकर सुर्खियों में हैं। एक लाइव स्टेज शो के दौरान प्रांजल दहिया अचानक नाराज़ हो गईं और बदतमीजी करने वाले दर्शकों को मंच से ही कड़ी फटकार लगा दी। यह पूरा वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    लाइव शो के दौरान दर्शकों पर फूटा गुस्सा

    जानकारी के मुताबिक, यह घटना एक पब्लिक स्टेज शो के दौरान हुई, जहां बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद थे। परफॉर्मेंस के बीच कुछ दर्शकों द्वारा अनुचित व्यवहार और बदतमीजी किए जाने पर प्रांजल दहिया का गुस्सा फूट पड़ा।

    उन्होंने माइक पकड़कर साफ शब्दों में कहा कि कलाकारों का सम्मान करना सीखें और इस तरह की हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।

    क्या है वायरल वीडियो का पूरा मामला?

    वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रांजल दहिया स्टेज पर खड़ी होकर दर्शकों से सख्त लहजे में बात कर रही हैं। वह कहती नजर आती हैं कि शो में आए लोगों को शालीनता बनाए रखनी चाहिए। वीडियो में उनकी नाराज़गी साफ झलक रही है, जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्थिति काफी असहज हो गई थी।

    सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं

    प्रांजल दहिया नाराज होने का यह वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कई यूजर्स ने कलाकार के साहस की तारीफ करते हुए कहा कि इस तरह की बदतमीजी के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है। वहीं कुछ लोगों ने आयोजनकर्ताओं की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए।हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में प्रांजल दहिया की बड़ी फैन फॉलोइंग है और वह कई सुपरहिट गानों का हिस्सा रह चुकी हैं। ऐसे में उनके साथ हुए इस व्यवहार को लेकर फैंस भी काफी नाराज़ नजर आ रहे हैं।फिलहाल, प्रांजल दहिया की ओर से इस घटना पर कोई अलग आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन उनका स्टेज से दिया गया यह सख्त संदेश सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

  • अमेठी में पुलिस की बड़ी सफलता: 13 लाख के 86 खोए मोबाइल बरामद, चेहरे पर लौटी मुस्कान

    अमेठी में पुलिस की बड़ी सफलता: 13 लाख के 86 खोए मोबाइल बरामद, चेहरे पर लौटी मुस्कान

    संवाददाता नितेश तिवारी अमेठी।अमेठी जिले से राहत भरी खबर सामने आई है, जहां जिले की स्वाट टीम और साइबर टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने कुल 86 लोगों के खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर

    उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा है। बरामद किए गए मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत करीब 13 लाख रुपये बताई जा रही है।

    देश के अलग-अलग राज्यों से बरामद हुए मोबाइल

    पुलिस के मुताबिक, ये मोबाइल फोन देश के विभिन्न प्रदेशों से चोरी या खोए हुए थे, जिन्हें तकनीकी जांच और साइबर सर्विलांस के माध्यम से ट्रेस किया गया। स्वाट टीम और साइबर टीम ने लगातार मेहनत करते हुए मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रैक की और उन्हें सफलतापूर्वक बरामद किया।

    मोबाइल मिलते ही खिले लोगों के चेहरे

    अपने खोए हुए मोबाइल फोन वापस मिलने पर फोन मालिकों के चेहरे पर खुशी साफ देखी गई। कई लोगों ने बताया कि मोबाइल फोन उनके लिए केवल एक डिवाइस नहीं, बल्कि जरूरी दस्तावेज, फोटो और निजी जानकारियों का जरिया था। फोन वापस मिलने पर लोगों ने राहत की सांस ली।

    पुलिस को कहा धन्यवाद

    खोए हुए फोन मिलने के बाद फोन मालिकों ने अमेठी पुलिस का धन्यवाद किया और पुलिस की इस पहल की सराहना की। लोगों ने कहा कि साइबर टीम की वजह से उन्हें दोबारा अपना मोबाइल मिल पाया, जिसकी उन्हें उम्मीद भी नहीं थी।

    पुलिस ने दिया जागरूकता का संदेश

    पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि अगर किसी का मोबाइल फोन खो जाता है या चोरी हो जाता है, तो तुरंत नजदीकी थाने या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं। समय पर दी गई जानकारी से मोबाइल को ट्रेस करने में आसानी होती है।अमेठी पुलिस की इस कार्रवाई से न सिर्फ लोगों का भरोसा बढ़ा है, बल्कि यह भी साबित हुआ है कि तकनीक और पुलिस की सतर्कता से खोई हुई चीजें भी वापस मिल सकती हैं

  • कानपुर में ऑटो गैंग का भंडाफोड़: 48 घंटे में 6 लुटेरे गिरफ्तार, लाखों की बरामदगी

    कानपुर में ऑटो गैंग का भंडाफोड़: 48 घंटे में 6 लुटेरे गिरफ्तार, लाखों की बरामदगी

    कानपुर।कानपुर से बड़ी खबर सामने आई है, जहां सेंट्रल जोन की सर्विलांस टीम और स्वरूपनगर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ऑटो गैंग द्वारा की जा रही लूट की घटनाओं का खुलासा किया है। पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर लूट में शामिल 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।पुलिस के अनुसार, यह गैंग ऑटो का इस्तेमाल कर सेल्समैन और व्यापारियों को निशाना बनाता था। बीती 25 तारीख को आरोपियों ने एक सेल्समैन के साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया था, जिसमें स्कूटी समेत 3 लाख 90 हजार रुपये नकद लूट लिए गए थे।

    बरामदगी में नकदी और वाहन शामिल

    पुलिस टीम ने गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से 1 लाख 73 हजार रुपये नकद, एक स्कूटी, मोबाइल फोन, एक ऑटो और एक बुलेरो गाड़ी बरामद की है। जांच में सामने आया है कि लूट में शामिल कई अभियुक्तों के खिलाफ पहले से ही अपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

    ऑटो गैंग का तरीका

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ऑटो के जरिए संभावित शिकार की रेकी करते थे और मौका पाकर लूट की घटना को अंजाम देते थे। वारदात के बाद ये लोग तेजी से इलाके से फरार हो जाते थे, जिससे इनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता था।

    पुलिस टीम को मिलेगा इनाम

    इस सफल कार्रवाई पर डीसीपी सेंट्रल श्रवण कुमार सिंह ने पुलिस टीम की सराहना करते हुए 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।पुलिस फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस गैंग ने शहर में और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। कानपुर पुलिस की इस कार्रवाई से शहरवासियों में सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ा है।

  • लखनऊ में दर्दनाक मामला: बहनों की आत्महत्या के बाद पालतू कुत्ते टोनी की भी मौत

    लखनऊ में दर्दनाक मामला: बहनों की आत्महत्या के बाद पालतू कुत्ते टोनी की भी मौत

    लखनऊ।उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बार फिर दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। पालतू कुत्ते की बीमारी से मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या करने वाली दो सगी बहनों के मामले के बाद अब उसी पालतू कुत्ते ‘टोनी’ की भी मौत हो गई है। इस घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है।जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले लखनऊ में रहने वाली दो सगी बहनों ने अपने पालतू कुत्ते टोनी की गंभीर बीमारी से अत्यधिक मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या कर ली थी। दोनों बहनों का अपने पालतू कुत्ते से गहरा भावनात्मक लगाव था। कुत्ते की बिगड़ती हालत को देखकर वे लगातार अवसाद में थीं।

    बीमारी से जूझ रहा था पालतू कुत्ता

    बताया जा रहा है कि पालतू कुत्ता टोनी लंबे समय से बीमार चल रहा था और उसका इलाज भी कराया जा रहा था। बहनों की मौत के बाद टोनी की हालत और बिगड़ती चली गई। पशु चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद आखिरकार टोनी ने भी दम तोड़ दिया।

    इलाके में शोक की लहर

    बहनों और अब उनके पालतू कुत्ते की मौत के बाद मोहल्ले में शोक और सन्नाटे का माहौल है। स्थानीय लोग इस घटना को बेहद दर्दनाक और भावनात्मक बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह मामला मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक लगाव की गंभीरता को दर्शाता है।

    मानसिक स्वास्थ्य पर उठे सवाल

    यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि मानसिक तनाव और भावनात्मक जुड़ाव किस हद तक इंसान को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी तरह के गहरे तनाव की स्थिति में समय पर काउंसलिंग और परामर्श बेहद जरूरी है।फिलहाल पुलिस ने पहले से दर्ज मामले में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। प्रशासन की ओर से भी लोगों से अपील की गई है कि मानसिक दबाव की स्थिति में परिवार, मित्रों या विशेषज्ञों से मदद जरूर लें।

  • मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफिले की गाड़ी ने DSP को पीछे से मारी टक्कर

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफिले की गाड़ी ने DSP को पीछे से मारी टक्कर

    दीदारगंज।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कारकेड से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें सुरक्षा काफिले में शामिल एक स्कॉर्पियो वाहन ने ड्यूटी पर तैनात DSP को टक्कर मार दी। गनीमत रही कि इस घटना में कोई गंभीर हादसा नहीं हुआ, लेकिन यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।यह पूरा मामला दीदारगंज इलाके का बताया जा रहा है, जहां से घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मुख्यमंत्री के कारकेड में शामिल एक स्कॉर्पियो अचानक आगे बढ़ती है और सामने मौजूद DSP को टक्कर मार देती है। टक्कर लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच जाती है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना बेहद गंभीर हो सकती थी, लेकिन समय रहते संतुलन बनने से DSP की जान बच गई। घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद अन्य सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को संभाला और कारकेड को आगे बढ़ाया गया।इस पूरे घटनाक्रम ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में चूक को लेकर बहस छेड़ दी है। सवाल उठ रहे हैं कि जब मुख्यमंत्री का काफिला गुजर रहा था, तो इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, स्कॉर्पियो चालक की लापरवाही या गलत अनुमान के चलते यह टक्कर हुई।

    फिलहाल इस मामले में पुलिस स्तर पर जांच की बात कही जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि वाहन चालक ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया या नहीं। घटना में शामिल वाहन और ड्राइवर की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है।सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को शेयर करते हुए मुख्यमंत्री की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे बड़ी चूक बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।हालांकि, इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह साफ है कि थोड़ी सी चूक बड़े हादसे में बदल सकती थी

  • बांग्लादेश हिंसा पर जान्हवी कपूर का बयान, दीपू चंद्र दास की मॉब लिंचिंग को बताया कत्लेआम

    बांग्लादेश हिंसा पर जान्हवी कपूर का बयान, दीपू चंद्र दास की मॉब लिंचिंग को बताया कत्लेआम

    मुंबई।बॉलीवुड एक्ट्रेस जान्हवी कपूर ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से दीपू चंद्र दास की मॉब लिंचिंग का जिक्र करते हुए इसे खुलकर “कत्लेआम” करार दिया है। जान्हवी कपूर का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है।

    जान्हवी कपूर ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर अंग्रेजी भाषा में पोस्ट साझा किया। पोस्ट में उन्होंने लिखा, “दीपू चंद्र दास… यह कत्लेआम है और यह कोई अकेली घटना नहीं है।” उन्होंने आगे कहा कि अगर लोगों को इस युवक की बेरहमी से की गई मॉब लिंचिंग के बारे में जानकारी नहीं है, तो उन्हें इस विषय में पढ़ना चाहिए और सच्चाई जाननी चाहिए।

    अपने संदेश में जान्हवी कपूर ने केवल घटना की निंदा ही नहीं की, बल्कि लोगों से जागरूक होने और सवाल उठाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि समाज को ऐसे मामलों में चुप नहीं रहना चाहिए और सांप्रदायिक भेदभाव के खिलाफ खुलकर आवाज उठानी चाहिए।जान्हवी कपूर ने यह भी संकेत दिया कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा कोई एकल घटना नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर और लगातार सामने आ रही समस्या है। उनका कहना था कि इस तरह की घटनाओं पर आंखें मूंद लेना भविष्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

    एक्ट्रेस के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कई यूजर्स ने उनके साहसिक रुख की सराहना की है, जबकि कुछ लोगों ने इस मुद्दे पर और कड़े अंतरराष्ट्रीय कदम उठाने की मांग की है। जान्हवी कपूर का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है।

    फिलहाल, जान्हवी कपूर के इस बयान ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सेलेब्रिटीज की आवाज सामाजिक और मानवीय मुद्दों पर बड़ी भूमिका निभा सकती है।

  • हार्दिक पांड्या के साथ फैन की बदतमीजी, कहा- “भाड़ में जाओ”, खिलाड़ी ने नहीं दी प्रतिक्रिया

    हार्दिक पांड्या के साथ फैन की बदतमीजी, कहा- “भाड़ में जाओ”, खिलाड़ी ने नहीं दी प्रतिक्रिया

    नई दिल्ली।भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनके खेल से नहीं बल्कि एक फैन के व्यवहार से जुड़ी है। हाल ही में हार्दिक पांड्या के साथ एक फैन ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए बदतमीजी की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    बताया जा रहा है कि घटना के दौरान एक फैन ने हार्दिक पांड्या से बेहद आपत्तिजनक तरीके से बात करते हुए कहा, “भाड़ में जाओ”। इस अप्रत्याशित और असभ्य टिप्पणी से मौके पर मौजूद लोग भी हैरान रह गए। हालांकि, हार्दिक पांड्या ने पूरे संयम के साथ इस टिप्पणी को नजरअंदाज किया और कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।हार्दिक का यह शांत और परिपक्व रवैया सोशल मीडिया पर सराहना बटोर रहा है। कई यूजर्स का कहना है कि एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी होने के नाते उन्हें अक्सर इस तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन हार्दिक ने जिस तरह खुद पर नियंत्रण रखा, वह काबिल-ए-तारीफ है।

    यह पहली बार नहीं है जब किसी खिलाड़ी को फैन की बदतमीजी का सामना करना पड़ा हो। लोकप्रियता के साथ-साथ क्रिकेटरों को आलोचना और नकारात्मक प्रतिक्रियाओं का भी सामना करना पड़ता है। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर फैन कल्चर और खिलाड़ियों के निजी सम्मान को लेकर बहस छेड़ दी है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर कुछ लोग फैन के व्यवहार की निंदा कर रहे हैं, वहीं कई लोग हार्दिक पांड्या के संयम और प्रोफेशनल रवैये की तारीफ कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि खिलाड़ियों को भी सम्मान मिलना चाहिए और फैंस को अपनी सीमाएं समझनी चाहिए।

    फिलहाल, इस पूरे मामले पर हार्दिक पांड्या की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन जिस तरह उन्होंने बिना प्रतिक्रिया दिए स्थिति को संभाला, वह युवा खिलाड़ियों और फैंस दोनों के लिए एक सकारात्मक संदेश माना जा रहा है।